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  • Prashant Kishor का आमरण अनशन: BPSC भ्रष्टाचार और बिहार के युवाओं के साथ अन्याय के खिलाफ जंग, प्रशांत किशोर की 5 मांगे

    Prashant Kishor का आमरण अनशन: BPSC भ्रष्टाचार और बिहार के युवाओं के साथ अन्याय के खिलाफ जंग, प्रशांत किशोर की 5 मांगे

    प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) ने कहा:
    “मैं यहां बिहार के युवाओं के साथ हो रहे अन्याय, प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और ध्वस्त होती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठा हूं। जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, मैं यहां से नहीं उठूंगा।”

    प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) की मांगें

    प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) ने अपनी पाँच मांगों में निम्नलिखित मुद्दों को उजागर किया:

    1. 70वीं BPSC  पीटी परीक्षा रद्द करें
      किशोर ने प्राथमिक परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग की, यह आरोप लगाते हुए कि इसमें बड़े पैमाने पर इर्रेगुलरिटी और भ्रष्टाचार हुए हैं।
    2. भ्रष्टाचार की जांच
      उन्होंने BPSC  में इर्रेगुलरिटीऔर भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। किशोर ने कहा, “आधी से ज्यादा सीटों का सौदा पहले ही हो चुका है।“
    3. बेरोजगारी भत्ता
      2015 की “सात निश्चय” योजना का हवाला देते हुए किशोर ने सरकार से बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की।
    4. डोमिसाइल नीति लागू करें
      उन्होंने बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरियों में कम से कम दो-तिहाई हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की।
    5. जवाबदेही और पारदर्शिता
      किशोर ने पिछले 10 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई इर्रेगुलरिटीज़ और पेपर लीक पर कार्रवाई का वाइट पेपर जारी करने की मांग की।
     Prashant Kishor
    Prashant Kishor

    सिस्टम  पर तीखी आलोचना

    किशोर(Prashant Kishor) ने राज्य प्रशासन पर युवाओं को फेल करने का आरोप लगाते हुए कहा:
    “लोकतंत्र की जननी बिहार को लाठी तंत्र में बदल दिया गया है। जो लोग इस अराजकता के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

    सरकार का 48 घंटे का अल्टीमेटम नजरअंदाज

    प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) ने पहले सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें उन्होंने 70वीं  BPSC पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो वे 2 जनवरी से आमरण अनशन शुरू।

    सरकार की ओर से कोई कदम न उठाए जाने पर, किशोर ने अपने वादे के मुताबिक, अनशन शुरू कर दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दोहराया कि यह आंदोलन बिहार के उन युवाओं के लिए है, जिनके अधिकारों और अवसरों को व्यवस्थित रूप से छीना जा रहा है।

     Prashant Kishor का आमरण अनशन
    Prashant Kishor का आमरण अनशन

    प्रदर्शन के व्यापक परिणाम

    प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के अनशन ने शिक्षा और भर्ती प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। उनकी मांगें बिहार के युवाओं के बीच बढ़ती हताशा को दर्शाती हैं, जो नौकरी के अवसरों की कमी, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित हेरफेर से परेशान हैं।

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    किशोर(Prashant Kishor) का यह आंदोलन बिहार सरकार के लिए एक परीक्षा साबित हो सकता है, जिससे सरकार पर इन समस्याओं को हल करने और राज्य की शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली में जनता का विश्वास रिस्टोर्ड करने का दबाव बढ़ गया है।

  • Tahawwur Rana Extradition: 26/11 मुंबई हमलों के न्याय की दिशा में बड़ी सफलता

    Tahawwur Rana Extradition: 26/11 मुंबई हमलों के न्याय की दिशा में बड़ी सफलता

    26/11 मुंबई हमलों का मुख्य कोंस्पिरेटर तहव्वुर राणा(Tahawwur Rana) अब तक भारत की गिरफ्त से बाहर था। लेकिन अब उसे अमेरिका से भारत लाने का रास्ता लगभग साफ हो चूका है। पाकिस्तान मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत लाया जा सकता है, क्योंकि अमेरिकी अदालत ने उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। भारत अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुटा है। राणा पर मुंबई हमलों की साजिश रचने और आतंकवादियों को समर्थन देने जैसे गंभीर आरोप हैं।

