Category: समाचार

  • फिल्म ‘पुष्पा’ देखकर नाबालिग के मन में आया खतरनाक मंसूबा, सरेराह युवक को मार डाला, बनाया वीडियो

    नई दिल्ली। वर्चस्व कायम की नियत से इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करने के मकसद से तीन किशोराें ने जहांगीरपुरी में युवक की हत्या कर दी। इनमें एक नाबालिग ने पूरी वारदात का वीडियो बना ली। लेकिन इससे पूर्व कि तीनों वीडियो को अपलोड कर पाते कि पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। तीनों आरोपितों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। तीनों गैंगस्टर मूवी से प्रभावित होकर इलाके में रौब गांठना चाहते थे। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू, मोबाइल फोन आदि बरामद कर लिया है। पुलिस को उनके मोबाइल फोन में करीब ढाई सौ वीडियो मिले हैं, जिनमें वे किसी की पिटाई करते हुए तो कभी हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय शिबू जहांगीरपुरी में रहते थे। वह बुधवार दोपहर जहांगीरपुरी स्थित रामलीला मैदान में बैठे थे। उसी दौरान तीनों किशोर वहां पहुंच गए। उन्होंने अकेले बैठे शिबू से पहले बदतमीजी शुरू कर दी। उन्हें डांटा। ऐसे में उन्होंने विरोध किया तो नााबालिगों उनकी डंडे से पहले पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद एक ने शिबू के दाेनों हाथों को पीछे से पकड़ लिया व दूसरे ने उनके पेट में चाकू घोंपकर घुमा दिया। इस दौरान तीसरा पूरी घटनाक्रम का वीडियो बनाता रहा। चाकू लगने व पिटाई से शिबू जब लहुलुहान होकर गिर पड़े तो तीनों वहां से भाग गए। इसके बाद आसपास के लोगों ने उन्हें बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

    उत्तर पश्चिम जिले की डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि अस्पताल से ही पुलिस को वारदात की जानकारी मिली। ऐसे में पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर एसीपी जहांगीरपुरी तिलकचंद्र बिष्ट की देखरेख में इंस्पेक्टर वरुण दलाल के नेतृत्व में टीम गठित की। जांच के क्रम में पुलिस को वारदात में तीन लड़कों के शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज आराेपित चाकू लहराते हुए नजर आए। ऐसे में उनकी पहचान कर उन्हें रात में ही दबोच लिया गया। जांच में पता चला कि तीनों आरोपित नाबालिग हैं।

    खुद को सुरक्षित किया, दूसरे की ली जान
    जांच में पता चला कि वारदात के समय करीब 15 वर्षीय तीनों नाबालिग कोरोनारोधी टीका लगवा कर लौट रहे थे। तभी उनकी नजर पार्क में बैठे शिबूु पर पड़ गई तो वहां पहुंच गए। तीनों गैंगस्टर जैसी मूवी से प्रभावित होकर उसी की तरह जीवनशैली अपनाना चाहते थे। उन्हाेंने बदनाम गैंग भी बना रखा था। तीनों नाबालिगों ने इलाके में अपनी दहशत फैलाने के लिए इस पूरी घटना की वीडियो बनाई। आरोपित भागने के क्रम में रास्ते में इलाके के विभिन्न वाट्सएप ग्रुप में हत्या की घोषणा करते हुए जा रहे थे। एक नाबालिग ने वाट्सएप ग्रुप में लिखा है कि वे हत्या के जुर्म में बाल सुधार गृह जाने वाले हैं, लेकिन तीन माह में छूट कर दोबारा आ जाएंगे।

  • प्यार अंधा ही नहीं लुटेरा भी बना देता है, वेलेंटाइन डे पर प्रेमिका से शादी करने के लिए चोर बन गया युवक

