Category: सोशल मीडिया

  • Dental Tips: गर्मी के मौसम में दांतों की समस्याओं से कैसे पाएं निजात, जानिए नोएडा के जाने माने डेंटिस्ट डॉ ए. एस. मलिक के टिप्स

    Dental Tips: गर्मी के मौसम में दांतों की समस्याओं से कैसे पाएं निजात, जानिए नोएडा के जाने माने डेंटिस्ट डॉ ए. एस. मलिक के टिप्स

    Dental Tips: दांतों की उचित देखभाल हर मौसम में जरूरी है लेकिन गर्मियों में कई ऐसे कारण होते हैं, जिससे दांतों में तकलीफ बढ़ जाती है. इसलिए दांतों की उचित देखभाल जरुरी हो जाता है। गर्मी के मौसम के साथ आती हैं बेहद खास छुट्टियाँ और मौज-मस्ती का समय, लेकिन इसके साथ ही बच्चों और वयस्कों को दांतों की सेहत पर भी सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी के मौसम में दांतों की समस्याओं से कैसे पाएं निजात बता रहे हैं नोएडा के जाने माने डेंटिस्ट डॉ ए. एस. मलिक।

    दांतों के लिए गर्मी का खतरा

    गर्मी के मौसम में लू के अलावा कई और बीमारियों का खतरा बनता है। चिकनपॉक्स, खसरा, सनबर्न और अन्य गर्मियों की बीमारियों के साथ-साथ, गर्मियों के दौरान विभिन्न कष्टप्रद दंत समस्याएं भी होती हैं।

    कारण

    1. निर्जलीकरण: गर्मियों में शरीर का तापमान बढ़ने के कारण डिहाइड्रेशन हो जाता है, जिससे दांतों की सेल्यूलर स्वस्थ्यता प्रभावित होती है।
    2. शीतल पेय में मौजूद एसिड: शीतल पेयों में शर्करा और अम्लीय घटक होते हैं जो दांतों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
    3. गर्मी: अधिक तापमान में दांतों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जो दांतों के दर्द का कारण बनता है।
    4. दांतों में सूक्ष्म चोटों का खतरा: गर्मी के मौसम में दांतों पर होने वाली चोटें ज्यादा बदतर होती हैं।

    सावधानियाँ और सुझाव

    1. नियमित तौर पर पानी पीने से नमी की कमी नहीं होगी और दांतों की सेल्यूलर स्वस्थ्यता बनी रहेगी।
    2. गर्मी के मौसम में शर्करा और अम्लीय पेयों की बजाय प्राकृतिक पेयों का सेवन करें।
    3. दिन में बार-बार मुंह को धोने से दांतों की सफाई बनी रहेगी।

      इन बातों का भी रखें ध्यान

      हर 6 महीने में डेंटिस के पास ज़ाकर दांतों को चेक करवाएं। अगर आपके दांत ज़्यादा सेंसिटिव है तो सेंसिटिव स्पेशल टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। साथ ही एक्स्ट्रा सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करें, इससे आपके दांत सुरक्षित और मजबूत रहेंगे। ब्रश को दातों पर ज़्यादा ज़ोर से न रगड़ें।

  • Noida RWA Election: सेक्टर 82-पॉकेट 07 का चमकता सितारा नाम है राघवेंद्र दुबे,

    Noida RWA Election: सेक्टर 82-पॉकेट 07 का चमकता सितारा नाम है राघवेंद्र दुबे,

    सेक्टर के निवासियों ने दिया ‘विजयश्री’का आशीर्वाद

    Noida RWA Election

    Noida RWA Election: सेक्टर 82 के पॉकेट 7 में हुए आरडब्ल्यूए चुनाव में राघवेंद्र दुबे पैनल ने बाजी मार ली है। राघवेंद्र दुबे पैनल ने नंद किशोर सोलंकी पैनल को सभी पदों पर हराया है । अध्यक्ष  पर राघवेंद्र दुबे, महासचिव पद पर श्रीमती बंटी कुमारी, उपाध्यक्ष पद पर रवि राघव, कोषाध्यक्ष पद पर सुशील पाल, उपसचिव पद पर पप्पू सिंह विजई हुए हैं। सदस्य पद पर रमेश चंद, दीपक तिवारी, विकास कुमार,  उत्तम कुमार चंद , धीरज कन्याल विजयी हुए हैं।

