Category: समाचार

  • Noida हाट में 16 फरवरी से 04 मार्च तक आयोजित होगा सरस आजीविका मेला 2024, 28 राज्यों के हस्त निर्मित उत्पादों की रहेगी धूम

    Noida हाट में 16 फरवरी से 04 मार्च तक आयोजित होगा सरस आजीविका मेला 2024, 28 राज्यों के हस्त निर्मित उत्पादों की रहेगी धूम

    Noida: नोएडा में चौथी बार पर्यटन, परंपरा, कला एवं संस्कृति का मनोरम माहौल थीम के साथ, 16 फरवरी से लेकर 04 मार्च 2024 तक प्रसिद्ध सरस आजीविका मेला 2024 का आयोजन, सेक्टर 33 के नोएडा हाट में किया जा रहा है।
    उक्त विषय में प्रैस वार्ता के दौरान स्वाति शर्मा , संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय,भारत सरकार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम जिलाधिकारी मनीष वर्मा तथा चिरंजीलाल कटारिया ने विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा आयोजित इस सरस आजीविका मेला 2024 में ग्रामीण भारत की शिल्प कलाओं का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जाएगा। 16 फरवरी से 04 मार्च 2024 तक चलने वाले इस उत्सव में नोएडा के नोएडा हाट में मौजूद क़रीब 28 राज्यों के 400 से अधिक महिला शिल्प कलाकार, जो परंपरा, हस्तकला एवं ग्रामीण संस्कृति तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, इसके साथ ही 85 से ज्यादा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सरस मेले वर्ष 1999 से निरंतर आयोजित हो रहे हैं। इन मेलों के माध्यम से लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। मेले में बच्चों के खेलकूद व मनोरंजन के लिए भी संसाधन मौजूद रहेंगे। मेले में दिल्ली-नोएडा सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लाखों दर्शक व ग्राहक भाग लेंगे। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पारदर्शिता को देखते हुए इस सरस आजीविका मेले में स्वयं सहायता समूहों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन / नोमिनेशन की व्यवस्था की गई है। मेले में बी. सी. सखी व झारखंड की पत्रकार दीदियों की भी भागीदारी रहेगी। स्वाति शर्मा ने कहा प्रधानमंत्री का सपना 02 करोड़ दीदियों को लखपति घोषित करने का है जबकि लक्ष्य 10 करोड़ दीदियों का है। हम सभी दीदियों को राष्ट्रिय स्तर पर प्लेटफार्म देना चाहते हैं।
    जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने कहा हमारे देश की महिलाओं मैं बहुत सारे हुनर हैं। जो आपको सरस मेले के माध्यम से नोएडा हॉट में देखने को मिलेंगे। महिला सशक्तिकरण के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सर्कार का उद्देश्य है। इस अवसर पर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने कहा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सभी को सहयोग करना चाहिए नोएडावासियों का सौभाग्य है कि केंद्र सर्कार के सरस मेले का आयोजन नोएडा हॉट में हो रहा है। जिसमे उन्हें 28 राज्यों के महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद देखने को मिलेंगे।
    इंडिया फूड कोर्ट सरस आजीविका मेले में इस बार महत्त्वपूर्ण इंडिया फ़ूड कोर्ट में देश भर के 20 राज्यों की 80 (उद्धमी) गृहणियों का समूह अपने प्रदेश के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टाल लगाएंगी जिसमें हर प्रदेश के क्षेत्रीय व्यंजनों के स्वाद का अनोखा आनंद प्राप्त होगा। राजस्थानी कैर सागरी गट्टे की सब्ज़ी से लेकर बंगाल की फ़िश करी, तेलंगाना का चिकन, बिहार की लिट्टी चोखा, पंजाब का सरसों का साग व मक्के की रोटी, प्राकृतिक खाद्य उत्पाद, हरियाणा के बाजरे व ज्वार के लड्डू बिस्कुट, कर्नाटक व जम्मू कश्मीर के ड्राई फ्रूट सहित पूरे भारत के पकवान मौजूद रहेंगे।
    हैंडलूम सरस आजीविका मेला 2024 में कुछ उत्कृष्ट प्रदर्शन जो हैंडलूम, साड़ी और ड्रेस मेटिरियल में विभिन्न राज्यों से हैं वो इस प्रकार हैं- टसर की साड़ियां, बाघ प्रिंट, गुजरात की पटोला साड़ियां, काथा की साड़ियां, राजस्थानी प्रिंट, चंदेरी साड़ियां। हिमाचल उत्तराखंड के ऊनी उत्पाद व हैंडलूम के विभिन्न उत्पाद, झारखंड के पलाश उत्पाद व प्राकृतिक खाद्य सहित मेले में पूरे भारत की ग्रामीण संस्कृति के विविधता भरे उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
    हैंडीक्राफ्ट इसके साथ ही हैंडीक्राफ्ट, ज्वैलरी और होम डेकोर के प्रोडक्ट्स के रूप में आंध्र प्रदेश की पर्ल ज्वैलरी, वूडन उत्पाद, आसाम का वाटर हायजिनिथ हैंड बैग और योगामैट, बिहार से लाहकी चूड़ी, मधुबनी पेंटिंग और सिक्की क्राफ्ट्स, छत्तीसगढ़ से बेलमेटल प्रोडक्ट्स, मडमिरर वर्क और डोरी वर्क गुजरात से, हरियाणा, का टेरा कोटा, झारखंड की ट्राइबल ज्वैलरी, कर्नाटक का चन्ननपटना खिलौना, सबाईग्रास प्रोडक्टस, पटचित्र आनपाल्मलीव ओडिशा, तेलंगाना से लेदर बैग, वाल हैंगिंग और लैंप सेड्स, उत्तर प्रदेश से होम डेकोर, और पश्चिम बंगाल से डोकरा क्राप्ट, सितल पट्टी और डायवर्सीफाइड प्रोडक्ट्स ये सभी रहेंगे। साथ ही प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी फूड स्टाल पर मौजूद होंगे। प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के रूप्ा में अदरक, चाय, दाल कॉफी, पापड़, एपल जैम और अचार आदि उपलब्ध रहेंगे। साथ ही मेले में बच्चों के मनोरंजन का भी पुख्ता इंतजाम किया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लोग भरपूर आनंद उठा पाएंगे।
    सरस मेलों के माध्यम से ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं न केवल आजीविका के अवसर सृजन कर रही हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहतरीन उदाहरण देश के सामने पेश कर रही हैं। यह निश्चित रूप से आजीविका यात्रा में एक मील का पत्थर है। वहीं, मेले मै सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। साथ ही जगह जगह सेनिटाइजेशन का भी इंतजाम किया गया है।

