Author: AVS POST Bureau

  • Bhojpuri Icons Real and Real Stars Award : फिल्मफेयर और फेमिना ने मनोज भावुक को किया सम्मानित

    Bhojpuri Icons Real and Real Stars Award : फिल्मफेयर और फेमिना ने मनोज भावुक को किया सम्मानित

    Bhojpuri Icons Real and Real Stars Award : लखनऊ के रमादा में 16 जुलाई को फिल्मफेयर एवं फेमिना द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘ भोजपुरी आइकॉन्स- रील एंड रीयल स्टार्स ‘ समारोह में भोजपुरी के जाने-माने लेखक, फिल्म समीक्षक और भोजपुरी सिनेमा के इतिहासकार मनोज भावुक को भोजपुरी साहित्य और सिनेमा के इतिहास पर किये गए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

    यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम हैं, जब दो प्रतिष्ठित ब्रांड फिल्मफेयर और फेमिना पहली बार भोजपुरी आइकॉन का सम्मान करने और जश्न मनाने के लिए एकजुट हुए। इस अवसर पर पद्मभूषण शारदा सिन्हा को लोक संगीत के लिए, संजय मिश्रा को प्राइड ऑफ भोजपुरी मिट्टी, मनोज तिवारी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड और रवि किशन को ओटीटी और सिनेमा के लिए सम्मानित किया गया।

    मनोज भावुक को भोजपुरी साहित्य व सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान फेमिना की प्रधान संपादक अंबिका मट्टू व दक्षिण के निर्देशक विक्रम वासुदेव द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

    मनोज भावुक 1998 से लिख रहे हैं भोजपुरी सिनेमा का इतिहास …

    तस्वीर जिदंगी के (भोजपुरी गजल संग्रह) व चलनी में पानी (भोजपुरी कविता-संग्रह) मनोज भावुक की चर्चित पुस्तकें हैं। मनोज भोजपुरी सिनेमा के इतिहास पर पिछले 25 वर्षों से लिख रहें हैं। वर्ष 2000 में ही भोजपुरी सिनेमा के प्राचीन इतिहास (1962-2000) पर किताब लिख ली थी। इनेक लेख धारावाहिक रूप में कई पत्र-पत्रिकाओं में छपते रहे। कई लोगों ने सिनेमा पर किये अपने शोध व पीएचडी में मनोज भावुक के रिसर्च को ही आधार बनाया है। पेंग्विन से भोजपुरी सिनेमा पर छपी अभिजीत घोष की अंग्रेजी किताब में भी भावुक के तमाम सिनेमा-लेखों व शोध-पत्रों का जिक्र है। ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ नाम की साढ़े चार सौ पृष्ठों की यह किताब पिछले साढ़े तीन साल से भोजपुरी-मैथिली अकादमी, दिल्ली के पास प्रकाशनाधीन है। इसमें मनोज ने 1931 से लेकर 2019 तक के भोजपुरी सिनेमा के सफर पर बात की है।

    मनोज भावुक ने फिल्मों में अभिनय भी किया है, गीत भी लिखे हैं …

    सौगंध गंगा मईया के और रखवाला नामक फिल्म में मनोज भावुक ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। इसके अलावा बहुत सारे टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंटरीज में भी काम किया है। मनोज बिहार आर्ट थियेटर, कालिदास रंगालय, पटना के टॉपर रहे हैं। मेंहदी लगा के रखना नामक एक फिल्म में मनोज का गीत खूब वाइरल हुआ – अँचरा छोड़ा के चल काहे दिहले एतना दूर ए माई ‘। मनोज ने भोजपुरी के लगभग सभी चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है और विविध विषयों कार्यक्रम बनायें हैं।

    सपना हुआ साकार…

    मनोज भावुक कहते हैं कि भोजपुरी इंडस्ट्री फ़िल्म फेयर और फेमिना तक पहुँच गई। यही आपने आप में बड़ी उपलब्धि है। फिल्मफेयर एवं फेमिना द्वारा सम्मान मिलना बड़ी बात है। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूँ।भोजपुरी साहित्य और सिनेमा, खासकर इतिहास लेखन के लिए पहली बार किसी फिल्म अवार्ड शो में मुझे सम्मानित किया गया है जबकि दो दशक से भी अधिक समय से मै इस इंडस्ट्री से जुड़ा हूँ और सभी आयोजक व स्टार्स मेरे काम को जानते हैं लेकिन यहाँ कलम की कीमत नहीं है। हालाँकि मै तो कलम के साथ कैमरा वाला भी हूँ। भोजपुरी इंडस्ट्री का शायद ही कोई बड़ा कलाकार होगा जिसका मैंने साक्षात्कार नहीं किया हो।इस सम्मान के लिए फिल्मफेयर एवं फेमिना के प्रति शुक्रगुजार हूँ और यह सम्मान भोजपुरी भाषा व भोजपुरी भाषियों को समर्पित है।

    कौन हैं मनोज भावुक ?

