Category: समाचार

  • कब आ सकती कोरोना की चौथी लहर और होगी कितनी खतरनाक!

    नई दिल्ली। लुधियाना के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीएमसीएच) ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर भविष्यवाणी की है। सीएमसीएच ने उपलब्ध डेटा के आधार पर कहा कि मई के आरंभ में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना है और यह लगभग 6 सप्ताह तक बनी रह सकती है। इस भविष्यवाणी में शामिल एक डॉक्टर ने कहा कि ओमिक्रॉन के BA 1 वेरिएंट की वजह से कोरोना की तीसरी लहर आई थी जो दिसंबर से मध्य फरवरी तक चली। BA 2 वेरिएंट की वजह से पंजाब में चौथी लहर आने की संभावना है जो मई से मध्य जून तक बनी रह सकती है।

    कोरोना की चौथी लहर में भी तीसरी लहर की तरह स्थितियां समान होने की संभावना है, क्योंकि दोनों वेरिएंट एक ही तरह से व्यवहार करते हैं और समान गति से लोगों को संक्रमित करते हैं, हालांकि BA 2 वेरिएंट मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है जबकि BA. 1 वेरिएंट गले को प्रभावित करता था। उन्होंने कहा कि यदि BA 2 वेरिएंट फेफड़ों को प्रभावित करता है तो रोग की गंभीरता डेल्टा स्ट्रेन के समान होगी। हालांकि यह दूसरी लहर जितना गंभीर ननहीं होगा क्योंकि टीकाकरण का दायरा काफी बढ़ गया है।

  • यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजे जाएंगे सिंधिया-रिजिजू समेत चार केंद्रीय मंत्री

    नई दिल्ली: यूक्रेन संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में वहां पर फंसे भारतीयों की चिंता भी बढ़ रही है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फिर से उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की निकासी के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में भेजा जा सकता है।

    न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू व जनरल वीके सिंह को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजा जा सकता है। ये मंत्री निकासी मिशन के लिए अन्य देशों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और वहां फंसे भारतीय छात्रों की मदद करने के का काम करेंगे। 

    अब तक 1100 से ज्यादा भारतीय छात्रों की हुई वापसी

    भारतीय छात्रों की निकासी के लिए सरकार की ओर से ऑपरेशन गंगा की शुरुआत की गई थी। इस मिशन के तहत अभी तक पांच फ्लाइट यूक्रेन में फंसे छात्रों को लेकर दिल्ली लौट चुकी हैं। सोमवार सुबह ही एक फ्लाइट 249 छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंची। इससे पहले 26 फरवरी को एक और 27 फरवरी को तीन फ्लाइट दिल्ली लौटी थीं। इन्हें रोमानिया के रास्ते दिल्ली लाया गया है। अब तक करीब 1100 छात्रों को यूक्रेन से निकाला जा चुका है। 

     

  • दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को इन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए मुफ्त में मिलेगी कोचिंग

    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को NEET और JEE जैसी प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करेगी। इसकी जानकारी बुधवार को अधिकारियों ने दी। शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए ‘अवंती फेलो’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। दिल्ली के डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि पहले वर्ष सरकार कक्षा 11-12 के चयनित छह हजार छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से चयनित छात्रों को मुफ्त कोचिंग का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले यह मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम कुछ स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया था।

    इसके परिणाम अच्छे आने पर अब सरकार प्रदेश भर के उन छात्रों को फ्री में कोचिंग उपलब्ध कराएगी जो इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में अपना करियर बनाने के इच्छुक हैं।

    मनीष सिसोदिया ने बताया पायलट प्रोजेक्ट के तहत एससी और एसटी वर्ग की 160 से अधिक लड़कियों को विशेषज्ञों द्वारा एनईईटी के लिए मुफ्त कोचिंग मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई बच्चे डाक्टर और इंजीनियर बनने के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा या इंजीनियरिंग संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखते हैं। लेकिन उनके माता-पिता महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे गरीब बच्चों का सपना अब दिल्ली सरकार पूरा करने में मदद करेगी।