    भारत कोंस्पिरेटर का रास्ता साफ

    अगस्त 2024 में, अमेरिका की नौवीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने फैसला सुनाया कि तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। यह निर्णय भारत और अमेरिका के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के तहत लिया गया। अदालत ने माना कि भारत ने राणा के अपराधों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए हैं।

    Tahawwur Rana
    Tahawwur Rana

    26/11 मुंबई हमलों में तहव्वुर राणा(Tahawwur Rana) की रोल 

    मुंबई पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, तहव्वुर राणा(Tahawwur Rana) ने हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली को हर संभव मदद दी। हेडली ने हमलों से पहले मुंबई में कई जगहों की रेकी की थी। राणा ने उसे आर्थिक और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की। राणा पर यह भी आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था।

    Tahawwur Rana
    Tahawwur Rana

    शिकागो में गिरफ्तारी और कानूनी लड़ाई

    मुंबई हमलों के एक साल बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने तहव्वुर राणा को शिकागो से गिरफ्तार किया, जहां वह एक ट्रैवल एजेंसी चला रहा था। एफबीआई की जांच में यह सामने आया कि राणा ने अपनी ट्रैवल एजेंसी का उपयोग आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया। अमेरिका में राणा ने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन अदालत ने उसके आर्ग्यूमेंट्स को खारिज कर दिया।

    डेविड हेडली के साथ गहरा कनेक्शन

    तहव्वुर राणा(Tahawwur Rana ) और डेविड हेडली बचपन के दोस्त थे। हेडली ने मुंबई हमलों के लिए जगहों की पहचान की, और राणा ने उसे हर संभव सहायता दी। जांचकर्ताओं के अनुसार, मुंबई में हमला करने वाले आतंकियों ने राणा द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट पर काम किया।

    तहव्वुर राणा और डेविड हेडली
    तहव्वुर राणा और डेविड हेडली

    भारत में न्याय की प्रतीक्षा

    अगर तहव्वुर राणा(Tahawwur Rana ) को भारत लाया जाता है, तो यह 26/11 हमलों के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक बहुत ही  महत्वपूर्ण कदम होगा। राणा पर आतंकवाद और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे सीरियस आरोप हैं।

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    उसका प्रत्यर्पण न केवल भारत की न्याय प्रणाली को मजबूत करेगा, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ ग्लोबल लड़ाई में भी एक अहम संदेश देगा। तहव्वुर राणा(Tahawwur Rana ) का प्रत्यर्पण भारत के लिए एक बड़ी सफलता होगी। यह कदम न केवल 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड्स को सजा दिलाने में मदद करेगा, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की कमिटमेंट को भी और मजबूती देगा।

  • Kumbh Mela 2025 के लिए पहली बार प्रयागराज में डोम सिटी

    Kumbh Mela 2025 के लिए पहली बार प्रयागराज में डोम सिटी

    पहली बार, Kumbh Mela 2025 के लिए प्रयागराज में एक अनोखी और भव्य “डोम सिटी” स्थापित की जा रही है, जो 13 जनवरी 2025 से शुरू होगी। यह इनोवेटिव प्रोजेक्ट न केवल भारत में अपनी तरह की अनोखी है, बल्कि फाइव स्टार होटलों की शान को भी पीछे छोड़ने के लिए तैयार है। यह प्रोजेक्ट परंपरा और मॉडर्निटी का बेजोड़ संगम पेश करती है।

