Category: सोशल मीडिया

  • Smriti Mandhana-Palash Muchhal Controversy : धोखे के स्क्रीनशॉट्स ने मचाया हंगामा, शादी टूटी या पोस्टपोन?

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal Controversy : धोखे के स्क्रीनशॉट्स ने मचाया हंगामा, शादी टूटी या पोस्टपोन?

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy : भारतीय महिला क्रिकेट की सुपरस्टार स्मृति मंधाना की पर्सनल जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। 23 नवंबर को होने वाली उनकी शादी को लेकर जो उत्साह था, वो अब चीटींग के आरोपों और वायरल चैट स्क्रीनशॉट्स से बदल गया है। स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना की खराब तबीयत (हार्ट अटैक) के कारण शादी पोस्टपोन होने की खबर तो ऑफिसियल थी, लेकिन अब सोशल मीडिया पर पलाश मुच्छल पर किसी और महिला के साथ फ्लर्टी चैट्स का आरोप लग रहा है। क्या ये शादी का अंत है, या सिर्फ अफवाहें? आइए, इस पूरे मामले को समझते हैं।

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy : टाइमलाइन

    स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल का रिश्ता करीब 6 साल पुराना बताया जाता है। पलाश एक म्यूजिक कंपोजर और फिल्ममेकर हैं, जबकि स्मृति क्रिकेट के मैदान पर अपनी शानदार बल्लेबाजी से लाखों दिलों की धड़कन हैं। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, और सोशल मीडिया पर दोनों के फैंस उत्साहित थे। लेकिन 23 नवंबर को अचानक खबर आई कि स्मृति के पिता की तबीयत बिगड़ ख़राब हो गयी है, जिसके चलते शादी को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया।

    फिर क्या हुआ? अगले ही दिन, इंस्टाग्राम पर एक महिला ने पलाश के साथ अपनी कथित चैट्स के स्क्रीनशॉट शेयर कर दिए। ये चैट्स मई 2025 की बताई जा रही हैं, जिसमें पलाश उन्हें मिलने, स्विमिंग करने और यहां तक कि किस करने जैसे मैसेज भेजते नजर आ रहे हैं। जब महिला ने पूछा कि क्या पलाश स्मृति से प्यार करते हैं, तो जवाब टालते दिखे। ये स्क्रीनशॉट्स रेडिट, इंस्टाग्राम और X पर तेजी से वायरल हो गए।

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy
    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy

    कौन हैं वो महिला? मैरी डी’कोस्टा का एंगल

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal Controversy : वायरल स्क्रीनशॉट्स में नाम आया है मैरी डी’कोस्टा का, जो शादी की तैयारियों में कोरियोग्राफर के तौर पर जुड़ी हुई थीं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैरी ने खुद ये चैट्स शेयर किए, जो शादी की खबर आने के तुरंत बाद वायरल हो गए। X पर एक यूजर ने लिखा, “यहीं है वो जिसके लिए पलाश मुच्छल ने स्मृति मंधाना को धोखा दिया?”

    हालांकि, मैरी का कोई ऑफिसियल बयान नहीं आया है। कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि ये चैट्स पुराने हैं और शादी टूटने का असली कारण स्मृति के पिता की तबीयत ही है। लेकिन सवाल ये उठता है: स्मृति ने अपनी इंस्टाग्राम से इंगेजमेंट और शादी से जुड़े सभी पोस्ट क्यों डिलीट कर दिए?

    पलाश का पक्ष : अस्पताल में भर्ती या दिखावा?

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal Controversy : विवाद के बीच पलाश मुच्छल को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया बताया जा रहा है। लेकिन X पर कई यूजर्स का कहना है कि ये सिर्फ एक नाटक था, ताकि शादी से बच सकें। एक पोस्ट में लिखा गया, “पलाश मुच्छल का अस्पताल में भर्ती होना सिर्फ़ एक दिखावा था!”

    पलाश ने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। न ही स्मृति या उनके परिवार ने चैट्स पर कोई कमेंट किया। स्मृति के परिवार ने सिर्फ पिता की तबीयत का हवाला देकर शादी पोस्टपोन करने की बात कही।

    सोशल मीडिया पर तूफान : फैंस स्मृति के साथ

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal Controversy : ये विवाद X पर ट्रेंड कर रहा है। हजारों यूजर्स स्मृति के समर्थन में उतर आए हैं। लोग पलाश को “धोखेबाज” और “लल्लू लाल” जैसे नामों से पुकार रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “पलाश मुच्छल अब भारत का नंबर 1 पब्लिक एनीमी बन गया है। पूरा देश स्मृति के साथ है।”

    मीम्स भी वायरल हो रहे हैं – पुराने क्रिकेट मैचों के क्लिप्स के साथ स्मृति को “गॉड सेव स्मृति” बोलकर हौसला दिया जा रहा है। कुछ यूजर्स ने ब्रांड डील्स का जिक्र किया, कहते हुए कि ये विवाद स्मृति के करियर को प्रभावित न करे।

    रेडिट पर थ्रेड्स में डिस्कशन चल रहा है कि क्या ये चीटिंग ही शादी टूटने का असली कारण था। एक पोस्ट में कहा गया, “मंडप से हॉस्पिटल तक 24 घंटे में सब बदल गया।”

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy
    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy

    सच्चाई क्या? अफवाहें या हकीकत?

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal Controversy : ये सब अभी अनवेरिफाइड स्क्रीनशॉट्स और अफवाहों पर टिका है। न स्मृति ने और न पलाश ने कोई ऑफिसियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया। एक यूजर ने सही कहा, “सोशल मीडिया आक्रामक हो सकता है, लेकिन सच्चाई ऑफिसियल बयान से ही पता चलेगी।”

    फैंस को उम्मीद है कि जल्द ही क्लैरिटी मिलेगी। तब तक, स्मृति के पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। 

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    क्रिकेट स्टार की निजी जिंदगी पर नजर रखें

    Smriti Mandhana-Palash Muchhal controversy : स्मृति मंधाना मैदान पर जितनी मजबूत हैं, उतनी ही मजबूत ये विवाद से निकलेंगी। ये मामला हमें याद दिलाता है कि सेलिब्रिटी की जिंदगी कितनी पब्लिक होती है, लेकिन प्राइवेसी का सम्मान जरूरी। अगर कोई नया अपडेट आए, तो हम बताएंगे। आप क्या सोचते हैं – शादी टूट गई या सिर्फ पोस्टपोन? कमेंट्स में बताएं!

  • Madhuri Elephant Case : एक दर्दनाक कहानी, न्याय की लड़ाई और विवादों की सच्चाई

    Madhuri Elephant Case : एक दर्दनाक कहानी, न्याय की लड़ाई और विवादों की सच्चाई

    Madhuri Elephant Case : भारत में हाथियों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, लेकिन कई बार ये जानवर मानवीय लालच और परंपराओं के नाम पर पीड़ा सहते हैं। माधुरी, जिसे महादेवी भी कहा जाता है, एक 36 वर्षीय मादा हाथी की कहानी ऐसी ही दुखद और प्रेरणादायक है। यह मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के नंदनी गांव से जुड़ा है, जहां माधुरी को 30 वर्षों से अधिक समय तक एक जैन मठ में रखा गया। उसकी स्थिति, कानूनी लड़ाई, पेटा इंडिया की भूमिका, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और हाल के विवादों ने देश का ध्यान खींचा है। इस ब्लॉग में हम माधुरी की पूरी कहानी, मामले के विस्तृत विवरण और नवीनतम अपडेट्स को हिंदी में समझेंगे। यह कहानी एक हाथी की पीड़ा, पशु कल्याण और परंपरा-कानून के टकराव की है।