    मनोज भावुक यूके और अफ्रीका में इंजीनियरिंग की नौकरी को छोड़कर पूरी तरह से भोजपुरी हेतु प्रतिबद्ध एवं समर्पित हो चुके हैं। आपको भारतीय भाषा परिषद सम्मान (2006), पंडित प्रताप नारायण मिश्र सम्मान (2010), भिखारी ठाकुर सम्मान (2011), राही मासूम रज़ा सम्मान (2012), परिकल्पना लोक भूषण सम्मान, नेपाल (2013 ), अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी गौरव सम्मान, मॉरिशस (2014), गीतांजलि साहित्य एवं संस्कृति सम्मान, बर्मिंघम, यूके (2018 ), बिहारी कनेक्ट ग्लोबल सम्मान, दुबई (2019 ), कैलाश गौतम काव्यकुंभ लोकभाषा सम्मान (2022) जैसे अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

    अभिनय, संचालन एवं पटकथा लेखन आदि विधाओं में आपकी गहरी रुचि है। भोजपुरी जंक्शन नामक पत्रिका (ई-पत्रिका) का आप संपादन भी करते हैं। आप एक सुप्रसिद्ध कवि, कार्यक्रम प्रस्तोता व लोक मर्मज्ञ हैं। विश्व भोजपुरी सम्मेलन की दिल्ली और इंग्लैंड इकाई के अध्यक्ष रहे हैं। विश्व के लीजेंड्स को समर्पित अचीवर्स जंक्शन के निदेशक हैं। कई पुस्तकों के प्रणेता हैं। भोजपुरी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार हेतु विश्व के कई देशों की यात्रा की है। आप जी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो सारेगामापा (भोजपुरी) के प्रोजेक्ट हैड रहे हैं। आपने कई टीवी शोज, फिल्मों और धारावाहिकों में अभिनय किया है।

    मनोज बिहार के सिवान जिले के कौसड़ गाँव के रहने वाले हैं। इनके पिताजी स्वर्गीय रामदेव सिंह हिंडाल्को रेणुकूट, उत्तर प्रदेश के प्रथम मजदूर नेता रहे हैं और बड़े पिताजी जंग बहादुर सिंह आजादी के तराने गाने के लिए जेल जाने वाले 103 वर्षीय सुप्रसिद्ध देशभक्त लोक गायक हैं।

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  • Depression: Life में समस्याएं तो बहुत हैं पर निदान भी है, हारना नहीं जीतना सीखिए!

    Depression: Life में समस्याएं तो बहुत हैं पर निदान भी है, हारना नहीं जीतना सीखिए!

    डिप्रेशन (Depression) एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है जिसमें व्यक्ति को अवसाद, निराशा, निष्ठुरता, खुशी की कमी, अकारण रोना, आत्महत्या विचार, नींद की कमी, निर्माणशीलता में कमी, भूलने की समस्या, अनिर्णीत खान-पान और वजन कम होने की समस्या आदि के लक्षण होते हैं। यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या होती है जो व्यक्ति की दिनचर्या, सामाजिक संबंध और उनकी जीवनशैली को प्रभावित करती है।

    डिप्रेशन कई कारणों से हो सकती है, जैसे रोग, थकान, तनाव, संघर्ष, व्यक्तिगत और परिवारिक समस्याएं, दुखद घटनाएं, आत्मिकता की कमी, दवाओं का सेवन, अल्कोहल या मादक पदार्थों का सेवन, जीवनशैली में बदलाव, जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं की कमी आदि।

    इसे बचाने या कम करने के लिए निम्नलिखित कुछ सामान्य उपाय अपनाए जा सकते हैं:

    1. सही देखभाल: स्वस्थ आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।
    2. समर्थन ढूंढें: अपने परिवार और मित्रों के साथ अपने विचार और भावनाओं को साझा करें। आपका उनसे सहयोग और समर्थन मिल सकता है।
    3. दैनिक कार्यक्रम: अपने दिन की योजना बनाएं और अपनी दिनचर्या में नियमितता लाएं। यह आपको स्थिरता और आत्मविश्वास प्रदान कर सकता है।
    4. स्वयं की देखभाल: अपने आप को मनोरंजन करें, अपने पसंदीदा गतिविधियों के साथ समय बिताएं और स्व-देखभाल के लिए समय निकालें।
    5. सक्रिय रहें: निराशावादी भावनाओं से बाहर निकलने के लिए सक्रिय रहें। योग या मेडिटेशन, शौक के लिए समय निकालें और नयी सामग्री पढ़ें या सीखें।
    6. विशेषज्ञ सलाह: यदि आपको गंभीर डिप्रेशन के लक्षण हैं और उपरोक्त उपाय काम नहीं कर रहे हैं, तो एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से सलाह लेने की सलाह दी जाती है। वे आपको सही उपचार योजना बनाने और आपके लिए सहायता प्रदान कर सकते हैं।
  • बैंकों का मुनाफा बढ़ाने वाले कर्मचारियों का मुनाफा कब होगा?

    बैंकों का मुनाफा बढ़ाने वाले कर्मचारियों का मुनाफा कब होगा?

