Author: AVS POST Bureau

  • एनटीपीसी ने पीएनजी नेटवर्क में पहली हरित हाइड्रोजन मिश्रण परियोजना प्रारंभ की

    एनटीपीसी ने पीएनजी नेटवर्क में पहली हरित हाइड्रोजन मिश्रण परियोजना प्रारंभ की

    एनटीपीसी लिमिटेड ने भारत की पहली हरित हाइड्रोजन मिश्रण परियोजना प्रारंभ की। एनटीपीसी कवास टाउनशिप, सूरत के पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क में ग्रीन हाइड्रोजन मिश्रण प्रारंभ कर दी गई है। यह परियोजना एनटीपीसी तथा गुजरात गैस लिमिटेड (जीजीएल) का संयुक्त प्रयास है।

    परियोजना से ग्रीन हाइड्रोजन के पहले मॉलिक्‍यूल को परियोजना प्रमुख श्री पी.रामप्रसाद ने एनटीपीसी कवास तथा जीजीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में गतिमान बनाया।

    मिश्रण अभियान प्रारंभ होने के बाद एनटीपीसी कवास ने जीजीएल अधिकारियों के सहयोग से टाउनशिप निवासियों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया।

    एनटीपीसी और जीजीएल ने 30 जुलाई 2022 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा आधारशिला रखे जाने के बाद रिकॉर्ड समय में इस महत्‍वपूर्ण उपलब्धि को प्राप्‍त करने की दिशा में लगातार काम किया है। यह आदित्यनगर, सूरत में कवास टाउनशिप के घरों को एच2-एनजी (प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति करने के लिए तैयार है। कवास में ग्रीन हाइड्रोजन पहले से स्थापित एक मेगावाट फ्लोटिंग सौर परियोजना से बिजली का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा बनाया गया है।

    नियामक निकाय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने पीएनजी के साथ ग्रीन हाइड्रोजन के 5 प्रतिशत वॉल्यूम मिश्रण के लिए मंजूरी दे दी है और मिश्रण स्‍तर को चरण के अनुसार 20 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। प्राकृतिक गैस के साथ मिलाए जाने पर ग्रीन हाइड्रोजन शुद्ध हीटिंग सामग्री को समान रखते हुए कार्बन उत्सर्जन को कम करता है।

    यह उपलब्धि केवल ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे कुछ गिने-चुने देशों द्वारा प्राप्‍त की गई है। यह भारत को वैश्विक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के केंद्र में लाएगा। भारत न केवल अपने हाइड्रोकार्बन आयात बिल को कम करेगा बल्कि विश्‍व में हरित हाइड्रोजन और हरित रसायन निर्यातक बनकर विदेशी मुद्रा अर्जित करेगा।

  • Noida: बढ़ रहा है सर्दी का सितम, सांसद महेश शर्मा ने बांटे कंबल

    Noida: बढ़ रहा है सर्दी का सितम, सांसद महेश शर्मा ने बांटे कंबल

    Noida: बीजेपी नोएडा महानगर द्वारा इस ज़बरदस्त ठंड में बेघर और लाचार लोगों को सर्दी से बचाव के लिए कंबल  बांटे जा रहे हैं। बीजेपी द्वारा  अभी  तक 7 हजार से ज्यादा कंबल बांटे गए हैं। इस मुहिम में जिला अस्पताल चाइल्ड पीजीआई सेक्टर-30 में गौतमबुद्ध सांसद डॉ.महेश शर्मा, जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता और महिला मोर्चा की अध्यक्षा शारदा चतुर्वेदी  ने कंबल और ऊनी स्वेटर वितरण किए।

     

    इस मौके पर सांसद महेश शर्मा ने कहा कि जब इस कड़कड़ाती सर्दी में समाज के एक वर्ग को मदद चाहिए तो हम सभी अपने-अपने स्तर से मदद कर रहे हैं। ज़रूरतमंदों की मदद के लिए हमारी पार्टी, कार्यकर्ता हमेशा आगे रहते है वहीं मनोज गुप्ता ने कहा कि इस कड़कड़ाती ठंढ में असहाय जरूरतमंद को कंबल की जरूरत को देखते हुए नोएडा भाजपा द्वारा कंबल का वितरण किया जाता रहा ताकि जरूरतमंद लोग ठंढ में ठिठुर ना सकें। महिला मोर्चा की अध्यक्षा शारदा चतुर्वेदी ने कहा बीजेपी हमेशा गरीबों और वंचितों की मदद में आगे रहती है।

    इस कार्यक्रम में उमेश त्यागी, गिरजा सिंह,उमेश यादव, शिवानी शरद, विनोद शर्मा, मधु मेहरा, उषा ढाका, नीता वाजपेयी, रवि यादव, उमा मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।

  • Fire In Noida: सेक्टर 82 के मकान में लगी आग, लाखों का सामान हुआ खाक, सोसायटी अध्य़क्ष ने की मांग

