Author: AVS POST Bureau

  • दिल्ली में सरकारी अस्पताल की डाक्टर को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म

    दिल्ली में सरकारी अस्पताल की डाक्टर को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म

    नई दिल्ली। दिल्ली के केशवपुरम थाना क्षेत्र में एक डाक्टर को बंधक बनाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों की पहचान देवाशीष जैन व उसके दोस्त पीयूष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार 29 वर्षीय डाक्टर एक सरकारी अस्पताल में तैनात हैं। आरोपित देवाशीष से वह एक एप के माध्यम से मिली थी। जब डाक्टर देवाशीष जैन से मिलने गई तो बंधक बनाकर पहले देवाशीष ने उससे दुष्कर्म किया व फिर पीयूष ने। इसके बाद आरोपितों ने डाक्टर को धमकी दी कि अगर वह इसकी शिकायत करेंगी तो वह उन पर चोरी के मकसद से उनके घर में घुसने का आरोप लगाएंगे।

    सूत्रों के अनुसार डाक्टर एक एप के माध्यम से आरोपित देवाशीष जैन से मिली थी। 27 फरवरी को वह आरोपित के साथ काफी पीने गई। इसके बाद 28 फरवरी को देवाशीष ने डाक्टर को अपने घर पर बुलाया। यहां पर आरोपित ने पहले बहाने से उसके कपड़ों पर पानी गिरा दिया, फिर उसको पहनने के लिए अपने कपड़े दे दिए। कपड़े भीग गए थे और डाक्टर को ठंड लग रही थी तो डाक्टर को आरोपित के कपड़े पहनने पड़े। इसके बाद आरोपित डाक्टर से छेड़छाड़ करने लगा। जब डाक्टर ने मना किया तो उससे जबरदस्ती करने लगा व मारपीट कर उनके हाथ, पैरों को बांध दिया। इसके बाद आरोपित ने डाक्टर के साथ दुष्कर्म किया व अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए।

    हैवानियत कि हद तो तब हो गई, जब वह दुष्कर्म के बाद डाक्टर को अपने घर में बंधक बनाकर घर के एक कमरे में बंद कर बाहर चला गया व अपने दोस्त पीयूष को भी बुलाकर लाया। इसके बाद पीयूष ने भी डाक्टर से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपितों ने डाक्टर को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वह झूठे केस में उन्हें फंसा देंगे। किसी तरह डाक्टर उनके चंगुल से बचकर पुलिस स्टेशन पहुंची व पुलिस को आपबीती बताई। पुलिस ने डाक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

  • दिल्ली-एनसीआर में 10 दिन बाद गहरा सकता है सीएनजी का संकट, जानिए वजह

    दिल्ली-एनसीआर में 10 दिन बाद गहरा सकता है सीएनजी का संकट, जानिए वजह

    नई दिल्ली। दिल्ली में 10 दिन बाद से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) का संकट गहरा सकता है। गैस पंप संचालकों ने गैस प्रदाता कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आइजीएल) को चेतावनी दी है कि उनकी मांगों को न माने जाने की स्थिति में वे 10 दिन बाद से सीएनजी की बिक्री बंद कर देंगे। राष्ट्रीय राजधानी में 160 सीएनजी स्टेशन है, जहां से प्रतिमाह करीब ढाई करोड़ किलो सीएनजी की बिक्री होती है। इन पंपों से दिल्ली के साथ ही एनसीआर के शहरों के लोग भी अपने वाहनों में ईंधन भरवाते हैं। ऐसे में अगर पंपों ने बिक्री बंद की तो मुश्किल तय है। संचालकों की मांग सीएनजी की बिक्री पर कमीशन बढ़ाने और पंपों पर लगे आइजीएल के उपकरणों को चलाने में हो रहे बिजली खर्च के भरपाई की है।
    इस संबंध में दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को आइजीएल के उच्चाधिकारियों से भी मिला तथा मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग नारायण, महासचिव तनय गुप्ता महासचिव व पूर्व अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया के साथ ही 70 के करीब पंप संचालक थे।

