Greater Noida: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देष पर आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सवा लाख तिरंगा बांटेगा। प्राधिकरण के सभी विभागों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के ओएसडी प्रोजेक्ट विशु राजा ने मंगलवार को सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक की। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए आरडब्ल्यूए, अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन, स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने अति शीघ्र तिरंगा तैयार कराकर बंटवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
दरअसल, आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने के लिए विगत वर्ष की भांति 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम शुरू किया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इस अभियान को सफल बनाने का बीड़ा उठाया है। प्राधिकरण ने सवा लाख तिरंगा बांटने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्राधिकरण की तरफ से सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। मंगलवार को इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी विशु राजा ने प्राधिकरण के सभी विभागों के साथ बैठक की। ओएसडी ने सभी विभागों को अति शीघ्र तिरंगा तैयार कराकार बंटवाने व उसे लोगों के घरों पर लगवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस काम में आवासीय सेक्टरों की आरडब्ल्यूए व सोसाइटियों में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से सहयोग लिया जाएगा। स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों के माध्यम से भी लोगों को घरों पर तिरंगा लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा। ओएसडी ने घर पर तिरंगा लगा फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करने के निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा के प्रमुख चौराहों पर तिरंगे की फ्लैक्सी लगाई जाएगी। फ्लैक्सी , होर्डिंग आदि के जरिए शहर भर में प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। प्राधिकरण के एसीईओ आनंद वर्धन ने रोडवेज बसों, सार्वजनिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, गैर सरकारी संगठनों, रेस्टोरेंट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, टोल प्लाजा, पुलिस चौकी आदि जगहों पर भी तिरंगा फहराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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Greater Noida Authority: हर घर तिरंगा अभियान के तहत सवा लाख तिरंगा बांटेगा ग्रेनो प्राधिकरण
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संसद में ‘पठान’ की गुंज, पीएम मोदी ने कहा कश्मीर में तो कमाल हो गया
बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म ‘पठान (Pathaan)’ का आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है। जहां फिल्म ने रिलीज के 14 दिन बाद बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर दिया है तो वहीं वर्ल्डवाइड स्तर पर भी फिल्म ने 850 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। ‘पठान’ को मिल रहे इस जबरदस्त रिस्पांस से मेकर्स के साथ-साथ फैंस भी काफी खुश हैं। वहीं अब ‘पठान’ की सफलता की गूंज संसद तक भी पहुंच गई है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ का नाम लिए बिना ही फिल्म की खूब तारीफ की।
पीएम मोदी ने की ‘पठान’ की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ की तारीफों के पुल बांध दिए। उन्होंने कहा, “श्रीनगर के अंदर दशकों बाद थिएटर हाउसफुल रहे हैं।” ‘पठान’ को मिली पीएम मोदी की इस सराहना से शाहरुख खान के फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग फिल्म की मिल रही इस सराहना को लेकर शाहरुख खान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। -

Union Budget 2023: उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा बजट- डॉ. डी के गुप्ता
