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  • Noida Authority में प्रशासनिक ‘सर्जरी’: नए CEO कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, कई अफसरों के प्रभार बदलाव

    Noida Authority में प्रशासनिक ‘सर्जरी’: नए CEO कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, कई अफसरों के प्रभार बदलाव

    नोएडा: Noida Authority  में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने कार्यभार संभालते ही साफ कर दिया है कि काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पारदर्शिता, तेजी और जवाबदेही—इन तीन बिंदुओं पर फोकस करते हुए प्राधिकरण के अंदर जिम्मेदारियों का बड़ा फेरबदल किया गया है।

    क्या है बड़ा बदलाव?

    सूत्रों के मुताबिक, कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदल दिए गए हैं ताकि रुके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिल सके और जनता की शिकायतों का निपटारा तेजी से हो।

    • अतुल सिंह को अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और प्रोसेसिंग प्लांट की अहम जिम्मेदारी दी गई है। साफ-सफाई व्यवस्था सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी।

    • रजनीश कुमार को सर्किल-8 का नया प्रभार सौंपा गया है।

    • वैभव नागर और दीपक कुमार समेत कई अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है, ताकि काम का बेहतर बंटवारा हो सके।

    भवन और बिजली शाखा में भी बदलाव

    भवन प्रकोष्ठ में भी नई तैनातियां हुई हैं। विनय कुमार, प्रेम चंद और प्रदीप साहू को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। माना जा रहा है कि निर्माण और नक्शा पास कराने से जुड़े मामलों में अब तेजी देखने को मिल सकती है।

    वहीं, इलेक्ट्रिकल ऑडिट की जिम्मेदारी शशांक सिंह को सौंपी गई है। अशोक अरोड़ा अब विद्युत शाखा का काम देखेंगे। बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस पर खास नजर रहेगी।

    अन्य अधिकारियों को भी नई भूमिकाएं

    संजीव कुमार बेदी, पवन बरनवाल, उमेश कुमार शर्मा और अजय कुमार यादव को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह बदलाव इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि सीईओ काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार चाहते हैं।

    प्राधिकरण के अंदर यह साफ संदेश गया है कि अब फाइलें रुकी नहीं रहेंगी। लंबित प्रोजेक्ट्स, सड़क और सफाई से जुड़े मुद्दों पर तेज कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ये बदलाव जमीनी स्तर पर असर दिखाते हैं तो शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने साफ कर दिया है कि नोएडा में अब प्रशासनिक ‘सर्जरी’ के जरिए सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।

    नोएडा से दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Gautambuddh Nagar Police: ग्रेटर नोएडा को मिला सख्त और तेज-तर्रार DCP, डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने संभाली कमान

    Gautambuddh Nagar Police: ग्रेटर नोएडा को मिला सख्त और तेज-तर्रार DCP, डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने संभाली कमान

    Gautambuddh Nagar Police: कानून-व्यवस्था को धार देने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। डॉ. प्रवीण रंजन सिंह को ग्रेटर नोएडा का नया डीसीपी नियुक्त किया गया है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में हुए इस फेरबदल को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। संदेश साफ है—अपराध पर सख्ती, जनता को सुरक्षा। डॉ. प्रवीण रंजन सिंह की पहचान एक ऐसे अधिकारी की है जो सीधे और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। नोएडा में डीसीपी ट्रैफिक रहते हुए उन्होंने नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई की। हेलमेट न पहनने वालों से लेकर ओवरस्पीडिंग तक—हर मोर्चे पर सख्त अभियान चलाए गए। उनकी कार्यशैली का मूल मंत्र रहा है—“कानून से कोई समझौता नहीं।”

