Category: सोशल मीडिया

  • कौन हैं युधवीर अहलावत (Yudhveer Ahlawat)? जिन्होंने IMDb पर शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय को भी पीछे छोड़ दिया

    कौन हैं युधवीर अहलावत (Yudhveer Ahlawat)? जिन्होंने IMDb पर शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय को भी पीछे छोड़ दिया

    भारतीय सिनेमा में इन दिनों एक नए चेहरे की काफी चर्चा हो रही है। यंग अभिनेता Yudhveer Ahlawat ने IMDb की लोकप्रिय भारतीय सितारों की सूची में टॉप स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने इस लिस्ट में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय, विजय और जूनियर NTR जैसे बड़े सितारों को भी पीछे छोड़ दिया।

    सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक हर जगह युधवीर के नाम की चर्चा हो रही है।

    IMDb पर बने भारत के सबसे लोकप्रिय स्टार

    IMDb की ताजा रैंकिंग के अनुसार, युधवीर अहलावत इस समय भारत के सबसे लोकप्रिय स्टार बन गए हैं। IMDb की यह रैंकिंग दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स द्वारा किसी कलाकार की प्रोफाइल पर किए गए विजिट और लोगों की रुचि के आधार पर तय होती है।

    युधवीर को यह लोकप्रियता उनकी हालिया फिल्म कर्तव्य’ से मिली है। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे किशोर का किरदार निभाया है, जिसकी जिंदगी संघर्ष और मुश्किल हालातों से भरी होती है। दर्शकों ने उनके अभिनय को काफी पसंद किया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हुई।

    Who is Yudhveer Ahlawat?
    Who is Yudhveer Ahlawat?

    बड़े सितारों को छोड़ा पीछे

    IMDb की इस सूची में युधवीर ने कई बड़े कलाकारों को पीछे छोड़ा, जिनमें शामिल हैं:

    * शाहरुख खान
    * ऐश्वर्या राय बच्चन
    * विजय
    * जूनियर NTR
    * मोहनलाल

    इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना किसी भी नए कलाकार के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

    क्यों ट्रेंड कर रहे हैं युधवीर अहलावत?

    Yudhveer Ahlawat के ट्रेंड करने की सबसे बड़ी वजह उनकी दमदार एक्टिंग है। फिल्म *‘कर्तव्य’* में उनके अभिनय ने लोगों का दिल जीत लिया। दर्शकों का कहना है कि उन्होंने अपने किरदार को बेहद वास्तविक तरीके से निभाया है।

    कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें भारतीय सिनेमा का अगला बड़ा स्टार बताया है। फिल्म के कई सीन इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता और तेजी से बढ़ रही है।

    कौन हैं युधवीर अहलावत?

    युधवीर अहलावत एक उभरते हुए भारतीय अभिनेता हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। इससे पहले भी वह कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुके हैं।

    उन्होंने थिएटर में भी काम किया है, जिसकी वजह से उनकी एक्टिंग में गहराई और आत्मविश्वास साफ दिखाई देता है।

    Who is Yudhveer Ahlawat?
    Who is Yudhveer Ahlawat?

    IMDb रैंकिंग कैसे तय होती है?

    IMDb दुनियाभर की सबसे लोकप्रिय फिल्म और एंटरटेनमेंट वेबसाइट्स में से एक है। यहां कलाकारों की रैंकिंग इस बात पर निर्भर करती है कि कितने लोग उनकी प्रोफाइल देख रहे हैं और उनके बारे में ऑनलाइन कितनी चर्चा हो रही है।

    Yudhveer Ahlawat के नाम को हाल के दिनों में काफी ज्यादा सर्च किया गया, जिसके कारण वह इस सप्ताह नंबर-1 स्थान पर पहुंच गए।

    सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

    युधवीर की इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि यह साबित करता है कि दर्शक अब सिर्फ बड़े नाम नहीं बल्कि अच्छे अभिनय को भी महत्व देते हैं।

    फैंस का मानना है कि आने वाले समय में युधवीर बॉलीवुड और ओटीटी इंडस्ट्री के बड़े स्टार बन सकते हैं।

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    Yudhveer Ahlawat की सफलता यह दिखाती है कि टैलेंट और मेहनत के दम पर कोई भी कलाकार लोगों के दिलों में जगह बना सकता है। IMDb पर नंबर-1 बनना उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में उनसे और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

     

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  • Mothers Day Shayari & Quotes 2026 : माँ के लिए दिल छू लेने वाली शायरी और कोट्स

    Mothers Day Shayari & Quotes 2026 : माँ के लिए दिल छू लेने वाली शायरी और कोट्स

    Mothers Day Shayari & Quotes 2026 : मदर्स डे हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। 2026 में यह 10 मई को है। इस खास दिन हम अपनी माँ को उनके असीम प्यार, त्याग और ममता के लिए शुक्रिया अदा करते हैं।

    Mothers Day Shayari & Quotes 2026 आपको माँ को समर्पित सबसे खूबसूरत शब्दों का संग्रह देगा, जो आप कार्ड, व्हाट्सएप स्टेटस, सोशल मीडिया या सीधे माँ को सुनाकर उन्हें भावुक कर सकते हैं।