Union Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में हेल्थ सेक्टर पर विशेष जोर दिया है। यही नहीं राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक खुला मंच तैयार किया जाएगा। फेलिक्स अस्पताल के डॉ. डीके गुप्ता का कहना है कि बजट में प्राविधान है कि 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। साल 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए मिशन स्थापित किया जाएगा। प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में 40 साल तक के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। सरकार इस बीमारी (एनीमिया) को खत्म करने को लेकर काफी अलर्ट मोड में है। फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान के लिए नए कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।अनुसंधान में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सार्वजनिक और निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा अनुसंधान के लिए आईसीएमआर की चुनिंदा प्रयोगशालाओं में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्रीय बजट 2022-23 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को 86,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वित्त वर्ष 2020-21 में 73,932 करोड़ रुपये की तुलना में यह लगभग 16.5 प्रतिशत की वृद्धि थी। स्वास्थ्य प्रदाताओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की डिजिटल रजिस्ट्रियां, यूनिक स्वास्थ्य पहचान और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच शामिल होगी। यह बजट देश में मेंटल हेल्थ को मजबूत करने, रिसर्च को बढ़ाने, आम जन तक उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा। मौजूदा वक्त में महामारियों से निपटने के लिए उच्च स्तरीय देखभाल अस्पतालों की आवश्यकता है। हमें स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत करने, नई तकनीकों का विस्तार करने, अनुसंधान पर जोर देने की आवश्यकता है ताकि इस क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भरता आ सके। हमें इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग की आवश्यकता है। हमें कोरोना जैसी महामारियों के लिए बहुत अच्छी तरह से तैयार रहना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत है। स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में मजबूती के लिए हमें कुशल जनशक्ति की भी आवश्यकता है। आप बजट को देखें तो स्वास्थ्य सेवा का जिक्र बहुत कम है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह संख्या एक से भी कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जो स्टैंडर्ड तय किए हैं, यह उससे बेहद कम है। देश डॉक्टरों की भारी किल्लत से जूझ रहा है। 2018 में देश में महज एक लाख 14 हज़ार एलोपैथिक डॉक्टर थे। इसी तरह नर्सों और दूसरे मेडिकल प्रोफेशनल्स की भी कमी है। हाल ही में मेडिकल स्टूडेंट्स की सीटें बढ़ाने के लिए कुछ क़दम उठाए गए हैं। बड़े शहरों में तो अस्पताल सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टरों में हैं। लेकिन, मझोले और छोटे शहरों में मुश्किल आती है। वहां प्राइवेट सेक्टर को अस्पतालों में निवेश करने के लिए लुभाना होगा। दवाओं का कच्चा माल, मेडिकल उपकरण, ये सब पूरी तरह देश में ही बनें, इसके लिए निवेश चाहिए। हेल्थकेयर एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें तकनीक लगातार बदलती रहती है। रोज नए प्रॉडक्ट सामने आते रहते हैं यानी इस सेक्टर से जुड़े लोगों का स्किल्ड होना बेहद जरूरी है। हेल्थकेयर की ट्रेनिंग में कंपनियां अपना खर्च बढ़ाएं। इंडस्ट्री इस पर प्रोत्साहन देने की मांग कर रही है। हेल्थकेयर का सिस्टम आपस में कनेक्टेड भी होना चाहिए। सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ डायग्नोस्टिक सेंटरों का जो भी डेटा हो, वो रियल टाइम में एक डेटा सेंटर के अंदर पहुंचे। इससे बीमारी के पैटर्न में किसी भी बदलाव पर नजर रखी जा सकेगी। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की पहल इसी दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि आने वाले बजट में इसको मजबूत करने का इंतजाम होगा। भारत की एक बड़ी आबादी के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। हालांकि आयुष्मान योजना से हालात बदल रहे हैं। इसका लाभ समाज के गरीब वर्गों को मिल रहा है। सेहत के लिए सबसे जरूरी यह है कि लोगों को साफ पानी मिले। लोग जहां रहते हैं, वहां सफाई हो।
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Noida में आशियाना बनाने की चाह रखने वालों के लिए खुशखबरी, उठाइये इस शानदार मौके का फायदा!
