Category: राजनीति

  • PM Narendra Modi को Donald Trump ने कहा सबसे “अच्छा मित्र”

    PM Narendra Modi को Donald Trump ने कहा सबसे “अच्छा मित्र”

    Narendra Modi:डोनाल्ड ट्रंप ने की प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक अच्छा “दोस्त” और सबसे अच्छा इंसान बताया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक अच्छा दोस्त और सबसे अच्छा इंसान बताया है।

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi की तारीफ की हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने मोदी को सबसे अच्छा मित्र और महान नेता बताया ट्रंप के अनुसार मोदी के साथ उनकी दोस्ती बहुत ही खास और बहुत ही अच्छी है वह भारत के प्रति अपने समर्पण और नेतृत्व के लिए हमेशा उनकी सराहना करते रहते हैं ट्रंप ने कहा नरेंद्र मोदी एक अद्भुत इंसान है और वह मेरे बहुत ही अच्छे मित्र हैं वरना केवल भारत बल्कि दुनिया भर में एक सम्मानित नेता है और उनकी दूरदर्शिता और देशभक्ति ने भारत को एक नई दिशा दी है। 

    PM Narendra Modi

    Narendra Modi और ट्रंप का स्नेह

    मोदी और ट्रंप के बीच की दोस्ती उसे समय से मजबूत होती आई है जब ड्रम अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे उनके कार्यकाल के दौरान दोनों नेताओं ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक दूसरे का साथ दिया है जिसमें व्यापार सुरक्षा और आतंकवाद जैसे बड़े-बड़े मुद्दे प्रमुख थे।

    ट्रंप ने में बयान से यह स्पष्ट होता है कि उनके और नरेंद्र मोदी के बीच की संबंध व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर बहुत ही गहरी है दोनों नेता अपने-अपने देश की प्रगति के लिए एक दूसरे का साथ हमेशा देते हैं और यह दोस्ती भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है।

    मोदी की नेतृत्व क्षमता और उनके द्वारा किए गए भारत में वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के प्रयासों को लेकर ट्रंप ने यह कहा कि भारत की कूटनीतिक स्थिति आज कितनी मजबूत हो चुकी है डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों को और भी मजबूत बन सकता है।

  • Haryana Jammu and Kashmir चुनाव परिणाम:  हरियाणा में BJP और जम्मू कश्मीर में Congress-NC

    Haryana Jammu and Kashmir चुनाव परिणाम: हरियाणा में BJP और जम्मू कश्मीर में Congress-NC

    Haryana Jammu and Kashmir के चुनाव परिणाम 2019 में बेहद दिलचस्प रहे इन दोनों राज्यों ने अलग-अलग पार्टियों के अपनी पकड़ मजबूत की, और यह चुनाव परिणाम भविष्य में राजनीति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए हरियाणा में BJP  ने जहां बेहतर प्रदर्शन किया वहीं Jammu and Kashmir में Congress NC का गठबंधन प्रमुख रहा।

    Haryana में भाजपा का प्रदर्शन 

    2019 के हरियाणा Assembly Election में BJP ने  अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया, राज्य में कुल 90 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने कुल 40 सिट  मिला जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 46 सीटों से कुछ काम थी। हालांकि BJP  ने पहले से ही अपने गठबंधन सहयोग JJP के साथ मिलकर सरकार बनाई JJP के 10 सिट जीतने के बाद दोनों पार्टियों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    BJP का Main Focus था mission 75+ लेकिन वह इस लक्ष्य को पूरा न कर सके। बावजूद इसके 2019 के लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद BJP  का प्रदर्शन राज्य में काफी संतोषजनक रहा, BJP ने अपने चुनावी अभियान के दौरान राष्ट्रीय मुद्दों जैसे धारा 370 की समाप्ति surgical strike और PM Narendra Modi  की लोकप्रियता पर जोर दिया।

    Congress की चुनौतियां 

    Haryana Jammu and Kashmir: Congress पार्टी ने Haryana  में BJP को कड़ी टक्कर दी कांग्रेस के नेतृत्व में राज्य में चुनावी माहौल काफी रोचक रहा Bhupinder Singh Hooda ने कांग्रेस के प्रचार की कामना संभाली थी और पार्टी को मजबूत बनाने की कोशिश की कांग्रेस को 31 सिट मिला जो पिछली बार की तुलना में बहुत ही बेहतर प्रदर्शन रहा, लेकिन पार्टी सरकार बनाने के लिए आवश्यक सिटे नहीं जुटा पाई।

