Author: AVS POST Bureau

  • मालदीव का भारत को अल्टीमेटम, 15 मार्च से पहले भारत सरकार अपनी सेना हटा ले!

    15 मार्च से पहले भारत सरकार अपनी सेना हटा ले’, मालदीव का भारत को अल्टीमेटम

    मालदीव और भारत के बीच जारी तनातनी के बीच मालदीव की तरफ से बड़ा बयान आया है। मालदीव के राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु ने भारत सरकार को आने वाले 15 मार्च तक सेना को वापस बुलाने के लिए कहा है। मालदीव के ही एक अखबार ‘अधाधु’ के हवाले से ऐसी खबर आ रही है। यह खबर रविवार को प्रकाशित की गयी है।

    मालदीव राष्ट्रपति कार्यालय से पॉलिसी डायरेक्टर अब्दुल्ला नाज़िम ने पत्रकारों से कहा है की राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु ने भारत से अपनी सेना वापस बुलाने के लिए कहा है। अब्दुल्ला ने आगे बताया की मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु ने 15 मार्च के पहले भारतीय सेना हटाने को लेकर कहा है। मीटिंग का एजेंडा इसी सम्बन्ध में था और इस बारे में आगे की बातचीत चल रही है। हालांकि मालदीव के विदेश मंत्रालय से इस तरह का कोई बयान आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। दूसरी तरफ नाज़िम ने इस बाबत आगे बताया की भारतीय सेना मालदीव में अब नहीं ठहर सकती है और ऐसा उनके लोग (देशवासी) चाहते हैं।

    अब्दुल्ला नाज़िम के अनुसार सबसे महत्पूर्ण बात यही है की भारतीय सेना अब इस देश में और नहीं ठहर सकती है और यही मालदीव सरकार की नीति है। उनके राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु ने भी ने भी अपने लोगों से इसी बाबत वादा किया हुआ था। मालदीव के अधिकारियों ने बताया है की भारतीय उच्चायुक्त मनु महावर और कुछ वरिष्ठ अधिकारी, मालदीव के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इसमें शामिल होंगे और अपने देश का पक्ष रखेंगे।

    मालदीव के साथ रिश्ते बिगड़ चुके हैं?

    मौजूदा समय में भारत और मालदीव के बीच रिश्ते बेहतर नहीं है। पिछले कुछ हफ़्तों में इन दो देशों के बीच दूरियां और बढ़ सी गयी है। इसी बीच मालदीव की तरफ से भारतीय सेना हटाने को लेकर ये बयान आना भी रिश्ते को और बिगाड़ने जैसा मालुम होता है। हालांकि बीते दिनों मालदीव के राष्ट्रपति मुइज़्ज़ु की तरफ से ये बयान आया था की उनका देश छोटा है का मतलब ये नहीं की कोई उन्हें धमकाए।

    ज़ाहिर है इस तरह का बयान उन्होंने भारत को लेकर ही दिया है। आज उस बयान के बाद भारतीय सेना हटाने की मांग करना और अल्टीमेटम देना ये साफ़ करता है की मालदीव भी भारत से रिश्ते बेहतर करने के पक्ष में नहीं है।भारत और मालदीव की सरकार के अलावा अब दोनों देश के लोग भी एक दूसरे को भला-बुरा साबित करने में लगे हैं।

    दूसरी तरफ भारत के कई लोगों ने अपनी मालदीव यात्रा भी स्थगित कर दी उसके अलावा ‘Ease My Trip’ ने भी मालदीव घूमने वालों के लिए बुकिंग अस्थाई रूप से बंद कर दी है। जिसके बाद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु ने अपनी चीन की यात्रा के दौरान चीन के लोगों से मालदीव घूमने की गुज़ारिश करते दिखे।

    मालदीव और भारत का झगड़ा कैसे भड़का?

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किये। इस पोस्ट में उन्होंने भारत के लोगों से लक्षद्वीप घूमने के लिए प्रेरित किया था। इसी पोस्ट के बाद मालदीव की सरकार में कुछ मंत्रियों ने इस बात को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी कर दी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक जंग सी छिड़ गयी। ऐसा होते-होते सोशल मीडिया पर पोस्ट की बाढ़ आ गयी जिसमे भारत के बड़े गणमान्य लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथन का समर्थन शुरू कर दिया। और लोगों से आइलैंड घूमने के लिए लक्षद्वीप के नाम का सुझाव दिया।

    जिसके बाद भारत के कई लोगों ने अपनी मालदीव यात्रा को स्थगित करते हुए लक्षद्वीप को अपना अगला डेस्टिनेशन बताना शुरू कर दिया। इसी के बाद से मामले और बिगड़ गए जिसको लेकर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु ने चीन के लोगों को मालदीव घूमने के लिए कहा। यहां घूमने की बात पर इसलिए भी बवाल होना स्वाभाविक था क्योंकि मालदीव की इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा पर्यटकों पर निर्भर होता है और हर साल लगभग 2.5 लाख लोग भारत से मालदीव घूमने जाते हैं।

  • उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में 2013-14 और 2022-23 के बीच एमपीआई गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई

    उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में 2013-14 और 2022-23 के बीच एमपीआई गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई

    पिछले 9 वर्षों में 24.82 करोड़ भारतीय अनेक पहलुओं से जुड़ी गरीबी से बचेपिछले नौ वर्षों में 24.82 करोड़ लोग अनेक पहलुओं से जुड़ी गरीबी से बच गये। नीति आयोग के चर्चा पत्र ‘ मल्‍टीडायमेंशनल पावर्टी इन इंडिया सिन्‍स 2005-06’ के निष्कर्ष इस उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय 2013-14 से 2022-23 के बीच हर तरह की गरीबी के समाधान के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहलों को देते हैं। चर्चा पत्र आज नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद ने नीति आयोग के सीईओ श्री बी. वी. आर. सुब्रमण्यम की उपस्थिति में जारी किया। ऑक्सफोर्ड नीति और मानव विकास पहल (ओपीएचआई) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने इस पत्र के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान की है।

    बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यापक उपाय है जो मौद्रिक पहलुओं से परे अनेक आयामों में गरीबी को दर्शाता है। एमपीआई की वैश्विक कार्यप्रणाली मजबूत अलकिरे और फोस्टर (एएफ) पद्धति पर आधारित है जो अत्‍यधिक गरीबी का आकलन करने के लिए डिज़ाइन की गई सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत मीट्रिक के आधार पर लोगों को गरीब के रूप में पहचानती है, जो पारंपरिक मौद्रिक गरीबी उपायों के लिए एक पूरक संभावना प्रदान करती है।

    चर्चा पत्र के अनुसार, भारत में बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो 2013-14 में 29.17 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 11.28 प्रतिशत हो गई है, यानी 17.89 प्रतिशत अंकों की कमी। उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान 5.94 करोड़ लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने के साथ गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, इसके बाद बिहार में 3.77 करोड़, मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोग हैं।

    पेपर यह भी दर्शाता है कि नमूने की विधि का उपयोग करके गरीबी हेडकाउंट अनुपात में गिरावट की गति 2005-06 से 2015-16 की अवधि (7.69 प्रतिशत वार्षिक दर) की तुलना में 2015-16 से 2019-21 (10.66 प्रतिशत वार्षिक गिरावट दर) के बीच बहुत तेज थी।  संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान एमपीआई के सभी 12 संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है। वर्तमान परिदृश्य (यानी वर्ष 2022-23 के लिए) के मुकाबले वर्ष 2013-14 में गरीबी के स्तर का आकलन करने के लिए, इन विशिष्ट अवधियों के लिए डेटा सीमाओं के कारण अनुमानित अनुमानों का उपयोग किया गया है।

    गरीबी के सभी आयामों को कवर करने वाली महत्वपूर्ण पहलों के कारण पिछले 9 वर्षों में 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बच निकले हैं। परिणामस्वरूप, भारत को 2030 से पहले बहुआयामी गरीबी को आधा करने के अपने एसडीजी लक्ष्य को प्राप्त करने की संभावना है। सबसे कमजोर और वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार के निरंतर समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    भारत सरकार ने हर प्रकार की गरीबी को कम करने के लक्ष्य के साथ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसी उल्लेखनीय पहलों ने स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे वंचित रहने में काफी कमी आई है। दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक का संचालन करते हुए, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली 81.35 करोड़ लाभार्थियों को कवर करती है, जो ग्रामीण और शहरी आबादी को खाद्यान्न प्रदान करती है। हाल के फैसले, जैसे कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न वितरण को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाना, सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। मातृ स्वास्थ्य का समाधान करने वाले विभिन्न कार्यक्रम, उज्ज्वला योजना के माध्यम से स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन वितरण, सौभाग्य के माध्यम से बिजली कवरेज में सुधार, और स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे परिवर्तनकारी अभियानों ने सामूहिक रूप से लोगों की रहने की स्थिति और समग्र कल्याण की स्थिति में सुधार किया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री जन धन योजना और पीएम आवास योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने वित्तीय समावेशन और वंचितों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    हालांकि राज्यों का प्रदर्शन अलग-अलग है, कुछ राज्यों में जहां परंपरागत रूप से अत्‍यधिक गरीबी थी, उन्होंने लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद करने में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे दो राज्‍यों के बीच बहुआयामी गरीबी में असमानता कम हुई है। इससे बुनियादी सेवाओं तक पहुंच में आने वाली मूलभूत समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है ताकि देश एक विकसित राष्ट्र यानी विकसित भारत @2047 बनने की ओर अग्रसर हो सके।