    नई दिल्ली। वेलेंटाइन डे के दिन प्रेमिका से शादी करने और ऐसो आराम की जिंदगी जीने के लिए एक प्रेमी अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। इसकेलिए उसने पहले अपराध से जुड़े कई टीवी सीरीयल देखे और अपराध के बाद बचने के तरीकों को सीखा। लेकिन दिल्ली पुलिस के आगे उसकी सारी तरकीबे काम न आई। लाहौरी गेट थाना पुलिस ने आरोपित मुहम्मद जैद को चोरी की एक वारदात के बाद 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की खंगालने के बाद दबोच लिया। आरोपित के पास से चाेरी के नकदी और गहने बरामद किए गए हैं।

    जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी के मुताबिक, लहौरी गेट इलाके में रात को हाल में चोरी की कई वारदात हुई थीं। वहीं, 18 जनवरी की रात को फहीमुद्दीन के घर में चोरी की सूचना मिली। पीड़ित ने बताया कि वह पत्नी के साथ शाम को रिश्तेदार के घर गए थे। लौटे तो देखा की घर के दरवाजे खुले हुए थे और सामान चोरी हो गया था।

    एसीपी कोतवाली अक्षत कौशल की देखरेख में एसआइ संदीप और एसआइ रमाकांत के नेतृत्व में दो टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमारों के फुटेज खंगाले तो आरोपित का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपित जैद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी फेसबुक फ्रेंड से 14 फरवरी को निकाह करना चाहता है। कुछ माह पहले तक पह पुरानी दिल्ली के बाजारों में दुकानों तक ग्राहक लाने का काम करता था। लेकिन हाल के दिनों उसके काम में काफी गिरावट आ गई थी। ऐसे में वह चोरी करने लगा। उसके इसके लिए उसने टीवी सीरीयल आदि देखे। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपित के द्वारा अब तक चोरी की गई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है।

     

     

  • क्रिकेट के ‘विराट’ ने दिया इस्तीफा,जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी!

    क्रिकेट के ‘विराट’ ने दिया इस्तीफा,जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी!

    क्रिकेट: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट टीम की टेस्ट कप्तानी छोड़ दी है। विराट ने टेस्ट की कप्तानी छोड़ दी है, लेकिन उन्होने संयास नहीं लिया है।

    साउथ अफ्रीका में मिली सीरीज हार के बाद विराट कोहली ने बड़ा फैसला लिया है. शनिवार शाम को विराट कोहली ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी है.

    विराट कोहली ने ट्वीट कर खबर की पुष्टि कर दी है।

    विराट कोहली ने ट्विटर पर एक संदेश जारी कर इसका ऐलान किया. विराट कोहली ने अपने संदेश में लिखा कि पिछले सात साल से लगातार कड़ी मेहनत और हर रोज टीम को सही दिशा में पहुंचाने की कोशिश रही. मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया और कोई भी कसर नहीं छोड़ी. लेकिन हर सफर का एक अंत होता है, मेरे लिए टेस्ट की कप्तानी को खत्म करने का यही सही वक्त है.

    जानकारी के लिए बता दें कि, भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने गई थी। यह सीरीज भारत ने 2-1 गंवा दी थी। अभी भारत को साउथ अफ्रीका से वनडे सीरीज खेलनी है। लेकिन उससे पहले विराट कोहली ने बड़ा फैसला लिया है।
    विराट कोहली वनडे-टेस्ट और टी-20 फार्मेंट में खेलते हुए नजर आएंगे। विराट कोहली के फैंस के लिए चौंकाने वाली खबर हैं।
    विराट के ट्वीट के बाद बीसीसीआई ने भी ट्वीट किया है। बीसीसीआई ने विराट को धन्यवाद करते हुए कहा आपने टीम को उंचाई तक पहुंचाया।

    बीसीसीआई का विराट को ट्वीट

  • मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए गाइडलाइन्स जारी

    मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए गाइडलाइन्स जारी

    लखनऊ: कोरोना की बढ़ती रफ़्तार के बीच प्रदेश सरकार ने 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति को पहले स्नान के लिए प्रयागराज के संगम में स्नान के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी है. मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की तरफ़ से मकर संक्रांति और माघ मेला स्नान को लेकर गुरुवार को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए. नए नियम के मुताबिक मकर संक्रांति और माघ मेले में उन्हीं लोगों को एंट्री दी जाएगी जिन्होंने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है. साथ ही कोरोना के लक्षण वाले लोगों से अपील की गई है कि वे स्नान के लिए संगम न जाएं.