    Dr Praveen Ranjan Singh
    Dr Praveen Ranjan Singh

    मैदान में उतरने वाले अफसर

    प्रवीण रंजन सिंह सिर्फ दफ्तर में बैठकर निर्देश देने वाले अधिकारी नहीं माने जाते। कई मौकों पर वे खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते रहे हैं। ट्रैफिक जाम हो या कानून-व्यवस्था की स्थिति—वे सीधे टीम के साथ खड़े नजर आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता “रिस्पॉन्स टाइम कम करना और पीड़ित को तुरंत राहत देना” रही है। डॉ. सिंह ने स्नातकोत्तर (M.A.) और एलएल.बी. की पढ़ाई की है। यही वजह है कि वे हर केस को कानूनी नजरिए से गहराई में जाकर समझते हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि वे मामलों का विश्लेषण तथ्यों और वैज्ञानिक तरीके से करते हैं, जिससे फैसले मजबूत और टिकाऊ हों।

    Dr Praveen Ranjan Singh
    Dr Praveen Ranjan Singh

    समाज से सीधा जुड़ाव

    डॉ. सिंह सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी रखते हैं। वे स्थानीय लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद बनाए रखते हैं। इससे उनकी छवि एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी की बनी है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विकास राज तिवारी बताते हैं “डॉ. प्रवीण रंजन सिंह का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। हमने नोएडा में उनके काम को लंबे समय तक देखा है। वे हर मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं, पीड़ित की मदद को प्राथमिकता देते हैं और वैज्ञानिक तरीके से केस का विश्लेषण कर न्याय दिलाने की कोशिश करते हैं। नए प्रभार के लिए उन्हें शुभकामनाएं।”

    ग्रेटर नोएडा में अगला कदम?

    ग्रेटर नोएडा आज तेजी से बढ़ता शहर है। इंडस्ट्रियल बेल्ट, बड़ी सोसायटी और बढ़ती आबादी के बीच अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती है। सूत्रों के मुताबिक, नए डीसीपी गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज करने और पुलिस-जनता संवाद मजबूत करने की तैयारी में हैं। संकेत साफ हैं—ग्रेटर नोएडा में अब पुलिसिंग का अंदाज और सख्त होने वाला है। डॉ. प्रवीण रंजन सिंह के नेतृत्व में अपराध पर लगाम और सुरक्षा व्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    नोएडा से सत्यवीर सिंह के साथ दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Feel The Change Foundation की पहल : गौतम बुद्ध नगर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ा जागरूकता अभियान, पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर एक्शन

    Feel The Change Foundation की पहल : गौतम बुद्ध नगर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ा जागरूकता अभियान, पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर एक्शन

    Feel The Change Foundation : गौतम बुद्ध नगर जिला, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा शामिल हैं, अब साइबर अपराध के खिलाफ एक संगठित मुहिम की शुरुआत कर चुका है। ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी ठगी और फेक निवेश जैसे मामलों को देखते हुए Feel The Change Foundation ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। यह अभियान Noida Police और जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे जिले में चलाया जाएगा।

    हाल ही में फाउंडेशन के सचिव JP Mandal ने साइबर सेल के ACP Vivek Ranjan Rai से मुलाकात की। इस बैठक में तय हुआ कि अब साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे। एसीपी विवेक रंजन राय ने आश्वासन दिया कि पुलिस अधिकारी खुद इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे और लोगों को सीधे बताएंगे कि साइबर ठगी से कैसे बचा जा सकता है।

    Feel The Change Foundation : Secretary JP Mandal and ACP Vivek Ranjan Rai
    Feel The Change Foundation : Secretary JP Mandal and ACP Vivek Ranjan Rai

    पुलिस, वकील और डिजिटल एक्सपर्ट एक मंच पर

    इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ फाउंडेशन ही नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारी, कानून की जानकारी रखने वाले वकील और डिजिटल एक्सपर्ट भी शामिल होंगे।

    पुलिस बताएगी कि शिकायत कैसे दर्ज करें और 1930 हेल्पलाइन का सही इस्तेमाल क्या है।

    वकील समझाएंगे कि साइबर अपराध में पीड़ित के कानूनी अधिकार क्या हैं।

    डिजिटल एक्सपर्ट बताएंगे कि मोबाइल और इंटरनेट को सुरक्षित कैसे रखें।

    लोगों को साफ शब्दों में समझाया जाएगा—ओटीपी किसी को न दें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग काम न करें और फ्री VPN से बचें।

