Category: हेल्थ

  • धनतेरस पूजन(Dhanteras): धनतेरस पूजन विधि और खरीदारी के टिप्स

    धनतेरस पूजन(Dhanteras): धनतेरस पूजन विधि और खरीदारी के टिप्स

    धनतेरस(Dhanteras) का पर्व हर साल कार्तिक मास की त्रयोदशी को मनाया जाता है यह त्यौहार धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा के लिए समर्पित है और इस दिन सभी लोग विशेष रूप से धन और आभूषण खरीदने की परंपरा का पालन करते हैं लिए जाने धनतेरस पूजन की विधि और इस दिन क्या खरीदना चाहिए।

    धनतेरस(Dhanteras) पूजन विधि-

    धनतेरस(Dhanteras) के दिन पूजा करने की विधि बेहद महत्वपूर्ण है यहां पर धनतेरस पूजन की विधि का विवरण दिया हुआ है
    स्थान तैयार करें: पूजा के लिए एक स्वच्छ स्थान बनाएं जहां पूजा पट्टीका या चौकी रखें।
    दीप जलाएं: पूजा के स्थान पर दीपक जलाएं यह लक्ष्मी जी का स्वागत करने के लिए
    पूजा सामग्री: पूजा के लिए दूध दही शहद चीनी और कुछ फल जैसे केले और से का उपयोग करें इसके अलावा एक नया बर्तन सोने या चांदी के आभूषण या तेरा दीपक तैयार रखें।
    धनतेरस के मंत्र: पूजा के दौरान “ओम धन्वंतरे नमः” का जाप करें यह मंत्र भगवान धन्वंतरि का है जो धन और स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है।
    लक्ष्मी पूजा: लक्ष्मी जी की प्रतिमा या तस्वीर ले और उसे सुंदर तरीके से सजा उन्हें पुष्प मिठाई और फल अर्पित करें इसके बाद दीप जलाकर तेरा दीपक घर के चारों ओर रखें।
    प्रसाद वितरण: पूजा के बाद प्रसाद बाते और सभी को धनतेरस की ढेर सारी शुभकामनाएं दें।

    धनतेरस(Dhanteras)
    धनतेरस(Dhanteras)

    धनतेरस(Dhanteras) के दिन क्या-क्या खरीदें

    धनतेरस(Dhanteras) पर खरीदारी का विशेष महत्व है इस दिन सोने चांदी बर्तन और अन्य धातु के सामान खरीदने की परंपरा है-
    सोना और चांदी: इस दिन सोने और चांदी के आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है आप अगर गहनों के रूप में या सिक्कों के रूप में खरीद सकते हैं।
    बर्तन: नए बर्तन खेलने से घर में समृद्धि और सुख शांति आती है इस दिन खासकर स्टेनलेस स्टील चांदी या तांबे के बर्तन खरीदने चाहिए।
    गहने: डायमंड या बेस कीमती गहनों की खरीदारी भी इस दिन की जाती है और न केवल धन का प्रतीक है बल्कि यह एक अच्छी निवेश भी है।
    दिवाली की तैयारी: धनतेरस से दिवाली की शुरुआत होती है इस दिन आपके घर के सजावट के लिए दिया, फूलों और रंगोली के सामान भी खरीद सकते हैं।
    सुपरमार्केट या ऑनलाइन शॉपिंग: यदि आप समय के कमी से जूझ रहे हैं तो ऑनलाइन शॉपिंग एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है जो कई e-commerce वेबसाइट पर धनतेरस (Dhanteras)पर विशेष ऑफर्स मिलते रहते हैं।

    धनतेरस(Dhanteras)
                                            धनतेरस(Dhanteras)

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    धनतेरस(Dhanteras) का पर्व केवल खरीदारी का दिन नहीं है बल्कि यह समृद्धि स्वास्थ्य और सुख शांति की कामना का भी प्रतीक है जो इस दिन पूजा विधि का पालन करें और खरीदारी में सावधानी बरतें धनतेरस पे की गई सही खरीदारी आपकी समृद्धि और सुखिया का संचार कर सकती हैं।
    हमारी तरफ से आप सभी को धनतेरस की ढेर सारी शुभकामनाएं

  • Sleeping: नींद की कमी से हो सकती है ये समस्या आइये जानते है इसके बारे में

    Sleeping: नींद की कमी से हो सकती है ये समस्या आइये जानते है इसके बारे में

    Sleeping: नींद की कमी से हो सकती है ये समस्या आइये जानते है इसके बारे में:-

    (Sleeping) अगर कोई समस्या के वजह से आप नींद नही पूरी कर पा रहे है तो आपके लिए कई बिमारियो का वजह बन सकता है। डॉक्टर सलाह देते है की आप क्या खाते-पीते हैं इस पर ध्यान देंना चाहिए। भूखा न सोएं और न ही खाने के तुरंत बाद सोएं. सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचें। 