    संगम में स्नान के लिए ये होंगे नियम:-

    विभिन्न बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलायें, बच्चें तथा ऐसे व्यक्ति जिनमें कोविड के लक्षण जैसे – खाँसी , जुखाम , बुखार इत्यादि हैं , को मेला / स्नान वाली जगह पर न जाने का अनुरोध किया जाये.

    स्नान/मेले वाले स्थान पर पर्याप्त पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को कोविड के संबंध में जागरूक किया जाये. आम जनमानस को मास्क लगाने, भीड़ एकत्रित न करने और कोविड गाइडलाइन्स के अनुपालन के लिए प्रेरित किया जाये.

    समस्त जनपदों में जहां मकर संक्रान्ति का स्नान होना है व मेला लगना है, वहां थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये. यदि कोई व्यक्ति सर्दी, खासी, जुखाम और बुखार आदि के लक्षण से ग्रसित हो तो उन्हें मेले / स्नान में भाग न लेने के लिए अनुरोध किया जाये एवं तत्काल उनका आरटीपीसीआर / ट्रनेट / एण्टीजन टेस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये.

  • टूटा अब-तक का रिकॉर्ड, एक दिन में 1.50 लाख नए केस, PM मोदी ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

    टूटा अब-तक का रिकॉर्ड, एक दिन में 1.50 लाख नए केस, PM मोदी ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

    नई दिल्ली: देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच PM मोदी ने रविवार शाम 4:30 बजे इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में प्रधानमंत्री कुछ बड़े फैसले भी ले सकते हैं। देश में पॉजिटिविटी रेट 10 से ऊपर निकल चुका है। ऐसे में मीटिंग के दौरान लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाने की अनुशंसा भी की जा सकती है।

    देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर में संक्रमण का आंकड़ा पहली बार डेढ़ लाख के आंकड़े को पार कर गया है। 24 घंटे में संक्रमण के 1 लाख 59 हजार 424 केस सामने आए हैं और 327 लोगों की मौत हुई है। आज 40,000 से ज्यादा लोग रिकवर हुए हैं।

    वहीं, राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र (41,434), दिल्ली (20,181) और बंगाल (18,802) में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले हैं। टॉप 10 राज्यों में ही 1.26 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित।

  • Union Budget 2022: बजट में आम आदमी के लिए क्या हो सकता है खास?

    Union Budget 2022: बजट में आम आदमी के लिए क्या हो सकता है खास?

    नई दिल्ली: आने वाली 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करेंगी। बजट की तैयारी जारी हैं। बजट 2022 पेश होने में अब सिर्फ 22 दिन रह गए हैं, बजट को लेकर चारों तरफ यही चर्चा शुरू हो चुकी है।

    2021-22 के बजट में मोदी सरकार ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए आम आदमी के जीवन को सरल बनाने के लिए कई योजनाएं और नीतियां शुरू की थीं। आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना से लेकर वाहन स्क्रैपिंग नीति तक आम आदमी के लिए कई घोषणाएं की गईं थीं।

    उम्मीद की जा रही है कि आने वाले बजट के साथ ही वित्त मंत्री आर्थिक सुधार को गति देने के लिए घोषणाएं कर सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीतारमण देश में उद्यमिता (entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए भी निर्णय ले सकती हैं।

    पिछले बजट में, सरकार ने कर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया था, जिसका अर्थ है कि करदाताओं के लिए कोई महत्वपूर्ण राहत की घोषणा नहीं की गई थी।

    सीतारमण उम्मीद ये की जा रही हैं आने वाला बजट पिछले बजट के मुताबिक आप आदमी के लिए कुछ अलग हो सकता है। पिछले बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई थी। नए नियम के अनुसार, 75 वर्ष से अधिक उम्र के करदाता और पेंशन और जमा से आय वाले करदाता आयकर रिटर्न से छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    2022-23 के बजट में मोदी सरकार देश की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए नई घोषणाएं भी कर सकती है। इसके अलावा सरकार आम आदमी की सुविधा के लिए नए राजमार्ग, रेलवे, हवाई मार्ग और जलमार्ग जैसे बुनियादी ढांचे से संबंधित घोषणाएं कर सकती हैं।