    इस संबंध में निश्चल सिंघानिया ने बताया कि वर्ष 2016 में आइजीएल ने कहा था कि पंपों पर लगाए गए उपकरणों को चलाने का खर्च वह मीटर के आधार पर देगा, जबकि पहले उन्हें बिजली के बिल का भुगतान प्रति किलो सीएनजी पर 2.03 रुपये के रूप में हो रहा था। जब पंप संचालकों ने उपकरणों के लिए अलग से विशेष बिजली के मीटर लगाए तो उन्हें चलाने का होने वाला खर्च औसतन 2.70 पैसे प्रति किलो आ रहा है। ऐसे में प्रति किलो सीएनजी पर बिजली खर्च मद में तकरीबन 60 से 70 जोड़ने की मांग हो रही है।

    इसी तरह पेट्रोलियम मंत्रालय ने आइजीएल से पंप संचालकों को प्रति किलो 2.28 रुपये की जगह 2.53 प्रति किलो कमीशन देने का सुझाव दिया था। इस तरह हर पंप का हजारों रुपये का बकाया आइजीएल पर निकल रहा है। इन दोनों मामलों को लेकर पिछले तीन सालाें से पंप संचालकों और गैस कंपनी से बातचीत चल रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। महासचिव तनय गुप्ता ने कहा कि कंपनी के उच्चाधिकारी से हुई मुलाकात में 10 दिन का अल्टीमेटल दिया गया है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इसमें पंपों से सीएनजी की बिक्री रोकने और केवल पेट्रोल व डीजल की ही बिक्री करने को लेकर चेताया गया है।
    (सौ. जागरण.काम)

  • होली पर घर जाना चाहते हैं तो इन ट्रेनों में टिकट करें बुक, रेलवे ने चलाई बिहार व जम्मू के लिए विशेष ट्रेनें

    होली पर घर जाना चाहते हैं तो इन ट्रेनों में टिकट करें बुक, रेलवे ने चलाई बिहार व जम्मू के लिए विशेष ट्रेनें

    नई दिल्ली। यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे ने नौ जोड़ी होली विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इनमें से छह जोड़ी ट्रेनें दिल्ली से चलेंगी। इनके चलने से प्रतीक्षा सूची वाले या अबतक आरक्षण नहीं कराने वाले यात्रियों को यात्रा करने में आसानी होगी। इन ट्रेनों की बुकिंग भी शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग रूट पर भीड़ को ध्यान में रखकर जरूरत के अनुसार विशेष ट्रेनें घोषित की जाएंगी।

    -आनंद विहार टर्मिनल-ऊधमपुर वातानुकूलित होली विशेष (04053/04054-
    सप्ताह में दो दिन चलने वाली यह विशेष ट्रेन आनंद विहार टर्मिनल से 10 से 21 मार्च तक प्रत्‍येक सोमवार व बृहस्पतिवार को रात 11 बजे रवाना होगी। वापसी दिशा में 11 से 22 मार्च तक प्रत्‍येक मंगलवार व शुक्रवार को ऊधमपुर से रात 09.40 बजे चलेगी।

    -श्री माता वैष्‍णों देवी कटड़ा-नई दिल्‍ली होली विशेष (04672/04671
    साप्ताहिक विशेष ट्रेन 13 व 20 मार्च को श्री माता वैष्‍णों देवी कटड़ा से शाम छह बजे और वापसी दिशा में 14 व 21 मार्च को नई दिल्‍ली से रात्रि 11.30 बजे चलेगी।

    -आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी होली विशेष (04052/04051) 
    यह विशेष ट्रेन सप्ताह में दो दिन चलेगी। आनंद विहार टर्मिनल से 11 से 20 मार्च तक प्रत्‍येक शुक्रवार व रविवार को आनंद विहार टर्मिनल से रात 11 बजे और वापसी दिशा में 12 से 21 मार्च तक प्रत्येक शनिवार व सोमवार को वाराणसी से शाम साढ़े छह बजे चलेगी।