    Madhuri Elephant Case
    Madhuri Elephant Case

    Story of Madhuri : जंजीरों से आजादी तक का सफर

    माधुरी का जन्म 1988 में हुआ था। मात्र 3 साल की उम्र में, 1992 में, उसे कोल्हापुर के नंदनी गांव के स्वस्तिश्री जैन मठ में लाया गया। यहां उसे धार्मिक जुलूसों और परंपराओं में इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन उसकी जिंदगी कैद की तरह थी—वह जंजीरों में बंधी रहती, कंक्रीट के फर्श पर खड़ी रहती, और अन्य हाथियों से अलग-थलग थी। हाथी सामाजिक प्राणी होते हैं, लेकिन माधुरी को कभी साथी नहीं मिला, जिससे उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई।

    वर्षों की कैद ने उसके शरीर को भी नुकसान पहुंचाया। उसके पैरों में गठिया (arthritis), पैरों में सड़न (foot rot) और कई घाव हो गए, जो ठीक नहीं हुए। 2017 में, लंबे समय की हताशा और पीड़ा के कारण, माधुरी ने मठ के मुख्य पुजारी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना आकस्मिक नहीं थी, बल्कि कैद में रखे हाथियों में मानसिक तनाव का परिणाम थी। गवाहों और पशु चिकित्सकों ने बताया कि माधुरी को जुलूसों में पेट के चारों ओर कसी रस्सियों से बांधा जाता था और वापस लौटने पर अकेले कैद में डाल दिया जाता था, जिससे उसके शारीरिक और मानसिक आघात बढ़े।

    यह कहानी केवल माधुरी की नहीं है; भारत में हजारों कैद हाथी ऐसी पीड़ा झेलते हैं। माधुरी की स्थिति तब चर्चा में आई जब 2023 में पेटा इंडिया ने तेलंगाना वन विभाग से शिकायत की, जिसमें वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 की धारा 48A के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। परिणामस्वरूप, 30 जुलाई 2023 को माधुरी को जब्त कर लिया गया।

    Madhuri Elephant Case
    Madhuri Elephant Case

    कानूनी लड़ाई : पेटा से सुप्रीम कोर्ट तक

    माधुरी का मामला कानूनी रूप से जटिल रहा। पेटा इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें माधुरी की खराब स्थिति का हवाला दिया। कोर्ट ने 2025 में आदेश दिया कि माधुरी को एक अभयारण्य में स्थानांतरित किया जाए, जहां वह स्वतंत्र रूप से रह सके। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को इस आदेश को बरकरार रखा और दो सप्ताह में स्थानांतरण का निर्देश दिया।

    29 जुलाई 2025 को, माधुरी को गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित कर दिया गया। वंतारा में उसे चिकित्सा देखभाल, खुला स्थान और अन्य हाथियों के साथ रहने का मौका मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, माधुरी अब ठीक हो रही है—उसके घाव भर रहे हैं, और वह अधिक सक्रिय हो गई है।

    लेकिन यह स्थानांतरण विवादों का कारण बना। नंदनी गांव के निवासियों और जैन समुदाय ने इसे अपनी परंपरा पर हमला माना। वे माधुरी को परिवार का हिस्सा मानते थे और उसे वापस लाने के लिए विरोध शुरू कर दिया। 45 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई और सोशल मीडिया पर #BringBackMadhuri ट्रेंड चला। महाराष्ट्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की।

    Madhuri Elephant Case
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    विवाद और विरोध : परंपरा बनाम पशु कल्याण

    Madhuri Elephant Case : माधुरी का स्थानांतरण दो पक्षों को आमने-सामने ले आया। एक ओर पेटा इंडिया और पशु कल्याण संगठन, जो माधुरी की पीड़ा पर जोर देते हैं। दूसरी ओर गांववासी, जो कहते हैं कि माधुरी उनके धार्मिक जीवन का हिस्सा थी। सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलीं, जैसे कि माधुरी को खराब हालत में रखा जा रहा है, लेकिन वंतारा ने इनका खंडन किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप किया और याचिका दायर करने का आश्वासन दिया। वंतारा ने प्रस्ताव दिया कि वे कोल्हापुर में ही माधुरी के लिए एक सुविधा स्थापित कर सकते हैं, ताकि वह गांव में रह सके लेकिन अच्छी देखभाल मिले।

    लेटेस्ट अपडेट: सुप्रीम कोर्ट का SIT गठन

    Madhuri Elephant Case : 25 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने वंतारा के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। SIT वंतारा द्वारा जानवरों, खासकर हाथियों, के अधिग्रहण की जांच करेगी। वंतारा ने पूर्ण सहयोग का वादा किया है। माधुरी की वापसी पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ, लेकिन यह जांच मामले को प्रभावित कर सकती है।

    Madhuri Elephant Case
    Madhuri Elephant Case

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    Madhuri Elephant Case : एक सबक और उम्मीद

    Madhuri Elephant Case : माधुरी की कहानी सिखाती है कि परंपराएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पशुओं की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मामला पशु अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि SIT की जांच से सच्चाई सामने आएगी और माधुरी को वह जीवन मिलेगा जो वह डिजर्व करती है—स्वतंत्र और दर्दमुक्त। आपकी राय में माधुरी को वापस लाना चाहिए? कमेंट्स में बताएं!

  • Parineeti Chopra Pregnancy Announcement : इंस्टाग्राम पर शेयर की खुशखबरी, सेलिब्रिटीज ने दी बधाई

    Parineeti Chopra Pregnancy Announcement : इंस्टाग्राम पर शेयर की खुशखबरी, सेलिब्रिटीज ने दी बधाई

    Parineeti Chopra Pregnancy : 25 अगस्त 2025 को, बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा और उनके पति, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा ने अपनी पहली संतान की उम्मीद की घोषणा करके प्रशंसकों को खुश कर दिया। इस जोड़े ने इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक पोस्ट के माध्यम से यह खबर साझा की, जिसमें लिखा था, “हमारा छोटा सा ब्रह्मांड … रास्ते में है 🧿🐣💕 हम बेहद आभारी हैं।” इस पोस्ट ने तुरंत ध्यान आकर्षित किया, और प्रशंसकों के साथ-साथ सोनम कपूर, भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी और कियारा आडवाणी जैसे सितारों से बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई।

    एक प्रेम कहानी जिसने दिल जीते

    परिणीति और राघव की कहानी उनकी शादी से बहुत पहले शुरू हुई थी, जो साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित थी। इस जोड़े ने सितंबर 2023 में उदयपुर में एक भव्य लेकिन निजी समारोह में शादी की थी। उनकी शादी, जिसमें करीबी परिवार, दोस्त और कुछ जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं, प्रेम का उत्सव थी जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। तब से, यह जोड़ा अपनी हाई-प्रोफाइल करियर—परिणीति का बॉलीवुड और राघव का राजनीति—को संतुलित करते हुए अपनी रिश्ते को मजबूत करने के लिए प्रशंसा पा रहा है।

    Parineeti Chopra Pregnancy
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    गर्भावस्था की अफवाहों का सामना