    #When will the employees who increase the profits of the banks get the profit:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार की पहल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मुनाफा पिछले नौ साल में तीन गुना बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 में लगभग तीन गुना बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो वित्त वर्ष 2014 में 36,270 करोड़ रुपये था। सरकार की ओर से की गई विभिन्न पहलों के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि उन राज्यों में ऋण मिलने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जहां ऋण लेने की गति राष्ट्रीय औसत से कम है, विशेष रूप से देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी हिस्सों मेंयह सही है कि सरकार की नीतियों के कारण आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्थिति काफी हद तक अच्छी हुईं है। लेकिन इसमें और भी बहुत से कारण और कर्मचारियों का योगदान है जिसे नकारा नहीं जा सकता। और यदि इन सभी कारणों पर ध्यान दिया जाए तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्थिति और बेहतर हो सकती है। बैंकों के इस तरह हो रहे सुधार और लाभ के बढ़ने के बाद सरकार को इन बैंकों के निजीकरण का विचार भी छोड़ देना चाहिएबैंकों में आज कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या में काफी कमी आयी है। जहाँ 2014 में 8.50 लाख वर्कफोर्स थी जो घटकर आज 7.70 लाख रह गई है। इसके विपरीत बैंकों का बिजनेस बढ़ा है, बैंक आज अच्छा खासा लाभ कमाने की स्थिति में हैं। क्या सरकार की सोच बैंको में वर्कफोर्स को कम करके एस्टेब्लिशमेंट कॉस्ट को कम करके प्रॉफिट बढ़ाना चाहती है, तो यह सरासर गलत है। यदि नहीं तो फिर बैंकों में नई भर्ती सही तरीके से क्यों नहीं हो रही। लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने माना कि जुलाई 2022 तक 12713 अधिकारी वर्ग के, 14226 क्लर्क और 11208 सब स्टाफ के पद खाली हैं। इसके विपरीत 2022 में अधिकारी वर्ग के 6615 और क्लर्कों के 6036 पदों के लिए आवेदन मांगे गए। बैंक कर्मचारी आज जिन परिस्थितियों और दबाव में काम कर रहे हैं उससे जहां उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है वहीं सैंकड़ों बैंक कर्मचारी अभी तक आत्महत्या कर चुके हैंबैंकों की वर्कफोर्स के अनुपात में भी बहुत ज्यादा अंतर है। बैंकों का टॉप भारी होता जा रहा है और निचले लेवल पर वर्कफोर्स (क्लर्क और सब स्टाफ) की बहुत कमी है। बैंकों में सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मचारियों की भर्ती तो बिलकुल बंद है और इन कामों को आउटसोर्स किया जा रहा है । यदि वर्कफोर्स के अनुपात को ठीक किया जाए तो जहां एक और ग्राहक सेवा में सुधार हो सकता है, ऋण देने और रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आ सकती है और एस्टेब्लिशमेंट कॉस्ट भी कम हो सकती है जिससे बैंकों का प्रॉफिट और बढ़ सकता है।

    बैंक आजकल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा आधारित होते जा रहे हैं जबकि कोई भी बैंक व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा आधारित न होकर बैंक की दीर्धकालीन पालिसी और विकास की योजनाओं के अनुरूप होना चाहिए। बैंकों में प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक और बोर्ड के सदस्य बहुत कम समय के लिए रहते हैं और किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा बैंकों के दीर्धकालीन पालिसी और विकास की योजनाओं पर असर करती है। एक प्रबंध निदेशक के जाने के बाद जो भी नया प्रबंध निदेशक आता है वो अपना व्यक्तिगत एजेंडा लागू करना चाहता है । जिससे बैंक की विकास प्रक्रिया में बाधा आती है और बार बार बैंक की सरंचना को बदलने से बैंकों का काफी खर्चा भी होता है । यदि वित् मंत्रालय का सभी बैंकों में एक जैसी सरंचना का आदेश है तो कोई भी बैंक कैसे इसका उलंघन करता है। सरकार इस पर ध्यान देकर भी बैंकों के प्रॉफिट को और बढ़ा सकती है ।

    बैंक कर्मचारी लम्बे समय से बैंकों में 5 दिन की बैंकिंग की मांग कर रहे हैं। जोकि आज के टेक्लोनोजी के युग के अनुसार भी आवश्यक है। इससे जहाँ कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी, पर्यावरण को भी इसका लाभ होगा वहीं बैंकों की एस्टेब्लिशमेंट कॉस्ट कम होगी और बैंकों का प्रॉफिट भी बढ़ेगा।

    बैंकों में एक और बड़ी समस्या है, हर वर्ष बड़े पैमाने में होने वाले ट्रांसफर्स। बैंकों में हर वर्ष देश के एक कोने से दूसरे कोने में हजारों ट्रांसफर होते हैं जिससे जहां बैंकों का बड़ा खर्चा होता है वहीं ट्रांसफर्स होने के कारण वर्कफोर्स भी परेशान होती है। कई बार तो बैंक सरकार द्वारा निर्धारित पति पत्नी को एक स्थान पर ट्रांसफर के नियम का भी उलंघन करते हैं जिससे कई परिवार टूटने की सीमा तक पहुँच जाते हैं। बहुत बार बैंकों में उच्च अधिकारी ट्रान्सफर को टूल की तरह भी इस्तेमाल करते हैं, और उनके गलत आदेश न मानने वाले कर्मचारियों अधिकारीयों को दूर दूर ट्रान्सफर की धमकी देते हैं और ट्रान्सफर भी क्र देते हैं । सभी बैंकों में उचित यूनिफॉर्म ट्रांसफर्स पालिसी बनाकर एक बड़े खर्चे को कम करके भी प्रॉफिट को बढ़ाया जा सकता है।

    आज लगभग 5 लाख से ज्यादा बैंक पेंशनर्स हैं जिन्होंने बैंकों के लिए अपना पूरा जीवन दिया और अपने जीवन की जमा पूंजी इन्ही बैंकों में रखी हुई है। ये लोग आज भी बैंकों के ब्रैंड एम्बेसडर की भूमिका में हैं, लेकिन सरकार का इनकी तरफ ध्यान नहीं है। पेंशनर्स की न तो पेंशन रिवाइज़ होती है और न ही इनके लिए अच्छी मेडिकल सुविधाएं हैं। मेडिकल के नाम पर मेडिक्लेम है जोकि बहुत ही महँगा है। यदि सरकार और बैंक इन पेंशनर्स की तकलीफ को समझें और उनकी मांगों पर विचार करें तो आज भी बैंकों के रिटायर्ड और पेंशनर्स बैंकों के विकास में और अच्छी तरह से अपना सहयोग कर सकते हैं ।