    -पुरानी दिल्‍ली-पटना एसी सुपर फास्‍ट गति शक्ति होली विशेष (04066/04065)
    यह विशेष ट्रेन 15 ,16, 20 व 21 को पुरानी दिल्‍ली से रात्रि 11 बजे और वापसी दिशा में 14,15,19व 20 को पटना से शाम पौने छह बजे चलेगी।

    -अमृतसर-पटना एसी सुपर फास्‍ट गति शक्ति होली स्‍पेशल (04076/04075)
    यह विशेष ट्रेन 13,14,18 व 19 मार्च को अमृतसर से दोपहर 02.50 बजे और वापसी दिशा में 16,17,21 व 22 को पटना से शाम पौने छह बजे चलेगी।

    -पुरानी दिल्‍ली-बरौनी सुपर फास्‍ट होली विशेष (04062/04061)
    होली विशेष ट्रेन 18 मार्च को पुरानी दिल्‍ली से सुबह 08.40 बजे और बरौनी से 19 मार्च को तड़के पौने पांच बजे चलेगी।

  • उपराष्ट्रपति ने सफलता हासिल करने के लिए युवाओं को मजबूत संकल्प के साथ कड़ी मेहनत करने की सलाह दी

    नई दिल्ली।  उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज युवाओं को प्रतिस्‍पर्धा का सामने करने और सफलता प्राप्त करने के लिए अपने चुने हुए क्षेत्रों में ज्ञान अर्जित करने और विशेषज्ञता हासिल करने के लिए मजबूत संकल्प के साथ कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।

    स्वर्ण भारत ट्रस्ट, विजयवाड़ा में विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए, उपराष्‍ट्रपति ने युवाओं से बड़े सपने देखने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए व्यवस्थित तरीके से अनुशासन और समर्पण के साथ काम करने के लिए कहा।

    उन्‍होंने कहा कि अकेले सरकार ही युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध कराने में सक्षम नहीं होगी, उन्होंने निजी क्षेत्र और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें स्‍वनियोजित बनाने या रोजगार प्राप्‍त करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करके सशक्त बनाने का आह्वान किया।

    यह देखते हुए कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाना बहुत महत्वपूर्ण है, उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी युवाओं को कुशल और सशक्त बनाने पर बहुत जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘कुशल भारत’ के विजन को हासिल करने के लिए सरकार द्वारा अलग से कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की स्थापना की गई है।

    उपराष्ट्रपति ने प्रशिक्षुओं को महापुरुषों और महिलाओं के जीवन के बारे में पढ़ने और उनसे प्रेरणा लेने की भी सलाह दी। इसके साथ ही, युवाओं को सही मूल्यों को अपनाना चाहिए और दूसरों के प्रति सहानुभूति विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘शेयर एंड केयर’ की भावना भारतीय संस्कृति के मूल में है।

    भारतीय संस्कृति की रक्षा और संरक्षण की जरूरत पर जोर देते हुए श्री नायडु ने युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने की सलाह दी। उन्‍होंने युवाओं को जंक फूड से दूर रहने और स्वस्थ आहार लेने का सुझाव देते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने के लिए योग जैसी नियमित शारीरिक गतिविधि करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर स्वर्ण भारत ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास और अन्य गणमान्‍य व्‍यक्ति भी उपस्थित थे।

  • कब आ सकती कोरोना की चौथी लहर और होगी कितनी खतरनाक!