    RWA और प्रशासन का सहयोग

    गौतम बुद्ध नगर की अलग-अलग सोसाइटी की RWA, बाजार संघ और स्थानीय प्रशासन का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में खास सत्र होंगे। युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सतर्क कर सकें।

    “डिजिटल वॉरियर्स” तैयार करेगा फाउंडेशन

    फाउंडेशन की योजना है कि जिले में “डिजिटल वॉरियर्स” तैयार किए जाएं। ये वॉरियर्स अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को साइबर सुरक्षा की सही जानकारी देंगे और जरूरत पड़ने पर मदद का रास्ता बताएंगे।

    Feel The Change Foundation की गौतम बुद्ध नगर में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही जागरूकता पहल की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण और सराहनीय है।
    Feel The Change Foundation की गौतम बुद्ध नगर में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही जागरूकता पहल की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण और सराहनीय है।

    Feel The Change Foundation : डॉ. विकास राज तिवारी का बयान

    फाउंडेशन के अध्यक्ष Vikas Raj Tiwari ने कहा,

    “गौतम बुद्ध नगर तेजी से डिजिटल बन रहा है। ऐसे में समाज को भी उतना ही जागरूक होना जरूरी है। मेरा मानना है कि जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। पत्रकारिता और डिजिटल क्षेत्र में मेरे अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा समाज को मिले, यही हमारा प्रयास है। हम पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर लगातार काम करेंगे ताकि हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे।”

    उन्होंने कहा कि यह अभियान एक बार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लंबी अवधि तक चलने वाली पहल होगी।

    गौतम बुद्ध नगर में अब साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस, प्रशासन और समाज एक साथ खड़े हैं।

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    सीधी और साफ बात—

    सतर्क रहें, सही जानकारी रखें और किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत शिकायत करें।

    अब साइबर ठगों के लिए यह जिला आसान निशाना नहीं रहने वाला।

    नोएडा से दीपू जैन की रिपोर्ट 

  • Shri Shiv Mahapuran Katha 2026 : नोएडा में भव्य आयोजन – परम पूज्य श्री पुष्कर कृष्ण जी महाराज, शुक्रताल धाम वाले

    Shri Shiv Mahapuran Katha 2026 : नोएडा में भव्य आयोजन – परम पूज्य श्री पुष्कर कृष्ण जी महाराज, शुक्रताल धाम वाले

    Shri Shiv Mahapuran Katha : आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे पावन आयोजन की, जो आपके मन-प्राण को शिवमय कर देगा। 13 फरवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 तक, नोएडा के सेक्टर 93 में श्री शिव महापुराण कथा का 14 दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित हो रहा है। यह कथा परम पूज्य श्री पुष्कर कृष्ण जी महाराज (शुक्रताल धाम, मुजफ्फरनगर) के श्रीमुखारविंद से सुनी जाएगी – जिनकी कथाएँ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और भावपूर्ण भजन से भरी होती हैं।

    Shri Shiv Mahapuran Katha – महत्वपूर्ण जानकारी

    • कथा का नाम: श्री शिव महापुराण कथा
    • तिथि: 13 फरवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 (कुल 14 दिन)
    • समय: प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
    • स्थान: सुपर एमआईजी ग्रीन बेल्ट, सेक्टर 93, नियर बारात घर, नोएडा (उत्तर प्रदेश)
    • कथावाचक: परम पूज्य श्री पुष्कर कृष्ण जी महाराज (शुक्रताल धाम वाले)

    Shri Shiv Mahapuran Katha 2026 : श्री पुष्कर कृष्ण जी महाराज शुक्रताल धाम के प्रसिद्ध संत हैं, जहाँ महाभारत काल में शुकदेव जी ने श्रीमद् भागवत कथा सुनाई थी। उनकी कथाएँ सरल भाषा में गहन आध्यात्मिक रहस्य खोलती हैं। पहले भी उन्होंने नोएडा सेक्टर 93 सहित कई स्थानों पर शिव महापुराण और भागवत कथा सुनाई है, और हजारों भक्तों ने इनसे शिव कृपा प्राप्त की है।

