Category: राजनीति

  • मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संघर्ष और समर्पण का जीवन्त दस्तावेज है तरुण झा की किताब “स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक”

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संघर्ष और समर्पण का जीवन्त दस्तावेज है तरुण झा की किताब “स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक”

    नई दिल्ली:  एक ऐसा व्यक्ति जो कुछ महीने पहले तक केवल औरों को ही चुनाव लड़वाता था,औरों के चुनाव अभियान की रणनीति बनाता था,खुद कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा, लोकसभा चुनाव में पार्टी ने चुनाव अभियान समिति का जिम्मा सौंपा, वह कुछ महीने बीतते-बीतते पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ा और पहली बार में विधायक बने और फिर सीएम बने,जो एक छोटे से गांव से निकल कर सीएम हाउस तक पहुंचे,जिसके डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाए लेकिन जिस सीएम पद का सपना देखा भी न हो वह पूरा हो जाए। एक ऐसा व्यक्ति जो हमेशा पर्दे के पीछे ही रहा,अचानक से सेंटर स्टेज पर आ गया। देखते ही देखते कैसे वह व्यक्ति कोच से कप्तान की भूमिका पा गया। कैसे सब्जी विक्रेता से सीएम,संगठन मंत्री से मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया, ये किताब एक ऐसे व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा के बारे में बड़े रोचक तरीके से बताती है।

    मनोहर लाल, एक जाट बाहुल्य राज्य में एक गैर जाट मुख्यमंत्री के रूप में स्वयं को स्थापित कर पाए,ये हरियाणा की राजनीति में किसी आश्चर्य से कम नहीं। वैसे मीडिया का एक धड़ा मनोहर लाल जैसे दक्षिणपंथी मुख्यमंत्रियों के प्रति वैमनस्यतापूर्ण व्यवहार करता रहा है। ऐसे में यह किताब निष्पक्षता से मनोहर लाल की आलोचना भी करती है और उनकी खूबियों को भी विस्तार से बताती है। 172 पन्नों में सिमटी इस किताब में 6 अध्याय हैं। पुस्तक के पहले अध्याय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रारंभिक जीवन से संगठन मंत्री बनने तक की कहानी है वहीं दूसरे अध्याय में मुख्यमंत्री बनने तक की इनसाइड स्टोरी और उस दौरान के लेखक के व्यक्तिगत संस्मरण हैं। तीसरे अध्याय में सरकार के कामकाज की समीक्षा है जबकि चौथे अध्याय में मुख्यमंत्री के ‘हरियाणा एक,हरियाणवी एक’ नारे की पड़ताल है। पांचवे अध्याय में हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के उदय की कहानी है। छठे और अंतिम अध्याय में खट्टर काका से जुड़े कई मनोहर किस्से हैं।

    लेखक टीवी पत्रकार होने के नाते से सीएम मनोहर लाल के संपर्क में थे। जिसके चलते उन्होंने सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक यात्रा को साक्षी भाव से देखा है। जो इस पुस्तक को और अधिक प्रामाणिक बनाती है। यह किताब मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निजी और राजनैतिक जीवन के अनकहे पहलुओं को बहुत ही रोचक अंदाज में बयान करती है, खासतौर पर मुख्यमंत्री बनने की इनसाइड स्टोरी इसकी यूएसपी रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का संघर्ष और समर्पण का जीवन्त दस्तावेज है यह किताब।

    पुस्तक – मनोहर लाल – स्वयंसेवक से मुख्यसेवक तक
    लेखक – तरुण झा
    प्रकाशक – यश पब्लिकेशंस
    मूल्य – 199 रुपए

    शशि पाण्डेय
    समीक्षक

  • CM Yogi: मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में 144.49 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