    नई दिल्ली। लुधियाना के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीएमसीएच) ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर भविष्यवाणी की है। सीएमसीएच ने उपलब्ध डेटा के आधार पर कहा कि मई के आरंभ में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना है और यह लगभग 6 सप्ताह तक बनी रह सकती है। इस भविष्यवाणी में शामिल एक डॉक्टर ने कहा कि ओमिक्रॉन के BA 1 वेरिएंट की वजह से कोरोना की तीसरी लहर आई थी जो दिसंबर से मध्य फरवरी तक चली। BA 2 वेरिएंट की वजह से पंजाब में चौथी लहर आने की संभावना है जो मई से मध्य जून तक बनी रह सकती है।

    कोरोना की चौथी लहर में भी तीसरी लहर की तरह स्थितियां समान होने की संभावना है, क्योंकि दोनों वेरिएंट एक ही तरह से व्यवहार करते हैं और समान गति से लोगों को संक्रमित करते हैं, हालांकि BA 2 वेरिएंट मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है जबकि BA. 1 वेरिएंट गले को प्रभावित करता था। उन्होंने कहा कि यदि BA 2 वेरिएंट फेफड़ों को प्रभावित करता है तो रोग की गंभीरता डेल्टा स्ट्रेन के समान होगी। हालांकि यह दूसरी लहर जितना गंभीर ननहीं होगा क्योंकि टीकाकरण का दायरा काफी बढ़ गया है।

  • Mahashivratri 2022: शिव की महिमा है अपरंपार, महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये खास उपाय, सभी कष्टों से निजात मिलने के साथ होगा धनलाभ

    Mahashivratri 2022: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को अत्यंत ही प्रिय महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है। वैसे तो पूरे साल आप किसी भी दिन भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। लेकिन महाशिवरात्रि का अपना एक अलग महत्व है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है।  ऐसे में इस बार 01 मार्च दिन मंगलवार को भोले के भक्त महाशिवरात्रि के त्योहार को मनाएंगे. इस बार महाशिवरात्रि बेहद खास है क्योंकि इस दिन पंचग्रही योग बन रहा है. मान्यता है कि अगर इन शुभ संयोग में शिव जी की पूजा की जाए तो हर मनोकामना की पूर्ति होती हैं और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से कई गुना ज्यादा फल की प्राप्ति होती है.

      जानिए उन उपायों और शिव मंत्रों के बारे में जिन्हें महाशिवरात्रि के दिन करने से आपकी सभी इच्छाएं पूरी होंगी।

    अगर आप अपने जीवन को खुशियों से भरा देखना चाहते हैं तो  शिव मन्दिर जाकर पहले शिवलिंग पर जलाभिषेक करना चाहिए और फिर चन्दन का लेप लगाना चाहिए। और भगवान शिव के इस मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्रहै- ‘ऊँ शं विश्वरूपाय अनादि अनामय शं ऊँ’

    • अगर आप मानसिक रूप से शांति चाहते हैं तो आपको दूध से हवन करना चाहिए और शिवजी के अघोर मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्र है-

    ‘ऊँ अघोरेभ्यो अथघोरेभ्यो, घोर घोर तरेभ्यः’

    सर्वेभ्यो सर्व शर्वेभ्यो, नमस्ते अस्तु रूद्ररूपेभ्यः’

    • अगर आप विवादों से और षडयंत्र रचने वाले लोगों से बचना चाहते हैं तो  आपको दही से हवन करना चाहिए और भगवान शिव के इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्र है-

    ‘ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं आं शं शंकराय मम सकल जन्मांतरार्जित पाप विध्वंसनाय श्रीमते

    आयुःप्रदाय, धनदाय, पुत्रदारादि सौख्य प्रदाय महेश्वराय ते नमः कष्टं घोर भयं वारय वारय

    पूर्णायुः वितर वितर मध्ये मा खण्डितं कुरु कुरु सर्वान् कामान् पूरय पूरय शं

    आं क्लीं ह्रीं ऐं ऊँ सम संख्याम सावित्रीम् जपेत्-

    अगर आप अपने बच्चो की तरक्की चाहते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर एक मुट्ठी बेर चढ़ाने चाहिए और शिवजी के इस मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्र है – ‘ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढ़ाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय’