    राघवेंद्र दुबे पैनल की एकतरफा जीत पर पॉकेट वासियों ने ढोल नगाड़े के साथ नाचते गाते जश्न मनाया और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया है। इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष राघवेंद्र दुबे ने उनकी पूरी टीम को जिताने के लिए पॉकेट वासियों का धन्यवाद दिया है साथ ही निवासियों को होली की बधाई भी दी है।

    राघवेंद्र दुबे ने जीत की घोषणा के बाद कहा कि वह पॉकेट के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। इस अवसर संजय शुक्ला, देवमणि शुक्ला, प्रमोद तिवारी, राजेश पाठक, विष्णु शर्मा, रेखा प्रधान, देवेंद्र गुप्ता सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

  • यूपी : बदायूं में दो मासूमों की हत्या, पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गया आरोपी; इलाके में फोर्स तैनात

    यूपी : बदायूं में दो मासूमों की हत्या, पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गया आरोपी; इलाके में फोर्स तैनात

    Budaun Double Murder: बदायूं में दो बच्‍चों की हत्‍या के बाद मौके पर तनाव व्‍याप्‍त हो गया और आक्रोशित लोगों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की. वहीं पुलिस ने इस घटना के आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है.

    उत्तर प्रदेश: बदायूं में मंगलवार शाम को दो मासूमों की हत्‍या कर दी गई. बच्‍चों की हत्‍या की घटना के बाद मौके पर तनाव व्‍याप्‍त हो गया और भीड़ ने बदायूं शहर में जमकर हंगामा और आगजनी की. घटना की सूचना मिलने के बाद बदायूं के डीएम मनोज कुमार और बरेली आईजी डॉ. राकेश सिंह सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. तनाव की स्थिति देखते हुए मौके पर भारी संख्‍या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. बदायूं डीएम के मुताबिक, स्थिति अभी नियंत्रण में है.

    क्या हैं पूरा मामला, विस्तार

    बदायूं शहर के मझिया रोड पर मंडी समिति पुलिस चौकी के पास बाबा कालोनी औऱ गौरीशंकर मन्दिर के मध्य मोहल्ला सुंदरनगर में दो मासूम बच्चों की हत्या हुई है।
    सुंदरनगर मोहल्ले में तीन मंजिला मकान में विनोद कुमार का परिवार रहता है। उसके तीन बेटे है, तीनो बच्चों की आयु आठ से 15 साल के बीच है। इसी मकान के पास गली में नाई की दुकान है,यह नाई सखानु कस्बे का मूल निवासी है और इस मोहल्ले में नाई की दुकान चलाता है,इसका एक साथी भी दुकान पर काम करता है।
    आज शाम 5-6 के आसपास नाई इन तीनो बच्चों को बहला फुसला कर मकान की तीसरी मंजिल पर ले गया वहा विनोद कुमार के पुत्र 15 वर्षीय आयुष औऱ 08 वर्षीय पीयूष दोनो भाइयों की धारदार हथियार से गर्दन काट कर हत्या कर दी, इनका तीसरा भाई 10 वर्षीय हनी भी इस हमले में घायल हुआ, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनो मृतक बच्चों व तीसरे घायल बच्चों की आयु 8-10 की है।

    हत्‍या के बाद बदायूं में हंगामा और आगजनी

    दो बच्‍चों की हत्‍या के बाद बदायूं में तनाव व्‍याप्‍त हो गया और आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए. गुस्‍साए लोगों ने जमकर हंगामा और जगह-जगह आगजनी की. लोगों ने आक्रोशित भीड़ ने एक दुकान और बाइक में जमकर तोड़फोड़ की.

    आक्रोशित भीड़ ने सड़क के किनारे मौजूद कुछ थड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया. घटना की गंभीरता को देखते हुए बदायूं में भारी संख्‍या में पुलिस बल को तैनात किया गया.