    महिला सशक्तिकरण के लिए मोदी एवं योगी की पहल सराहनीय : अफसाना
    नोएडा। उत्तर प्रदेश के रामपुर से महर्षि स्वयं सहायता समूह की संचालिका अफसाना ने यहां मेले में अपना स्टॉल लगाया है। उनका कहना है कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर देश के प्रधानमंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की पहल सराहनीय है। उन्होंने बताया कि उनके समूह से 11 महिलाएं जुड़ी हैं, जो अपना खुद का काम कर रही हैं। सरकार ने हमें एक मंच देकर स्वाबलंबी बनाया है, यही महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है। वहीं दीपा रावत ने बताया की समूह से जुड़ने के बाद आज उनका खुद का मकान बनाने का सपना पूरा हुआ है। हम लोग आत्मनिर्भर हो रहे है।

  • बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, सीएम योगी ने की फैसले की तारीफ

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, सीएम योगी ने की फैसले की तारीफ

    लखनऊ, 23 जनवरी। केंद्र सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया है। केंद्र के इस निर्णय की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सम्मान को वंचितों, शोषितों और उपेक्षितों के लिए किए गए उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, “महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक न्याय के अग्रदूत, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को (मरणोपरांत) ‘भारत रत्न’ से विभूषित किए जाने का निर्णय अभिनंदनीय है। सामाजिक न्याय को समृद्ध करता यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धा तथा वंचितों, शोषितों व उपेक्षितों के उन्नयन हेतु उनके योगदानों के प्रति देश वासियों की ओर से समेकित श्रद्धांजलि है।” उल्लेखनीय है कि यह ऐलान तब किया गया है जब बुधवार को ही कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जन्म जयंती है।

  • मालदीव का भारत को अल्टीमेटम, 15 मार्च से पहले भारत सरकार अपनी सेना हटा ले!

    15 मार्च से पहले भारत सरकार अपनी सेना हटा ले’, मालदीव का भारत को अल्टीमेटम

    मालदीव और भारत के बीच जारी तनातनी के बीच मालदीव की तरफ से बड़ा बयान आया है। मालदीव के राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु ने भारत सरकार को आने वाले 15 मार्च तक सेना को वापस बुलाने के लिए कहा है। मालदीव के ही एक अखबार ‘अधाधु’ के हवाले से ऐसी खबर आ रही है। यह खबर रविवार को प्रकाशित की गयी है।

    मालदीव राष्ट्रपति कार्यालय से पॉलिसी डायरेक्टर अब्दुल्ला नाज़िम ने पत्रकारों से कहा है की राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु ने भारत से अपनी सेना वापस बुलाने के लिए कहा है। अब्दुल्ला ने आगे बताया की मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु ने 15 मार्च के पहले भारतीय सेना हटाने को लेकर कहा है। मीटिंग का एजेंडा इसी सम्बन्ध में था और इस बारे में आगे की बातचीत चल रही है। हालांकि मालदीव के विदेश मंत्रालय से इस तरह का कोई बयान आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। दूसरी तरफ नाज़िम ने इस बाबत आगे बताया की भारतीय सेना मालदीव में अब नहीं ठहर सकती है और ऐसा उनके लोग (देशवासी) चाहते हैं।

    अब्दुल्ला नाज़िम के अनुसार सबसे महत्पूर्ण बात यही है की भारतीय सेना अब इस देश में और नहीं ठहर सकती है और यही मालदीव सरकार की नीति है। उनके राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु ने भी ने भी अपने लोगों से इसी बाबत वादा किया हुआ था। मालदीव के अधिकारियों ने बताया है की भारतीय उच्चायुक्त मनु महावर और कुछ वरिष्ठ अधिकारी, मालदीव के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इसमें शामिल होंगे और अपने देश का पक्ष रखेंगे।

    मालदीव के साथ रिश्ते बिगड़ चुके हैं?

