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  • India vs New Zealand: भारत की WTC फाइनल की उम्मीदों का बड़ा को बड़ा झटका, पुणे में न्यूजीलैंड से सीरीज हार का कर

    India vs New Zealand: भारत की WTC फाइनल की उम्मीदों का बड़ा को बड़ा झटका, पुणे में न्यूजीलैंड से सीरीज हार का कर

    भारत और न्यूजीलैंड(India vs New Zealand)के बीच हुई इस महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखला में पुणे के मैदान पर न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन किया और श्रृंखला पर कब्जा कर लिया इस हार के बाद भारत की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह पक्की करने की संभावनाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है अब भारत के लिए हर मैच का महत्व बढ़ गया है और टीम को अन्य टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना होगा।

    Scorecard

    24-26 oct

    New Zealand.            India                                                   New Zealand                India

    1.         1st            156                                                             255           2nd           245
    India vs New Zealand
    India vs New Zealand

    India vs New Zealand: आगे की रणनीति

    अब भारत को आगामी श्रृंखला में अधिक जीत हासिल करनी होगी विशेष रूप से विदेश द्वारा पर जहां टीम के लिए चुनौतियां और भी बढ़ जाती हैं और अन्य टीमों के परिणामों पर निर्भर रहते हुए भारत को अपने ओवर रेट में भी सुधार करना होगा ताकि किसी तरह की पॉइंट कटौती न हो। 

    भारत के प्रदर्शन की समीक्षा 

    भारतीय टीम अपने सीरीज के दौरान कुछ अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन महत्वपूर्ण मौका पर वे विकेट होते रहे विशेष रूप से मरते बल्लेबाज कम न्यूजीलैंड की गेंदबाजी के सामने संघर्ष करता नजर आया गेंदबाजी में भारतीय गेंदबाजों ने कोशिश की तो लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाज ने संयम और सूझबूझ से खेलते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया। 

    India vs New Zealand
    India vs New Zealand

    अब भारत को अब हमें सीरीज में बड़ी जीत आवश्यक होगी टीम की बल्लेबाजी क्रम में सुधार करना अगर हर स्थिति में अनुशासन से खेलना होगा यदि भारत का फाइनल में पहुंचना है तो प्रत्येक मैच जीतने के साथ-साथ अन्य टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी। 

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    पुणे में न्यूजीलैंड की जीत ने भारत के लिए वत्स फाइनल किरा कटिंग कर दी है भारतीय टीम को अब अपनी गलतियों से सीखते हुए अगले मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा ताकि वह फाइनल की दौड़ में बने रहे।

  • मार्च 2025 में 32 लाख करोड़ होगी उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) की जीडीपी : सीएम योगी

    मार्च 2025 में 32 लाख करोड़ होगी उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) की जीडीपी : सीएम योगी

    Uttar Pradesh

    – समृद्धि सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यूपी की आर्थिक विकास यात्रा को बताया सफल

    – Uttar Pradesh,मुख्यमंत्री ने माफिया के खिलाफ कार्रवाई और निवेश को दी प्राथमिकता

    – बोले सीएम, यूपी में 64 हजार एकड़ भूमि माफियाओं से मुक्त कराई गई

    – राज्य के एमएसएमई और स्किल्ड मैनपावर बड़े निवेश के आधार : सीएम योगी

    – पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया : मुख्यमंत्री

    – देश के सबसे अच्छे हाईवे यूपी में : योगी आदित्यनाथ

    Uttar Pradesh:लखनऊ, 23 अक्टूबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) मार्च 2025 तक 32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सीएम योगी ने यह बात बुधवार को एक प्रमुख समाचार पत्र द्वारा ताज होटल में आयोजित ‘समृद्धि’ राउंड टेबल सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने इस कार्यक्रम में राज्य की आर्थिक उपलब्धियों, सुरक्षा व्यवस्था, औद्योगिक विकास और माफिया के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की।

    Uttar Pradesh:पहले होते थे वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया की नीति अपनाती थीं, जबकि हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग की। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय राज्य की जीडीपी 12 लाख करोड़ रुपये थी, लेकिन उनकी सरकार के प्रयासों से 2023-24 में यह आंकड़ा 26 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है और अब 32 लाख करोड़ का लक्ष्य तय किया गया है।