Noida: नोएडा अथॉरिटी सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह से आवासीय और औद्योगिक भूखंड योजना को लॉन्च करने वाला है। नोएडा के 13 सेक्टर में लोग आवासीय भूखंड खरीद सकेंगे। इन सेक्टर में 243 भूखंड हैं। भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के जरिए होगा।
सेक्टर-151 में सबसे ज्यादा भूखंड
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार आम लोगों के लिए सेक्टर-151 में भूखंडों की योजना लाई गई है। यहां पर 93 भूखंड हैं। सेक्टर-151 में 56 हजार 620 रुपये प्रति वर्ग मीटर भूखंड का रिजर्व प्राइज होगा। इसके अधिक कीमत पर भूखंड लेने के लिए बोली लगानी होगी।
लेफ्ट ओवर के तहत निकाली गई स्कीम
अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-151 के अलावा सेक्टर-31, 33, 34, 35, 43, 44, 47, 51, 52, 105, 108, 93 बी में भी भूखंडों की योजना लाई जा रही है। इन सेक्टर में 150 भूखंड हैं। ये योजना लेफ्ट ओवर स्कीम के तहत चलाई जा रही है।
आवेदन की तारीख जानिए
यह योजना पांच सितंबर को लाई जा रही है जिसमें 26 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। जिस सेक्टर में भूखंड होगा, उस सेक्टर का आवासीय भूखंड का रेट रिजर्व प्राइज के रूप में होगा। अभी हाल ही में नोएडा में आवासीय भूखंडों के रेट में बढ़ोतरी की गई है।
ई नीलामी के जरिए होगा आवंटन
भूखंड लेने के लिए रिजर्व प्राइज से अधिक की बोली लगानी होगी। आवासीय के अलावा प्राधिकरण औद्योगिक भूखंड योजना ला रहा है। यह भूखंड सेक्टर-67, 80, 145, 158 और 164 में लाई जाएगी।
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Noida Police और आर्मी वेटरन की शानदार पहल, अग्निपथ योजना पर युवाओं को दिया संदेश
Noida : देशभर में अग्नीपथ को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। आज भारत बंद का ऐलान भी किया गया है। इन सबके बीच Noida Police और पूर्व सैनिकों ने एक अच्छी पहल की शुरुआत की है। नोएडा पुलिस और आर्मी वेटरन ने एक नोएडा मीडिया क्लब में संयुक्त प्रेस वार्ता कर अग्निपथ को लेकर फैली अफवाहों को दूर किया है और बताया कि अग्निपथ योजना कैसे लाभदायक है।नोएडा पुलिस आर्मी वेटरन ने द्वारा किए गए संयुक्त प्रेस वार्ता में नोएडा पुलिस से एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह मौजूद रहे। वहीं आर्मी बैटल कर्नल आईपी सिंह, कर्नल एसके वोहरा, कर्नल आरके भूषण, कर्नल एसके श्रीवास्तव, कर्नल शैलेन्द्र सिंह मौजूद रहे। इस दौरान कर्नल शैलेंद्र एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह और अन्य आर्मी वेटरन में अग्नीपथ के बारे में भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की।
भारत को यंग आर्मी की जरूरत
आर्मी वेटरन के कहा कि भारत को यंग आर्मी की जरूरत है। दुनियाभर के बड़े देशों में ऐसे सिस्टम चलते आ रहे है ऐसे में भारत मे भी इसकी जरूरत थी। इसके बाद आर्मी वेटरन ने बताया कि 25% जवानों को वापस रख लिया जाएगा। 75% को इतना ट्रेंड कर दिया जाएगा। ताकि आगे रिटायर होकर भी कई जगह जा सकते है। उनको कई सशस्त्र बल, PSU, बैंक में प्राथमिकता दी जाएगी।सिस्टम को खत्म करना जरूरी
आर्मी वेटरन ने आगे कहा कि पहले हाथ और तलवारों के साथ युद्ध लड़ा जाता था। अब जमाना टेक्निकल लड़ाई का है। फौज को जवान रखना बेहद जरूरी है 30 से 35 साल में 80% तक रिटायर हो जाते हैं ऐसे में इस सिस्टम को खत्म करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि सरकार ने उम्र सीमा 17 साल से 21 साल के बजाए 23 साल कर दिया है। ऐसे में क्योंकि वह पहले ही फिजिकल या मेडिकल में पास हो चुके हैं तो दोबारा उन्हें पास होने में कोई दिक्कत नहीं होगी, बल्कि अब भर्तियों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिससे उनके भर्ती होने के चांस और ज्यादा बढ़ जाएंगे।भारतीय सेना के लायक नहीं
वही अग्नीपथ को लेकर हो रही हिंसा के बारे में बात करते हुए आर्मी वेटरन ने कहा कि जो भी जवान भारतीय सेना में जाना चाहते हैं, वो इतने डिसिप्लिन होते हैं कि इस तरह की हरकत कर ही नहीं सकते, जो भी लोग इस तरह की हरकत कर रहे हैं। वह भारतीय सेना के लायक नहीं है। इसलिए अगर फौज में जाना है तो इस तरह के हिंसा में जाने से बचना चाहिए।युवाओं को हिंसा से बचना चाहिए : रणविजय
एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने कहा कि जो लोग भी हिंसा में शामिल हुए हैं पुलिस उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में एक बार एफआईआर में नाम चढ़ने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिलेगी। इसलिए जो युवा हिंसा या विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए।वही ट्रेनिंग पीरियड को 6 महीने करने से भारतीय आर्मी स्टैंडर्ड में कमी होने की आशंका पर आर्मी वेटरन ने कहा कि भारतीय आर्मी दुनिया की सबसे स्टैंडर्ड आर्मी में से एक है 6 महीने की ट्रेनिंग से आर्मी के स्टैंडर्ड में कोई कमी नहीं आएगी, जवान की ट्रेनिंग सिर्फ शुरुआत में नहीं होती बल्कि रिटायरमेंट तक जवान की ट्रेनिंग चालू रहती है। चीन के साथ हुए युद्ध के दौरान 3 महीने की ट्रेनिंग पर भी जवानों ने युद्ध लड़ी थी, तो इस बात को कहना कि ट्रेनिंग पीरियड कम होने से भारतीय सेना के स्टैंडर्ड में कमी होगी ठीक नही है।
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PunjabElectionsResult: ‘आइ लव यू पंजाब’, आपने कमाल कर दिया, जीत के बाद बोले अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली: #PunjabElectionsResult: ‘आइ लव यू पंजाब’, आपने कमाल कर दिया, जीत के बाद बोले अरविंद केजरीवालपंजाब में ऐतिहासिक जीत पर आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में जीत के जश्न में शामिल हुए और समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने कमाल कर दिया, आइ लव यू पंजाब। उन्होंने सरदार भगवंत मान को पंजाब का सीएम बनने की बधाई देते हुए कहा कि पहले दिल्ली में इंकिलाब हुआ, आज पंजाब में इंकिलाब हुआ, अब पूरे देश में इंकिलाब होगा। अपने इस नजरिए से केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करने के भी संकेत दे दिए। इसके साथ ही मन को व्यथित करने वाले दूसरे दलों के आरोपों पर भी अपनी बात कही। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में मुझे रोकने के लिए विरोधी दलों ने खूब षड्यंत्र रचे, मुझे आतंकी तक कह दिया, लेकिन आज जनता ने बता दिया कि केजरीवाल आतंकी नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाने वालों के लिए कहा कि आतंकवादी तुम लोग हो, जो सारे मिलकर देश को लूट रहे हो।
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 साल से अंग्रेजों वाला सिस्टम चल रहा था। आम आदमी पार्टी ने पिछले सात साल में यह सिस्टम बदला है। अब गरीबों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने लगी है और बाबा साहब व भगत सिंह का सपना पूरा होने लगा है। आज हम लोगों को संकल्प लेना है कि हम नया भारत बनाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि सारी महिलाएं, युवा, किसान, श्रमिक, व्यापारी और उद्योगपति सभी लोग आम आदमी पार्टी में शामिल हों। हम एक ऐसा भारत बनाएंगे, जहां कोई भूखा नहीं सोएगा और सभी सुरक्षित होंगे। आने वाला समय भारत का है और भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनने से अब कोई नहीं रोक सकता है।
आप संयोजक ने कहा कि एक आम आदमी को लगता है कि मैं क्या कर सकता हूं। मैं तो बहुत छोटा हूं, लेकिन आपको पता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को आज भदौड़ से लाभ सिंह ने हराया है। लाभ सिंह मोबाइल रिपेयर करने वाली दुकान में नौकरी करते हैं। उनकी माता जी एक सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी का काम करती हैं। उनके पिता जी खेतों में मजदूरी करते हैं। नवजोत सिंह सिद्धू और विक्रम सिंह मजीठिया को हमारी एक महिला वालंटियर जीवन ज्योत कौर ने हरा दिया। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी में बड़ी ताकत है। मैं बार-बार कहता हूं कि इस आम आदमी को चुनौती मत दो, यह जिस दिन खड़ा हो गया, बड़े-बड़े इंकिलाब आ जाएंगे, बड़ी-बड़ी कुर्सियां हिल जाएंगी। सुखबीर सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रकाश सिंह बादल साहब, नवजोत सिंह सिद्धू व विक्रम सिंह मजीठिया हार गए।
केजरीवाल ने पूरे देश के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपनी ताकत को पहचानो। खड़े हो जाओ, अब देश के अंदर इंकिलाब लाना है। अब और समय खराब नहीं करना है। आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं है, बल्कि यह इंकिलाब का नाम है। उन्होंने कहा कि लोगों ने बड़ा विश्वास किया है। इस विश्वास को हमें टूटने नहीं देना है। इसके साथ ही केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से अहंकार और गालीगलौज की राजनीति न कर शालीनता के साथ जनता के लिए काम करने का आह्वान किया। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज केजरीवाल के काम करने का जो माडल है, वो अब राष्ट्रीय हो गया है। बाबा साहब और भगत सिंह के सपने को पूरा करने का जो काम केजरीवाल जी ने शुरू किया है, उस पर आज पंजाब की जनता ने मुहर लगा दी है। -
कब आ सकती कोरोना की चौथी लहर और होगी कितनी खतरनाक!