    Haryana में कांग्रेस प्रमुख मुद्दा यह था बेरोजगारी,किसन संकट और कानून व्यवस्था।Bhupinder Singh Hooda  ने किसानों और जाट समुदाय की मांगों पर जोर दिया लेकिन कांग्रेस को आपसी कलह और leadership की कमी के कारण चुनाव में थोड़ा नुकसान हुआ इसके बावजूद Congress का प्रदर्शन बहुत ही सराहनीय था और और पार्टी राज्य की राजनीति में एक प्रमुख विपक्ष के रूप में उभर रही है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    Haryana Jammu Kashmir में कांग्रेस एनसी का प्रभाव 

    Haryana Jammu Kashmir जम्मू कश्मीर में 2019 के चुनाव नतीजे ने कांग्रेस और एनसी को प्रमुख रूप से उभरते हुए देखा है इन चुनाव के दौरान राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुद्दा गर्मी हुआ था और इस मुद्दे ने चुनावी समीकरणों को काफी हद तक प्रभावित किया है कांग्रेस और एनसी का गठबंधन राज्य में जनता के बीच एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरता हुआ दिखा अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद कई लोग BJP के खिलाफ थे और इस माहौल का फायदा कांग्रेस और एनसी ने उठाया, Farooq Abdullah और  उनके बेटे Amar Abdullah  370 की बहाली और Jammu Kashmir की विशेष स्थिति को मुख्य मुद्दा बनाया उनकी एक रणनीति ने उन्हें घाटी में बड़ी जीत दिलाई है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    Haryana Jammu Kashmir  के चुनाव परिणाम National Politics में भी खास मायने रखते हैं, Haryana  में BJP का फिर से सत्ता में आना राज्य में और स्थिरता लाने का संकेत देती है।लेकिन यह भी साफ है कि BJP को अब अधिक ध्यान राज्य के स्थानीय मुद्दों पर देना होगा जैसे बेरोजगारी और  किसानकी समस्याएं, दूसरी ओर Jammu and Kashmir के चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है की धारा 370 का मुद्दा अभी भी राज्य की Politics  में महत्वपूर्ण है Congress-NC का गठबंधन जनता की नवस को पहचानने में सफल रहा और यह देखना दिलचस्प होगा कि central government के साथ इनका रिश्ता किस दिशा में ले जाता है।

    आने वाले समय में, इन चुनाव के परिणाम के आधार पर BJP और Congress जैसी बड़ी पार्टीयो के रणनीतियों में बदलाव करेगी, जिसमें आगामी चुनाव में और भी दिलचस्प नतीजे देखने को मिलेंगे।

     

     

     

  • Haryana:सियासी अखाड़े में फाइट में विनेश फोगाट BJP को पटकनी देती दिख रही

    Haryana:सियासी अखाड़े में फाइट में विनेश फोगाट BJP को पटकनी देती दिख रही

    Haryana: Haryana के जींद जिले की जुलाना Assembly सीट पर वोटो की गिनती शुरू हो गई है, यहां से Congress की चर्चित पहलवान दिनेश फोगाट को मैदान में उतारा है। उनकी लड़ाई BJP के योगेश बैरागी से है जो 2019 के विधानसभा चुनाव चुनाव में यहां से अमरजीत दादा ने जीत दर्ज की थी।

    विनेश फोगाट का नाम कुश्ती में बड़ा सम्मानित है, वह एक ऐसी महिला खिलाड़ी है जिन्होंने International स्तर पर India का नाम रोशन किया है उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प और लगन ने उन्हें एक प्रेरणा बना दिया है, अब जब वह Politics में कदम रख रही है तो उनकी लोकप्रियता और जन समर्थन BJP को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

    Haryana: Vinesh Phogat

    Haryana Assembly Result 2024 जुलाना seat विनेश फोगाट

    हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए वोटिंग 5 अक्टूबर को हुई थी, आज 8 अक्टूबर को 8:00 बजे से शुरू हो गई मतगणना, 5 अक्टूबर को सभी सीटों पर हुई थी वोटिंग।

    Haryana के जींद जिले के अंदर पांच विधानसभा seat आती हैं, जो सभी सीटों पर करीब 66.02% वोटिंग हुई है जुलाना में सीधा मुकाबला Congress प्रत्याशी विनेश फोगाट और BJP के योगेश बैरागी के बीच हुआ है।

    Haryana: महिला मतदाताओं का असर

    Haryana में विनेश फोगाट की Politics में आना एक महिला मतदाताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है, वह एक खुद महिला होने के नाते महिलाओं के मुद्दे को समझती है, और उनकी आवाज बन सकती है। उनके खेल के मैदान में संघर्ष और जीत की कहानी महिलाओं को इतना प्रेरणादाई रही है, कि अब वह Politics में भी उनका यही व्यक्तित्व उन्हें महिलाओं के वोटरों के बीच लोकप्रिय बनता हैं।

