Category: हेल्थ

  • Seasonal Disease In Month Of March : मार्च के महीने में होने वाली बीमारियों से कैसे बचें, डिटेल में बता रहे हैं डॉक्टर प्रदीप कुमार

    Seasonal Disease In Month Of March : मार्च के महीने में होने वाली बीमारियों से कैसे बचें, डिटेल में बता रहे हैं डॉक्टर प्रदीप कुमार

    Seasonal Disease In Month Of March

    मार्च का महीना शुरू होने के साथ ही कई सीजनल बीमारियों ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। अभी का मौसम ऐसा चल रहा है कि पूरे दिन गर्मी होती है और रात में ठंड पड़ती है। ऐसे में लोग बहुत बीमार हो रहे हैं।  एक तरफ कोरोना का डर है तो दूसरी तरफ बच्चे, बड़े बुजूर्ग सभी मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।

    ये मौसमी बीमारियां कौन सी है और इनसे कैसे बचा जा सकता है डिटेल में बता रहे नोएडा सेक्टर 93 में अपना क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर प्रदीप कुमार।

    डॉक्टर कुमार के मुताबिक इस मौसम में बुखार, सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, डिहाइड्रेशन और स्किन रैशेज के  मरीज ज्यादा आ रहे हैं वहीं लोग कोरोना को लेकर भी डरे हुए है। वहीं जब सर्दियां जा रहीं हैं और गर्मी आने वाली है इस मौसम में डिहाइड्रेशन,वर्टिगो,सन बर्न, स्किन रैशेज,हीट स्ट्रोक, फूड प्वॉइजनिंग मीजल्स/चिकनपॉक्स, आदि बीमारियां ज्यादा देखने को मिलती हैं वहीं डायरिया, मलेरिया, टाइफॉइड जैसी बीमारियां भी अपना कहर बरपाती हैं। डॉक्टर कुमार के क्लिनिक के कर्मचारी हरेंद्र सिंह के मुताबिक बुखार और लूज मोशन के मामले ज्यादा आ रहे हैं। सर्दी और जुकाम से बच्चे और बुजूर्ग ज्यादा प्रभावित हैं।

    कैसे करें बचाव?

    डॉक्टर प्रदीप कुमार के मुताबिक ये तरीके अपनाकर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है

    1-इस मौसम में खाना जल्दी खराब हो सकता है, जिसकी वजह से आपको मौसमी बीमारी में फूड प्वाॅइजनिंग होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कोशिश करें कि ताजा खाना खाएं। जिसके लिए आप ज्यादा खाना पकाने से बचें, ताकि खाना वेस्ट न हो। अगर फिर भी खाना बच जाता है, तो उसे तुरंत फ्रिज में रख दें।

    2- बाहर खुली जगह में खाना खाने से बचें। क्योंकि, वहां फूड प्वॉइजनिंग होने का खतरा बढ़ जाता है। मानसून के अलावा गर्मियों में भी मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों की आशंका रहती है। क्योंकि, इस दौरान हम आधी बाजू या हाफ पैंट जैसे कपड़े पहनते हैं, जिससे हाथ-पैरों पर मच्छर काटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कोशिश करें कि अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि अधिकतर मच्छर पानी में पैदा होते हैं। इसके अलावा, अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं, तो पूरे कपड़े पहनकर जाएं।

    3-गर्मी के मौसम में मीजल्स या चिकनपॉक्स के मामले बढ़ जाते हैं, जो कि एक वायरल इंफेक्शन है। यह वायरल इंफेक्शन संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए, अगर आपको पता है कि किसी व्यक्ति को मीजल्स या चिकनपॉक्स है, तो उससे दूर रहें। इसके अलावा, यह बीमारी आपको है, तो आपको भी अधिक लोगों से मिलने से बचना चाहिए।

    4-इसके अलावा, गर्मियों में लू का खतरा बहुत होता है और सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक भीषण गर्मी पड़ती है। इस दौरान ज्यादा देर तक बाहर रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कोशिश करें कि आप इस समय घर से बाहर न निकलें। अगर निकलना जरूरी है, तो सिर और शरीर को पूरी तरह से ढक कर निकलें और अपने साथ पानी की बोतल रखें और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।

    5-गर्मी में सन बर्न और टैनिंग का खतरा होता है, जो कि आपकी त्वचा के हुए नुकसान को दिखाता है। इस समस्या से बचने के लिए सनसक्रीन का इस्तेमाल करें और अपने हाथ-पैर और मुंह को ढककर रखें। गर्मी में सबसे ज्यादा मौसमी बीमारी में हिहाइड्रेशन की समस्या होती है। तेज गर्मी और उमस के कारण शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। जिससे चक्कर भी आने लगते हैं। इसलिए, गर्मियों में खासकर पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

  • उत्तानासन योग से मन को करे शांत

    उत्तानासन योग से मन को करे शांत

    कभी-कभी छोटी-छोटी परेशानियां होने पर हमारे मन में काफी उथल-पुथल हो जाती है…. इस उथल-पुथल को शांत करना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि अगर आप अपने भावनात्मक उथल-पुथल को कम नहीं करते हैं, तो आगे चलकर यह आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है… आज हम आपको ऐसे योगासन के बारे में बताएंगे, जिससे आपका मन शांत औक सुकून को पा सकेगें व्यस्त जीवनशैली में कई परेशानियां होने लगती हैं…  ऐसी परेशानियों से मन को अशांत करने के बजाय शांत करने की कोशिश करें…  आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन जिससे आप अपने मन को शांत कर सकते हैं