    Kumbh Mela 2025 : डोम सिटी के फीचर्स 

    • बुलेटप्रूफ, फायरप्रूफ और ट्रांसपेरेंट डोम्स
      इन डोम्स को अल्ट्रा मॉडर्न टेक्नोलॉजी से बनाया गया है, जो सुरक्षा और भव्यता का आदर्श मिक्सचर  प्रस्तुत करते हैं।
    • खगोलिक नज़ारा
      मेहमान रिमोट के जरिए डोम की छत के पर्दे खोलकर टिमटिमाते तारों से भरे रात के आसमान का मनमोहक दृश्य देख सकते हैं।
    • ऊंचाई पर निर्मित संरचनाएँ
      यह सिटी 15 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई है, जिसमें 22 भव्य डोम्स हैं, जो एक ऊंचा और मनोरम अनुभव प्रदान करते हैं।
    Kumbh Mela 2025
    Kumbh Mela 2025

    भव्य ठहरने का अनुभव

    प्रत्येक डोम को बेडरूम और ड्राइंग रूम दोनों के रूप में उपयोग के लिए बड़े ही सूझ-बूझ और लक्ज़री के साथ डिज़ाइन किया गया है। यह मेहमानों को शाही महल जैसा अनुभव देता है, जहां वे राजा या रानी की तरह महसूस करेंगे।

    मूल्य निर्धारण और ज़बरदस्त मांग

    • एक रात का किराया: यह बेजोड़ अनुभव ₹1,00,000 प्रति रात से अधिक के विशेष मूल्य पर उपलब्ध है।
    • बढ़ती लोकप्रियता: डोम सिटी ने कुंभ मेले के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक बनकर ध्यान आकर्षित किया है, और बुकिंग तेजी से हो रही है।

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    स्थान और महत्व

    शांत और खूबसूरत अरेल क्षेत्र में स्थित, डोम सिटी कुंभ मेला 2025(Kumbh Mela 2025)  की भव्यता और spirituality को और बढ़ाती है। यह अपने विसिटरस को लक्सरी और डिविनिटी का एक यूनिक संगम प्रदान करती है, जिससे उनका तीर्थ यात्रा अनुभव मेमोरेबल बन जाता है।

  • BPSC Aspirants पर बिहार पुलिस की कार्रवाई: न्याय, लाठी चार्ज ,पानी की बौछारे ,जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई

    BPSC Aspirants पर बिहार पुलिस की कार्रवाई: न्याय, लाठी चार्ज ,पानी की बौछारे ,जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई

    BPSC Aspirants

     एक निराशाजनक घटनाक्रम में, बिहार पुलिस ने जेपी गोलंबर, पटना पर प्रदर्शन कर रहे BPSC छात्रों(BPSC Aspirants) को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का सहारा लिया। यह घटना छात्रों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है और राज्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के मैनेजमेंट पर सवाल उठाती है।

    BPSC Aspirants : विरोध प्रदर्शन न्याय की मांग

    जेपी गोलंबर पर छात्रों का यह प्रदर्शन BPSC परीक्षा प्रक्रिया और भर्ती नीतियों मेंalleged irregularity के खिलाफ उनकी शिकायतों को उजागर करने का सामूहिक प्रयास था।
    कई वर्षों से तैयारी कर रहे ये छात्र ट्रांसप्रेंसी और मुद्दों के समय पर समाधान की मांग कर रहे थे।
    कड़ाके की ठंड के बावजूद, छात्र बड़ी संख्या में एकत्रित हुए, इस उम्मीद के साथ कि प्रशासन उनकी बात सुनेगा।
    हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

    पुलिस की कार्रवाई: सख्त रवैया

    छात्रों(BPSC Aspirants) के विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए बिहार पुलिस के कदमों ने व्यापक आलोचना को बढ़ावा दिया है। ठंड के मौसम में भी BPSC Aspirants को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
    लाठीचार्ज भी किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।

    चश्मदीदों ने बताया कि BPSC Aspirants ने आक्रामक कार्रवाई से बचने के लिए भाग-दौड़ की।
    प्रशासन ने इस कार्रवाई को सार्वजनिक असुविधा और यातायात बाधित होने का हवाला देकर उचित ठहराया। हालांकि, छात्रों और उनके समर्थकों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और इस तरह की कार्रवाई अनुचित और एक्सेसिवे थी।

    BPSC Aspirant
    BPSC Aspirant

    BPSC Aspirants अपनी निराशा व्यक्त करते हुए

    एक BPSC Aspirants ने गुमनाम रूप से अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा:
    “हम केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमारी चिंताओं को सुनने के बजाय हमारी आवाज़ को दबाने का विकल्प चुना।”
    एक अन्य छात्र ने कहा, “लोकतंत्र में, क्या जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग करना गलत है?”

    सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसने लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। नेटिज़न्स और कई वर्गों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    भारत में  छात्र विरोध प्रदर्शन

    यह घटना केवल एक अलग-अलग मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को अक्सर सख्त प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ता है।
    BPSC Aspirants  परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों की मेहनत करते हैं, और उनके ट्रांसप्रेंसी और निष्पक्षता की मांग बिल्कुल जायज़ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों और प्रशासन के बीच बढ़ती दूरी शासन और सार्वजनिक सेवा भर्ती सिस्टम में गहरे मुद्दों को दर्शाती है। इन चिंताओं को संवाद और सुधारों के माध्यम से हल करना आवश्यक है ताकि सिस्टम में विश्वास बहाल किया जा सके।

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    पटना में BPSC छात्रों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछारों ने राज्य में सार्वजनिक शिकायतों के मैनेजमेंट  पर एक काला धब्बा छोड़ दिया है।
    हालांकि तत्काल विरोध को दबा दिया गया, लेकिन यह घटना शासन, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों के बारे में बड़े सवाल उठाती है।

    वर्तमान समय में जरूरत है सहानुभूति, ट्रांसप्रेंसी और उन छात्रों की वास्तविक चिंताओं को दूर करने की, जो कल की नौकरशाही की रीढ़ बनेंगे।
    केवल तभी प्रशासन और युवाओं के बीच विश्वास को पुनः स्थापित किया जा सकता है।

  • Nitish Kumar Reddy : टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक(100) बनाकर अनोखे अंदाज में मनाया जश्न

    Nitish Kumar Reddy : टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक(100) बनाकर अनोखे अंदाज में मनाया जश्न

    नितीश कुमार रेड्डी(Nitish Kumar Reddy) ने बॉक्सिंग डे टेस्ट के दौरान शनिवार को दबाव भरी स्थिति में शानदार पारी खेलते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा किया। रेड्डी ने इस खास मौके को एक यादगार अंदाज में celebrate किया।

    Nitish Kumar Reddy ‘पुष्पा: द राइज़’ से प्रेरित सेलिब्रेशन

    लगातार कई बार 100 के करीब पहुंचने के बाद, रेड्डी ने आखिरकार इस मील के पत्थर को पार किया, जिससे उनके प्रशंसकों और टीम के साथियों में खुशी की लहर दौड़ गई। 21 वर्षीय बल्लेबाज ने अपना शतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने ‘पुष्पा: द राइज़’ फिल्म से प्रेरित एक famous अंदाज में जश्न मनाया।

    फिल्म के मुख्य किरदार ‘पुष्पा राज’ की नकल करते हुए, Nitish Kumar Reddy ने बल्ला अपनी गर्दन के चारों ओर उठाया और अभिनेता अल्लू अर्जुन द्वारा निभाए गए किरदार की famous style को दोहराया। इस अनोखे celebration ने दिग्गज कमेंटेटर सुनील गावस्कर का ध्यान खींचा, जिन्होंने तुरंत इस context को पहचानते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “ओ… पुष्पा।”
    गावस्कर ने फिल्म के मशहूर डायलॉग, “पुष्पा झुकेगा नहीं,” का जिक्र करते हुए रेड्डी की जज्बे और आत्मविश्वास की सराहना की।