    यह घोषणा कई महीनों की गर्भावस्था की अफवाहों के बाद आई है, जो उनकी शादी के तुरंत बाद शुरू हो गई थीं। 2024 में, जब परिणीति अपनी फिल्म अमर सिंह चमकीला के ट्रेलर लॉन्च पर काफ्तान ड्रेस जैसे ढीले-ढाले कपड़ों में नजर आईं, तो अफवाहें तेज हो गईं। सोशल मीडिया पर लोग उनके कपड़ों को गर्भावस्था से जोड़ने लगे। परिणीति, जो अपनी स्पष्ट और मजाकिया शैली के लिए जानी जाती हैं, ने इन अफवाहों का जवाब दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर मजाक में लिखा, “काफ्तान ड्रेस = गर्भावस्था। ओवरसाइज्ड शर्ट = गर्भावस्था। आरामदायक भारतीय कुर्ता = गर्भावस्था।” इन अफवाहों को शांत करने के लिए, उन्होंने फिटेड कपड़ों में एक वीडियो साझा किया, जिससे साफ हो गया कि उस समय इन अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं थी।

    इसके अलावा, अमर सिंह चमकीला में अमरजोत कौर की भूमिका के लिए परिणीति का 16 किलोग्राम वजन बढ़ना भी अफवाहों को हवा दे रहा था। अभिनेत्री ने बताया कि यह वजन बढ़ाना उनकी भूमिका की प्रामाणिकता के लिए एक जानबूझकर किया गया प्रयास था। उनकी कला के प्रति समर्पण ने जनता का उनके निजी जीवन के प्रति आकर्षण और बढ़ा दिया, जिसके कारण आधिकारिक घोषणा तक अफवाहें चलती रहीं।

    Parineeti Chopra Pregnancy  : एक नया अध्याय शुरू

    Parineeti Chopra Pregnancy : गर्भावस्था की पुष्टि परिणीति और राघव के लिए एक खुशी का पल है। उनकी घोषणा उनके उत्साह और कृतज्ञता को दर्शाती है क्योंकि वे माता-पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं। उनके प्रशंसक, जो उनकी प्रेम कहानी और शादी को करीब से देखते आए हैं, इस नए अध्याय को देखकर उत्साहित हैं। सोशल मीडिया, खासकर X, पर ढेर सारे बधाई संदेश और शुभकामनाएं देखने को मिल रही हैं, जहां लोग इस जोड़े की खुशी का जश्न मना रहे हैं और उनके बढ़ते परिवार के भविष्य के बारे में उत्सुकता जता रहे हैं।

    Parineeti Chopra Pregnancy
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    परिणीति की एक्सपर्ट उपलब्धियां

    Parineeti Chopra Pregnancy : माता-पिता बनने की तैयारी के बीच, परिणीति का एक्सपर्ट जीवन भी चमक रहा है। अमर सिंह चमकीला में दिलजीत दोसांझ के साथ उनकी भूमिका को उनकी भावनात्मक गहराई और प्रामाणिकता के लिए व्यापक प्रशंसा मिली। यह फिल्म, जो पंजाबी गायक की जिंदगी को दर्शाती है, ने परिणीति की अभिनय क्षमता को प्रदर्शित किया। जैसे ही वह अपने जीवन के इस नए चरण में कदम रख रही हैं, प्रशंसक उत्सुक हैं कि वह अपने करियर और मातृत्व को कैसे संतुलित करेंगी, जैसा कि कई बॉलीवुड सितारों ने पहले किया है।

    राघव का राजनीतिक सफर

    राघव चड्ढा, भारतीय राजनीति में एक प्रमुख चेहरा, आम आदमी पार्टी में एक सक्रिय नेता के रूप में परिवर्तन के लिए आवाज उठाते रहे हैं। अपनी वाकपटुता और समर्पण के लिए जाने जाने वाले राघव ने राजनीतिक हलकों में सम्मान अर्जित किया है। इस जोड़े की अपने करियर और निजी जीवन को संतुलित करने की क्षमता उनकी ताकत को दर्शाती है।

    Parineeti Chopra Pregnancy
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    Parineeti Chopra Pregnancy : परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की गर्भावस्था की घोषणा उनके जीवन में एक नया और रोमांचक अध्याय है। अफवाहों और अटकलों को पीछे छोड़ते हुए, यह जोड़ा अब अपनी छोटी सी दुनिया के आगमन की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रशंसकों और शुभचिंतकों की शुभकामनाओं के साथ, परिणीति और राघव की यह यात्रा प्रेम, समर्पण और खुशी की कहानी है जो दिलों को छू रही है। जैसे ही वे माता-पिता बनने की राह पर बढ़ रहे हैं, दुनिया उनके लिए ढेर सारी खुशियां और आशीर्वाद की कामना कर रही है।

  • Happy Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर सेक्टर-110 सुपर मार्केट में गूंजा देशभक्ति का जज्बा

    Happy Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर सेक्टर-110 सुपर मार्केट में गूंजा देशभक्ति का जज्बा

    Happy Independence Day: आज़ादी का पर्व यानी स्वतंत्रता दिवस जब भी आता है तो हर गली, हर मोहल्ले और हर दिल में तिरंगे की शान और देशप्रेम का रंग घुल जाता है। इसी कड़ी में सेक्टर-110, नोएडा के सुपर मार्केट प्रांगण में भी इस बार स्वतंत्रता दिवस बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। बाज़ार में मौजूद दुकानदार, आस-पास के रहवासी, छोटे-बड़े बच्चे, महिलाएं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि – सभी ने मिलकर देश के प्रति अपनी निष्ठा और प्रेम व्यक्त किया। कार्यक्रम की शोभा तब और बढ़ गई जब फील द चेंज फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास राज तिवारी ने तिरंगा फहराया।

    तिरंगे संग गूंजे राष्ट्रगान की आवाज़ें

    झंडा फहराते ही पूरा माहौल “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से गूंज उठा। राष्ट्रीय गान गाते समय वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में गर्व और उत्साह साफ झलक रहा था। बच्चे तिरंगे झंडे और तिरंगे वाली टोपी पहने हुए थे, जिससे माहौल और भी रंगीन और देशभक्तिमय हो गया।

    डॉ. विकास राज तिवारी का संदेश

    फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास राज तिवारी ने अपने संबोधन में कहा –
    “सच्ची देशभक्ति यही है कि हम अपने काम को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें। जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों को सही ढंग से निभाएगा तभी देश आगे बढ़ेगा। देश को बदलने के लिए पहले हमें खुद को बदलना होगा।”उनकी इस बात पर लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

    सचिव जे.पी. मंडल का योगदान

    कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी फाउंडेशन के सचिव व प्रवासी छठ पूजा समिति अध्यक्ष जे.पी. मंडल ने संभाली। उन्होंने व्यवस्था से लेकर लोगों को एकजुट करने तक हर स्तर पर मेहनत की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा –“सरकार के अच्छे कार्यों में सहयोग करना और समाज को जागरूक करना ही असली देशभक्ति है। तिरंगे की शान तभी बढ़ती है जब हम एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ते हैं।”

    अखिलेश पांडे ने भरा जोश

    कार्यक्रम के दौरान अखिलेश पांडे ने अपने जोशीले उद्बोधन से माहौल को पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंग दिया। उन्होंने शहीदों की कुर्बानी और आज़ादी के संघर्ष की याद दिलाई। उनके शब्दों ने वहां मौजूद युवाओं और बच्चों के दिलों में नई ऊर्जा भर दी।

    गणमान्य लोगों की मौजूदगी

    इस अवसर पर कई समाजसेवी और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इनमें –पी.डी. सिंह, सुधामा महतो, दिलीप तिवारी, गुलाब राय, एन.के. सिंह, संजय कुमार, मनोज कुमार, अखिलेश्वर पांडे, मनोज सिंह, श्रीमान त्यागी (पतंजलि वाले),  महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष ज्योति सक्सेना, गौरी और नीतू राय शामिल रहे। इन सभी ने कार्यक्रम में शिरकत कर न केवल अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि बच्चों और युवाओं को प्रेरित भी किया कि वे देश की तरक्की में सक्रिय योगदान दें।