    बच्‍चों के शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा

    बदांयू के डीएम मनोज कुमार ने कहा कि पुलिस ने दोनों बच्‍चों के शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. अभी तक हत्‍या के कारण का पता नहीं चल सका है. यह जांच का विषय है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि आक्रोशित भीड़ को मौके से हटा दिया गया है.

  • बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव पर NDPS एक्ट लगा, सांपों के जहर की तस्करी के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत

    बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव पर NDPS एक्ट लगा, सांपों के जहर की तस्करी के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत

    Elvish Yadav Arrested: यूट्यूबर एल्विश यादव को सांप के जहर की तस्करी करने के मामले में नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एल्विश यादव को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। यह मामला लंबे समय से चल रहा है।

    नोएडा पुलिस ने रविवार, 17 मार्च को बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता और मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव को सांपों के जहर की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया। एल्विश यादव को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    मामला:

    यह मामला पिछले साल नवंबर का है जब पीपुल्स फॉर एनिमल (PFA) संस्थान ने एल्विश यादव समेत छह लोगों पर सांपों के जहर सप्लाई करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने चार सपेरे और एक अन्य को गिरफ्तार किया था।

    गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत:

    17 मार्च को एल्विश यादव को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें जिला एवं सत्र न्यायालय सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एल्विश यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    NDPS एक्ट:

    एल्विश यादव पर NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट भी लगाया गया है।

    NDPS एक्ट क्या है?

    नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, जिसे NDPS एक्ट भी कहा जाता है, भारत में नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों के उत्पादन, वितरण, बिक्री, उपयोग और कब्जे को नियंत्रित करने वाला एक कानून है। यह कानून 1985 में लागू हुआ था और इसका उद्देश्य भारत में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और नियंत्रित करना है।

    NDPS एक्ट के मुख्य प्रावधान:

    • नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों की सूची: NDPS एक्ट में नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों की दो अनुसूचियाँ हैं। इन सूचियों में उन पदार्थों को शामिल किया गया है जिन्हें भारत में अवैध माना जाता है।
    • उत्पादन और वितरण: NDPS एक्ट के तहत, नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों के उत्पादन और वितरण के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
    • बिक्री और उपयोग: NDPS एक्ट के तहत, नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों की बिक्री और उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
    • कब्ज़ा: NDPS एक्ट के तहत, नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों के कब्जे को प्रतिबंधित किया गया है।
    • दंड: NDPS एक्ट का उल्लंघन करने पर जुर्माना और/या कारावास की सजा हो सकती है।

    NDPS एक्ट के तहत अपराधों की कुछ श्रेणियां:

    • मादक पदार्थों की तस्करी: किसी भी नशीले पदार्थ या मनोदैहिक पदार्थ को अवैध रूप से भारत में लाना या ले जाना।
    • मादक पदार्थों का उत्पादन: किसी भी नशीले पदार्थ या मनोदैहिक पदार्थ का अवैध रूप से उत्पादन करना।
    • मादक पदार्थों का वितरण: किसी भी नशीले पदार्थ या मनोदैहिक पदार्थ का अवैध रूप से वितरण करना।
    • मादक पदार्थों की बिक्री: किसी भी नशीले पदार्थ या मनोदैहिक पदार्थ का अवैध रूप से बिक्री करना।
    • मादक पदार्थों का उपयोग: किसी भी नशीले पदार्थ या मनोदैहिक पदार्थ का अवैध रूप से उपयोग करना।
    • मादक पदार्थों का कब्ज़ा: किसी भी नशीले पदार्थ या मनोदैहिक पदार्थ का अवैध रूप से कब्ज़ा करना।

    जांच:
    इस मामले की जांच कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस कर रही है। नोएडा जोन के एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस एल्विश यादव से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

  • Suhani Bhatnagar Dies: 19 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गईं सुहानी, ‘दंगल’ फिल्म में आमिर के साथ किया था काम

    Suhani Bhatnagar Dies: 19 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गईं सुहानी, ‘दंगल’ फिल्म में आमिर के साथ किया था काम

    फिल्म ‘दंगल’: सुहानी ने 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘दंगल’ में युवा बबीता फोगाट का किरदार निभाया था। फिल्म में आमिर खान मुख्य भूमिका में थे।

    आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ में बबिता फोगाट के बचपन का किरदार निभाने वाली सुहानी भटनागर दुनिया को अलविदा कह गई। ऐसी जानकारी मिल रही थी की वह लम्बे समय से बीमार चल रही थी और दिल्ली के ही एम्स अस्पताल में भर्ती थी। महज़ 19 साल की उम्र में उनका जाना उनके परिवार वालों के लिए दुखों का पहाड़ बना गया है। बताया जाता है की उनका अंतिम संस्कार आज फरीदाबाद में किया जाएगा। उनके निधन से सम्बंधित खबरें सोशल मीडिया में फ़ैल रही हैं और उनके निधन के कारण को लेकर लोग अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

    दवाओं के साइड इफेक्ट्स से निधन ?

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ऐसी खबरें आ रही हैं की कुछ समय पहले उनके पैर में चोट आई थी। उसी के इलाज के दौरान वह दवाएं ले रही थी। ऐसा बताया जाता है उन्ही दवाओं का साइड इफेक्ट्स उन पर हुआ है। दवाई के उलटे परिणाम के रूप में उनके शरीर के अंदर एक तरल पदार्थ जमा होने लगा था और बताया जाता है की यही मुख्य कारण है जिसकी वजह से उन्हें असमय हमेशा के लिए जाना पड़ा।

    साल 2016 में एक फिल्म आई थी जिसका नाम ‘दंगल’ था। इसी फिल्म के ज़रिये सुहानी भटनागर ने बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्म ‘दंगल’ में उन्होंने आमिर के साथ स्क्रीन शेयर की थी और छोटी बबिता फोगाट का किरदार निभाया था। इस किरदार में उन्हें लोगों ने काफी पसंद किया। इस फिल्म में आमिर, साक्षी तंवर और ज़ायरा वसीम के साथ काम करने के बाद सुहानी ने कई विज्ञापन भी किये थे। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने फिल्मो से ब्रेक लेकर अपनी पढाई पर ध्यान देना शुरू कर दिया।


    Image Credit- https://www.instagram.com/p/BOhtttCAbnO/?utm_source=ig_embed&ig_rid=97f3492e-4fa1-4801-b6fb-a7be307ecc13

  • MIUT Noida में ‘मेकिंग ए रेडियो जिंगल’ कार्यशाला, पत्रकारिता के छात्रों नें सीखें गुर

    MIUT Noida में ‘मेकिंग ए रेडियो जिंगल’ कार्यशाला, पत्रकारिता के छात्रों नें सीखें गुर

    MIUT Noida: महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंफार्मेशन टेक्नॉलोजी, नोएडा और आई क्यू ए सी (IQAC) के समन्वय से मीडिया विभाग द्वारा ‘मेकिंग ए रेडियो जिंगल’ पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यशाला में पत्रकारिता एवं जनसंचार के स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने रेडियो जिंगल बनाने के गुर सीखें। कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. उमेश चंद्र पाठक, विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली (संबद्ध- गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली) थे। डॉ. पाठक ने छात्रों को कार्यशाला के दौरान जिंगल मेकिंग से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा किए। रेडियो जिंगल्स और टैगलाइन का महत्व समझाते हुए दो दशकों के कुछ प्रासंगिक विज्ञापन दिखाए। उन्होंने कहा कि जिंगल एक उत्पाद पर एक गीतात्मक संगीतमय विज्ञापन-स्पॉट था और अक्सर एक व्यावसायिक प्रयास था और उन्होंने कहा कि इसे रचनात्मकता से भरा होना चाहिए और आकर्षक होना चाहिए। अपनी बात को अमिताभ बच्चन और रेडियो प्रस्तोता अमीन सयानी सहित कई सेल्युलाइड सितारों की मिमिक्री के साथ जोड़ते हुए डॉ. पाठक ने कहा कि जिंगल बनाना कड़ी मेहनत रचनात्मकता की एक प्रक्रिया है और इसे एक समय सीमा के भीतर किया जाता है।