    मन को शांत करने के लिए आप नियमित रूप से उत्तानासन योग करें, यह योग आपके मन के लिए बेहतर साबित होगा… उत्तानासन योग करने के लिए मैट पर सीधे खड़े हो जाएं, अब अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें, इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर की ओर सीधा करें धीरे-धीरे सामने की ओर झुकते हुए कमर को पूरी तरह छुकाए और इस मुद्रा में लगभग 1 मिनट खड़े रहें… इसके साथ ही मन को शांत करने के लिए आप बालासन या जानुशीर्षासन कर सकते हैं ये सारे आसन आपके मन में हुई उथल- पुथल को शांत करने में और आपको डिप्रेशन जैसी बिमारियों से बचाएगा….

  • कैंसर के खतरे को कम करेंगी ये चीजे

    कैंसर के खतरे को कम करेंगी ये चीजे

    दुनियाभर में लोगों के हो रही मौत के कारणों में कैंसर प्रमुख कारणों में से एक है. ये 100 से भी अधिक तरह की होती है. दुनियाभर की एक बड़ी आबादी कैंसर के चपेट में है. इसके होने वाले तमाम कारणों में खानपान प्रमुख है. आप जो भी खाते पीते हैं इसका सीधा असर आपकी सेहत पर होता है.

    अखरोट में कई तरह के स्वास्थवर्धक तत्व पाए जाते हैं… अखरोट खाने से ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता है… इसके अलाव प्रोस्टेट कैंसर में भी ये काफी असरदार होता है… साथ ही इसके साथ ही डीएनए की सुरक्षा में भी ये काफी असरदार होता है… साथ ही सेब कई तरह की बीमारियों में बेहद लाभकारी होता है… इसके एंटीऔक्सिडेंट और एंटी इंफ्लामेट्री गुण कैंसर के खतरे को काफी कम कर देते हैं… खासकर के कोलोरक्टल कैंसर में ये काफी प्रभावी है… अधिकतर लोग सेब के छिलके को छील कर खाते हैं, पर इससे आपका काफी नुकसान हो जाता है… अगर आप अपनी ये आदत बदल लें तो आपकी सेहत के लिए ये काफी फायदेमंद हो जाता है… इसके छिलके में बहुत से गुणकारी तत्व होते हैं… कोलोरेक्टल कैंसर के अलावा सेब फेफड़ों, ब्रेस्ट और पेट के कैंसर से भी बचाव करता है.

    पुराने समय में कई तरह के रोगों का इलाज करने के लिए चाय का सहारा लिया जाता था. आपको बता दें कि ग्रीन टी और ब्लैक टी में कई तरह के फायदेमंद तत्व पाए जाते हैं… ग्रीन टी के सेवन से शरीर में कोलोन, लिवर, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाएं बन नहीं पाती हैं. वहीं कई दूसरी स्टडी में बताया गया है कि ग्रीन टी फेफड़ों, स्किन और पेट के कैंसर से भी सुरक्षित रखता है… कैंसर में अपने खाने पीने का खास ख्याल रखना चाहिए… सिर्फ खाने पीने के ख्याल से ना सिर्फ कैंसर ब्लकि और भी बिमारियों से बचे रहेंगे.

  • जानिए गाजर में छुपे फायदे, सर्दियों में गाजर है सेहत के लिए खास

    जानिए गाजर में छुपे फायदे, सर्दियों में गाजर है सेहत के लिए खास

    सर्दियों में गाजर को लोग बड़े ही चाव से खाते हैं और इसे कई तरीके से खाया जा सकता है कुछ लोग इसे कच्चा खाना पसंद करते हैं तो वहीं कुछ लोग इसका हलवा बना के खाते हैं…. हेल्दी डाइट में गाजर को एक बेहतरीन विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है…  तो वंही गाजर का इस्तेमाल सलाद बनाने के लिए भी किया जाता है…. गाजर से बनी हर डिश हमारे दिल को खुश कर देती है…  गर्म-गर्म गाजर के हलवे का नाम सुनकर ही सभी के मुंह में पानी आ जाता है…. मेवे, घी, शक्कर और मावे से तैयार हलवा स्वाद में लाजवाब होता है… सर्दियों में गाजर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है… गाजर ब्लड प्रेशर रोगियों के लिए भी काफी अच्छा है… सर्दियों में गाजर सेहत के लिए फायदेमंद होता है…  गाजर में पोटैशियम भरपूर रूप से होता है, जो ब्‍लड प्रेशर को घटने या बढ़ने नहीं देता है…  ऐसे में सर्दियों में गाजर आपके लिए हेल्दी है… तो साथ ही साथ गाजर में विटामिन ए होता है, जो आंखों के लिए फायदेमंद है… साथ ही , गाजर में बीटा कैरोटीन होता है, जो मोतियाबिंद जैसी आंखों की परेशानी को दूर करने में असरदार होता है…. कमजोर नजर वाले  लोगों के लिए गाजर का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है… तो वंही इसका एक और चौका देने वाला फायदा है… गाजर के सेवन से स्किन से जुड़ी परेशानी को दूर किया जा सकता है…  इससे कील मुंहासे की परेशानी से राहत पा सकते हैं… स्वस्थ और हेल्दी बने रहने के लिए गाजर को अपने खाने में जरूर शामिल करें..