    नींद (Sleeping) हमारे सेहत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसका हमारे शरीर पर खास प्रवाह पड़ता है और हमारे शरीर को कमजोर भी करता है। नींद की बीमारी भारतीयों में बहुत ज्यादा देखी जाती है. 2020 में किए गए एक सर्वे में बताया गया कि भारतीयों में नींद की बीमारी 93 प्रतिशत थी. आमतौर पर पाए जाने वाले नींद से जुड़ी बीमारियों में शामिल हैं- इनसोमेनिया, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, हाइपरसोमनिया, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम और शिफ्ट वर्क डिसऑर्डर। 

    एक नीयत समय पर सोए:

    ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी दिन व्यक्ति रात 9 बजे सोए दूसरे दिन सुबह 3 बजे और अगले दिन सुबह 5 बजे. सोने का एक निश्चित समय होना चाहिए. यदि कोई व्यक्ति रोजाना आधी रात को सोता (Sleeping) है तो उसे हर दिन उसी समय सोने की कोशिश करनी चाहिए.”डॉ. ने कहा कि जब व्यक्ति एक ही समय पर सोता है और यदि हर दिन आठ घंटे की जगह सिर्फ सात घंटे की नींद भी ले पाता है, तब भी यह उसके लिए काफी है। इसलिए अपने तय समय पर ही सोये एक सोने का नियम तेयार कर ले उसी समय पर आप अपने बेड पर आ जाए। 

    रूम का तापमान का भी है अहम रोल:

    स्लीप फाउंडेशन ने पाया कि बेडरूम का तापमान भी नींद की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.सोने के लिए सबसे अच्छा बेडरूम का तापमान लगभग 18.3 डिग्री सेल्सियस है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कुछ डिग्री से भिन्न हो सकता है, लेकिन ज्यादातर डॉक्टर सबसे आरामदायक नींद के लिए थर्मोस्टेट को 15.6 से 19.4 डिग्री सेल्सियस के बीच सेट करने की सलाह देते हैं। सोने के लिए आप अपने रूम का तापमान भी चेक कर ले जिससे सोने मे आरामदायक लगे। 

    अच्छी नींद(Sleeping) कैसे ले:

    एक स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम 7 घंटे की नींद की जरूरत होती है! आप चाहें किसी नींद की बीमारी से पीड़ित हों या नहीं लेकिन एक अच्छी और गहरी नींद (Sleeping) के लिए लैपटॉप, टेलीविजन और मोबाइल फोन जैसी चीजों को बेडरूम से बाहर रखें. ये चीजें अच्छी नींद में बाधा डालती हैं. इसलिए इन्हें दूर रखने की सलाह दी जाती है। 

    आप क्या खाते-पीते हैं इस पर ध्यान दें: 

    भूखा न सोएं (Sleeping) और न ही खाने के तुरंत बाद सोएं सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचें। समय पर खाना खाएं. समय पर सोने जाएं. सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लें. हेल्दी ड्रिंक का सेवन करें, किताबे पढ़ें, एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और अपना फोन बंद कर दें। 

    आराम का माहौल बनाएं: 

    ध्यान रखें कि बेडरूम ठंडा हो, उसमें अंधेरा हो और शांत हो. रोशनी से नींद आना मुश्किल हो सकता है। इसलिए आप इन बातो को ध्यान रखे और अपने रूम का तापमान सही रखे और लाइट ऑफ करके सोये और ज्यादा शोर भीड़ वाली जगह से हट कर शांति जगह पर जाकर सोये। और आप भरपूर नींद लेने की कोशिश करे। 

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    दिन में सोना कम करें: 

    जो लोग दोपहर में ज्यादा सो (Sleeping) लेते हैं उन्हें रात में सोना मुश्किल हो सकता है. यदि आपकी दोपहर में सोने की आदत है तो इसे एक-दो घंटे तक सीमित करें। ज्यादा देर तक दोपहर मे मत सोए हो सके तो किसी काम मे अपने आप को व्यस्त कर ले और दोपहर मे मत सोये अगर आपको ज्यादा नींद आ रही है तो ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 घण्टे ही सोऐ जिससे नींद पूरी हो सके।

  • Banana खाने के 10 प्रमुख फायदे

    Banana खाने के 10 प्रमुख फायदे

    Banana एक ऐसा फल है जो पूरे विश्व में बड़े पैमाने पर खाया जाता है। यह आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है जो स्वादिष्ट भी होता है और पोषण से भरपूर। Banana में बहुत से विटामिन खनिज और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं लिए जाने बनाना खाने के 10 प्रमुख फायदे:–

    1.Banana तुरंत ऊर्जा देने वाला फल

    Banana एक ऐसा फल है जिसे अक्सर प्राकृतिक ऊर्जा का स्रोत कहा जाता है इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं अगर आपको तुरंत               ऊर्जा की जरूरत हो तो केले का सेवन एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है इसीलिए खिलाड़ी और व्यायाम करने वाले लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं।