    मौजूदा समय में भारत और मालदीव के बीच रिश्ते बेहतर नहीं है। पिछले कुछ हफ़्तों में इन दो देशों के बीच दूरियां और बढ़ सी गयी है। इसी बीच मालदीव की तरफ से भारतीय सेना हटाने को लेकर ये बयान आना भी रिश्ते को और बिगाड़ने जैसा मालुम होता है। हालांकि बीते दिनों मालदीव के राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु की तरफ से ये बयान आया था की उनका देश छोटा है का मतलब ये नहीं की कोई उन्हें धमकाए।

    ज़ाहिर है इस तरह का बयान उन्होंने भारत को लेकर ही दिया है। आज उस बयान के बाद भारतीय सेना हटाने की मांग करना और अल्टीमेटम देना ये साफ़ करता है की मालदीव भी भारत से रिश्ते बेहतर करने के पक्ष में नहीं है।भारत और मालदीव की सरकार के अलावा अब दोनों देश के लोग भी एक दूसरे को भला-बुरा साबित करने में लगे हैं।

    दूसरी तरफ भारत के कई लोगों ने अपनी मालदीव यात्रा भी स्थगित कर दी उसके अलावा ‘Ease My Trip’ ने भी मालदीव घूमने वालों के लिए बुकिंग अस्थाई रूप से बंद कर दी है। जिसके बाद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु ने अपनी चीन की यात्रा के दौरान चीन के लोगों से मालदीव घूमने की गुज़ारिश करते दिखे।

    मालदीव और भारत का झगड़ा कैसे भड़का?

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किये। इस पोस्ट में उन्होंने भारत के लोगों से लक्षद्वीप घूमने के लिए प्रेरित किया था। इसी पोस्ट के बाद मालदीव की सरकार में कुछ मंत्रियों ने इस बात को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी कर दी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक जंग सी छिड़ गयी। ऐसा होते-होते सोशल मीडिया पर पोस्ट की बाढ़ आ गयी जिसमे भारत के बड़े गणमान्य लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथन का समर्थन शुरू कर दिया। और लोगों से आइलैंड घूमने के लिए लक्षद्वीप के नाम का सुझाव दिया।

    जिसके बाद भारत के कई लोगों ने अपनी मालदीव यात्रा को स्थगित करते हुए लक्षद्वीप को अपना अगला डेस्टिनेशन बताना शुरू कर दिया। इसी के बाद से मामले और बिगड़ गए जिसको लेकर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु ने चीन के लोगों को मालदीव घूमने के लिए कहा। यहां घूमने की बात पर इसलिए भी बवाल होना स्वाभाविक था क्योंकि मालदीव की इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा पर्यटकों पर निर्भर होता है और हर साल लगभग 2.5 लाख लोग भारत से मालदीव घूमने जाते हैं।

  • उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में 2013-14 और 2022-23 के बीच एमपीआई गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई

    उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में 2013-14 और 2022-23 के बीच एमपीआई गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई

    पिछले 9 वर्षों में 24.82 करोड़ भारतीय अनेक पहलुओं से जुड़ी गरीबी से बचेपिछले नौ वर्षों में 24.82 करोड़ लोग अनेक पहलुओं से जुड़ी गरीबी से बच गये। नीति आयोग के चर्चा पत्र ‘ मल्‍टीडायमेंशनल पावर्टी इन इंडिया सिन्‍स 2005-06’ के निष्कर्ष इस उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय 2013-14 से 2022-23 के बीच हर तरह की गरीबी के समाधान के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहलों को देते हैं। चर्चा पत्र आज नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद ने नीति आयोग के सीईओ श्री बी. वी. आर. सुब्रमण्यम की उपस्थिति में जारी किया। ऑक्सफोर्ड नीति और मानव विकास पहल (ओपीएचआई) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने इस पत्र के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान की है।

    बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यापक उपाय है जो मौद्रिक पहलुओं से परे अनेक आयामों में गरीबी को दर्शाता है। एमपीआई की वैश्विक कार्यप्रणाली मजबूत अलकिरे और फोस्टर (एएफ) पद्धति पर आधारित है जो अत्‍यधिक गरीबी का आकलन करने के लिए डिज़ाइन की गई सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत मीट्रिक के आधार पर लोगों को गरीब के रूप में पहचानती है, जो पारंपरिक मौद्रिक गरीबी उपायों के लिए एक पूरक संभावना प्रदान करती है।