    Nitish Kumar Reddy
    Nitish Kumar Reddy

    Team के लिए अहम समय पर खेली महत्वपूर्ण पारी

    Nitish Kumar Reddy का शतक टेस्ट के तीसरे दिन भारत के लिए महत्वपूर्ण समय पर आया, जब टीम फॉलोऑन से बचने के लिए संघर्ष कर रही थी। दूसरे दिन के अंतिम 30 मिनट में भारत ने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवाए, जिनमें यशस्वी जायसवाल (82) और विराट कोहली (36) शामिल थे। तीसरे दिन ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा के जल्दी आउट होने के बाद, रेड्डी ने वॉशिंगटन सुंदर के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी बनाई और भारत को फॉलोऑन से बचाने में मदद की।

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     Nitish Kumar Reddy पहली टेस्ट सीरीज में दिखाया experience भरी पारी

    अपनी पारी के दौरान, Nitish Kumar Reddy ने चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे रेड्डी ने अपने शांत स्वभाव और जिम्मेदारी भरे खेल से सभी को प्रभावित किया। ऑस्ट्रेलिया में अपनी इस शानदार पारी से रेड्डी ने अपने करियर के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।

  • आर्थिक सुधारक का परिचय: Dr Manmohan Singh का जीवन और कार्य

    आर्थिक सुधारक का परिचय: Dr Manmohan Singh का जीवन और कार्य

    Dr Manmohan Singh

    Dr Manmohan Singh का जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब के गाह गांव (now in Pakistan) में हुआ था। वह एक प्रसिद्ध भारतीय अर्थशास्त्री और राजनेता थे। उनका निधन 26 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली, भारत में 92 वर्ष की आयु में हुआ।

    Dr Manmohan Singh का  प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

    1947 में विभाजन के बाद, सिंह का परिवार भारत आ गया। उन्होंने अर्थशास्त्र में अपनी शिक्षा पूरी की और 1952 और 1954 में पंजाब विश्वविद्यालय( Panjab University) से स्नातक और परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय( University of Cambridge) से 1957 में अर्थशास्त्र में फर्स्ट क्लास ऑनर्स की डिग्री और 1962 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नफील्ड कॉलेज(Nuffield College at Oxford University) से डी.फिल. (डॉक्टरेट) की उपाधि प्राप्त की।

    Academic और व्यावसायिक करियर

    Dr. Manmohan Singh ने अपने करियर में विभिन्न Academic  और पेशेवर भूमिकाएँ निभाईं। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय( Panjab University) में Professor के रूप में काम किया और बाद में मुख्य आर्थिक सलाहकार और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर जैसे पदों पर कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत की financial नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    Dr. Manmohan Singh
    Dr Manmohan Singh

    राजनीतिक करियर

    1991 में, जब भारत गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, Dr Manmohan Singh  को भारत का वित्त मंत्री(Finance Minister) नियुक्त किया गया। उन्होंने ऐसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार लागू किए, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को liberalization की दिशा में आगे बढ़ाया और इसे आधुनिकीकरण और विकास का मार्ग दिया। 2004 में, वे भारत के प्रधानमंत्री(Prime Minister) बने और 2014 तक लगातार दो कार्यकालों तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण योजनाओं का execution और अमेरिका के साथ ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौता शामिल था। हालांकि, उनके दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार घोटाले और आर्थिक मंदी जैसी चुनौतियाँ सामने आईं।

    व्यक्तिगत जीवन

    Dr Manmohan Singh अपनी ईमानदारी, विनम्रता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, गुरशरण कौर, और तीन बेटियाँ हैं।

    बीमारी और निधन

    अपने अंतिम वर्षों में, Dr Manmohan Singh को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनमें कई heart surgery शामिल थीं। 26 दिसंबर 2024 को, उन्हें नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया, जब वे अपने घर पर गिर गए। चिकित्सा प्रयासों के बावजूद, उसी दिन उनका निधन हो गया।

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    विरासत

    Dr Manmohan Singh को भारत के आर्थिक परिवर्तन के प्रमुख शख्सियत और एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देश को महत्वपूर्ण परिवर्तनों के दौर से गुजारा। उनके योगदान भारत के राजनीतिक और आर्थिक landscape पर एक indelible छाप छोड़ गए हैं।