    माँ की ममता पर सबसे बेहतरीन Mothers Day Shayari

    • चलती-फिरती आँखों से जहां देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी, पर माँ देखी है।
    • तेरे डिब्बे की वो दो रोटियाँ, कहीं बिकती नहीं माँ, महंगे होटलों में आज भी, भूख मिटती नहीं माँ।
    • माँ की एक आदत खुदा से बहुत मिलती है, दोनों ही बड़ी से बड़ी गलती को भी माफ कर देते हैं।
    • माँ वो शख्स है, जो खुद अधूरी नींद में रहकर, हमारे सपनों को पूरा करती है। अपने हिस्से की खुशियाँ काटकर, हमारे चेहरे पर मुस्कान सजाती है।
    • हर तकलीफ में भी जो मुस्कुराए, वो है माँ, हर दर्द की दवा जो बन जाए, वो है माँ।
    Mothers Day Shayari & Quotes 2026
    Mothers Day Shayari & Quotes 2026

    Mothers Day Quotes 2026 

    • “माँ का प्यार वो फूल है जो कभी मुरझाता नहीं।”
    • “माँ के बिना ये संसार अधूरा है, क्योंकि माँ ही हमारे जीवन की पहली शिक्षक और सच्ची दोस्त होती है।”
    • “मेरा अस्तित्व तुझसे ही है माँ, तेरी हँसी से मिलती है मुझे ताकत।”
    • “माँ की दुआओं का असर कमाल होता है, वो हर मुश्किल को आसान कर देती हैं।”
    • “माँ घर नहीं, पूरी दुनिया होती है।”
    • “माँ का दिल वो मंदिर है जहाँ हर दुआ कबूल होती है।”

    छोटी-छोटी प्यारी लाइनें 

    माँ की मुस्कान है तो हर दिन त्योहार है। Happy Mother’s Day!

    • तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त, गुरु और रक्षक हो। हैप्पी मदर्स डे माँ!
    • माँ, तुम्हारे बिना हर पल अधूरा, तुम्हारे साथ हर पल खास।
    • जिस घर में माँ की आवाज़ गूंजे, वहाँ हमेशा बहार रहती है।
    • माँ की गोद से बेहतर कोई जन्नत नहीं।
    Mothers Day Shayari & Quotes 2026
    Mothers Day Shayari & Quotes 2026

    क्यों खास है Mothers Day Shayari & Quotes 2026?

    माँ के लिए शब्दों में प्यार व्यक्त करना हमेशा मुश्किल लगता है। Mothers Day Shayari & Quotes 2026 का यह संग्रह उन भावनाओं को शब्दों का रूप देता है जो हम रोज महसूस करते हैं लेकिन कह नहीं पाते।

    चाहे आप बेटा हों या बेटी, दूर हों या पास, इन शायरी और कोट्स को इस्तेमाल करके अपनी माँ को स्पेशल फील कराएँ। कुछ पल उनके साथ बिताएँ, उनकी बातें सुनें और उन्हें गले लगाकर कहें – “माँ, तुम्हारे बिना मैं कुछ नहीं।”

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    Happy Mother’s Day 2026

    आपकी माँ को हमारी तरफ से ढेर सारा प्यार और सम्मान। 💐

     

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  • अँधेरा जानलेवा था” : आत्मचेतना और अस्तित्व की खोज को स्वर देती विद्या त्रिपाठी की कविता

    अँधेरा जानलेवा था” : आत्मचेतना और अस्तित्व की खोज को स्वर देती विद्या त्रिपाठी की कविता

    अँधेरा जानलेवा था” : हिंदी साहित्य में आत्ममंथन, चेतना और अस्तित्व की अनुभूतियों को अभिव्यक्त करने वाली कविताएं हमेशा पाठकों के मन को गहराई से छूती रही हैं। ऐसी ही संवेदनशील भावनाओं को शब्द देती हैं कवयित्री विद्या त्रिपाठी, जिनकी कविता “अँधेरा जानलेवा था” भीतर के संघर्ष, घुटन और आत्मबोध की यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

    कविता में कवयित्री ने उस मानसिक अंधेरे को चित्रित किया है, जो व्यक्ति को भीतर ही भीतर तोड़ता रहता है। लेकिन जब आत्मचेतना का दीप जलता है, तब वही व्यक्ति अपने अस्तित्व और अस्मिता को पहचान पाता है। कविता की पंक्तियां जीवन के उस मोड़ को दर्शाती हैं, जहां बाहरी भीड़ और शोर के बीच दब चुकी आत्मा फिर से उजाले में लौटती है।

    विद्या त्रिपाठी की लेखनी की खासियत यह है कि वे सरल शब्दों में गहरे मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक भावों को व्यक्त करती हैं। उनकी यह कविता निराशा से आशा, अंधेरे से प्रकाश और खोए हुए अस्तित्व से आत्मपहचान तक की यात्रा का सशक्त चित्रण करती है।

