Author: AVS POST Bureau

  • Noida में आशियाना बनाने की चाह रखने वालों के लिए खुशखबरी, उठाइये इस शानदार मौके का फायदा!

    Noida में आशियाना बनाने की चाह रखने वालों के लिए खुशखबरी, उठाइये इस शानदार मौके का फायदा!

    Noida: नोएडा अथॉरिटी सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह से आवासीय और औद्योगिक भूखंड योजना  को लॉन्च करने वाला है। नोएडा के 13 सेक्टर में लोग आवासीय भूखंड खरीद सकेंगे। इन सेक्टर में 243 भूखंड हैं। भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के जरिए होगा।

    सेक्टर-151 में सबसे ज्यादा भूखंड

    नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार आम लोगों के लिए सेक्टर-151 में भूखंडों की योजना लाई गई है। यहां पर 93 भूखंड हैं। सेक्टर-151 में 56 हजार 620 रुपये प्रति वर्ग मीटर भूखंड का रिजर्व प्राइज होगा। इसके अधिक कीमत पर भूखंड लेने के लिए बोली लगानी होगी।

    लेफ्ट ओवर के तहत निकाली गई स्कीम

    अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-151 के अलावा सेक्टर-31, 33, 34, 35, 43, 44, 47, 51, 52, 105, 108, 93 बी में भी भूखंडों की योजना लाई जा रही है। इन सेक्टर में 150 भूखंड हैं। ये योजना लेफ्ट ओवर स्कीम के तहत चलाई जा रही है।

    आवेदन की तारीख जानिए

    यह योजना पांच सितंबर को लाई जा रही है जिसमें 26 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। जिस सेक्टर में भूखंड होगा, उस सेक्टर का आवासीय भूखंड का रेट रिजर्व प्राइज के रूप में होगा। अभी हाल ही में नोएडा में आवासीय भूखंडों के रेट में बढ़ोतरी की गई है।

    ई नीलामी के जरिए होगा आवंटन

    भूखंड लेने के लिए रिजर्व प्राइज से अधिक की बोली लगानी होगी। आवासीय के अलावा प्राधिकरण औद्योगिक भूखंड योजना ला रहा है। यह भूखंड सेक्टर-67, 80, 145, 158 और 164 में लाई जाएगी।

  • Arbaz Khan की गर्लफ्रेंड किया ‘मदहोश’,  हॉटनेस से मचाई खलबली

    Arbaz Khan की गर्लफ्रेंड किया ‘मदहोश’, हॉटनेस से मचाई खलबली

    मुंबई: अरबाज खान  (Arbaaz Khan) की गर्लफ्रेंड जॉर्जिया एंड्रियानी (Giorgia Andriani) सोशल मीडिया पर अपने फैंस के दिलों में खलबली मचाती हैं. वह अक्सर अपनी हॉट तस्वीरों से बवाल मचाती रहती हैं. इस बार तो जॉर्जिया ने बोल्डनेस की सारी हदें पार कर दी हैं. उन्होंने अपनी ऐसे फोटो पोस्ट कर दी है जिसे देखकर फैंस मदहोश हो रहे हैं. देखें हॉट तस्वीरें

  • Noida Police और आर्मी वेटरन की शानदार पहल, अग्निपथ योजना पर युवाओं को दिया  संदेश

    Noida Police और आर्मी वेटरन की शानदार पहल, अग्निपथ योजना पर युवाओं को दिया संदेश

    Noida : देशभर में अग्नीपथ को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। आज भारत बंद का ऐलान भी किया गया है। इन सबके बीच Noida Police और पूर्व सैनिकों ने एक अच्छी पहल की शुरुआत की है। नोएडा पुलिस और आर्मी वेटरन ने एक नोएडा मीडिया क्लब में संयुक्त प्रेस वार्ता कर अग्निपथ को लेकर फैली अफवाहों को दूर किया है और बताया कि अग्निपथ योजना कैसे लाभदायक है।नोएडा पुलिस आर्मी वेटरन ने द्वारा किए गए संयुक्त प्रेस वार्ता में नोएडा पुलिस से एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह मौजूद रहे। वहीं आर्मी बैटल कर्नल आईपी सिंह, कर्नल एसके वोहरा, कर्नल आरके भूषण, कर्नल एसके श्रीवास्तव, कर्नल शैलेन्द्र सिंह मौजूद रहे। इस दौरान कर्नल शैलेंद्र एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह और अन्य आर्मी वेटरन में अग्नीपथ के बारे में भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की।
    भारत को यंग आर्मी की जरूरत
    आर्मी वेटरन के कहा कि भारत को यंग आर्मी की जरूरत है। दुनियाभर के बड़े देशों में ऐसे सिस्टम चलते आ रहे है ऐसे में भारत मे भी इसकी जरूरत थी। इसके बाद आर्मी वेटरन ने बताया कि 25% जवानों को वापस रख लिया जाएगा। 75% को इतना ट्रेंड कर दिया जाएगा। ताकि आगे रिटायर होकर भी कई जगह जा सकते है। उनको कई सशस्त्र बल, PSU, बैंक में प्राथमिकता दी जाएगी।