  • सुरक्षा कवच: Shanti International School Noida  ने दिखाई भारत की ताकत

    सुरक्षा कवच: Shanti International School Noida ने दिखाई भारत की ताकत

    नोएडा, 26 दिसंबर 2024: Shanti International School Noida ने 22 दिसंबर 2024 को अपना वार्षिक समारोह “सुरक्षा कवच: भारत, एक उभरती महाशक्ति” भव्य तरीके से आयोजित किया। यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक धरोहर, तकनीकी प्रगति और रक्षा क्षमता को समर्पित था, जिसने छात्रों, अभिभावकों और अतिथियों में देशभक्ति और गर्व की भावना जगाई।

    Shanti International School Noida
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    Shanti International School Noida

    पुरस्कार और सम्मान समारोह
    कार्यक्रम की शुरुआत पुरस्कार वितरण से हुई, जिसमें छात्रों और शिक्षकों को शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसने सभी को प्रेरित किया और उत्सव की शुरुआत को और खास बना दिया।

    विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा गौरव
    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अनिल कुमार प्रथाम (सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक) और श्री साहिल मलिक ( राजनेता और उत्तर प्रदेश के विधायक श्री के.पी. मलिक के पुत्र) शामिल हुए।

    सम्माननीय अतिथियों में शामिल थे:

    • श्री सुबोध वर्मा (बिजनेस फेसिलिटेटर, यूको बैंक)
    • डॉ. विकास राज तिवारी (जर्नलिस्ट- डिजिटल मीडिया इनोवेटर)
    • डॉ. स्वाति राज तिवारी (सामाजिक कार्यकर्ता और पेरेंटिंग विशेषज्ञ)
    • सुश्री रेनू नेहरा (मालिक, ब्लॉसम्स स्क्वायर प्री-स्कूल)
    • श्री पंकज (जॉली किड्स प्लेग्रुप)
    • सुश्री प्रियंका (वंडर प्लेग्रुप)
    Shanti International School Noida
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    सभी अतिथियों ने स्कूल के प्रयासों की सराहना की और आयोजन की सफलता को बधाई दी।

    शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
    कार्यक्रम में शहीदों को सम्मानित करने के लिए पुष्पांजलि अर्पण और 5 तोपों की सलामी दी गई। यह पल दर्शकों के दिलों को छू गया और बलिदान के महत्व को उजागर किया।

    भारत की यात्रा पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
    सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया:

    • पारंपरिक नृत्य: भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाया।
    • देशभक्ति नाटक: स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और सैनिकों की वीरता को प्रदर्शित किया।
    • तकनीकी प्रगति: रचनात्मक स्किट और कोरियोग्राफी के माध्यम से भारत की तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में उपलब्धियों को दिखाया।
    Shanti International School Noida
    Shanti International School Noida

    क़व्वाली ने बढ़ाया जोश
    देशभक्ति से ओत-प्रोत क़व्वाली प्रस्तुति ने संगीत और देशप्रेम का अद्भुत संगम दिखाया, जो दर्शकों के दिलों को छू गया।

    प्रेरणादायक संदेश और समापन
    कार्यक्रम का समापन भारत को और सशक्त बनाने के संदेश के साथ हुआ। “सुरक्षा कवच” की थीम ने सभी को देश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी।

    शांति इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा का यह आयोजन बेहद सफल रहा। कार्यक्रम ने सभी में गर्व और प्रेरणा का संचार किया और भारत के उज्जवल भविष्य के लिए आशा का संचार किया।

  • युवा कबड्डी(Yuva Kabaddi) सीरीज़: तीसरे दिन हुए मुकाबलों ने बढ़ाई क्रिसमस की चमक