    मूल कविता

    अँधेरा जानलेवा था

    जब दीप नहीं जला था,
    अंतर्मन का,
    जब नहीं मिली थी मैं,
    चेतना से,
    एक घुटन, एक कड़वाहट,
    रहती थी अस्तित्व की धारा पर,
    ये अंधियारा मार ही डालता,
    अपने निराशा वाले नाखूनों से,
    नोच-नोच कर,
    हर रात और घने अंधेरे में धकेलता था,
    तब जब मैं सब के साथ थी,
    अब मैंने खुद को पाया,
    अपनी अस्मिता को सहलाया,
    और मध्यम रोशनी चेतना की,
    आत्मा के मंदिर में जलाया,
    उस रोशनी में जगमगा उठा,
    मेरा अस्तित्व जो चुप हो गया था,
    बाहरी भीड़ की तेज आवाज में।


    लेखिका परिचय

    नाम: विद्या त्रिपाठी
    शिक्षा:

    • स्नातक (हिंदी)
    • परास्नातक M.A. (हिंदी)
    • B.Ed (हिंदी)

    विद्या त्रिपाठी हिंदी साहित्य की गंभीर अध्येता और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी रचनाओं में आत्मचिंतन, सामाजिक संवेदनाएं और स्त्री-अस्मिता के स्वर प्रमुखता से दिखाई देते हैं।

  • Summer में कैसे करें दातों की केयर: डॉ. ए. एस. मलिक की टिप्स जान लिजिए

    Summer में कैसे करें दातों की केयर: डॉ. ए. एस. मलिक की टिप्स जान लिजिए

    Summer Teeth Care Tips: गर्मी का मौसम आते ही दांतों की देखभाल और भी जरूरी हो जाती है। इस मौसम में दांतों पर अधिक प्रभाव पड़ता है, जिससे दांतों में सेंसिटिविटी, सूखापन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। नोएडा के भंगेल क्षेत्र के प्रसिद्ध डेंटिस्ट डॉ. ए. एस. मलिक ने AVS POST के साथ एक खास बातचीत में गर्मियों में दांतों की सही देखभाल के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। आइए जानते हैं डॉ. मलिक से उन खास सुझावों के बारे में जो आपके दांतों को इस गर्मी में स्वस्थ बनाए रखने में मदद करेंगे।

    गर्मी में दांतों की समस्याएं

    गर्मी के दिनों में दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ सकती है। ठंडे पानी या आइस कूल्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से दांतों में अचानक दर्द हो सकता है। इसके अलावा, गर्मी में मुँह का सूखापन भी एक बड़ी समस्या बन सकता है। डॉ. मलिक का कहना है, “गर्मी में जूस और ठंडी चीज़ों का सेवन दांतों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इससे दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ती है और सूखापन भी महसूस होता है।”

    सेंसेटिविटी से बचने के उपाय

    अगर आपको ठंडे या गर्म खाद्य पदार्थों से दांतों में असहजता महसूस होती है, तो आपको सेंसेटिविटी टूथपेस्ट का उपयोग करना चाहिए। डॉ. मलिक कहते हैं, “सेंसेटिविटी वाले टूथपेस्ट दांतों को सुरक्षित रखते हैं और सर्दी-गर्मी से बचाने में मदद करते हैं।”

    मुँह का सूखापन और दांतों की सफाई

    गर्मी में मुँह का सूखापन दांतों के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। इससे बैक्टीरिया पनपते हैं, जो दांतों को कमजोर और खराब कर सकते हैं। डॉ. मलिक का कहना है, “इस मौसम में मुँह का सूखापन कम करने के लिए अधिक से अधिक पानी पिएं और माउथवॉश का इस्तेमाल करें।”

    आहार का ख्याल रखें

    गर्मी में मीठी चीजों का सेवन बढ़ जाता है, जो दांतों के लिए नुकसानकारी हो सकता है। डॉ. मलिक का कहना है, “गर्मियों में ताजे फल और हरी सब्जियां खाएं, जो दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।” साथ ही, जंक फूड और अधिक मीठे पेय पदार्थों से बचने की सलाह देते हैं।

    ब्रशिंग और फ्लॉसिंग

    गर्मी के मौसम में दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉ. मलिक का कहना है, “दिन में दो बार ब्रश करें और एक बार फ्लॉस का इस्तेमाल करें। इससे दांतों के बीच जमा हुआ खाना बाहर निकल जाता है और बैक्टीरिया पनपने से बचते हैं।” डॉ. ए. एस. मलिक का कहना है, “गर्मी के मौसम में दांतों की देखभाल पर खास ध्यान देना चाहिए। सही ब्रशिंग, सही आहार और अधिक पानी पीना दांतों के लिए फायदेमंद होता है।” साथ ही, “अगर दांतों में कोई समस्या महसूस हो, तो तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें।”

  • AVS POST ग्राउंड रिपोर्ट: ‘क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा’ सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर दिख रहा असर, ग्राउंड जीरो से दिखी बदलते नोएडा की तस्वीर, Authority को लेकर लोगों को नजरिया हुआ चेंज