    सिस्टम को खत्म करना जरूरी
    आर्मी वेटरन ने आगे कहा कि पहले हाथ और तलवारों के साथ युद्ध लड़ा जाता था। अब जमाना टेक्निकल लड़ाई का है। फौज को जवान रखना बेहद जरूरी है 30 से 35 साल में 80% तक रिटायर हो जाते हैं ऐसे में इस सिस्टम को खत्म करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि सरकार ने उम्र सीमा 17 साल से 21 साल के बजाए 23 साल कर दिया है। ऐसे में क्योंकि वह पहले ही फिजिकल या मेडिकल में पास हो चुके हैं तो दोबारा उन्हें पास होने में कोई दिक्कत नहीं होगी, बल्कि अब भर्तियों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिससे उनके भर्ती होने के चांस और ज्यादा बढ़ जाएंगे।

    भारतीय सेना के लायक नहीं
    वही अग्नीपथ को लेकर हो रही हिंसा के बारे में बात करते हुए आर्मी वेटरन ने कहा कि जो भी जवान भारतीय सेना में जाना चाहते हैं, वो इतने डिसिप्लिन होते हैं कि इस तरह की हरकत कर ही नहीं सकते, जो भी लोग इस तरह की हरकत कर रहे हैं। वह भारतीय सेना के लायक नहीं है। इसलिए अगर फौज में जाना है तो इस तरह के हिंसा में जाने से बचना चाहिए।

    युवाओं को हिंसा से बचना चाहिए : रणविजय
    एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने कहा कि जो लोग भी हिंसा में शामिल हुए हैं पुलिस उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में एक बार एफआईआर में नाम चढ़ने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिलेगी। इसलिए जो युवा हिंसा या विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए।

    वही ट्रेनिंग पीरियड को 6 महीने करने से भारतीय आर्मी स्टैंडर्ड में कमी होने की आशंका पर आर्मी वेटरन ने कहा कि भारतीय आर्मी दुनिया की सबसे स्टैंडर्ड आर्मी में से एक है 6 महीने की ट्रेनिंग से आर्मी के स्टैंडर्ड में कोई कमी नहीं आएगी, जवान की ट्रेनिंग सिर्फ शुरुआत में नहीं होती बल्कि रिटायरमेंट तक जवान की ट्रेनिंग चालू रहती है। चीन के साथ हुए युद्ध के दौरान 3 महीने की ट्रेनिंग पर भी जवानों ने युद्ध लड़ी थी, तो इस बात को कहना कि ट्रेनिंग पीरियड कम होने से भारतीय सेना के स्टैंडर्ड में कमी होगी ठीक नही है।

  • मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संघर्ष और समर्पण का जीवन्त दस्तावेज है तरुण झा की किताब “स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक”

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संघर्ष और समर्पण का जीवन्त दस्तावेज है तरुण झा की किताब “स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक”

    नई दिल्ली:  एक ऐसा व्यक्ति जो कुछ महीने पहले तक केवल औरों को ही चुनाव लड़वाता था,औरों के चुनाव अभियान की रणनीति बनाता था,खुद कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा, लोकसभा चुनाव में पार्टी ने चुनाव अभियान समिति का जिम्मा सौंपा, वह कुछ महीने बीतते-बीतते पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ा और पहली बार में विधायक बने और फिर सीएम बने,जो एक छोटे से गांव से निकल कर सीएम हाउस तक पहुंचे,जिसके डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाए लेकिन जिस सीएम पद का सपना देखा भी न हो वह पूरा हो जाए। एक ऐसा व्यक्ति जो हमेशा पर्दे के पीछे ही रहा,अचानक से सेंटर स्टेज पर आ गया। देखते ही देखते कैसे वह व्यक्ति कोच से कप्तान की भूमिका पा गया। कैसे सब्जी विक्रेता से सीएम,संगठन मंत्री से मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया, ये किताब एक ऐसे व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा के बारे में बड़े रोचक तरीके से बताती है।