    Uttar Pradesh:माफिया और अपराधी कतई बर्दाश्त नहीं

    सीएम योगी ने राज्य में माफिया के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपराधियों और माफिया को कतई बर्दाश्त नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जिस क्रूरता से अपराधी और माफिया नागरिकों के साथ व्यवहार करते थे, उसी क्रूरता से हमारी सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती है। उन्होंने बताया कि राज्य में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसके तहत 64 हजार एकड़ भूमि माफियाओं से मुक्त कराई गई है। पहले की सरकारें माफिया की मदद करती थीं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा हटाकर राज्य को माफिया मुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    Uttar Pradesh:यूपी में निवेश के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में निवेश और औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब निवेश की स्थिति बेहद खराब थी। लेकिन अब यूपी में निवेश के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले हमारे अधिकारियों को 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाना भी बड़ी बात लगती थी, लेकिन आज हम 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त कर चुके हैं, जिससे डेढ़ करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    Uttar Pradesh:पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया

    सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुलिस बल में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि 1.54 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में अपराधी पुलिस की मदद से ही अपराध करते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। यूपी पुलिस अब पूरी तरह से सक्षम है और अपराधियों में खौफ पैदा कर रही है। सीएम योगी ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने पुलिस ट्रेनिंग की अवधि को बढ़ाया और 6 हजार पुलिस कर्मियों को एक साथ ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा, पुलिस बल में पैरा मिलिट्री और मिलिट्री सेंटर से भी सहयोग लिया गया, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है।

    Uttar Pradesh CM Yogi
    Uttar Pradesh CM Yogi

    Uttar Pradesh:देश के सबसे अच्छे हाईवे यूपी में

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की सड़कों को गड्ढों से भरा हुआ माना जाता था, लेकिन आज राज्य की सड़कें देश के सबसे अच्छे हाइवे में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बन चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे पर कार्य चल रहा है, जिसके मेन कैरेजवे को इस साल के अंत तक कार्यान्वित कर दिया जाएगा। आज गोरखपुर-लिंक एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। इसके अलावा, देश का पहला 12-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली-मेरठ में शुरू हो चुका है और छह शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाएं भी चालू हैं। देश का पहला वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच प्रारंभ हो चुका है।

    Uttar Pradesh:वाराणसी में हैं सर्वााधिक जीआई टैग

    लॉजिस्टिक्स हब बनने के लिए यूपी में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वाराणसी में लॉजिस्टिक मल्टीमॉडल टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है और गौतम बुद्ध नगर में लॉजिस्टिक हब की भी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यूपी ने 75 जिलों में 75 जीआई टैग प्राप्त किए हैं, जिसमें वाराणसी सबसे आगे है। सीएम योगी ने व्यापार और निर्यात के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद अब 16 हजार करोड़ रुपये के उत्पादों का एक्सपोर्ट कर रहा है, जबकि भदोही का कॉर्पेट उद्योग 8 हजार करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट करता है। उन्होंने फिरोजाबाद के ग्लास उद्योग और मेरठ के खेल उत्पाद उद्योग का भी उल्लेख किया, जो अब देश-विदेश में ब्रांड बन चुके हैं।

    Uttar Pradesh:आर्थिक समृद्धि के लिए बिजनेस महत्वपूर्ण

    सीएम योगी ने कहा कि बिजनेस राज्य की आर्थिक समृद्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि, गोरक्षा और वाणिज्य सभी एक साथ चलते हैं और इन्हें अलग नहीं किया जा सकता।
    उन्होंने कहा कि राज्य के एमएसएमई और स्किल्ड मैनपावर बड़े निवेश के आधार बनते हैं। पीएम मोदी की विश्वकर्मा योजना और ओडीओपी योजना बड़े निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में यह देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की आर्थिक और औद्योगिक विकास यात्रा जारी रहेगी और उत्तर प्रदेश भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • प्रेस विज्ञप्ति–ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) प्राधिकरण–22-अक्तूबर-2024