    शिव महापुराण कथा सुनने के लाभ

    शिव महापुराण सुनने से:-

    • मन की अशांति दूर होती है
    • पापों का नाश होता है
    • शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त होती है
    • परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है
    • महामृत्युंजय मंत्र और रुद्राक्ष महिमा का गहन ज्ञान मिलता है

    महाराज जी की कथाओं में भजन, आरती और भावपूर्ण प्रसंगों के साथ-साथ जीवन के व्यावहारिक उपदेश भी मिलते हैं। यह सिर्फ कथा नहीं, बल्कि एक जीवंत शिव-यज्ञ है!

    कैसे पहुँचें (Location)

    • पता: सुपर एमआईजी ग्रीन बेल्ट, सेक्टर 93, नोएडा बारात घर के पास (Super MIG Green Belt, Sector 93, Noida Near Barat Ghar)
    • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से आसानी से पहुँचा जा सकता है
    • मेट्रो/बस/कार से सुगम पहुँच
    • पार्किंग और बैठने की उचित व्यवस्था होने की संभावना (आयोजकों से संपर्क करें)

    यदि आप दिल्ली-NCR, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर या आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा अवसर है। परिवार, बच्चों और बुजुर्गों के साथ जाकर शिव भक्ति में लीन हो जाएँ।

    विशेष अनुरोध

    • समय से पहले पहुँचें ताकि अच्छी जगह मिल सके
    • मोबाइल साइलेंट रखें और भक्ति भाव से बैठें
    • महाराज जी के चरणों में फूल, फल या दक्षिणा अर्पित करें
    • कथा का लाइव प्रसारण (यदि उपलब्ध हो) श्री पुष्कर कृष्ण जी महाराज के यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं

    Shri Shiv Mahapuran Katha 2026

    जय भोलेनाथ! जय शिव शंभू!

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    नोएडा से सत्यबीर सिंह की रिपोर्ट

  • Who Is New CEO of Noida Authority ? बिहार के रहने वाले , यूपी के सबसे तेज़-तर्रार IAS अफसरों में होती है गिनती

    Who Is New CEO of Noida Authority ? बिहार के रहने वाले , यूपी के सबसे तेज़-तर्रार IAS अफसरों में होती है गिनती

    Who Is New CEO of Noida Authority ? : उत्तर प्रदेश के CM  योगी आदित्यनाथ की सरकार ने नोएडा अथॉरिटी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में उठे जनआक्रोश और लापरवाही के आरोपों के बाद पूर्व CEO लोकेश एम को हटाकर 2011 बैच के IAS अधिकारी कृष्ण करुणेश को नोएडा अथॉरिटी का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब नोएडा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और शहरी विकास क्षेत्र में सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी प्रशासन की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है।

    कौन हैं कृष्ण करुणेश? (Who is Krishna Karunesh?)

    कृष्ण करुणेश उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के तेज-तर्रार IAS अधिकारी हैं। मूल रूप से बिहार के पटना निवासी, वे अपनी प्रशासनिक कुशलता, जन-केन्द्रित दृष्टिकोण और विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। उनकी गिनती यूपी के उन अधिकारियों में होती है जो फील्ड में सक्रिय रहकर त्वरित निर्णय लेते हैं।

    शिक्षा :-

    • विनोबा भावे यूनिवर्सिटी, हजारीबाग से भूगोल में B.A. (ऑनर्स) और LL.B.
    • IGNOU, नई दिल्ली से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स डिग्री।
    Who is Krishna Karunesh?
    Who Is New CEO of Noida Authority : Who is Krishna Karunesh?