    मनोहर लाल, एक जाट बाहुल्य राज्य में एक गैर जाट मुख्यमंत्री के रूप में स्वयं को स्थापित कर पाए,ये हरियाणा की राजनीति में किसी आश्चर्य से कम नहीं। वैसे मीडिया का एक धड़ा मनोहर लाल जैसे दक्षिणपंथी मुख्यमंत्रियों के प्रति वैमनस्यतापूर्ण व्यवहार करता रहा है। ऐसे में यह किताब निष्पक्षता से मनोहर लाल की आलोचना भी करती है और उनकी खूबियों को भी विस्तार से बताती है। 172 पन्नों में सिमटी इस किताब में 6 अध्याय हैं। पुस्तक के पहले अध्याय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रारंभिक जीवन से संगठन मंत्री बनने तक की कहानी है वहीं दूसरे अध्याय में मुख्यमंत्री बनने तक की इनसाइड स्टोरी और उस दौरान के लेखक के व्यक्तिगत संस्मरण हैं। तीसरे अध्याय में सरकार के कामकाज की समीक्षा है जबकि चौथे अध्याय में मुख्यमंत्री के ‘हरियाणा एक,हरियाणवी एक’ नारे की पड़ताल है। पांचवे अध्याय में हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के उदय की कहानी है। छठे और अंतिम अध्याय में खट्टर काका से जुड़े कई मनोहर किस्से हैं।

    लेखक टीवी पत्रकार होने के नाते से सीएम मनोहर लाल के संपर्क में थे। जिसके चलते उन्होंने सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक यात्रा को साक्षी भाव से देखा है। जो इस पुस्तक को और अधिक प्रामाणिक बनाती है। यह किताब मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निजी और राजनैतिक जीवन के अनकहे पहलुओं को बहुत ही रोचक अंदाज में बयान करती है, खासतौर पर मुख्यमंत्री बनने की इनसाइड स्टोरी इसकी यूएसपी रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संघर्ष और समर्पण का जीवन्त दस्तावेज है यह किताब।

    पुस्तक – मनोहर लाल – स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक
    लेखक – तरुण झा
    प्रकाशक – यश पब्लिकेशंस
    मूल्य – 199 रुपए

    शशि पाण्डेय
    समीक्षक

  • Atal Award: अभिनेत्री-प्रोड्यूसर पूनम झावर को मिला “अटल अवार्ड 2022”

    Atal Award: अभिनेत्री-प्रोड्यूसर पूनम झावर को मिला “अटल अवार्ड 2022”

    मुंबई: एक्ट्रेस पूनम झावर को हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों मुंबई राजभवन में “अटल अवार्ड 2022” प्रदान किया गया है। यह सम्मान कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिस झावर को मिला। राज्यपाल महोदय ने कहा, कला अभिनय क्षेत्र में पूनम जी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। राष्ट्रीय स्तर का यह अवार्ड पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में 2002 में आरम्भ किया गया था। पूनम सहित तीस लोगों को इस वर्ष यह Atal Award किया गया। कला, संस्कृति, समाजसेवा से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। इस क्रम में अटल गौरव नेशनल अवार्ड पूनम झावर को दिया गया। अपने उद्बोधन में पूनम झावर ने कहा, मैं अर्से से अटल जी की पंक्तियों (कविताओं), उनके उद्धरण (कोट्स) से प्रेरित रही हूँ।


    “मोहरा” से हिन्दी फिल्म का आकर्षण बनी पूनम झावर को “ओएमजी – ओ माय गॉड” और “आर. राजकुमार” में भी खूब पसंद किया गया। दक्षिण की फिल्में भी आईं। पूनम के नौ दस म्यूजिक वीडियो भी आये और चर्चा में रहे। शीघ्र ही ओटीटी प्लेटफार्म पर उनका दो शो आने वाला है।

    पूनम अभी कुछ और प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी भूमिका के चयन में व्यस्त हैं। आगे उनका नया रूप पिछली भूमिकाओं से बिल्कुल अलग होगा।

  • Atal Award: कवयित्री पूजाश्री को “अटल अवार्ड” से किया गया सम्मानित

    Atal Award: कवयित्री पूजाश्री को “अटल अवार्ड” से किया गया सम्मानित

    मुंबई: वरिष्ठ कवयित्री पूजाश्री को साहित्य क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए 2022 का Atal Award प्रदान किया गया। मुंबई राजभवन में महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों लाइफटाइम अचीवमेंट श्रेणी में यह अवार्ड मिला। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा, “हिन्दी साहित्य में अटलजी की बड़ी रुचि थी। मुझे खुशी है कि इस वर्ष यह सम्मान इस वर्ष देश और बाहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को दिया जा रहा है।”