    बच्चों की उमंग- बाजार का जज़्बा

    कार्यक्रम में शामिल बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। उन्होंने देशभक्ति से जुड़ी कविताएं और गाने सुनाए। कई बच्चों ने छोटे-छोटे नाटक और भाषण भी प्रस्तुत किए, जिनसे साफ झलक रहा था कि नई पीढ़ी भी तिरंगे और देश के प्रति गहरा सम्मान रखती है। सुपर मार्केट परिसर में हर ओर रंग-बिरंगे झंडों की सजावट थी। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर तिरंगे लगाए और मिठाइयां बांटी। मोहल्ले की महिलाओं ने तिरंगे की रंगोली बनाई और छोटे बच्चों के हाथों में गुब्बारे थमाए। बाजार के वासी और सेक्टर-82 व 110 के लोग जब एकसाथ “जय हिंद” के नारे लगाते तो पूरा इलाका देशभक्ति से सराबोर हो जाता। इस कार्यक्रम की खासियत यह रही कि इसमें सिर्फ तिरंगा फहराने की औपचारिकता नहीं थी, बल्कि हर भाषण और हर गतिविधि से यही संदेश निकल कर आया कि – “देशभक्ति सिर्फ झंडा फहराने तक सीमित नहीं है। यह हमारे रोज़मर्रा के जीवन में, हमारे काम करने के ढंग में और समाज के लिए किए गए योगदान में छिपी होती है।”

    नये भारत की ओर कदम

    डॉ. विकास राज तिवारी और जे.पी. मंडल के विचारों से लोगों ने प्रेरणा ली कि आज़ादी के अमृतकाल में हर भारतीय को अपने हिस्से की जिम्मेदारी उठानी होगी। साफ सफाई, ईमानदारी, आपसी भाईचारा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने जैसे छोटे-छोटे काम ही बड़े परिवर्तन की नींव रखते हैं। 15 अगस्त का यह आयोजन सिर्फ एक परंपरा निभाने का माध्यम नहीं था, बल्कि यह एक जीवंत उदाहरण था कि किस तरह मोहल्ले और बाजार मिलकर भी आज़ादी का पर्व धूमधाम से मना सकते हैं। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि चाहे बड़े-बड़े आयोजन हों या छोटे-छोटे मोहल्ले के कार्यक्रम, देशभक्ति की लौ हर जगह उतनी ही प्रखर जलती है।

  • बही कविता की रसधार, शब्दों के सुरों से गूंजी वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की ऑनलाइन गोष्ठी

    बही कविता की रसधार, शब्दों के सुरों से गूंजी वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की ऑनलाइन गोष्ठी

    गाज़ियाबाद, 10 अगस्त 2025 (रविवार) — शब्दों की मृदुल ध्वनि, कविताओं की मधुर लय और भावनाओं की अविरल धारा… ठीक इसी माहौल में वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ऑनलाइन कवि गोष्ठी संपन्न हुई। दोपहर 12 बजे शुरू हुई यह साहित्यिक संध्या न केवल कविताओं के रंग में रंगी, बल्कि इसमें शामिल हुए हर कवि और श्रोता के हृदय में सृजन की नई ऊर्जा भी भर गई।

    इस गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नरेश नाज की प्रेरणा और मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्य साधक मृत्युंजय साधक ने की, जिनकी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को गंभीरता और गरिमा से भर दिया।

    मुख्य अतिथि की ओजस्वी उपस्थिति

    गोष्ठी के मुख्य अतिथि के रूप में वनकाम के राष्ट्रीय महासचिव एवं चंडीगढ़ व बिहार के प्रभारी हरेंद्र सिन्हा ने शिरकत की। अपनी प्रभावशाली रचनाओं के माध्यम से उन्होंने न केवल मंच की शोभा बढ़ाई, बल्कि उपस्थित सभी साहित्यप्रेमियों के हृदय को छूने वाले शब्द भी दिए। उनके काव्य-पाठ में समाज के बदलते स्वरूप, संवेदनाओं के उतार-चढ़ाव और जीवन के गहरे अनुभव झलकते रहे।

    विशिष्ट अतिथि की काव्य-गंगा

    कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि, महाकवयित्री प्रो. (डॉ.) मधु चतुर्वेदी ने गीत और ग़ज़लों की सुगंध से पूरी गोष्ठी को महका दिया। उनके गीतों में जीवन के विविध रंगों की झलक थी—कहीं प्रेम की कोमल अनुभूति, तो कहीं समाज के प्रति सजग दृष्टि। श्रोताओं ने उनके हर एक शब्द को मन ही मन आत्मसात किया।

    संचालन में रचनात्मकता का संगम

    कार्यक्रम का संचालन वनकाम पश्चिमी यूपी की अध्यक्ष डॉ. अंजु सुमन साधक ने किया। उन्होंने अपने आत्मीय और सहज शब्दों से कार्यक्रम की गति को संतुलित रखते हुए, हर कवि को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया। उनके संचालन में साहित्यिक गरिमा और अपनापन दोनों का सुंदर मेल दिखाई दिया।

    शुभारंभ में गूंजी सरस्वती वंदना

    गोष्ठी की शुरुआत कवि डीपी सिंह की मधुर सरस्वती वंदना से हुई, जिसने वातावरण को भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। उनकी वाणी में मां शारदा के प्रति अटूट श्रद्धा और सृजनशीलता के प्रति समर्पण की झलक साफ दिखाई दी।

    कवियों ने बिखेरे शब्दों के मोती

    इसके बाद एक-एक कर मंच पर विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं से गोष्ठी को रंगों से भर दिया।

    • विनय विक्रम सिंह ‘मनकही’ — जिनके काव्य में ग्रामीण जीवन की सादगी और मानवीय रिश्तों की मिठास बिखरी रही।

    • डॉ. ईश्वर सिंह तेवतिया — जिनकी पंक्तियों में समाज की सच्चाइयों को गहराई से उकेरा गया।

    • शिव कुमार त्यागी ‘शिवा’ — जिन्होंने अपनी कविताओं में प्रेम और अध्यात्म का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

    • डॉ. सरिता गर्ग ‘सरि’ — जिन्होंने महिला दृष्टिकोण से सामाजिक मुद्दों पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया।

    • नरेश शर्मा ‘केदार’ — जिनकी रचनाओं में लोक-संस्कृति और देशप्रेम का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला।

    • सरिता शर्मा — जिन्होंने संवेदनाओं से भरी कविताओं से सभी का मन मोह लिया।

    प्रत्येक कवि की प्रस्तुति ने श्रोताओं को बांधे रखा और चैट बॉक्स में ताली और सराहना के संदेश लगातार आते रहे।

    बही कविता की रसधार
    बही कविता की रसधार

    ऑनलाइन मंच पर भी महसूस हुई आमने-सामने की निकटता

    हालांकि यह गोष्ठी ऑनलाइन आयोजित की गई थी, लेकिन कविताओं का जादू ऐसा था कि सभी को लगा जैसे वे एक ही स्थान पर बैठे हों। कवियों के भाव, श्रोताओं की प्रतिक्रिया और संचालक के आत्मीय शब्द—सबने मिलकर एक अद्भुत साहित्यिक वातावरण का निर्माण किया।

    अध्यक्ष का प्रेरक संबोधन

    गोष्ठी के अंत में अध्यक्ष मृत्युंजय साधक ने सभी कवियों और श्रोताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच नहीं, बल्कि यह एक भावनात्मक परिवार है, जहां शब्दों के माध्यम से दिल से दिल का संवाद होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी गोष्ठियां न केवल साहित्यकारों को मंच देती हैं, बल्कि नए कवियों को भी प्रेरणा प्रदान करती हैं।