    AVS POST ग्राउंड रिपोर्ट: ‘क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा’ सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर दिख रहा असर, ग्राउंड जीरो से दिखी बदलते नोएडा की तस्वीर, Authority को लेकर लोगों को नजरिया हुआ चेंज

    AVS POST ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा की पहचान सिर्फ ऊंची इमारतों और एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं रही, अब शहर की हरियाली भी चर्चा में है। AVS POST टीम ने ग्राउंड जीरो पर अलग-अलग सेक्टरों और प्रमुख पार्कों का दौरा किया तो “क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा” अभियान का असर कई जगह नजर आया। पार्कों की सूरत बदली दिखी, ग्रीन बेल्ट में सुधार दिखा और लोगों के बीच इसको लेकर सकारात्मक चर्चा भी सुनने को मिली।

    Noida Authority
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    सेक्टर-21A नोएडा स्टेडियम, सेक्टर-91 बायोडायवर्सिटी पार्क, वेद वन पार्क, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-50, 62, 78, 100, 104, 137, 82, 93 और 150 में AVS POST टीम ने मौके पर जाकर हालात देखे। कई जगह वॉकिंग ट्रैक बेहतर हालत में मिले, पार्कों में फूलों की सजावट, ओपन जिम, बच्चों के प्ले जोन और बैठने की सुविधाएं लोगों को आकर्षित करती दिखीं।

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    सेक्टरों में क्या-क्या बदला

    सेक्टर-50 और 78 के रेजिडेंशियल पार्कों में हरियाली और मेंटेनेंस बेहतर नजर आया।
    सेक्टर-91 का बायोडायवर्सिटी पार्क लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
    सेक्टर-100 और 104 में ग्रीन बेल्ट और चौराहों पर फ्लोरल डिस्प्ले शहर की खूबसूरती बढ़ाते दिखे।
    सेक्टर-137 और 150 में बड़े ओपन ग्रीन स्पेस और पार्कों में काम दिखाई दिया।

    सुबह टहलने वाले, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक—हर वर्ग की मौजूदगी पार्कों में बढ़ी हुई दिखी। कई लोगों ने कहा कि अब पार्कों में समय बिताने का मन करता है।

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    हॉर्टिकल्चर विभाग के काम की चर्चा

    ग्राउंड विजिट के दौरान लोगों के बीच हॉर्टिकल्चर निदेशक आनंद मोहन सिंह की कार्यशैली को लेकर भी सकारात्मक चर्चा सुनने को मिली। लोगों का कहना था कि पार्कों और ग्रीन बेल्ट में काम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं लग रहा, जमीन पर असर दिखता है। पौधारोपण, मेंटेनेंस और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस महसूस होता है।

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    सीईओ नेतृत्व की भी हो रही बात

    नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश की मॉनिटरिंग और “क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा” को लेकर प्रशासनिक फोकस भी चर्चा में रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और हरियाली को लेकर अब गंभीरता दिखती है।

    लोगों की जुबानी, कैसा दिख रहा बदलाव

    राकेश शर्मा, सेक्टर-50
    “सच बताऊं तो पहले इतना ध्यान नहीं दिखता था। अब पार्क में सफाई भी है, पौधे भी अच्छे लगे हैं। मॉर्निंग वॉक में मजा आता है।”

    नीलम गुप्ता, सेक्टर-93
    “बच्चों को लेकर आते हैं तो अच्छा लगता है। पहले बस पार्क था, अब ठीक-ठाक डेवलप स्पेस जैसा लगता है।”

    विनोद त्यागी, सेक्टर-78
    “लगता है ऊपर से मॉनिटरिंग हो रही है। छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान दिया गया है, यही फर्क ला रहा है।”

    सविता मिश्रा, सेक्टर-137
    “फूलों की सजावट और ग्रीन बेल्ट देखकर अच्छा लगता है। शहर में पॉजिटिव फील आता है।”

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    योगी सरकार के विजन की दिख रही झलक

    स्थानीय स्तर पर लोग यह भी कहते दिखे कि योगी सरकार के शहरी विकास और स्वच्छता फोकस का असर नोएडा में दिखता है। हरित विकास, साफ-सफाई, सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जो प्राथमिकता बनी, उसका असर जमीन पर महसूस होता है।

    सांसद-विधायक भी कर रहे सराहना

    स्थानीय सांसद और विधायक स्तर पर भी इन पहलों को लेकर सकारात्मक फीडबैक की चर्चा रही। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि हरियाली, पार्क उन्नयन और स्वच्छता पर काम नोएडा को अलग पहचान दे रहा है।

    ‘ग्रीन नोएडा’ अब विजन से आगे की कहानी

    AVS POST की ग्राउंड रिपोर्ट में यह साफ दिखा कि यह सिर्फ पार्क सुंदर बनाने की कहानी नहीं है, बल्कि शहरी जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश है। सेक्टरों में ग्रीन स्पेस बढ़े हैं, लोगों की भागीदारी बढ़ी है और शहर की तस्वीर बदली-बदली नजर आ रही है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अगर यही गति बनी रही तो नोएडा ग्रीन अर्बन मॉडल के रूप में और मजबूत पहचान बना सकता है।