    पूजाश्री हिन्दी, राजस्थानी और उर्दू की वरिष्ठ व चर्चित कवयित्री एवं लेखिका हैं। लेकिन, वह हिन्दी के लिए समर्पित रही हैं। इनकी दो दर्जन से ऊपर पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए उनका चयन एकदम उपयुक्त था। गत् बीस वर्षों से संचालित यह कार्यक्रम ‘अटल बिहारी स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित था। पूजाश्री ने “आँच” फिल्म के लिए गाना भी लिखा था। वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं।

  • 5G Internet अब चंद कदम दूर है, क्या फायदे होंगे ? विस्तार से बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय

    5G Internet अब चंद कदम दूर है, क्या फायदे होंगे ? विस्तार से बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय

    5G Internet : क्या आप मोबाइल की एक और तकनीकी क्रांति के लिए तैयार हैं। कल्पना करिए आपने मोबाइल पर मूवी डाउनलोड करना शुरू किया और तीन सेकेंड बाद ही मूवी देखना शुरू कर दें। जिस तरह आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं, वैसे ही वर्क फ्रॉम एनीवेयर करना शुरू करें, यानी ,घर, जंगल, पहाड़ हर जगह नेटवर्क मिल रहा हो । दिल्ली से शिमला के सफर के दौरान आप लैपटॉप पर ऑफिस का काम करते हुए जा रहे हैं और फिर शाम की कॉफी मॉल रोड पर पी रहे हैं। बिना किसी रुकावट के दुनिया के किसी भी कोने में वीडियो कॉल, बिना चीरफाड़ के सर्जरी हो जाए, आपको डॉक्टर से सलाह लेने के लिए क्लीनिक जाने की ज़रूरत ही खत्म हो जाए,

    4 जी मतलब चौथी जनरेशन
    ड्रोन की मदद से ऑनलाइन सामान मिनटों में घर पहुंच जाए, किसान मोबाइल के दो बटन दबाकर अपना कोई भी उपकरण चलाने लग जाएं, रेस्टोरेंट में वेटर की जगह रोबोट आपको सर्व करने आएं और गाना भी सुना जाए। जी हां, ये सब 2023 में आपको देखने को मिल सकता है। हम सभी मोबाइल और इंटरनेट की ताकत को जानते और समझते हैं। आज हम अपने स्मार्टफोन के ज़रिए वे सभी काम कर पाते हैं, जिसके लिए कंप्यूटर की जरूरत होती है। ये संभव हो पाया है 4 जी तकनीक आने के बाद से। यहां जी का मतलब- जेनरेशन से है यानी 4 जी मतलब चौथी जनरेशन। इससे पहले 3 जी जमाने में केवल फोन से केवल कॉल और एसएमएस का ही इस्तेमाल हो पाता था। उससे पहले 2 जी और सबसे पहले 1 जी तकनीक का इस्तेमाल हो चुका है। और अब हम 5 जी तकनीक इस्तेमाल करने के बिल्कुल करीब पहुंच चुके हैं।
    2023 की शुरुआत में 5 जी की सर्विस आम लोगों के मोबाइल में पहुंच जाएगी

    टेलीकॉम मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव ने आईआईटी मद्रास में आज देश की पहले 5G ऑडियो और वीडियो कॉल की सफलतापूर्वक टेस्टिंग करके दिखा दी। इससे पहले 17 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले 5G टेस्‍टबेड का उद्घाटन करके कारोबारियों को बड़ा तोहफा दिया था। इन डेवलपमेंट्स के बाद माना जा रहा है कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस अगले हफ्ते 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास ले जाने की उम्मीद है। साल के अंत तक साल के अंत तक इंटरनेट प्रवाइडर्स कंपनियों जैसे रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन 5 जी सॉर्विस लेकर मार्केट में उतर जाएंगी। अगले साल यानी 2023 की शुरुआत में 5 जी की सर्विस आम लोगों के मोबाइल में पहुंच जाएगी। कंपनियों ने अपने ट्रायल्स भी कर लिए हैं। हाल ही में एयरटेल ने कपिल देव के होलोग्राम को शो करके साबित कर दिया था, वो 5 जी के लिए तैयर है। 5जी टेक्नोलॉजी टेस्टिंग के दौरान हैदराबाद में 1जीबी फाइल केवल 30 सेंकेंड में डाउनलोड हो गई. हाल ही में एयरटेल ने नोकिया के साथ मिलकर कोलकाता शहर के बाहर 700 मेगा हर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में पहली 5जी ट्रायल को सफल अंजाम दिया. भारत में ग्रामीण इलाके में किया जाने वाला ये पहला 5जी ट्रायल था.