    धन्यवाद और भविष्य की योजनाएं

    समापन अवसर पर डॉ. अंजु सुमन साधक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अध्यक्ष और सभी प्रतिभागियों को आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंच की आगामी गोष्ठियों में और भी नए विषयों व कवियों को जोड़ा जाएगा, ताकि साहित्य की यह धारा और भी व्यापक रूप से बहे।

    साहित्यिक जगत में वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच का योगदान

    वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, लंबे समय से साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय है। यह मंच न केवल वरिष्ठ रचनाकारों को अपनी रचनाएं साझा करने का अवसर देता है, बल्कि युवा पीढ़ी को भी अनुभवी कवियों के अनुभव से सीखने का अवसर प्रदान करता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इस मंच ने सैकड़ों कवियों को एक साथ जोड़ा है और साहित्य प्रेमियों के बीच संवाद का मजबूत पुल बनाया है।

    कविता की ताकत

    यह गोष्ठी एक बार फिर साबित करती है कि कविता समय, स्थान और तकनीक की सीमाओं को पार कर सकती है। शब्दों का असर चाहे स्क्रीन पर हो या सभागार में, वह दिलों तक पहुंचता ही है। इस आयोजन ने एक बार फिर साहित्य जगत में यह विश्वास जगाया कि जब तक कवि और श्रोता जीवित हैं, तब तक कविता की रसधार बहती रहेगी।

  • Friendship Day Shayari : फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों के लिए खास शायरियां

    Friendship Day Shayari : फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों के लिए खास शायरियां

    Friendship Day Shayari : फ्रेंडशिप डे, जो हर साल अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है, दोस्ती के अनमोल रिश्ते को सेलिब्रेट करने का खास मौका है। इस 3 अगस्त, 2025 को, आइए इस खूबसूरत बंधन को हिंदी शायरी के जरिए व्यक्त करें। यह ब्लॉग दोस्ती की भावनाओं को बयां करने वाली चुनिंदा शायरियों का संग्रह है, जो आपके दोस्तों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगी।

    Friendship Day Shayari : दोस्ती की शायरी

    दोस्ती वो है जो दिल से दिल तक जाती है,
    हर मुश्किल में साथी बनकर साथ निभाती है।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    तेरी दोस्ती मेरी जिंदगी का गहना है,
    तू मेरे हर सुख-दुख का सच्चा हमसफर है।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    दोस्त दिल की हर बात समझ जाया करते हैं,
    सुख-दुख के हर पल में साथ हुआ करते हैं।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    कहीं अंधेरा तो कहीं शाम होगी,
    मेरी हर खुशी तेरे नाम होगी,
    कभी मांग कर तो देख मुझसे ए दोस्त,
    होंठों पे हंसी और हथेली पे जान होगी।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    Friendship Day Shayari
    Friendship Day Shayari

    दोस्ती का रिश्ता अनमोल है यारा,
    तेरे बिना ये जिंदगी है बेकार सारा।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    दोस्ती में ना कोई वादा, ना कोई शर्त,
    बस एक दिल जो देता है हर पल में साथ।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    तू है तो हर रास्ता आसान लगता है,
    तेरे साथ हर लम्हा खास लगता है।
    हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

    Shayari for instagram caption

    दोस्ती वो नग्मा है जो दिल को सुकून दे,
    हर कदम पर तेरा साथ, बस यही तो जूनून दे।
    #FriendshipDay #DostForever #YariDosti

    तेरे बिना अधूरी सी है जिंदगी की कहानी,
    तू है मेरा दोस्त, मेरी हर खुशी की निशानी।
    #HappyFriendshipDay #BestieVibes #DostiKaJashn

    दोस्ती में ना कोई दूरी, ना कोई फासला,
    दिल से दिल का रिश्ता, बस यही है असली नशा।
    #FriendshipGoals #YaronKaYaar #FriendshipDay2025

    Shayari for instagram caption
    Shayari for instagram caption : Friendship Day Shayari

    हंसी-मजाक, वो पुरानी बातें,
    तेरे साथ हर लम्हा, बस यादें ही यादें।
    #DostiKiYaadein #FriendsForLife #HappyFriendshipDay

    दोस्ती वो चांदनी है जो रात को रोशन करे,
    तू है मेरा यार, जो हर पल को हसीन करे।
    #DostMeraPyara #FriendshipVibes #DostiKaDin

    ना कोई वादा, ना कोई शर्त,
    बस तेरा साथ, मेरे दिल की हर जरूरत।
    #TrueFriendship #YariKaJadoo #FriendshipDay2025

    तू है मेरा वो दोस्त जो हर गम भुलाए,
    तेरे साथ हर पल, जैसे जन्नत सजाए।
    #BestFriendForever #DostiKaRang #HappyFriendshipDay

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    दोस्ती का जश्न

    Friendship Day Shayari : इन शायरियों को अपने दोस्तों के साथ मैसेज, व्हाट्सएप, या X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करें। एक छोटी-सी शायरी आपके दोस्त को यह बता सकती है कि वे आपके लिए कितने खास हैं। इस फ्रेंडशिप डे पर, इन शब्दों के जरिए अपनी दोस्ती को और मजबूत करें और हर पल को यादगार बनाएं।

  • Rakshabandhan 2025 : प्यार और सुरक्षा का पवित्र बंधन

    Rakshabandhan 2025 : प्यार और सुरक्षा का पवित्र बंधन

    Rakshabandhan 2025 :  यह भारत का एक सुंदर और पावन त्योहार है, जो भाई-बहन के अद्वितीय और प्रेमपूर्ण संबंध का प्रतीक है। यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो सामान्यतः अगस्त माह में आता है, मनाया जाता है। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और सुरक्षा के वादे का प्रतीक है। साल 2025 में, रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा, जो परिवारों को एकजुट करेगा और भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करेगा।

    Rakshabandhan 2025
    Rakshabandhan 2025

    Rakshabandhan 2025 का महत्व

    “रक्षाबंधन” शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है “सुरक्षा का बंधन”। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी, एक पवित्र धागा, बांधती हैं, जो उनके प्रेम और भाई की सलामती के लिए प्रार्थना का प्रतीक है। बदले में, भाई अपनी बहनों की रक्षा और देखभाल करने का वचन देते हैं, और अक्सर उपहारों का आदान-प्रदान होता है। यह रस्म केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच गहरे भावनात्मक रिश्ते को मजबूत करने का एक तरीका है।

    यह त्योहार केवल सगे भाई-बहनों तक सीमित नहीं है। यह चचेरे भाई-बहनों, करीबी दोस्तों और यहाँ तक कि समुदाय के लोगों तक फैलता है, जो एकता और आपसी देखभाल की भावना को बढ़ावा देता है। यह एक ऐसा दिन है जो विश्वास, सम्मान और बिना शर्त प्यार पर आधारित रिश्तों का उत्सव मनाता है।

    Rakshabandhan 2025
    Rakshabandhan 2025

    ऐतिहासिक और पौराणिक कहानियाँ

    रक्षाबंधन की जड़ें इतिहास और पौराणिक कथाओं में गहरी हैं, जिनमें कुछ कहानियाँ इसकी महत्ता को दर्शाती हैं:

    • पौराणिक कथा: एक प्रसिद्ध कहानी महाभारत के द्रौपदी और भगवान कृष्ण से जुड़ी है। जब कृष्ण की उंगली घायल हो गई थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। उनकी इस भावना से प्रभावित होकर, कृष्ण ने उनकी रक्षा करने का वचन दिया और बाद में कौरव सभा में द्रौपदी के अपमान को रोककर अपना वादा निभाया। यह कहानी राखी के सुरक्षात्मक स्वरूप को दर्शाती है।
    • ऐतिहासिक कहानी: एक अन्य कथा मेवाड़ की रानी कर्णावती से जुड़ी है, जिन्होंने सम्राट हुमायूँ को राखी भेजकर आक्रमण के खिलाफ मदद मांगी थी। इस भावना से प्रभावित होकर हुमायूँ ने उनकी सहायता के लिए कदम उठाया, जो राखी की शक्ति और निष्ठा को दर्शाता है।

    ये कहानियाँ इस त्योहार के कालजयी संदेश को रेखांकित करती हैं: एक साधारण धागा गहरे वचन का प्रतीक बन सकता है।

    Rakshabandhan 2025
    Rakshabandhan 2025

    रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है

    रक्षाबंधन रंग-बिरंगे रीति-रिवाजों और खुशी के साथ मनाया जाता है:

    1. तैयारी: बहनें सुंदर राखियाँ चुनती हैं या स्वयं बनाती हैं, जो अक्सर मोतियों, धागों या आकर्षक डिज़ाइनों से सजी होती हैं। बाज़ार राखियों, मिठाइयों और उपहारों से गुलज़ार रहते हैं।
    2. राखी बांधने की रस्म: बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, आरती करती है और राखी बांधती है। वह भाई की लंबी उम्र और सुख की प्रार्थना करती है, जबकि भाई उपहार देता है और जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है।
    3. खान-पान और एकजुटता: परिवार एक साथ लड्डू, बर्फी जैसी मिठाइयाँ खाते हैं। दिन हंसी, कहानियों और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के साथ बीतता है।
    4. आधुनिक उत्सव: आज के डिजिटल युग में, वर्चुअल राखियाँ और ऑनलाइन उपहारों का आदान-प्रदान आम हो गया है, खासकर उन भाई-बहनों के लिए जो दूरी के कारण अलग हैं। वीडियो कॉल और #Rakshabandhan2025 जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर उत्साह बनाए रखते हैं।
    Rakshabandhan 2025
    Rakshabandhan 2025

    Rakshabandhan 2025 : आधुनिक रंग

    9 अगस्त, 2025 को रक्षाबंधन के साथ, यह त्योहार नए रंगों में रंगा जा रहा है। पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ, बीज, कपास या रिसाइकिल्ड कागज से बनी इको-फ्रेंडली राखियाँ लोकप्रिय हो रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वैयक्तिकृत राखियाँ और उपहार हैम्पर प्रदान करते हैं, जिससे दूरी के बावजूद उत्सव आसान हो गया है।

    यह त्योहार लैंगिक समानता और आपसी सम्मान को भी प्रोत्साहित करता है। जहाँ परंपरागत रूप से भाई रक्षा का वचन देते हैं, वहीं आधुनिक उत्सव में भाई-बहन दोनों एक-दूसरे के सपनों और आकांक्षाओं का समर्थन करते हैं।

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    Rakshabandhan 2025
    Rakshabandhan 2025

    रक्षाबंधन क्यों महत्वपूर्ण है

    तेज़-रफ्तार दुनिया में, रक्षाबंधन हमें उन रिश्तों को संजोने का अवसर देता है जो हमें स्थिरता प्रदान करते हैं। यह एक ऐसा दिन है जो भाई-बहन के बीच की अनकही प्रतिज्ञाओं—लड़ाई, हंसी और साझा राज़ों—को याद करने का मौका देता है। चाहे वह साधारण धागा हो या शानदार उपहार, इसका सार प्यार में निहित है।

    इस Rakshabandhan 2025, आइए उन भाई-बहनों का उत्सव मनाएँ जो हमारी ज़िंदगी को खास बनाते हैं। राखी बांधें, मिठाई बाँटें और हमेशा एक-दूसरे के साथ रहने का वादा करें।

    रक्षाबंधन 2025 की शुभकामनाएँ!

  • Noida Cyber Fraud Busted : फर्जी लोन कॉल सेंटर से विदेशी नागरिकों से ठगी, 12 गिरफ्तार

    Noida Cyber Fraud Busted : फर्जी लोन कॉल सेंटर से विदेशी नागरिकों से ठगी, 12 गिरफ्तार

    Noida Cyber Fraud Busted : थाना एक्सप्रेस वे पुलिस द्वारा संगठित रूप में फर्जी कॉल सेन्टर चलाकर गूगल ऐप के माध्यम से विदेशी लोगो का डाटा खरीदने व उनको लोन देने के नाम पर टेलीग्राम व स्काईप ऐप के माध्यम से कॉल करके व गिफ्ट कार्ड भेजकर धोखाधडी से पैसा लेने वाले कुल 12 अभियुक्त (10 अभियुक्त और 02 अभियुक्ता) को किया गिरफ्तार, कब्जे से 10 लेपटॉप, 16 मोबाईल फोन, 09 लैपटॉप चार्जर, 09 हैड फोन, 05 की बोर्ड, 05 माउस, 01 इंटरनेट राउटर, 01 आई फोन चार्जर बरामद।

    Noida Cyber Fraud Busted : कार्यवाही का विवरण – 

    Cyber Fraud : थाना एक्सप्रेसवे पुलिस द्वारा दिनांक 15.07.2025 को जेपी कोसमोस बिल्डिंग के टावर केएम 7 के 17 वे तल के फ्लैट में 12 लोगों द्वारा ऑफिस चलाकर विदेशो में बैठे लोगो का गूगल ऐप के माध्यम से डाटा खरीदते है व विदेशी नागरिको को लोन देने के नाम पर टेलीग्राम व स्काईप ऐप के माध्यम से कॉल कर लोन देने के नाम पर व गिफ्ट कार्ड भेजकर ठगी(Cyber Fraud) करते है। पर्याप्त साक्ष्य व बरामदगी के आधार पर 10 अभियुक्तों – 02 अभियुक्ता सहित कुल 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

    अपराध करने का तरीका 

    Cyber Fraud  : पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि इनके द्वारा फर्जी कॉल सेंटर(Cyber Fraud) का जेपी कोसमोस बिल्डिंग के टावर केएम 7 के 17 वे तल के फ्लैट में संचालन किया जा रहा था, यह लोग गूगल ऐप के माध्यम से डाटा खरीदते है जिसका ये लोग पैमेन्ट यूएसडीटी में यू0एस0 के लोगो को करते है जो डिजिटल करंसी या गिफ्ट वाउचर में होता है। मैसेज में नाम व मोबाईल नं0 आवश्यकतानुसार चेंज करते है। जिस व्यक्ति को लोन की जरूरत होती है व या तो इनको यस का मैसेज भेजता है या इनके द्वारा दिये गये नम्बर पर कॉल करता है । फिर ये उससे लोन कराने के लिए 300(डालर) की मांग करते है। अगर उसके पास पैसा होता है तो ये लोग उससे पैसा एप्पल ई-बाई, वालमार्ट गिफ्टकार्ड के माध्यम से पैमन्ट प्राप्त कर लेते है। यदि उसके पास पैसा नही होता तो उसको ये लोग फर्जी चेक भेजते है और वह व्यक्ति उस चेक का फोटो लेकर अपने अकाउंट में लगा देता है यदि बैंक उसको पैसा पे करता है तो पेमेन्ट उसके अकाउंट में आ जाता है। जिस पैसे को हम गिफ्ट कार्ड के माध्यम से ले लेते है  

    गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-

    1.मुस्तफा शेख पुत्र चाँद बादशाह निवासी धारावी लक्ष्मी चाल प्लाट न0- 217 मुम्बई, हालपता- के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 25 वर्ष

    2.चिनेवे पुत्र निकीते निवासी ग्राम लोसामी जिला फेक राज्य नागालैण्ड हालपता- किशनगढ दिल्ली उम्र- 22 वर्ष 

    3.दिनेश पाण्डेय पुत्र रामचन्द्र पाण्डेय निवासी भगत सिंह सरणी पंजाबी पार्क थाना सिलीगुडी जिला दार्जीलिंग प0 बंगाल हालपता- के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 49 वर्ष

    4.सोहिल अजमिल पुत्र गुलाम हुसैन निवासी प्लाट न0- 1079 सालवी पोल, थाना गैक्वाड हवेली रामखड जिला अहमदाबाद गुजरात , हालपता- के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 27 वर्ष 

    5.उमर सम्सी पुत्र रहमान सम्सी निवासी- प्लाट न0- 119 महाडा मालवानी मलाड वेस्ट मुम्बई उम्र- 44 वर्ष 

    6.कल्पेस शर्मा पुत्र रामाशीश शर्मा निवासी- प्लाट न0- 15ए विशाल नगर थाना किशनपुर जिला अहमदाबाद गुजरात हालपता- के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 34 वर्ष

    7.आफताब कुरैशी पुत्र शमशाद कुरैसी निवासी रुम न0- 10 शयान अवेन्यु अपोजित अकबर टावर थाना सरखेज जिला अहमादबाद गुजरात हालपता- के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 34 वर्ष 

    8.विडोव पुत्र साइमन निवासी- कंगला तुम्बी थाना सिगमई जिला कंगपोपी मणिपुर हालपता- के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 31 वर्ष

    9.राम सेवक पुत्र फूलचन्द निवासी ग्राम पथराही थाना लदनिया जिला मधुबनी बिहार उम्र- 27 वर्ष 

    10.सत्यनारायण मण्डल पुत्र वचन मण्डल निवासी- विधवास थाना लदनिया जिला मधुबनी बिहार हालपता के .एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 35

    11.थिजनो लुटो पुत्री के विसीजा नि गाव रेमीसिंगो जिला सेमिगयू नागालैड उम्र करीब 20 वर्ष 

    12.निबूले अकामी पुत्री खुदो अकामी नि0 गांव खुवेमी जिला फेक नागालैंड हाल पता के.एम 07 फ्लैट न0- 1703 जे.पी कोसमास सेक्टर 134 नोएडा उम्र- 21 वर्ष

    Noida Cyber Fraud Busted
    Noida Cyber Fraud Busted

    अभियोग का विवरण-

    मु0अ0स0 88/2025 धारा 319(2)/318(4) बी.एन.एस/ 66 डी  IT act (Cyber Fraud) पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। 

    बरामदगी का विवरण –   

    1. 10  लेपटॉप भिन्न भिन्न कम्पनी के 
    2. 16  एंड्रॉइड फोन भिन्न भिन्न कम्पनी के 
    3. 09 लैपटॉप चार्जर, 
    4. 09 हेड फोन 
    5. 05 की बोर्ड व 05 माउस 
    6. 01 इंटरनेट राउटर 
    7. 01 आई फोन चार्जर 

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  • IAS Laxman Tiwari:  बेतिया को नया चेहरा देने में लगा है यह ‘युवा कमांडर’, जनता बोली – “सिस्टम में दिल लगने लगा है”

    IAS Laxman Tiwari: बेतिया को नया चेहरा देने में लगा है यह ‘युवा कमांडर’, जनता बोली – “सिस्टम में दिल लगने लगा है”

    IAS Laxman Tiwari:  कभी सरकारी फाइलों के ढेर में उलझे बेतिया को आज फिर उम्मीद की नई हवा महसूस हो रही है। यह हवा आई है एक नए अफसर के साथ — नाम है IAS लक्ष्मण तिवारी। तिवारी न केवल कुर्सी संभालने आए हैं, बल्कि सिस्टम को झकझोरने और जनता से जोड़ने की नई शैली लाए हैं। वे बेतिया के नए नगर आयुक्त हैं, लेकिन उनसे मिलने पर कोई भी कहेगा — “यह सिर्फ अफसर नहीं, बदलाव की भावना हैं।”

    IAS Laxman Tiwari
    IAS Laxman Tiwari

     पहले दिन से बदला काम का तरीका, बेतिया को मिला नया विज़न

    IAS लक्ष्मण तिवारी ने कार्यभार ग्रहण करते ही बेतिया नगर निगम में एक बात स्पष्ट कर दी — अब सिर्फ आदेश नहीं, एक्शन होगा। उन्होंने सबसे पहले नगर के जमीनी हालात का जायज़ा लिया, खुद सड़कों पर उतरकर जलनिकासी व्यवस्था देखी, सफाई कर्मचारियों से बात की, और हर एक वार्ड की बारीकी से समीक्षा शुरू कर दी। उनकी सीधी, स्पष्ट और तेज़ रफ्तार कार्यशैली देखकर एक कर्मी ने मुस्कराते हुए कहा, “साहब तो जैसे फील्ड में रहने आए हैं… अब दफ्तर में झपकी नहीं, जवाब देना होगा।”

      GPS, जियोमैपिंग और मोबाइल से मॉनिटरिंग — डिजिटल इंडिया के सही अफसर

    लक्ष्मण तिवारी ने बेतिया में स्मार्ट प्रशासन की नींव रख दी है। उन्होंने जनता और सिस्टम के बीच तकनीक को पुल बना दिया है:

    • मोबाइल से फोटो व लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज की जा सकती है

    • नालियों की जियो-मैपिंग करवाई जा रही है ताकि हर बारिश से पहले संवेदनशील इलाकों की सफाई तय हो सके

    • सोशल मीडिया और WhatsApp पर बनी जनता रिपोर्ट लाइन

            Live Hindustan के हवाले से उन्होंने कहा:

    “बेतिया को स्वच्छ, हरित और सुंदर शहर बनाना है — लेकिन इसके लिए जनता और सिस्टम दोनों को एक साथ खड़ा होना होगा।”

     जनता बोली – “अब लगता है शहर का अफसर शहर में ही रहता है”

    IAS तिवारी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वे जनता से मिलते हैं, सुनते हैं और तुरंत कार्रवाई करते हैं।
    विकास चौधरी, स्थानीय युवा कहते हैं,

    “पहली बार कोई अफसर है जो शिकायत का जवाब घंटों में देता है, और अगले दिन फील्ड पर भी दिखता है।”

    रीता देवी, गृहिणी बताती हैं,

    “अब बच्चे स्कूल से लौटते वक्त कह रहे हैं कि हमारी गली साफ है — पहले ऐसा सपना था।”

    IAS Laxman Tiwari
    IAS Laxman Tiwari

     #IAS Laxman Tiwari  अफसर हैं, लेकिन दिखते हैं ‘डैशिंग रोल मॉडल’ की तरह

    IAS तिवारी की एक और बात जो युवाओं को खूब पसंद आ रही है — वह है उनका स्टाइल, आत्मविश्वास और सोशल मीडिया प्रजेंस।
    वे Instagram पर एक्टिव रहते हैं, जहां उनका स्मार्ट ड्रेसिंग, शांत मुस्कान और जमीन से जुड़े पोस्ट उन्हें एक युवाओं के रोल मॉडल में तब्दील कर रहे हैं।