    कार्यशाला में छात्रों के साथ अपना व्याख्यान जारी रखते हुए डॉ. पाठक ने कहा कि जिंगल्स विपणन अभियानों की धड़कन हैं, जो आकर्षक धुनों और यादगार गीतों के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। एक प्रभावी जिंगल तैयार करने के लिए रचनात्मकता, रणनीतिक सोच और संगीत कौशल के मिश्रण की आवश्यकता होती है। जिंगल निर्माण की यात्रा शुरू करते समय विचार करने योग्य कुछ प्रमुख बिंदु यहां दिए गए हैं।
    महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंफार्मेशन टेक्नालॉजी की डीन अकादमिक डॉ. ट्रैप्टी अग्रवाल और डॉ. उमेश चंद्र पाठक के बीच बात-चीत के दौरान डॉ. पाठक ने कि वेदों और अन्य पवित्र ग्रंथों की सामग्री भगवत गीता का आधार बनी, जिसमें मानव के संपूर्ण जीवन के प्रबंधन का इतना शक्तिशाली संदेश था जो आज तक प्रासंगिक है।


    डॉ. पाठक ने कहा कि सिर्फ गीत लिखने से पहले ब्रांड या उत्पाद को समझना बहुत जरूरी है। यह समझना आवश्यक था कि उत्पाद को क्या संदेश देना चाहिए और जिंगल को किस प्रकार का भावनात्मक संदेश उत्पन्न करना चाहिए। यदि यह युवा पीढ़ी के लिए होता, तो ‘हर दोस्त जरूरी होता है’ उपयुक्त हो सकता था, जबकि घर का काम करने वाली गृहिणी के लिए जिंगल ‘निरमा… निरमा वॉशिंग पाउडर निरमा…’ एकदम सही हो सकता था। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जिंगल बनाया जाए और लक्षित दर्शकों तक पहुंचाया जाए।


    कार्यशाला का समापन छात्रों के साथ एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ। महर्षि यूनिवर्सिटी के डॉ. मुदिता अग्रवाल (डीन) और श्री गौरव ठाकुर, फैकल्टी (एसओसी) और मीडिया विभाग के डॉ. शंभू शरण गुप्ता (एचओडी), एसोसिएट प्रोफेसर, नितिन सक्सेना, प्रोफेसर, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. सुरमीत सिंह, असिटेंट प्रोफ़ेसर, श्री शिवम यादव, श्री सुनील कुमार यादव, अरविन्द सिंह और श्री मोहन सिंह रावत उपस्थित थे।

  • IVPL: रेड कार्पेट दिल्ली ने छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को 22 रन से हराया, रिचर्ड लेवी रहे जीत के हीरो

    IVPL: रेड कार्पेट दिल्ली ने छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को 22 रन से हराया, रिचर्ड लेवी रहे जीत के हीरो

    IVPL: इंडियन वेटरन प्रीमियर लीग (आईवीपीएल) 2024 के दूसरे मैच में रेड कार्पेट दिल्ली ने छत्तीसगढ़ वॉरियरर्स को 22 रन से हराया। यह मुकाबला शनिवार को ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पाठिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेला गया। इस मैच में रिचर्ड लेवी ने शानदार शतक लगाया और दिल्ली की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    रेड कार्पेट दिल्ली ने इस मैच में पहले खेलते हुए 20 ओवर में 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। रिचर्ड लेवी ने शानदार शतक लगाया और अंत में थिसारा परेरा ने आतिशी पारी खेली। उसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए नमन ओझा और सौरभ तिवारी ने शानदार बल्लेबाजी की और टीम का स्कोर 233 तक पहुंचा दिया। लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। छत्तीसगढ़ वॉरियर्स की टीम 20 ओवर में 233 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

    आपको बता दें कि यह हाई स्कोरिंग मुकाबला रहा। चेज करते हुए छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को आखिरी दो ओवर में 45 रन जीत के लिए चाहिए थे। लेकिन टीम 22 रन ही बना सकी और 22 रन से मुकाबला गंवा दिया। टीम 233 रन बनाकर ऑलआउट हो घई। रेड कार्पेट दिल्ली के लिए समीउल्लाह बेग ने 4 विकेट लिए और बिपुल शर्मा को तीन सफलताएं मिलीं।

