चेक बाउंस के मामले निपटाने के लिए अदालतें बनाए सरकार: सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के केसों के त्वरित निपटारे के लिए अदालतें गठित करने पर विचार करे। यह समस्या विकराल और बदशक्ल हो गई है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता में पांच जजों की पीठ ने एसजी तुषार मेहता से कहा कि संविधान का अनुच्छेद 247 जहां सरकार को अतिरिक्त अदालतें गठित करने का अधिकार देता है वहीं यह उस पर कर्तव्य भी लगाता है।

पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि कोर्ट का पहले का आदेश है कि कोई भी कानून बनाने से पहले उसके न्यायिक प्रभाव को अध्ययन होना जरूरी है। नए कानून का न्यायिक व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन जरूरी है। कोर्ट ने बिहार का उदाहरण दिया जहां मद्य निषेध कानून लागू होने कैसी स्थितियां उपजी और कोर्ट के सामने जमानत की हजारों याचिका सामने आती रहीं।

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