    2.Banana पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

    Banana मैं फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो पाचन तंत्र के लिए बहुत लाभकारी होता है यह आंतों कुछ स्वस्थ रखना में मदद करता है और कब्ज की समस्या को              दूर करने में सहायक होता है जिन लोगों को पतन संबंधित समस्याएं होती हैं उन्हें नियमित रूप से Banana का सेवन करना ही चाहिए।

    3.हड्डियों को मजबूत बनाएं

    Banana मैं कैल्शियम की मात्रा भी होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है इसके अलावा यह विटामिन सी और मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत है जो              हड्डियों के स्वास्थ के लिए आवश्यक होता है।

    4.Blood pressure को नियंत्रित करता है

    Banana मैं पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है और सोडियम की मात्रा कम पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होता है यह दिल के दौरे और स्ट्रोक         के खतरे को काम करता है जो लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित है उन्हें अपने आहार में Banana जरूर शामिल करना चाहिए।

    5.दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

    Banana मैं पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं जो दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है और दिल के स्वास्थ्य         को बनाए रखना है दिल की बीमारियों से बचाव के लिए नियमित रूप से किले का सेवन करना फायदेमंद है।

    6.Banana वजन बढ़ाने में मददगार

    अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो Banana आपकी मदद कर सकता है Banana में कैलोरी की अच्छी मात्रा होती है जिससे वजन बढ़ाने में सहायक होती है और             इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट भी होता है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और वजन को स्वस्थ तरीके से बढ़ता है।

    7. तन और चिंता को कम करें

    Banana से टिपटॉप फन नामक एक अमीनो एसिड होता है जो शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाता है सिर्फ टोनी हार्मोन मूड को बेहतर बनाने और तनाव            को कम करने में सहायक होता है पर आना खाने से दिमाग को शांति मिलती है और चिंता भी कम होती है।

    8. त्वचा के लिए फायदेमंद

    Banana मैं विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करता हैं। Banana त्वचा को नवमी प्रदान करता है जिससे        झुर्रियों से बचने में सहायक होता है। कई लोग बनाना के पेस्ट का इस्तेमाल फेस मास्क के रूप में भी करते हैं ताकि उनकी त्वचा निखरी और ताजगी बनी रहे।

    9. एनीमिया में फायदेमंद

    Banana मैं आयरन की अच्छी मात्रा होती है जो खून में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाएं रखता है और एनीमिया के मरीजों के लिए केला बहुत लाभकारी होता है क्योंकि          यह खून में कमी को बड़ा करने में मदद करता साथ ही साथ इसके फोलिक एसिड भी होता है जो शरीर के लिए आवश्यक होता है।

    10. मांसपेशियों के दर्द को कम करें

    जो लोग कसरत करते हैं उन्हें मांसपेशियों में दर्द का सामना करना पड़ता है जिससे Banana में पोटेशियम और मैग्नीशियम होते हैं जो मांसपेशियों को आराम देने और        दर्द कम करने में लाभकारी होते हैं, कसरत के बाद Banana खाने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और जल्द ही दर्द से छुटकारा मिलता है।

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    Banana एक बहुमूल्य फल है जो हमारे शरीर के लिए बहुत सारे लाभ प्रदान करता है और अपने दैनिक आहार में शामिल करने से केवल आपको ऊर्जा मिलेगी बल्कि आपका संपूर्ण स्वास्थ्य भी बेहतर होगा चाहे आप वजन बढ़ाना चाहते हो या अपने दिल का खास ख्याल रखना चाहते हो Banana आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

  • Ratan Tata की इंसानियत: रतन टाटा और उनके पालतू जानवर के दिल छूने वाली कहानी।

    Ratan Tata की इंसानियत: रतन टाटा और उनके पालतू जानवर के दिल छूने वाली कहानी।

    Ratan Tata: एक ऐसा नाम जिसे न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में एक अत्यधिक सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ देखा जाता है। वह टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष और एक प्रमुख व्यापारी है, लेकिन उनकी पहचान न केवल उनकी व्यावसायिक सफलता तक सीमित है रतन टाटा की पहचान उनके दयाल हृदय, समाज सेवा, और दूसरों के प्रति सहानुभूति के रूप में भी होती है। इस दयालुता का एक अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब उन्होंने अपने पालतू जानवर के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा cancel कर दी।

    Ratan Tata

    यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि रतन टाटा न केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से ही महान नहीं, बल्कि वह एक गहरी संवेदनशील और देखभाल करने वाले इंसान भी है। उनके जीवन में इंसानियत और पशु प्रेम की एक महत्वपूर्ण जगह है जो इस घटना नहीं है साबित कर दिया कि वह अपने व्यक्तिगत जीवन में भी दिल से जुड़े फैसले रहते हैं।