    Fire In Noida: सेक्टर 82 के मकान में लगी आग, लाखों का सामान हुआ खाक, सोसायटी अध्य़क्ष ने की मांग

    #FireInNoida: नोएडा सेक्टर 82 एकता कुंज पॉकेट 12 सोसाइटी के एक मकान में शनिवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। जब आग लगी थी तो उस दौरान घर को कोई सदस्य अंदर मौजूद नहीं था । धुआं निकलता देख आस पास के लोग वहां पहुंचे और शोर मचा दिया। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग लगने सूचना के पर पहुंची दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया । मौके पर पहुंचे लोगों ने सबमर्सिबल पंप आदि से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। साथ ही दमकल विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। आग लगने की जानकारी पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आकर लाखों  का सामान जलकर राख हो गया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोद दीक्षित जो पेशे से पत्रकार है वह किसी कार्य से गाजियाबाद गए थे वहीं शाम 7 बजे के करीब उनकी पत्नी और बेटी भी किसी कार्य से घर के बाहर थी उसी समय उनके घर  में आग लग गई थी। आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

    आग की सूचना मिलने के बाद अगले दिन एसडीएम दादरी ने लेखपाल के माध्यम से स्थिति का जायजा लिया है वहीं लेखपाल ने अपनी सर्वे रिपोर्ट शासन को सौंप दी है ।प्रमोद दीक्षित ने बताया है कि पुलिस प्रशासन की तरफ से सहयोग मिल रहा है वही फायर विभाग ने आग बुझाने में काफी मदद की थी।

    वहीं सोसायटी के महासचिव सीके शर्मा ने बताया कि उन्होंने आग लगने की सूचना जब प्रशासन को दी थी उसके पांच मिनट बाद ही प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर पूरी मदद की। सोसायटी के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने गौतमबुद्ध नगर के सांसद और विधायक से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग की है वहीं सोसाइटी में रहने वाली बीजेपी नेता उमा मिश्रा ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया है। बीजेपी की महिला जिलाध्यक्ष शारदा चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल चाल जाना था साथ ही आर्थिक मदद भी कर रही हैं।

  • ओलंपिक में खेलकर देश का मान बढ़ाना है मेरा सपना: बॉक्सिंग चैंपियन उर्वशी सिंह

    ओलंपिक में खेलकर देश का मान बढ़ाना है मेरा सपना: बॉक्सिंग चैंपियन उर्वशी सिंह

    नोएडा। सोमवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में उर्वशी सिंह ने कहा कि मैं देश के लिए खेल रही हूँ और आगे भी खेलती रहूंगी, ओलम्पिक में खेलना मेरा सपना है लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक मुझे कोई सहयोग नहीं मिला है। उर्वशी सिंह ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैंए मुझे भी प्रधान मंत्री मोदी से ढेर सारी उम्मीदें हैं और मैं आशा करती हूँ प्रधानमंत्री मुझे ओलमिक में भेजने में सहायता अवश्य करेंगें। मैं पैसे के लिए नहीं अपने देश के लिए खेलना चाहती हूँ।
    सपने तो सभी देखते हैं लेकिन पूरा उन्हीं का होता है जिनके हौसले फौलाद के और इरादे बुलंद होते हैं। सुविधाओं और संसाधनों के आभाव में मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी उर्वशी सिंह ने वह करके दिखा दिया जिसके लिए देश के लाखों नौजवान रात दिन पसीना बहा रहे हैं। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज 3 में जन्मी और गवर्नमेंट स्कूल से पढ़ी उर्वशी सिंह का बॉक्सिंग में देश के लिए खेलना एक सपना था, लडक़ी और बॉक्सिंग! गली मुहल्ले में लोग मजाक उड़ाते थे और परिवार के लोग भी समाज के भय से कोई निर्णय नहीं ले पा रहे थे, लेकिन उर्वशी सिंह की जिद और उसके बुलंद हौसले के सामने परिवार को झुकना पड़ा। कॉलेज ऑफ फि जिकल एजुकेशन नोएडा से कॉलेज चैम्पियनशिप में खेलते हुए उर्वशी ने पहली बार स्वर्ण पदक हासिल करके लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया। 2015 में नोयडा के कॉलेज ऑफ फि जिकल एजुकेशन में पढ़ाई के दौरान मिली कामयाबी ने उर्वशी सिंह को मानो पर लगा दिए हों, अब उर्वशी के प्रति परिवार और मोहल्ले वालों की सोच बदलने लगी, और उर्वशी को लोगों का समर्थन मिलने लगा, जो बॉक्सिंग लड़कियों के लिए उचित नहीं बता रहे थे वही लोग हौसला बढ़ाने लगे।
    उर्वशी लगातार अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रही थीं और नित नए आयाम को हासिल कर रही थीं। इसी दौरान टीम रोशन स्पोट्र्स और डीजे एमसी बॉक्सिंग का सहयोग मिला, जिन्होंने उर्वशी सिंह के अंदर छुपी प्रतिभा को पहचाना और उनकी बॉक्सिंग को निखारने का काम किया। उसके बाद उर्वशी सिंह ने मुड़ कर पीछे नहीं देखा। मार्च 2022 प्रथम मिडिल ईस्ट एशिया महिला वल्र्ड चैम्पियनशिप जीत कर भारत के तिरंगे का मान बढ़ाया और देश का नाम रौशन किया। नवंबर 2022 में कोलंबिया में आयोजित डब्लू बीसी वेंटम वेट्स टाइटल्स और डब्लू बीसी एशिया सिल्वर क्राउन को भी अपने नाम किया।