    प्रेस विज्ञप्ति–ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) प्राधिकरण–22-अक्तूबर-2024

    Greater Noida:-
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    उद्योग सहायक समिति की बैठक में उद्यमियों ने ओटीएस की उठाई मांग
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    — बड़ी संख्या में उद्योगों को फंक्शनल सर्टिफिकेट जारी करने पर उद्यमियों ने सराहा
    –नो-ड्यूज, ट्रैफिक की समस्या, हैवी वाहनों की नो-एंट्री से जुड़े मुद्दे भी उठाए
    –उद्योगों से जुड़े मुद्दे हल करने के लिए जल्द ही समिति बनाने का आश्वासन
    —————————————

    ग्रेटर नोएडा (Greater Noida): उद्योग सहायक समिति की बैठक में एकमुश्त समाधान योजना की मांग

    ग्रेटर नोएडा (Greater Noida)। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने मंगलवार को उद्योग सहायक समिति की बैठक की, जिसमें नोएडा एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन, ईकोटेक-12 एसोसिएशन सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि व उद्यमी शामिल हुए। उद्यमियों ने इस बैठक में उद्योगों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की मांग की। इस पर एसीईओ ने सीईओ से वार्ता कर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया। बैठक में उद्यमियों ने बताया कि पानी की सप्लाई न होने के बावजूद बिल भेजकर भुगतान मांगा जा रहा है। नो-ड्यूज जारी करने में अधिक समय लग रहा है। एसीईओ ने वित्त विभाग से इस मसले का शीघ्र हल निकालने के निर्देश दिए। एसीईओ ने उद्यमियों को बताया कि नो-ड्यूज, फंक्शनल सर्टिफिकेट, सीआईसी जैसी सेवाओं को और सरलीकृत करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं को हल करने के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में जल्द ही एक समिति बनाने का आश्वासन दिया। उद्यमियों ने बैठक में ट्रैफिक की समस्या, हैवी वाहनों की नो एंट्री की समयावधि घटाने आदि मांग भी रखी। वहीं, उद्यमियों ने उद्योगों की समस्याओं को शीघ्र हल किए जाने और कम समय में फंक्शनल सर्टिफिकेट जारी करने पर सराहना भी की।

    Greater Noida
    Greater Noida

    ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में उद्यमियों की समस्याओं पर एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव की बैठक

    इंडस्ट्रियल एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा कि विगत 6 माह में प्राधिकरण के उद्योग विभाग के कार्यों में काफी सुधार हुआ है। बड़ी संख्या में उद्योगों को फंक्शनल सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। उद्यमी मित्र की तरफ से आयोजित इस बैठक में एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव के साथ प्राधिकरण से महाप्रबंधक वित्त विनोद कुमार, ओएसडी नवीन कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक नियोजन सुधीर कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह आदि शामिल रहे, जबकि उद्यमियों की तरफ से नोएडा (Greater Noida) एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन, इंडस्ट्रियल एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, आईआईए से चंचल कुमार, ईकोटेक 12 एसोसिएशन से नरेश कुमार गुप्ता, सुनील दत्त, एसके शर्मा ,
    राकेश अग्रवाल, अमित अग्रवाल
    आदि मौजूद रहे।
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  • Maharashtra विधानसभा चुनाव 2024: क्या महाराष्ट्र मैं सीट शेयरिंग से टूटेगा India ब्लॉक ?अखिलेश यादव की नाराजगी का असर।

    Maharashtra विधानसभा चुनाव 2024: क्या महाराष्ट्र मैं सीट शेयरिंग से टूटेगा India ब्लॉक ?अखिलेश यादव की नाराजगी का असर।

    महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा चुनाव 2024 करीब है और इस चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा रहा है इंडिया ब्लॉक जिसमें कांग्रेस NCP (शरद पवार गुट ) और (शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट) शामिल है, वहीं समाजवादी पार्टी को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। अखिलेश यादव की पार्टी को सीट बंटवारे पर आपत्ति है क्योंकि यह नाराजगी महाराष्ट्र में गठबंधन के लिए चुनौती बन सकती हैं।