    Who Is New CEO of Noida Authority : करियर की प्रमुख तैनातियां

    IAS बनने के बाद उनकी यात्रा विभिन्न महत्वपूर्ण पदों से गुजरी है:

    • ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग अयोध्या में।
    • कुशीनगर और गाजियाबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट।
    • गाजियाबाद में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) और घाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) के वाइस चेयरमैन।
    • जिलाधिकारी (DM) के रूप में हापुड़ और बलरामपुर।
    • जून 2022 से जुलाई 2025 तक गोरखपुर के जिलाधिकारी – यह तैनाती सबसे हाई-प्रोफाइल रही क्योंकि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जिला है। यहां उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, पब्लिक सर्विस डिलीवरी और बड़े प्रोजेक्ट्स में उल्लेखनीय योगदान दिया।
    • जुलाई 2025 के बड़े फेरबदल में गोरखपुर से हटाकर नोएडा अथॉरिटी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) बनाया गया।
    • अब जनवरी 2026 में उन्हें पूर्ण CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    Who Is New CEO of Noida Authority ?
    Who Is New CEO of Noida Authority ?

    गोरखपुर में उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रही पारदर्शी प्रशासन और विकास कार्यों में तेजी। उनकी सख्ती और दक्षता ने उन्हें सिविल सर्विस में व्यापक सम्मान दिलाया।

    नोएडा अथॉरिटी में नई जिम्मेदारी की पृष्ठभूमि

    16 जनवरी 2026 की रात घने कोहरे में सेक्टर-150 में युवराज मेहता की कार एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। दुर्भाग्यवश रेस्क्यू प्रयास असफल रहे और उनकी मौत हो गई। इस घटना ने नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही पर सवाल उठाए – सड़क सुरक्षा, साइनेज और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता पर। जनआक्रोश के बीच सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CEO बदलाव किया। SIT जांच भी शुरू हो चुकी है।

    कृष्ण करुणेश की नियुक्ति से उम्मीद है कि नोएडा में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवासियों की शिकायतों का तेज निस्तारण होगा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र देश के प्रमुख IT और इंडस्ट्रियल हब है, जहां लाखों लोग रहते हैं और काम करते हैं। यहां की चुनौतियां बड़ी हैं – ट्रैफिक, प्रदूषण, आवास और सुरक्षा।

    Who Is New CEO of Noida Authority ?
    Who Is New CEO of Noida Authority ?

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    Who Is New CEO of Noida Authority : कृष्ण करुणेश की पिछली तैनातियों से साबित होता है कि वे चुनौतीपूर्ण स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। उनकी लोग-केन्द्रित सोच और दक्षता नोएडा के विकास को नई गति दे सकती है। निवासियों और इंडस्ट्री की नजरें अब उन पर टिकी हैं कि वे कैसे इस महत्वपूर्ण पद पर योगदान देंगे।

    यह नियुक्ति न केवल प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि जनता की आवाज पर सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। उम्मीद करते हैं कि नोएडा एक सुरक्षित और विकसित शहर की मिसाल बने।

    नोएडा से सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

  • Sector-150 accident : युवराज मरा नहीं, सिस्टम ने मारा — चार दिन बाद निकली कार, CEO पर कार्रवाई… लेकिन DM की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?

    Sector-150 accident : युवराज मरा नहीं, सिस्टम ने मारा — चार दिन बाद निकली कार, CEO पर कार्रवाई… लेकिन DM की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?

    Sector-150 accident : नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत अब एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम फेलियर का गंभीर मामला बन चुकी है। मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से अधिक गहरे गड्ढे में युवराज की कार गिर गई थी। गड्ढे में बारिश और सीवर का पानी भरा था और मौके पर न तो बैरिकेड था, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था।

    Sector-150 accident : चार दिन बाद निकली गयी युवराज की कार

    चार दिन बाद मंगलवार देर शाम प्रशासन ने भारी क्रेन की मदद से युवराज की कार को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद एनडीआरएफ ने वाहन को अपने कब्जे में लिया। इस देरी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब चार दिन बाद कार निकाली जा सकती है, तो हादसे के दिन प्रभावी बचाव क्यों नहीं हो पाया।