    ग्राउंड जीरो पर महसूस हुआ कि ‘क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा’ अब सिर्फ सरकारी टैगलाइन नहीं, बल्कि सेक्टरों, पार्कों और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में उतरती कहानी बन रहा है—और इस बदलाव के केंद्र में विभागीय मेहनत, प्रशासनिक नेतृत्व, सरकार का विजन और जनता की भागीदारी चारों साथ दिखते हैं।

  • Ayesha Khan की क्लासी वार्निंग: पैपराजी की बदतमीजी पर “Please ऐसा मत करिए” – धुरंधर स्टार का स्टैंड

    Ayesha Khan की क्लासी वार्निंग: पैपराजी की बदतमीजी पर “Please ऐसा मत करिए” – धुरंधर स्टार का स्टैंड

    बॉलीवुड में नई पीढ़ी की एक्ट्रेसेस में Ayesha Khan का नाम तेजी से उभर रहा है। ‘धुरंधर’ फिल्म के गाने ‘शरारत’ में उनके डांस और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें लाखों फैंस दिलाए। यह गाना 100 मिलियन से ज्यादा व्यूज क्रॉस कर चुका है और सोशल मीडिया पर हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है। लेकिन फेम के साथ आती चुनौतियां भी कम नहीं होतीं। हाल ही में एक रेड कार्पेट इवेंट में पैपराजी के साथ हुई घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

     

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    घटना का पूरा विवरण

    ‘Tu Yaa Main’ फिल्म की मुंबई प्रीमियर (Adarsh Gourav और Shanaya Kapoor की फिल्म, निर्देशक Bejoy Nambiar) के दौरान आयशा खान रेड कार्पेट पर पोज दे रही थीं। तभी कुछ पैपराजी ने उन्हें पीछे से फोटो/वीडियो लेने की कोशिश की और बार-बार “turn around” कहकर पुकारा। यह व्यवहार आयशा को असहज लगा। उन्होंने तुरंत रुककर, शांत लेकिन दृढ़ स्वर में जवाब दिया:

    “आप लोग पहले इज्जत कमाते हैं और फिर गंवाते हैं… प्लीज ऐसा मत करिए, ये मुझे अच्छा नहीं लगता। अपनी इज्जत खुद ही गंवाएंगे।”

    उनका रिस्पॉन्स क्लियर, सम्मानजनक और बिल्कुल पॉइंट पर था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि वे कितनी परेशान थीं, लेकिन उन्होंने अपनी बात बिना गुस्से या ड्रामा के रखी। कुछ अन्य पैपराजी ने भी उस व्यक्ति को रोकने की कोशिश की। इसके बाद आयशा ने कुछ सेकंड और पोज दिए और फिर वेन्यू के अंदर चली गईं।

    Ayesha Khan vs Paparazzi
    Ayesha Khan vs Paparazzi

    सोशल मीडिया का रिएक्शन

    यह क्लिप वायरल होते ही लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई। ज्यादातर यूजर्स ने आयशा की तारीफ की:

    • “बाउंड्री सेट करना सीखना चाहिए हर किसी को”
    • “क्लासी और कॉन्फिडेंट तरीके से जवाब दिया”
    • “पैपराजी कल्चर की असली समस्या को हाइलाइट किया”

    कुछ लोगों ने इसे ओवररिएक्शन बताया, लेकिन ओवरऑल पॉजिटिव सपोर्ट ही ज्यादा रहा। X पर #AyeshaKhan और #PaparazziCulture जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई महिलाओं ने अपनी समान अनुभव शेयर किए और कहा कि ऐसी घटनाएं रोज होती हैं।

    Ayesha Khan का सफर और मजबूती

    Ayesha Khan ने ‘धुरंधर’ से पहले भी कई प्रोजेक्ट्स किए हैं, लेकिन ‘शरारत’ गाने ने उन्हें ब्रेकआउट स्टार बना दिया। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि शूटिंग के दौरान पीरियड्स पर होने के बावजूद उन्होंने फुल एनर्जी से परफॉर्मेंस दी – जो उनकी डेडिकेशन और प्रोफेशनलिज्म को दिखाता है।

    इसके अलावा, उन्होंने AI-जनरेटेड फेक इमेजेस और डीपफेक वीडियो की समस्या भी कई बार उठाई है, जहां उनकी तस्वीरें बिना परमिशन के गलत तरीके से इस्तेमाल होती हैं। पैपराजी वाली घटना को उन्होंने कंसेंट और रिस्पेक्ट के मुद्दे से जोड़ा।

    Ayesha Khan vs Paparazzi
    Ayesha Khan vs Paparazzi

    Paparazzi culture : बदलाव की जरूरत

    भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पैपराजी अक्सर लिमिट क्रॉस कर जाते हैं। कई एक्ट्रेसेस – पुरानी और नई दोनों – ऐसी घटनाओं का सामना कर चुकी हैं। आयशा का यह स्टैंड कई महिलाओं के लिए इंस्पिरेशनल है। यह याद दिलाता है कि फेम के साथ अपनी वैल्यूज और बॉउंड्रीज पर खड़े रहना भी जरूरी है।