    महाराष्ट्र (Maharashtra) में सीट शेयरिंग का विवाद 

    महाराष्ट्र (Maharashtra) में कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना का गठबंधन मजबूत है लेकिन समाजवादी पार्टी भी अपने लिए समान जनक सिट चाहती है अखिलेश यादव की मांग है कि सपा को उसकी ताकत और प्रभाव के अनुसार सिट मिलनी चाहिए लेकिन गठबंधन ने अन्य दलों से इस पर सहमति नहीं मिल  रहा मध्य प्रदेश में पहले ही सीट बंटवारे पर सपा और कांग्रेस के बीच तनाव देखें देखने को मिला था और वही स्थिति यहां भी महाराष्ट्र(Maharashtra)में नजर आ रही है।

    अखिलेश यादव की नाराजगी का असर 

    अखिलेश यादव की नाराजगी का सीधा असर India ब्लॉक की एकता पर पड सकता है। अगर सीट शेयरिंग पर जल्द ही सहमति नहीं मिली तो समाजवादी पार्टी अलग चुनाव लड़ने का फैसला ले सकती है इससे न केवल महाराष्ट्र बल्कि अन्य राज्यों में गठबंधन कमजोर हो सकता है।

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    महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा चुनाव 2024 में सीट शेयरिंग का मामला इंडिया ब्लॉक के लिए एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जो अखिलेश यादव की नाराजगी को नजर अंदाज करना गठबंधन के लिए भारी पड़ सकता है, अब देखना यह होगा कि क्या गठबंधन इस विवाद को सुलझा पाता है या फिर India ब्लॉक में दरारें गहरी होगी।

  • वायनाड से प्रियंका गांधी को टिकट: Congress ने घोषित के तीन उम्मीदवार

    वायनाड से प्रियंका गांधी को टिकट: Congress ने घोषित के तीन उम्मीदवार

    Congress पार्टी में हलीम ही में 3 उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है जिसमें सबसे खास नाम है प्रियंका गांधी वाड्रा का। वायनाड से टिकट दिया गया है जो काफी चर्चा में है वायनाड पर पहले राहुल गांधी सांसद थे लेकिन उनकी संसद सदस्यता रद्द हो जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है कांग्रेस का प्रियंका गांधी को वायनाड से चुनाव लड़ने का फैसला राजनीतिक गलियारों में एक सबसे बड़ा कदम है।

    वायनाड से प्रियंका गांधी का चुनाव लड़ना क्यों है खास? 

    वायनाड लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस के लिए एक आम गढ़ है जो 2019 में राहुल गांधी ने यहां से चुनाव जीतकर BJP को बड़े चुनौती दी थी, प्रियंका गांधी को इस सीट से मैदान में उतरकर कांग्रेस ने यह साफ संकेत दिया है कि वह इस उप चुनाव को पूरे गंभीरता से ले रहे हैं, प्रियंका गांधी का इस सीट से चुनाव लड़ना उनके राजनीतिक कैरियर के लिए सबसे महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।

    Congress, Rahul Gandhi-Priyanka Gandhi

    Congress:अन्य 2 उम्मीदवारों की घोषणा 

    कांग्रेस ने अन्य दो सीटों के लिए भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र से जनता के बीच काफी लोग प्रिया हैं कांग्रेस का पूरा ध्यान इस बार इन उपचुनाव में जीत दर्ज करना ही है, क्योंकि यह पार्टी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है।

    क्या होगी Congress की रणनीति?

    प्रियंका गांधी का चुनाव लड़ना कांग्रेस की एक बड़ी राजनीतिक चाल है जो कि इससे न केवल वायनाड में फायदा हो सकता है, बल्कि देश भर में प्रियंका गांधी की लोकप्रियता का भी फायदा कांग्रेस उठा सकती है, आने वाले दिनों में कांग्रेस की पूरी रणनीति इस पर निर्भर करती है कि वह उपचुनाव में कितना प्रभाव डाल पा रहे हैं।

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    प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि अब यह देखना है कि बीजेपी और अन्य विपक्षी दल इस पर कैसी प्रक्रिया देते हैं।

  • Uttar Pradesh (UP मे रात के सन्नाटे में चारपाई हिलने से जागी महिला: जाने क्या था मामला?)