    वॉयस ऑफ़ बैंकिंग ने वित् मंत्री जी को पत्र लिखकर इन सभी बिन्दुओं से अवगत कराया है। वॉयस ऑफ़ बैंकिंग का मानना है की यदि सरकार इन सुझावों पर सकारत्मक विचार करती है तो निश्चित रूप से बैंकों के प्रॉफिट में और वृद्धि होगी । सरकार को बैंकों के निजीकरण के फेसले को भी वापिस लेना चाहिए ।

    लेखक
    अशवनी राणा
    फाउंडर,
    वॉयस ऑफ बैंकिंग

  • योगी आदित्यनाथ ने की नौ देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा, समृद्ध हुआ गोरक्षपीठ का देवलोक

    योगी आदित्यनाथ ने की नौ देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा, समृद्ध हुआ गोरक्षपीठ का देवलोक

    गोरखपुर, 21 मई। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के कर कमलों से विधि विधान पूर्वक नौ नवीन मंदिरों में देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के साथ गोरक्षपीठ का देवलोक और समृद्ध हो गया। प्राण प्रतिष्ठा का यह अनुष्ठान श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीमद्भागवत महापुराण कथाज्ञानयज्ञ की पूर्णाहुति के संगम पर पूर्ण हुआ।

    गोरखनाथ मंदिर में बने नौ नए मंदिरों में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के लिए धार्मिक अनुष्ठान दो चरणों में 8 मई को ही प्रारंभ हो गए थे। प्रथम चरण में श्रीशिव महापुराण की कथा हुई तो दूसरे चरण में 15 मई से श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीमद्भागवत महापुराण कथाज्ञानयज्ञ का आयोजन हुआ। प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान पूर्ण करने के लिए मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को ही गोरखनाथ मंदिर आ गए थे। तब से वह लगातार सभी अनुष्ठानिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। रविवार को उन्होंने श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देव विग्रहों का पूजन करते हुए प्राण प्रतिष्ठा की। विविध वाद्य यंत्रों और बैंड बाजे पर भक्तिमय धुन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा देवी देवताओं की प्रतिमाओं का पट अनावरण होने के साथ ही समूचा मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंज उठा।

    प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथाज्ञानयज्ञ का भी विश्राम हुआ। विश्राम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यासपीठ का पूजन किया और आरती उतारी। इस अवसर पर उन्होनें कथा व्यास श्रीधाम वृंदावन से पधारे डॉ श्याम सुंदर पाराशर का अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। कहा कि कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत को सम सामायिकता से जोड़कर कथा का मर्म समझाया। उन्होंने मंदिर निर्माण, देव विग्रहों के निर्माण में योगदान देने वाले आर्किटेक्ट, शिल्पकार, राजगीर, मजदूर सभी के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए सबके योगदान की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ व सभी देवी-देवताओं से सभी नागरिकों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

    स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने का किया अनुरोध
    मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से अनुरोध किया कि वे मंदिरों में भी स्वच्छता के प्रति आग्रही बनें। विग्रहों में देवत्व के भाव को अंतःकरण में धारण करने का प्रयास करें।

    शिल्पकारों व आर्किटेक्ट को सीएम ने किया सम्मानित
    सीएम योगी ने इस अवसर पर नवीन मंदिरों के निर्माण में योगदान देने वाले आर्किटेक्ट अनुपम अग्रवाल व संगमरमर से बने देव विग्रहों का मूर्त रूप देने वाले शिल्पकार पिता-पुत्र, जयपुर के मुकेश कुमार जैमिनी व शिवम कुमार जैमिनी को कथा मंच पर सम्मानित किया।
    इस अवसर पर बाबा मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर रोहतक के महंत एवं अलवर के सांसद योगी बालकनाथ, अयोध्या से आए जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य, सुग्रीव किलाधीश अयोध्या के स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, अशर्फी भवन अयोध्या के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य, अमृतनाथ मठ फतेहपुर शेखावटी के महंत नरहरिनाथ, नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत बड़ी संख्या में साधु संत, यजमानगण व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    इन नव निर्मित मंदिरों में सीएम योगी ने की प्राण प्रतिष्ठा
    श्री हनुमान जी, श्री राम दरबार, श्री राधाकृष्ण, श्री दशावतार विष्णु जी, श्री नवग्रह मंदिर, श्री संतोषी माता जी, श्री छट्ठी माता जी, श्री हट्ठी माता जी एवं श्री बाल देवी जी।

    मंदिर के भंडारा में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
    प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में गोरखनाथ मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

  • BCR Global Iconic Award 2022 : कलाकार, पत्रकार और समाज में शानदार काम करने वालों का हुआ सम्मान, सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने दिया अवार्ड

    BCR Global Iconic Award 2022 : कलाकार, पत्रकार और समाज में शानदार काम करने वालों का हुआ सम्मान, सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने दिया अवार्ड

    नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित ‘११वां बीसीआर ग्लोबल आइकोनिक अवार्ड 2022’ सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माननीय रामचन्द्र जांगड़ा ने दिल्ली सहित देश की अनेकों विशिष्ट विभूतियों को प्रमाणपत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर BCR Global Iconic Award 2022 से सम्मानित किया गया।