    चर्चा पत्र के अनुसार, भारत में बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो 2013-14 में 29.17 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 11.28 प्रतिशत हो गई है, यानी 17.89 प्रतिशत अंकों की कमी। उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान 5.94 करोड़ लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने के साथ गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, इसके बाद बिहार में 3.77 करोड़, मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोग हैं।

    पेपर यह भी दर्शाता है कि नमूने की विधि का उपयोग करके गरीबी हेडकाउंट अनुपात में गिरावट की गति 2005-06 से 2015-16 की अवधि (7.69 प्रतिशत वार्षिक दर) की तुलना में 2015-16 से 2019-21 (10.66 प्रतिशत वार्षिक गिरावट दर) के बीच बहुत तेज थी।  संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान एमपीआई के सभी 12 संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है। वर्तमान परिदृश्य (यानी वर्ष 2022-23 के लिए) के मुकाबले वर्ष 2013-14 में गरीबी के स्तर का आकलन करने के लिए, इन विशिष्ट अवधियों के लिए डेटा सीमाओं के कारण अनुमानित अनुमानों का उपयोग किया गया है।

    गरीबी के सभी आयामों को कवर करने वाली महत्वपूर्ण पहलों के कारण पिछले 9 वर्षों में 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बच निकले हैं। परिणामस्वरूप, भारत को 2030 से पहले बहुआयामी गरीबी को आधा करने के अपने एसडीजी लक्ष्य को प्राप्त करने की संभावना है। सबसे कमजोर और वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार के निरंतर समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    भारत सरकार ने हर प्रकार की गरीबी को कम करने के लक्ष्य के साथ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसी उल्लेखनीय पहलों ने स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे वंचित रहने में काफी कमी आई है। दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक का संचालन करते हुए, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली 81.35 करोड़ लाभार्थियों को कवर करती है, जो ग्रामीण और शहरी आबादी को खाद्यान्न प्रदान करती है। हाल के फैसले, जैसे कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न वितरण को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाना, सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। मातृ स्वास्थ्य का समाधान करने वाले विभिन्न कार्यक्रम, उज्ज्वला योजना के माध्यम से स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन वितरण, सौभाग्य के माध्यम से बिजली कवरेज में सुधार, और स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे परिवर्तनकारी अभियानों ने सामूहिक रूप से लोगों की रहने की स्थिति और समग्र कल्याण की स्थिति में सुधार किया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री जन धन योजना और पीएम आवास योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने वित्तीय समावेशन और वंचितों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    हालांकि राज्यों का प्रदर्शन अलग-अलग है, कुछ राज्यों में जहां परंपरागत रूप से अत्‍यधिक गरीबी थी, उन्होंने लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद करने में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे दो राज्‍यों के बीच बहुआयामी गरीबी में असमानता कम हुई है। इससे बुनियादी सेवाओं तक पहुंच में आने वाली मूलभूत समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है ताकि देश एक विकसित राष्ट्र यानी विकसित भारत @2047 बनने की ओर अग्रसर हो सके।

  • अखिल भारतीय मजदूर संघ का हल्ला बोल, 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर “महाजुटान”

    अखिल भारतीय मजदूर संघ का हल्ला बोल, 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर “महाजुटान”

    अखिल भारतीय मजदूर संघ ने दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर एक विशाल रैली बुलाई है जिसमें देश भर के मजदूर संघ के नेता शामिल होंगे।आगामी 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर मैदान में होने वाली रैली में, अखिल भारतीय मजदूर संघ ने असंगठित क्षेत्र के भारत सरकार की योजनाओं में काम करनेवाले श्रमिकों की मुख्य मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने का आयोजन किया है। अखिल भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी और गुजरात पीएम पोषण शक्ति निर्माण मध्याह्न भोजन योजना कर्मचारी महासंघ गुजरात के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चूड़ समा ने बताया कि रैली का उदेश्य सरकार के सामने मजदूरों के दर्द को रखना है और अपनी मांगों को पूरा कराना है। इस रैली में भारतीय मजदूर संघ ने तीन महत्वपूर्ण योजनाओं के कर्मचारियों की मुख्य मांगों को लेकर अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया है। पहली मांग है कि सभी पीएम पोषण शक्ति निर्माण मध्याह्न भोजन योजना के कर्मचारियों को मिनिमम मासिक वेतन १२००० रुपये मिलने की है।

    समूचे देश में यह योजना सरकार के लाभार्थियों को दिनचर्या में उचित और पौष्टिक आहार प्रदान करती है, लेकिन इसके कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है।दूसरी मांग में यह आंगनवाड़ी कर्मचारियों को कायमी कर्मियों में घोषित किया जाए ताकि उन्हें उचित अधिकार और लाभार्थित हो सके।