    Ratan Tata: रतन टाटा का पालतू जानवरों के प्रति प्रेम 

    रतन टाटा के बारे में जो लोग अच्छी तरह जानते हैं वह इस बात से भी परिचित है कि उन्हें पालतू जानवरों से कितना गहरा लगाव था। वह पशु प्रेमी है और अक्सर उन्होंने अपने जीवन में जानवरों के प्रति दया और करुणा का प्रदर्शन किया है, उनके मुंबई स्थित आवास में कई पालतू जानवर रहते हैं जिन्हें वह अपने परिवार के सदस्यों की तरह मानते हैं।

    उनके पालतू जानवर सिर्फ उनके साथ ही नहीं, बल्कि उनके लिए एक भावनात्मक सहारा भी थे। कई बार जीवन में जब व्यक्ति व्यवस्थाओं और चुनौतियों से गिरा रहता है, तब पालतू जानवर एक प्रकार का सुकून और शांति प्रदान करते हैं, Ratan Tata के लिए भी उनके पालतू जानवर इस भावनात्मक संबंध का प्रतीक है।

    Ratan Tata कि लंदन यात्रा cancel करने की घटना

    यह घटना तब की है जब रतन टाटा की एक महत्वपूर्ण लंदन यात्रा निर्धारित की गई थी। यह यात्रा Tata group के लिए व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण थी, और इसमें कई बड़े बैठकों और निर्णय की योजना के लिए की गई थी। लेकिन ठीक उसी समय रतन टाटा के पास तो जानवर की तबीयत अचानक खराब हो गई, और जानवर की तबीयत इतनी खराब थी कि उसे तुरंत देखभाल और उपचार की बहुत ही आवश्यकता थी।

    Ratan Tata

    ऐसे समय में Rata Tata जी के सामने एक बहुत कठिन फैसला था, क्या वह अपनी यात्रा पर जाएं ,और अपने व्यावसायिक हीतो को प्राथमिकता दें या फिर अपने पालतू जानवरों के लिए उनके पास रुके उनकी देखभाल करें? सम्मानित एक बड़े व्यवसाय के लिए व्यापारिक यात्रा को प्राथमिकता देना समझदारी भरा फैसला होता है, लेकिन Ratan Tata ने अपने दिल की सुनी उन्होंने अपने पालतू जानवर के साथ रहना पसंद किया और लंदन जाने की यात्रा रद्द की।

    Ratan Tata की दयालुता भरा फैसला 

    Ratan Tata का यह फैसला यह दर्शाता है कि उनके लिए प्यार और देखभाल केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं है बल्कि वह अपने पास तो जानवरों के प्रति भी उतनी ही संवेदनशीलता और करुणा रखते हैं। उनके इस फैसले ने लोगों के दिलों को छू लिया और social media पर यह घटना काफी चर्चा में रही, बहुत से लोगों ने उनकी इस दयालुता और संवेदनशीलता की सराहना की जो की सराहना के लायक थी।

    यह घटना यह भी बताती है की सफलता प्रतिष्ठा के शिखर पर होने के बावजूद रतन टाटा ने कभी अपने मानवीय मूल्य को नहीं छोड़ा उनके लिए पैसे और व्यवसाय से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके लिए रिश्ते और उनकी जिम्मेदारियां है चाहे वह इंसानों के प्रति हो या जानवरों के प्रति हो या फिर किसी भी चीज के लिए हो।

  • Uttar Pradesh:यूपी के किसानों में बढ़ा केले की खेती का क्रेज

    Uttar Pradesh:यूपी के किसानों में बढ़ा केले की खेती का क्रेज

    पूर्वांचल, अवध के कई जिलों में परंपरागत फसलों का विकल्प बना केले की खेती 

    Uttar Pradeshलखनऊ:  कम समय की नकदी फसल और पूरे साल मांग बनी रहने के नाते उत्तर प्रदेश के किसानों को केले की खेती खूब रास आ रही है। प्रदेश के पूर्वांचल, अवध आदि क्षेत्रों के कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, महाराजगंज, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, प्रतापगढ़, अमेठी, कौशाम्बी, सीतापुर और लखीमपुर जिलों में केले की खेती होती है।

    Uttar Pradesh: योगी सरकार से मिलने वाली मदद से किसानों को खूब भा रही केले की खेती

    Uttar Pradeshयोगी सरकार द्वारा केले की प्रति हेक्टेयर खेती पर करीब 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। पारदर्शी तरीके से अनुदान पर मिलने वाले कृषि यंत्रों का वितरण और सिंचाई के अपेक्षाकृत प्रभावी ड्रिप और स्प्रिंकलर और सोलर पंप पर मिलने वाले अनुदान के नाते किसानों का क्रेज केले जैसी नकदी फसलों की ओर और बढ़ा है।

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    Uttar Pradesh: दक्षिण से उत्तर भारत तक केले की यात्रा