    छत्तीसगढ़ के कप्तान मुनफ पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत तेजतर्रार रही और 7 ओवर में टीम ने 72 रन बना लिए। मुनफ पटेल ने दिल्ली के कप्तान हर्शेल गिब्स को 8वें ओवर में आउट कर दिया और दिल्ली को पहला झटका लगा।

    फिर दिल्ली का स्कोर था 72 रन पर 1 विकेट तब यहां से मोर्चा संभाला रिचर्ड लेवी ने। उन्होंने अगले 8 ओवर में ही टीम का स्कोर 190 तक पहुंचा दिया। उन्होंने 52 गेंदों पर ही 133 रन ठोक दिए। इस पारी में लेवी ने 6 चौके और 15 छक्के लगाए। फिर अंत में परेरा ने 14 गेंदों में 38 रन बनाकर टीम का स्कोर 250 पार पहुंचा दिया। 256 रन चेज करने उतरी छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को समीउल्लाह बेग ने जतिन सक्सेना को आउट करते हुए पहले झटका दिया। जतिन डक पर आउट हो गए। वॉरियर्स ने पॉवरप्ले में अपना दूसरा विकेट गुरकीरत सिंह मान के रूप में गंवा दिया।

    इसके बाद नमन ओझा क्रीज पर टिके रहे और टीम की उम्मीदें बरकरार रखीं। उन्होंने जैसे-तैसे स्कोर 10 ओवर में ही 100 पार पहुंचा दिया। लेकिन रनों का पहाड़ सामने था और प्रेशर के बीच 10वें ओवर में बिपुल शर्मा ने ओझा को पवेलियन भेज दिया। अगले ओवर में एश्ले नर्स ने वॉरियर्स को बड़ा झटका दिया और अश्गर अफगान को भी आउट कर दिया।

    यहां से सौरभ तिवारी ने चार छक्के और सात चौके लगाए और उम्मीदों को बरकरार रखा। उन्होंने वॉरियर्स को 45 पर 2 से 196 पर 8 तक पहुंचाया। फिर आखिरी दो ओवर में 45 रन चाहिए थे लेकिन दिल्ली की मजबूत किफायती गेंदबाजी के सामने छत्तीसगढ़ वॉरियर्स की टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई।

    छत्तीसगढ़ वॉरियर्स की टीम अब अपने दूसरे मुकाबले में सोमवार को मुंबई चैंपियंस का सामना करेगी। मुंबई ने पहले मैच में तेलंगाना टाइगर्स को हराया था। तो रेड कार्पेट दिल्ली की टीम रविवार को पहले मैच में वीवीआईपी उत्तर प्रदेश का सामना करेगी। रविवार को ही एक मुकाबला दोपहर में राजस्थान लेजेंड्स और तेलंगाना टाइगर्स के बीच भी खेला जाएगा।

  • ‘भारत एक्सप्रेस’ वाले उपेंद्र राय को मिला सौरभ सिन्हा का साथ, मार्केट में चैनल स्थापित करेगा नया बेंचमार्क!

    ‘भारत एक्सप्रेस’ वाले उपेंद्र राय को मिला सौरभ सिन्हा का साथ, मार्केट में चैनल स्थापित करेगा नया बेंचमार्क!

    भारतीय टेलीविजन मीडिया इंडस्ट्री की दिग्गज शख्सियत सौरभ सिन्हा भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के बढ़ते कारवां में शामिल होकर बतौर मेंटॉर और एडवाइजर जुड़ गए हैं. सौरभ सिन्हा आजतक, जी न्यूज, स्टार, सीएनबीसी आवाज़, स्टार स्पोर्ट्स की लॉन्चिंग में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

    सौरभ सिन्हा की पहचान देश में 24 घंटे न्यूज चैनलों के संस्थापक सदस्य के रूप में है. सौरभ सिन्हा को टीवी मीडिया को सजाने-संवारने का एक लंबा अनुभव रहा है. देश के प्रमुख न्यूज चैनलों का संस्थापक सदस्य रहते हुए इन्होंने मील का पत्थर माने जाने वाले कई फैसले लिए. इन्होंने देश के पहले 24 घंटे के समाचार चैनल जी न्यूज को एक मुकाम तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया. इनके नेतृत्व में बने कार्यक्रम आज भी टीवी चैनलों पर बरकरार हैं. ट्रेंड सेटर के तौर पर इनकी पहचान रही है.

