Author: AVS POST Bureau

  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘डिजिटल मीडिया आचार संहिता’ पर वेबिनार आयोजित किया : सूचना और प्रसारण मंत्रालय

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘डिजिटल मीडिया आचार संहिता’ पर वेबिनार आयोजित किया : सूचना और प्रसारण मंत्रालय

    सूचना और प्रसारण मंत्रालय

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव विक्रम सहाय ने कहा, ‘आम नागरिक ही डिजिटल मीडिया आचार संहिता के केंद्र में है’

    ‘त्रिस्तरीय शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था देश के नागरिकों को सशक्त बनाती है’

    ‘संबंधित नियम पारंपरिक और डिजिटल मीडिया के लिए समान अवसर सुनिश्चित करते हैं’

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री विक्रम सहाय ने कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्मों और डिजिटल समाचारों के प्रकाशकों के लिए बनाई गई डिजिटल मीडिया आचार संहिता में आम नागरिक को शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित नियमों के तहत एक अत्‍यंत सरल सह-नियामकीय संरचना सु‍निश्चित की गई है जिसमें डिजिटल मीडिया से जुड़े प्रकाशकों के लिए एक आचार संहिता और एक त्रिस्तरीय शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था शामिल है।

    श्री सहाय लद्दाख, जम्मू व कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के हितधारकों के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘डिजिटल मीडिया आचार संहिता’ विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उत्तरी राज्यों के लिए इस वेबिनार का आयोजन दरअसल विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के लिए पत्र सूचना कार्यालय की क्षेत्रीय इकाइयों के माध्यम से मंत्रालय द्वारा आयोजित किए गए विभिन्‍न वेबिनारों की श्रृंखला के तहत किया गया। इनमें जून और जुलाई, 2020 के दौरान दक्षिणी, पश्चिमी, पूर्वी एवं पूर्वोत्‍तर; और मध्य क्षेत्रों के लिए आयोजित किए गए वेबिनार शामिल हैं।

    श्री सहाय ने संक्षिप्त प्रस्तुति देकर ‘डिजिटल मीडिया आचार संहिता’ के विभिन्न पहलुओं जैसे कि प्रकाशकों के लिए आचार संहिता; त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था, और डिजिटल मीडिया प्रकाशकों द्वारा विभिन्‍न सूचनाएं प्रस्तुत करने एवं इनके प्रकटीकरण से संबंधित प्रावधानों की व्‍याख्‍या की। उन्होंने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को 1,800 से भी अधिक प्रकाशकों की ओर से सूचना मिली है और इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि प्रकाशकों के कई निकायों एवं संगठनों ने इन नियमों के तहत स्व-नियमन निकायों के गठन के संबंध में सूचना भेजी है।

    डिजिटल समाचारों के प्रकाशकों, पत्रकारों, ओटीटी प्लेटफॉर्मों, और जनसंचार संस्थानों के शिक्षाविदों ने वर्चुअल परस्‍पर संवादात्‍मक बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया। वेबिनार के दौरान प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए कई सवालों, मुद्दों और शंकाओं का निराकरण किया गया। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सूचना एवं जनसंपर्क विभागों के प्रतिनिधि; और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की क्षेत्रीय मीडिया इकाइयों के प्रमुख भी इस बैठक में शामिल हुए।

  • मोदी सरकार के रडार पर आया देश का बड़ा मीडिया समूह, दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

    मोदी सरकार के रडार पर आया देश का बड़ा मीडिया समूह, दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

     

    देश भर में दैनिक भास्कर समूह (Dainik Bhaskar Group) के कई कार्यालयों पर आयकर विभाग (Income Tax) द्वारा छापा मारे जाने की खबर है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है. अधिकारियों ने नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में दैनिक भास्कर के परिसरों की तलाशी ली है. देश के सबसे बड़े अखबार समूहों में से एक, दैनिक भास्कर कोविड की दूसरी लहर की तबाही पर रिपोर्टिंग करने में सबसे आगे था.

    दैनिक भास्कर ने कोरोना महामारी के दौरान आधिकारिक दावों पर आलोचनात्मक रुख वाली रिपोर्टों की एक श्रृंखला प्रकाशित की थी. आयकर अधिकारियों ने PTI को बताया कि मीडिया समूह दैनिक भास्कर के भोपाल, जयपुर और अन्य स्थानों पर स्थित कई परिसरों में छापे मारे गए हैं.