    बता दें कि वर्तमान समय में दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में 30,000 से अधिक छात्र साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। नि: शुल्क परीक्षा तैयारी कार्यक्रम इन छात्रों को एसटीईएम आधारित क्षेत्रों, इंजीनियरिंग, एमबीबीएस/बीडीएस, फार्मेसी, नर्सिंग, पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों और अनुसंधान कार्यक्रमों में शीर्ष स्नातक कार्यक्रमों और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने और एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

     

  • दिल्ली-एनसीआर में डीजल जेनरेटर चलाने पर लगी रोक हटी

    नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) की सब कमेटी की 12वीं बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में डीजल जेनरेटर (डीजी सेट) पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा ली गई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है।सीपीसीबी के सदस्य सचिव डा. प्रशांत गार्गवा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सदस्य सचिव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तेज गति से हवा चलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है। साथ ही अब ज्यादा ठंड का भी खत्म हो गया है। ऐसे में अब वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति लगातार बेहतर ही रहेगी। कम से कम अब बहुत खराब श्रेणी नहीं आएगी।

    इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए डीजी सेट पर लगी रोक सहित बहुत खराब श्रेणी के प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। साथ ही आदेश दिए गए हैं कि प्रदूषण रोकने के लिए संबंधित एजेंसियां पहले की भांति कार्य करती रहेंगी ताकि प्रदूषण की स्थिति दोबारा से न बिगड़े। इसके तहत हॉट स्पॉट पर प्रदूषण न बढ़े, इसके लिए प्रयास जारी रहेंगे। औद्योगिक क्षेत्रों के प्रदूषण, खुले में कचरा जलाने, थर्मल पावर प्लांटों के प्रदूषण की रोकथाम के उपाय सहित 15 दिन में सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग भी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    मालूम हो कि ग्रेप 15 अक्टूबर से 15 मार्च तक लागू रहता है। बहुत खराब श्रेणी के वायु प्रदूषण के दौरान अन्य प्रतिबंधों में पार्किंग शुल्क चार गुना तक बढ़ाए जाने का भी प्रविधान है।

  • नोएडा में चोरी करने आए हिस्ट्रीशीटर को लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला

    नोएडा। सेक्टर-63 कोतवाली क्षेत्र स्थित चोटपुर कालोनी में बुधवार की सुबह अपने साथियों के साथ चोरी करने पहुंचा हिस्ट्रीशीटर भागने के दौरान सीढ़ियों से फिसलकर नीचे गिर गया, शोर सुनकर जागे लोगों ने हिस्ट्रीशीटर को पकड़कर इस कदर पीटा की अस्पताल पहुंचने के पहले ही उसकी मौत हो गई। दो अन्य बदमाशों की तलाश की कोतवाली पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है। कोतवाली प्रभारी धमेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कालोनी के यादराम गली में राम अवतार मौर्य का मकान है और वह ठेकेदारी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बुधवार को सुबह पांच बजे के करीब जब पूरा परिवार सो रहा था तभी घर की सीढ़ियों से किसी के गिरने की आवाज सुनकर सभी उठ गए। परिवार के लोगों ने देखा कि सीढ़ियों के पास एक व्यक्ति घायल अवस्था में तमंचा लेकर खड़ा है। चोर को देखते ही राम अवतार ने शोर मचाना प्रारंभ कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और चोर को पीटने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चोर को लोगों से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया,जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

    डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि मृतक बदमाश की पहचान विशुनगढ़, कन्नौज निवासी पंकज दुबे के रूप में हुई। मृतक बदमाश के पास से एक तमंचा व चार कारतूस मिले हैं। पंकज कन्नौज के थाना विशुनगढ़ का हिस्ट्रीशीटर था और वहां के टॉप टेन बदमाशों में शामिल था। वह फिलहाल जिलाबदर चल रहा था। यही नहीं पंकज के खिलाफ अलग-अलग कोतवाली में लूट, हत्या और चोरी के आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। मृतक के स्वजन को भी घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    बाइक पर गिरा था पंकज
    पंकज घर के बगल वाली गली से लकड़ी की सीढ़ी लगाकर घर के अंदर दाखिल हुआ। नकदी सहित अन्य सामान की चोरी करने के बाद जैसे ही वह सीढ़ियों पर चढ़ने लगा,इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और सीढ़ी के बगल में खड़ी मोटरसाइकिल पर गिरकर वह घायल हो गया।