    परंपरागत रूप से केला दक्षिण भारत की फसल है। पर, कुछ दशक पूर्व महाराष्ट्र के भुसावल और इसके आसपास के कुछ इलाकों में इसकी खेती शुरू हुई तो भुसावल और केला (चित्तीदार) एक दूसरे के पर्याय बन गए। देखते-देखते भुसावल का हरी छाल केला पूरे उत्तर भारत के बाजार में छा गया। करीब दो दशक पहले बिहार के नौगछिया के केले ने भुसावल के हरी छाल को लगभग बाजार से बाहर कर दिया। बिहार से सटे कुशीनगर के किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर रहे हैं। 

    भारत औरUttar Pradesh उत्तर प्रदेश में केले का उत्पादन

    केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ से मिले आंकड़ों के अनुसार पूरे भारत में लगभग 3.5 करोड़ मीट्रिक टन केले का उत्पादन होता है। देश में केले की फसल का रकबा करीब 9,61,000 हेक्टेयर है।

    उत्तर प्रदेश में करीब 70,000 हेक्टेयर रकबे में केले की खेती हो रही है। कुल उत्पादन 3.172 लाख मिट्रिक टन और प्रति हेक्टेयर उपज 45.73 मिट्रिक टन है।

    सिर्फ आर्थिक ही नहीं, धार्मिक और पोषण के लिहाज से भी केला बेहद महत्वपूर्ण

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    केला आर्थिक के साथ धार्मिक और पोषण के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। कोई भी धार्मिक अनुष्ठान केले और इसके पत्ते के बिना पूरा नहीं होता। केला रोज के नाश्ते के अलावा व्रत में भी खाया जाता है। केले के कच्चे, पके फल और तने से निकलने वाले रेशे से ढेर सारे सह उत्पाद बनने लगे हैं।

    Uttar Pradesh: पूरे साल की उपलब्धता केले को बाकी फलों से खास बनाता है

    बाजार में मौसमी फलों की उपलब्धता सीजन के कुछ महीनों तक रहती है, लेकिन केला उन चुनिंदा फलों में से है जो लगभग पूरे वर्ष उपलब्ध रहता है। अधिकांश फलों को खाने के लिए धोने, काटने की आवश्यकता होती है लेकिन केले को बिना किसी समस्या के छील कर भी खा सकते हैं।

    केले में मौजूद पोटैशियम हाई बीपी को नियंत्रित करने में मददगार

    केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के निदेशक टी. दामोदरन के अनुसार केला पोषण के लिहाज से भी खासा महत्त्वपूर्ण है। अन्य पोषक तत्वों के अलावा इसमें भरपूर मात्रा में पोटेशियम तो होता ही है, यह कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट 

    और विटामिन बी-6 का भी अच्छा स्रोत है। पोटेशियम हृदय की सेहत, विशेष रूप से रक्तचाप प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। पोटेशियम युक्त आहार रक्तचाप को प्रबंधित करने और उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। यह हृदय रोग का जोखिम 27 फीसद तक कम कर सकता है।

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    एक केले से मिल जाती है जरूरत की एक चौथाई विटामिन बी-6

    केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक प्रभात कुमार शुक्ला के अनुसार केले से प्राप्त विटामिन बी-6 आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाता है। एक मध्यम आकार का केला दैनिक विटामिन बी-6 की जरूरतों का लगभग एक चौथाई प्रदान कर सकता है। यह विटामिन लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन, कार्बोहाइड्रेट और वसा के चयापचय के लिए आवश्यक है। यह उन्हें ऊर्जा में बदलता है, यकृत और गुर्दे से अवांछित रसायनों को हटाता है, और एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र को बनाए रखता है।

  • Gautam Buddh Nagar:जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा का आयोजन

    Gautam Buddh Nagar:जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा का आयोजन

    Gautam Buddh Nagarजिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर, मनीष कुमार वर्मा के निर्देशानुसार पोषण माह के अंतर्गत आज जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बेहतर पोषण और उनकी वृद्धि की निगरानी के प्रति जागरूकता फैलाना था।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने छलेरा के आंगनबाड़ी केंद्र, बाल विकास परियोजना बिसरख में आयोजित इस स्पर्धा में भाग लेते हुए बच्चों के अभिभावकों और जन समुदाय को बच्चों के अच्छे पोषण और उनकी वृद्धि पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य और इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला।

    Gautam Buddh Nagar

    इस स्पर्धा के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने बच्चों की पोषण स्थिति के अनुसार रैंकिंग दी। जिन बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार हुआ, उनके अभिभावकों और बच्चों को सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कुपोषण को समाप्त करना है।

    इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी सहित अन्य अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।

  • Noida सीईओ ने किया फेलिक्स हॉस्पिटल के मेगा हेल्थ कैम्प का शुभारंभ, सैकड़ों कर्मचारियों को मिली मुफ्त चिकित्सा सेवाएं

    Noida सीईओ ने किया फेलिक्स हॉस्पिटल के मेगा हेल्थ कैम्प का शुभारंभ, सैकड़ों कर्मचारियों को मिली मुफ्त चिकित्सा सेवाएं