  • आज से ठीक १५ दिन बाद प्रभु श्रीराम अपने घर में विराजेंगे। “मेरे राम श्रृंखला” में आज हम बाबा रहीम दास के राम पर चर्चा करेंगे

    आज से ठीक १५ दिन बाद प्रभु श्रीराम अपने घर में विराजेंगे। “मेरे राम श्रृंखला” में आज हम बाबा रहीम दास के राम पर चर्चा करेंगे

    “रहीम के राम”
    *****
    बाबा रहीम अकबर के नवरत्नों में एक व तुलसी बाबा के समकालीन थे। वो एक अकबर के शौर्यशाली योद्धाओं व सेनापतियों में एक थे। परंतु लोक समाज में अपनी भगवदभक्ति के द्वारा सामाजिक चेतना की अलख जगाए रखते थे। ईश्वर व समसामयिक व्यंग रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं यथा:

    खीरा सिर ते काटिए मलियत नमक लगाय
    रहिमन करुए मुखन को चहियत यही सजाय

    बाबा कबीर,बाबा रैदास की भांति ही रहीमदास के राम निराकार थे। बाबा रहीम हिंदुस्‍तान के रंग में ऐसे रंगे थे कि तुलसी के राम को रहीम के राम में जानना हमें आस्‍था और चैतन्‍यता से भर देता है। बाबा रहीम तुलसीदास जी के मित्र थे और जैसे जैसे मानस पढ़ते गए वो राम और कृष्ण में समाते चले गए। प्रभु राम को माध्यम बना उन्होंने अप्रतिम दोहे लिख कर “अपने राम व उनके रामत्व” को समाज में उदगारित किया। तुलसी बाबा और रहीमन की मित्रता के किस्‍सों के बीच यह जानना भी दिलचस्‍प होगा कि रहीम के राम कैसे हैं?

    रामचरित मानस विमल, संतन जीवन प्रान
    “हिन्दू जन को वेद सम, जनमहि प्रकट पुरान*

    रहीम ने रामचरित मानस को वेद के समान बताया है तो तुलसी के इष्ट राम में भी गहरी आस्था जताई।

    गहि सरनागति राम की, भवसागर की नाव
    ‘रहिमन’ जगत-उधार को, और न कछू उपाय

    अर्थात भवसागर के पार ले जाने वाली नाव कोई है तो वह राम की शरण में जाना ही है। संसार से उद्धार पाने का दूसरा कोई उपाय नहीं है।

    जो रहीम भावी कतहुं, होति आपने हाथ
    राम न जाते हरिन संग, सीय न रावण साथ

    अर्थात होनी या भविष्‍य हम नहीं जान सकते हैं। यदि भावी अपने हाथ में होती तो राम हिरन के पीछे न जाते और सीता का हरण नहीं होता।

    राम नाम जान्यो नहीं, भई पूजा में हानि
    कहि ‘रहीम’ क्यों मानिहैं, जम के किंकर कानि

    अर्थात राम नाम की महिमा मैंने पहचानी नहीं और पूजा-पाठ करता रहा। इस तरह बात बनी नहीं बल्कि बिगड़ती ही गई। अंत समय में यमदूत मेरी एक नहीं सुनेंगें।

    राम नाम जान्यो नहीं, जान्यो सदा उपाधि
    कहि रहीम तिहिं आपुनो, जनम गंवायो वादि

    अर्थात जिन लोगों ने अपने धन, पद और उपाधि को ही जाना और राम के नाम को जाना नहीं है, उनका जन्म व्यर्थ है। वे केवल वाद-विवाद कर अपना जीवन नष्ट करते हैं।

    रहिमन धोखे भाव से मुख से निकसे राम
    पावत पूरन परम गति कामादिक कौ धाम

    अर्थात यदि कभी धोखे से भी भावपूर्वक मुंह से राम का नाम लिया जाए तो कल्याण हो जाता है भले ही वह व्‍यक्ति काम, क्रोध, लोभ, मोह, पाप आदि से ग्रस्त क्‍यों न हो।

    मुनि नारी पासान ही कपि पसु गुह मातंग
    तीनों तारे रामजू तीनों मेरे अंग

    अर्थात गौतम मुनि की पत्‍थर रूपी पत्नी अहिल्या; पशुवत वानर सेना एवं आदिवासी निशादराज का कल्‍याण प्रभु श्रीराम ने किया था. कठोरता, पशुवत व्‍यवहार तथा स्‍वभाव की निम्नता ये तीनों दुर्गुण मुझ में भी हैं।अब केवल राम ही मेरा उद्धार करेंगे।

    22 जनवरी आते आते राम में रम जाना है और बोलिए:

    जय श्रीराम! जय श्रीराम! जय श्रीराम!