  • DCP Jitendra Mani Tripathi: एक जिंदादिल इंसान, ‘सिंघम’ स्टाइल वाले पुलिस ऑफिसर, नाम है जितेंद्र मणि त्रिपाठी

    DCP Jitendra Mani Tripathi: एक जिंदादिल इंसान, ‘सिंघम’ स्टाइल वाले पुलिस ऑफिसर, नाम है जितेंद्र मणि त्रिपाठी

    DCP Jitendra Mani Tripathi: अगर आपके इरादे मजबूत हो तो जिंदगी की हर जग आसानी से लड़ी जा सकती है और उसमें सफलता भी पाई जा सकती है। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे पुलिस ऑफिसर की जो हर तरह की चुनौतियों का सामना बड़ी ही जिंदादिली से करते हैं और जरूरतमंद की मदद के लिए अपना हाथ हमेशा ही बढ़ाते रहते हैं। इस पुलिस ऑफिसर का नाम है जितेंद्र मणि त्रिपाठी अभी हाल में ही उनका प्रमोशन आईपीएस ऑफिसर के तौर पर हुआ है अभी वो दिल्ली मेट्रो में डीसीपी के पद पर तैनात हैं।

    आईपीएस ऑफिसर जितेंद्र मणि त्रिपाठी सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहते हैं अगर आप इनका सोशल मीडिया प्रोफाइल विजिट करें तो कभी ये आपको ‘सिंघम’ जैसे पुलिस ऑफिसर के स्टाइल में दिखेंगे तो कभी एक कवि के तौर पर। खुद को फिट एंड फाइन रखने के लिए वो एक्सरसाइज भी जमकर करते है। इस ऑफिसर की खासियत ये है कि अपने हर अंदाज से समाज और लोगों के प्रेरणा देते हैं।दिल्ली पुलिस के अधिकारी जीतेंद्र मणि त्रिपाठी की मानवीय सोच और संवेदनशीलता की कई कहानियाँ प्रचलित हैं और हर दो चार महीने में इनमें ऐसा कोई न कोई इज़ाफा हो जाता है जो उनको और लोकप्रिय बना देता है. लोगों की भले ही वो अपनी क्षमता में रहकर या कभी उससे बाहर जाकर भी छोटी सी भी मदद करते हों लेकिन वो ख़ुशी का कारण बन जाती है. उस घटना की जानकारी पाने वालों के भी चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है भले ही उनका घटना से सीधा ताल्लुक न हो.

    जितेन्द्र मणि दिल्ली मेट्रो के उपायुक्त हैं. कभी कभार वह ऐसी मदद की रोचक असली कहानी सोशल मीडिया पर शेयर भी कर देते हैं जो बहुत ही प्रेरणादायक होती हैं और किसी भी संवेदनशील इंसान को सकारात्मक और आशावादी सोच बढ़ाने में मदद कर सकती है. मेट्रो में यात्रा कर रहे एक शख्स को तो उन्होंने उसके माँ की हाथ की बनाई रोटियों का वो थैला खोज कर पहुँचाने में ही अपने अधिकारियों को लगा दिया था जो यात्रा के दौरान उस शख्स से छूट गया था. हालांकि शुरू में नहीं पता था कि उस बैग में सामान क्या है. यह मामला मीडिया में आया था उस दौरान इसकी चर्चा खूब हुई थी।

    डीसीपी जितेंद्र मणी त्रिपाठी के बारे में कहा जाता है कि वे काफी जिंदादिल इंसान हैं. पत्नी को कैंसर बीमारी से खो चुके हैं. पत्नी की याद में ‘कहीं तो हंसी होगी’ नाम से एक किताब भी लिख चुके हैं. इस किताब की बिक्री से मिले पैसे का हिस्सा एम्स में कैंसर का इलाज कराने आए दूर-दराज के मरीजों पर खर्च करते हैं. जितेंद्र मणि दिल्ली पुलिस के 7वीं बटैलियन के डीसीपी भी रह चुके हैं.