    युवा कबड्डी(Yuva Kabaddi) सीरीज़: तीसरे दिन हुए मुकाबलों ने बढ़ाई क्रिसमस की चमक

    Yuva Kabaddi कोयंबटूर, 25 दिसंबर, 2024:
    तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित करपागम अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन में आयोजित युवा कबड्डी(Yuva Kabaddi) सीरीज डिवीजन 2 के तीसरे दिन हुए मैचों ने क्रिसमस के जश्न में चार चांद लगा दिए।
    दिन की शुरुआत दिल्ली धुरंधरों ने पंचाला प्राइड को 53-29 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत के साथ की। मैच के स्टार खिलाड़ी रहे अनुज नेगी ने 17 रेड प्वाइंट हासिल किए, जबकि विनोद पाल ने बेंच से उतरते ही 7 टैकल प्वाइंट अर्जित किए। वहीं पंचाला प्राइड की तरफ से अंकित सिंह के 7 टैकल पॉइंट और राहुल कुमार के 9 रेड पॉइंट के बावजूद टीम को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा।

    युवा कबड्डी(Yuva Kabaddi) लीग: चंडीगढ़, यूपी और चोल वीरन्स ने शानदार जीत दर्ज की

    दिन के दूसरे मुकाबले में चंडीगढ़ चार्जर्स ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए हम्पी हीरोज को 45-31 से हराया। बबलू सिंह ने 5 रेड प्वाइंट और 4 टैकल प्वाइंट के साथ शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। निकेश भी सुपर 10 और रक्षात्मक योगदान के साथ उत्कृष्ट रहे। हम्पी के कृपासागर डी ने सुपर 10 हासिल किया, लेकिन साथियों से समर्थन न मिलने के कारण टीम को हार का सामना करना पड़ा।

    वहीं यूपी फाल्कन्स तीसरे मैच में विजाग विक्टर्स पर 52-22 की शानदार जीत के साथ अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गया। रचित यादव के शानदार 17 रेड प्वाइंट और आशीष भाटी के 12 रेड प्वाइंट विजाग के लिए कारगर रहे। पिराती श्रीशिवतेजेश के सुपर 10 के बावजूद, विजाग विक्टर्स फाल्कन्स की बराबरी नहीं कर सका।
    दिन का अंतिम मैच काफी रोमांचक रहा। इस मुकाबले में चोल वीरन्स ने हैदराबाद हरिकेन्स को 31-29 से शिकस्त दी। जहां अय्यप्पन वीरपांडियन ने सुपर 10 के साथ टीम की कमान संभाली, तो वहीं अरुण कुमार ने भी उनका भरपूर साथ निभाया। हैदराबाद की ओर से बनोथु संतोष और सुरेश ओरुगांती दोनों ने सुपर 10 स्कोर किया, लेकिन हरिकेंस दो अंक से पीछे रह गया।

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    गुरुवार 26 दिसंबर युवा कबड्डी(Yuva Kabaddi) सीरीज़ डिवीज़न 2 मैचों का कार्यक्रम

    मैच 13: हम्पी हीरोज बनाम सिंध सोनिक्स, सुबह 10:00 बजे
    मैच 14: दिल्ली धुरंधर्स बनाम विजाग विक्टर्स, सुबह 11:30 बजे
    मैच 15: चंडीगढ़ चार्जर्स बनाम हैदराबाद हरिकेंस, दोपहर 3:45 बजे
    मैच 16: चोल वीरांस बनाम यूपी फाल्कन्स, शाम 5:15 बजे

  • Vinay Wings नवजीवन ने महिलाओं के सम्मान में आयोजित किया  समारोह

    Vinay Wings नवजीवन ने महिलाओं के सम्मान में आयोजित किया  समारोह

    नोएडा। नोएडा से संचालित नवगठित संस्था विनय विंग्स(Vinay Wings) नवजीवन ने नोएडा मीडिया क्लब में महिलाओं के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें महिलाओं और छोटी बच्चिओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों देशभक्ति तथा अन्य गानों पर अपनी प्रस्तुति भी दी। 

        संस्था की अध्यक्ष नीतू यादव ने बताया कि यूं तो भारत सरकार एवं परजदेश सरकार लगातार महिला उत्थान तथा बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ आदि मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन पूर्ण रूप से कर रहीं हैं। लेकिन सरकार के साथ सामाजिक संस्थाओं का भी कर्तव्य है कि वे भी जिस दिशा मैं काम करती हैं। उसे वे पूरी निष्ठा से करें ताकि सरकार का उद्देश्य पूर्ण हो सके। 