    अगर आप राजनीति के क्षेत्र में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको दूध और घी के साथ अन्न से होम करना चाहिए और शिवजी के त्र्यम्बक मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्र है –

    ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्’

    अगर आप अपना वैवाहिक जीवन खुशहाल बनाना चाहते हैं तो आपको शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए और साथ ही बेल के तने पर थोड़ा-सा घी चढ़ाना चाहिए और साथ ही शिवजी के इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है- ‘ऊँ शिवाय नमः ऊँ’

    अगर आप ऑफिस में अधिकारियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाना चाहते हैं तो  आपको बालू, राख, गोबर, गुड़ और मक्खन मिलाकर एक छोटा-सा शिवलिंग बनाना चाहिए और उसकी विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए और पूजा के बाद पूरा दिन सारी चीज़ों को यथास्थान पर रखा रहने दें और अगले दिन शिवलिंग समेत उपयोग की गई सारी चीज़ों को किसी जलाश्य या तालाब में प्रवाहित कर दें और शिवजी के इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है –

    ‘नमामिशमीशान निर्वाण रूपं

    विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं’

    • अगर आप चाहते हैं कि आपको खूब धन-सम्पत्ति मिले और बिजनेस में तरक्की हो तो आपको शिवजी के इस मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्र है– ‘ऊँ शं शिवाय शं ऊँ नमः’, साथ ही आपको मंत्र जप के साथ ही बेलफल से हवन भी करना चाहिये।
    • अगर आप अपने घर पर आई किसी मुसीबत को दूर करना चाहते हैं और घर से कलह दूर करना चाहते हैं तो आपको शिव जी के इस मंत्र का जप करना चाहिए । मंत्र है- ‘ऊँ शं भवोद्भवाय शं ऊँ नमः’ , साथ ही शाम को दिन ढलने के बाद आपको शिव मन्दिर जाकर दीपदान करना चाहिए।
  • यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजे जाएंगे सिंधिया-रिजिजू समेत चार केंद्रीय मंत्री

    नई दिल्ली: यूक्रेन संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में वहां पर फंसे भारतीयों की चिंता भी बढ़ रही है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फिर से उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की निकासी के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में भेजा जा सकता है।

    न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू व जनरल वीके सिंह को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजा जा सकता है। ये मंत्री निकासी मिशन के लिए अन्य देशों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और वहां फंसे भारतीय छात्रों की मदद करने के का काम करेंगे। 

    अब तक 1100 से ज्यादा भारतीय छात्रों की हुई वापसी

    भारतीय छात्रों की निकासी के लिए सरकार की ओर से ऑपरेशन गंगा की शुरुआत की गई थी। इस मिशन के तहत अभी तक पांच फ्लाइट यूक्रेन में फंसे छात्रों को लेकर दिल्ली लौट चुकी हैं। सोमवार सुबह ही एक फ्लाइट 249 छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंची। इससे पहले 26 फरवरी को एक और 27 फरवरी को तीन फ्लाइट दिल्ली लौटी थीं। इन्हें रोमानिया के रास्ते दिल्ली लाया गया है। अब तक करीब 1100 छात्रों को यूक्रेन से निकाला जा चुका है। 

     

  • भोजपुरी एक्ट्रेस की हॉटनेस के दीवाने हुए फैंस, देखिए Hot Photos

    नई दिल्ली: भोजपुरी एक्ट्रेस Monalisa अपने अलग अंदाज के लिए मशहूर हैं. Monalisa सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं. वह लगभग हर दिन अपनी तस्वीरें और वीडियो अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर करती रहती हैं. नई तस्वीरों में मोनालिसा टॉप और व्हाइट शॉर्ट्स पहने हुए नजर आ रही हैं. देखिए मोना के हॉट अंदाज…

     

  • स्वर कोकिला ‘लता मंगेशकर’: हमेशा के लिए टूट गई ‘जिंदगी की लड़ी’ पर आपको भूलाया नहीं जा सकता!