    लेखक एवं विचार- सन्तोष पांडेय,अधिवक्ता, दिल्ली उच्च न्यायालय

  • हमारी राष्ट्रीयता भारतीय और धर्म सनातन है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हमारी राष्ट्रीयता भारतीय और धर्म सनातन है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जोधपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि हमारी राष्ट्रीयता भारतीय और धर्म सनातन है। उन्होंने कहा कि धर्म सिर्फ सनातन है बाकी सब उपासना विधियां हैं। सनातन हर काल और परिस्थित में बिना डिगे, बिना हटे और बिना झुके अपनी जीवंतता को बनाए रखा है इसलिए दुनिया के अंदर बहुत सारे लोग आए और चले गए। लेकिन, सनानत धर्म सम और विषम हालातों का सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ा है। सनातन का स्वरूप विराट है, जो सबको अपने में समाहित कर लेता है। इसका मार्ग हमारे संतों और योगियों ने हमें दिखाया है।

    हमारे यहां सिद्ध योगियों की एक लंबी परंपरा : योगी
    सीएम योगी ने बुधवार को श्री श्री 1008 श्री ब्रह्मलीन आयस जी श्री योगी कैलाशनाथ जी महाराज का विशाल भण्डारा महोत्सव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे यहां सिद्ध योगियों की एक लंबी परंपरा है, जिन्होंने विज्ञान को चुनौती दी। भौतिकता के बंधनों से ऊपर उठकर के जिन्होंने हमें जीने का एक नई राह दिखाई। हमारे योगियों और संतों ने सनातन धर्म के वास्तविक मूल्यों का हमें साक्षात दर्शन करवाया है। सीएम योगी ने कहा कि कुछ कालखंड में सनातन के समक्ष चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन जब सनातन धर्मावलंबियों के साथ एक स्वर में पूरा भारत खड़ा हो गया तो सारी समास्याएं समाप्त हो गईं।

    राम मंदिर बनने से दबी-कुचली और शोषित सभ्यता को मिला नया जीवन : योगी
    सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। 500 वर्षों के अंतराल के बाद इसी वर्ष 22 जनवरी को प्रभु राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। हर भारतवासी प्रफुल्लित है। दुनिया के अंदर जहां कहीं भी सनातनी है, आज वह अपनी इस गौरवशाली परंपरा पर गौरवान्वित हो रहा है। यही नहीं राम मंदिर के बन जाने से दुनिया में हर दबी, कुचली और शोषित सभ्यता को एक नया जीवन मिला है। दुनिया की तमाम परंपराएं अब यह सोचने लगी हैं कि अगर 500 वर्षों के बाद अयोध्या में प्रभु श्री राम का मंदिर बन सकता है तो दुनिया के अंदर हर कार्य संभव हो सकता है।

    केवल सनातन है शांति-शाश्वत कल्याण का मार्ग : योगी
    सीएम योगी ने कहा कि हमें विभाजनकारी शक्तियों से दूरी बनानी पड़ेगी। एकजुट होकर के कार्य करना होगा और अंततः शांति और शाश्वत कल्याण का मार्ग केवल और केवल सनातन धर्म ही दे पाएगा। सनातन धर्म के उन मूल्यों और आदर्शों पर चलकर ही भारत समृद्धि की नए प्रतिमान स्थापित कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य हम सबके सामने रखा है। इसके लिए उन्होंने पंच प्रण गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विकसित भारत, विरासत पर गर्व, एकता एवं एकजुटता और नागरिक कर्तव्य दिए हैं। इन्हीं पंच प्रण को आधार बनाकर हमें कार्य करना होगा तभी हम भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बना पाएंगे।

    कार्यक्रम में योगी गिरिवरनाथ महाराज, महंत लक्ष्मनाथ जी महाराज, महंत रामनाथ जी महाराज, महंत प्रतापपुरी जी महाराज, जोधपुर के महाराज श्रीधर सिंह, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, सांसद पीपी चौधरी समेत भारी संख्या में संत और गणमान्य लोग मौजूद थे।

  • रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ का OTT रिलीज डेट और कलेक्शन का रिकॉर्ड

    रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ का OTT रिलीज डेट और कलेक्शन का रिकॉर्ड

    मुंबई, भारत: रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ ने पहले ही दिसंबर 2023 में बड़े पर्दे पर तहलका मचा दिया था और अब इस ब्लॉकबस्टर को लोग ओटीटी प्लेटफार्म पर देखने का इंतजार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘एनिमल’ नेटफ्लिक्स पर 26 जनवरी को स्ट्रीम होगी।