    सूत्रों ने बताया कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत इंदौर में भी अखबार के दफ्तरों पर छापे मारे जा रहे हैं. इनके अलावा आयकर विभाग के अधिकारी अखबार समूह के प्रमोटरों के आवास की भी तलाशी ले रहे हैं. आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि समूह द्वारा कर चोरी की सूचना के बाद ये छापेमारी की जा रही है.

    दैनिक भास्कर समूह देश के सबसे बड़े मीडिया समूह में से एक है, जिसके एक दर्जन से अधिक राज्यों में 60 से अधिक संस्करण अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशित होते हैं. मध्य प्रदेश में इसका मुख्यालय है

  • राशिफल 22 जुलाई: जानिए गुरूवार के दिन क्या रहेगी आपके ग्रहों की दशा, बता रहे है कालज्ञ ज्योतिर्विद पं. संजय शर्मा जी।

    राशिफल 22 जुलाई: जानिए गुरूवार के दिन क्या रहेगी आपके ग्रहों की दशा, बता रहे है कालज्ञ ज्योतिर्विद पं. संजय शर्मा जी।

    राशिफल: गुरूवार दिनांक 22 जुलाई 2021.

    ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा
    9893129882 , 9424828545 (Paytm , PhonePe, GPay )
    ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्ष , रत्न विशेषज्ञ , प्रेरक (मोटीवेटर)
    कलर थेरेपिस्ट एवं औरा रीडर

    11, न्यू एम.आई.जी. मुखर्जी नगर
    एम.आर. 8, टेलीफोन ऑफिस के सामने
    देवास म.प्र. 455001

    (Aura Reading by Aura Scanning Device)

    विशेष टिप – कुत्ते को रोटी खिलावे , सामाजिक दूरी बनाये रखिये , जहां यात्रा या देशाटन लिखा है उसे घर में घूमकर पूरा कीजिये , जहां धर्म स्थल लिखा है उसे घर का धर्म स्थल मानिये , जहां किसी से मिलने की बात लिखी है उनसे फोन पर मिलिये , मास्क को नाक व मुह पर लगाईये , हाथों को समय समय पर धोते रहिये या हेंड सेनिटायजर का उपयोग कीजिये ।

    मेष . धर्म कर्म में रूचि जागृत होगी किसी पाठ को करने से शांति मिलेगी ।ससुराल के लोगों से मुलाकात हो सकती है वो आ सकते है या आप जा सकते है ।अकस्मात किसी तरह से धन लाभ होगा कितना होगा इस पर विचार न करें।

    वृषभ . अकस्मात धन की प्राप्ती हो सकती है हो सकता है आय का साधन उपयुक्त न लगे।वाहन चलाते समय सावधानी रखिये थोडी सी असावधानी से दुर्घटना हो सकती है ।लंबी दूरी की यात्राओ की योजना बना सकते है देशाटन के प्रबल योग।

    मिथुन . अविवाहितों को विवाह के प्रस्ताव प्राप्त होंगे किसी से भेंट भी हो सकती है ।शांति से काम लीजिये भावनाओं में बहना कष्टकारक हो सकता है ।आपसी सामन्जस्य बढाने के लिये जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते है ।

    कर्क . ननिहाल के लोगों से भेट हो सकती है जिससे संबंधो में प्रगाढ़ता आयेगी । ऋण लेने की योजना फलीभूत होगी योजना के सभी पत्रक ध्यान से पढिये। पुराने रोग के उभरने की संभावना है सावधानी हटी दुर्घटना घटी ।

    सिंह . बुद्धि कौशल दिखाने का अवसर प्राप्त हो सकता है यह सफलता देने वाला होगा। आपकी उपयोगिता बढेगी जिससे आपके अनुयायीयों की संख्या में वृद्धि होगी।भ्रमण एवं मनोरंजन में समय व्यतीत होगा जो मानसिक शांति देने वाला होगा ।

    कन्या . घर में कोई सदस्य बढ़ सकता है रिश्तेदार या दोस्त कोई भी हो सकता है ।माता की आवश्यकताओ की पूर्ती हो जाने से माता की चिंता कम होगी।चिंता न करें भूमि भवन से संबंधित समस्या हल होगी

    तुला . संचार माध्यम से कोई आनंद दायक सूचना मिलेगी जिससे मन प्रसन्न रहेगा ।आपके पराक्रम से लोग अचंभित रहेगें जो आपके लिये आनंद के क्षण होंगे।आपके लिये हरपल मदद तैयार होगी नौकर चाकरों का सहयोग अच्छा रहेगा ।

