Author: AVS POST Bureau

  • पड़ताल- पश्चिम यूपी में बीजेपी के सामने ये 5 बड़ी चुनौतियां

    पड़ताल- पश्चिम यूपी में बीजेपी के सामने ये 5 बड़ी चुनौतियां

    नई दिल्ली: यूपी में चुनाव बेहद दिलचस्प होने लगा है। स्वामी प्रसाद मौर्य फैक्टर ने यूपी में बीजेपी की ‘एज’ को बिगाड़ दिया है। अभी तो नुकसान हो चुका है। अगर पहले दौर में पश्चिमी यूपी की 58 सीटों की बात की जाए तो यहां बीजेपी ‘खाई’ में लग रही है। ये 5 फैक्टर महत्वपूर्ण हैं।
    1- बीएसपी प्रमुख मायावती की ‘धीमे चलो वाली स्ट्रैटेजी’ कहीं न कहीं बीजेपी के खिलाफ जा रही है। बीएसपी के कट्टर वोट बैंक को मायावती का मुखर न होना खलने लगा है और इसके चलते बीजेपी विरोधी दलित वोट भी एसपी को ओर ‘शिफ्ट’ होता लग रहा है। शहरी इलाकों में भले ही अभी भी बीजेपी के पक्ष में रुझान दिख रहा है, लेकिन किसानों वाली बेल्ट में समाजवादी पार्टी और आरएलडी गठबंधन की ओर ‘एज’ है। इसको बराबर कर पाना बीजेपी के लिए अब आसान नहीं होगा, क्यों वोटिंग में ज्यादा समय नहीं बचा है। दूसरा फैक्टर है मुस्लिम वोटर्स की रणनीतिक चुप्पी साध लेना। औवेसी की भड़काने वाली तकरीरें हों या बीएसपी की मुसलिम प्रत्याशी उतारने की रणनीति। मुसलिम वोटर्स इस बार सीधे बीजेपी को हरा पाने की क्षमता केवल समाजवादी पार्टी में ही देख रहा है। जिस कन्फ्यूजन से बीजेपी को हर बार फायदा मिलता रहा है, इस बार वो बहुत ही कम लग रहा है। यानी बीएसपी ने अगर कोई बड़ी रणनीति नहीं अपनाई तो बीजेपी और एसपी-आरएलडी गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होगा। शायद इसीलिए योगी को 80 बनाम 20 फीसदी का जुमला उछालना पड़ा ।
    2- किसान आन्दोलन के चलते मुसलिम और जाट वोटर्स के बीच बनी खाई काफी हद तक भर चुकी है। गुर्जर बेल्ट में अभी भी बीजेपी को मुखर समर्थन है, लेकिन जाट बेल्ट अब आरएलडी के साथ दिख रही है। इसका सीधा फायदा अखिलेश यादव को होता लग रहा है। लगता नहीं है कि बीजेपी के पास अब कोई चमत्कारिक रणनीति बची है। मोदी और योगी के भाषण कुछ कमाल कर पाएं तो अलग बात है।
    3- गन्ने के दाम योगी सरकार ने बढाए तो लेकिन काफी देर से। इसका गुस्सा भी गन्ना बेल्ट के किसानों में है। अब बीजेपी डैमेज कंट्रोल के लिए सब कुछ कर रही है, लेकिन लगता नहीं है कि इतने कम समय में ये हो पाएगा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जब ऑक्सीजन संकट आया था, उसमें योगी सरकार को काफी डैमेज हुआ था, लेकिन लगता है कि उसको कंट्रोल कर लिया गया। हालांकि विपक्ष के समर्थक अभी भी लोगों को गंगा में तैरते शवों की याद दिला रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की जा रही है, इसका भी असर पड़ सकता है।
    4- पिछले पांच साल में बीजेपी के चुने गए मंत्री और विधायक भी लोगों को इतने पावरफुल नहीं दिखाई दिए, जिसके कारण कार्यकर्ताओं में तनिक असंतोष है। इसलिए अगर किसान आन्दोलन की तर्कों से निपटने के लिए बीजेपी के कार्यकर्ता इस बार बहुत ज्यादा मुखर नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि लगता है आरएसएस की मदद से बीजेपी आखिरी तक इस कमी से पार पा लेगी। लेकिन ये भी एक फैक्टर तो है ही।
    5- चुनाव के नतीजों का आंकनल करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी, लेकिन बीएसपी के वोटर्स का रुझान आखिरी तक क्या रहता है, ये भी काफी कुछ तय करेगा। पश्चिमी यूपी के गांवों में दस फीसदी और शहरों में करीब 15 से 18 फीसदी तक दलित वोटर का रुझान महत्वपूर्ण होगा। अगर ये मायावती के साथ बना रहा तो त्रिकोणीय मुकाबले के कारण बीजेपी का नुकसान कम होगा। उसके बाद बीजेपी के भीतर ये ताकत तो है कि वो ‘डैमेज कंट्रोल’ कर सकती है। सो देखते रहिए।
    यह पड़ताल वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय के फेसबुक वॉल से ली गई है वो हाल ही में पश्चिमी यूपी के दौरे से लौटे हैं। आप सभी इस पर अपनी राय कमेंट के जरिए दे सकते हैं।
  • क्रिकेट के ‘विराट’ ने दिया इस्तीफा,जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी!