    आयोजक वरिष्ठ संपादक एवं फिल्म अभिनेता, निर्माता-निर्देशक अजय शास्त्री और मुख्य अतिथि सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने समारोह में बाल कलाकार रिदम, सिंगर व अभिनेता सिंकंदर राजा हसन, एंकर सुयश शर्मा, अभिनेता सलत गुलाबभाई, अभिनेत्री सिद्धि सोनी, अभिनेता देव गौर, अभिनेत्री अंजलि शास्त्री, अभिनेत्री गरिमा सिंह, अभिनेता मोहित कुमार, सिंगर रूबल कौर, यंगेस्ट फोटोग्राफर कृष गुप्ता, वूडन क्राफ्ट आर्टिसन आदिमूलम ईश्वराचारी, सुरेश थोमॉस, मनीष जांगड़ा अश्वनी जांगड़ा, डॉ. एमसी शर्मा, डॉ. सलोनी सिन्हा, फैशन डिज़ाइनर रचना शर्मा, डॉ. बीएस तोमर, सोशल वर्कर आरएस तुषीर, रीना गुप्ता, दीपक जैन, सुरवारपु कनकदुर्गा, लक्कोजू सुजाता, गोनुगुंतला सुब्बाराव, के. बंगारू बाबू (नेशनल प्रेजिडेंट ऑफ़ आर्टिसन डेवलपमेंट फाउंडेशन), डॉ. हेमसुन्दर कोलापुन्डी, जादूगर अमर सिंह, सीनियर जर्नलिस्ट दिनेश गौर, सतबीर पांचाल विश्वकर्मा, पत्रकार हाजी निसार मलिक, पत्रकार लखन सिंह, पत्रकार नय्यर अली जैदी, पत्रकार विपिन भदौरिया, संपादक अब्दुल सलाम, संपादक अखिलेश चौबे, संपादकआशा यादव, संपादक छोटेलाल शर्मा, संपादक संजय त्यागी, संपादक हरीश विश्वकर्मा, संपादक अशोक कौशिक, विनीत शर्मा, संपादक सुरेंद्र कुमार, संपादक प्रमोद यादव, मानवेन्द्र कुमार, विनय कुमार विश्वकर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, फिल्म निर्माता अरविन्द राठौड़, कोरियोग्राफर ऋतुराज, सीनियर जर्नलिस्ट अमरेंद्र गुप्ता, संपादक विकास राज तिवारी, कैलाश आडवाणी, रवि शर्मा, पत्रकार अनुराग भदौरिया आदि को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए विभूषित किया गया।

    राजयसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान करना समाज और सरकार का प्रमुख कर्तव्य है। माननीय सांसद ने कार्यक्रम के संयोजक अजय शास्त्री द्वारा किए जा रहे इस तरह के सहनीय कार्यों व प्रयासों को सराहनीय और समाज के लिए अनुकरणीय बताया। सांसद जी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजक अजय शास्त्री ने सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया।

     

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जी-20 के आयोजन के अन्तर्गत ‘प्रथम डिजिटल  इकोनाॅमी वर्किंग ग्रुप’ की बैठक का शुभारम्भ किया

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जी-20 के आयोजन के अन्तर्गत ‘प्रथम डिजिटल इकोनाॅमी वर्किंग ग्रुप’ की बैठक का शुभारम्भ किया