    फिल्म के पहले हफ्ते में ही उसने भारत में 337.58 करोड़ का कलेक्शन कर लिया और दूसरे हफ्ते में 139.26 करोड़ के साथ इसने अब तक कुल 540.84 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है। विश्वभर में इसने 882.40 करोड़ का कलेक्शन करके रणबीर कपूर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है।

    अब, इस महा-हिट को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखने का समय आ गया है, जो नेटफ्लिक्स पर 26 जनवरी को होगा। फैंस इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं और यह उम्मीद कर रहे हैं कि यह फिल्म उनकी अपेक्षाएं पूरी करेगी और ओटीटी पर भी धूम मचाएगी।

    इस फिल्म के रिलीज होने के बाद, रणबीर कपूर अब भी करियर की सफलता की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं और ‘एनिमल’ ने उन्हें 900 करोड़ के क्लब की ओर बढ़ने की तैयारी में ला दिया है। इसमें रणबीर कपूर, रश्मिका मंदाना, अनिल कपूर, बॉबी देओल, और तृप्ति डिमरी का साथ है, जिनका कमालदार परफॉर्मेंस ने फिल्म को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

    एक से बढ़कर एक हिट गानों के साथ फिल्म की कहानी और नई तकनीकी के साथ ‘एनिमल’ का आगाज बड़े पर्दे पर हुआ था और अब यह तैयार है ओटीटी पर रिलीज होकर फैंस को एक नए एंटरटेनमेंट का अनुभव कराने के लिए।

  • कैंडिडेट तो कई हैं लेकिन बीएन सिंह में खास क्या है, जानिए पूर्व डीएम को क्यों पसंद कर रही है गौतमबुद्ध नगर की जनता!

    कैंडिडेट तो कई हैं लेकिन बीएन सिंह में खास क्या है, जानिए पूर्व डीएम को क्यों पसंद कर रही है गौतमबुद्ध नगर की जनता!

    गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बदले जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है ऐसे में एक चर्चा बीएन सिंह के नाम को लेकर भी है।गौतमबुद्धनगर से बीजेपी के लिए अच्छे कैंडिडेट के रूप में बी एन सिंह की उम्मीदवारी को लेकर बहुत सारे कारण हैं। गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में पांच भागों में समस्याओं को बांटा जा सकता है और बी एन सिंह इन समस्याओं का समाधान करने में सक्षम हैं।

    पहले कारण के रूप में, बी एन सिंह का इंडस्ट्री क्षेत्र में विशेष अनुभव है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, कलेक्टर गौतमबुद्धनगर और औद्योगिक विकास विभाग में काम के साथ साथ डीडीए, एमसीडी में काम का १७ वर्षों का अनुभव है जो इंडस्ट्री के विकास में मदद करेगा।

    दूसरे कारण के रूप में, बी एन सिंह के पास ग्रामीण और किसानों के मुद्दों का अनुभव है। उन्होंने कलेक्टर के रूप में ३ वर्षों तक गौतमबुद्धनगर में काम किया है और ज़ेवर एयरपोर्ट के भूमि अधिग्रहण, पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के भूमि अभिग्रहण, डीएफ़सीसी, डीएमआईसी और किसानों की समस्याओं के निस्तारण में अनुभव से पर्याप्त मदद मिलेगी। उनके १३ वर्षों के कार्य के दौरान डीडीए और एमसीडी में रह रहे किसानों की समस्याओं में भी मदद मिलेगी। ज़ेवर एयरपोर्ट के प्रथम फेज का भूमि अधिग्रहण उनके नेतृत्व में हुआ है और इसे माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी प्रशंसा की है।

    तीसरे कारण के रूप में, बी एन सिंह के पास फ्लैटों और शहरी क्षेत्रों की समस्याओं का अनुभव है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, कलेक्टर गौतमबुद्धनगर, औद्योगिक विकास विभाग, डीडीए, एमसीडी, एनडीएमसी में १७ वर्षों के कुल अनुभव से बिल्डर बायर समस्या से लेकर शहरी सिविक इशूज़ तक की समस्याओं के समाधान में तेज़ी आएगी।

    चौथे कारण के रूप में, बी एन सिंह के अनुभव से ग़रीब लोगों के घर की व्यवस्था में लाभ मिलेगा।पांचवे कारण के रूप में, बी एन सिंह ने नवयुवकों की शिक्षा, ट्रेनिंग, नौकरी, स्वास्थ्य, वनीकरण, ट्रैफिक आदि में उनके स्टैंड ज़िलाधिकारी रहते हुए ३ वर्षों में लिए गए निर्णयों से देखा जा सकता है।अंतिम कारण के रूप में, बी एन सिंह के विचार पूरे क्षेत्र में जनतांत्रिक मूल्यों को स्पष्ट रूप से प्रतिष्ठित किया गया है जिसके कारण सभी वर्गों का विश्वास उनके ऊपर है।