    क्रिकेट के ‘विराट’ ने दिया इस्तीफा,जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी!

    क्रिकेट: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट टीम की टेस्ट कप्तानी छोड़ दी है। विराट ने टेस्ट की कप्तानी छोड़ दी है, लेकिन उन्होने संयास नहीं लिया है।

    साउथ अफ्रीका में मिली सीरीज हार के बाद विराट कोहली ने बड़ा फैसला लिया है. शनिवार शाम को विराट कोहली ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी है.

    विराट कोहली ने ट्वीट कर खबर की पुष्टि कर दी है।

    विराट कोहली ने ट्विटर पर एक संदेश जारी कर इसका ऐलान किया. विराट कोहली ने अपने संदेश में लिखा कि पिछले सात साल से लगातार कड़ी मेहनत और हर रोज टीम को सही दिशा में पहुंचाने की कोशिश रही. मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया और कोई भी कसर नहीं छोड़ी. लेकिन हर सफर का एक अंत होता है, मेरे लिए टेस्ट की कप्तानी को खत्म करने का यही सही वक्त है.

    जानकारी के लिए बता दें कि, भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने गई थी। यह सीरीज भारत ने 2-1 गंवा दी थी। अभी भारत को साउथ अफ्रीका से वनडे सीरीज खेलनी है। लेकिन उससे पहले विराट कोहली ने बड़ा फैसला लिया है।
    विराट कोहली वनडे-टेस्ट और टी-20 फार्मेंट में खेलते हुए नजर आएंगे। विराट कोहली के फैंस के लिए चौंकाने वाली खबर हैं।
    विराट के ट्वीट के बाद बीसीसीआई ने भी ट्वीट किया है। बीसीसीआई ने विराट को धन्यवाद करते हुए कहा आपने टीम को उंचाई तक पहुंचाया।

    बीसीसीआई का विराट को ट्वीट

  • इस सीट से योगी लड़ेंगे चुनाव, जानिए अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया

    इस सीट से योगी लड़ेंगे चुनाव, जानिए अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया

     

    लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने यूपी चुनान के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने पहले और दूसरे चरण के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की.पहले चरण के 58 में 57 सीटों के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई. दूसरे चरण के 55 में से 48 सीटों की घोषणा भी की गई।

    केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पहले और दूसरे चरण के लिए जारी प्रत्याशियों की लिस्ट में 21 प्रत्याशियों पहली बार चुनाव लड़ेंगे. 107 सीटों में से 21 विधायकों का टिकट काटा गया है. बता दें कि इससे पहले सपा 29, बसपा 53 और कांग्रेस 125 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर चुकी है। वहीं योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से लड़ने पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने चुटकी ली है। अखिलेश ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि योगी जी को जनता घर वापस भेजती इसके पहले ही भाजपा ने उन्हें घर वापस भेज दिया है। उन्होंने कहा, ह्लमुझे खुशी है की पार्टी ने उन्हें सीधे उनके घर भेज दिया। पहले उन्हें अयोध्या फिर मथुरा से लड़वाने की बात कही गयी। योगी जी भाजपा के सदस्य नहीं हैं इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया। इसके लिये हम भाजपा को धन्यवाद देते हैं।