    CM Yogi: मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में 144.49 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में महन्त दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सड़क, सम्पर्क मार्ग, बाढ़ सुरक्षा एवं शिक्षा आदि की 144.49 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें 33.16 करोड़ रुपए लागत की कुल 40 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 111.33 करोड़ रुपए लागत की 21 परियोजनाओं का शिलान्यास कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री जी ने 5 क्षय रोगियों के परिजनों को किट, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के 03-03 लाभार्थियों को आवास की प्रतीकात्मक चाभी सौंपी। उन्होंने गोवंश की रक्षा हेतु भूसा दान देने वाले 03 दानकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है, इसमें आम जनमानस की सहभागिता होनी चाहिए। जनप्रतिनिधि को उसका प्रतिनिधित्व करना चाहिए। एक योग्य जनप्रतिनिधि निरन्तर प्रयास करके अपने क्षेत्र के लिये परियोजना लेकर आता है। आज इसी का परिणाम है कि गोरखपुर जनपद एवं मण्डल की प्रत्येक विधानसभा में विकास देखने को मिल रहा है। कहीं सड़क, कहीं स्कूल-कॉलेज बन रहे है, कहीं उद्योग धंधे लग रहे है, कहीं कस्तूरबा गांधी विद्यालय, कहीं अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण, कहीं पर ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े हुए विद्यालयों के नव निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। कहीं बाढ़ बचाव से सम्बंधित कार्य हो रहे है, कहीं हॉस्पिटल का निर्माण, कहीं मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में कोई न कोई कार्य निरन्तर हो रहा है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए धनराशि देती है और हमारे सांसदगण, विधायकगण अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करते हैं। सरकार उनकी योजनाओं को स्वीकृत कर धनराशि अवमुक्त करती है। जनता का भी दायित्व है कि विकास की इन परियोजनाओं में सकारात्मक सोच के साथ उन्हें समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करे। विकास कार्य में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आनी चाहिए, क्यांेकि अगर कोई बाधा आती है और कार्य में विलम्ब हुआ तो उसका संशोधित एस्टिमेट प्रस्तुत किया जाता है। इससे प्रदेश के राजस्व पर विपरीत असर पड़ता है। साथ ही, विकास परियोजना में देरी होने के कारण आम जनमानस को भी इसका समय से लाभ नहीं मिल पाता।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेक बड़ी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। जनता द्वारा सकारात्मक भाव से विकास परियोजनाओं के साथ जुड़ने से कार्य को मानक की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। सकारात्मक सहयोग से विकास को आगे बढ़ाया जाये। आज गोरखपुर नये रूप में स्थापित हो रहा है। वाराणसी से गोरखपुर और गोरखपुर से सोनौली मार्ग फोरलेन बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। पहले महानगर से बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज का मार्ग बहुत संकरा और व्यस्त था, लेकिन आज फोरलेन का उच्च स्तर का मार्ग बनकर तैयार है। आप को एक नये गोरखपुर का दर्शन होता हुआ दिखाई देता है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मोहद्दीपुर से गोरखनाथ मंदिर होते हुए सोनौली मार्ग पर जंगल कौड़िया का मार्ग फोरलेन बनने के साथ ही लाइट की जगमगाहट से विकास की एक नई कहानी कहता है। गोरखपुर से नेपाल राष्ट्र जाने वालेे वाहनों को शहर के अन्दर न आना पड़े, इसके लिए जंगल कौड़िया से कालेसर तक एक नया बाईपास भी बनकर तैयार है। उस पर तेजी के साथ आवागमन हो रहा है। बरसात के दौरान गोरखपुर महानगर में कहीं भी जल-जमाव की समस्या न हो, इसके लिये अभी से प्रयास किये जा रहे हैं। प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शहर के अन्दर बरसात के दौरान जल जमाव की स्थिति न आये इसके लिये अनेक कार्य चल रहे है। गोड़धोइया नाले की सफाई के साथ ही रामगढ़ताल से तरकुलानी के बीच नाला बनाने का कार्य चल रहा है। शहर का सारा पानी रामगढ़ताल होते हुए तरकुलानी में पहंुचेगा, वहां से यह गुर्रा नदी व राप्ती नदी में जायेगा। गोरखपुर का एम्स प्रारम्भ हो गया है। प्राणी उद्यान मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन के केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है। रामगढ़ताल पर्यटन की दृष्टि से निरन्तर विकसित हो रहा है। रात्रि में फर्टिलाइजर कारखाने की लाइट गोरखपुर की एक नई तस्वीर को आपके सामने प्रस्तुत कर रही है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास की इस प्रक्रिया के साथ जुड़ने के लिये हमें अभियान चलाना होगा। गोरखपुर की पहचान तेजी से विकास प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हुए महानगर के रूप में स्थापित हो रही है। विकास की इस प्रक्रिया के साथ हम सब एक साथ जुड़कर अगर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य करते है तो स्वाभाविक रूप से हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ी के सामने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये एक नई तस्वीर प्रस्तुत होगी। विकास ही एक उज्ज्वल और मंगलमय भविष्य की गारंटी हो सकता है। इस विकास के साथ हम सब को जुड़कर गोरखपुर को आगे बढ़ाना है।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से जनता की समस्या के निस्तारण के लिए काम करंे, तो तमाम विवादों का समाधान जनसुनवाई के माध्यम से कर सकते हैं। सभी को न्याय मिले, प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस करे, यही सरकार की मंशा है। विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ व्यक्ति को न्याय मिलना व दिखना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि माह में दो बार तहसील दिवस एवं थाना दिवस आयोजित किये जाये। यह सुनिश्चित हो कि ग्राम पंचायत की समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर हो जाए।इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • दिल्ली में केरल कांग्रेस के सांसद को पुलिसकर्मी ने मारा थप्पड़, दुर्व्यवहार करने का आरोप

    दिल्ली में केरल कांग्रेस के सांसद को पुलिसकर्मी ने मारा थप्पड़, दुर्व्यवहार करने का आरोप

     