    वृश्चिक . मन पसंद भोजन की प्राप्ति होने की प्रबल संभावना होगी ।परिवार के लोगों से मेल मिलाप के अवसर प्राप्त होंगे जिससे आपसी सामंजस्य बढेगा । आप सत्य का साथ देंगे तो बिगड़ी बन सकती है हमेशा सत्य का ही साथ देना चाहिये ।

    धनु . मान सम्मान में वद्धि के अवसर की प्राप्ति होगी जो आपके लिये संतोष कारक होगी ।सम्मान बढेगा मनपसंद उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बुजुर्ग से विशेष ज्ञान प्राप्ति का अवसर मिलेगा जो आपके लिये लाभकारी सिद्ध होगा।

    मकर . अपनी स्थिति देखते हुए खर्च कीजिये अत्यधिक खर्च आपको विचलित कर सकता है।किसी विद्वान से भेंट संभव जिससे मोक्ष से संबंधित ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है ।किसी के साथ घूमने फिरने की योजना बनेगी व्यवस्थापक आप हो सकते है ।

    कुंभ . सकारात्मकता बनाये रखिये आय के स्रोत में वृद्धि होगी। आपकी किसी आर्थिक , मानसिक , भौतिक मनोकामना की पूर्ती संभव है ।अपने प्रयास में कोई कमी न आने दें कोई उपलब्धि आपके खाते में जुड़ सकती है ।

    मीन . पिता से किसी प्रकार की मदद मिल सकती है आर्थिक ,भौतिक ,मानसिक किसी भी प्रकार की मदद। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी किसी कार्य के लिये सम्मानित हो सकते है । सम्मानकारक समय है यश और कीर्ति का झंडा फहरायेगें ।

    ज्योर्तिविद पं. संजय शर्मा 9424828545, 9893129882

  • कोवीशील्ड लेने वालों की यूरोप में एंट्री मुश्किल:यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने कहा- कोवीशील्ड के ऑथराइजेशन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट से एप्लिकेशन नहीं मिली

    कोवीशील्ड लेने वालों की यूरोप में एंट्री मुश्किल:यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने कहा- कोवीशील्ड के ऑथराइजेशन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट से एप्लिकेशन नहीं मिली

    यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी को कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड के ऑथराइजेशन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से कोई आवेदन नहीं मिला है। EMA ने कहा कि यूरोपीय संघ में इस्तेमाल के लिए डेवलपर को EMA को फॉर्मल मार्केटिंग ऑथराइजेशन एप्लिकेशन देनी होती है, लेकिन कोविशील्ड ने अभी तक नहीं दी है।

    यूरोपीय संघ ने करीब 15 दिन पहले EU डिजिटल कोविड सर्टिफिकेट पेश किया था, जिसे दिखाकर वहां पर यात्रा की जा सकती है। EMA ने कोरोना काल में यूरोप में यात्रा के लिए अब तक चार टीकों मंजूरी दी है। ये हैं- फाइजर/बायोएनटेक, मॉडर्न की स्पाइकवैक्स, एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड और जॉनसन एंड जॉनसन की जेनसेन।

  • वैक्सीनेशन का यह भी फायदा: NIV की रिसर्च में खुलासा, वैक्सीन लगवाने वालों को डेल्टा वैरिएंट से मौत का खतरा 99% तक कम

    वैक्सीनेशन का यह भी फायदा: NIV की रिसर्च में खुलासा, वैक्सीन लगवाने वालों को डेल्टा वैरिएंट से मौत का खतरा 99% तक कम

    सरकार से लेकर हेल्थ वर्कर्स तक सभी वैक्सीनेशन को ही कोरोना संक्रमण के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार मान रहे हैं। कई रिसर्च में ये साबित भी हुआ है। वैक्सीनेशन पर की गई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) की स्टडी में ऐसी ही कुछ जानकारी सामने आई है।

    Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक वैक्सीन कोरोना के सबसे खतरनाक और तेजी से फैलने वाले डेल्टा वैरिएंट से होने वाली मौतों से 99% तक सुरक्षा मुहैया कराती है। रिसर्च के रिजल्ट से पता चला है कि वैक्सीनेशन के बाद संक्रमित होने वाले 9.8% लोगों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी, जबकि सिर्फ 0.4% संक्रमितों की मौत हुई। वैक्सीनेट व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने पर उसे ब्रेकथ्रो इंफेक्शन कहा जाता है।