  • #HappyBirthdaySharadPawar: दिल्ली में मनाया गया शरद पवार का 82वां जन्मदिन, अच्छी सेहत और लंबी उम्र की कामना

    #HappyBirthdaySharadPawar: दिल्ली में मनाया गया शरद पवार का 82वां जन्मदिन, अच्छी सेहत और लंबी उम्र की कामना

    दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय नेशनलिस्ट काँग्रेस पार्टी (छब्च्) में राष्ट्रीय अध्यक्ष, माननीय श्री शरद पवार साहब का 82वाँ जन्मदिन मनाया गया। पवार साहब एक प्रतिभावान एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी राजनेता रहे हैं। इन्होंने महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार सेवा की है। जबकि केन्द्र रक्षामंत्री और कृषि मंत्री के रूप में बेजोड़ प्रतिष्ठा अर्जित की।इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेट बोर्ड और अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी इनका योगदान अतुल्यनीय रहा है। आज पार्टी कार्यालय में स्थाई सचिव, श्री एस. आर. कोहली साहब ने केक काटकर पवार साहब के जन्मदिन उत्सव की शुरूआत की। इस अवसर पर माननीय श्री के. के. शर्मा जी, राष्ट्रीय महासचिव, एनसीपी, सुश्री सोनिया दुहन जी, राष्ट्रीय अध्यक्षा, नेशनलिस्ट छात्र काँग्रेस, प्रो0 नवीन कुमार जी, नेशनल मीडिया काॅर्डिनेटर, श्री सिराज मेहदी जी, राष्ट्रीय चेयरमैन अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, हाई कोर्ट के वकील श्री एस.पी.शर्मा जी, कार्यालय अधीक्षक श्री चन्दन बोस जी, दिल्ली प्रदेश महासचिव, श्री किशोर गौहरी जी, एकाउंटेट श्री प्रियंकर सिंह जी और अन्य लोग इस समारोह पर उपस्थित होकर इसकी गरिमा बढ़ाई।

     शरद पवार का राजनैतिक सफ़रनामा

    (1) माननीय श्री शरद पवार साहब का जन्म दिनांक 12 दिसम्बर, 1940 को बारामती (पूना ज़िला) में हुआ था। आज वे 82 वर्ष के हुए हैं।

    (2) वे महाराष्ट्र राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री बने।

    (3) वे भारत के केन्द्रीय मंत्रीमण्डल में रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री भी रहे हैं। वे भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे हैं।

    (4) सन् 1967 में बारामती से पहली बार महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक बने।

    (5) सन् 1984 में पहली बार बारामती से लोक सभा के लिए संसद सदस्य चुने गए।

    (6) सन् 1987 में स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी के सामने औरंगाबाद में काँग्रेस में सम्मिलित हुए।

    (7) सन् 1988 में महाराष्ट्र राज्य के दूसरी बार मुख्मंत्री बने।

    (8) सन् 1990 में महाराष्ट्र राज्य के तीसरी बार मुख्मंत्री बने।

    (9) स्वर्गीय श्री पी. वी. नरसिम्हाराव जी, भूतपूर्व प्रधानमंत्री, भारत सरकार, की सरकार में सन् 1991 में वे केन्द्रीय मंत्री बने।

    (10) सन् 1990 में महाराष्ट्र राज्य के वे चैथी बार मुख्मंत्री बने।

    (11) 10 जून, 1999 में ‘नेशनलिस्ट काँग्रेस पार्टी’ का गठन किया। तब से वे लगातार इसके ‘निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष’ हैं।

    (12) सन् 2005 में वे ‘क्रिकेट बोर्ड’ के अध्यक्ष बनें।

    (13) सन् 2010 में वे ‘अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड’ के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था।

    (14) 2004 में डाॅ. मनमोहन सिंह जी, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत सरकार, यू.पी.ए. सरकार में वे कृषि मंत्री भी रहे।

  • श्रीमद्भगवत कथा :”नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ”  कथा में मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव

    श्रीमद्भगवत कथा :”नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ” कथा में मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव

    नोएडा: सेक्टर 93 के श्रमिक कुंज प्रथम के शिव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भगवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास विनोद कृष्ण जी महाराज ने कृष्ण जन्म की कथा का रोचक प्रसंग सुनाता। कंस अपने पिता उग्रसेन को राजगद्दी से उतारकर खुद राजा बन बैठा ,उसने अपनी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से कर दिया।जब कंस अपनी बहन को विदा करता है तो आकाशवाणी होती है कि देवकी का आठवां लाल तेरा काल होगा। कंस वासुदेव को मारने दौङता है लेकिन देवकी के समझाने पर कि वह अपनी सभी संतानों को उसे सौंप देंगे। कंस बासुदेव व देवकी को कारागार में डाल देता है। उनकी पैदा होने वाली संतानों को उसने एक एक कर मार डाला। आठवीं संतान के रूप में भगवान कृष्ण के रूप में जन्म लेते हैं और वासुदेव जी गोकुल में नंद के यहां कृष्ण को छोड़कर आ जाते हैं और उनकी कन्या को लेकर वापस मथुरा आ जाते हैं। नंद बाबा के यहां कृष्ण का जन्म धूमधाम से मनाया जाता है। कृष्ण जन्मोत्सव पर कथा पंडाल को गुब्बारों से सजाया गया, व्यास जी द्वारा गाए गए भक्तिगीतों “नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ” पर सेक्टरवासी जमकर थिरके। आयोजन समिति के प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने बताया कि 12 दिसंबर को भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन व्यास जी करेंगे।
    इस अवसर पर समिति के प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे, मुख्य यजमान श्यामानंद मिश्रा, पंडित महादेव शर्मा, पंडित महेश पाठक शास्त्री, रवि राघव, सुशील पाल,राजेश राघव,राजेश ध्यानी, बालेंद्र सिंह,संटू मिश्रा, प्रमोद यादव, महेंद्र कौशिक,के एन पांडे, राजेश सिंह, अनिल शर्मा, राजवीर सिंह, रमेश चंद्र शर्मा सहित तमाम भगवत्प्रेमी भक्त मौजूद रहे।

  • Winter session 2022: शीतकालीन सत्र की शुरुआत, प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा को किया संबोधित

    Winter session 2022: शीतकालीन सत्र की शुरुआत, प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा को किया संबोधित

    #WinterSession2022प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में राज्यसभा को संबोधित किया और उच्च सदन में उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने संसद के सभी सदस्यों के साथ-साथ देश के सभी नागरिकों की ओर से भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति श्री जगदीप धनखड़ को बधाई देकर अपने संबोधन की शुरुआत की। देश के उपराष्ट्रपति के प्रतिष्ठित पद पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पद अपने आप में लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    राज्यसभा के सभापति को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस है और सदन के सभी सदस्यों की ओर से सशस्त्र बलों को सलामी दी। उपराष्ट्रपति के जन्मस्थान झुंझुनू का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले झुंझुनू के कई परिवारों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति के जवानों एवं किसानों के साथ घनिष्ठ संबंध पर प्रकाश डाला और कहा, “हमारे उपराष्ट्रपति एक किसान पुत्र हैं और उन्होंने एक सैनिक स्कूल में पढ़ाई की है। इस प्रकार, वह जवानों और किसानों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं।”

    प्रधानमंत्री ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि संसद का सम्मानित उच्च सदन ऐसे समय में उपराष्ट्रपति का स्वागत कर रहा है जब भारत दो महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी बना है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने आजादी के अमृत काल में प्रवेश किया है और जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी और अध्यक्षता करने का प्रतिष्ठित अवसर भी प्राप्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत आने वाले दिनों में नए भारत के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत करने के अलावा दुनिया की दिशा निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “इस यात्रा में हमारे लोकतंत्र, हमारी संसद और हमारी संसदीय प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।”

    इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कि आज राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति के कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हुई है, प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्च सदन के कंधों पर निहित जिम्मेदारी आम आदमी की चिंताओं से जुड़ी है। उन्होंने कहा, “भारत इस काल के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को समझता है और उसका पालन करता है।” प्रधानमंत्री ने यह भी इंगित किया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के रूप में भारत का प्रतिष्ठित जनजातीय समाज इस महत्वपूर्ण मोड़ पर देश का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने इस तथ्य पर भी प्रकाश डाला कि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, जो एक बहुत ही हाशिए के समाज से उठे, देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे।

    आसन की ओर सम्मान से देखते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “आपका जीवन इस बात का प्रमाण है कि कोई भी सिर्फ सुविधा-संपन्न संसाधनों से ही नहीं बल्कि अभ्यास और सिद्धियों से कुछ भी हासिल कर सकता है।” तीन दशकों से अधिक समय तक एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में उपराष्ट्रपति के अनुभव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने मजाक के स्वर में कहा कि आपको इस सदन में अदालत की याद नहीं आएगी क्योंकि राज्यसभा में बड़ी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं जो आपसे सुप्रीम कोर्ट में मिला करते थे। उन्होंने आगे कहा, “आपने विधायक से लेकर सांसद, केन्द्रीय मंत्री और राज्यपाल की भूमिका का भी निर्वाह किया है।” उन्होंने आगे कहा कि इन सभी भूमिकाओं के बीच साझा कारक देश के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आपकी आस्था है। प्रधानमंत्री ने उपराष्ट्रपति के चुनाव में उपराष्ट्रपति को मिले 75 प्रतिशत मत को भी याद किया, जो उनके प्रति सभी की आत्मीयता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने कहा, “मार्गदर्शन करना ही नेतृत्व की वास्तविक परिभाषा है और यह राज्यसभा के संदर्भ में अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इस सदन पर अधिक परिष्कृत तरीके से लोकतांत्रिक निर्णयों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।”