    नई दिल्ली। केरल में चल रहे रेल प्रोजेक्ट के विरोध में केरल कांग्रेस के सांसदों ने गुरुवार को विजय चौक स्थित मीडिया लोन से संसद भवन तक तक पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन किया। शोर मचाते हुए संसद भवन की तरफ जाते देख पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रोका तब उनके बीच झड़प हो गई।
    सुबह करीब साढ़े 10 बजे करीब 10-12 कांग्रेसी सांसद अपनी अपनी गाड़ियों से विजय चौक स्थित मीडिया लोन के पास वहां गाड़ियां खड़ी करने के बाद सभी प्रदर्शन करते हुए पैदल संसद भवन की तरफ जाने लगे। प्रदर्शनकारियों का पैदल संसद भवन की तरफ जाने की अनुमति नहीं है इसलिए उन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में सांसद वहां जमा हुए थे। सांसद हिबी ईडन ने आरोप लगाया कि उन्हें एक पुलिस कर्मी ने थप्पड़ मारा। कई सांसदों ने पुलिस कर्मियों पर दुर्व्यवहार व हाथापाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की जांच कराने व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। केरल कांगेस के अध्यक्ष के सुधाकरन ने मामले की निंदा की और दिल्ली पुलिस के दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    मामले में दिल्ली पुलिस प्रवक्ता डीसीपी सुमन नलवा का कहना है कि कुछ लोग मलयालम में चिल्लाते हुए मीडिया लॉन से नॉर्थ फाउंटेन बैरिकेड्स पॉइंट पर आए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक लिया। उन्होंने सांसद होने का दावा किया और चिल्लाते रहे। उनसे आईडी दिखाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने अपना परिचय पत्र दिखाने से इंकार कर दिया। उसके बाद सांसदों की पहचान के लिए संसद के गेट नंबर एक पर सुरक्षा पिकेट से प्रोटोकॉल वालों को बुलाया गया। उन्होंने और सांसदों के साथ चलने वाले कर्मियों ने उनके सांसद होने की जानकारी दी जिसके बाद उन्हें संसद भवन के गेट नंबर 8 की तरफ़ जाने दिया गया। प्रवक्ता कि सांसदों के साथ हाथापाई की बात से इंकार किया है। बैरिकेड्स पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने केवल रोकने की कोशिश की क्योंकि सांसद शोर मचा रहे थे और अपनी पहचान बताए बिना संसद की ओर बढ़ रहे थे।

  • Election Results 2022: बीजेपी को 255 सीटों पर मिली जीत, सपा के खाते में 111 सीटें

    Election Results 2022: बीजेपी को 255 सीटों पर मिली जीत, सपा के खाते में 111 सीटें

    नई दिल्ली: Election Results 2022: भाजपा ने राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले राज्य उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अपनी सत्ता बरकरार रखी, जबकि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने तीन चौथाई बहुमत के साथ पंजाब में ‘‘प्रचंड जीत” हासिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बदौलत ‘नया इतिहास’ रचते हुए करीब तीन दशकों बाद उत्तर प्रदेश में निवर्तमान सरकार की सत्ता में वापसी हुई है.

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने देर रात राज्य की 403 सीटों में 402 सीटों पर चुनाव परिणाम घोषित कर दिए, जिनमें भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगियों के साथ 273 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है.  चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक हुई मतगणना में बीजेपी को 41.29 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी को 32.03 फीसदी और बहुजन समाज पार्टी को 12.88 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं. 

    राज्‍य के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ गोरखपुर शहर विधानसभा सीट पर करीब एक लाख से अधिक मतों के अंतर से चुनाव जीत गये हैं. हालांकि, उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी जिले की सिराथू सीट पर सात हजार से अधिक मतों से चुनाव हार गये. वहीं, राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत दर्ज की है. सपा के सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल ने आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मैनपुरी जिले की करहल सीट पर केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा उम्मीदवार प्रोफेसर एस पी सिंह बघेल को 67 हजार से अधिक मतों से पराजित कर दिया है. 

    हालांकि, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी बलिया की बांसडीह सीट से बीजेपी की केतकी सिंह से चुनाव हार गये. केतकी सिंह को 1,03,305 मत और चौधरी को 81,953 मत मिले. जसवंतनगर सीट पर समाजवादी पार्टी के शिवपाल सिंह यादव 1,59,718 मत पाकर चुनाव जीत गए और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के विवेक शाक्य को 68,739 मतों से संतोष करना पड़ा. राज्य सरकार के गन्ना मंत्री सुरेश राणा (थाना भवन), ग्राम्‍य विकास मंत्री राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह (पट्टी), खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी (फेफना) और बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी (इटवा) समेत राज्य सरकार के 11 मंत्री चुनाव हार गये हैं. 

    मथुरा में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने गाजियाबाद में एक लाख से अधिक मतों के अंतर से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है. राज्य सरकार के मंत्री सतीश महाना (महराजपुर), आशुतोष टंडन (लखनऊ पूर्व), सिद्धार्थनाथ सिंह (इलाहाबाद पश्चिम), नंद गोपाल गुप्ता नंदी (इलाहाबाद दक्षिण), सूर्य प्रताप शाही (पथरदेवा), मथुरा में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने गाजियाबाद में एक लाख से अधिक मतों के अंतर से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है. 