  • कर्नाटक में सियासी हलचल:इस्तीफे की अटकलों के बीच नड्‌डा और शाह से मिले मुख्यमंत्री येदियुरप्पा; इस्तीफे के सवाल पर बोले- इसमें कोई सच्चाई नहीं

    कर्नाटक में सियासी हलचल:इस्तीफे की अटकलों के बीच नड्‌डा और शाह से मिले मुख्यमंत्री येदियुरप्पा; इस्तीफे के सवाल पर बोले- इसमें कोई सच्चाई नहीं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मीटिंग के एक दिन बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। पार्टी आलाकमान से मुलाकातों के बाद से ही कयास लगाए जाने लगे हैं कि येदियुरप्पा जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ती उम्र और खराब सेहत की वजह से येदियुरप्पा अब मुख्यमंत्री नहीं बने रहना चाहते। हालांकि इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल सच नहीं है। शुक्रवार को मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और हमने राज्य के विकास पर विस्तृत रूप से चर्चा की। अगले महीने के पहले हफ्ते में मैं फिर दिल्ली आऊंगा।”

  • 7th Pay Commission news: बढ़ गया महंगाई भत्‍ता, 28 फीसद के हिसाब से कितनी रकम बढ़कर आएगी Bank में?

    7th Pay Commission news: बढ़ गया महंगाई भत्‍ता, 28 फीसद के हिसाब से कितनी रकम बढ़कर आएगी Bank में?

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीए और डीआर की बहाली का निर्णय लिया है। डीए की दर 17 फीसद थी जिसमें 11 फीसद की वृद्धि हुई है। जिससे अब यह 28 फीसद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक जुलाई 2021 से लागू किया जाएगा।

    नई दिल्ली: लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। इन्हें आज DA में बढ़ोत्तरी का तोहफा मिल गया है। सरकारी कर्मचारियों को इस दिन का लंबे समय से इंतजार है। बुधवार को यानि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। इस बैठक में ही यह फैसला लिया गया। अब सरकारी कर्मचारियों को अगस्त महीने से बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते पर लगी रोक को हटाने का फैसला लिया है। साथ ही सरकार पेंशनरों के लिए महंगाई राहत पर लगी रोक को हटाने के लिए भी तैयार हो गई है।

    ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीए (DA) और डीआर (DR) की बहाली का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि डीए की दर 17 फीसद थी, जिसमें 11 फीसद की वृद्धि हुई है। जिससे अब यह 28 फीसद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक जुलाई 2021 से लागू किया जाएगा।

  • क्या 4 श्रम संहिताओं के बदल जाएंगे नियम? नए श्रम मंत्री कर रहे रिव्यू

    क्या 4 श्रम संहिताओं के बदल जाएंगे नियम? नए श्रम मंत्री कर रहे रिव्यू

    नई दिल्ली: उद्योग की कुछ चिंताओं को दूर करने के प्रयास में सरकार चार श्रम संहिताओं के तहत प्रस्तावित नियमों पर फिर से विचार कर रही है। सूत्रों ने बताया कि नए श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रस्तावित नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है कि क्या किसी बदलाव की जरूरत है। जल्द ही मंत्री द्वारा उद्योग निकायों और ट्रेड यूनियनों से परामर्श करने की संभावना है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने नए मंत्री को नियमों के बारे में एक प्रेजेंटेशन दिया है। इसमें कोई भी सुधार करना उनका विशेषाधिकार है।

    चार संहिताओं में शामिल, वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता का उद्योग के लिए रोजगार की लागत पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सरकार ने भत्तों को वेतन के 50% पर सीमित कर दिया है, जिससे इंप्लॉयर्स द्वारा उच्च ग्रेच्युटी भुगतान की संभावना है।

    इंप्लॉयर्स चाहते हैं ग्रेच्युटी पेमेंट में ‘ग्रैंडफादरिंग क्लॉज’
    इंप्लॉयर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडस्ट्री बॉडीज ने सरकार से ग्रेच्युटी भुगतान के लिए एक ‘ग्रैंडफादरिंग क्लॉज’ पेश करने की मांग की है क्योंकि कोड्स के तहत ‘वेतन’ की नई परिभाषा से प्रति कर्मचारी लागत में काफी वृद्धि होगी। उन्होंने नई वेतन परिभाषा के तहत कुछ फ्लेक्सिबिलिटी की भी मांग की है, जिसने वेतन के 50% पर भत्ते को सीमित कर दिया है।