    वो चमक-धमक वाले सेलिब्रिटी IAS नहीं हैं, लेकिन फिर भी उनके इंस्टा फॉलोअर्स कहते हैं:

    “सर जैसे दिखते हैं, वैसे ही सोचते भी हैं — क्लासिक, साफ और क्लियर।”

    उनका अंदाज़ बताता है कि आज का अफसर किताबों से नहीं, क्लास और करेक्टर से पहचाना जाता है।

    IAS Laxman Tiwari
    IAS Laxman Tiwari

     #IAS Laxman Tiwari  IPS दिव्यांजलि के साथ जीवन में भी बैलेंस की मिसाल

    IAS लक्ष्मण तिवारी की शादी हुई है IPS अधिकारी दिव्यांजलि से — जो खुद तेज-तर्रार और ईमानदार अफसर मानी जाती हैं।
    दोनों ही अपने-अपने कार्यक्षेत्र में व्यस्त रहते हुए भी एक-दूसरे को समय देना, साथ निर्णय लेना और एक-दूसरे के विचारों को समझना — आज के युवा वर्ग के लिए प्रेरणा बन रहा है।

    ये जोड़ी दिखाती है कि प्रोफेशन और पर्सनल दोनों को साथ कैसे निभाया जा सकता है।

     #IAS Laxman Tiwari सिवान के गांव से बेतिया की कमान तक — सपना, संघर्ष और सफलता

    सिवान जिले के छोटे से गांव सैदपुरा से निकलकर IAS बनने की कहानी में सिर्फ किताबें नहीं, संघर्ष है।
    लक्ष्मण तिवारी ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की, दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और UPSC की कठिन परीक्षा 2020 में 71वीं रैंक के साथ पास की।

    वे खुद कहते हैं, “गांव में जन्म लेकर सिस्टम का हिस्सा बन जाना कोई चमत्कार नहीं, यह तो मेहनत का हक है।”

     #IAS Laxman Tiwari बेतिया का भविष्य अब प्लान के साथ — “ग्रीन, क्लीन और स्मार्ट सिटी”

    IAS तिवारी सिर्फ आज के मुद्दों पर नहीं, भविष्य की तैयारी पर भी काम कर रहे हैं:

    • ‘ग्रीन बेतिया मिशन’ के तहत स्कूलों और कॉलेजों को पौधारोपण से जोड़ा गया है

    • जलजमाव वाले क्षेत्रों की अंडरग्राउंड ड्रेनेज डिजाइन पर काम शुरू

    • स्मार्ट रोडलाइट्स और सड़क रिपेयर ऐप योजना पर काम

    • हर वार्ड में जनता संवाद शिविर और युवा भागीदारी बढ़ाने का मिशन

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     #IAS Laxman Tiwari जब अफसर सिस्टम का हिस्सा नहीं, बदलाव का चेहरा बन जाए

    IAS लक्ष्मण तिवारी ने बेतिया में यह दिखा दिया है कि सिर्फ कुर्सी पर बैठकर नहीं, चलकर और सुनकर भी प्रशासन चलाया जा सकता है।
    उनकी कार्यशैली पारदर्शिता, तकनीक, संवाद और संकल्प की मिसाल बन रही है।

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  • सीएम नायब सिंह सैनी के नायाब व्यक्तित्व और जीवन यात्रा का दस्तावेज़ है तरुण झा की पुस्तक ‘नायाब नायब’

    सीएम नायब सिंह सैनी के नायाब व्यक्तित्व और जीवन यात्रा का दस्तावेज़ है तरुण झा की पुस्तक ‘नायाब नायब’

    चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की राजनीतिक यात्रा और उनके जीवन के संघर्षों को बेहद दिलचस्प अंदाज़ में प्रस्तुत करने वाली पुस्तक ‘नायाब नायब – स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक’ हाल ही में प्रकाशित हुई है। इस पुस्तक को लिखा है वरिष्ठ टीवी पत्रकार तरुण झा ने, जो स्वयं मुख्यमंत्री सैनी के गृह क्षेत्र से आते हैं और पिछले कई वर्षों से उनकी राजनीतिक गतिविधियों की क़रीबी तौर पर रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

    यह किताब मात्र 128 पन्नों में सिमटी हुई है, लेकिन इसकी गहराई और विषयवस्तु किसी महाकाव्य से कम नहीं है। पुस्तक को तीन अध्यायों में बाँटा गया है, जिनमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को क्रमबद्ध तरीके से रखा गया है। किताब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल राजनीतिक घटनाओं की सूची नहीं है, बल्कि यह एक साधारण स्वयंसेवक से लेकर राज्य के मुख्य सेवक बनने तक की संघर्ष, निष्ठा और सेवा भावना से भरी जीवन यात्रा को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।

    तरुण झा की पुस्तक ‘नायाब नायब’

    पुस्तक की शुरुआत नायब सिंह सैनी के शुरुआती जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक परिवेश से होती है। इसके बाद संगठन में उनकी भूमिका, भारतीय जनता पार्टी के साथ उनका जुड़ाव, पार्टी में किए गए कार्य, और धीरे-धीरे उनका राजनीतिक उभार – विधायक, राज्य मंत्री, सांसद, प्रदेश अध्यक्ष और अंततः मुख्यमंत्री बनने तक का सफर विस्तार से बताया गया है।

    तरुण झा की पुस्तक ‘नायाब नायब’

    सबसे खास बात यह है कि इसमें सीएम बनने की इनसाइड स्टोरी भी है – वो घटनाएं और चर्चाएं जो आमतौर पर जनता के सामने नहीं आतीं। लेखक ने एक पत्रकार की दृष्टि से उन पर्दे के पीछे की कहानियों को भी सामने लाने का प्रयास किया है, जो इस यात्रा को और अधिक रोचक बनाती हैं।

    किताब में सिर्फ सैनी के राजनीतिक सफर का ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, विचारधारा, कार्यशैली, और जनता से जुड़े रहने की उनकी कोशिशों का भी वर्णन है। उनके कामकाज की शैली, फैसले लेने का तरीका, आम जनता और कार्यकर्ताओं के साथ उनका संवाद – इन सब पर भी प्रकाश डाला गया है। साथ ही, हरियाणा भाजपा की चार दशक की यात्रा और उसमें सैनी की भूमिका को भी पुस्तक में समाहित किया गया है।

    पुस्तक में कई दुर्लभ तस्वीरें भी दी गई हैं, जो नायब सिंह सैनी के जीवन के अनछुए पलों को उजागर करती हैं। साथ ही, कुछ नायाब किस्से – जो उनके साथ काम करने वाले लोगों ने साझा किए – पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं।

    लेखक तरुण झा की भाषा सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है। उनका पत्रकारिता का अनुभव किताब के हर पन्ने में झलकता है। चूंकि वे स्वयं मुख्यमंत्री के क्षेत्र से हैं और लंबे समय से उन्हें करीब से जानते हैं, इसलिए यह किताब अधिक प्रामाणिक, सजीव और विश्वसनीय बन जाती है।

    ‘नायाब नायब – स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक’ न सिर्फ एक राजनेता की जीवनी है, बल्कि यह एक प्रेरणादायक दस्तावेज़ है, जो यह बताता है कि किस प्रकार निष्ठा, मेहनत और सेवा के संकल्प के साथ कोई भी व्यक्ति जनता का सेवक बन सकता है।

    पुस्तक – नायाब नायब – स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक
    लेखक – तरुण झा
    मूल्य – ₹200 मात्र
    समीक्षक – नागेंद्र परमार

    यह पुस्तक राजनीति, समाज सेवा और नेतृत्व में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक बेहतरीन संग्रहणीय सामग्री है।