    उनके अलावा, रमापति शास्त्री (मनकापुर) जय प्रताप सिंह (बांसी) राम नरेश अग्निहोत्री (भोगांव), अनिल राजभर (शिवपुर), राज्‍य मंत्री रविंद्र जायसवाल (वाराणसी उत्तरी) नीलकंठ तिवारी (वाराणसी दक्षिणी), पल्‍टू राम (बलरामपुर) अजीत पाल (सिकंदरा), भी चुनाव जीत गये हैं. 

    उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम 202 सीटों की जरूरत है. निर्वाचन आयोग द्वारा बृहस्पतिवार रात करीब डेढ़ बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश की सभी 403 सीटों में 402 सीटों के परिणाम घोषित किये जा चुके हैं और इनमें बीजेपी ने 255 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है.

  • PunjabElectionsResult: ‘आइ लव यू पंजाब’, आपने कमाल कर दिया, जीत के बाद बोले अरविंद केजरीवाल

    PunjabElectionsResult: ‘आइ लव यू पंजाब’, आपने कमाल कर दिया, जीत के बाद बोले अरविंद केजरीवाल

    नई दिल्ली: #PunjabElectionsResult: ‘आइ लव यू पंजाब’, आपने कमाल कर दिया, जीत के बाद बोले अरविंद केजरीवालपंजाब में ऐतिहासिक जीत पर आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में जीत के जश्न में शामिल हुए और समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने कमाल कर दिया, आइ लव यू पंजाब। उन्होंने सरदार भगवंत मान को पंजाब का सीएम बनने की बधाई देते हुए कहा कि पहले दिल्ली में इंकिलाब हुआ, आज पंजाब में इंकिलाब हुआ, अब पूरे देश में इंकिलाब होगा। अपने इस नजरिए से केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करने के भी संकेत दे दिए। इसके साथ ही मन को व्यथित करने वाले दूसरे दलों के आरोपों पर भी अपनी बात कही। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में मुझे रोकने के लिए विरोधी दलों ने खूब षड्यंत्र रचे, मुझे आतंकी तक कह दिया, लेकिन आज जनता ने बता दिया कि केजरीवाल आतंकी नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाने वालों के लिए कहा कि आतंकवादी तुम लोग हो, जो सारे मिलकर देश को लूट रहे हो।
    केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 साल से अंग्रेजों वाला सिस्टम चल रहा था। आम आदमी पार्टी ने पिछले सात साल में यह सिस्टम बदला है। अब गरीबों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने लगी है और बाबा साहब व भगत सिंह का सपना पूरा होने लगा है। आज हम लोगों को संकल्प लेना है कि हम नया भारत बनाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि सारी महिलाएं, युवा, किसान, श्रमिक, व्यापारी और उद्योगपति सभी लोग आम आदमी पार्टी में शामिल हों। हम एक ऐसा भारत बनाएंगे, जहां कोई भूखा नहीं सोएगा और सभी सुरक्षित होंगे। आने वाला समय भारत का है और भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनने से अब कोई नहीं रोक सकता है।
    आप संयोजक ने कहा कि एक आम आदमी को लगता है कि मैं क्या कर सकता हूं। मैं तो बहुत छोटा हूं, लेकिन आपको पता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को आज भदौड़ से लाभ सिंह ने हराया है। लाभ सिंह मोबाइल रिपेयर करने वाली दुकान में नौकरी करते हैं। उनकी माता जी एक सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी का काम करती हैं। उनके पिता जी खेतों में मजदूरी करते हैं। नवजोत सिंह सिद्धू और विक्रम सिंह मजीठिया को हमारी एक महिला वालंटियर जीवन ज्योत कौर ने हरा दिया। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी में बड़ी ताकत है। मैं बार-बार कहता हूं कि इस आम आदमी को चुनौती मत दो, यह जिस दिन खड़ा हो गया, बड़े-बड़े इंकिलाब आ जाएंगे, बड़ी-बड़ी कुर्सियां हिल जाएंगी। सुखबीर सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रकाश सिंह बादल साहब, नवजोत सिंह सिद्धू व विक्रम सिंह मजीठिया हार गए।
    केजरीवाल ने पूरे देश के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपनी ताकत को पहचानो। खड़े हो जाओ, अब देश के अंदर इंकिलाब लाना है। अब और समय खराब नहीं करना है। आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं है, बल्कि यह इंकिलाब का नाम है। उन्होंने कहा कि लोगों ने बड़ा विश्वास किया है। इस विश्वास को हमें टूटने नहीं देना है। इसके साथ ही केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से अहंकार और गालीगलौज की राजनीति न कर शालीनता के साथ जनता के लिए काम करने का आह्वान किया। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज केजरीवाल के काम करने का जो माडल है, वो अब राष्ट्रीय हो गया है। बाबा साहब और भगत सिंह के सपने को पूरा करने का जो काम केजरीवाल जी ने शुरू किया है, उस पर आज पंजाब की जनता ने मुहर लगा दी है।

  • समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में महिलाओं ने लिया जमकर हिस्सा

    समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में महिलाओं ने लिया जमकर हिस्सा

    नोएडा। 15 दिसंबर को समाजवादी पार्टी के मंडल अध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में महिला मोर्चा का गठन किया गया साथ में समाजवादी पार्टी में लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। नोएडा समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक बिग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के  द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं और युवाओं को भी जोड़ने का कार्य मंडल अध्यक्ष को सौंपा और समाज समाजवादी पार्टी के पूर्व व आगामी विधायक प्रत्याशी सुनील चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला  मोर्चा सभी लोगों को  संबोधित किया। नोएडा सेक्टर 82 के पॉकेट 12 में हुए इस कार्यक्रम में उपस्थित समाजवादी पार्टी के उपाध्यक्ष संतोष यादव मंडल उपाध्यक्ष मुन्नी वार्ड उपाध्यक्ष मनोज भाटी महासचिव राजेश महालय सचिव कृपाल यादव रंजीत पटेल सचिव मुकेश पटेल महिला सचिव प्रतिमा पाठक उषा पांडे  कार्यकर्ता रमेश चंद रफीक खान बरकत अली खालिद खान सचिव खेमचंद मौजूद रहे। 

    नोएडा से प्रमोद दीक्षित की रिपोर्ट

     

     

  • योगी के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का लोकार्पण,  पीएम मोदी ने विरोेधियों को बताया ‘रेड अलर्ट’

    योगी के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का लोकार्पण, पीएम मोदी ने विरोेधियों को बताया ‘रेड अलर्ट’

    गोरखपुर। गोरखपुर जिले के विकास के सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 हजार करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट खाद कारखाना, एम्स और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों  फर्टिलाइजर कैंपस में  8603 करोड़ रुपये की हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल)  खाद कारखाने 1000 करोड़ रुपये की अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और 36 करोड की लागत से बने बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस जांच रीजनल मेडिकल रीसर्च सेंटर  का लोकार्पण किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता की तरफ से खाद कारखाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संघर्ष से  22 जुलाई 2016 को गोरखपुर में एचयूआरएल के खाद कारखाने का शिलान्यास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संघर्ष को परिणामजन्य बनाया था। करीब 600 एकड़ में 8603 करोड़ रुपये की लागत से खाद कारखाना तमाम खूबियों के साथ बनकर तैयार किया गया है।

     प्राक्रतिक गैस आधारित प्लांट में प्रतिवर्ष 12.7 लाख मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा।  इस मौके पर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सांसद गोरखपुर रवि किशन, राम त्रिपाठी देवरिया सांसद, कमलेश पासवान, हरीश द्विवेदी, पंकज  चौधरी, सूर्य प्रकाश , स्वामी प्रसाद मौर्य, जयप्रकाश निषाद, संजय निषाद, अनसूया पटेल, प्रवीण निषाद, समाजसेवी इंजीनियर गिरजेश भास्कर, श्री राम प्रधान, चंद्रहास, रामनाथ यादव गुलाब तिवारी जैसी हस्तियां मौजूद रहीं। 

    निवेशक दिल खोलकर कर रहे निवेश
    प्रधानमंत्री ने कहा, आज हमारी सरकार ने सरकारी गोदाम गरीबों के लिए खोल दिए हैं और योगी जी हर घर अन्न पहुंचाने में जुटे हैं. इसका लाभ यूपी के लगभग 15 करोड़ लोगों को हो रहा है. हाल ही में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को, होली से आगे तक के लिए बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा, पहले की सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देकर यूपी का नाम बदनाम कर दिया था. आज माफिया जेल में हैं और निवेशक दिल खोल कर यूपी में निवेश कर रहे हैं. यही डबल इंजन का डबल विकास है. इसलिए डबल इंजन की सरकार पर यूपी को विश्वास है.

    लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब
    पीएम मोदी ने कहा, आज पूरा यूपी भली-भांती जानता है कि लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब रहा है, आपकी दुख-तकलीफों से नहीं. लाल टोपी वालों को सत्ता चाहिए, घोटालों के लिए, अपनी तिजोरी भरने के लिए, अवैध कब्जों के लिए और माफियाओं को खुली छूट देने के लिए. उन्होंने कहा कि लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए और आतंकियों को जेल से छुड़ाने के लिए. और इसलिए, याद रखिए, लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं यानि खतरे की घंटी.