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    Haryana: विनेश फोगाट की Politics में entry को सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है,उनकी लोकप्रियता और जन समर्थन के चलते BJP को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, अब यह देखना होगा कि Vinesh Phogat की सियासी यात्रा कितनी सफल होती है ,और BJP इस चुनौती का सामना किस तरह से करती है।

  • Haryana gets new dawn: Vinesh Phogat’s Congress leads in Exit Poll (हरियाणा को मिला नया सवेरा : एग्जिट पोल में  विनेश फोगाट की कांग्रेस को बढ़त )

    Haryana gets new dawn: Vinesh Phogat’s Congress leads in Exit Poll (हरियाणा को मिला नया सवेरा : एग्जिट पोल में विनेश फोगाट की कांग्रेस को बढ़त )

     Haryana की राजनीति में बदलाव की एक नई लहर एक बार फिर देखने को मिल रही है। इस बार एक्जिट पोल के नतीजे चर्चा का केंद्र बने हुए हैं भारतीय कुश्ती की स्टार खिलाड़ी और ओलंपियन Vinesh Phogatकी कांग्रेस में एंट्री और उनके लोकप्रियता ने Haryana की सियासत को नए रंग में रंग दिया है एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस को बड़ी बढ़त  मिलती दिखाई दे रही है,  इसका पूरा श्रेय काफी हद तक Vinesh Phogat की राजनीति में एंट्री को दिया जा रहा है। इस बदलाव को Haryana के राजनीति भविष्य के रूप में देखा जा रहा है जहां एक नई उम्मीद और नई रणनीति और एक नई दिशा की बातें हो रही हैं ।

    Haryana Assembly Election

     Haryana: Vinesh Phogat की राजनीति में एंट्री

     Vinesh Phogat को किसी इंट्रोडक्शन की आवश्यकता नहीं है। वह न केवल कुश्ती के क्षेत्र में , और बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और अधिकारों की बातों में भी एक प्रेरणा स्रोत रही है। उनकी खेल में उपलब्धियां और मजबूत व्यक्तित्व ने उन्हें जनता के दिलों में जगह बनाई है। जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का फैसला किया तो यह कदम हर किसी के लिए चौंकाने वाला था, लेकिन कांग्रेस के लिए एक नया चेहरा और कांग्रेस की नई उम्मीदें हैं।

    Vinesh Phogat

    Haryana में कांग्रेस की रणनीति और विनेश फोगाट की भूमिका

    Haryana में कांग्रेस ने विनेश फोगाट के साथ अपनी चुनावी रणनीति को और भी मजबूत किया। फोगाट परिवार Haryana में बेहद सम्मानित और उनकी खेल की उपलब्धियां से उन्होंने जनता का दिल जीत हुआ है। कांग्रेस ने इस बात को समझते हुए वेनिस फोगाट को अपने चुनावी अभियान में प्रमुख भूमिका दी है , विनेश फोगाट को न केवल Haryana में कांग्रेस के चुनावी चेहरे के रूप में उभरी है , बल्कि वह महिलाओं युवाओं और किसानों के बड़े से बड़े मुद्दे पर भी खुलकर बात कर रही हैं।

    Haryana में एग्जिट पोल में बढ़त का अर्थ

    इस एग्जिट पोल की बढ़त चुनाव के जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Haryana की राजनीति दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। वर्षों से यह पारंपरिक राजनीतिक दलों और उनके नेताओं का वर्चस्व रहा है ।लेकिन अब जनता बदलाव चाहती है ,विनेश फोगाट की नई उम्मीद नई ऊर्जा और एक नई सोच,युवा सोच और महिलाओं के लिए काम करने का उनका जज्बा उन्हें इस बदलाव का प्रतीक मानता है।

     

  • Modi Cabinet 3.0: ना दबाव काम आया ना ही है किसी तरह का अभाव, ऐसा है मोदी का नया मंत्रिमंडल

    Modi Cabinet 3.0: ना दबाव काम आया ना ही है किसी तरह का अभाव, ऐसा है मोदी का नया मंत्रिमंडल

    Modi Cabinet 3.0:लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बीजेपी ने उम्मीद से कम 240 सीटों पर जीत हासिल की, जिससे वह बहुमत के आंकड़े 272 से 32 सीटें पीछे रह गई। राजनीतिक विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि इस स्थिति में सहयोगी दलों का प्रभाव बढ़ेगा और वे दबाव बनाएंगे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व हमेशा से दबाव की राजनीति से परे रहा है। राष्ट्रपति भवन में रविवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में यह साफ दिखा कि मोदी के बिना यह मुमकिन नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा 71 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की, जिनमें से केवल 11 सहयोगी दलों से हैं।