    नई दिल्ली: सुप्रसिद्ध स्वर प्रतिभा की धनी स्वर कोकिला लता मंगेशकर नहीं रहीं। लता दीदी के नाम से प्रसिद्ध लता मंगेशकर छः दशकों से भी अधिक समय तक भारत सहित दुनिया के असंख्य गीत-संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। इंदौर से मुंबई में उनके पदार्पण ने उन्हें भारतीय संगीत की मुख्यधारा में प्रतिष्ठित किया। विरासत में अपने पिता द्वारा मिली गाने की प्रेरणा को लता ने स्वयं को स्वर कोकिला के रूप विश्व फ़लक पर स्थापित किया। बिना स्कूल का मुंह देखे स्वर व गायन प्रतिभा की धनी कब और कैसे सुर, लय व ताल की मर्मज्ञ बन बैठी, यह लता से अच्छा और कोई नहीं जान सकता है। शिक्षा के नाम पर लता ने मुंबई में अपने संघर्ष के दिनों में हिंदुस्तानी संगीत की तालीम उस्ताद अमान अली खान से मराठी और हिंदी भाषा में सीखी। खेलने-कूदने की उम्र से ही अपने पिता से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू करने वाली लता ने रंगमंच में भी अभिनय किया करती थी। लता के गानों में मिठास उनकी नानी के लोकगीतों से उन्हें मिला है। ऐसा कहा जाता है कि लता के अंदर जन्म से सुरीली व झंकार भरी आवाज, बेहतर अभिव्यक्ति और बात को जल्द समझ लेने वाली अविश्वसनीय क्षमता थी। इसकी झलक लता के त्वरित निर्णय इंदौर से मुंबई की ओर मास्टर विनायक के साथ अपनी छोटी बहन आशा को साथ आने में दिखाई भी दिया। सन 1942 में पिता के गुजरने के बाद मात्र 13 साल की उम्र में चार छोटे भाई-बहन हृदयनाथ, मीना, उषा और आशा की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए आगे की सफर को अकेले तय किया। स्कूल-कॉलेज का मुंह तक नहीं देखा। लता अपने पिता की मौत के बाद परिवार का खर्च चलाने के लिए पहले फिल्मों में अभिनय किया। संगीत को अपना सब कुछ मान बैठी लता ने शादी नहीं की और कुंवारी ही इस दुनिया से प्रस्थान कर गई। संगीत मेरा सब कुछ है। इसलिए लता जी संगीत के नाम का सिंदूर अपनी मांग में आजीवन भरती रही। वे कहती थी कि संगीत नहीं, तो मैं भी नहीं हूँ। लोग कहते हैं न कि, पति परमेश्वर है और ये मांग में जो मैं सिंदूर भरती हूँ , वही मेरा परमेश्वर है, मेरा सब कुछ संगीत है।

    वे इस संदर्भ में सौभाग्यशाली थी कि उनका जन्म एक कुशल मराठी और कोंकणी म्यूजीशियन, क्लासिकल सिंगर और रंगमंच कलाकार दीनानाथ मंगेशकर के मिनी मुंबई जैसे उपनाम वाले शहर इंदौर में हुआ था। और अपने पिता के मित्र और नवयुग चित्रपट मूवी कंपनी के मालिक मास्टर विनायक का भरपूर सहयोग मिला। लता के इतिहास और भूगोल दोनों को बदल कर रख दिया। लता ने अतीत की कठिनाइयों से निकलते हुए स्वर्णिम पथ की ओर बढ़ती गई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखी।

    पार्श्व गायिका के अतिरिक्त और अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे कभी सोच ही नहीं पायी। लेकिन धीरे-धीरे अपनी लगन और प्रतिभा के बल पर आपको काम मिलने लगा। लता जी की अद्भुत कामयाबी ने इन्हें फ़िल्मी जगत की सबसे मज़बूत महिला बना दिया था। इन्हीं विशेषताओं के बल पर लता की प्रतिभा को बहुत जल्द एक पहचान मिल गई। फिर भी ऐसा नहीं है कि उन्होंने कठिन परिश्रम और लगन से कभी मन चुराया हो। अपने काम के प्रति ईमानदारी के साथ सदैव लगी रही।