    प्रत्याशियों की सूची (BJP Candidate List for UP Election 2022) :

    सीएम योगी गोरखपुर शहर से लड़ेंगे चुनाव

    केशव मौर्या कौशाम्बी की सिराथू सीट से लड़ेंगे

    सरगना- संगीत सोम
    हस्तिनापुर- दिनेश खटीक
    मेरठ केंट- अमित अग्रवाल
    किठौर- कपिल शर्मा
    छपरौली- सहेन्द्र रमल
    बड़ौत – केपी मल्लिक
    बागपत – केसी धामा
    साहिबाबाद- सुनील शर्मा
    गाजियाबाद- अतुल गर्ग


    हापुड़- विजयपाल
    गढ़मुक्तेश्वर- हरेंद्र चौधरी
    नोएडा- पंकज सिंह
    जेवर धीरेंद्र सिंह
    सिकंदराबाद- लक्ष्मी नारायन चौधरी
    सयाना- देवेंद्र लोधी
    ढिभाई- सीपी सिंह
    खुर्जा – मीनाक्षी सिंह
    खैर – अनूप बाल्मीकि
    अतरौली- कल्याण सिंह के नाती संदीप सिंह
    मथुरा – श्रीकांत शर्मा
    बलदेव-पुर्णप्रकाश जाटव
    एतमाद पुर- डॉ धर्मपाल
    आगरा कैंट- जिस धर्मेश
    आगरा नार्थ- पुरुषोत्तम
    आगरा ग्रामीण- बेबी रानी मौर्य

    लखनऊ से हार्दिक गुप्ता की रिपोर्ट

  • समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ उत्तरप्रदेश की राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सचिव बने अनिल पाल

    समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ उत्तरप्रदेश की राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सचिव बने अनिल पाल

     

    लखनऊ: नोएडा में किसानों की लड़ाई लड़ने वाले अनिल पाल को समाजवादी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी में जगह मिली है। पश्चिमी प्रदेश के कद्दावर समाजवादी नेता अनिल पाल को समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ उत्तरप्रदेश की राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सचिव नामित किया गया है। इस बाबत सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने एक पत्र भी जारी किया है। अनिल पाल को समाजवादी पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने ,संग़ठन को मजबूत करने का जिम्मा दिया गया है साथ ही नोएडा विधानसभा सीट पर सपा के उम्मीदवार की जीत हर हाल में हो इसके लिए भी अनिल पाल अपनी पूरी ताकत लगाएंगे।

    अनिल पाल नोएडा के जुझारू नेता माने जाते हैं उन्होंने कोरोना काल में जरुरतमंदो की काफी मदद की थी और अभी भी कर रहे हैं। सपा की राज्य कार्यकारिणी में अनिल को जगह मिलने के बाद से पाल समाज काफी खुश दिख रहा है।

     ये पदाधिकारी भी हुए हैं नामित

    समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि समाजवादी लोहिया वाहिनी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने राम ज्ञान गुप्ता हरदोई को राष्ट्रीय सचिव नामित किया है. युवजन सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फ़हद ने गोपाल यादव सोनभद्र को राष्ट्रीय सचिव नामित किया है.

    प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के निर्देश पर युवजन सभा उत्तर प्रदेश की राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि ने कुलदीप पाल फर्रुखाबाद को प्रदेश सचिव नामित किया है. समाजवादी मजदूर सभा उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह ने नदीम खान (गुड्डू) को मजदूर सभा संभल का जिलाध्यक्ष नामित किया है.