    Uttar Pradesh (UP मे रात के सन्नाटे में चारपाई हिलने से जागी महिला: जाने क्या था मामला?)

    Uttar Pradesh के एक छोटे से गांव में हाल ही में घटी एक अजीब सी घटना ने लोगों को चौंका दिया। वह घटना उस वक्त की है जब महिला रात के सन्नाटे में मच्छरदानी लगाकर अपनी चारपाई पर सो रही थी अचानक रात के करीब 2बजे के आसपास महिला को अपनी चारपाई हिलने का आभास हुआ, उसे पहले लगा कि शायद मैं नींद में हूं उसका भ्रम है, लेकिन जब लगातार चारपाई हिलती रही तो उसके नींद पूरी तरह से खुल गई।

    महिला ने पहले यह सोचा कि शायद कोई छोटा जानवर जैसे कुत्ता बिल्ली चारपाई के नीचे हो सकता है या शायद सांप पर जब उसने बच्चेदानी उठे तो उसके होश उड़ गए सामने जो दृश्य था उसे देखकर वह डर के मारे चीख उठी इस चीज को सुनकर घर के सभी सदस्य और आसपास के सभी लोग वहां दौड़ कर पहुंच गए।

    Uttar Pradesh

    क्योंकि चारपाई के नीचे एक विशालकाय मगरमच्छ था जो इधर-उधर टहल रहा था मगरमच्छ के टकराने से चारपाई हिल रही थी। 

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    महिला के चिक सुनकर घर के सदस्य और आसपास के लोग वहां पहुंचे और उन्होंने जब देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गए खतरनाक मगरमच्छ को देखकर महिला समय सभी घर वाले भाग खड़े हुए उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने वन विभाग की टीम को बुलाया बड़ी सावधानी से मगरमच्छ को Rescue किया।

    मगरमच्छ को देखकर घर के और सदस्य भी डर गए। और घर से बाहर निकल गए इसके बस घटना की जानकारी स्थानीय थाना सुजौली के प्रभारी को दी गई जिस रात करीब 3 बजे गांव पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लोगों को मगरमच्छ के पास जाने शुरू का और पहरेदारी करनी शुरू कर दी।

  • बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, सीएम योगी ने की फैसले की तारीफ

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, सीएम योगी ने की फैसले की तारीफ

    लखनऊ, 23 जनवरी। केंद्र सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया है। केंद्र के इस निर्णय की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सम्मान को वंचितों, शोषितों और उपेक्षितों के लिए किए गए उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, “महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक न्याय के अग्रदूत, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को (मरणोपरांत) ‘भारत रत्न’ से विभूषित किए जाने का निर्णय अभिनंदनीय है। सामाजिक न्याय को समृद्ध करता यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धा तथा वंचितों, शोषितों व उपेक्षितों के उन्नयन हेतु उनके योगदानों के प्रति देश वासियों की ओर से समेकित श्रद्धांजलि है।” उल्लेखनीय है कि यह ऐलान तब किया गया है जब बुधवार को ही कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जन्म जयंती है।

  • Greater Noida Authority: हर घर तिरंगा अभियान के तहत सवा लाख तिरंगा बांटेगा ग्रेनो प्राधिकरण

    Greater Noida Authority: हर घर तिरंगा अभियान के तहत सवा लाख तिरंगा बांटेगा ग्रेनो प्राधिकरण