    बी एन सिंह गौतमबुद्धनगर से बीजेपी के लिए एक अच्छे कैंडिडेट के रूप में उपयुक्त हैं। एक ऐसा नेतृत्व जो सामाजिक समस्याओं, इंडस्ट्री विकास, ग्रामीण और किसानों के मुद्दों, शहरी क्षेत्रों के समस्याओं, और नवयुवकों के लिए कदम उठा सकता है। 

  • पढ़ने और खेलने दोनों में ही अव्वल हैं स्कूल की बेटियांः डीपी यादव

    पढ़ने और खेलने दोनों में ही अव्वल हैं स्कूल की बेटियांः डीपी यादव

    नोएडा। नेपाल के काठमांडू में आयोजित एशियन बास्केट बॉल प्रतियोगिता में नोएडा के श्याम सिंह स्मारक कन्या विघालय की दो छात्राओं नेहा यादव और सोनिया यादव ने गोल्ड मैडल जीतकर प्रतियोगिता अपने नाम कर ली। वहीं स्कूल की ही एक अन्य छात्रा अंशिका ने क्रिकेट प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल जीता है। साथ ही स्कूल की छात्रा पायल मंडल को दशवीं में अच्छे अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। साथ स्कूल के स्पोर्ट टीचर महावीर सिंह को भी सम्मानित किया गया।


    गुरूवार को छात्राओं के सम्मान में एक कार्यक्रम स्कूल में आयोजित किया गया। जिसमें स्कूल के अध्यक्ष पूर्व मंत्री डीपी यादव मुख्य अतिथि रहे। उन्होने छात्राओं को ट्राफी तथा नकद पुरूस्कार राशि देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होने कहा हमारे समय में इस क्षेत्र में कोई सुविधाएं नहीं थीं। पैदल ही नदी पार कर पढने के लिए जाना पडता था, इन्हीं सब समस्याओं ध्यान में रखते हुए हमारे पिताजी महाशय तेजपाल यादव ने इस स्कूल की स्थापना की जहां क्षेत्र की बेटियों को पढने व आगे बढने में कोई परेशानी न हो। नोएडा के बसने से पहले ही स्कूल की स्थापना कर दी गई थी, जिस स्कूल की मैं देखरेख करता हूं वह स्कूल आज परीक्षा परिणामों के साथ साथ खेल प्रतियोगिताओं में भी अव्वल आ रहा है। जो मेरे तथा मेरे क्षेत्र व प्रदेश के लिए गर्व का पल है। उन्होने कहा की क्षेत्र की बेटियों के आगे बढने के रास्ते में जो भी अडचने आएंगी उनके लिए सरकार से मांग के साथ में अपने स्तर पर हमेशा तनम न धन से साथ खडा रहुंगा। इन बच्चीयों की जीत में इनके माता पिता तथा स्कूल के अध्यापकों की मेहनत भी लगातार साथ रही है। में सभी का धन्यवाद करता हूं। उन्होने कहा सर्फाबाद अकेला गांव है जिसकी एक इंच जमीन भी नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहित नहीं की, जिसका लाभ ये हुआ यहां सभी ग्रामीण आज मजबूत हालात में हैं। मैने अपने क्षेत्र के अलावा भी कई जगह स्कूल कालेज बनवाए हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों व होनहार बच्चों शिक्षा दी जाती है, हमने कभी शिक्षा को बिजनेस नहीं बनाया। श्री यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि स्कूल के माध्यम से मेरे माता पिता का सबको शिक्षा का सपना पूरा हो रहा है। इस दौरान कई स्कूलों के अध्यापक ग्रामीण व अन्य सामाजिक लोग मौजूद रहे।

  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि: सत्य,तथ्य व कथ्य-भाग-१, विस्तार से बता रहे हैं दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता संतोष पाण्डेय

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि: सत्य,तथ्य व कथ्य-भाग-१, विस्तार से बता रहे हैं दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता संतोष पाण्डेय

    मैंने वो समय भी देखा है जब उत्तर प्रदेश में 1991 में, मैं व मेरे तमाम छात्रावासी मित्र “जय श्रीराम” का जयकारा लगाने व गले में भगवा झंडा लपेटने पर सुबह से शाम तक थाने के बंदी गृह में बंद रहे व शाम 5 बजे मुंसिफ साहेब के घर पर निजी मुचलके पर छोड़े गए।