    परिवार का आरोप है कि युवराज करीब दो घंटे तक जिंदा था और मदद के लिए आवाज लगाता रहा, लेकिन मौके पर गोताखोर और जरूरी संसाधन नहीं थे। पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद समय पर रेस्क्यू नहीं होना प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

    Sector-150 accident
    Sector-150 accident : चार दिन बाद निकली गयी युवराज की कार

    सरकारी कार्रवाई और अनदेखी चेतावनी

    सरकार ने मामले में कार्रवाई करते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया, एक जूनियर अधिकारी को निलंबित किया और एक बिल्डर को गिरफ्तार किया है। वहीं यह भी सामने आया है कि सिंचाई विभाग ने वर्ष 2023 में ही इसी गड्ढे से पानी निकालने की चेतावनी दी थी, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हुआ।

    AVS POST का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी या बिल्डर तक सीमित नहीं है। यह पूरे सिस्टम की जवाबदेही का प्रश्न है।

    Sector-150 accident
    Sector-150 accident

    AVS POST के 5 सीधे सवाल

    1. जब सिंचाई विभाग ने 2023 में ही खतरे की चेतावनी दी थी, तो नोएडा अथॉरिटी और जिला प्रशासन ने उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
    2. जिस गड्ढे में हादसा हुआ, वहां बिना बैरिकेड और चेतावनी के निर्माण कार्य किसकी अनुमति से चल रहा था?
    3. रात में सूचना मिलने के बावजूद मौके पर समय पर गोताखोर और प्रभावी रेस्क्यू व्यवस्था क्यों नहीं पहुंचाई गई?
    4. अगर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटाया गया है, तो जिले की निगरानी के जिम्मेदार जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका की जांच क्यों नहीं हो रही?
    5. क्या युवराज मेहता की मौत की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शीर्ष प्रशासनिक स्तर तक पहुंचेगी या मामला निचले अधिकारियों और बिल्डर तक ही सीमित रहेगा?

    Sector-150 accident : AVS POST इन सवालों के जवाब का इंतजार करेगा, क्योंकि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुकना मुश्किल है।

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    नोएडा से दीपू जैन और सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

  • Noida Sector 150 accident : एक युवा इंजीनियर की मौत और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई

    Noida Sector 150 accident : एक युवा इंजीनियर की मौत और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई

    Noida Sector 150 accident : नोएडा के सेक्टर-150 में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे में अनियंत्रित होकर एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। ठंडे पानी में करीब 90 मिनट तक संघर्ष करने के बाद युवराज की जान चली गई। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का भी खुलासा करता है।

    Noida Sector 150 accident : हादसे की पूरी कहानी

    17 जनवरी 2026 की देर रात करीब 12:30 बजे की बात है। गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता अपनी मारुति ग्रैंड विटारा कार से सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरिका पार्क सोसाइटी में घर लौट रहे थे। घने कोहरे और खराब विजिबिलिटी के कारण कार एक तेज मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। कार ने क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल को तोड़ते हुए करीब 20-30 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी।

    यह गड्ढा एक निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट (मॉल) का बेसमेंट था, जिसकी जिम्मेदारी लोटस ग्रीन्स और अन्य बिल्डरों की थी। गड्ढे के आसपास न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड, न रिफ्लेक्टर और न ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह खतरा महीनों से बना हुआ था और पहले भी एक ट्रक यहां गिर चुका था।

    युवराज कार की छत पर चढ़कर मदद के लिए चिल्लाते रहे। उन्होंने अपने पिता को फोन करके कहा, “पापा, मुझे बचा लो!” लेकिन ठंडे पानी, अंधेरे और लोहे की रॉड्स की वजह से रेस्क्यू में देरी हुई। करीब 5 घंटे बाद शव और कार बाहर निकाले गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना या कार्डियक अरेस्ट बताई गई है।