    तीसरी और महत्वपूर्ण मांग है कि आशा वर्कर्स को भी मिनिमम वेतन की सुनिश्चितता मिले। इन योजनाओं के कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी के लाभ, जैसे की पीएफ, इइसआई, और पेंशन एक्ट का भी सही रूप से लाभ मिलने की मांग की गई है।अखिल भारतीय मजदूर संघ के प्रतिष्ठान्ता पूर्ण नेतृत्व में, रैली में भाग लेने वाले लोगों ने यह सुनिश्चित करने के लिए आवाज बुलंद की कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकार द्वारा उन्हें मिलने वाले सभी लाभों का हक दिलाया जाए।

    अखिल भारतीय मजदूर संघ ने तीन महासंघों, यानी आंगनवाड़ी कर्मचारि महा संघ, पीएम पोषण शक्ति निर्माण मध्याह्न भोजन योजना कर्मचारी महासंघ, और आशा फेसिलीटर महा संघ की मुख्य मांगों का समर्थन किया और उन्हें बढ़ावा का फैसला किया है। इस समर्थन के साथ, श्रमिक समूह ने सरकार से यह अपील की है कि वे उनकी मांगों को गंभीरता से लेकर उन्हें पूरा करें ताकि देश के श्रमिक वर्ग को उचित अधिकार और लाभार्थित हो सके।

  • Chhath Puja 2023: उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ पूरा हुआ छठ महापर्व का व्रत

    Chhath Puja 2023: उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ पूरा हुआ छठ महापर्व का व्रत

    छठ महापर्व: उप्र बस्ती जिले में सूर्य षष्ठी पर्व पर व्रती महिलाओं ने सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र और सुहाग के लिए मंगलकामना की। 36 घंटे का निर्जल व्रत रहकर महिलाओं ने उगते सूरज को अर्घ्य देकर छठ व्रत पूरा किया। कुआनो नदी के अमहट घाट और पुरानी बस्ती के निर्मली कुंड पर भोर में ही मंगल गीत गातीं व्रती महिलाओं का झुंड आना शुरू हो गया। इस दौरान पौ फटने से पहले घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। घाट पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। ओस और हल्के कोहरे के बीच घाटों पर भगवान सूर्य की उपासना में जुटा महिलाओं का समूह अद्भुत दृश्य उपस्थित कर रहा था। व्रती घुटने भर पानी में खड़े होकर सूप में फल आदि सब लेकर सूर्यदेवता को अर्घ्य देने के लिए प्रस्तुत हुई तो उनके सहयोगी पति ने दूध और जलधार गिराकर अर्घ्य में सहयोग दिया।

    रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सोमवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया। साेमवार को अल सुबह से ही अमहट घाट और अन्य स्थानों पर व्रती महिलाओें की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। व्रती महिलाओं ने पूजन स्थल पर वेदिका सजा दी। गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छट्ठी मैया की विधिवत पूजा की। इसके बाद महिलाएं पानी में खड़ी होकर भक्तिभाव से सूर्य की लालिमा फूटने का इंतजार करने लगीं। जैसे ही सूर्य की किरणें फूटीं व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रती वापस वेदिका के सामने पहुंचीं। वेदी के सम्मुख कंद, मूल और फल के साथ ही पूजन के लिए तैयार पकवान रख महिलाओं ने आरती उतारी। प्रणाम कर मनवांछित फल मांगा। नगरपालिका प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने प्रकाश के साथ पेयजल का बंदोबस्त किया था। परंपरागत ढंग से सूर्य की उपासना के बाद छठ का व्रत तोड़ा। इस दौरान नदी के तटों और घाटों काफी भीड़ रही। महत्वपूर्ण पर्व माने जाने वाला सूर्य षष्ठी व्रत में इस बार महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

  • Greater Noida Authority: सफाई कर्मियों की हड़ताल अवैध घोषित, ’काम नहीं तो पैसा नहीं’ का भी निर्णय

    Greater Noida Authority: सफाई कर्मियों की हड़ताल अवैध घोषित, ’काम नहीं तो पैसा नहीं’ का भी निर्णय

    ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कॉन्ट्रैक्टरों के अधीन कार्यरत सफाईकर्मी विगत 10 दिनों से हड़ताल पर हैं। प्राधिकरण ने उनकी कई मांगों को मान लिया है और शेष मांगों पर निर्णय के लिए समिति बना दी है, फिर भी वे हड़ताल खत्म नहीं कर रहे। ऐसे में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने अब सख्ती करने का फैसला किया है। प्राधिकरण ने संबंधित फर्मों से हड़ताल पर गए सफाईकर्मियों की जगह नए स्टाफ की नियुक्ति तत्काल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि सफाईकर्मी जिस अवधि में काम नहीं करेंगे, उस अवधि का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा। हड़ताली सफाईकर्मियों के साथ शुक्रवार को भी बैठक की गई, जिसमें सफाई कर्मियों की शेष मांगों पर निर्णय करने के लिए कमेटी की बैठक शीघ्र कराने का आश्वासन प्राधिकरण की तरफ से दिया गया।
    दरअसल सफाईकर्मी दीपावली पर्व से पहले से ही हड़ताल पर चले गए। इन सफाई कर्मियों की मुख्य मांग लगभग 20 हजार रुपये मासिक वेतन की है। वर्तमान समय में इन सफाई कर्मियों को 17170 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि यमुना प्राधिकरण एरिया में भी इसी माह वेतन वृद्धि कर लगभग 17000 रुपये मासिक वेतन का भुगतान किया जा रहा है। टेंडर की शर्तों के मुताबिक निर्धारित समयावधि में वेतन में हर दो साल में पांच फीसदी की वृद्धि का प्रावधान पहले से ही है। प्राधिकरण ने आश्वस्त किया है कि टेंडर में निर्धारित समय पर वेतन वृद्धि कर दी जाएगी। सफाई कर्मियों की दूसरी मांग बोनस के भुगतान की थी। प्राधिकरण ने विगत वर्ष की भांति ही दिवाली से पहले बोनस का भुगतान कर दिया है। तीसरी मांग बीमा को लेकर है। सफाई कर्मियों का कहना है कि किसी भी सफाईकर्मी की किसी भी परिस्थिति में मृत्यु होने पर भी 10 लाख रुपये बीमा राशि दिलाई जाए, जबकि ऑन ड्यूटी दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख का बीमा का प्रावधान पूर्व से ही किया जा चुका है। इसके बावजूद सफाई कर्मियों की वेतन व बोनस में वृद्धि समेत अन्य मांगों पर विचार करने के लिए प्राधिकरण की तरफ से समिति गठित कर दी गई है। उसकी रिपोर्ट पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बावजूद सफाईकर्मी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हो रहे। प्राधिकरण के सीनियर अधिकारियों के स्तर से कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है। प्राधिकरण की तरफ से आश्वस्त किया गया है, लेकिन सफाईकर्मी अपने जिद पर अड़े हैं। अब तक कॉन्ट्रैक्टर अस्थाई रूप से स्टाफ बढ़ाकर काम चलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब प्राधिकरण ने कॉन्ट्रैक्टरों से स्थाई स्टाफ की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं।

  • फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए आमंत्रित किया गया

    फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए आमंत्रित किया गया

    वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) के 10वें संस्करण से पहले गुजरात सरकार ने फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ डीके गुप्ता और निदेशक डॉ रश्मि गुप्ता को आमंत्रित किया। सोमवार छह नवंबर को लखनऊ में रोड शो का आयोजन हुआ। गुजरात के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री रुशिकेश पटेल ने इस रोड शो का नेतृत्व किया।
    वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10वें संस्करण से पहले राज्य सरकार ने उद्योग जगत के अग्रणियों से बातचीत करने और उन्हें आगामी VGGS में आमंत्रित करने के लिए कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोड शो का आयोजन किया। नई दिल्ली में कर्टन रेजर कार्यक्रम की सफलता और मुंबई, कोलकाता, चंडीगढ़, चेन्नई, जापान, यूरोप, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम और दक्षिण कोरिया में सफल रोड शो के बाद, गुजरात सरकार ने सोमवार को लखनऊ में रोड शो का आयोजन किया।

    फेलिक्स अस्पताल के संस्थापक डॉ. डीके गुप्ता और डॉ. रश्मी गुप्ता ने ग्लोबल समिट में कई महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की | उन्होंने बताया किस प्रकार फ़ेलिक्स अस्पताल अपने कोलेब्रेशन के साथ गुजरात की जनता तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा सकता है | डॉ. रश्मी गुप्ता ने कहा फेलिक्स अस्पताल उच्चतम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए और घर-2 तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयाश कर रहा है । उन्होंने हेल्थ केयर को विस्तृत रूप देने, पब्लिक एवं प्राइवेट सहयोग, सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज और समाज में प्रतिष्ठित लोगों के सहयोग से सभी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने पर चर्चा की |

    श्री रुशिकेश पटेल और फेलिक्स हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. डीके गुप्ता के बीच चर्चा के दौरान, निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। इन बिंदुओं में स्वास्थ्य देखभाल को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में स्थापित ट्रैक रिकॉर्ड की भूमिका , लगातार उच्च स्तर का पेशेंट सैटिस्फैक्शन, क्वालिटी हेल्थकेयर जैसे महत्त्वपूर्ण विषय शामिल थे। चर्चा में अन्य विषय पर भी ध्यान केंद्रित हुआ जैसे पीपीपी मॉडल के माध्यम से सरकार के साथ सहयोग, राज्य में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक और निजी दोनों के लिए पारस्परिक लाभ। डॉ. गुप्ता ने उन निवेशकों का खुले दिल से स्वागत करने की मंशा जताई जो उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का मकशद रखते है, जितना दृष्टिकोण दीर्घकालिक स्थिरता और उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है । इसके अतिरिक्त, बातचीत में स्वास्थ्य विभाग में नए अवसर , मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और गुजरात में रोबस्ट हेल्थकेयर सिस्टम बनाने के लिए संस्थान, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सामुदायिक सहयोग , बुनियादी ढाँचा और हरित स्वास्थ्य सेवा पहल सभी चर्चा के अभिन्न अंग थे। गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल और फेलिक्स अस्पताल के बीच जुड़ाव एक सकारात्मक कदम है | गुजरात में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच और सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में चर्चाएँ सफल रहीं | इस आमंत्रण के अवसर पर डॉ. डीके गुप्ता और डॉ. रश्मी गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक भोजन भी किया। इस भोजन के दौरान महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा की गई|