  • बिजली विधेयक के विरोध में 10 अगस्त को बिजली इंजीनियरों, कर्मचारियों की हड़ताल

    बिजली विधेयक के विरोध में 10 अगस्त को बिजली इंजीनियरों, कर्मचारियों की हड़ताल

    एआईपीईएफ ने बुधवार को कहा कि प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक 2021 के विरोध में 10 अगस्त को बिजली इंजीनियर और कर्मचारी एक दिन के लिए काम का बहिष्कार करेंगे।

    ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने एक बयान में कहा कि संसद के मानसून सत्र के लिए सूचीबद्ध विधेयक को जल्दबाजी में नहीं लाया जाना चाहिए और इसे ऊर्जा पर स्थायी समिति को भेजा जाना चाहिए।
    मीटिंग में ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन,ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ़ पॉवर डिप्लोमा इंजीनियर्स, ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ़

    इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस (एटक),इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया (सीटू), इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी वकर्र्स फेडरेशन (इंटक ) और ऑल इंडिया पावरमेन्स फेडरेशन के अध्यक्ष व् महामंत्री उपस्थित थे। दुबे ने बताया कि केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 संसद में रखने और पारित करने का एलान किया है जिसके विरोध में बिजली कर्मियों को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला लेना पड़ा है।

    उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिजली क़ानून में व्यापक बदलाव वाले इस बिल को जल्दबाजी में पारित करने के बजाये इसे संसद की बिजली मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए और कमेटी के सामने बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों को अपने विचार रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए। बिजली इंजीनियर ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में उत्पादन का लाइसेन्स समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया जिसके परिणाम स्वरुप देश की जनता को निजी घरानों से बहुत महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है। अब इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के जरिये बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है जिससे बिजली वितरण के सम्पूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

  • 1करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ अन्याय- अश्विनी राणा

    1करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ अन्याय- अश्विनी राणा

    सरकार ने महंगाई भत्ते पर लगी रोक हटाने का फैसला किया है। महंगाई भत्ते को 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। कोविड-19 महामारी के कारण सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के महंगाई राहत पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब इसे बहाल कर दिया गया है। यह 1 जुलाई 2021 से लागू होगा। इसके कारण 52 लाख कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स को 1 जुलाई से तो बड़ा हुआ महंगाई भत्ते की तीन किश्त जो की 11% होती है मिल जायेंगी लेकिन पिछले 18 महीने का एरियर नहीं मिलने से लाखों का नुक्सान होगा ।

    सरकार ने बीते साल में 1 जनवरी, 2020 और 1 जुलाई, 2020 को केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्तों की किस्त पर रोक लगा दी थी। इस रोक के कारण कर्मचारियों और पेंशनर्स को दोहरा नुक्सान हो रहा है एक तरह वह महंगाई की मार झेल रहे हैं दूसरी और 18 महीने से महंगाई भत्ता नहीं मिला है। महंगाई भत्ता कोई एहसान नहीं होता बल्कि महंगाई की क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाता है।

    52 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को 23700 से 330000 और 60 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को 11800 से 165000 का पिछले 18 महीनों में मंहगाई भत्ते का नुकसान हुआ है।

    सबसे ज्यादा तीन गुना नुक्सान उन कर्मचारियों को हुआ है जो कर्मचारी 30 जून 2021 तक सेवानिवृत होने वाले थे क्योंकि ग्रेचुय्टी और लीव इनकेश्मेंट की गर्णना बेसिक पे और महंगाई भत्ते के आधार पर होती है। सरकार द्वारा महंगाई भत्ते के क़िस्त जारी करने की घोषणा 1 जुलाई से करने के कारण इन कर्मचारियों को न तो 18 महीने का महंगाई भत्ते का एरियर मिलेगा और ग्रेचुय्टी और लीव इनकेश्मेंट में भी भारी नुक्सान होगा।

    यदि कोई कर्मचारी 30 जून 2021 को 95500 के बेसिक पे पर सेवानिवृति होता है तो उसे 4 लाख का नुक्सान होगा ( 18 महीने का महंगाई भत्ता 126000 + ग्रेचुय्टी 173000 + लीव इनकेश्मेंट 105000)

    सरकार से मांग है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को मंहगाई भत्ता 1 जनवरी 2020 से 4%, 1 जुलाई 2020 से 7% और 1 जनवरी 2021 से 11% जारी किया जाये। जब यह पैसा इन कर्मचारियों को मिलेगा तो वो इसको खर्च करेंगे और मार्किट में केश का इनफ्लो बढ़ेगा जिससे आर्थिक मंदी को भी कम करने में लाभ होगा।