    एक व्यक्ति को दांत से काट कर किया घायल

    जिस समय पंकज को परिवार के लोगों ने पकड़ा, उसने पीड़ित के भतीजे को दांत से काट लिया और फरार होने की कोशिश करने लगा। ज्यादा लोगों के आने से वह भागने में कामयाब नहीं हो सका। इस मामले में राम अवतार मौर्य की तहरीर पर कोतवाली सेक्टर-63 में रिपोर्ट दर्ज की गई है। राम अवतार व आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि घर में केवल मृतक बदमाश पंकज घुसा था। घर के बाहर दो और बदमाश थे।

    आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस

    घटना की जानकारी मिलने के आधा घंटे के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय से पहुंच जाती तो हिस्ट्रीशीटर की जान बच सकती थी। हिस्ट्रीशीटर पिटाई के पहले ही गिरने से घायल हो चुका था।

  • तीसरे चरण का ‘बाजीगर’ ही बनेगा यूपी का ‘सरताज’, ऐसे समझिए पूरा गणित

    नई दिल्ली: सोमवार को दूसरे चरण के लिए 55 सीटों पर मतदान हुआ और दूसरे चरण के समापन के साथ-साथ तीसरे चरण का रण शुरू हो चुका है. 20 फरवरी को तीसरे चरण के लिए यूपी के 16 जिलों की 59 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. यानि तीसरे चरण की चुनौती बड़ी है क्योंकि ये पहले दोनों चरण के मुकाबले चुनाव ज्यादा जिलों में है. 

    अगले चरण में यूपी के तीन हिस्सों अवध, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में चुनाव है. तीसरे चरण में पश्चिमी यूपी के पांच जिले फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज और हाथरस हैं जहां 19 विधानसभा सीटें हैं. अवध रीजन के कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, 6 जिले हैं जहां 27 विधानसभा सीटें हैं. और बुंदेलखंड में झांसी, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा जिले में मतदान है जहां 13 विधानसभा सीटे हैं.

    क्यों जरूरी है तीसरा चरण

    59 सीटों वाला तीसरा चरण हर पार्टी के लिए जरूरी है. बीजेपी पिछली बार के प्रदर्शन को बरकरार रखना चाहती है जबकि समाजवादी पार्टी पिछले नतीजों को अपने पक्ष में लाना चाहती है. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने 59 में से 49 सीटों पर कब्जा किया था. समाजवादी पार्टी के हिस्से 8 सीटें आई थीं. जबकि कांग्रेस और बीएसपी को सिर्फ एक-एक सीट ही मिली थी.

    खास बात ये है कि तीसरे चरण में जिन 16 जिलों में चुनाव होना है उनमें से 9 जिले यादव बहुल आबादी वाले हैं. इसमें फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और एटा जैसे जिले शामिल हैं. 2017 में 30 यादव बहुल सीटों के बाजवूद एसपी सिर्फ 6 सीटें जीत पाई थी. सत्ता में रहते हुए ये समाजवादी पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन था.

    यही वजह है कि यादव बहुत जिले को साधने के लिए बीजेपी ब्रिगेड परिवारवाद पर निशाना साध रही है. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी हिंदुत्व की लहर पर सवार थी, जिसका फायदा साफ दिखाई दिया था. इस बार भी मुसलमान और दंगे जैसे शब्दों की गूंज के बाद सबसे ज्यादा शोर हिजाब पर मच रहा है. 

    तीसरे चरण में 30 सीटें ऐसी हैं जो यादव बहुल हैं और ये सीटें फिरोजाबाद कन्नौज, मैनपुरी, इटावा जैसे जिलों में आती हैं. इसी मैनपुरी की करहल सीट से समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं. अखिलेश को जिताने के लिए चाचा शिवपाल यादव पुरानी बातें भूलकर प्रचार कर रहे हैं.