    इस सदन की गरिमा को बनाए रखने और उसे बढ़ाने के लिए इसके सदस्यों पर निहित जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सदन देश की महान लोकतांत्रिक विरासत का वाहक रहा है और यही इसकी ताकत भी रही है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कई पूर्व प्रधानमंत्रियों ने एक समय राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया। प्रधानमंत्री ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि उपराष्ट्रपति के मार्गदर्शन में यह सदन अपनी विरासत और गरिमा को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “सदन में गंभीर लोकतांत्रिक चर्चा लोकतंत्र की जननी के रूप में हमारे गौरव को और मजबूती देगी।”

    अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने पिछले सत्र को याद किया जहां पूर्व उपराष्ट्रपति एवं पूर्व सभापति के मुहावरे और उनकी तुकबंदियां सदस्यों के लिए खुशी एवं हंसी का स्रोत होती थीं। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, “मुझे विश्वास है कि आपकी हाजिरजवाबी प्रकृति उस कमी को कभी महसूस नहीं होने देगी और आप सदन को उसका लाभ देते रहेंगे।”

  • Gujarat Elections: राकांपा ने जारी 31 स्टार प्रचारकों कि लिस्ट, शरद पवार कर रहे हैं नेतृत्व

    Gujarat Elections: राकांपा ने जारी 31 स्टार प्रचारकों कि लिस्ट, शरद पवार कर रहे हैं नेतृत्व

    #Gujarat Elections राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने चुनाव आयोग में अपने 31 स्टार प्रचारकों की सूची सौंपी है। NCP के सचिव एस आर कोहली ने बताया कि पार्टी के स्टार प्रचारकों में शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, जितेन्द्र अव्हाड, नरेन्द्र वर्मा, पीपी मो फैजल, के के शर्मा, योगानंद शास्त्री, अजित पवार, छगन भुजबल, सुप्रिया सुले, फौजिया खान, धीरज शर्मा, सोनिया दूहन, ब्रिजमोहन श्रीवास्तव, राजेन्द्र जैन, क्लाइड क्रास्टो, शब्बीर अहमद का नाम प्रमुखता से शामिल है।

    रांकपा के नेशनल मीडिया कॉर्डिनेटर नवीन कुमार के मुताबिक पार्टी गुजरात चुनाव में अपना बेहतर प्रदर्शन करेगी। आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव में राकांपा कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। पवार के नेतृत्व वाली पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत तीन सीट- उमरेठ (आनंद जिला), नरोदा (अहमदाबाद) और देवगढ़ बरिया (दाहोद जिला) में चुनाव लड़ेगी।

    वर्ष 2017 के गुजरात चुनावों में कांधल जडेजा एकमात्र राकांपा उम्मीदवार थे, जो पोरबंदर जिले की कुटियाना विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे। गुजरात में दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को चुनाव होंगे और मतगणना आठ दिसंबर को होगी।

  • One Bigha Of Land :एक बीघा जमीन की लंबाई और चौड़ाई कितने फुट की होती हैं, ये खबर देगी आपको पूरी जानकारी

    One Bigha Of Land :एक बीघा जमीन की लंबाई और चौड़ाई कितने फुट की होती हैं, ये खबर देगी आपको पूरी जानकारी

    One Bigha Of Land बीघा (पूर्व में बीघे) एक भूमि के क्षेत्रफल की एक पारंपरिक इकाई है, जिसका उपयोग आमतौर पर भारत में किया जाता है (उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात सहित) और राजस्थान लेकिन भारत के दक्षिणी राज्यों में नहीं), बांग्लादेश और नेपाल। बीघा का कोई “मानक” आकार नहीं है। एक बीघा का आकार जगह-जगह अलग-अलग होता है। अलग-अलग क्षेत्रों में बीघा का आकार अलग-अलग होता है।

    सूत्रों ने 1,500 से 6,771 वर्ग मीटर (16,150 से 72,880 वर्ग फुट) तक के माप दिए हैं, लेकिन कई छोटी जेबों में यह 12,400 वर्ग मीटर (133,000 वर्ग फुट) के बराबर हो सकता है। इसकी उप-इकाई कई क्षेत्रों में बिस्वा (या बीसा) या कथा (या कट्टा) है। फिर से बिस्वा या कत्था का कोई “मानक” आकार नहीं है। एक बीघा में विभिन्न क्षेत्रों में 5 से 200 बिस्वा हो सकते हैं।

    1 बीघा (बिघाट) = 20 कट्ठा (कठ्ठा) (लगभग 6,772.63 वर्ग मीटर या 72900 वर्ग फुट।) 1 कट्टा (कठ्ठा) = 20 धुर (धौर) (लगभग 338.33 वर्ग मीटर या 3,645 वर्ग फीट) 1 धुर (धौर) = 16.93 m 16 या 182.25 sq.ft. 1 रोपनी = 16 आना (आना) (लगभग 508.72 वर्ग मीटर या 5476 वर्ग फुट)।