    गोरखपुर से संदीप गुप्ता की रिपोर्ट

     

  • सामाजिक सरोकारों से प्रेरित जाति जनगणना की मांग, राजनीतिक नहीं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    सामाजिक सरोकारों से प्रेरित जाति जनगणना की मांग, राजनीतिक नहीं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    हाल ही में संसद में केंद्र के एक बयान से जाति जनगणना की नई मांग शुरू हो गई है कि केवल एससी और एसटी की आबादी का पता लगाने की कवायद विचाराधीन है।

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जाति आधारित जनगणना के लिए उनकी मजबूत पिच राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से प्रेरित है। यहां अपने साप्ताहिक जनसंपर्क कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए कुमार, जो जनता दल (यूनाइटेड) के वास्तविक नेता हैं, ने यह भी खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलने का समय मांगने वाला उनका पत्र पिछले सप्ताह भेजा गया था और एक उसी के जवाब का इंतजार था।

    मुझे पता चला है कि मेरा पत्र 4 अगस्त को प्रधान मंत्री कार्यालय पहुंचा था। मैं प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूं, कुमार ने कहा। उन्होंने इस सुझाव पर सहमति व्यक्त की थी कि उन्हें राज्य के सभी दलों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मोदी से मिलना चाहिए।

    यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह एक सामाजिक मुद्दा है। एक कारण है कि मांग (जाति जनगणना के लिए) कई राज्यों में गूंज रही है। एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए हम सहमत होने का कारण यह है कि बिहार में इस मुद्दे पर एकमत है। उन्होंने कहा कि इस आशय के प्रस्ताव विधायिका में सर्वसम्मति से दो बार पारित किए जा चुके हैं। हाल ही में संसद में केंद्र के एक बयान से जाति जनगणना की नई मांग शुरू हो गई है कि केवल एससी और एसटी की आबादी का पता लगाने की कवायद विचाराधीन है।

    इससे बिहार की राजनीति में एक मंथन हुआ है, जहां कुमार और उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी लालू प्रसाद सहित अधिकांश प्रमुख राजनीतिक नेता संख्यात्मक रूप से शक्तिशाली ओबीसी से संबंधित हैं। प्रसाद की राजद, अनुमानित रूप से, कुमार के रूप में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों की गणना करने के पक्ष में है। भाजपा, जिसने पूर्व में राज्य स्तर पर इस मांग का समर्थन किया था, अब अपने शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपनाए गए एक अलग रुख को देखते हुए समान प्रतीत होती है। कुमार ने फिर भी जोर देकर कहा, हमें केंद्र के सामने यह बताना चाहिए कि हम इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं और क्या महसूस करते हैं। यह केंद्र को तय करना है कि वह हमारी दलील को स्वीकार करे या नहीं। पिछली बार 1931 में एक जाति जनगणना हुई थी। एक नई कवायद से वंचित वर्गों को अधिक प्रभावी तरीके से सुशासन के फल लाने में मदद मिलेगी।

    यह देखते हुए कि मंडल आयोग की सिफारिशों के अनुसार ओबीसी के लिए आरक्षण का कार्यान्वयन इसके निहितार्थों में गहरा रहा है, कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए कोटा के माध्यम से लैंगिक असमानता को कम करने के प्रयासों के साथ इसका पालन करने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि कोई विकल्प नहीं बचा है, तो उनकी सरकार जातियों का एक राज्य-विशिष्ट सर्वेक्षण करने पर विचार कर सकती है, हालांकि जनगणना, जिसकी शर्तें केवल केंद्र द्वारा तय की जा सकती हैं, सबसे बेहतर विकल्प होगा।

  • वोट सभी को चाहिए लेकिन जनता के सवालों का जवाब कोई नहीं देना चाहता!

    वोट सभी को चाहिए लेकिन जनता के सवालों का जवाब कोई नहीं देना चाहता!

    आज के दौर में देश के वर्तमान हालात पर जरुर चर्चा होनी चाहिए। महंगाई, बेरोजगारी, कोरोना से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा किए जाने की जरुरत है। न्यूज चैनल, अखबार और पत्रिकाओं के माध्यम से जनता को सजग और आगाह भी करने की जिम्मेदारी हमीं लोगों पर है। केंद्र और राज्य सरकारें जनता के प्रति जिम्मेदारी कितनी निभानें कामयाब हुई हैं और शपथ लेने वाले उच्च पदों पर असीन जैसे- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों समेत सभी जन प्रतिनिधि ने जनहित में क्या कार्य किए इस पर पब्लिक बहस होनी चाहिए।

    इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस सिलेंडर और खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से जनता को कितना परेशानी हो रही है। इस पर भी बहस होनी चाहिए। इनके दाम क्यों बढ़े और जनता से इससे राहत क्यों नहीं मिल रही है इसका जवाब केंद्र और राज्य सरकारों को देना चाहिए। जो जनता हर चीज खरीदने पर सरकारों को टैक्स दे रही है उसका उपयोग कितना सार्थक तरीके से किया जा रहा है यह सभी जो जानने का हक है।