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    Ayesha Khan न सिर्फ एक बेहतरीन डांसर और एक्ट्रेस हैं, बल्कि एक मजबूत और जागरूक महिला भी, जो अपनी आवाज बुलंद करने से नहीं डरतीं। उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं इंडस्ट्री में सम्मान और प्रोफेशनल बिहेवियर के प्रति ज्यादा जागरूकता लाएंगी।

  • Noida Hindu Sammelan: सेक्टर-82 में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन, सनातन एकता और गौ रक्षा पर दिया गया जोर

    Noida Hindu Sammelan: सेक्टर-82 में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन, सनातन एकता और गौ रक्षा पर दिया गया जोर

    Noida Hindu Sammelan: नोएडा के सेक्टर-82, पॉकेट-12 में रविवार 8 फरवरी 2026 को एक भव्य हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति” के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें पॉकेट-7 और पॉकेट-12 के निवासियों सहित सर्व समाज के सैकड़ों लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता को मजबूत करना था।

    Noida Hindu Sammelan
    Noida Hindu Sammelan

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी पंचमानंद जी महाराज उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में भारतीय धरोहर के कार्याध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा एवं प्रसिद्ध सिंगर लावली चौहान शामिल रहीं। सभी अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति द्वारा पूरे सम्मान और गरिमा के साथ किया गया।

    Noida Hindu Sammelan
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    सम्मेलन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद स्वामी पंचमानंद जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में हिंदू समाज को संगठित रहने की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने सनातन धर्म की महानता, हिंदू संस्कृति के मूल्यों और नई पीढ़ी को धर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक हमारी संस्कृति और परंपराएं सुरक्षित नहीं रह सकतीं।

    Noida Hindu Sammelan
    Noida Hindu Sammelan

    सम्मेलन में मुख्य रूप से तीन विषयों पर विशेष चर्चा की गई—सनातन धर्म से जुड़ाव, हिंदू एकता और गौ रक्षा। वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिंदू समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा। गौ रक्षा को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए इसके संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया।

    Noida Hindu Sammelan
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    कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। सिंगर लावली चौहान द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और हिंदू एकता के संदेश को मजबूती से अपनाने का संकल्प लिया।

    सम्मेलन के समापन के बाद सभी भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। पॉकेट-12 के सभी कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे समर्पण भाव से किया गया यह आयोजन पूर्ण रूप से सफल रहा।

    Noida Hindu Sammelan
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    इस भव्य आयोजन की सफलता में मुख्य रूप से आयोजन समिति के प्रमुख कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। प्रमुख रूप से महेंद्र शर्मा , मुकेश शुक्ला , सी.के. शर्मा , पी.के. सिंह, विजय सचान, संजय पांडेय,  गोरेलाल, अरविंद परिहार, प्रमोद दीक्षित, मनीष मिश्रा, कृष्णा दुबे तथा भाजपा महिला नेत्री संतोष सिंह सहित पॉकेट-7 एवं पॉकेट-12 के सभी निवासियों और कार्यकर्ताओं ने कंधे से कंधा मिलाकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों को उनकी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई दी और आभार व्यक्त किया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।  यह हिंदू सम्मेलन सामाजिक समरसता, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और हिंदू एकता का सशक्त संदेश देने में पूरी तरह सफल रहा। आयोजकों ने विश्वास जताया कि आगे भी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से समाज को संगठित और सशक्त बनाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।

    नोएडा से दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Lashkar-e-taiba water force training video : 26/11 जैसे समुद्री हमले की फिराक में पाकिस्तान?

    Lashkar-e-taiba water force training video : 26/11 जैसे समुद्री हमले की फिराक में पाकिस्तान?

    Lashkar-e-taiba water force training video : पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) एक बार फिर भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रचता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने लश्कर की सो कॉल्ड ‘वॉटर फोर्स’ की हकीकत उजागर कर दी है। यह वीडियो लश्कर के मुखौटा संगठन पाकिस्तान मार्काज़ी मुस्लिम लीग (PMML) का लगता है, जिसमें संगठन के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल इंजीनियर हारिस डार युवा ट्रेनीज का निरीक्षण करते और ट्रेनिंग की डिटेल्स बताते नजर आ रहे हैं।

    Lashkar-e-taiba water force training video में क्या दिख रहा है?