    मध्य भारत में,

    बीघा को 3025 yd^2 (2529.3 m ^ 2) या 5/8 एकड़ (0.2529 हेक्टेयर) में मानकीकृत किया गया था।

    मध्य प्रदेश में, एक कथा = 600 वर्ग फुट (56 मीटर^2)।

    राजस्थान में, एक पक्का बिगहा = 27 ,225 वर्ग फुट और

    एक कच्चा बीघा 1618.7 वर्ग मीटर (17,424 वर्ग फुट) के बराबर है।

    भारत में उपयोग:
    बीघा दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में भूमि की एक पारंपरिक इकाई है। भूमि की बिक्री और खरीद (विशेष रूप से कृषि भूमि) अभी भी इस इकाई में अनौपचारिक रूप से की जाती है। हालांकि, क्षेत्र आधिकारिक भूमि रिकॉर्ड में हेक्टेयर या वर्ग मीटर में दर्ज किया जाता है। बीघा भारत के एक हिस्से से दूसरे हिस्से के आकार में भिन्न होता है। एक ही राज्य के भीतर विभिन्न राज्यों और अक्सर क्षेत्रों में विभिन्न आकार बीघा के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह आमतौर पर एक मानक एकड़ (43,560 वर्ग फीट या 4,047 वर्ग मीटर) से कम होता है, लेकिन 3 एकड़ (1.2 हेक्टेयर) तक बढ़ सकता है।

    असम में, एक बीघा 14,400 वर्ग फीट (1,340 मीटर ^ 2) है, जो 5 कट्ठा में विभाजित है। प्रत्येक कट्ठा में १४४ वर्ग फुट (१३.४ मीटर ^ २) वाले एक पाठ के साथ २० पाठ होते हैं। इसलिए प्रत्येक कत्था 2,880 वर्ग फीट (268 मीटर ^ 2) क्षेत्र में है, हालांकि यह असम के विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न हो सकता है। एक साथ 4 बीघा को पुरा कहा जाता है।

    बिहार में, विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग आकार के बीघा होते हैं। राजधानी पटना के पास, एक बीघा 20 कट्ठा के बराबर है। 1 कथा 1,361 वर्ग फुट (126.4 मीटर ^ 2) के बराबर है। एक कट्ठा को 20 धुर में विभाजित किया गया है। इसलिए प्रत्येक धुर लगभग 68.05 वर्ग फीट (6.322 मीटर ^ 2) है। एक धुर को 20 धुरकी में विभाजित किया गया है, प्रत्येक ढुरकी लगभग 3.403 वर्ग फीट (0.3161 मीटर ^ 2) है।
    बिहार में १ दशमलव ४३५.५६ वर्ग फुट के बराबर है। दशमलव १/१०० एकड़ के बराबर है।
    मुंगेर, भागलपुर और जमुई सहित बिहार के कुछ पूर्वी हिस्सों में, एक धुर को आगे एक वर्ग लग्गा (पोल लंबाई) में विभाजित किया गया है। एक लग्गा 5.5 हाथ की लंबाई के बराबर है, प्रत्येक हाथ की लंबाई 18 इंच (460 मिमी) है। इसलिए, एक लैगा 99 इंच या 251.46 सेमी है।
    हिमाचल प्रदेश में, पाँच बीघा एक एकड़ (0.0809 हेक्टेयर) के बराबर है।
    पंजाब और हरियाणा में, 4.8 बीघा एक एकड़ के बराबर है, प्रत्येक बीघा 4 कनाल है, प्रत्येक कनाल 20 मार्लस है, प्रत्येक मारला 9 वर्ग karam है, प्रत्येक वर्ग karam 30.25 वर्ग फुट (5.5 X 5.5 फीट), प्रत्येक karam 5.5 है पैर का पंजा।
    मध्य भारत में, बीघा को 3025 yd^2 (2529.3 m^2) या 5/8 एकड़ (0.2529 हेक्टेयर) में मानकीकृत किया गया था।
    मध्य प्रदेश में, एक कथा = 600 वर्ग फुट (56 मीटर^2)।
    राजस्थान में, एक पक्का बिगहा = 27 ,225 वर्ग फुट और एक कच्चा बीघा 1618.7 वर्ग मीटर (17,424 वर्ग फुट) के बराबर है।
    उत्तर प्रदेश में, एक बीघा का मतलब राज्य के विभिन्न जिलों में लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है। राज्य के पश्चिमी जिलों में एक बीघा या तो पाँच बिस्वा के बराबर होता है (एक बिस्वा 125 वर्ग मीटर (1350 वर्ग फुट) या 6.75 बिस्वा होता है। उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों में, 1 बीघा को 20 बिस्वा में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक बिस्वा 125 m^2 या 154.32 yd^2 है।(इसलिए एक बीघा 0.25 हेक्टेयर (या 2500 मीटर^2 या 3086.4 yd^2 या 26909 फीट^2) है। 6 बिस्वा Big1 बीघा (काचा)
    उत्तर प्रदेश पूर्व में एक बीघा 20 बिस्वा (पक्का) और 10 बिस्वा (कछा) के बराबर होता है। यह आधिकारिक तौर पर नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर क्षेत्र गणना में उपयोग किया जाता है।
    उत्तर प्रदेश (पश्चिम) में माप थोड़े अलग हैं: एक बीघा = 20