    लता ने अपनी जिंदगी का पहला हिंदी गाना ‘माता एक सपूत की दुनिया बदल दे तू’ को गया जिसे मराठी फिल्म गजाभाऊ के लिए गाया था। लता जब पार्श्वगायन के क्षेत्र में अपना कैरियर बना रही थी तबकी नामी गायिकाओं नूरजहां और शमशाद बेगम जैसी गायिकाओं की शैली की कॉपी न करते हुए अपनी शैली विकसित किया। इसके लिए उन्होंने हिंदी और उर्दू के शब्दों के उच्चारण की बारीकियों को भी सीखी। मिट्टी से जुड़े इस अद्भुत गायन प्रतिभा को सुनना जितना सरल है, गायन कला उतना ही कठिन। सदैव सफ़ेद साड़ी में दिखने वाली स्वर कोकिला का व्यक्तित्व जीवन के मध्यकाल से लेकर संध्याकाल तक सरल और सौम्य रहा। आखिर अंत में यही सौम्यता उनकी पहचान बन गई। इसीलिए उनके अपने जीवन काल में अनेक फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, सांगीतकारों, गायकों, अभिनेताओं और अभिनेत्रियों से पारिवारिक रिश्ते आजीवन कायम रहे। सुरों की नई-नई परिभाषा गढ़ते हुए सर्वाधिक गीत रिकार्ड करने का गौरव लता जी के नाम है। कुल 30 भाषाओं में 50000 से अधिक गाने का रिकार्ड आपके नाम दर्ज है। भारत रत्न सम्मान और दादा साहब फाल्के पुरस्कार के साथ-साथ और अनेक सम्मान से सम्मानित हुई।

    तत्कालीन मशहूर संगीत निर्देशक गुलाम हैदर ने लता मंगेशकर की फिल्म निर्देशक सशाधर मुखर्जी से मिलवाया। लता की पतली आवाज का हवाला देते हुए मुखर्जी ने अपनी फिल्मों में गाना गवाने से मना कर दिया। हालांकि गुलाम हैदर की संगीत पारखी नजर ने लता की स्वर प्रतिभा के खिलाफ बातें सुनने के बाद मुखर्जी से कहा कि साहब आने वाले कल में लता से गाना गवाने के लिए आप तरस जाएंगे, और वही हुआ। लता गायकी और स्वर कोकिला की लता बनकर पूरी दुनिया में छा गई। छः फरवरी 2022 को पूरी दुनिया के प्रशंसकों को छोड़ कर स्वर कोकिला लता चिर यात्रा पर प्रस्थान कर गई।

    लता मंगेशकर: जीवन वृत्त

    लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था। इनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक कुशल मराठी रंगमंच के कलाकार थे। इनकी माँ का नाम शेवंती था। दीनानाथ मूलतः गोआ में मंगेशी के रहने वाले थे और इसके आधार पर उन्होंने अपना सरनेम मंगेशकर रखा।  लता स्कूल की पढ़ाई से वंचित रही। 6 फरवरी 2022 को मुंबई में 92 साल की उम्र में निधन हो गया।