    Noida: फेलिक्स हॉस्पिटल और नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से गुरुवार को इंदिरा गांधी कला केंद्र, सेक्टर-6 नोएडा में फ्री हेल्थ कैंप और डॉक्टर टॉक (कैंसर जागरुकता) का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन नोएडा प्राधिकरण के सी.ई.ओ. डॉ. लोकेश एम, आई.ए.एस. ने किया। शिविर में नोएडा प्राधिकरण के लगभग 380 कर्मचारीयों की जांच की गई। शिविर में डॉ. डी. के. गुप्ता (चेयरमैन, फेलिक्स हॉस्पिटल) के साथ डॉ. रश्मि गुप्ता (मैनेजिंग डायरेक्टर, फेलिक्स हॉस्पिटल) और विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मुफ्त परामर्श सेवाएं प्रदान की गईं जिनमें हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, फ़िज़िओथेरपिस्ट, ऑप्थल्मोलॉजिस्ट और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट शामिल थे। इसके अलावा, शिविर में मुफ्त बी.पी., शुगर, ई.सी.जी., पी.एफ.टी., वेट-हाइट और बी.एम.आई. जाँच के अलावा विज़न टेस्टिंग (मोतियाबिंद एवं काला मोतियाबिंद सहित), बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
    नोएडा प्राधिकरण के सी.ई.ओ. डॉ. लोकेश एम ने कैंप की सराहना की और कहा हम सभी को स्वस्थ रहने के लिए समय-2 स्वास्थ्य जाँच करानी चाहिए ताकि भविष्य में होने वाली बीमारियों से बच सकें |


    फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. डी.के. ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर सही परामर्श देना है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे और भी शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच की और उन्हें स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण सलाह दी। शिविर में ACEO आईएएस संजय कुमार खत्री, OSD आईएएस महेंद्र प्रताप सिंह, ACEO आईएएस वंदना त्रिपाठी, ACEO आईएएस सतीश पाल जी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे | इसके अलावा राजकुमार सिंह(अध्यक्ष ), जितेंद्र कुमार (महा सचिव), नीरज राना, अमित कुमार (सचिव) एवं सुभाष कुमार कोषाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने शिविर की शोभा बड़ाई |
    शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर जांच की सुविधा प्रदान करना था, ताकि वे गंभीर बीमारियों से बच सकें। शिविर में आए लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें आसानी से स्वास्थ्य जाँच एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त होता है, जो कि नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की तुलना में अधिक सुलभ और प्रभावी है। फेलिक्स हॉस्पिटल की 24X7 हेल्पलाइन (7835 999444/555) भी उपलब्ध है। जिससे मरीज किसी भी समय अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। फेलिक्स हॉस्पिटल हमेशा लोगों की सेवा के लिए तत्पर है। इस मौके पर श्री विनोद जोशी जी के साथ डॉ. चिन्मयी अग्रवाल (ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. जगतजोत सिंह गिल (गेस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट), डॉ. अदिति (एंडोडोंटिस्ट), डॉ. विनय कुमार साहू (ओर्थपेडीक सर्जन), डॉ. सोनाक्षी सक्सेना (जनरल फिजिशियन), डॉ. निदा (डायटीशियन), डॉ. सोनिया(गायनेकोलॉजिस्ट), डॉ. संदीप (फ़िज़ियोथेरेपिस्ट), डॉ. शुभम, डॉ. अबुजार एवं अन्य डॉक्टर्स मौजूद रहे।

  • Pregnancy Health : गर्भवती महिलाओं के लिए राहत, अब प्रथम चरण से ही मिलेगा मधुमेह से बचाव

    Pregnancy Health : गर्भवती महिलाओं के लिए राहत, अब प्रथम चरण से ही मिलेगा मधुमेह से बचाव

    Pregnancy Health: गर्भावस्था के दौरान मधुमेह (gestational diabetes) एक आम समस्या है, जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकती है। अब, एक अच्छी खबर यह है कि वैज्ञानिकों ने मधुमेह से बचाव के लिए एक नया तरीका विकसित किया है, जो गर्भावस्था के पहले चरण से ही शुरू होता है।

    यह नया तरीका एक विशेष प्रकार के आहार और व्यायाम कार्यक्रम पर आधारित है, जिसे “गर्भवती महिलाओं के लिए मधुमेह रोकथाम कार्यक्रम” (Gestational Diabetes Prevention Program – GDM-PP) कहा जाता है। इस कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के 20वें सप्ताह से शुरू करके, स्वस्थ भोजन और नियमित व्यायाम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

    कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

    • स्वस्थ भोजन: फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दुबली प्रोटीन से भरपूर आहार का सेवन।
    • नियमित व्यायाम: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम, जैसे तेज चलना, तैरना या गर्भवती महिलाओं के लिए योग।
    • वजन नियंत्रण: यदि आवश्यक हो तो वजन कम करना या स्वस्थ वजन बनाए रखना।