  • UP-PUNJAB सहित पांच राज्यों में बजा चुनावी बिगुल,10 मार्च को होगी मतगणना

    UP-PUNJAB सहित पांच राज्यों में बजा चुनावी बिगुल,10 मार्च को होगी मतगणना

    नई दिल्ली: पांच राज्यों यानी कि यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में आज यानि 8 जनवरी को चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है. इसके साथ ही देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का आरंभ हो गया है. इन राज्यों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होंगे और 10 मार्च को नतीजे आएंगे. पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर में भी सियासी तापमान बढ़ चुका है. इलेक्शन डेट्स की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है.18.34 करोड़ वोटर इस चुनाव में लेंगे हिस्सा वही COVID के चलते हर बूथ पर सिर्फ 1250 मतदाता वोट डाल सकेंगे।

    2022 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावी तारीखों का ऐलान

    उत्तर प्रदेश में 7 चरणों मे होगा चुनाव

    प्रथम चरण-10 फरवरी
    द्वितीय चरण-14 फरवरी
    तृतीय चरण-20 फरवरी
    चतुर्थ चरण-23 फरवरी
    पांचवा चरण-27 फरवरी
    छठा चरण-3 मार्च
    सातवां चरण-7 मार्च

    पंजाब, उत्तराखंड और गोवा का चुनाव एक ही फेज में होगा संपन्न, 14 फरवरी को डाले जाएंगे वोट.

    मणिपुर की 60 सीट पर 27 फरवरी और 3 मार्च को डाले जाएंगे वोट.

  • नोएडा में 2 IPS अधिकारियों का प्रमोशन, लव कुमार बने आईजी तो भारती सिंह को मिला DIG रैंक

    नोएडा: उत्तरप्रदेश में 28 आईपीएस अफसरों को नए साल का तोहफा मिला है। इसी क्रम में गौतमबुद्धनगर कमिश्नरी दो बड़े अधिकारियों का भी प्रमोशन हुआ है। पुलिस कमिश्नरेट के लव कुमार का आईजी रैंक और भारती सिंह का डीआईजी रैंक पर प्रमोशन हुआ है। पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय सेक्टर 108 में आयोजित समारोह में पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने प्रोन्नत हुए लव कुमार और भारती सिंह को स्टार एवं बैज लगाकर सम्मानित किया और बधाई दी। 

    आईजी रैंक पर प्रोन्नत हुए लव कुमार वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी है और वर्तमान में कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लव कुमार 1 जनवरी 2018 में नोएडा से ही प्रमोशन पाकर डीआईजी बने थे जिसके बाद गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद वह अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था के पद पर कार्यरत हैं। वह गौतमबुद्धनगर के एसएसपी भी रह चुके हैं जबकि डीआईजी रैंक प्रोन्नत हुई भारती सिंह 2007 बैच की आईपीएस अधिकारी है। वह नोएडा में एसपी क्राइम के पद पर तैनात रह चुकी है। वर्तमान में वह अपर पुलिस आयुक्त(मुख्यालय प्रभारी) की जिम्मेदारी सम्भाल रही हैं। भारती सिंह बड़े से बड़े मामले को कम समय में सॉल्व करने के लिए जानी जाती है पिछले महीने ही उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त(मुख्यालय प्रभारी) का प्रभार संभाला था।

    अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र को डीजी बनाया गया

    नए साल की पूर्व संध्या पर 4 आईजी को प्रमोट कर एडीजी, तीन डीआईजी को प्रमोट कर आईजी बनाया गया है. बरेली के अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र को डीजी बनाया गया है. इनके अलावा नवीन अरोरा, मोहित अग्रवाल, गजेन्द्र कुमार गोस्वामी एवं भजनी राम मीना को एडीजी बनाया गया है. डॉक्टर प्रीतिन्दर सिंह, लव कुमार और चन्द्र प्रकाश-।। प्रमोट होकर आईजी बने हैं।