    फिल्मों में पार्श्वगायन का सफर

    लता ने सर्वाधिक गीत रिकार्ड करने का गौरव अपने नाम बना रखा है। फ़िल्मी गीतों के अलावा ग़ैरफ़िल्मी गीत भी गाया। लता ने सन् 1947 में, फ़िल्म “आपकी सेवा में” गीत गाकर अपनी प्रतिभा से फिल्म इंडस्ट्री को परिचय कराया। इस गीत ने लता को फिल्म जगत में एक अलग पहचान दिया। आगे चलकर इन्होंने दो आँखें बारह हाथ, दो बीघा ज़मीन, मदर इंडिया, मुग़ल ए आज़म, श्री 420, चोरी चोरी, हाउस नं. 44, देवदास, मधुमती, आजाद, आशा, अमरदीप, बागी, रेलवे प्लेटफार्म, देख कबीरा रोया, चाचा जिंदाबाद, दिल अपना और प्रीत पराई, बीस साल बाद, अनपढ़, मेरा साया, वो कौन थी, आए दिन बाहर के, मिलन, अनीता, शागिर्द, मेरे हमदम मेरे दोस्त, दो रास्ते, जीने की राह जैसी अनेक फ़िल्मों में गाने गाये है। आपने “महल”, “बरसात”, “एक थी लड़की”, “बडी़ बहन” आदि फ़िल्मों में अपनी आवाज़ के जादू से इन फ़िल्मों की लोकप्रियता में चार चाँद लगाए। इस दौरान आपके कुछ प्रसिद्ध गीत थे: “ओ सजना बरखा बहार आई” (परख-1960), “आजा रे परदेसी” (मधुमती-1958), “इतना ना मुझसे तू प्यार बढा़” (छाया- 1961), “अल्ला तेरो नाम”, (हम दोनो-1961), “एहसान तेरा होगा मुझ पर”, (जंगली-1961), “ये समां” (जब जब फूल खिले-1965), सत्यम शिवम सुंदरम, और यशोमती मैया से बोले नंदलाला इत्यादि।

    पुरस्कार

    लता ने अपने गायन प्रतिभा के बल पर भारत सरकार द्वारा प्रदत्त भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, और दादा साहब फाल्के पुरस्कार। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, सात फिल्मफेयर अवार्ड्स, और महाराष्ट्र राज्य के पांच राज्य फिल्म पुरस्कार और बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा 15 अवार्ड्स प्राप्त किया।

     लेखक: डॉ. शम्भू शरण गुप्त

    Email: naharguptass@gmail.com

    डिप्टी डीन एवं एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म एंड मास कम्यूनिकेशन

    महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नालॉजी, महर्षि नगर, नोएडा सेक्टर 110, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश

     

  • दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को इन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए मुफ्त में मिलेगी कोचिंग

    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को NEET और JEE जैसी प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करेगी। इसकी जानकारी बुधवार को अधिकारियों ने दी। शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए ‘अवंती फेलो’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। दिल्ली के डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि पहले वर्ष सरकार कक्षा 11-12 के चयनित छह हजार छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से चयनित छात्रों को मुफ्त कोचिंग का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले यह मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम कुछ स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया था।

    इसके परिणाम अच्छे आने पर अब सरकार प्रदेश भर के उन छात्रों को फ्री में कोचिंग उपलब्ध कराएगी जो इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में अपना करियर बनाने के इच्छुक हैं।

    मनीष सिसोदिया ने बताया पायलट प्रोजेक्ट के तहत एससी और एसटी वर्ग की 160 से अधिक लड़कियों को विशेषज्ञों द्वारा एनईईटी के लिए मुफ्त कोचिंग मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई बच्चे डाक्टर और इंजीनियर बनने के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा या इंजीनियरिंग संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखते हैं। लेकिन उनके माता-पिता महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे गरीब बच्चों का सपना अब दिल्ली सरकार पूरा करने में मदद करेगी।

    बता दें कि वर्तमान समय में दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में 30,000 से अधिक छात्र साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। नि: शुल्क परीक्षा तैयारी कार्यक्रम इन छात्रों को एसटीईएम आधारित क्षेत्रों, इंजीनियरिंग, एमबीबीएस/बीडीएस, फार्मेसी, नर्सिंग, पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों और अनुसंधान कार्यक्रमों में शीर्ष स्नातक कार्यक्रमों और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने और एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद करेगा।