    वीडियो में हारिस डार ट्रेनिंग के विभिन्न पहलुओं का जिक्र कर रहे हैं:

    • स्कूबा डाइविंग
    • प्रोफेशनल स्विमिंग
    • हाई-स्पीड बोट हैंडलिंग
    • रेस्क्यू ड्रिल्स
    • सोशल मीडिया ऑपरेशंस (प्रोपगैंडा और भर्ती के लिए)

    सबसे खतरनाक हिस्सा वह है जहां एक लश्कर कमांडर खुलेआम स्वीकार करता है कि यह पूरी ट्रेनिंग ‘वॉटर फोर्स’ के नाम से PMML/LeT चला रहा है। वह यह भी कहता है कि भारतीय मीडिया ने इसकी कवरेज की और अलग-अलग नैरेटिव बनाए गए।

    यह ट्रेनिंग पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में ‘सिविलियन रेस्क्यू और फ्लड रिलीफ’ के नाम पर चल रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असली मकसद समुद्री घुसपैठ और आतंकी हमले हैं – ठीक वैसे ही जैसे 2008 के मुंबई हमलों (26/11) में हुआ था।

    Lashkar-e-taiba water force training video
    Lashkar-e-taiba water force training video

    26/11 से सीधा कनेक्शन

    26/11 मुंबई हमलों में लश्कर के 10 आतंकियों ने समुद्री रास्ते से भारत में प्रवेश किया था। अजमल कसाब और उसके साथियों को इसी तरह की ट्रेनिंग दी गई थी – बोट चलाना, समुद्र में तैरना, और घुसपैठ की तकनीकें। अब लश्कर उसी पुराने मॉडल को दोहराने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सैकड़ों युवा इस ‘वॉटर फोर्स’ में शामिल हो रहे हैं।

    लश्कर का फ्रंट संगठन PMML पाकिस्तान में खुलेआम सक्रिय है। वह फ्लड रिलीफ जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा लेता है, जिससे उसे ताकत मिलती है। हाल के महीनों में लश्कर के नेता आतंकियों के जनाजे में शामिल होते भी कैमरे में कैद हुए हैं।

    पाकिस्तान का दोहरा चेहरा

    Lashkar-e-taiba water force training video : पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ होने का दावा करता है, लेकिन ऐसे खुले सबूत उसके दावों की पोल खोल देते हैं। लश्कर-ए-तैयबा संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी संगठन है, फिर भी उसके नेता और फ्रंट ऑर्गेनाइजेशन बेरोकटोक काम कर रहे हैं। FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर आने के बाद भी पाकिस्तान में आतंकी ढांचा जस का तस बना हुआ है।

    यह वीडियो सबसे पहले OSINT एक्सपर्ट्स और हैंडल्स जैसे @OsintTV द्वारा सामने लाया गया। अब यह भारतीय न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    भारत के लिए चुनौती और सतर्कता

    भारत की हजारों किलोमीटर लंबी तटरेखा समुद्री हमलों के लिए संवेदनशील है। लेकिन भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और खुफिया एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई समुद्री घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया जा चुका है।

    Lashkar-e-taiba water force training video : यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद क्षेत्रीय और ग्लोबल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान पर और सख्ती बरतने की जरूरत है।

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    आपको क्या लगता है – क्या पाकिस्तान कभी आतंक के समर्थन से पीछे हटेगा? अपनी राय कमेंट्स में जरूर बताएं।

    Source : OSINT रिपोर्ट्स, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो, भारतीय मीडिया कवरेज।

  • Delhi Weather News: लोहड़ी पर टूटा सर्दी का रिकॉर्ड, गुरुग्राम में 90 साल की सबसे ठंडी सुबह

    Delhi Weather News: लोहड़ी पर टूटा सर्दी का रिकॉर्ड, गुरुग्राम में 90 साल की सबसे ठंडी सुबह

    नई दिल्ली | 13 जनवरी, शाम, Delhi Weather News: दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने इस साल सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोहड़ी के दिन राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम में पारा 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 90 वर्षों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।

    भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग और लोधी रोड इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले 11 जनवरी को आयानगर में तापमान 2.9 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं 12 जनवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3 से 4.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।

    मकर संक्रांति पर भी ठंड से राहत नहीं

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को भी सर्दी का असर बना रहेगा। उस दिन न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
    हालांकि 15 जनवरी के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं।

    • न्यूनतम तापमान 5–6 डिग्री

    • 18 जनवरी तक 8–10 डिग्री

    • अधिकतम तापमान 20 से बढ़कर 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    इन शहरों में दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान

    • सीकर: 0.4 डिग्री

    • गुरुग्राम: 0.6 डिग्री

    • दिल्ली: 3 डिग्री

    • नोएडा: 3.3 डिग्री

    • फरीदाबाद: 4 डिग्री

    • गाजियाबाद: 4 डिग्री

    • देहरादून: 4.5 डिग्री

    IMD के मुताबिक दिल्ली में तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम रहा। नमी का स्तर लगभग 100 फीसदी दर्ज किया गया, जिससे गलन और ठिठुरन ज्यादा महसूस हुई।

    शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट

    उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले 2–3 दिनों तक शीतलहर से भीषण शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना है। वहीं बिहार और उत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक सुबह घना कोहरा छाने की आशंका जताई गई है। कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय दृश्यता कम रही और आवागमन प्रभावित हुआ।

    ठंड में कैसे बचकर रहें, IMD और विशेषज्ञों की सलाह

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीषण ठंड के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है—

    • सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचें

    • परतदार गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने पहनें

    • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें

    • गर्म पेय और सुपाच्य भोजन का सेवन करें

    • कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट और धीमी गति रखें

    • खुले में रहने वाले लोगों के लिए अस्थायी शेल्टर और अलाव की व्यवस्था जरूरी

    दिल्ली से दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Feel The Change Foundation ने शुरू किया नि:शुल्क विद्यालय, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए नई उम्मीद