नई दिल्ली। लुधियाना के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीएमसीएच) ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर भविष्यवाणी की है। सीएमसीएच ने उपलब्ध डेटा के आधार पर कहा कि मई के आरंभ में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना है और यह लगभग 6 सप्ताह तक बनी रह सकती है। इस भविष्यवाणी में शामिल एक डॉक्टर ने कहा कि ओमिक्रॉन के BA 1 वेरिएंट की वजह से कोरोना की तीसरी लहर आई थी जो दिसंबर से मध्य फरवरी तक चली। BA 2 वेरिएंट की वजह से पंजाब में चौथी लहर आने की संभावना है जो मई से मध्य जून तक बनी रह सकती है।
कोरोना की चौथी लहर में भी तीसरी लहर की तरह स्थितियां समान होने की संभावना है, क्योंकि दोनों वेरिएंट एक ही तरह से व्यवहार करते हैं और समान गति से लोगों को संक्रमित करते हैं, हालांकि BA 2 वेरिएंट मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है जबकि BA. 1 वेरिएंट गले को प्रभावित करता था। उन्होंने कहा कि यदि BA 2 वेरिएंट फेफड़ों को प्रभावित करता है तो रोग की गंभीरता डेल्टा स्ट्रेन के समान होगी। हालांकि यह दूसरी लहर जितना गंभीर ननहीं होगा क्योंकि टीकाकरण का दायरा काफी बढ़ गया है।
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नोएडा अथॉरिटी ने की कार्रवाई, पुलिस की बर्बरता, नोएडा सेक्टर 93 के लोगों ने मांगा इंसाफ
Noida – थाना फेस-2 क्षेत्र के गेझा गांव में शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम द्वारा किसान का मकान ध्वस्त किए जाने पर हंगामा हो गया | सूचना पर पहुंचे किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ध्वस्त मकान का फिर से निर्माण शुरू कर प्राधिकरण की टीम और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए |
हालांकि प्राधिकरण ने अपनी कार्यवाही को सही ठहराया है नोएडा प्राधिकरण की टीम शुक्रवार को पुलिस के साथ गेझा गांव पहुंचे और किसान अनिल पाल के मकान को अवैध बताकर दोस्त करने लगी परिजनों ने प्राधिकरण की कार्यवाही को विरोध किया तो पुलिस ने परिजनों को शक्ति से हटाकर मकान ध्वस्त करा दिया आरोप है कि कार्यवाही के दौरान मकान में रखा सारा सामान भी टूट गया इस बारे में जो भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा और कांग्रेस नेता अनिल यादव को सूचना मिली तो वह भारी संख्या में किसानों के साथ मौके पर पहुंच गए तब तक प्राधिकरण की टीम जा चुकी थी |
किसान नेता और कांग्रेसियों ने प्राधिकरण की कार्यवाही का विरोध कर दोस्त मकान का फिर से निर्माण शुरू करा दिया|
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सामाजिक सरोकारों से प्रेरित जाति जनगणना की मांग, राजनीतिक नहीं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
हाल ही में संसद में केंद्र के एक बयान से जाति जनगणना की नई मांग शुरू हो गई है कि केवल एससी और एसटी की आबादी का पता लगाने की कवायद विचाराधीन है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जाति आधारित जनगणना के लिए उनकी मजबूत पिच राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से प्रेरित है। यहां अपने साप्ताहिक जनसंपर्क कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए कुमार, जो जनता दल (यूनाइटेड) के वास्तविक नेता हैं, ने यह भी खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलने का समय मांगने वाला उनका पत्र पिछले सप्ताह भेजा गया था और एक उसी के जवाब का इंतजार था।