    अब बात करते हैं नेताओं और उनके द्वारा किए गए वादों पर। महंगाई, भ्रष्टाचार और लोकलुभावने वादे कर सत्ता में आने वाले नेताओं को यह बताना चाहिए कि पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने के पीछे की वजह क्या है। जब वह विपक्ष में थे तो सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतरते थे अब क्यों वह बोल नहीं रहे हैं। मैं ऐसे कई नेताओं को जानता हूं जिनकी पार्टी सत्ता में आ गई है और वे मंत्री या संगठन में बड़े पद हैं लेकिन मौन हैं। क्या यह जनता के साथ धोखा नही है। उदाहरण के लिए अगर किसी विधायक या सांसद को बोला जाए कि उन्हें सरकार में मंत्री बनाया जाएगा। सरकार बनने के बाद मंत्री तो दूर उन्हें उनके हक से भी वंचित किया जाए तो कैसा लगेगा। अब बात करते हैं विपक्ष की। जब वे सरकार में थे तो महंगाई पर कुछ नहीं बोलते थे अब वे सड़कों पर हैं। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए पहले वे चुप क्यों थे और अब उन्हें जनता की फिक्र क्यों हैं। कहीं वह राजनीतिक रोटी तो नहीं सेंक रहे या फिर जले पर नमक तो नहीं छिड़क रहे। वोट तो दिए अब भुगतो..।

    अब बात करते हैं कोरोना के टीकाकरण की। अस्पतालों, सार्वजनिक जगहों और मीडिया संस्थानों को दिए गए विज्ञापन में मुफ्त टीकाकरण का जोरशोर से प्रचार किया जा रहा है। बहुत से लोगों की शिकायत है कि उन्हें टीके के लिए स्लाट नही मिल रहा है। अस्पताल जाने पर बोला जाता है कि टीका खत्म है। जब थोड़ा बहुत टीका आ जाता है तो भीड़ इतनी लगती है कि पूछो मत। क्या पोलिया अभियान की तरह कोरोना का टीका भी घर-घर नही लगाया जा सकता। इससे भीड़ से बचाव के साथ ही कोरोना के खतरे को भी कम किया जा सकता है। मेरे कई जानने वालों ने मुझे फोन कर कहा कि टीका लगवा दीजिए। जब हमनें किसी जानने वाले को फोन किया तो पता चलता है एक-दो दिन रुक जाओ अभी टीका खत्म है। लोगों की शिकायत है जितना विज्ञापन पर पैसे खर्च किए जा रहे हैं उतना वैक्सीन पर हो तो लोगों को परेशान न होना पड़े। वैक्सीन वास्तव में उपलब्ध है या नहीं खैर यह तो जांच का विषय है।

    अरोग्य सेतु एप से लोगों को कितना फायदा हुआ यह भी सरकार को बताना चाहिए। अगर यह ऐप कोरोना से बचाव के लिए बनाया गया था तो इतनी भीषण तबाही कैसे हुई। अगर कारगर साबित नहीं हुआ तो क्यों। ताकि कमी को दूर कर भविष्य के लिए तैयारी की जा सके। अक्सर सरकारें चुनाव नजदीक होने पर मेडिकल हॉस्पिटल व प्राथमिक अस्पतालों की घोषणाएं करती रही हैं। सत्ता में आने पर उसका कितना बनवाए और कितना लाभ मिला यह भी जनता को बताना चाहिए। राज्यों में जिसकी भी सरकारें हैं अक्सर मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगते हैं। इसकी भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। संसद में पिछले दिनों कहा गया ऑक्सीजन से कोई मौत नही हुई। जहां तक मुझे पता है जनता चाहे वह किसी भी पार्टी को वोट देती हो यह स्वीकार करने को तैयार नहीं। फिर क्यों जले पर नमक छिड़का जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान शायद ही कोई बचा होगा जो बीच के किसी को न खोया हो। इलाज के अभाव और ऑक्सीजन की कमी से मौत के लिए सभी जिम्मेदार सरकारों को जनता से माफी मांगनी चाहिए। अगर कोई काम ठीक से हो सका तो जनता को उसकी वजह बताकर यह विश्वास दिलाना चाहिए आगे से ऐसा नही होगा।

    अब बात करते हैं सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है या नहीं। आजकल बारिश का मौसम है। जगह-जगह जलभराव की शिकायतें मिल रही हैं। जिस भी क्षेत्र या शहर को स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है वहां भी जलजमाव की शिकायतें है। उच्च पदों पर आसीन लोगों को यह बताना चाहिए कि स्मार्ट सिटी बनाने के दौरान जो वादे किए गए थे वह कहां गए। जब जनता टैक्स दे रही है तो वह समस्याएं क्यों झेले। आखिर टैक्स के पैसे कहां इस्तेमाल हो रहे हैं। रोड खराब, सरकारी अस्पताल और सरकारी स्कूलों की बदतर हालत क्यों है। जब नेता सरकारी आवास, बिजली पानी और तमाम सुविधाएं ले रहे हैं तो सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को क्यों नहीं पढ़ाते। बीमार होने पर सरकारी अस्पतालों में इलाज क्यों नहीं कराते। कुछ जाने-माने सरकारी अस्पतालों को छोड़ दें तो शेष सरकारी अस्पतालों में नेता और उनके परिजन क्यों नहीं जाते। इसका कारण भी जनता को बताना चाहिए या फिर कोई भी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने से इनकार कर देना चाहिए। जनता के टैक्स से करोड़पति नेताओं को कोई भी सुविधा नही मिलनी चाहिए। क्योंकि वह उस योग्य हैं अपने खर्च का वहन स्वंय कर सकते हैं। ऐसा मेरा मत है। पांच साल तक सांसद, विधायक रहने के बाद मिलनी वाली सुविधाएं और पेंशन भी बंद होनी चाहिए। देश के लिए सर्वोच्य बलिदान देने वाला महान है या नेता। सेना में कार्यरत सभी को सब मुफ्त मिलनी चाहिए और सम्मान भी।