    आज वो समय आया जब प्रभु राम का मंदिर बन रहा है,जहां मुलायम सिंह ने हजारों लोगों की हत्या अपने गुंडों से करवा दिया। वो भी समय आया जब तथाकथित ज्ञानवापी मस्जिद पर रार चल रही है और शत प्रतिशत बाबा आदि विश्वेश्वर विश्वनाथ का भव्य मंदिर बनेगा।

    “हिन्दू मंदिरों का विध्वंस मुस्लिम लुटेरों,बलात्कारियों ने जीभर के किया और उन्हीं मंदिरों के मलबे से औना पौना मस्जिदें खड़ी कर लीं। तो ये है “सत्य” (Truth)”

    “आज इन्हीं चोरों,लुटेरों के नाजायज वंशज 30000 से अधिक मंदिरों पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर मस्ज़िद बना उसके मालिक बने बैठे हैं ये है “तथ्य” (Facts)”

    “कांग्रेस व कांग्रेसी,वामपंथी इतिहासकार, तथाकथित परजीवी से बुद्धिजीवी जो गंगा जमुनी संस्कृति की बात करते हैं। औरंगजेब सहित गजनी,गोरी,अकबर,खिलजी,तुगलक की शान में कसीदे पढ़ते हैं और उन्हीं राष्ट्र निर्माता बताते हैं,उनके लिए तमाम अवधारणाएं गढ़ते हैं ताकि आम हिन्दू मानस को दिग्भ्रमित कर मलेच्छओं के कुकर्मों को सही साबित किया जाय। इस देश के,सनातन हिन्दू धर्म के सबसे बड़े हन्ता व गद्दार यही उपरोक्त लोग हैं। इनके द्वारा बनाये विकृत अवधारणा को कहते हैं “कथ्य”(Narrative)”

    अब बात करते हैं हमारे आराध्य व धर्म संस्थापक लीलाधर प्रभु श्रीकृष्ण जन्मभूमि की।
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि अर्थात कंस का कारागार। कालांतर में यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा शुरू हो गयी और यह कार्य सदियों से होताआ रहा है। इस मंदिर को गजनवी,गोरी,खिलजी व अन्य सुल्तानों ने लूटा और इसको ध्वंस भी करते रहे।

    अंततः सन 1618 में बुंदेला राजा बीर सिंह बुंदेला ने 13.37 एकड़ जमीन पर प्रभु कृष्ण जन्मस्थली का भव्य निर्माण कराया। उस समय इस मंदिर को बनाने की लागत 33 लाख रुपये आयी थी।(ये हिसाब दस्तावेजी है,कोई हवा हवाई नहीं है)। दस्तावेजों में लिखा है कि इस मंदिर के सोने की चमक ऐसी थी कि वह चमक आगरा से दिखाई देती थी।

    औरंगजेब 1658 में राजा बना और मथुरा के मंदिर की चमक जब भी दिखती वो आग बबूला हो उठता। 1669 आते आते औरंगजेब का वहशियाना और ज़ालिमाना रुतबा लगभग पूरे उत्तर भारत पर कायम हो चुका था।

    सन 1669 में औरंगजेब ने फरमान जारी किया कि, काशी और मथुरा के मंदिरों को नेस्तनाबूद कर दिया जाय और वैसा ही किया गया। इतिहासकार यदुनाथ सरकार लिखते हैं कि-“औरंगजेब ने ये फरमान भी जारी किया कि,उपरोक्त मंदिर की मूर्तियों को आगरा के जहाँआरा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे रख दो ताकि नमाज़ी कुचलते हुए जाएं हिन्दू देवताओं को”।

    बहरहाल, सन 1770 के गोवर्धन युद्ध में मरहठों ने मुगलिया सेना को हराया व प्रभु श्रीकृष्ण की जमीन मराठा साम्राज्य की हो गयी। सारे मुसलमान अतिक्रमण कर्ता भगा दिए गए या मार दिए गए।

    सन 1803 में अंग्रेजों ने उपरोक्त भूमि को ब्रिटिश राज्य का हिस्सा बना दिया और मंदिर का सारा भूभाग बरतानिया हुकूमत के अधीन हो गया।

    सन 1815 में, राजा पटनीमल (बनारस से ताल्लुक रखते थे) ने जन्मभूमि की समस्त 13.37 एकड़ जमीन अंग्रेजो से नीलामी में खरीद लिया और यह सम्पूर्ण परिसर उनकी सम्पत्ति हो गयी थी। हालांकि,कुछ मुस्लिम इस भूभाग के कुछ हिस्से पर अब अवैध कब्जा किये बैठे थे।

    सन 1875 में इन्हीं मुस्लिमों ने दीवानी वाद दायर किया परन्तु हार गए। सन 1920 में पुनः मुस्लिमों ने दीवानी वाद मथुरा अदालत में डाला जिसमें वो हार गए।मुस्लिम अपील में उच्च न्यायालय गए और उनकी अपील 1935 में खारिज़ हो गयी।

    आगे की कहानी कल के अंतिम भाग में!!