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज की आवश्यकता है। इसके माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था बनाकर प्रत्येक नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य किया जा सकता है। भारत में विगत 09 वर्षाें के दौरान तकनीक के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हुआ है। इसने 140 करोड़ देशवासियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन करने का कार्य भी किया है। यह दुनिया के देशों के लिए एक उदाहरण है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने गवर्नेंस के विभिन्न आयामों में अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटाइजेशन को अपनाया है। इसके माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। अनेक क्षेत्रों में तकनीक के प्रयोग से कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है। भारत की कुल आबादी का लगभग हर छठा व्यक्ति उत्तर प्रदेश में निवास करता है। तकनीक का प्रयोग करते हुए इतनी बड़ी आबादी के लिए पारदर्शी तरीके से कार्य किया जा रहा है। तकनीक के बेहतर प्रयोग से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन सम्भव हुआ है।
    मुख्यमंत्री जी आज यहां जी-20 के आयोजन के अन्तर्गत ‘प्रथम डिजिटल इकोनाॅमी वर्किंग ग्रुप’ बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर बैठक का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री जी ने भारत के हृदय स्थल तथा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जी-20 के सदस्य देशों तथा आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। यह देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। यहां 25 करोड़ लोग निवास करते हैं। भारत की सबसे उर्वरा भूमि तथा सबसे अच्छा जल संसाधन प्रदेश में है। देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 11 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है, लेकिन इस भूमि से देश के 20 प्रतिशत खाद्यान्न का उत्पादन होता है। देश में सर्वाधिक आबादी का राज्य होने के साथ ही प्रदेश में सर्वाधिक युवा शक्ति भी है। प्रदेश में आधुनिक अर्थव्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण एम0एस0एम0ई0 की 96 लाख इकाइयां मौजूद हैं। लखनऊ पौराणिक और ऐतिहासिक भूमि के रूप में जाना जाता है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में तकनीक के लाभ का एक बड़ा उदाहरण देश की सबसे बड़ी खाद्यान्न वितरण योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी0डी0एस0) के माध्यम से देखा जा सकता है। राज्य में 80 हजार उचित मूल्य दुकानों (फेयर प्राइस शाॅप) में ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से माॅनिटरिंग करते हुए 15 करोड़ लोगों को पी0डी0एस0 से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। तकनीक के प्रयोग से 1200 करोड़ रुपए की वार्षिक बचत इस कार्य में हो रही है। सदी की सबसे बड़ी महामारी कोविड-19 के दौरान प्रदेश के निवासियों को अब तक वैक्सीन की 40 करोड़ डोजेज उपलब्ध करायी जा चुकी हैं। राज्य में सवा 06 करोड़ कोविड टेस्ट किये जा चुके हैं। डिजिटल प्लेटफाॅर्म के उपयोग से प्रदेश में सभी ओर परिवर्तन दिखायी दे रहा है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश ने आजादी के अमृतकाल के प्रथम वर्ष में प्रवेश किया है। यह सौभाग्य का क्षण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत को दुनिया के 20 प्रतिष्ठित देशों के समूह की अध्यक्षता करने का अवसर प्राप्त हुआ है। विगत 09 वर्षाें में वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। जब भी दुनिया को एक नई दिशा देने का अवसर आया है, प्रधानमंत्री जी ने दुनिया के देशों के नेतृत्व के साथ मिलकर अपनी भूमिका का निर्वहन किया है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तकनीक के प्रयोग से प्रदेश के 02 करोड़ 60 लाख किसानों को पी0एम0 किसान सम्मान निधि तथा 01 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों तथा दिव्यांगजनों को पेंशन की सुविधा डी0बी0टी0 के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही है। राज्य के 01 करोड़ विद्यार्थियों को स्काॅलरशिप की सुविधा डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके खातों में उपलब्ध करायी जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के 01 करोड़ 91 लाख छात्र-छात्राओं को यूनिफाॅर्म, बैग, जूते-मोजे तथा स्वेटर के क्रय के लिए डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि उनके अभिभावकों के खातों में प्रेषित की जा रही है। प्रदेश के 02 करोड़ युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए उन्हें टैबलेट/स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ई-आॅफिस प्रणाली लागू होने से सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आयी है। अब कृषि, जलसंसाधन तथा युवा शक्ति के साथ ही नई अर्थव्यवस्था के रूप में भी प्रदेश की दुनिया में पहचान बनी है। विगत 10 से 12 फरवरी तक प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। 40 देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रदेश में 33 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसकेे लिए राज्य सरकार ने तकनीक को अपनाया। प्रदेश में होने वाले किसी भी एम0ओ0यू0 की माॅनिटरिंग के लिए ‘निवेश सारथी’, सिंगल विण्डो सुविधा के लिए ‘निवेश मित्र’ तथा शासन की नीतियों के अन्तर्गत इन्सेन्टिव प्राप्त करने हेतु इन्सेन्टिव माॅनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को डिजिटल प्लेटफाॅर्म उपलब्ध कराया गया।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में व्यापक निवेश हो रहा है। राज्य अपने डिजिटल प्लेटफाॅर्म के माध्यम से दुनिया के सामने नई अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। आज भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था के रूप में जो प्रगति की है, वह दुनिया के लिये मार्गदर्शक हो सकती है। इस वर्ष जी-20 की थीम ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ है। यह भारत के प्राचीन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव से हमें जोड़ती है। भारतीय मनीषा ने सदैव कहा कि ‘अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम’। यह दुनिया के बारे में भारत की सोच को प्रदर्शित करता है। डिजिटल इकोनाॅमी ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव के साथ पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
    मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जी-20 की यह बैठक कुछ नये मुद्दों को लेकर आगे बढ़ेगी और इसके माध्यम से मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
    केन्द्रीय रेल, संचार एवं इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है। ए0आई0, 5-जी तथा क्वाण्टम तकनीक आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगी। ऐसे समय में भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री जी के विजनरी नेतृत्व में भारत ने डिजिटल इकोनाॅमी के लिए विशिष्ट फ्रेमवर्क बनाए हैं। इनका फोकस सभी नागरिकों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने पर है।
    केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री श्री महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अलग पहचान बनायी है। डिजिटल तकनीक जी-20 देशों के आर्थिक रूपान्तरण की आधारशिला रही है। शासन से लेकर कारोबार तथा सेवाओं और उत्पादों की प्रभावशीलता एवं दक्षता बढ़ाने के लिए इन तकनीकों को अपनाया गया है।
    केन्द्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमने विगत वर्षों में देखा है कि तकनीक न केवल नवप्रवर्तन तथा सफल बनने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह आधारभूत स्तर पर लोगों की जिन्दगी भी बदल सकती है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री जी ने डिजिटल इण्डिया की शुरूआत की थी। प्रधानमंत्री जी तकनीक के माध्यम से लोगों को सशक्त करने, इस क्षेत्र में व्यापक अवसरों का निर्माण करने तथा तकनीक को सबके लिए सुलभ बनाये जाने के लक्ष्य रखे थे।
    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, भारत सरकार के इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अलकेश कुमार शर्मा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री अमृत अभिजात, लखनऊ की मण्डलायुक्त श्रीमती रोशन जैकब, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जी-20 देशों तथा आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि, एकेडमिया, उद्योग तथा स्टार्टअप के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • संसद में ‘पठान’ की गुंज, पीएम मोदी ने कहा कश्मीर में तो कमाल हो गया

    संसद में ‘पठान’ की गुंज, पीएम मोदी ने कहा कश्मीर में तो कमाल हो गया

    बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म ‘पठान (Pathaan)’ का आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है। जहां फिल्म ने रिलीज के 14 दिन बाद बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर दिया है तो वहीं वर्ल्डवाइड स्तर पर भी फिल्म ने 850 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। ‘पठान’ को मिल रहे इस जबरदस्त रिस्पांस से मेकर्स के साथ-साथ फैंस भी काफी खुश हैं। वहीं अब ‘पठान’ की सफलता की गूंज संसद तक भी पहुंच गई है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ का नाम लिए बिना ही फिल्म की खूब तारीफ की।