    दबाव की राजनीति से स्वतंत्र मोदी 3.0

    बीजेपी ने 71 मंत्री पदों में से 60 पद अपने पास रखे हैं। इनमें 25 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 32 राज्य मंत्री शामिल हैं। बीजेपी के मौजूदा लोकसभा सांसदों की संख्या के हिसाब से यह 25% है। सहयोगी दलों ने शपथ ग्रहण से पहले अपनी मांगें रखी थीं, लेकिन मोदी ने अपने कड़े रुख से उन्हें संतुलित किया। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने दावा किया था कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का ऑफर किया है, जिसे दबाव की राजनीति के हिस्से के रूप में देखा गया।

    पुराने और अनुभवी चेहरे बरकरार

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी निवर्तमान मंत्रिपरिषद के 19 कैबिनेट मंत्रियों समेत 34 मंत्रियों को बरकरार रखा है। इनमें राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर शामिल हैं, जो अनुभव और निरंतरता को दर्शाता है। अन्नपूर्णा देवी को राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है, जबकि एल. मुरुगन को दोबारा मंत्री बनाया गया है, जो पहले राज्यसभा सदस्य थे। कुछ मंत्रियों को अंतराल के बाद वापस लाया गया है, जैसे भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा, जुएल ओराम और अजय टम्टा।

    पेशेवरों का मिश्रण

    मोदी की 72 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में 30 कैबिनेट मंत्रियों में से छह वकील, तीन एमबीए धारक और 10 स्नातकोत्तर हैं। कानून की डिग्री रखने वालों में नितिन गडकरी, जे पी नड्डा, पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल, भूपेंद्र यादव और किरेन रीजीजू शामिल हैं। स्नातकोत्तर डिग्रीधारी मंत्रियों में राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, एस. जयशंकर, धर्मेंद्र प्रधान, डॉ. वीरेंद्र कुमार, मनसुख मांडविया, हरदीप सिंह पुरी, अन्नपूर्णा देवी और गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हैं।

    जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन

    प्रधानमंत्री मोदी की नई टीम में 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं। सभी मंत्री देश के 24 राज्यों और विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मोदी के इस नए मंत्रिमंडल में 21 सवर्ण, 27 ओबीसी, 10 एससी, 5 एसटी और 5 अल्पसंख्यक मंत्री शामिल हैं। इसमें 18 वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हैं, जो विभिन्न वर्गों और समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    निरंतरता और अनुभव पर जोर

    भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली, जो यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री निरंतरता और अनुभव पर जोर दे रहे हैं। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, अश्विनी वैष्णव, वीरेंद्र कुमार, प्रह्लाद जोशी, गिरिराज सिंह और जुएल उरांव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नया मंत्रिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न केवल अनुभवी है बल्कि पेशेवर और विभिन्न जातिगत समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाला भी है। यह मंत्रिमंडल दर्शाता है कि मोदी सरकार दबाव की राजनीति से मुक्त होकर आगे बढ़ रही है और विकास व सशक्तिकरण के अपने एजेंडे पर कायम है।

  • Loksabha Election Result 2024: नोएडा की लोकसभा सीट पर डॉ. महेश शर्मा ने रचा नया इतिहास

    Loksabha Election Result 2024: नोएडा की लोकसभा सीट पर डॉ. महेश शर्मा ने रचा नया इतिहास

    #Loksabha Election Result 2024नोएडा (गौतमबुद्धनगर): उत्तर प्रदेश की नोएडा लोकसभा (गौतमबुद्धनगर) सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पांच लाख 55 हजार वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह जीत उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

    अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया डॉ. महेश शर्मा ने डॉ. महेश शर्मा ने नोएडा की सीट पर जीत की हैट्रिक दर्ज की है, जिसमें उन्होंने अपने ही दो पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा है। 2014 में 2 लाख 80 हजार वोटों से और 2019 में 3 लाख 36 हजार 922 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इस बार उनकी जीत का अंतर अब तक का सबसे बड़ा है।

    नोएडा सीट का इतिहास वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में नोएडा (गौतमबुद्धनगर) सीट पहली बार अस्तित्व में आई थी। तब बसपा के सुरेन्द्र सिंह नागर 2 लाख 45 हजार 613 वोटों से जीते थे। 2009 से पहले यह सीट खुर्जा लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती थी।