    कार्यक्रम के लाभ:

    • मधुमेह का खतरा कम होता है: अध्ययनों से पता चला है कि GDM-PP कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं में मधुमेह विकसित होने का खतरा 50% तक कम हो जाता है।
    • गर्भावस्था के दौरान बेहतर स्वास्थ्य: GDM-PP कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं में उच्च रक्तचाप और प्री-एक्लेम्पसिया (एक गंभीर गर्भावस्था जटिलता) का खतरा भी कम होता है।
    • स्वस्थ बच्चे: GDM-PP कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं के बच्चे बड़े और स्वस्थ पैदा होते हैं, और उन्हें जन्म के समय स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम होता है।

    कार्यक्रम में कैसे शामिल हों:

    यदि आप गर्भवती हैं और मधुमेह के विकास के बारे में चिंतित हैं, तो अपने डॉक्टर से GDM-PP कार्यक्रम के बारे में बात करें। यह कार्यक्रम कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है।

    निष्कर्ष:

    GDM-PP कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं के लिए मधुमेह के खतरे को कम करने और स्वस्थ गर्भावस्था और बच्चे के जन्म को सुनिश्चित करने का एक प्रभावी तरीका है। यदि आप गर्भवती हैं, तो इस कार्यक्रम के बारे में अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें।

    यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है:

    • यह लेख केवल जानकारी के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
    • यदि आपको मधुमेह के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना, और थकान, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
    • स्वस्थ गर्भावस्था के लिए नियमित रूप से अपने डॉक्टर से मिलते रहें और उनके निर्देशों का पालन करें।
  • World Hypertension Day 2024: खराब जीवन शैली कम उम्र में ही बना रही हाइपरटेंशन का शिकार

    World Hypertension Day 2024: खराब जीवन शैली कम उम्र में ही बना रही हाइपरटेंशन का शिकार

    खराब जीवन शैली कम उम्र में ही बना रही हाइपरटेंशन का शिकार
    सिर दर्द, घबराहट और सांस फूलना, धुंधला नजर की हो रही शिकायत
    हाइपरटेंशन की गिरफ्त में हैं पर पता ही नहीं, अब गांव के लोग भी पीड़ित
    World Hypertension Day 2024: इस भ्रम में मत रहिए कि उच्च रक्तचाप केवल उम्रदराज लोगों को होता हैं। युवा पीढ़ी भी तेजी से हाईपरटेंशन की चपेट में आ रही है। मानसिक, पर्यावरणीय कारणों और नए जमाने में जीने के तरीकों से यह समस्या निरंतर बढ़ रही है। यह बात फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने कही। हाइपरटेंशन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। डिप्रेशन के मरीजों मेे हाइपरटेंशन की समस्या अधिक होती है। खासकर 30 से 50 साल के बीच के मरीजों में ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने की आशंका बढ़ जाती है। अब शहर ही नहीं, गांव की जनता भी हाइपरटेंशन का शिकार हो रही है। जागरुकता की कमी की वजह से लोग इसकी गिरफ्त में और उनको इसका पता तक नहीं है। सिर दर्द से परेशान हैं, लगातार चक्कर और बेचैनी हो रही है। सांस लेने में दिक्कत या उल्टी आ रही है तो सतर्क हो जाएं। यह हाई ब्लडप्रेशर के लक्षण हो सकते हैं। सबसे तेजी से बढ़ने वाली यह बीमारी साइलेंट किलर है। लाखों लोग इसकी चपेट में हैं लेकिन उन्हें पता ही नहीं लग पाता है। हार्ट अटैक का बड़ा कारण हाइपरटेंशन है। सिरदर्द, बेचैनी चक्कर और सीने में दर्द हो तो परीक्षण कराएं। हाइपरटेंशन में रक्त वाहिनियों में रक्त का दबाव लगातार बढ़ा हुआ होता है। दबाव जितना अधिक होगा, हृदय को उतनी अधिक क्षमता से पम्प करना पड़ेगा। हाईपरटेंशन के कारण विभन्न अंग क्षतग्रिस्त हो सकते हैं। जीवनशैली एवं खान-पान में जंक फूड बढ़ जाने के कारण रोगी बढ़ रहे हैं। नियमित व्यायाम, संयमित भोजन, फल एवं हरी सब्जियों का सेवन इस बीमारी से बचाव करता है। तनाव और मोबाइल बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। खान-पान का तरीका भी बदल गया है। दुबले-पतले बच्चे भी हाईपरटेंशन की जद में मिले। बहुत से बच्चों के परिवार में भी ब्लड प्रेशर का इतिहास नहीं मिला। फिर भी उनमें यह समस्या पनप आई है। हाइपरटेंशन की परेशानी गर्भवतियों में तेजी से बढ़ रही है। हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर कहा जाता है। सांस फूलना, सिर और छाती में दर्द, पसीना आना, घबराहट, उल्टी होना इसके लक्षण हैं। स्मोकिंग, शराब का सेवन, अधिक वजन, मोटापा, मानसिक और शारीरिक तनाव इसके कारण हो सकते हैं। हाई बीपी के शिकार लोग नियमित दवाइयों पर चल रहे हैं। डाक्टर बीपी के मुताबिक इनकी डोज घटाते और बढ़ाते रहते हैं। यह बहुत चिंताजनक आंकड़े हैं। बीपी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मोटापा है। खानपान की बात करें तो सफेद नमक जहर समान है। चिकनाई से भी बीपी बढ़ता है। अब 23 से 25 साल की उम्र वालों को भी बीपी की दिक्कत होने लगी है। काम और करियर का तनाव, अनियमित खानपान, स्ट्रीट साइड फूड्स खाना, कुछ भी तला खाना मुख्य कारण है।