    गुजरात के माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, उच्च और तकनीकी शिक्षा, कानून, न्याय, विधायी और संसदीय मामलों के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने आरएसपीएल ग्रुप, वी गार्ड, सनसोर्स एनर्जी और ल्यूमिनस पॉवर टेक्नोलॉजीस जैसे संगठनों के प्रमुखों के साथ बैठकें की। उनके संबोधन के बाद वाइब्रेंट गुजरात 2024 को लेकर प्रमोशनल फिल्म की स्क्रीनिंग भी हुई। फिर गुजरात सरकार के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल विभाग की प्रमुख सचिव आईएएस ममता वर्मा की ओर से गुजरात में मौजूद व्यावसायिक अवसरों पर एक प्रजेंटेशन दी गई। कार्यक्रम के दौरान एक्सपीरियंस शेयरिंग सेशन भी हुआ। इसके बाद गुजरात सरकार के माननीय मंत्री ऋषिकेश पटेल सभी को संबोधित किया। रोड शो के बाद मंत्री रुशिकेश पटेल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस रोड शो का उद्देश्य गुजरात को वाइब्रेंट गुजरात 2024 के माध्यम से ‘गेटवे टू द फ्यूचर’ के रूप में स्थापित करना है। इससे दुनिया भर के कारोबार और कंपनियों को गुजरात के अलग-अलग सेक्टर से जुड़ने और उन्हें एक्सप्लोर करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, यह रोड शो गुजरात के फ्यूचर-रेडी मेगा प्रोजेक्ट जैसे गिफ्ट सिटी, धोलेरा एसआईआर और मंडल बेचारजी एसआईआर के लिए निवेश आकर्षित करने का प्रयास करेगा।

  • Assembly Election 2023: चुनाव आयोग ने 2023 विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया

    Assembly Election 2023: चुनाव आयोग ने 2023 विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया

    Assembly Election 2023:भारतीय निर्वाचन आयोग ने सोमवार को मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, और मिजोरम के लिए विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की। इस चुनाव का संचालन मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, और मिजोरम में एक ही चरण में होगा, जबकि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होगा।

    मतदान की तारीखें:

    • मिजोरम, मध्य प्रदेश, और छत्तीसगढ़ (चरण 1): 7 नवंबर 2023.
    • छत्तीसगढ़ (चरण 2): 17 नवंबर 2023.
    • राजस्थान: 23 नवंबर 2023.
    • तेलंगाना: 30 नवंबर 2023.

    मतगणना:

    • सभी राज्यों में मतगणना 3 दिसंबर 2023 को होगी।

    मतदाता सांख्यिकी:

    • मिजोरम: 8.52 लाख मतदाता.
    • छत्तीसगढ़: 2.03 करोड़ मतदाता.
    • मध्य प्रदेश: 5.6 करोड़ मतदाता.
    • राजस्थान: 5.25 करोड़ मतदाता.
    • तेलंगाना: 3.17 करोड़ मतदाता.

    युवा भागीदारी:

    • 18-19 वर्षीय लगभग 60 लाख पहली बार के मतदाता इन चुनावों में भाग लेंगे।
    • “युवाओं को प्रेरित करने के लिए, 2900 से अधिक पोलिंग स्टेशन्स को युवा द्वारा प्रबंधित किया जाएगा,” चुनाव आयोग ने कहा।

    महत्व:

    • चुनाव आयोग के प्रमुख चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि इन राज्यों के चुनाव एक अद्वितीय महत्व रखते हैं, क्योंकि ये 2024 के राष्ट्रीय चुनाव के ग्रैंड मंच से पहले आखिरी विधायक सभा चुनाव होंगे। उन्होंने और भी बताया कि इस बार के चुनावों में भारतीय निर्वाचन आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष, और प्रोत्साहन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करेगा।

    वर्तमान शासन:

    • मध्य प्रदेश: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
    • राजस्थान: कांग्रेस पार्टी
    • छत्तीसगढ़: कांग्रेस पार्टी
    • तेलंगाना: भारत राष्ट्र समिति (BRS)
    • मिजोरम: मिजो
  • World Heart Day 2023: विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य पर फेलिक्स अस्पताल ने आयोजित किया वॉकथाॅन

    World Heart Day 2023: विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य पर फेलिक्स अस्पताल ने आयोजित किया वॉकथाॅन