मुझे पता चला है कि मेरा पत्र 4 अगस्त को प्रधान मंत्री कार्यालय पहुंचा था। मैं प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूं, कुमार ने कहा। उन्होंने इस सुझाव पर सहमति व्यक्त की थी कि उन्हें राज्य के सभी दलों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मोदी से मिलना चाहिए।
यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह एक सामाजिक मुद्दा है। एक कारण है कि मांग (जाति जनगणना के लिए) कई राज्यों में गूंज रही है। एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए हम सहमत होने का कारण यह है कि बिहार में इस मुद्दे पर एकमत है। उन्होंने कहा कि इस आशय के प्रस्ताव विधायिका में सर्वसम्मति से दो बार पारित किए जा चुके हैं। हाल ही में संसद में केंद्र के एक बयान से जाति जनगणना की नई मांग शुरू हो गई है कि केवल एससी और एसटी की आबादी का पता लगाने की कवायद विचाराधीन है।
इससे बिहार की राजनीति में एक मंथन हुआ है, जहां कुमार और उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी लालू प्रसाद सहित अधिकांश प्रमुख राजनीतिक नेता संख्यात्मक रूप से शक्तिशाली ओबीसी से संबंधित हैं। प्रसाद की राजद, अनुमानित रूप से, कुमार के रूप में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों की गणना करने के पक्ष में है। भाजपा, जिसने पूर्व में राज्य स्तर पर इस मांग का समर्थन किया था, अब अपने शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपनाए गए एक अलग रुख को देखते हुए समान प्रतीत होती है। कुमार ने फिर भी जोर देकर कहा, हमें केंद्र के सामने यह बताना चाहिए कि हम इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं और क्या महसूस करते हैं। यह केंद्र को तय करना है कि वह हमारी दलील को स्वीकार करे या नहीं। पिछली बार 1931 में एक जाति जनगणना हुई थी। एक नई कवायद से वंचित वर्गों को अधिक प्रभावी तरीके से सुशासन के फल लाने में मदद मिलेगी।
यह देखते हुए कि मंडल आयोग की सिफारिशों के अनुसार ओबीसी के लिए आरक्षण का कार्यान्वयन इसके निहितार्थों में गहरा रहा है, कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए कोटा के माध्यम से लैंगिक असमानता को कम करने के प्रयासों के साथ इसका पालन करने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि कोई विकल्प नहीं बचा है, तो उनकी सरकार जातियों का एक राज्य-विशिष्ट सर्वेक्षण करने पर विचार कर सकती है, हालांकि जनगणना, जिसकी शर्तें केवल केंद्र द्वारा तय की जा सकती हैं, सबसे बेहतर विकल्प होगा।
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भारत में इस सप्ताह नए COVID-19 मामलों में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्व स्तर पर अभी भी उच्चतम: WHO
रॉयटर्बुरॉयटर्सधवार को अपडेट किए गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने एक ही दिन में कोरोनावायरस के कारण रिकॉर्ड 4,529 लोगों की मौत देखी, जिससे COVID-19 की मौत का आंकड़ा 2,83,248 हो गया, जबकि 2,67,334 ताजा संक्रमण दर्ज किए गए,
पीटीआई
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि भारत ने पिछले एक सप्ताह में नए सीओवीआईडी -19 मामलों में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की है, लेकिन ताजा संक्रमणों की संख्या अभी भी दुनिया भर में सबसे अधिक है।
नए मामलों और मौतों की संख्या में 4.8 मिलियन से अधिक नए मामलों के साथ कमी जारी रही और पिछले सप्ताह में वैश्विक स्तर पर 86,000 नई मौतों की सूचना दी गई, जो कि पिछले सप्ताह की तुलना में क्रमशः 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की कमी है। -19 विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा राष्ट्रीय अधिकारियों से 16 मई तक प्राप्त साप्ताहिक महामारी विज्ञान अद्यतन डेटा ।