    #World HypertensionDay2024

    उच्च रक्तचाप के चरण
    प्री-हाइपरटेंशनः इसमें ब्लड प्रेशर 120/80-139/89 के बीच होता है।
    माइल्ड हाइपरटेंशनः ब्लड प्रेशर 140/90-159/99 की रेंज में होता है।
    मध्यम उच्च रक्तचापः रक्तचाप की सीमा 160/110-179/109 होती है।
    गंभीर उच्च रक्तचापः 180/110 या फिर उससे भी अधिक हो सकता है।

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    हाई बीपी के लक्षणः
    ● सिरदर्द
    ● सांस फूलना
    ● थकान या भ्रम
    ● छाती में दर्द
    ● पसीने आना
    ● घबराहट होना
    ● धुंधला नजर आना
    ● उल्टियां आना

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    यह हैं हाई बीपी का कारणः
    ● अधिक तनाव और लंबे समय तक बेचैनी
    ● ठीक से नींद न लेना, धूम्रपान और शराब का सेवन
    ● मोटे लोगों में मधुमेह होने की संभावना ज्यादा होती है
    ● सफेद नमक, अधिक चटपटा, तैलीय खाना
    ● व्यायाम नहीं करना, देर से सोना, कम्प्यूटर पर देर तक टिके रहना

    ऐसे कर सकते हैं बचावः
    ● धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।
    ● हरी-सब्जियों और फलों का सेवन करें।
    ● छह माह में एक बार बीपी जरूर चेक कराना चाहिए
    ● कम फैट वाले डेयरी उत्पाद डाइट में करें शामिल।
    ● रोजना करीब एक घंटे तक व्यायाम करें।
    ● रोजाना नमक की मात्रा 5 ग्राम से कम रखें।
    ● शरीर को सक्रिय रखें और वजन घटाएं।
    ● मॉर्निंग वॉक या रनिंग की आदत डालें।
    ● फैमिली के साथ अच्छा समय बिताएं।

  • भूल जाओ बाजार में मिलने वाले कॉस्मेटिक्स, अपनाओ घरेलू नुस्खे रिश्तेदार कहेंगे वाह क्या बात है! आप ऐसे निखार सकते हो अपना चेहरा

    भूल जाओ बाजार में मिलने वाले कॉस्मेटिक्स, अपनाओ घरेलू नुस्खे रिश्तेदार कहेंगे वाह क्या बात है! आप ऐसे निखार सकते हो अपना चेहरा

    घरेलू नुस्खे: चेहरे की देखभाल घरेलू तरीकों से करने के लिए अधिकांश लोग तैयार होते हैं। बाजार में उपलब्ध चेहरे की साफ-सफाई उत्पादों के स्थान पर, घरेलू नुस्खों का उपयोग करना अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। यहां हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लाए हैं जो आपके चेहरे को निखार सकते हैं।

    1. नींबू का रस:
    नींबू का रस चेहरे के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन C की भरपूर मात्रा होती है, जो त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखती है। नींबू का रस निर्माण करें और इसे अपने चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट रखें। फिर ठंडे पानी से धो लें।

    2. दही और शहद का मास्क:
    दही और शहद का मास्क त्वचा के लिए अत्यंत पोषणपूर्ण होता है। दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं, जबकि शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    3. हल्दी और चावल का फेस पैक:
    हल्दी और चावल का फेस पैक त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। चावल पीसकर पाउडर बनाएं और उसमें हल्दी मिलाएं। इस मिश्रण को पानी के साथ मिलाकर फेस पैक की तरह लगाएं और सूखने तक रखें। फिर ठंडे पानी से धो लें।

    4. गुलाबजल का इस्तेमाल:
    गुलाबजल का इस्तेमाल त्वचा को ताजगी और चमक देता है। इसे कपड़े में भिगोकर अपने चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट रखें।

    5. पानी की पर्याप्त मात्रा:
    पानी की पर्याप्त मात्रा में पीना और त्वचा को अच्छे से साफ रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह त्वचा को मोइस्चराइज करता है और स्वस्थ रखता है।