    Feel The Change Foundation ने शुरू किया नि:शुल्क विद्यालय, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए नई उम्मीद

    नोएडा।  समाज में शिक्षा का उजाला फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Feel The Change Foundation ने 6 दिसंबर 2025 को नोएडा सेक्टर-110 स्थित रवि प्रधान मार्केट परिसर में अपना नि:शुल्क विद्यालय शुरू किया। संस्था ने शुरुआत में 20 बच्चों को कॉपी, जूते, बैग, पेंसिल और गर्म कपड़े वितरित किए। लक्ष्य है कि जल्द ही इस संख्या को बढ़ाकर सौ से अधिक बच्चों को पढ़ाई के दायरे में लाया जाए। उद्घाटन समारोह में फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास राज तिवारी ने पूजा-अर्चना कर स्कूल का शुभारंभ किया। सचिव जेपी मंडल ने आयोजन की तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। नोएडा के भाजपा नेता और समाजसेवी रवि प्रधान ने विद्यालय शुरू करने में सहयोग देते हुए अपने मार्केट परिसर में स्थान मुहैया कराया। स्थानीय समाजसेवी अजित सिंह, दीपू जैन, महिला समाजसेवी किरण झा, महिला समाजसेवी गौरी, और कई अन्य लोग भी समारोह में शामिल रहे। गौतमबुद्ध नगर के डीआईओएस राजेश सिंह उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने फ़ाउंडेशन की इस पहल की प्रशंसा की।

    फ़ाउंडेशन की यात्रा और सामाजिक प्रभाव

    फ़ील द चेंज फ़ाउंडेशन की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। स्थापना के बाद से यह संस्था देश के कई राज्यों में सक्रिय रूप से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और कल्याण के काम कर रही है। दिल्ली में वंचित बच्चों की शिक्षा को लेकर संस्था ने कई सफल मॉडल लागू किए, जिनकी सराहना सरकारी और निजी स्तर पर हुई। फ़ाउंडेशन का “फ़ील हैप्पी कैंपेन” देशभर में चल रहा है, जिसमें कई राजनेता, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और सेवानिवृत्त नौकरशाह शामिल होकर जागरूकता अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

    Feel The Change Foundation
    Feel The Change Foundation

    डॉ. विकास राज तिवारी—पत्रकारिता से समाज सेवा तक

    फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास राज तिवारी देश के नामचीन पत्रकारों में गिने जाते हैं। डिजिटल मीडिया इनोवेशन के क्षेत्र में उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम रहा है और उन्होंने दुनिया के पाँच देशों में भारत की ओर से मीडिया मंचों पर प्रतिनिधित्व किया है। कई प्रतिष्ठित पत्रकार संगठनों से जुड़े रहने के साथ-साथ वे सामाजिक मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में संस्था तेजी से बढ़ी और हजारों लोगों तक मदद पहुँची।

    शाम की कक्षाएँ—मजदूर बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था

    संस्था ने उन बच्चों के लिए विशेष शाम की कक्षाएँ शुरू की हैं जो दिनभर मजदूरी या कामकाज में व्यस्त रहते हैं और नियमित स्कूल नहीं जा पाते।
    इन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाई के लिए ज़रूरी सारी सामग्री—किताबें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल, बैग और अन्य अध्ययन सामग्री—पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाएँ, स्किल ट्रेनिंग, करियर मार्गदर्शन और बुनियादी डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सके।

    मज़दूरों के अधिकारों के लिए बड़ा अभियान

    फ़ाउंडेशन ने शिक्षा के अलावा मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब तक संस्था की मदद से करीब 5000 मजदूरों के मजदूर कार्ड बन चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का सीधा लाभ मिला है। संस्था नियमित रूप से जागरूकता शिविर लगाकर मजदूर परिवारों को उनके अधिकारों की जानकारी भी देती है।

    स्थानीय समर्थन और आगे की दिशा

    स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने इस विद्यालय को क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम बताया है। आने वाले समय में फ़ाउंडेशन—
    स्किल डेवलपमेंट,
    डिजिटल लर्निंग,
    महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण कार्यक्रम,
    करियर काउंसलिंग,
    और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
    जैसी गतिविधियाँ शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

    डॉ. विकास राज तिवारी का संदेश

    डॉ. तिवारी ने कहा,
    “हमारा संकल्प है कि कोई भी बच्चा गरीबी, अभाव या परिस्थितियों की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे। यही असली बदलाव है और यही हमारे अभियान का उद्देश्य है।” फ़ील द चेंज फ़ाउंडेशन का यह प्रयास उन परिवारों के लिए नई रोशनी लेकर आया है जो अपने बच्चों की पढ़ाई का सपना देखते तो हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उन्हें रोक देती है। यह विद्यालय उन बच्चों के भविष्य में एक मजबूत उम्मीद की तरह उभर रहा है।