    Vinay Wings
    Vinay Wings

    Vinay Wings : नवजीवन की नई उड़ान और महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल

     इन सभी बातों को ध्यान मैं रखते हुए हमने विनय विंग्स(Vinay Wings ) की स्थापना की और नवजीवन के टैग के साथ इसको शुरू किया। इसी टैग लाइन के साथ हमने नोएडा मीडिया क्लब मैं इस सम्मान समारोह का आयोजन किया है। नीतू यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने कोशिश की कि हमारे आसपास की महिलाओं और बच्चियों को होने वाली समस्याओं से अवगत कराया जाए और उनके हौसलों को नै उड़ान दी जाए। 

    वरिष्ठ पत्रकार अभिमन्यु पांडेय का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन

    कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ आपसी तालमेल को सुचारु रखना था जिसमे हम कामयाब भी रहे। उन्होंने बताया की कार्यक्रम के दौरान छोटी बच्चियों ने कई भावात्मक प्रस्तुतिओं से सबका मन मोहा। साथ ही उपस्थित महिला समूहों ने भी इन प्रस्तुतियों का आनंद उठाया।  

    Vinay Wings
    Vinay Wings

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    कार्यक्रम के दौरान सभी को मोटोवेशन भी दिया गया कि किस तरह हम एक दूसरे की मदद से देश मैं बदलाव ला सकें। इस दौरान महिलाओं को शॉल उढ़ाकर सम्मानित किया गया और उन्हें सेनेटरी पैड भी वितरित किए गए।  साथ ही बच्चों को को स्टेशनरी आदि भेंट की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अभिमन्यु पांडेय जी द्वारा भी उपस्थित समूह को प्रोत्साहित किया गया।  कार्यक्रम मैं मुख रूप से गुड़िया भदौरिया , रेखा यादव, ज्योति पटेल , प्रीति सिंह की उपस्थिति रही।

  • Allu Arjun के घर पर हमला: ‘पुष्पा 2’ विवाद ने परिवार को बनाया निशाना

    Allu Arjun के घर पर हमला: ‘पुष्पा 2’ विवाद ने परिवार को बनाया निशाना

    सुपरस्टार Allu Arjun और उनकी बहुचर्चित फिल्म ‘पुष्पा 2’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता  जा रहा है। हाल ही में, हैदराबाद स्थित उनके घर पर उस्मानिया यूनिवर्सिटी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों द्वारा हमला किया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए 6  लोगों को गिरफ्तार किया है।

    Allu Arjun : बच्चों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

    विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें Allu Arjun  अपने दोनों बच्चों को घर से सुरक्षित स्थान पर ले जाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि टाइट सिक्योरिटी के बीच दोनों बच्चे कार में बैठते हैं और वहां से रवाना हो जाते हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बच्चों को किसी गुप्त और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी location  का खुलासा नहीं किया गया है।

    Producer  का बड़ा कदम

    फिल्म ‘पुष्पा 2’ के Producer  ने विवाद को शांत करने के लिए 50 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी है। यह कदम तनाव को कम करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, विरोध करने वाले समूह अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे स्थिति सामान्य होती नहीं दिख रही।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में Allu Arjun के हैदराबाद स्थित आलीशान घर के बाहर का माहौल देखा जा सकता है। सिक्योरिटी के सख्त इंतजाम किए गए हैं। फैंस और समर्थकों ने वीडियो पर चिंता जाहिर की है और परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है।

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    फिल्म ‘पुष्पा 2’ विवाद की वजह क्या है?

    सूत्रों के मुताबिक, यह विरोध फिल्म ‘पुष्पा 2’ में दिखाए गए कुछ विवादित मुद्दों और दृश्य से जुड़ा हो सकता है। उस्मानिया यूनिवर्सिटी ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने फिल्म से जुड़ी अपनी आपत्तियां जताई थीं, जो बाद में हिंसक प्रदर्शन में बदल गईं।