    इन्हें बनाया गया डीआईजी

    भारती सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, माधव प्रसाद वर्मा (से0नि0), सभाराज, स्वामी प्रसाद, सौमित्र यादव, रमेश, सुरेशराव आनन्द कुलकर्णी, अमित वर्मा, एन कोलान्ची, सर्वेश कुमार राना, श्रीपति मिश्र, अजय कुमार सिंह, जुगुल किशार, विनोद कुमार मिश्रा, बालेन्दु भूषण सिंह, देवेन्द्र प्रताप नारायन पाण्डेय, सुधीर कुमार सिंह, अरविन्द भूषण पाण्डेय एवं राजीव मल्होत्रा. 

    इन्हें सिलेक्शन ग्रेड स्केल में प्रमोट किया

    केशव कुमार चैधरी, अजय कुमार साहनी, पवन कुमार, अनीस अहमद अन्सारी, अखिलेश कुमार,अखिलेश कुमार चैरसिया, शिवासिम्पी चन्नपा, दिनेश कुमार, मुनिराज, बबलू कुमार एवं सन्तोष कुमार सिंह

  • नोएडा अथॉरिटी ने की कार्रवाई, पुलिस की बर्बरता, नोएडा सेक्टर 93 के लोगों ने मांगा इंसाफ

    नोएडा अथॉरिटी ने की कार्रवाई, पुलिस की बर्बरता, नोएडा सेक्टर 93 के लोगों ने मांगा इंसाफ

    Noida – थाना फेस-2 क्षेत्र के गेझा गांव में शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम द्वारा किसान का मकान ध्वस्त किए जाने पर हंगामा हो गया | सूचना पर पहुंचे किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ध्वस्त मकान का फिर से निर्माण शुरू कर प्राधिकरण की टीम और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए |

    हालांकि प्राधिकरण ने अपनी कार्यवाही को सही ठहराया है नोएडा प्राधिकरण की टीम शुक्रवार को पुलिस के साथ गेझा गांव पहुंचे और किसान अनिल पाल के मकान को अवैध बताकर दोस्त करने लगी परिजनों ने प्राधिकरण की कार्यवाही को विरोध किया तो पुलिस ने परिजनों को शक्ति से हटाकर मकान ध्वस्त करा दिया आरोप है कि कार्यवाही के दौरान मकान में रखा सारा सामान भी टूट गया इस बारे में जो भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा और कांग्रेस नेता अनिल यादव को सूचना मिली तो वह भारी संख्या में किसानों के साथ मौके पर पहुंच गए तब तक प्राधिकरण की टीम जा चुकी थी |

     

    किसान नेता और कांग्रेसियों ने प्राधिकरण की कार्यवाही का विरोध कर दोस्त मकान का फिर से निर्माण शुरू करा दिया|

  • पीएचडी पर लागू होगा कॉमन फार्मूला, नया रेगुलेशन तैयार : UGC

    पीएचडी पर लागू होगा कॉमन फार्मूला, नया रेगुलेशन तैयार : UGC

    उच्च शिक्षण संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए 01 जुलाई 2021 से पीएचडी जरूरी है। ऐसे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अब पीएचडी की गुणवत्ता बढ़ाने के मकसद से इसके एडमिशन और डिग्री अवार्ड करने के नियमों को सख्त करने जा रहा है। ये नियम यूनिफाइड होंगे। पूरे देश में पीएचडी की एक समान पद्धति लागू होगी, जो तैयार हो चुकी है। नए रेगुलेशन में पीएचडी एडमिशन के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की काॅमन प्रवेश परीक्षा कराने की भी योजना है।

    आयोग की ओर से यूजीसी- (एमफिल/ पीएचडी डिग्री प्रदान करने हेतु न्यूनतम मानदंड और प्रक्रिया) रेगुलेशन को रिवाइज किया जा रहा है। कई महीनों की लंबी प्रक्रिया और उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की कमेटी ने इस नए रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार किया है। बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में ही इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इसके जरिए देश भर के विश्वविद्यालयों में पीएचडी एडमिशन के लिए एक जैसे नियम होंगे।

    पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा जरूरी-

    पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए अब प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू दोनो जरूरी होंगे। केंद्रीय विश्वविद्यालय अपनी परीक्षा खुद ले सकेंगे। राज्य सरकारें भी अपने प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। ये केंडिडेट को तय करना है कि वह किस प्रवेश परीक्षा के जरिए पीएचडी में एडमिशन लेना चाहता है।

    नेट वाले यहां भी मुश्किल में-

    सबसे बड़ा सवाल ये है कि फिर नेट और एमफिल वालों का क्या होगा। बताया जा रहा है कि इस रेगुलेशन में नेट वालों को भी पीएचडी एडमिशन में छूट नहीं मिलेगी। बहुत से विषयों में नेट परीक्षा नहीं कराई जाती, जिसके कारण पीएचडी में एक समान पद्धति लागू नहीं हो पा रही है। इस रेगुलेशन के बाद नेट पासआउट केंडिडेट को भी पीएचडी एडमिशन प्रवेश परीक्षा देनी होगी।

    मौजूदा नियम-

    यूजीसी ने 5 मई 2016 को एमफिल-पीएचडी रेगुलेशन 2016 लागू किया था। इसमें पीएचडी कोर्स का समय न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 6 साल है। इसके सेक्शन-5 में प्रावधान है कि नेट-सेट जैसी परीक्षाएं पास कर चुके उम्मीदवारों को पीएचडी में एडमिशन देने के लिए विश्वविद्यालय अलग नियम बना सकते हैं। मतलब, इस नियम के तहत तमाम विश्वविद्यालय नेट-सेट पास केंडिडेट को सीधे इंटरव्यू के लिए आमंत्रित करते हैं। इन्हें एंट्रेंस देने की जरूरत नहीं है।

    प्रस्तावित हुआ था ये संशोधन-

    यूजीसी ने 2 जून 2017 को इस रेगुलेशन में पहला संशोधन प्रस्तावित किया। इसमें यूजीसी ऑटोनॉमी रेगुलेशन-2017 के तहत विश्वविद्यालयों के वर्गीकरण को आधार बनाया गया, जिसमें विश्वविद्यालयों को उनकी नैक रैंकिंग के आधार पर केटेगरी-1, केटेगरी-2 और केटेगरी-3 में बांटने का प्रावधान है। इस संशोधन में केटेगरी-3 में आने वाले विश्वविद्यालय और उनके काॅलेजों में पीएचडी एडमिशन के लिए सिर्फ नेट-सेट व ऐसी अन्य परीक्षा पास कर चुके केंडिडेट को ही पीएडी में एडमिशन देने का नियम बनाया था। लेकिन, ये संशोधन लागू नहीं हुआ।

    ऐसी होगी पीएचडी की प्रवेश परीक्षा-

    प्रवेश परीक्षा में अनुसंधान योग्यता के साथ पांच से छह सेक्शन होंगे जो विषय योग्यता से अलग होंगे। पासिंग मार्क्स 50 फीसदी हो सकते हैं। साथ ही प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के लिए अभी 70 और 30 फीसदी अंकों का अनुपात रखा गया है। नए रेगुलेशन में इसे 50-50 किया जा सकता है।

    एक जुलाई 2021 से पीएचडी जरूरी

    यूजीसी (विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिक्षकों और अन्य शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्ति हेतु न्यूनतम अर्हता तथा उच्चतर शिक्षा में मानकों के रखरखाव हेतु अन्य उपाय संबंधी विनियम, 2018 के सेक्शन 3.9.0 के मुताबिक विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (चयन ग्रेड/ शैक्षणिक स्तर 12) के पद पर पदोन्नति के लिए पीएचडी डिग्री जरूरी होगी। सेक्शन 3.10.0 के मुताबिक 01 जुलाई 2021 से विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए पीएचडी डिग्री अनिवार्य होगी।