    World Heart Day 2023: सेक्टर 137 फेलिक्स अस्पताल की ओर से शुक्रवार को विश्व हृदय दिवस पर वॉकथाॅन का आयोजन हुआ। जिसमें सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दिल को स्वस्थ रहने के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया । सुबह 6 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में भाग लेने वालों को अस्पताल के तरफ से टीशर्ट के साथ-साथ नाश्ता भी वितरित किया गया। फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डी.के गुप्ता ने लोगों को जागरूकता का संदेश दिया कि तनाव, नशा, और खराब जीवन शैली से लोगों को दिल की बीमारी हो रही है। अब हार्ट अटैक ने आयु सीमा का बैरियर भी तोड़ दिया है। 30 से 40 वर्ष के लोगों में हार्ट अटैक की शिकायत बढ़ गई है। जिस में व्यायाम करते, नाचते-गाते, चलते हुए अचानक मौत होने के कई मामले इन दिनों तेज़ी से सामने आ रहे हैं। खड़े-खड़े व्यक्ति मौत के मुँह में समा रहा है। लोगों के दिल कमज़ोर हो रहे हैं। दिल पर दबाव अधिक होते ही सांस फूलने लगती है। थोड़ा भी उत्साह वह झेल नहीं पा रहे। खड़े-खड़े हृदयगति रुक जा रही है। खासतौर से युवाओं में ऐसे मामले बढ़े हैं।

    हृदय को स्वस्थ रखने की महत्ता के प्रति समाज को जागरूक रखने के लिए ही हर वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस का आयोजन किया जाता है। बीते 2 साल में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। मरीजों की मृत्यु तक हो रही है। ज़रूरी है कि युवा जिम जाने से पहले अपने हृदय का चेकअप अवश्य करा लें। हार्ट अटैक की बीमारी पहले 50 से 70 वर्ष की अविधि में होती थी। लेकिन कोविड-19 के बाद से ट्रेंड बदला है। अब 100 मरीजों में से आधे मरीज 30 से 50 वर्ष की आयु वाले पहुंच रहे हैं। जांच में किसी का हृदय बीमार होता है, किसी के हृदय की मांसपेशियों में दिक्कत होती है, किसी के ब्लॉकेज हैं। शेष मरीज 50 वर्ष की आयु के ऊपर वाले आते हैं।

    कोविड के बाद से अधिकांश मरीजों के एचएस-सीआरपी में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। यह भी हार्ट अटैक का बहुत बड़ा कारण माना जा रहा है। हार्ट अटैक के पीछे – स्मोकिंग, व्यस्त जीवन शैली के कारण अनियमित आहार, जंक फूड खाना, या अधिक मसालेदार भोजन दिल के दौरे का प्रमुख कारण हैं । हृदय संबंधी परेशानियां होने पर मरीजों को शुरुआत में ही संकेत मिलने लगते हैं। जिन्हें लंबे समय तक वह नजरंदाज करते हैं। बीपी का घटना-बढ़ना, सांस फूलना, छाती में दर्द, पल्स का कम ज्यादा होना, चक्कर आने जैसे लक्षणों को लोग गंभीरता से नहीं लेते। हृदय कमजोर होता जाता है। पंपिंग भी कम होने लगती है। किसी तीव्र गतिविधि के दौरान हृदय पर जोर पड़ता है और एकाएक व्यक्ति की मौत हो जाती है।

    युवाओं में कठोर मांसपेशियों युक्त बॉडी बनाने का क्रेज़ बहुत तेजी से उफान मार रहा है। वह घंटों जिम में कसरत कर रहे हैं। साथ ही कीटो डाइट भी उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई है। यही दोनों चीजें उनके दिल की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। मसल्स बनाने का जुनून लेकर कड़ी कसरत करने वाले युवाओं में अचानक हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। हैवी वर्कआउट एवं वेट लिफ्टिंग से दिल की मांसपेशियों का मोटा होना खतरनाक साबित हो रहा है और शरीर पर लगातार नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। धमनियों में खून का प्रवाह रुकने से अचानक हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। जिम जाने के साथ स्टेराइड युक्त प्रोटीन का सेवन इसका मुख्य कारण है।

    ये हैं कमजोर दिल के लक्षण
    ● सांस लेने में दिक्कत
    ● जल्दी थकना
    ● सांस फूलना
    ● सीने में दर्द
    ● जलन,
    ● सिर घूमना
    ● पेट और सीने में एक साथ दर्द होना
    ● बीपी बढ़ना / घटना

    इन बातों का रखें ख़ास ध्यान———————

    -प्रतिदिन व्यायाम और योग करें
    -तनाव मुक्त रहें
    -रेशेदार भोजन करें, फास्ट फूड और तैलीय भोजन खाने से बचें
    -कोलेस्ट्रॉल, बीपी, शुगर, वेट नियंत्रित रखें
    -सिगरेट, तंबाकू और अल्कोहल का प्रयोग बिल्कुल न करें
    -हर 6 माह के अंतराल पर हार्ट से संबंधित जरूरी जांच कराते रहें ।