    देश में बेरोजगारी दर कितनी बढ़ी इस भी चर्चा होनी चाहिए। महंगाई से परेशान जनता के लिए सरकार क्या कर रही है। यह सभी के समक्ष रखनी चाहिए। सरकारी संस्थानों को प्राइवेट के हाथों में सौंपने के पीछे की वजह भी जनता को बतानी चाहिए। क्या सरकार से ज्यादा योग्य प्राइवेट संस्थान हैं।

    अब बात करते हैं विपक्ष की भूमिका पर। जासूसी कांड को लेकर विपक्ष संसद नही चलने दे रही। अच्छा होता वह पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई को लेकर सदन में सरकार को घेरती और कीमतें कम करने के लिए सरकार पर दबाव बनाती। इससे जनता की सहानभूति भी मिलती और सहयोग भी। जासूसी किसकी हुई और किसकी नहीं हुई इससे विपक्ष शायद इसलिए परेशान है कि क्योंकि वह उससे जुड़ा मुद्दा है। तो क्या जनता के वोट से सांसद बने लोग अपने हित की बात ही सदन में रखेंगे। अगर ऐसा है तो वह शपथ क्यों लेते हैं। जब केद्र सरकार कह रही है जासूसी नहीं हुई तो उसे विपक्ष की मांगे मानने में क्या दिक्कत है। अगर कोई जासूसी नहीं हुई तो केंद्र सरकार को भी जांच करवाकर जनता को बताना चाहिए कौन सच्चा है और कौन झूठा।

    इस खबर के लेखक टीवी पत्रकार मंगल यादव जी हैं जो समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय खुल कर रखते है। 

  • बिकरु कांड : बसपा ने बड़ा ब्राह्मण कार्ड खेला, खुशी दुबे का मुकदमा लड़ेंगे सतीश मिश्रा

    बिकरु कांड : बसपा ने बड़ा ब्राह्मण कार्ड खेला, खुशी दुबे का मुकदमा लड़ेंगे सतीश मिश्रा

    उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही दलित और ब्राह्मण वोटर्स को अपनी तरफ साधने की कोशिश में जुट गई हैं। बीते साल हुए बिकरू कांड में पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे का मुकदमा बसपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा लड़ेंगे।

    पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था अमर दुबे

    बीते साल 2 जुलाई 2020 को कुख्यात बिकरू नरसंहार से ठीक तीन दिन पहले खुशी की शादी अमर दुबे (विकास के चचेरे भाई) से हुई थी। बिकरू में नौ पुलिसकर्मी मारे गए थे। फिर पुलिस ने 11 दिन बाद 13 जुलाई को अमर दुबे को मुठभेड़ में मारा दिया था। पुलिस ने खुशी दुबे के उपर विकास दुबे के गिरोह का सदस्य होने का आरोप लगाया गया था। इसे पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। फिर किशोर न्याय बोर्ड ने उसे नाबालिग करार दे दिया था और फिर खुशी कानपुर जेल से बाराबंकी महिला आश्रय गृह भेज दी गई। नाबालिग करार देने के बाद भी खुशी को जमानत नहीं मिली थी।

    शिवकांत दीक्षित लड़ रहे हैं खुशी दुबे का केस

    इस मामले को लेकर खुशी के परिजनों ने कानपुर देहात की विशेष अदालत में हलफनामा पेश कर दावा किया था कि वह नाबालिग है। इस केस को पहले से खुशी दुबे के अधिवक्ता शिवकांत दीक्षित लड़ रहे हैं। अब बसपा के इस बयान के बाद उन्होंने कहा- मुझे किसी पार्टी विशेष में दिलचस्पी नहीं है। खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई में यदि कोई हमारा साथ देना चाहता है तो उसका स्वागत है। हालांकि, मुझसे अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है

    ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारी

    बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत अयोध्या से 23 जुलाई को होगी। बसपा ने अपने ब्राह्मण चेहरे सतीश चन्द्र मिश्रा को लेकर ब्राह्मणों को एकत्र करने कोशिश की है।प्रदेश के 18 मंडलों के अलावा सभी जिलों में भी ब्राह्मण सम्मेलन होगा। अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन के लिए स्थान अभी तय नहीं है। अयोध्या में आयोजन की जिम्मेदारी बसपा नेता करुणाकर पांडे को दी गई है।