    पीएम मोदी ने की ‘पठान’ की तारीफ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ की तारीफों के पुल बांध दिए। उन्होंने कहा, “श्रीनगर के अंदर दशकों बाद थिएटर हाउसफुल रहे हैं।” ‘पठान’ को मिली पीएम मोदी की इस सराहना से शाहरुख खान के फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग फिल्म की मिल रही इस सराहना को लेकर शाहरुख खान की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

  • Union Budget 2023: उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा बजट- डॉ. डी के गुप्ता

    Union Budget 2023: उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा बजट- डॉ. डी के गुप्ता

    Union Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में हेल्थ सेक्टर पर विशेष जोर दिया है। यही नहीं राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक खुला मंच तैयार किया जाएगा। फेलिक्स अस्पताल के डॉ. डीके गुप्ता का कहना है कि बजट में प्राविधान है कि 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। साल 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए मिशन स्थापित किया जाएगा। प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में 40 साल तक के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। सरकार इस बीमारी (एनीमिया) को खत्म करने को लेकर काफी अलर्ट मोड में है। फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान के लिए नए कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।अनुसंधान में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सार्वजनिक और निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा अनुसंधान के लिए आईसीएमआर की चुनिंदा प्रयोगशालाओं में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्रीय बजट 2022-23 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को 86,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वित्त वर्ष 2020-21 में 73,932 करोड़ रुपये की तुलना में यह लगभग 16.5 प्रतिशत की वृद्धि थी। स्वास्थ्य प्रदाताओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की डिजिटल रजिस्ट्रियां, यूनिक स्वास्थ्य पहचान और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच शामिल होगी। यह बजट देश में मेंटल हेल्थ को मजबूत करने, रिसर्च को बढ़ाने, आम जन तक उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा। मौजूदा वक्‍त में महामारियों से निपटने के लिए उच्च स्तरीय देखभाल अस्पतालों की आवश्यकता है। हमें स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को उन्नत करने, नई तकनीकों का विस्तार करने, अनुसंधान पर जोर देने की आवश्यकता है ताकि इस क्षेत्र में अधिक आत्‍मनिर्भरता आ सके। हमें इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग की आवश्यकता है। हमें कोरोना जैसी महामारियों के लिए बहुत अच्छी तरह से तैयार रहना होगा। इसके लिए स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत है। स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में मजबूती के लिए हमें कुशल जनशक्ति की भी आवश्यकता है। आप बजट को देखें तो स्वास्थ्य सेवा का जिक्र बहुत कम है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह संख्या एक से भी कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जो स्टैंडर्ड तय किए हैं, यह उससे बेहद कम है। देश डॉक्टरों की भारी किल्लत से जूझ रहा है। 2018 में देश में महज एक लाख 14 हज़ार एलोपैथिक डॉक्टर थे। इसी तरह नर्सों और दूसरे मेडिकल प्रोफेशनल्स की भी कमी है। हाल ही में मेडिकल स्टूडेंट्स की सीटें बढ़ाने के लिए कुछ क़दम उठाए गए हैं। बड़े शहरों में तो अस्पताल सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टरों में हैं। लेकिन, मझोले और छोटे शहरों में मुश्किल आती है। वहां प्राइवेट सेक्टर को अस्पतालों में निवेश करने के लिए लुभाना होगा। दवाओं का कच्चा माल, मेडिकल उपकरण, ये सब पूरी तरह देश में ही बनें, इसके लिए निवेश चाहिए। हेल्थकेयर एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें तकनीक लगातार बदलती रहती है। रोज नए प्रॉडक्ट सामने आते रहते हैं यानी इस सेक्टर से जुड़े लोगों का स्किल्ड होना बेहद जरूरी है। हेल्थकेयर की ट्रेनिंग में कंपनियां अपना खर्च बढ़ाएं। इंडस्ट्री इस पर प्रोत्साहन देने की मांग कर रही है। हेल्थकेयर का सिस्टम आपस में कनेक्टेड भी होना चाहिए। सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ डायग्नोस्टिक सेंटरों का जो भी डेटा हो, वो रियल टाइम में एक डेटा सेंटर के अंदर पहुंचे। इससे बीमारी के पैटर्न में किसी भी बदलाव पर नजर रखी जा सकेगी। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की पहल इसी दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि आने वाले बजट में इसको मजबूत करने का इंतजाम होगा। भारत की एक बड़ी आबादी के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। हालांकि आयुष्मान योजना से हालात बदल रहे हैं। इसका लाभ समाज के गरीब वर्गों को मिल रहा है। सेहत के लिए सबसे जरूरी यह है कि लोगों को साफ पानी मिले। लोग जहां रहते हैं, वहां सफाई हो।

  • India Business Award 2023: ग्रेटर नोएडा में होगा बॉलीवुड के दिग्गजों का जमावड़ा, शानदार होगी शाम

    India Business Award 2023: ग्रेटर नोएडा में होगा बॉलीवुड के दिग्गजों का जमावड़ा, शानदार होगी शाम