    20 बिस्वा = 60

    दशमलव = 2428.80 मीटर^2
    उत्तराखंड में, 1 बीघा 20 बिस्सा या 12 नालियों में विभाजित है। एक बीघा 968 yd^2 या 800 m^2 है।
    पश्चिम बंगाल में, बीघा को 1600 yd2 (0.1338 हेक्टेयर या 0.3306 एकड़) में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के तहत मानकीकृत किया गया था; यह अक्सर 1/3 एकड़ के रूप में व्याख्या की जाती है (यह ठीक 401121 एकड़ है)। मीट्रिक इकाइयों में, एक बीघा इसलिए 1333 मीटर ^ 2 है।
    हालांकि तमिलनाडु में, बीघा व्यावहारिक माप इकाई में नहीं है।

    बांग्लादेश में उपयोग
    पूरे बांग्लादेश में बीघा भूमि की एक पारंपरिक इकाई है, इस इकाई में अभी भी भूमि खरीद की जाती है। एक बीघा 1,600 वर्ग गज के बराबर है जैसा कि ब्रिटिश शासन के दौरान विभाजन पूर्व बंगाल में मानकीकृत था। दूसरे शब्दों में, 3 बीघा 1 एकड़ के लिए सिर्फ 60.5 कट्ठा / 360 वर्ग फुट कम है।

    बीघा के संदर्भ में क्षेत्र की माप

    1 कथा = 720 वर्ग फुट (80 वर्ग गज या 66.89 वर्ग मीटर)
    1 बीघा = 20 कत्था (14,400 वर्ग फुट या 1,337.8 वर्ग मीटर)
    1 एकड़ = 3 बीघा 60.5 कत्था (40া 4া) (4,840 वर्ग गज या 43,560 वर्ग फुट या 4,047 वर्ग मीटर)

    नेपाल में उपयोग:
    एक बीघा नेपाल में माप की एक इकाई है, जो लगभग 6,773 वर्ग मीटर के बराबर है। आधिकारिक तौर पर, या तो बिगहा (तराई क्षेत्र में) या रोपनी (नेपाली: रोपनी) (पहाड़ी क्षेत्रों में) की भूमि उपयोग इकाइयों का अधिकांश माप। मीट्रिक प्रणाली (वर्ग मीटर की एसआई इकाई) बहुत कम ही भूमि के क्षेत्र को मापने के लिए आधिकारिक तौर पर उपयोग की जाती है।

    बीघा के संदर्भ में क्षेत्र का मापन

    1 बीघा (बिहाग) = 20 कट्ठा (कठ्ठा) (लगभग 6,772.63 वर्ग मीटर या 72900 वर्ग फीट)
    1 कट्ठा (कठ्ठा) = २० धुर (धौर) (लगभग ३३3.६३ वर्ग मीटर या ३,६४५ वर्ग फीट)
    1 धुर (धुर) = 16.93 वर्ग मीटर या 182.25 वर्ग फुट।
    1 कण्व (कण्व) = १/१६ धुर (धुर)
    1 कनाई (कनाई) = 1/16 कणवा (कण्व) [कण्व काफी हद तक अप्रचलित है और इसका उपयोग केवल तब किया जाता है जब छोटी भूमि बहुत कीमती होती है]

    1 बीघा = 13.31 रोपनी (रोपनी)
    1 रोपनी = 16 आना (आना) (लगभग 508.72 वर्ग मीटर या 5476 वर्ग फुट।)
    1 आना = 4 पैसा (पैसा) (लगभग 31.80 m 34 या 342.25 sq.ft.)
    1 पैसा = 4 दाम (मूल्य) (7.95 वर्ग मीटर)
    1 बीघा = 6,772.63 वर्ग मीटर
    ऊपर से अलग रोपनी प्रणाली के लिए

    1 बीघा = .677263 हेक्टेयर = 1.6735 एकड़ = 13.31 रोपनी
    1 हेक्टेयर = 19.6565 रोपनी
    19.6565 रोपनी = 1 हेक्टेयर
    1 रोपनी = 508.83771 वर्ग मीटर

    फिजी में उपयोग:
    फिजी हिंदी में 1 बीघा 1 एकड़ के बराबर होता है

    सारांश: सारांश में, कोई मानक नहीं है कि यह एक बीघा भूमि की परिभाषित आकार, लंबाई और चौड़ाई है क्योंकि विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग गणना है।