    कोई मूवी केवल 30 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी

    अब सवाल उठता है कि 5 जी आने के बाद क्या बदलाव आएंगे। तो इसका सीधा उत्तर है कि तकनीक के स्तर पर बहुत बड़े बदलाव आएंगे। आपने 4 जी में जो तकनीकी क्रांति महसूस की, उससे 10 गुणा ज़्यादा तकनीकी क्रांति देश में हो सकेगी। जैसे- 5 जी तकनीक से बहुत सारी मेडिकल सर्जरी आसानी से हो सकेंगी। अमेजन या फ्लिपकार्ट आपके सामान को ड्रोन के ज़रिए मिनटों में पहुंचा सकेंगी, ऑनलाइन शिक्षा संस्थानों का विस्तार होगा, ई-मेडिसिन और ई-खेती से किसानों को खेती में बड़ा लाभ मिलेगा, कोई मूवी केवल 30 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी, बहुत सारे काम रोबोट करने लग जाएंगे। कुल मिलाकर डिजिटल क्रांति की असली शुरुआत होगी। और इस दशक के अंत तक यानी 2030 तक 6 जी के आ जाने की उम्मीद है। उसके बाद तो और भी क्रांतिकारी बदलाव होंगे। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 5जी से 2035 तक भारत में एक लाख करोड़ डॉलर का कारोबार बढ़ जाएगा। एरिक्शन की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 2026 तक दुनिया भर में 3.5 अरब 5जी कनेक्शन होंगे, जबकि भारत में इनकी संख्या 35 करोड़ तक पहुंच जाएगी.

    बहुत सारे लोगों को अपना फोन बदलकर 5 जी फोन भी लेना पड़ेगा
    अब सवाल उठता है कि ये सब बदलाव तो होंगे, लेकिन इतने ही सस्ती होंगे,जैसे आज की 4 जी सर्विस है। यानी बिल कितने का बढ़ेगा, तो इसका जवाब है कि बहुत ज़्यादा। ऐसा भी हो सकता है कि आम आदमी शुरुआत में इसे अफोर्ट ही न कर पाए। इसका कारण ये है कि 5 जी के लिए कंपनियों को नई मशीनों और तकनीक पर बड़ा निवेश करना पड़ेगा, जिसकी भरपाई वो आम ग्राहकों से ही करना चाहेंगी और ऐसे में आम आदमी इससे दूर ही रहेगा। टेलीकॉम कंपनियों के पास मौजूद कई डिवाइस इसके बैंडविथ को सपोर्ट नहीं करते ऐसे में बहुत सारे डिवाइस को बदलना होगा जिससे उनको भी बहुत सारा नुकसान होने की आशंका है। वैसे तो कुछ रिपोर्ट बता रहे हैं कि हाई क्वालिटी वाले 4G फोन में ही 5जी इंटरनेट चला सकेंगे लेकिन बहुत सारे लोगों को अपना फोन बदलकर 5 जी फोन भी लेना पड़ेगा, जिससे काफी बेवजह का खर्च बढ़ेगा। 5G में इस्तेमाल होने वाली मिलीमीटर-वेव उसके रास्ते में आने वाले रुकावटों जैसे पेड़ों के द्वारा या बारिश की वजह से अवशोषित भी हो सकता है। जो एक बड़ी चुनौती है। तो कुल मिलाकर चुनौतियां हैं, लेकिन उम्मीद है धीरे धीरे उनसे पार भी पा लिया जाएगा। बाकी आप 5 जी से मिलने वाले फायदों के बारे में सोचिए और अगर कारोबार के किसी नए आइडियाज पर काम करना जारी रखें, हो सकता आप ही कोई नया स्टार्टअप कर पाने में कामयाब हो जाएं। तो हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
  • CM Yogi: मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में 144.49 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