    Noida Sector 150 accident
    Noida Sector 150 accident : Noida authority

    नोएडा प्राधिकरण की तुरंत कार्रवाई

    Noida Sector 150 accident : हादसे के बाद जनआक्रोश को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री लोकेश एम. ने सख्त कदम उठाए।

    • ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर श्री नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
    • सेक्टर-150 में यातायात संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
    • संबंधित विभागों से लोटस बिल्डर के प्लॉट आवंटन और निर्माण कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।
    • CEO ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    • सभी विभागों को आदेश दिए गए कि अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा का दोबारा निरीक्षण करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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    इसके अलावा, बिल्डरों (लोटस ग्रीन्स और MZ विशटाउन प्लानर्स) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

    नोएडा से पत्रकार सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

  • Noida Authority News : कैलेंडर विवाद बना ट्रिगर, अतिक्रमण की शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किल, हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

    Noida Authority News : कैलेंडर विवाद बना ट्रिगर, अतिक्रमण की शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किल, हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

    Noida Authority News: नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के कार्यकारी निदेशक और नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर तैनात महेंद्र प्रसाद के खिलाफ शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्हें उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है और लखनऊ में अटैच कर दिया गया है।

    पूरा मामला एनएमआरसी द्वारा जारी किए गए वर्ष 2026 के वार्षिक कैलेंडर से जुड़ा है। इस कैलेंडर में महापुरुषों की तस्वीरों के स्थान पर एनएमआरसी के अधिकारियों की फोटो प्रकाशित कर दी गई थी। जैसे ही यह कैलेंडर सामने आया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विवाद खड़ा हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक और नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महेंद्र प्रसाद को कार्यकारी निदेशक के पद से हटा दिया था। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश को सौंप दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, कैलेंडर का प्रकाशन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किया गया था। इस पर एनएमआरसी एमडी ने कड़ी नाराजगी जताई और कैलेंडर को वेबसाइट से हटाने के साथ-साथ उसकी छपाई भी रुकवा दी।

    Noida Authority News
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    मंगलवार को शासन ने अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई करते हुए महेंद्र प्रसाद को नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी पद से भी हटा दिया और प्रतीक्षा सूची में डाल दिया। सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ शासन स्तर पर लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। इनमें प्राधिकरण के कार्यों में बाधा डालने, जनता की फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने और शहर में बढ़ते अतिक्रमण को रोकने में विफल रहने जैसे आरोप शामिल थे।

    बताया जा रहा है कि उनकी तैनाती के दौरान नोएडा में अतिक्रमण के मामलों में तेजी आई और प्राधिकरण व सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं के कब्जे की शिकायतें भी सामने आईं। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने यह कदम उठाया है। कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद महेंद्र प्रसाद ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय छोड़ दिया।

    नोएडा से पत्रकार दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Delhi Weather News: लोहड़ी पर टूटा सर्दी का रिकॉर्ड, गुरुग्राम में 90 साल की सबसे ठंडी सुबह

    Delhi Weather News: लोहड़ी पर टूटा सर्दी का रिकॉर्ड, गुरुग्राम में 90 साल की सबसे ठंडी सुबह

    नई दिल्ली | 13 जनवरी, शाम, Delhi Weather News: दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने इस साल सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोहड़ी के दिन राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम में पारा 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 90 वर्षों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।

    भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग और लोधी रोड इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले 11 जनवरी को आयानगर में तापमान 2.9 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं 12 जनवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3 से 4.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।

    मकर संक्रांति पर भी ठंड से राहत नहीं

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को भी सर्दी का असर बना रहेगा। उस दिन न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
    हालांकि 15 जनवरी के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं।

    • न्यूनतम तापमान 5–6 डिग्री

    • 18 जनवरी तक 8–10 डिग्री

    • अधिकतम तापमान 20 से बढ़कर 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    इन शहरों में दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान

    • सीकर: 0.4 डिग्री

    • गुरुग्राम: 0.6 डिग्री

    • दिल्ली: 3 डिग्री

    • नोएडा: 3.3 डिग्री

    • फरीदाबाद: 4 डिग्री

    • गाजियाबाद: 4 डिग्री

    • देहरादून: 4.5 डिग्री

    IMD के मुताबिक दिल्ली में तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम रहा। नमी का स्तर लगभग 100 फीसदी दर्ज किया गया, जिससे गलन और ठिठुरन ज्यादा महसूस हुई।

    शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट

    उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले 2–3 दिनों तक शीतलहर से भीषण शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना है। वहीं बिहार और उत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक सुबह घना कोहरा छाने की आशंका जताई गई है। कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय दृश्यता कम रही और आवागमन प्रभावित हुआ।

    ठंड में कैसे बचकर रहें, IMD और विशेषज्ञों की सलाह

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीषण ठंड के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है—

    • सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचें

    • परतदार गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने पहनें

    • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें

    • गर्म पेय और सुपाच्य भोजन का सेवन करें

    • कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट और धीमी गति रखें

    • खुले में रहने वाले लोगों के लिए अस्थायी शेल्टर और अलाव की व्यवस्था जरूरी

    दिल्ली से दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Team Shakti Mohan Awasthi के नेतृत्व में Noida Police ने किया शानदार काम: यूपी–बिहार से जुड़े अन्तर्राज्यीय मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफोड़, 821 मोबाइल बरामद

    Team Shakti Mohan Awasthi के नेतृत्व में Noida Police ने किया शानदार काम: यूपी–बिहार से जुड़े अन्तर्राज्यीय मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफोड़, 821 मोबाइल बरामद

    Noida Police News : डीसीपी नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के प्रभावी नेतृत्व में नोएडा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना फेस-2 नोएडा पुलिस ने एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल फोन चोरी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 06 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि 02 बाल अपचारियों को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के कुल 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 06 से 08 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    सुनियोजित चेकिंग से मिली बड़ी सफलता

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 06 जनवरी 2026 को थाना फेस-2 क्षेत्र के ग्राम ककराला में नियमित चेकिंग के दौरान की गई। स्थानीय इनपुट और लगातार निगरानी के आधार पर संदिग्धों को रोका गया, जिसके बाद पूछताछ में मोबाइल चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस अभियान को थाना फेस-2 प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह द्वारा जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से मॉनिटर किया जा रहा था, जिससे पुलिस टीम को सटीक कार्रवाई करने में सफलता मिली।

    भीड़भाड़ वाले बाजारों को बनाते थे निशाना

    जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विशेष रूप से सब्जी मंडियों, फल मंडियों और साप्ताहिक बाजारों में सक्रिय रहता था। आरोपी सर्दियों के मौसम में लोगों की जैकेट और जेब से मोबाइल फोन बड़ी सफाई से चोरी कर लेते थे।
    गिरोह समूह में काम करता था—एक व्यक्ति चोरी करता, दूसरा निगरानी रखता और खतरे की स्थिति में मोबाइल तुरंत किसी अन्य साथी को सौंप दिया जाता था।

    झारखंड और बिहार तक फैला नेटवर्क

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी के मोबाइल फोन बड़ी संख्या में एकत्र होने के बाद आरोपी ट्रेन के जरिए झारखंड और बिहार पहुंचते थे, जहां इन्हें कम दामों में बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जाता था। इस गिरोह से जुड़े कई आरोपी अनपढ़ हैं, जबकि कुछ ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है।

    पुलिस कमिश्नर ने दिया पुरस्कार

    इस बड़ी सफलता पर पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने गिरफ्तारी और भारी बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने इसे नोएडा पुलिस की सतर्कता, समन्वय और मजबूत अपराध नियंत्रण रणनीति का परिणाम बताया।

    पुलिस का सख्त संदेश

    डीसीपी नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि अन्तर्राज्यीय अपराध गिरोहों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपने मोबाइल और कीमती सामान को लेकर सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल सभी अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है और बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी तेज़ी से शुरू कर दी गई है।

    नोएडा से  पत्रकार दीपू जैन की रिपोर्ट