    चुनावी विश्लेषण चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, इस बार की जीत एकतरफा रही है। भाजपा के डॉ. महेश शर्मा को छोड़कर बाकी सभी 15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है।

  • Loksabha Election 2024: एपी पाठक का चंपारण भ्रमण, एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान

    Loksabha Election 2024: एपी पाठक का चंपारण भ्रमण, एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान

    Loksabha Election 2024: एपी पाठक, जो पहले एक वरिष्ठ नौकरशाह थे और अब भाजपा के नेता और बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक हैं, इन दिनों चंपारण के दौरे पर हैं। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पश्चिम चंपारण और वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्रों के एनडीए प्रत्याशियों डॉ. संजय जायसवाल और सुनील कुमार के समर्थन में जनसंपर्क अभियान चलाना है। 16 मई और 17 मई को वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र के इंग्लिसियां, परसौनी और लॉरिया में तथा पश्चिम चंपारण लोकसभा क्षेत्र के चनपटिया, सतवरिया, सवैया खजुरिया और जयंतियां, पोखरिया आदि क्षेत्रों में एपी पाठक ने जनता से मुलाकात की और उनसे एनडीए प्रत्याशियों को वोट देने की अपील की।

    मतदाताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए विकास कार्यों को जोर-शोर से रखा

    एपी पाठक के बाबु धाम ट्रस्ट के लगभग 30 हजार कार्यकर्ता भी इस जनसंपर्क अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं। यह कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। एपी पाठक ने अपने बाबु धाम ट्रस्ट के माध्यम से ब्राह्मण मतदाताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए विकास कार्यों को जोर-शोर से रखा। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने गरीब ब्राह्मणों को घर, शौचालय, पेंशन और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं। साथ ही, नौकरी और शिक्षा में आरक्षण देने का काम भी किया है।

    गर्मी की परवाह किए बिना 25 मई को मतदान जरूर करें

    एपी पाठक ने अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान जनता से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “गर्मी की परवाह किए बिना 25 मई को मतदान जरूर करें और एनडीए प्रत्याशियों को विजयी बनाएं।” उन्होंने जनता को बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने किस तरह से गरीबों और वंचितों के लिए काम किया है और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। पश्चिम चंपारण और वाल्मीकिनगर के दौरे के दौरान एपी पाठक ने विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं कीं और लोगों को एनडीए के विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार ने विकास के हर मोर्चे पर काम किया है, चाहे वह बुनियादी ढांचे का विकास हो, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं हो, या फिर रोजगार के अवसर बढ़ाने का काम हो।

    बाबु धाम ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं की सक्रियता

    पश्चिम चंपारण के दोनों लोकसभा क्षेत्रों में एपी पाठक के नेतृत्व में बाबु धाम ट्रस्ट के हजारों कार्यकर्ताओं ने एनडीए प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए मैदान में उतरकर प्रचार किया। इन कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों को एनडीए सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया और उन्हें 25 मई को मतदान करने के लिए प्रेरित किया।एपी पाठक के इस दौरे को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। विभिन्न गांवों और कस्बों में लोग बड़ी संख्या में उनकी सभाओं में शामिल हो रहे हैं और उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं। ब्राह्मण मतदाताओं ने भी मोदी सरकार के कार्यों की सराहना की और एनडीए प्रत्याशियों को समर्थन देने का आश्वासन दिया।

    Loksabha Election 2024

    चंपारण का हर नागरिक खुशहाल और समृद्ध हो

    एपी पाठक ने अपने संबोधनों में कहा, “हमारा उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि क्षेत्र के विकास को गति देना है। हम चाहते हैं कि चंपारण का हर नागरिक खुशहाल और समृद्ध हो।” उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, उन्हें जनता के सामने लाना और उनके समर्थन से ही इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाना संभव है।

    बाबु धाम ट्रस्ट के माध्यम से चंपारण के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई हैं

    एपी पाठक ने अपने बाबु धाम ट्रस्ट के माध्यम से चंपारण के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए प्रत्याशियों की जीत के बाद ये योजनाएं और तेजी से लागू होंगी। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।

    चंपारण के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

    एपी पाठक का चंपारण भ्रमण और एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में चलाया जा रहा जनसंपर्क अभियान क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। बाबु धाम ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं की मेहनत और एपी पाठक के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान ने जनता में विश्वास और उत्साह पैदा किया है। जनता के बीच एनडीए सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने में एपी पाठक का यह प्रयास निश्चित रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा।इस प्रकार, एपी पाठक का यह दौरा और जनसंपर्क अभियान न केवल चुनावी प्रचार का हिस्सा है, बल्कि चंपारण के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। जनता का समर्थन और विश्वास ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है। एपी पाठक और उनके बाबु धाम ट्रस्ट के कार्यकर्ता इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत और लगन के साथ काम कर रहे हैं।