इसने कहा कि भारत से सबसे अधिक नए मामले (2,387,663 नए मामले) सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 13 प्रतिशत कम है।
इसके बाद ब्राजील ( 437,076 नए मामले; 3 प्रतिशत की वृद्धि), संयुक्त राज्य अमेरिका (235,638 नए मामले; 21 प्रतिशत की कमी), अर्जेंटीना (151,332 नए मामले; 8 प्रतिशत की वृद्धि) और कोलंबिया (115,834 नए मामले; 6 प्रतिशत की वृद्धि)।
भारत से सबसे अधिक नई मौतें दर्ज की गईं (27,922 नई मौतें; प्रति 100,000 में 2.0 नई मौतें; 4 प्रतिशत की वृद्धि), नेपाल (1,224 नई मौतें; प्रति 100 000 में 4.2 नई मौतें; 266 प्रतिशत की वृद्धि) और इंडोनेशिया (1,125 नई मौतें; प्रति 100,000 पर 0.4 नई मौतें; 5 प्रतिशत की कमी)।
डब्ल्यूएचओ द्वारा राष्ट्रीय अधिकारियों से 9 मई तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में सबसे अधिक 2,738,957 नए मामले दर्ज किए गए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है।
डब्ल्यूएचओ के अनुमान के अनुसार, भारत में वर्तमान में संचयी मामले लगभग 24.68 मिलियन हैं और कुल मृत्यु लगभग 270,284 है।
आंकड़ों में कहा गया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में पिछले सप्ताह की तुलना में 2.5 मिलियन से अधिक नए मामले और 30,000 से अधिक नई मौतें, क्रमशः 12 प्रतिशत की कमी और 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
लगातार नौ हफ्तों की वृद्धि के बाद मामले की घटनाओं में कमी आई, हालांकि महामारी की शुरुआत के बाद से पूर्ण संख्या अपने उच्चतम स्तर पर बनी हुई है, यह कहते हुए कि मौत की घटनाओं में लगातार नौवें सप्ताह में वृद्धि जारी रही।
वैश्विक स्तर पर, पिछले तीन हफ्तों में गिरावट की प्रवृत्ति के बावजूद, महामारी की शुरुआत के बाद से मामलों की घटनाएं उच्चतम स्तर पर बनी हुई हैं।
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के अलावा सभी क्षेत्रों ने इस सप्ताह नए मामलों में गिरावट दर्ज की, जहां नए मामलों की घटना पिछले सप्ताह के समान थी।
यूरोपीय क्षेत्र ने इस सप्ताह नए मामलों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, इसके बाद पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र का स्थान है।
इन क्षेत्रों ने पिछले एक सप्ताह में नई मौतों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। इसमें कहा गया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में पिछले सप्ताह की तरह ही नई मौतों की संख्या दर्ज की गई है।
भारत की COVID-19 टैली ने 7 अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, 5 सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख का आंकड़ा पार कर लिया था।
यह 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ के आंकड़े को पार कर गई।
भारत ने 4 मई को 2 करोड़ के गंभीर अकड़े को पार कर लिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार , भारत में कोरोनावायरस के कारण रिकॉर्ड 4,529 मौतें हुई हैं।एक ही दिन में, COVID-19 से मरने वालों की संख्या 2,83,248 हो गई, जबकि 2,67,334 नए संक्रमण दर्ज किए गए, जिससे कुल मामलों की संख्या 2,54,96,330 हो गई।
सक्रिय मामले और कम होकर 32,26,719 हो गए हैं, जिसमें कुल संक्रमण का 12.66 प्रतिशत शामिल है, जबकि राष्ट्रीय COVID-19 रिकवरी दर में सुधार हुआ है और यह 86.23 प्रतिशत हो गया है।