    क्रमशः

    यह कहानी/ फैक्ट दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सन्तोष पांडेय द्वारा लिखी गई है। AVS POST (Asian Voice Standard Post) की तरफ से किसी भी प्रकार का स्वीकरण और अस्वीकरण नहीं है।

  • प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से पीएम का काशी में अभिनंदन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से पीएम का काशी में अभिनंदन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ, 16 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो दिवसीय काशी यात्रा के लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से अभिनंदन किया है। प्रधानमंत्री रविवार दोपहर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंच रहे हैं, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे, साथ ही 19 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। वहीं शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के आगमन पर हर्ष व्यक्त करते हुए अपने एक्स अकाउंट पर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि नए भारत के ‘शिल्पकार’, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का उनकी काशी में 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। बाबा श्री विश्वनाथ की पावन नगरी में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री जी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रगाढ़ता प्रदान कर रहे ‘काशी तमिल संगमम’ के द्वितीय संस्करण का उद्घाटन और ‘कन्याकुमारी-वाराणसी तमिल संगमम ट्रेन’ का शुभारंभ करने के साथ ही वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।

  • मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का गौतमबुद्धनगर भ्रमण, कई विकास कार्यो का शिलान्यास, काम में कोताही करने वाले अधिकारियों की लगेगी क्लास

    मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का गौतमबुद्धनगर भ्रमण, कई विकास कार्यो का शिलान्यास, काम में कोताही करने वाले अधिकारियों की लगेगी क्लास

    गौतम बुद्ध नगर :मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन दुर्गा शंकर मिश्रा द्वारा जनपद में आज यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सघन भ्रमण किया गया। अपने सघन भ्रमण के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे एवं ईस्टर्न पेरीफेरियल एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के लिये यमुना एक्सप्रेसवे एवं ईस्टर्न पेरीफेरियल एक्सप्रेसवे के जंक्शन बिन्दु पर चार लूप, चार रैम्प एवं चार अतिरिक्त रैम्प बनाये जाने का शिलान्यास मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन दुर्गाशंकर मिश्रा, माननीय विधायक धीरेन्द्र सिंह व मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण अरूणवीर सिंह द्वारा किया गया। शिलान्यास के समय जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर मनीष कुमार वर्मा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण श्रुति, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कपिल सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी विपिन कुमार जैन, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया, विशेष कार्याधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह, विशेष कार्याधिकारी महराम सिंह, विशेष कार्याधिकारी ए0 के0 सिंह, महाप्रबन्धक (परियोजना) राजेन्द्र सिंह भाटी, उप महाप्रबन्धक (परियोजना) नन्द किशोर, स्टॉफ ऑफिसर मुख्य कार्यपालक अधिकारी व अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। उक्त इण्टरचेन्ज के चार लूप एवं चार रैम्प के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे एवं ईस्टर्न पेरीफेरियल के यातायात के लिए कुण्डली, पानीपत, मेरठ, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रवासियों को जेवर एयरपोर्ट तक सीधा पहुँच मार्ग उपलब्ध हो सकेगा, जिससे लगभग एक से दो घण्टे समय की बचत होगी। अतिरिक्त 04 रैम्प के माध्यम से ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के निवासियों को ईस्टर्न पेरीफेरल पर जाने के लिए सुगम मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। उक्त कार्य के अन्तर्गत कुल 6.641 किमी0 लम्बाई में कार्य किया जाना है एवं उक्त इण्टरचेन्ज के निर्माण में लगभग कुल 78.00 है0 भूमि आ रही है। उक्त इण्टरचेन्ज का निर्माण 18 माह में मै0 देव यश प्रोजेक्ट एण्ड इन्फाटेक्चर प्रा0 लि0 द्वारा पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके निर्माण में लगभग 122 करोड का व्यय आना सम्भावित है। उक्त इण्टरचेन्ज पर आने वाले कुल व्यय का 78.9 प्रतिशत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा व 21.1 प्रतिशत प्राधिकरण द्वारा वहन किया जाना है। उक्त इण्टरचेन्ज में आ रही ग्राम जगनपुर अफजलपुर, परगना दनकौर तहसील सदर जनपद गौतमबुद्धनगर की भूमि का कुल क्षेत्रफल लगभग 43.1012 है0 का 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की धनराशि लगभग 22,30,91,812.00/-(बाईस करोड तीस लाख इक्यानवे हजार आठ सौ बारह रूपेय मात्र) का अपर जिलाधिकारी (भू0/अ0), जनपद गौतमबुद्धनगर को पूर्व में ही प्रेषित किये जा चुके है।