  • Loksabha Election 2024: 13 राज्य 89 सीट पर वोटिंग, आपका वोट ही आपकी ताकत है जरूर करें मतदान, AVS POST की अपील

    Loksabha Election 2024: 13 राज्य 89 सीट पर वोटिंग, आपका वोट ही आपकी ताकत है जरूर करें मतदान, AVS POST की अपील

    Loksabha Election 2024: 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की वोटिंग होने जा रही है। इस चरण में 13 राज्यों में 89 सीटों के लिए मतदान होगा। पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को हुई थी, जिसमें 102 सीटों के लिए मतदान हुआ था।

    Loksabha Election 2024:लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के मतदान के लिए समय आ गया है, और देश के हर नागरिक का यह एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है। हमारे वोट का महत्व समझकर हमें अपने लोकतंत्र में योगदान करना चाहिए। यह वह अवसर है जब हम अपनी आवाज़ को सुनाने का समय पाते हैं और अपने देश के भविष्य को समृद्ध बनाने में योगदान कर सकते हैं।

    Loksabha Election 2024:लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में वोटिंग के लिए Voter Helpline App का इस्तेमाल करें। इस ऐप के माध्यम से आप अपने पोलिंग बूथ की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपना मतदान कर सकते हैं। यह ऐप हमें आसानी से अपने मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है, जिससे हम बिना किसी परेशानी के अपना मतदान कर सकें।

    Loksabha Election 2024:आपके वोट का महत्व बहुत अधिक है। यह न केवल एक व्यक्ति के अधिकार का प्रतीक है, बल्कि एक सशक्त समाज और एक मजबूत लोकतंत्र की नींव भी है। तो कृपया आपका योगदान दें, वोट करें और देश के भविष्य को समृद्ध बनाने में अपना हिस्सा बनाएं।
    मालूम हो कि पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को हुई थी। पहले चरण में 102 सीटों के लिए 21 राज्यों में मतदान हुए। इस बार भी पिछली बार की तरह आम चुनाव (Lok Sabha Election 2024) के लिए कुल 7 चरणों में वोटिंग होगी। इस साल के आम चुनाव की वोटिंग 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को रखी गई है। इसी के साथ 4 जून को वोट के रिजल्ट जारी होंगे। अगर आप भी दूसरे चरण में वोट डालने जा रहे हैं तो पोलिंग बूथ (Online Search Polling Booth) की जानकारी होना जरूरी है। Voter Helpline App का करें इस्तेमाल भारतीय नागरिकों की सहूलियल के लिए ही इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया (Election Commission Of India) ने Voter Helpline App की सुविधा पेश की है। इस ऐप (Voter Helpline App) के साथ आप अपने पोलिंग बूथ की जानकारी सेकेंडों में पा सकते हैं। इस आर्टिकल में Voter Helpline ऐप की मदद से पॉलिंग बूथ चेक करने का पूरा प्रॉसेस बता रहे हैं सबसे पहले अगर आपने Voter Helpline ऐप डाउनलोड नहीं किया है तो इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लें। अब ऐप का इस्तेमाल करने के लिए अकाउंट लॉग-इन करना होगा। अगर अकाउंट नहीं बनाया है तो साइन करें, इसके बाद मोबाइल नंबर और पासवर्ड एंटर कर अकाउंट लॉग-इन प्रॉसेस पर आना होगा। मोबाइल नंबर एंटर करने के साथ फोन पर एक OTP मिलता है। इसे एंटर करना होगा। अकाउंट लॉग-इन करने के बाद Voter Services पर टैप करना होगा। अब Know Your Polling Station Details पर टैप करना होगा। अब EPIC नंबर की जानकारी दर्ज करनी होगी। अब Search Polling Station पर टैप करना होगा। जैसे ही इस ऑप्शन पर टैप करते हैं स्क्रीन पर आपके पोलिंग बूथ की जानकारी नजर आएगी।

  • Loksabha Election 2024: तीसरे चरण के लिए 12 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के 95 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 2963 नामांकन दाखिल

    Loksabha Election 2024: तीसरे चरण के लिए 12 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के 95 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 2963 नामांकन दाखिल

    Loksabha Election 2024:लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में 12 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के 1351 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। इसमें मध्य प्रदेश के 29-बैतूल (अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित) संसदीय क्षेत्र में स्थगित चुनाव के लिए लड़ रहे 8 उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गुजरात के सूरत संसदीय क्षेत्र से एक उम्मीदवार को निर्विरोध चुना गया है। सभी 12 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल, 2024 थी।