    CM Yogi: मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में 144.49 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में महन्त दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सड़क, सम्पर्क मार्ग, बाढ़ सुरक्षा एवं शिक्षा आदि की 144.49 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें 33.16 करोड़ रुपए लागत की कुल 40 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 111.33 करोड़ रुपए लागत की 21 परियोजनाओं का शिलान्यास कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री जी ने 5 क्षय रोगियों के परिजनों को किट, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के 03-03 लाभार्थियों को आवास की प्रतीकात्मक चाभी सौंपी। उन्होंने गोवंश की रक्षा हेतु भूसा दान देने वाले 03 दानकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है, इसमें आम जनमानस की सहभागिता होनी चाहिए। जनप्रतिनिधि को उसका प्रतिनिधित्व करना चाहिए। एक योग्य जनप्रतिनिधि निरन्तर प्रयास करके अपने क्षेत्र के लिये परियोजना लेकर आता है। आज इसी का परिणाम है कि गोरखपुर जनपद एवं मण्डल की प्रत्येक विधानसभा में विकास देखने को मिल रहा है। कहीं सड़क, कहीं स्कूल-कॉलेज बन रहे है, कहीं उद्योग धंधे लग रहे है, कहीं कस्तूरबा गांधी विद्यालय, कहीं अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण, कहीं पर ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े हुए विद्यालयों के नव निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। कहीं बाढ़ बचाव से सम्बंधित कार्य हो रहे है, कहीं हॉस्पिटल का निर्माण, कहीं मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में कोई न कोई कार्य निरन्तर हो रहा है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए धनराशि देती है और हमारे सांसदगण, विधायकगण अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करते हैं। सरकार उनकी योजनाओं को स्वीकृत कर धनराशि अवमुक्त करती है। जनता का भी दायित्व है कि विकास की इन परियोजनाओं में सकारात्मक सोच के साथ उन्हें समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करे। विकास कार्य में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आनी चाहिए, क्यांेकि अगर कोई बाधा आती है और कार्य में विलम्ब हुआ तो उसका संशोधित एस्टिमेट प्रस्तुत किया जाता है। इससे प्रदेश के राजस्व पर विपरीत असर पड़ता है। साथ ही, विकास परियोजना में देरी होने के कारण आम जनमानस को भी इसका समय से लाभ नहीं मिल पाता।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेक बड़ी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। जनता द्वारा सकारात्मक भाव से विकास परियोजनाओं के साथ जुड़ने से कार्य को मानक की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। सकारात्मक सहयोग से विकास को आगे बढ़ाया जाये। आज गोरखपुर नये रूप में स्थापित हो रहा है। वाराणसी से गोरखपुर और गोरखपुर से सोनौली मार्ग फोरलेन बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। पहले महानगर से बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज का मार्ग बहुत संकरा और व्यस्त था, लेकिन आज फोरलेन का उच्च स्तर का मार्ग बनकर तैयार है। आप को एक नये गोरखपुर का दर्शन होता हुआ दिखाई देता है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मोहद्दीपुर से गोरखनाथ मंदिर होते हुए सोनौली मार्ग पर जंगल कौड़िया का मार्ग फोरलेन बनने के साथ ही लाइट की जगमगाहट से विकास की एक नई कहानी कहता है। गोरखपुर से नेपाल राष्ट्र जाने वालेे वाहनों को शहर के अन्दर न आना पड़े, इसके लिए जंगल कौड़िया से कालेसर तक एक नया बाईपास भी बनकर तैयार है। उस पर तेजी के साथ आवागमन हो रहा है। बरसात के दौरान गोरखपुर महानगर में कहीं भी जल-जमाव की समस्या न हो, इसके लिये अभी से प्रयास किये जा रहे हैं। प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शहर के अन्दर बरसात के दौरान जल जमाव की स्थिति न आये इसके लिये अनेक कार्य चल रहे है। गोड़धोइया नाले की सफाई के साथ ही रामगढ़ताल से तरकुलानी के बीच नाला बनाने का कार्य चल रहा है। शहर का सारा पानी रामगढ़ताल होते हुए तरकुलानी में पहंुचेगा, वहां से यह गुर्रा नदी व राप्ती नदी में जायेगा। गोरखपुर का एम्स प्रारम्भ हो गया है। प्राणी उद्यान मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन के केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है। रामगढ़ताल पर्यटन की दृष्टि से निरन्तर विकसित हो रहा है। रात्रि में फर्टिलाइजर कारखाने की लाइट गोरखपुर की एक नई तस्वीर को आपके सामने प्रस्तुत कर रही है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास की इस प्रक्रिया के साथ जुड़ने के लिये हमें अभियान चलाना होगा। गोरखपुर की पहचान तेजी से विकास प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हुए महानगर के रूप में स्थापित हो रही है। विकास की इस प्रक्रिया के साथ हम सब एक साथ जुड़कर अगर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य करते है तो स्वाभाविक रूप से हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ी के सामने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये एक नई तस्वीर प्रस्तुत होगी। विकास ही एक उज्ज्वल और मंगलमय भविष्य की गारंटी हो सकता है। इस विकास के साथ हम सब को जुड़कर गोरखपुर को आगे बढ़ाना है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से जनता की समस्या के निस्तारण के लिए काम करंे, तो तमाम विवादों का समाधान जनसुनवाई के माध्यम से कर सकते हैं। सभी को न्याय मिले, प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस करे, यही सरकार की मंशा है। विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ व्यक्ति को न्याय मिलना व दिखना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि माह में दो बार तहसील दिवस एवं थाना दिवस आयोजित किये जाये। यह सुनिश्चित हो कि ग्राम पंचायत की समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर हो जाए।इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विनाश के ठीक पहले की प्रेम कहानी है  विपिन-लिज़ा की “लव इन यूक्रेन”