    न्यूज चैनलों पर न्यूज 100, कौन बनेगा मुख्यमंत्री सरीखे लोकप्रिय कार्यक्रम और सीएनबीसी आवाज के स्टॉक 20-20 जैसे शो इनके दिमाग की उपज हैं. इसके अलावा प्रो कबड्डी लीग, इंडियन हॉकी लीग, इंडियन सॉकर लीग के साथ अन्य टीवी और डिजिटल दुनिया प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट शुरू करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई.

    सौरभ सिन्हा के लिए अपने स्वागत संबोधन में भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन, एमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने उनको भारतीय टेलीविजन मीडिया के चंद प्रतिभाशाली लोगों में से एक बताया. उन्होंने कहा, “खुद मैंने सौरभ सिन्हा से बहुत कुछ सीखा है. खबरों को लेकर इनका जुनून इन्हें मीडिया में विशेष पहचान दिलाता है. समूचे टीवी पत्रकारिता के क्षेत्र में सिर्फ दो लोग इनसे सीनियर हैं जो आज भी सक्रिय हैं, वो हैं उदय शंकर और संजय पुगलिया. इनके जुड़ने से चैनल को नई धार मिलेगी और हम लोग जल्द ही देश के सर्वश्रेष्ठ चैनलों में शुमार होंगे.”

    निश्चित रूप से सौरभ सिन्हा जैसे दिग्गज की नई पारी की खबर से मीडिया जगत में चारों तरफ भारत एक्सप्रेस की चर्चा है. जानकारों का मानना है कि सिन्हा के नेतृत्व में भारत एक्सप्रेस जल्द ही स्थापित चैनलों की फेहरिश्त में अपना नाम दर्ज करवा लेगा.

  • DCP Jitendra Mani Tripathi: एक जिंदादिल इंसान, ‘सिंघम’ स्टाइल वाले पुलिस ऑफिसर, नाम है जितेंद्र मणि त्रिपाठी

    DCP Jitendra Mani Tripathi: एक जिंदादिल इंसान, ‘सिंघम’ स्टाइल वाले पुलिस ऑफिसर, नाम है जितेंद्र मणि त्रिपाठी

    DCP Jitendra Mani Tripathi: अगर आपके इरादे मजबूत हो तो जिंदगी की हर जग आसानी से लड़ी जा सकती है और उसमें सफलता भी पाई जा सकती है। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे पुलिस ऑफिसर की जो हर तरह की चुनौतियों का सामना बड़ी ही जिंदादिली से करते हैं और जरूरतमंद की मदद के लिए अपना हाथ हमेशा ही बढ़ाते रहते हैं। इस पुलिस ऑफिसर का नाम है जितेंद्र मणि त्रिपाठी अभी हाल में ही उनका प्रमोशन आईपीएस ऑफिसर के तौर पर हुआ है अभी वो दिल्ली मेट्रो में डीसीपी के पद पर तैनात हैं।

    आईपीएस ऑफिसर जितेंद्र मणि त्रिपाठी सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहते हैं अगर आप इनका सोशल मीडिया प्रोफाइल विजिट करें तो कभी ये आपको ‘सिंघम’ जैसे पुलिस ऑफिसर के स्टाइल में दिखेंगे तो कभी एक कवि के तौर पर। खुद को फिट एंड फाइन रखने के लिए वो एक्सरसाइज भी जमकर करते है। इस ऑफिसर की खासियत ये है कि अपने हर अंदाज से समाज और लोगों के प्रेरणा देते हैं।दिल्ली पुलिस के अधिकारी जीतेंद्र मणि त्रिपाठी की मानवीय सोच और संवेदनशीलता की कई कहानियाँ प्रचलित हैं और हर दो चार महीने में इनमें ऐसा कोई न कोई इज़ाफा हो जाता है जो उनको और लोकप्रिय बना देता है. लोगों की भले ही वो अपनी क्षमता में रहकर या कभी उससे बाहर जाकर भी छोटी सी भी मदद करते हों लेकिन वो ख़ुशी का कारण बन जाती है. उस घटना की जानकारी पाने वालों के भी चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है भले ही उनका घटना से सीधा ताल्लुक न हो.