    Loksabha Election 2024 के तीसरे चरण के मतदान के लिए 12 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के 95 संसदीय क्षेत्रों (29-बैतूल सहित) के लिए कुल 2963 नामांकन दाखिल किए गए। सभी 12 राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2024 थी। दाखिल सभी नामांकनों की जांच के बाद 1563 नामांकन वैध पाए गए।

    तीसरे चरण में, गुजरात में 26 संसदीय क्षेत्रों से अधिकतम 658 नामांकन दाखिल किए गए थे, इसके बाद महाराष्ट्र में 11 संसदीय क्षेत्रों से 519 नामांकन थे। महाराष्ट्र में 40-उस्मानाबाद संसदीय क्षेत्र में अधिकतम 77 नामांकन प्राप्त हुए, इसके बाद छत्तीसगढ़ में 5-बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में 68 नामांकन प्राप्त हुए।

    Loksabha Election 2024 के तीसरे चरण के लिए राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेशवार विवरण:

    राज्‍य/केन्‍द्र शासित प्रदेश तीसरे चरण में निर्वाचन क्षेत्रों की संख्‍या प्राप्‍त नामांकन जांच के बाद वैध नामांकन नाम वापस लेने के बाद,चुनाव लड़ रहे उम्‍मीदवार
    असम 4 126 52 47
    बिहार 5 141 54 54
    छत्तीसगढ़ 7 319 187 168
    दादरा और नगर हवेली तथा

    दमन और दीव

    2 28 13 12
    गोवा 2 33 16 16
    गुजरात 26 658 328 266
    जम्‍मू और कश्‍मीर 1 28 21 20
    कर्नाटक 14 503 272 227
    मध्‍य प्रदेश 9 236 140 127
    महाराष्‍ट्र 11 519 317 258
    उत्‍तर प्रदेश 10 271 104 100
    पश्चिम बंगाल 4 101 59 57
    कुल 95 2963 1563 1352

     

  • #LoksabhaElection2024: निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों एवं केन्‍द्रीय एजेंसियों के प्रमुखों को शांतिपूर्ण और प्रलोभन मुक्त आम चुनाव 2024 सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

    #LoksabhaElection2024: निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों एवं केन्‍द्रीय एजेंसियों के प्रमुखों को शांतिपूर्ण और प्रलोभन मुक्त आम चुनाव 2024 सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

    #LoksabhaElection2024:निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और राज्‍य  के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व प्रलोभन मुक्त कराने के लिए कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा तथा उसका आकलन करने, गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम, जब्ती और अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी के लिए आज सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। संयुक्त समीक्षा का उद्देश्य सीमाओं की रक्षा करने वाली केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के बीच बेरोकटोक समन्वय और सहयोग के लिए सभी संबंधित हितधारकों को एक ही मंच पर लाना था। आयोग ने प्रत्येक राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की।

    मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्‍त श्री ज्ञानेश कुमार और श्री सुखबीर सिंह संधू के साथ हुई बैठक में राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों एवं सीमाओं की रक्षा करने वाली केन्‍द्रीय एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।

     

    सीईसी राजीव कुमार ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की और सभी हितधारकों से चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने एवं समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदाता बिना किसी डर या भय के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। सीईसी श्री कुमार ने सभी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों और एजेंसियों से स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भय-मुक्त चुनाव के लिए अपने ‘संकल्प’ को ठोस ‘कार्रवाई’ में बदलने का आह्वान किया।

    इस बैठक के दौरान विचार किए गए प्रमुख मुद्दों में पड़ोसी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता, सभी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में पर्याप्त रूप से प्रदान की गई सीएपीएफ की सावधानीपूर्वक तैनाती; सीमावर्ती राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में सीएपीएफ कर्मियों की आवाजाही और परिवहन के लिए आवश्‍यक सहायता; सीमावर्ती क्षेत्रों में उन फ़्लैशपॉइंटों की पहचान और निगरानी करना जिनका चुनाव प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है; पिछले अनुभवों के आधार पर सांप्रदायिक तनाव को दूर करने के लिए निवारक उपाय, और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ खुली सीमाओं को सुरक्षित करने की अनिवार्यता।

    आयोग ने अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पार नशीले पदार्थों, शराब, हथियारों और विस्फोटकों सहित प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए कड़ी निगरानी के महत्व पर जोर किया। कुछ राज्यों में अवैध गांजे की खेती पर अंकुश लगाने, सीमाओं पर शराब और नकदी की आवाजाही के निकास व प्रवेश बिंदुओं की पहचान करने का निर्देश दिया गया।