    Greater Noida: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देष पर आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सवा लाख तिरंगा बांटेगा। प्राधिकरण के सभी विभागों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के ओएसडी प्रोजेक्ट विशु राजा ने मंगलवार को सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक की। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए आरडब्ल्यूए, अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन, स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने अति शीघ्र तिरंगा तैयार कराकर बंटवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
    दरअसल, आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने के लिए विगत वर्ष की भांति 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम शुरू किया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इस अभियान को सफल बनाने का बीड़ा उठाया है। प्राधिकरण ने सवा लाख तिरंगा बांटने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्राधिकरण की तरफ से सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। मंगलवार को इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी विशु राजा ने प्राधिकरण के सभी विभागों के साथ बैठक की। ओएसडी ने सभी विभागों को अति शीघ्र तिरंगा तैयार कराकार बंटवाने व उसे लोगों के घरों पर लगवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस काम में आवासीय सेक्टरों की आरडब्ल्यूए व सोसाइटियों में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से सहयोग लिया जाएगा। स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों के माध्यम से भी लोगों को घरों पर तिरंगा लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा। ओएसडी ने घर पर तिरंगा लगा फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करने के निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा के प्रमुख चौराहों पर तिरंगे की फ्लैक्सी लगाई जाएगी। फ्लैक्सी , होर्डिंग आदि के जरिए शहर भर में प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। प्राधिकरण के एसीईओ आनंद वर्धन ने रोडवेज बसों, सार्वजनिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, गैर सरकारी संगठनों, रेस्टोरेंट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, टोल प्लाजा, पुलिस चौकी आदि जगहों पर भी तिरंगा फहराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

  • बैंकों का मुनाफा बढ़ाने वाले कर्मचारियों का मुनाफा कब होगा?

    बैंकों का मुनाफा बढ़ाने वाले कर्मचारियों का मुनाफा कब होगा?

    #When will the employees who increase the profits of the banks get the profit:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार की पहल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मुनाफा पिछले नौ साल में तीन गुना बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 में लगभग तीन गुना बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो वित्त वर्ष 2014 में 36,270 करोड़ रुपये था। सरकार की ओर से की गई विभिन्न पहलों के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि उन राज्यों में ऋण मिलने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जहां ऋण लेने की गति राष्ट्रीय औसत से कम है, विशेष रूप से देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी हिस्सों मेंयह सही है कि सरकार की नीतियों के कारण आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्थिति काफी हद तक अच्छी हुईं है। लेकिन इसमें और भी बहुत से कारण और कर्मचारियों का योगदान है जिसे नकारा नहीं जा सकता। और यदि इन सभी कारणों पर ध्यान दिया जाए तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्थिति और बेहतर हो सकती है। बैंकों के इस तरह हो रहे सुधार और लाभ के बढ़ने के बाद सरकार को इन बैंकों के निजीकरण का विचार भी छोड़ देना चाहिएबैंकों में आज कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या में काफी कमी आयी है। जहाँ 2014 में 8.50 लाख वर्कफोर्स थी जो घटकर आज 7.70 लाख रह गई है। इसके विपरीत बैंकों का बिजनेस बढ़ा है, बैंक आज अच्छा खासा लाभ कमाने की स्थिति में हैं। क्या सरकार की सोच बैंको में वर्कफोर्स को कम करके एस्टेब्लिशमेंट कॉस्ट को कम करके प्रॉफिट बढ़ाना चाहती है, तो यह सरासर गलत है। यदि नहीं तो फिर बैंकों में नई भर्ती सही तरीके से क्यों नहीं हो रही। लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने माना कि जुलाई 2022 तक 12713 अधिकारी वर्ग के, 14226 क्लर्क और 11208 सब स्टाफ के पद खाली हैं। इसके विपरीत 2022 में अधिकारी वर्ग के 6615 और क्लर्कों के 6036 पदों के लिए आवेदन मांगे गए। बैंक कर्मचारी आज जिन परिस्थितियों और दबाव में काम कर रहे हैं उससे जहां उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है वहीं सैंकड़ों बैंक कर्मचारी अभी तक आत्महत्या कर चुके हैंबैंकों की वर्कफोर्स के अनुपात में भी बहुत ज्यादा अंतर है। बैंकों का टॉप भारी होता जा रहा है और निचले लेवल पर वर्कफोर्स (क्लर्क और सब स्टाफ) की बहुत कमी है। बैंकों में सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मचारियों की भर्ती तो बिलकुल बंद है और इन कामों को आउटसोर्स किया जा रहा है । यदि वर्कफोर्स के अनुपात को ठीक किया जाए तो जहां एक और ग्राहक सेवा में सुधार हो सकता है, ऋण देने और रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आ सकती है और एस्टेब्लिशमेंट कॉस्ट भी कम हो सकती है जिससे बैंकों का प्रॉफिट और बढ़ सकता है।