     

  • सावधान! कोरोना संक्रमण रात में तेजी से फैलता है

    सावधान! कोरोना संक्रमण रात में तेजी से फैलता है

     

    नई दिल्ली:  हमारे दोस्त सोनू का एक दिन फोन आया। बोले मित्र देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सावधान रहना, सतर्क रहना। मैंने भी हां में हां मिलाया और कहा आप भी अपना ख्याल रखना। सोनू ने कहा कोशिश करना रात 10 बजे से सुबह 5-6 बजे तक कहीं न आना-जाना। सुना है कोरोना रात में बड़ी तेजी से फैसला है। दिन में तो उतना डर नहीं होता लेकिन रात बड़ी जोखिम वाली हो गई है। मैं कहा क्यों- हंसकर उसने बोला- भाई सबसे ज्यादा कोरोना स्कूलों, रेस्टोरेंट, जिम, स्वीमिंग पूल जैसे स्थानों पर फैलता है इन जगहों पर बिल्कुल मत जाना। राज्य सरकारों ने नाइट कर्फ्यू और पाबंदियां भी इन्हीं चीजों पर ही लगाई है। अब तो दुकानों और बाजारों तक कोरोना पहुंच गया है। यही नहीं अगर आप अपनी कार या दो पहिया गाड़ी में हैं तब भी मास्क जरुर लगाना क्योंकि कोरोना का कुछ पता नही होता। कब दुमदुमाकर शरीर में प्रवेश कर जाए।

    मेरे पास कोई नहीं था लेकिन फिर भी बिना मुस्कुराए रहा नहीं गया। मैं कहा सोनू भाई कोरोना का खतरा तो हर जगह होता है। सावधान तो रहना ही चाहिए। इससे अपना ही फायदा है। जिसको एक बार संक्रमण हो गया शारीरिक पीड़ा से ज्यादा मानसिंक पीड़ा उसको होती है और परिवार वाले अलग से परेशान होते हैं। राज्य सरकारों ने नाइट कर्फ्यू कुछ सोच समझकर ही लगाया होगा। पाबंदी भी तो हमारे आप के लिए ही लगाई गई है। सोनू ने फिर कहा- नहीं मित्र आप गलत सोच रहे हैं।

    मैं कहा वो कैसे? सोनू ने कहा पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। नेता रैली कर रहे हैं। आप मीडिया में हैं तो वीडियो और तस्वीरें भी रोजाना देखते ही होंगे। रैलियों में हजारों और लाखों की भीड़ उमड़ रही है। वहां कितने लोग मास्क लगाते हैं। नेता भी मास्क नही लगा रहे। अगर लगाते हैं तो बहुत कम। कोरोना नियमों का पालन वहां कितना होता है आप से बेहतर कौन जानता है। फिर भी वहां कोरोना का खतरा नही होता। रैलियों में लाने के लिए लोगों को बसों में ठूंस-ठूंसकर बैठाया जाता है। क्या वहां एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था होती है। मेट्रो और बसों में बैठकर आप कहीं जाना चाहते हैं तो वहां कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा होता है। वहां पर नियम बने हैं। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है, बसों और मेट्रो का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन रैली में देखिए। रैली में जानी वाली बसों और कारों को देखिए। वहां कोई नियम कानून नहीं। मजेदार बात यह है कि नियम कानून बनाने वाले नेता और इसका पालन कराने वाले यानी पुलिस-प्रशासन के सामने खुल्लम खुल्ला कोरोना नियम की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। सब खामोश रहते हैं।

    इससे तो यही समझ में आता है कोरोना संक्रमण भीड़ में नहीं सूनसान जगहों पर तेजी से फैलता है। अभी आप देखना मतदान के दिन भी लाखों लोग वोट करेंगे। वोटों की गिनती और नेताओं की जीत का जश्न भी खूब मनेगा। क्योंकि इन जगहों पर कोरोना का खतरा नही होगा। वजह साफ है कोरोना भी नेताओं से डरता है। भीड़ को देख वह भी भयभीत हो जाता है।

    मैंने कहा भाई कई नेताओं को भी कोरोना अपनी चपेट में ले लिया है। भीड़ में कोरोना बड़ी तेजी से फैलता है। ये आपको किसने कह दिया नेताओं और भीड़ से कोरोना को डर लगता है। सोनू ने कहा जिन नेताओं की छाती 56 इंच की नही होगी उन्हीं को कोरोना हुआ होगा। या फिर ऐसे लोगों को कोरोना हुआ होगा जो डरपोक टाइप के होंगे या फिर फैसले ठीक से नहीं ले पाते होंगे। आप तो मीडिया में हैं बेहतर तो आप ही बता पाएंगे।