    विनाश के ठीक पहले की प्रेम कहानी है विपिन-लिज़ा की “लव इन यूक्रेन”

    नोएडा: आज यूक्रेन की जो स्थिति है, गत् 20 फरवरी, 2022 के एक दिन पहले तक कुछ अलग था। तब का यूक्रेन अलग था, वहाँ के नज़ारे जुदा जुदा थे। वहाँ युद्ध की विभीषिका न था, विध्वंसक रॉकेट लॉन्चर के तांडव नहीं होते थे। हर गाँव शहर इंद्रधनुषी प्रेम प्रलाप, प्रेम कथाओं का साक्षी था। और इन्हीं शहरों गाँवों में परवान चढ़ी प्रेम कहानियों में एक थी आरव (विपिन कौशिक) व लिज़ा (लिज़ाबेटा) की यूनिक लवस्टोरी। यह प्रेमकहानी आपको दिखाई पड़ेगी कमल एंटरटेनमेंट प्रा० लि० एवं नेओल फिल्म्स कृत हिन्दी फिल्म “लव इन यूक्रेन”। फिल्माये गए अधिकांश सुरम्य स्थल (लोकेशंस) रूस द्वारा दागे गए रॉकेट बमों की भेंट चढ़ चुके हैं। इसलिए “लव इन यूक्रेन” देखना इसलिए भी उत्सुकता का विषय रहेगा कि बस कुछ माह पूर्व तक ऐसा था खूबसूरत यूक्रेन। फिल्म का म्यूजिक व ट्रेलर रिलीज किया जा चुका है और 27 मई, 2022 को थियेटर में प्रदर्शित होने जा रही है। नोएडा प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए फिल्म के लेखक – निर्देशक नितिन कुमार गुप्ता ने यह जानकारी दी।
    “लव इन यूक्रेन” का नायक आरव उच्च शिक्षा के लिए यूक्रेन गया हुआ है। वहीं पर एक यूक्रेनी युवती लिज़ा को तलवारबाजी का वह प्रशिक्षण भी देता है। इस तलवारबाजी की टंकार में दोनों एक दूसरे के कैसे हो जाते हैं, पता नहीं चल पाता ! ऊपर से तो कोई अड़चन नहीं दीखती, पर, यकायक सामने आ जाता है लिज़ा का भाई जो आरव मार डालना चाहता है क्योंकि लिज़ा की शादी का वचन एक माफिया परिवार के लड़के को बहुत पहले ही दिया जा चुका है। आगे का क्लाइमैक्स थियेटर में देख सकेंगे।


    “लव इन यूक्रेन” में इन्ट्रोड्यूस हो रहे हैं विपिन कौशिक। विपिन रंगमंच के एक परिपक्व अभिनेता रहे हैं और “लव इन यूक्रेन” से कर रहे हैं रजतपट पर पदार्पण। इनकी नायिका हैं यूक्रेनी तारिका लिज़ाबेटा। पूरी फिल्म यूक्रेन में ही फिल्मायी गई है। कहानी की पृष्ठभूमि यूक्रेन की है, सो, अधिकांश कलाकार भी यूक्रेन रूस के ही हैं। मुख्य सहयोगी कलाकार हैं – मिखाइल स्ट्रिगा, लोलिता ज़ुरालोव, रोमन बैट्रिन, रसलान सेफेरोव, कॉन्स्टेन्टिन शिर्येव, ब्लादिमीर डायेन्को, ओलिस ओमिट्रेंको, इर्मा बालन, सेर्जी सिनेसेनीय एवं एन.के.जी.। एसोसिएट प्रोड्यूसर विशाल ओमप्रकाश हैं। गीत शादाब अख्तर, संगीत नितिन कुमार गुप्ता, एक्शन यूरी डेरेवेंस्की व मिखाइल स्ट्रिगा तथा सिनेमैटोग्राफी अर्टेन कुपसियेंस्की एवं ऐंड्रे एरिमैंको के हैं।
    थियेटर प्रदर्शन तिथि – 27 मई, 2022.