    जितेन्द्र मणि दिल्ली मेट्रो के उपायुक्त हैं. कभी कभार वह ऐसी मदद की रोचक असली कहानी सोशल मीडिया पर शेयर भी कर देते हैं जो बहुत ही प्रेरणादायक होती हैं और किसी भी संवेदनशील इंसान को सकारात्मक और आशावादी सोच बढ़ाने में मदद कर सकती है. मेट्रो में यात्रा कर रहे एक शख्स को तो उन्होंने उसके माँ की हाथ की बनाई रोटियों का वो थैला खोज कर पहुँचाने में ही अपने अधिकारियों को लगा दिया था जो यात्रा के दौरान उस शख्स से छूट गया था. हालांकि शुरू में नहीं पता था कि उस बैग में सामान क्या है. यह मामला मीडिया में आया था उस दौरान इसकी चर्चा खूब हुई थी।

    डीसीपी जितेंद्र मणी त्रिपाठी के बारे में कहा जाता है कि वे काफी जिंदादिल इंसान हैं. पत्नी को कैंसर बीमारी से खो चुके हैं. पत्नी की याद में ‘कहीं तो हंसी होगी’ नाम से एक किताब भी लिख चुके हैं. इस किताब की बिक्री से मिले पैसे का हिस्सा एम्स में कैंसर का इलाज कराने आए दूर-दराज के मरीजों पर खर्च करते हैं. जितेंद्र मणि दिल्ली पुलिस के 7वीं बटैलियन के डीसीपी भी रह चुके हैं.

  • यूपी की सिदरा नाज को बिहार के कैलाश से हुआ प्यार, अब ‘समाज’ की दीवार ने किया ये हाल

    यूपी की सिदरा नाज को बिहार के कैलाश से हुआ प्यार, अब ‘समाज’ की दीवार ने किया ये हाल

    Love Marriage: यूपी की रहने वाली एक मुस्लिम युवती सिदरा नाज को बिहार के रहवे वाले कैलाश से प्यार हो गया. युवती ने अपने प्यार को पाने के लिए मजहब की दीवार को तोड़ते हुए बिहार के सम्स्तीपुर के सिंधिया थाना क्षेत्र के बिहट गांव निवासी हिंदू लड़के कैलाश के साथ शादी कर ली. मुस्लिम लड़की और हिंदू लड़के की शादी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. शादी के बाद युवती ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है. युवती ने अपने परिजनों से किसी को परेशान नहीं करने की अपील भी की है.

    जानिए पूरा मामला

    दरअसल, यूपी की सिदरा नाज और बिहार के कैलाश के बीच बीते ढ़ाई साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. जब दोनों के प्यार के बीच मजहब की दीवार आई तो युपी निवासी युवती अपने प्रेमी कैलाश को पाने के लिए अपने घर से एक हजार किमी दूर भागकर समस्तीपुर आ गई. इसके बाद युवती ने स्थानीय मनोकामना मंदिर में शादी कर ली. हालांकि शादी के एक दिन बाद ही यूपी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

    युवती बोली- हम बालिग हैं, जीने दो हमें

    बता दें कि सिदरा नाज और कैलाश ने बीते बुधवार को समस्तीपुर के ही स्थानीय मनोकामना मंदिर में शादी की थी. शादी के एक दिन बाद गुरुवार को यूपी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अपने साथ बिजनौर लेकर चली गई. पुलिस ने बताया कि सिदरा के परिजनों ने बिहार निवाली कैलाश के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. वहीं, गिरफ्तारी से पूर्व युवती सिदरा नाज ने कहा कि वे दोनों बालिग हैं. अपनी जिंदगी का फैसला खुद कर सकते हैं. उसने हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी की है.