    India Business Award 2023: सेक्टर 29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में एमएमवाई प्रोडक्शन हाउस द्वारा “इंडिया बिजनेस अवॉर्ड्स 2023” की घोषणा के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। एमएमवाई प्रोडक्शन हाउस के निदेशक मोहम्मद फैजान एंड संजय शर्मा ने बताया कि 4 फरवरी को आयोजित होने वाले ‘इंडिया बिजनेस अवॉर्ड्स 2023’ में बहुत कुछ खास होने वाला है, ग्रेटर नोएडा के पांच सितारा होटल में इस अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन होगा जिसकी तैयारियां शुरु हो चुकी है।
    मोहम्मद फैजान का मानना है कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है ऐसे में मोदी जी का विजन ‘मेड इन इंडिया’ अब साकार होने लगा है और पूरे विश्व में भारत के उद्योग धंधे और विकास की चर्चा है जिसको साकार किया है भारतवर्ष के तमाम बिजनेस पर्सनैलिटी ने, इन्हीं बिजनेस पर्सनैलिटी को सम्मानित करने के लिए एमएमवाई प्रोडक्शन हाउस द्वारा “इंडिया बिजनेस अवार्ड 2023” का आयोजन किया जा रहा है इसमें पूरे भारतवर्ष के बिजनेस पर्सनेलिटीज के साथ-साथ अलग अलग क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाले लोगों को इस IBA अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अवॉर्ड शो में मुख्य अतिथि के रूप में जानी मानी फिल्मी हस्तियां जयाप्रदा, रिमी सेन, शक्ति कपूर, गुलशन ग्रोवर, भाग्यश्री एवं द ग्रेट खली उपस्थिति रहेंगें। इस अवार्ड समारोह में हम विभिन्न कैटेगरी जैसे फैशन, रियल स्टेट, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल्स, शिक्षा, मीडिया हेल्थ केयर, फूड कैफे आदि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ऐसी छिपी हुई प्रतिभाओं को देशभर से खोज कर ला रहे है, और ऐसी प्रतिभाओं को आईबीए अवार्ड 2023 से सम्मानित करेंगें ताकि यह प्रतिभाए देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बने।
    उन्होंने बताया कि इस अवार्ड तक पहुंचने के लिऐ सभी अवॉर्डीस ने सालों साल कड़ी मेहनत की है। इस अवार्ड समारोह का प्रसारण टीवी पर होगा ताकि दर्शक इस अवॉर्ड समारोह को अपने घर बैठे देख सके। उनके अनुसार इस अवार्ड समारोह में पूरे भारत से लगभग 200 संस्थान ओर व्यक्ति सम्मिलित होंगे।

  • ‘भारत एक्सप्रेस’ वाले उपेंद्र राय को मिला सौरभ सिन्हा का साथ, मार्केट में चैनल स्थापित करेगा नया बेंचमार्क!

    ‘भारत एक्सप्रेस’ वाले उपेंद्र राय को मिला सौरभ सिन्हा का साथ, मार्केट में चैनल स्थापित करेगा नया बेंचमार्क!

    भारतीय टेलीविजन मीडिया इंडस्ट्री की दिग्गज शख्सियत सौरभ सिन्हा भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के बढ़ते कारवां में शामिल होकर बतौर मेंटॉर और एडवाइजर जुड़ गए हैं. सौरभ सिन्हा आजतक, जी न्यूज, स्टार, सीएनबीसी आवाज़, स्टार स्पोर्ट्स की लॉन्चिंग में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

    सौरभ सिन्हा की पहचान देश में 24 घंटे न्यूज चैनलों के संस्थापक सदस्य के रूप में है. सौरभ सिन्हा को टीवी मीडिया को सजाने-संवारने का एक लंबा अनुभव रहा है. देश के प्रमुख न्यूज चैनलों का संस्थापक सदस्य रहते हुए इन्होंने मील का पत्थर माने जाने वाले कई फैसले लिए. इन्होंने देश के पहले 24 घंटे के समाचार चैनल जी न्यूज को एक मुकाम तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया. इनके नेतृत्व में बने कार्यक्रम आज भी टीवी चैनलों पर बरकरार हैं. ट्रेंड सेटर के तौर पर इनकी पहचान रही है.

    न्यूज चैनलों पर न्यूज 100, कौन बनेगा मुख्यमंत्री सरीखे लोकप्रिय कार्यक्रम और सीएनबीसी आवाज के स्टॉक 20-20 जैसे शो इनके दिमाग की उपज हैं. इसके अलावा प्रो कबड्डी लीग, इंडियन हॉकी लीग, इंडियन सॉकर लीग के साथ अन्य टीवी और डिजिटल दुनिया प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट शुरू करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई.

    सौरभ सिन्हा के लिए अपने स्वागत संबोधन में भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन, एमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने उनको भारतीय टेलीविजन मीडिया के चंद प्रतिभाशाली लोगों में से एक बताया. उन्होंने कहा, “खुद मैंने सौरभ सिन्हा से बहुत कुछ सीखा है. खबरों को लेकर इनका जुनून इन्हें मीडिया में विशेष पहचान दिलाता है. समूचे टीवी पत्रकारिता के क्षेत्र में सिर्फ दो लोग इनसे सीनियर हैं जो आज भी सक्रिय हैं, वो हैं उदय शंकर और संजय पुगलिया. इनके जुड़ने से चैनल को नई धार मिलेगी और हम लोग जल्द ही देश के सर्वश्रेष्ठ चैनलों में शुमार होंगे.”

    निश्चित रूप से सौरभ सिन्हा जैसे दिग्गज की नई पारी की खबर से मीडिया जगत में चारों तरफ भारत एक्सप्रेस की चर्चा है. जानकारों का मानना है कि सिन्हा के नेतृत्व में भारत एक्सप्रेस जल्द ही स्थापित चैनलों की फेहरिश्त में अपना नाम दर्ज करवा लेगा.