    बैंक आजकल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा आधारित होते जा रहे हैं जबकि कोई भी बैंक व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा आधारित न होकर बैंक की दीर्धकालीन पालिसी और विकास की योजनाओं के अनुरूप होना चाहिए। बैंकों में प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक और बोर्ड के सदस्य बहुत कम समय के लिए रहते हैं और किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा बैंकों के दीर्धकालीन पालिसी और विकास की योजनाओं पर असर करती है। एक प्रबंध निदेशक के जाने के बाद जो भी नया प्रबंध निदेशक आता है वो अपना व्यक्तिगत एजेंडा लागू करना चाहता है । जिससे बैंक की विकास प्रक्रिया में बाधा आती है और बार बार बैंक की सरंचना को बदलने से बैंकों का काफी खर्चा भी होता है । यदि वित् मंत्रालय का सभी बैंकों में एक जैसी सरंचना का आदेश है तो कोई भी बैंक कैसे इसका उलंघन करता है। सरकार इस पर ध्यान देकर भी बैंकों के प्रॉफिट को और बढ़ा सकती है ।

    बैंक कर्मचारी लम्बे समय से बैंकों में 5 दिन की बैंकिंग की मांग कर रहे हैं। जोकि आज के टेक्लोनोजी के युग के अनुसार भी आवश्यक है। इससे जहाँ कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी, पर्यावरण को भी इसका लाभ होगा वहीं बैंकों की एस्टेब्लिशमेंट कॉस्ट कम होगी और बैंकों का प्रॉफिट भी बढ़ेगा।

    बैंकों में एक और बड़ी समस्या है, हर वर्ष बड़े पैमाने में होने वाले ट्रांसफर्स। बैंकों में हर वर्ष देश के एक कोने से दूसरे कोने में हजारों ट्रांसफर होते हैं जिससे जहां बैंकों का बड़ा खर्चा होता है वहीं ट्रांसफर्स होने के कारण वर्कफोर्स भी परेशान होती है। कई बार तो बैंक सरकार द्वारा निर्धारित पति पत्नी को एक स्थान पर ट्रांसफर के नियम का भी उलंघन करते हैं जिससे कई परिवार टूटने की सीमा तक पहुँच जाते हैं। बहुत बार बैंकों में उच्च अधिकारी ट्रान्सफर को टूल की तरह भी इस्तेमाल करते हैं, और उनके गलत आदेश न मानने वाले कर्मचारियों अधिकारीयों को दूर दूर ट्रान्सफर की धमकी देते हैं और ट्रान्सफर भी क्र देते हैं । सभी बैंकों में उचित यूनिफॉर्म ट्रांसफर्स पालिसी बनाकर एक बड़े खर्चे को कम करके भी प्रॉफिट को बढ़ाया जा सकता है।

    आज लगभग 5 लाख से ज्यादा बैंक पेंशनर्स हैं जिन्होंने बैंकों के लिए अपना पूरा जीवन दिया और अपने जीवन की जमा पूंजी इन्ही बैंकों में रखी हुई है। ये लोग आज भी बैंकों के ब्रैंड एम्बेसडर की भूमिका में हैं, लेकिन सरकार का इनकी तरफ ध्यान नहीं है। पेंशनर्स की न तो पेंशन रिवाइज़ होती है और न ही इनके लिए अच्छी मेडिकल सुविधाएं हैं। मेडिकल के नाम पर मेडिक्लेम है जोकि बहुत ही महँगा है। यदि सरकार और बैंक इन पेंशनर्स की तकलीफ को समझें और उनकी मांगों पर विचार करें तो आज भी बैंकों के रिटायर्ड और पेंशनर्स बैंकों के विकास में और अच्छी तरह से अपना सहयोग कर सकते हैं ।