  • UP ELECTION 2022: पहले चरण में शानदार वोटिंग, 60.17% हुआ मतदान

    नई दिल्ली:  उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के पहले चरण के तहत 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों पर मतदान खत्‍म हो गया है. यानी सभी प्रत्‍याशियों का भाग्‍य EVM में बंद हो गया है। पहले चरण में 73 महिलाओं सहित 623 उम्मीदवारों के भाग्य पर मुहर लग गई। 11 जिलों के 58 विधानसभा क्षेत्रों के कुल 2.27 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहले चरण का मतदान प्रतिशत चौंकाने वाला रहा है। शामली जिले में सबसे ज्यादा 66 फीसदी मतदान हुआ है, इस जिले में कैराना सीट आती है जहां से सपा प्रमुख अखिलेश यादव उम्मीदवार हैं वहीं, तो गाजियाबाद में सबसे कम 52 फीसदी से थोड़ा ज्यादा वोटिंग हुई।

    पहले चरण के चुनाव (Uttar Pradesh 1st Phase Assembly Election) के लिए चुनाव आयोग की ओर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्‍त किए गए थे, ताकि मतदान प्रक्रिया को निर्बाध और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्‍न कराया जा सके. इसके लिए बड़ी संख्‍या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी. इसके साथ ही बड़ी तादाद में चुनाव कर्मचारियों को भी लोकतंत्र के महापर्व में तैनात किया गया. हालांकि इसके बाद भी कुछ जगह झड़प की खबरें आयी हैं, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है.

    पहले चरण का चुनाव खत्‍म होने के बाद सीएम योगी ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का प्रथम चरण आज शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया है. लोकतंत्र के महोत्सव में अपने अमूल्य मत का प्रयोग कर सहभागिता करने वाले सभी सम्मानित मतदाताओं का हार्दिक धन्यवाद.आपका मतदान ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नींव को मजबूती प्रदान करेगा.भारत माता की जय!

  • UP Election 2022: ‘अब हारने की हिम्मत नहीं , सुनील चौधरी वायरल वीडियो

    नोएडा: यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण में नोएडा में दस फरवरी को वोटिंग होगी। मतदान का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है। सभी दलों के बड़े नेता मतदाताओं के बीच जाकर वोट मांग रहे हैं। इस बीच नोएडा विधानसभा से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार सुनील चौधरी का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सुनील चौधरी और उनकी पत्नी वोट मांगते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है सपा प्रत्याशी सुनील चौधरी मतदाताओं के सामने हाथ जोड़े रोते हुए कहते हैं कि ‘अब हारने की हिम्मत नहीं बची है। कई बार हार चुका है। मैं नहीं चाहता कि इस बार भी चुनाव हार जाउं। अब हारने की हिम्मत नहीं बची है। सुनील चौधरी आगे कहते हैं कि अगर किसी को गोली मारनी है तो छाती पर मार लेना, पीठ में पीछे से मत मारना। पीछे से मरुंगा तो सोचूंगा किसने मारा। अगर आगे से कोई मारेगा तो कम से कम इतना तो पता चलेगा अपना ही कोई मुझे मारा है।’

    मिली जानकारी के अनुसार, यह वीडियो कुछ दिन पहले का है जब वह क्षेत्र में ही एक जगह वोट मांगने गए थे। इस दौरान उनकी पत्नी भी साथ में थीं। वीडियो में दिख रहा है कि उनकी पत्नी एक बुजुर्ग मतदाता से हाथ जोड़े वोट मांग रही हैं। इस दौरान सुनील चौधरी की पत्नी की आंखों में भी आंसू देखे जा सकते हैं।

    बता दें कि नोएडा विधानसभा से समाजवादी पार्टी ने अपने पुराने कार्यकर्ता सुनील चौधरी को चुनावी मैदान में हैं। सुनील चौधरी इससे 2012, 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट दिया था लेकिन वह जीत दर्ज करने में असफल रहे थे। इस बार तीसरी बार सपा ने उन पर भरोसा जताया है। जब से नोएडा विधानसभा क्षेत्र बना है तब से अब तक समाजवादी पार्टी इस सीट से चुनाव नहीं जीती है। नोएडा से इस समय भाजपा के पंकज सिंह विधायक हैं। पंकज सिंह को पार्टी ने दोबारा से चुनावी मैदान में उतारा है। पंकज सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं।

  • पुलिस प्रेक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने नोएडा स्थित क्रिटिकल मतदान स्थलों का किया निरीक्षण