    आयोग ने अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र जैसे 11 राज्यों के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में मतदान टीमों को पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना और राज्य नागर विमानन विभाग के सहयोग की समीक्षा की। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में खतरे की आशंका के आधार पर राजनीतिक पदाधिकारियों व उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों के निर्देश दिए गए। मणिपुर में हाल की हिंसा और उथल-पुथल एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने की जटिलता पर भी गौर किया गया, साथ ही आयोग ने आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों की सहायता के लिए त्वरित कार्रवाई करने और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

    निम्नलिखित सामान्य निर्देश दिए गए:

    कानून एवं व्यवस्था संबंधी

    1. अंतर्राष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी के लिए अनिवार्य जांच चौकियां
    2. सीमावर्ती जिलों के बीच अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बारे में खुफिया जानकारी साझा करना
    3. आखिरी 48 घंटों के दौरान फर्जी मतदान रोकने के लिए अंतर-राज्यीय सीमाओं को सील करना
    4. सीमावर्ती जिलों की नियमित अंतर-राज्यीय समन्वय बैठकें
    5. राज्य पुलिस द्वारा अंतर-राज्यीय सीमावर्ती जिलों पर गश्त में तेजी लाई जाएगी
    6. सीमावर्ती राज्यों के समन्वय से रणनीतिक स्थानों पर अतिरिक्त नाके स्थापित किए जाएंगे
    7. मतदान के दिन अंतर-राज्यीय सीमा सील
    8. सीमावर्ती राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के उत्पाद शुल्क आयुक्त परमिट की प्रामाणिकता की जांच सुनिश्चित करें, विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में शराब की दुकानों की औचक जांच की जाए।
    9. लाइसेंसी हथियारों को समय पर जमा करना और गैर-जमानती वारंट का निष्पादन
    10. भगोड़ों, हिस्ट्रीशीटरों, चुनाव संबंधी अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई
    11. खतरे की आशंका के आधार पर राजनीतिक पदाधिकारियों/उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा कवर

    खर्च की निगरानी:

    1. अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर अवैध शराब, नकदी, नशीले पदार्थों का प्रवाह रोकना।
    2. चेकपोस्टों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी को मजबूत करना।
    3. पुलिस, आबकारी, परिवहन, जीएसटी एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त चेकिंग एवं अभियान ।
    4. हेलीपैड, हवाई अड्डों, बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी।
    5. शराब और नशीले पदार्थों के सरगनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई; देशी शराब के प्रवाह में कटौती; इसे प्रणालीगत तरीके से बंद करने के लिए फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करें।
    6. शराब, नकदी, नशीली दवाओं और मुफ्त उपहारों को लाने-ले जाने वाले संवेदनशील मार्गों का मानचित्रण।

    केन्‍द्रीय एजेंसियों को दिशा-निर्देश

    1. भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स द्वारा कड़ी निगरानी; भारत नेपाल सीमा विशेष रूप से नेपाल के साथ खुली सीमा वाले क्षेत्रों में एसएसबी द्वारा निगरानी; भारत-बांग्लादेश सीमा और पश्चिमी सीमाओं पर बीएसएफ द्वारा; भारत-चीन सीमा पर आईटीबीपी द्वारा और तटीय क्षेत्र वाले राज्यों में भारतीय तटरक्षक बल द्वारा कड़ी निगरानी।
    2. असम राइफल्स राज्य पुलिस, सीएपीएफ आदि के साथ नियमित संयुक्त सुरक्षा समन्वय बैठकें आयोजित करेगी।
    3. एसएसबी किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि के लिए नेपाल और बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखेगी, खासकर मतदान के 72 घंटे पहले।
    4. नागरिक प्रशासन के सहयोग से सीएपीएफ की नव नियुक्‍त कंपनियों के लिए क्षेत्र का परिचित होना सुनिश्चित करें।
    5. राज्य पुलिस के समन्वय से संयुक्त जांच चौकियां स्थापित करें।

    समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रमुख सचिव (गृह), प्रधान सचिव (आबकारी), मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सभी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के राज्य पुलिस नोडल अधिकारी, सीमाओं की सुरक्षा में शामिल केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख, अर्थात् सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, सशस्त्र सीमा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस और तटरक्षक बल प्रमुख, सीआरपीएफ प्रमुख, केन्‍द्रीय सीएपीएफ नोडल अधिकारी, अपर सचिव गृह मंत्रालय और रक्षा तथा रेलवे मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हुए।