  • अपने दांतों को कैसे रखें Fit And Fine बता रहे हैं डॉक्टर ए.एस.मलिक

    अपने दांतों को कैसे रखें Fit And Fine बता रहे हैं डॉक्टर ए.एस.मलिक

    नोएडा: दांतों को कैसे रखें Fit And Fine ओरल हेल्‍थ एक गंभीर समस्‍या है ज‍िसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाह‍िए इसका बुरा असर लोगों पर पड़ता है। अगर आप दांतों की सफाई अच्‍छी तरह से नहीं करते हैं तो आपको दांत में कैव‍िटी होने पर तेज दर्द की समस्‍या हो सकती है और ज्‍यादा लंबे समय तक अगर आप इसे टालेंगे तो आपको रूट कैनाल करवाना पड़ सकता है वहीं और देरी करने में दांत न‍िकालने की नौबत आ सकती है, ऐसा न हो उसके ल‍िए आपको दांतों का खास ख्‍याल रखना चाह‍िए।

    नोएडा के भंगेल में अपना डेंटल क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर ए.एस मलिक ने दांतों को स्वस्थ रखने के कई टिप्स दिए हैं। पायरिया या पीरियोडोंटाइटिस मसूड़ों का गंभीर संक्रमण है, जो लोगों के बीच काफी सामान्य है। दुनिया में 90 प्रतिशत लोग पायरिया से जूझ रहे हैं, लेकिन समस्या ये है कि लोगों को इसके इलाज की बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। डॉक्टर ए.एस मलिक  के अनुसार, हमारे दांतों में बैक्टीरिया की कई प्रजातियां होती हैं। जब ये बैक्टीरिया धीरे-धीरे हमारे दांतों के आसपास जमना शुरू हो जाते हैं, तो जो खाना हम खाते हैं, उससे इन्हें न्यूट्रिशन मिलता है और ये हमारे दांतों के आसपास जमकर मसूड़े और जबड़े की हड्डी को नुकसान पहुंचाते हैं। धीरे-धीरे हड्डी गलना शुरू हो जाती है, तो इस बीमारी को पायरिया कहते हैं। समय रहते इस बीमारी पर ध्यान नहीं दिया गया , तो यह बढ़कर इतना फैल जाती है कि दांत हिलना शुरू हो जाते हैं। एक बार दांत निकल गए तो , इन्हें रिप्लेस कराना न केवल टाइम कंज्यूमिंग है, बल्कि बहुत मुश्किल भी है। डॉक्टर्स के अनुसार हड्डी और दातों के डैमेज को रोकने के लिए मौखिक स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

    पायरिया का इलाज

    • टैटार को नियमित रूप से ब्रश करने से या घर पर नहीं हटाया जा सकता, इसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।
    • आपका डॉक्टर स्केलिंग ऑर पॉलिशिंग प्रोसेस की मदद से दातों पर जमा मैल को हटा सकता है।
    • डॉक्टर आपको  ब्रश करने के सही तरीके के बारे में बताएंगे, जो ओरल हाइजीन रखने में आपकी मदद करेगा।
    • स्वस्थ मसूड़ों के लिए दिन में दो से तीन बार मुंह धोने के लिए हल्के गर्म पानी में 1 चम्मच नमक डालकर कुल्ला करें।
    • कुछ मामलों में डेंटिस्ट मसूडों को संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक लिख सकता है। एंटीबायोटिक एक माउथवॉश, जेल, ओरल टैबलेट या कैप्सूल के रूप में हो सकता है।
    • यदि उन जगहों पर सूजन लगातार बनी रहे, जहां ब्रश नहीं पहुंच सकता, तो डॉक्टर मसूडों के नीचे जमाव को साफ करने के लिए फ्लैप सर्जरी के लिए कह सकता है। इसमें एनेस्थिशिया की मदद से आपके मसूड़े हटा दिए जाते हैं और दांतों की जड़े एकदम साफ हो जाती हैं। इसके बाद मसूडों को फिर से सिल दिया जाता है।

    आपको बता दें कि डॉक्टर ए एस मलिक नोएडा के अच्छे डेंटिस्टों में से एक है उनको करीब 43 साल का अनुभव है। डॉक्टर मलिक का क्लिनिक  गेझा रोड भंगेल नियर टीवीएस शोरूम के पास है। वह रूट कैनाल उपचार सहित रूटीन सर्जिकल प्रक्रियाओं और पुनर्स्थापनात्मक दंत चिकित्सा में विशेषज्ञता रखते हैं। वे सर्वोत्तम और नवीनतम तकनीकों और उपकरणों का उपयोग करते हैं।