    नोएडा: 10 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 2 फरवरी को पुलिस प्रेक्षक राजेंद्र कुमार मीणा द्वारा नोएडा स्थित क्रिटिकल मतदेय स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सेक्टर 11 झुंडपुरा नोएडा स्थित सामुदायिक  केंद्र के 10 मतदान स्थलों पर  मतदाताओं की संख्या के अनुसार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने एवं मतदान केंद्र के अंदर मतदाताओं के लिए मतदेय स्थल पर अलग-अलग लाइन के लिए कम स्थान होने के कारण अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने मतदान के दिन कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए प्रावधानों का दृढ़ता से अनुपालन कराने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख

    • पहला चरण – 10 फरवरी – 58 सीट
    • दूसरा चरण – 14 फरवरी – 55 सीट
    • तीसरा चरण – 20 फरवरी – 59 सीट
    • चौथा चरण – 23 फरवरी – 60 सीट
    • पांचवा चरण – 27 फरवरी – 60 सीट
    • छठा चरण – 3 मार्च – 57 सीट
    • सातवां चरण – 7 मार्च – 54 सीट

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे- 10 मार्च

    उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की स्थिति

    • कुल मतदाता- 15.2 करोड़
    • पुरुष- 8.04 करोड़
    • महिला- 6.98 करोड़
  • बजट 2022-23: जानिए मिड डे मील राशि आवंटन पर निराशा की वजह क्या है?

    नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में इस बार भी मिडिल क्लास खाली हाथ रह गया। सबसे ज्यादा उम्मीद इनकम टैक्स में छूट की थी, लेकिन वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि टैक्स न बढ़ाने को ही छूट मानिए। वहीं सरकार ने पिछले बजट में मिड डे मील योजना में, जिसे पीएम पोषण नाम दिया गया था, 11,500 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जिसे बाद में और घटाकर 10,233 करोड़ कर दिया गया था, क्योंकि महामारी के कारण स्कूल ज्यादातर बंद थे। आगामी वर्ष के बजट में सरकार ने इस मद में 10,233 करोड़ रुपये ही आवंटित किए हैं। तो क्या सरकार मान रही है कि अगले वित्त वर्ष में भी स्कूल ज्यादातर बंद ही रहने वाले हैं?

    वहीं पीएम पोषण/मिड डे मील के लिए कम राशि आवंटित किए जाने पर मीड डे मिल से जुड़े संगठनों में निराशा का भाव है. पीएम पोषण मध्याह्न भोजन योजना कर्मचारी संघ गुजरात प्रदेश के अध्यक्ष  राजेंद्रसिंह बी चुडासमा ने कहा है कि गरीब बच्चों का विषय गरीबों की आवाज नहीं है या क्या है?  देश के 11 करोड़ बच्चों का भोजन धीमा जहर की तरह छीना जा रहा है. अगर सरकार स्कूलों को वापस खोलने और बच्चों को कक्षाओं में बुलाने को लेकर गंभीर है तो मिड डे मील इसका एक अहम हिस्सा है, साथ ही बच्चों के पोषण के लिए भी अहम है।

    पीएम पोषण/मिड डे मील योजना के लिए इस वर्ष उतना ही बजट आवंटन हुआ है जितना कि पिछले वर्ष संशोधित बजट में खर्च हुआ था, जो पिछले वर्ष आवंटित बजट से कम था. बीते वर्ष 11,500 करोड़ रुपयों का प्रावधान था, लेकिन खर्च 10,234 करोड़ रुपये हुए. इस बार भी 10,234 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं.

    देश के वित्त मंत्री सीतारमण जी द्वारा कल देश का 93वा, बजट पेश किया गया जिसमें देश के अभिभावकों को उम्मीद थी कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी की चुनौतियों से निपटने को ध्यान में रखते हुये इस बार शिक्षा का बजट दुगना किया जायेगा सरकार द्वारा बजट में मामूली आवंटन तो बढ़ाया गया लेकिन अपने ही द्वारा बनाये मानकों से काफी पीछे छूटता नजर आया 140 करोड़ की आबादी वाले देश मे एक “डिजिटल यूनिवर्सिटी” खोलने की बात की गई है साथ ही “वन क्लास वन टीवी चैनल” कार्यक्रम को 12 टीवी चैनलों से बढ़ाकर 200 टीवी चैनलों तक पहुचाने की बात की गई है जो घोषणा शिक्षा क्षेत्र के बजट को आशा से निराशा की तरफ ले जाता है