    शराब की दुकानें खुली हैं। सभी सरकारी दफ्तर भी खुले हैं। नेताओं की रैलियां धड़ाधड़ हो रही हैं। जिन जगहों से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है सब खुले हैं। क्योंकि इन तमाम जगहों पर कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है। शादी समारोह हो, बर्थ-डे पार्टी या फिर स्कूल यहां कोरोना का डर सबसे ज्यादा होता है। पिछले दो साल से स्कूल-कालेज बंद हैं। कोरोना इन जगहों तेजी से पहुंच जाता है। इसीलिए सरकार भी इन पर सख्त पाबंदी लगाई है। प्राइवेट दफ्तरों में भी कोरोना को पहुंचते देर नहीं लगती। बाजारों में तो दुकानें खुलते ही कोरोना का विस्फोट होने लगता है। लेकिन जब कोई सरकारी कार्यक्रम होता है या नेताओं का कोई जलसा होता है तो वहीं कोरोना की क्या मजाल वह पर भी मार दे। उसकी हिम्मत ही नहीं नेताओं तक जाने की।

    मैं हंसने लगा। बोला भाई मेरे…. सरकार जो काम करती है या जो भी फैसले लेती है वह जनहित में ही होता है। सोनू ने फिर मेरी बात काट दी। बोले फिर आप गलत बोल रहे हैं। कोरोना को आए दो साल बीत चुके हैं। पिछली लहर में आपने देखा ही होगा। कितना कहर बरपाया। लोग आक्सीजन सिलेंडर के लिए परेशान रहे। कितने लोग अपनों को खो दिए। आलीशान महल में रहने वाले नेताओं को कहीं देखा। अगर देखा भी होगा तो सिर्फ फोटो खिंचवाने तक। नेता महल में रहते हैं और बात करते हैं गरीबों की। चलते हैं हवाई जहाज और निजी हेलीकाप्टर से। लेकिन जरुरतमंदों तक पहुंचने में लंबा वक्त लग जाता है। आप कह सकते हैं कम से कम चुनाव आने तक वह जनता तक नहीं जा पाते। उससे पहले तो आपको पहचानेंगे तक नहीं। जनहित का नारा देने वाले कितने नेता दिखे जरुरतमंदों की मदद करते।

    कोरोना ने सभी पार्टियों और जनहित में कार्य करने वाले नेताओं की पोल खोल दी। कई नेताओं के पास तो खुद के कई-कई अस्पताल हैं। कितने नेता अपने अस्पताल में गरीबों का मुफ्त में इलाज करवा दिए। आपके पास है कोई डाटा। मैं निरत्तर था।

    सोनू ने कहा भाई खुद सुरक्षित तो दुनिया सुरक्षित। इसलिए आप सुरक्षित रहें और सबकी भलाई और हितों को लेकर खबरें लिखते रहें। और हां सरकार और नेताओं की खामी जनता को जरुर बताएं ताकि लोकतंत्र जिंदा रहे।
    मैं कहा भाई कोशिश करूंगा आपकी बात का मान रख सकूं। आप सरकार से नाराज दिख रहे हैं। सोनू ने कहा जिनको कोरोना हुआ है या हो चुका है और जो अपनों को खो चुके हैं वही बेहतर बता सकते हैं सरकार के दावों में कितनी सच्चाई है। मगर इतना जरुर कहूंगा नेताओं और सरकार को गरीबों की चिंता बातों से नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर करनी चाहिए। मैं कहा जरुर। आप कोरोना की वैक्सीन अभी तक अगर नहीं लगवा पाए हैं तो तुरंत लगवाएं और भी लोगों को प्रेरित करें। सब सुखी रहें, सब स्वस्थ रहें।

    अस्वीकरण: यह व्यंग्य वरिष्ठ पत्रकार मंगल यादव द्वारा लिखी गई है इसका किसी के निजी जीवन से कोई वास्ता नहीं है।

  • मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए गाइडलाइन्स जारी

    मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए गाइडलाइन्स जारी

    लखनऊ: कोरोना की बढ़ती रफ़्तार के बीच प्रदेश सरकार ने 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति को पहले स्नान के लिए प्रयागराज के संगम में स्नान के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी है. मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की तरफ़ से मकर संक्रांति और माघ मेला स्नान को लेकर गुरुवार को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए. नए नियम के मुताबिक मकर संक्रांति और माघ मेले में उन्हीं लोगों को एंट्री दी जाएगी जिन्होंने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है. साथ ही कोरोना के लक्षण वाले लोगों से अपील की गई है कि वे स्नान के लिए संगम न जाएं.


    संगम में स्नान के लिए ये होंगे नियम:-

    विभिन्न बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलायें, बच्चें तथा ऐसे व्यक्ति जिनमें कोविड के लक्षण जैसे – खाँसी , जुखाम , बुखार इत्यादि हैं , को मेला / स्नान वाली जगह पर न जाने का अनुरोध किया जाये.

    स्नान/मेले वाले स्थान पर पर्याप्त पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को कोविड के संबंध में जागरूक किया जाये. आम जनमानस को मास्क लगाने, भीड़ एकत्रित न करने और कोविड गाइडलाइन्स के अनुपालन के लिए प्रेरित किया जाये.

    समस्त जनपदों में जहां मकर संक्रान्ति का स्नान होना है व मेला लगना है, वहां थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये. यदि कोई व्यक्ति सर्दी, खासी, जुखाम और बुखार आदि के लक्षण से ग्रसित हो तो उन्हें मेले / स्नान में भाग न लेने के लिए अनुरोध किया जाये एवं तत्काल उनका आरटीपीसीआर / ट्रनेट / एण्टीजन टेस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये.

  • कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने की तैयारी, डीएम सुहास एल वाई ने की अधिकारियों के साथ बैठक

    कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने की तैयारी, डीएम सुहास एल वाई ने की अधिकारियों के साथ बैठक

    नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए कोविड-19 के नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण नरेंद्र भूषण ने अधिकारियों के साथ ऑनलाइन की बैठक की जिसमें संबंधित अधिकारियों को कोविड-19 को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। जनपद में कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मरीजों को दृष्टिगत रखते हुए कोविड-19 के नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण नरेंद्र भूषण ने आज स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ कोविड-19 को लेकर ऑनलाइन बैठक करते हुए समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में कोरोना के मरीज की संख्या निरंतर स्तर पर बढ़ रही है। इसलिए सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गण, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी गण कोविड-19 प्रोटोकॉल को लेकर पूर्व की भांति कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कोविड-19 को लेकर अस्पतालों के संबंध में गहन विचार विमर्श किया और सभी प्रकार की तैयारियों के संबंध में जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को लेकर उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा मरीजों के इलाज के संबंध में जो वर्तमान गाइडलाइन जारी की गई है उसके अनुरूप सभी संक्रमित व्यक्तियों को होम आइसोलेशन की सुविधा, मेडिसिन किट आदि व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की कार्रवाई की जाए ताकि सभी संक्रमित व्यक्ति शीघ्रता के साथ स्वस्थ हो सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 कंट्रोल रूम को और अधिक एक्टिव होकर कार्यवाही करने की आवश्यकता है। कोविड-19 के संबंध में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों ने नोडल अधिकारी को जानकारी देते हुए बताया कि सभी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित है। उन्होंने इस अवसर पर निगरानी समितियों को सक्रिय करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। बैठक का संचालन जिला अधिकारी सुहास एल वाई के द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार शर्मा तथा चिकित्सा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।

  • टूटा अब-तक का रिकॉर्ड, एक दिन में 1.50 लाख नए केस, PM मोदी ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

    टूटा अब-तक का रिकॉर्ड, एक दिन में 1.50 लाख नए केस, PM मोदी ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

    नई दिल्ली: देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच PM मोदी ने रविवार शाम 4:30 बजे इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में प्रधानमंत्री कुछ बड़े फैसले भी ले सकते हैं। देश में पॉजिटिविटी रेट 10 से ऊपर निकल चुका है। ऐसे में मीटिंग के दौरान लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाने की अनुशंसा भी की जा सकती है।

    देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर में संक्रमण का आंकड़ा पहली बार डेढ़ लाख के आंकड़े को पार कर गया है। 24 घंटे में संक्रमण के 1 लाख 59 हजार 424 केस सामने आए हैं और 327 लोगों की मौत हुई है। आज 40,000 से ज्यादा लोग रिकवर हुए हैं।

    वहीं, राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र (41,434), दिल्ली (20,181) और बंगाल (18,802) में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले हैं। टॉप 10 राज्यों में ही 1.26 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित।

  • Union Budget 2022: बजट में आम आदमी के लिए क्या हो सकता है खास?

    Union Budget 2022: बजट में आम आदमी के लिए क्या हो सकता है खास?

    नई दिल्ली: आने वाली 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करेंगी। बजट की तैयारी जारी हैं। बजट 2022 पेश होने में अब सिर्फ 22 दिन रह गए हैं, बजट को लेकर चारों तरफ यही चर्चा शुरू हो चुकी है।

    2021-22 के बजट में मोदी सरकार ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए आम आदमी के जीवन को सरल बनाने के लिए कई योजनाएं और नीतियां शुरू की थीं। आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना से लेकर वाहन स्क्रैपिंग नीति तक आम आदमी के लिए कई घोषणाएं की गईं थीं।

    उम्मीद की जा रही है कि आने वाले बजट के साथ ही वित्त मंत्री आर्थिक सुधार को गति देने के लिए घोषणाएं कर सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीतारमण देश में उद्यमिता (entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए भी निर्णय ले सकती हैं।

    पिछले बजट में, सरकार ने कर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया था, जिसका अर्थ है कि करदाताओं के लिए कोई महत्वपूर्ण राहत की घोषणा नहीं की गई थी।

    सीतारमण उम्मीद ये की जा रही हैं आने वाला बजट पिछले बजट के मुताबिक आप आदमी के लिए कुछ अलग हो सकता है। पिछले बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई थी। नए नियम के अनुसार, 75 वर्ष से अधिक उम्र के करदाता और पेंशन और जमा से आय वाले करदाता आयकर रिटर्न से छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    2022-23 के बजट में मोदी सरकार देश की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए नई घोषणाएं भी कर सकती है। इसके अलावा सरकार आम आदमी की सुविधा के लिए नए राजमार्ग, रेलवे, हवाई मार्ग और जलमार्ग जैसे बुनियादी ढांचे से संबंधित घोषणाएं कर सकती हैं।

  • UP-PUNJAB सहित पांच राज्यों में बजा चुनावी बिगुल,10 मार्च को होगी मतगणना

    UP-PUNJAB सहित पांच राज्यों में बजा चुनावी बिगुल,10 मार्च को होगी मतगणना

    नई दिल्ली: पांच राज्यों यानी कि यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में आज यानि 8 जनवरी को चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है. इसके साथ ही देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का आरंभ हो गया है. इन राज्यों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होंगे और 10 मार्च को नतीजे आएंगे. पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर में भी सियासी तापमान बढ़ चुका है. इलेक्शन डेट्स की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है.18.34 करोड़ वोटर इस चुनाव में लेंगे हिस्सा वही COVID के चलते हर बूथ पर सिर्फ 1250 मतदाता वोट डाल सकेंगे।

    2022 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावी तारीखों का ऐलान

    उत्तर प्रदेश में 7 चरणों मे होगा चुनाव

    प्रथम चरण-10 फरवरी
    द्वितीय चरण-14 फरवरी
    तृतीय चरण-20 फरवरी
    चतुर्थ चरण-23 फरवरी
    पांचवा चरण-27 फरवरी
    छठा चरण-3 मार्च
    सातवां चरण-7 मार्च

    पंजाब, उत्तराखंड और गोवा का चुनाव एक ही फेज में होगा संपन्न, 14 फरवरी को डाले जाएंगे वोट.

    मणिपुर की 60 सीट पर 27 फरवरी और 3 मार्च को डाले जाएंगे वोट.