    वॉयस ऑफ़ बैंकिंग ने वित् मंत्री जी को पत्र लिखकर इन सभी बिन्दुओं से अवगत कराया है। वॉयस ऑफ़ बैंकिंग का मानना है की यदि सरकार इन सुझावों पर सकारत्मक विचार करती है तो निश्चित रूप से बैंकों के प्रॉफिट में और वृद्धि होगी । सरकार को बैंकों के निजीकरण के फेसले को भी वापिस लेना चाहिए ।

    लेखक
    अशवनी राणा
    फाउंडर,
    वॉयस ऑफ बैंकिंग

  • Noida Police: दीवाली के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, नोएडा पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

    Noida Police: दीवाली के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, नोएडा पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

    नोएडा: #NoidaPolice पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार-4 के अन्तर्गत आगामी पर्व त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराये जाने व त्यौहार में अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस के साथ गाजियाबाद पुलिस के संयुक्त प्रयास से सर्च अभियान चलाकर फ्लैग मार्च किया तथा अपराधियों के यहां दबिश दी गयी। प्रायः देखा जाता है कि कुछ लुटेरे बदमाश दिल्ली एनसीआर में लूट अथवा गम्भीर अपराध कर भीड़भाड़ तथा स्लम एरिया में रहने की सुरक्षित जगह तलाशते है, जहां पर कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग निवास करते है। पुलिस कमिश्रर गौतमबुद्धनगर द्वारा वरिष्ठ अधिकारिगणों को ऐसे स्थानों पर सतर्क दृष्टि बनाकर कठोर कार्यवाही करने के लिये सख्त निर्देश दिये गये है, जिसमें पुलिस अधिकारियोें द्वारा समय समय पर गाजियाबाद पुलिस के सहयोग से खोडा में आपरेशन प्रहार के नाम से एक संयुक्त सर्च अभियान चलाया जा रहा है इसी क्रम में आज दिनांक 22.10.2022 को पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्री आलोक सिंह के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार-4 के तहत कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस तथा खोडा पुलिस गाजियाबाद के संयुक्त ऑपरेशन से खोडा में रहने वाले ऐसे अपराधियों जो दिल्ली, एनसीआर क्षेत्र व अन्य क्षेत्रों में लूट की घटना कारित करने वाले 07 संदिग्ध अपराधियों निम्न अपराधियो की गिरफ्तारी हेतु दबिश दी गयी कोई भी दस्तयाब नही हुये सभी फरार चल रहे है।
    1. दानिश पुत्र यूसुफ निवासी शीतल विहार खोडा कालोनी गाजियाबाद
    2. अभिषेक चमारी निवासी गली नं0 4, सरस्वती विहार खोडा कालोनी गाजियाबाद
    3. सचिन रैपर पुत्र ओम प्रकार निवासी सी ब्लाक आजाद विहार खोडा कालोनी गाजियाबाद
    4. दीपक नैनका निवासी प्रगति विहार खोडा कालोनी गाजियाबाद
    5. विक्की उर्फ विकास निवासी सुभाष पार्क नियर प्रीतम बैंकट हौल खोडा कालोनी गाजियाबाद
    6. संजय मराठी निवासी सुभाष पार्क इन्दिरा विहार खोडा कालोनी गाजियाबाद
    7. दीपक मिर्ची निवासी नियर कृष्णा हलवाई इन्दिा विहार खोडा कालोनी गाजियाबाद

    ऑपरेशन प्रहार-4 के अन्तर्गत कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर से सहायक पुलिस आयुक्त-2, नोएडा गौतमबुद्धनगर सुशील कुमार गंगा प्रसाद, क्षेत्राधिकारी नगर इन्दिरापुरम जनपद गाजियाबाद स्वतन्त्र कुमार सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना सैक्टर-58, नोएडा तथा प्रभारी निरीक्षक थाना खोडा जनपद गाजियाबाद के कुशल नेतृत्व में थाना सैक्टर-58, नोएडा की पुलिस टीम द्वारा साथ ही पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में सभी संदिग्ध लोगों का डोजियर तैयार किया जा रहा है एवं इस प्रकार के गंभीर प्रवृत्ति के अपराधियों के विरूद्ध ऑपरेशन प्रहार भविष्य में भी जारी रहेगा।