Category: मुख्य समाचार

  • Yogi govt: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आठवां दीपोत्सव होगा महा भव्य

    Yogi govt: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आठवां दीपोत्सव होगा महा भव्य

    Yogi govt

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi Adityanath)

    दीपोत्सव 2024

    त्रेता युग का अनुभव कराएंगे संस्कृति विभाग के मंच

    – श्रीरामलला के विराजमान होने के बाद पहले दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज

    – पहले से अधिक भव्य और अद्वितीय होने जा रहा अयोध्या का दीपोत्सव

    – दीपोत्सव के लिए 10 बड़े सांस्कृतिक मंचों का किया जा रहा निर्माण

    अयोध्या, 21 अक्टूबर: दीपोत्सव 2024 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और रामनगरी अयोध्या में भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष, दीपोत्सव का आठवां संस्करण पहले से भी अधिक भव्य और अद्वितीय होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  (Yogi govt) योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का प्रयास जारी है, जिससे भगवान श्रीराम के समय की पवित्रता और आध्यात्मिकता का अनुभव कराया जा सके। राम की पैड़ी, जहां लाखों दीप जलाए जाएंगे, को विस्तार देने का काम चल रहा है और नगर को पूरी तरह से सजाया और संवारा जा रहा है।

    आधुनिक तकनीक से सुसज्जित मंच और भव्य प्रदर्शनी

    Yogi govt: संस्कृति विभाग द्वारा दीपोत्सव के लिए 10 बड़े सांस्कृतिक मंचों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें तीन बड़े और सात छोटे मंच शामिल हैं। इन मंचों पर आधुनिक तकनीक के सहारे त्रेता युग की झलकियों को प्रदर्शित किया जाएगा। रामकथा पार्क में एक विशाल प्रदर्शनी का आयोजन होगा, जो रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आधुनिक तकनीकी माध्यमों से जीवंत करेगी। इस प्रदर्शनी में श्रद्धालु त्रेता युग का अनुभव कर सकेंगे और रामायण के महत्वपूर्ण पलों को करीब से देख पाएंगे।

    Yogi govt
    Yogi govt

    मठ-मंदिरों की सजावट और सफाई का विशेष ध्यान

    दीपोत्सव के भव्य आयोजन के लिए अयोध्या नगर निगम और संस्कृति विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। नगर निगम शहर की साफ-सफाई और पेंटिंग का कार्य कर रहा है, जबकि संस्कृति विभाग मठों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों को सजाने-संवारने में जुटा हुआ है। मठ-मंदिरों की सजावट के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और भव्य वातावरण का अनुभव हो।

    Yogi govt:-अयोध्या-लखनऊ मार्ग का नवीनीकरण

    इस वर्ष, दीपोत्सव से पहले अयोध्या को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाले गोरखपुर-लखनऊ रोड को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। इस मार्ग पर रामायण से जुड़े प्रसंगों की जीवंत झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी। मार्ग के दोनों ओर रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को चित्रित करने की योजना बनाई गई है, जिससे दीपोत्सव की पवित्रता और महत्ता को बढ़ाया जा सके।

    दीपोत्सव की तिथियां और कार्यक्रम

    दीपोत्सव 2024 के कार्यक्रम 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर दीपों की जगमगाहट के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम होगी। मुख्य आयोजन स्थल राम की पैड़ी को भव्य रूप से सजाया जाएगा और यहां लाखों दीप जलाए जाएंगे।

    कहां-कहां बनेंगे सांस्कृतिक मंच

    संस्कृति विभाग ने पूरे शहर में 10 सांस्कृतिक मंच बनाने की योजना बनाई है, जिनमें प्रमुख स्थान निम्नलिखित हैं:

    रामकथा पार्क: यहां आधुनिक तकनीकी आधारित प्रदर्शनी का आयोजन होगा।

    गुप्तार घाट: यहां बड़े सांस्कृतिक मंच का निर्माण किया जाएगा।

    बड़ी देवकाली: यहां भी एक प्रमुख मंच बनेगा।

    नया घाट: यहां दीपोत्सव के दौरान सबसे बड़ा मंच होगा।

    रामघाट: सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।

    बिड़ला धर्मशाला, भरतकुंड, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल, नाका हनुमानगढ़ी, बस अड्‌डा बाईपास, और धर्मपथ में भी छोटे-छोटे मंच बनाए जाएंगे।

    Also Read This: Maha Kumbh 2025: Yogi govt plans state-of-the-art sleeping pods for devotees

    अयोध्या को त्रेता युग का रूप देने की तैयारी

    दीपोत्सव 2024 का आयोजन भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद पहली बार हो रहा है, जिससे इस पर्व की महत्ता और भी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi govt) योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का प्रयास हो रहा है। रामनगरी को सजाने और संवारने का काम दिन-रात जारी है, ताकि इस आयोजन को अद्वितीय और यादगार बनाया जा सके।

  • Jammu and Kashmir:कांग्रेस के बिना चुनाव नहीं बीजेपी के बिना सरकार नहीं है अमर अब्दुल्ला की रणनीति।

    Jammu and Kashmir:कांग्रेस के बिना चुनाव नहीं बीजेपी के बिना सरकार नहीं है अमर अब्दुल्ला की रणनीति।

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) की रणनीति में उमर अब्दुल्ला का नाम एक प्रमुख चेहरा है, जो उनकी राजनीति हमेशा से चर्चा में रही है और लेकिन हाल ही में इन दिनों उनकी रणनीति और भी दिलचस्प हो गई है। ऐसा लगता है कि उमर अब्दुल्ला की राजनीति अब पूरी तरह से कांग्रेस और बीजेपी के इर्द-गिर्द घूम रही है।

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) में चुनाव जीतने के बाद उमर अब्दुल्ला को कांग्रेस का साथ चाहिए, लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्हें भाजपा(BJP) का समर्थन चाहिए और राजनीति का एक नया समीकरण है जिसे उमर अब्दुल्ला ने बखूबी अपनाया है।

    Jammu and Kashmir में कांग्रेस (Congress) के बिना चुनाव नहीं 

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) की राजनीति में कांग्रेस का अहम रोल रहा है, चुनावी मैदान में उतरने के समय उमर अब्दुल्ला कांग्रेस के साथ समर्थन की जरूरत पड़ती है, और कांग्रेस के साथ मिलने से उन्हें वोट बैंक मिलता है खासकर उन इलाकों से जहां कांग्रेस की जड़े मजबूत है।

    Jammu Kashmir Omar Abdullah
    Jammu Kashmir Omar Abdullah

    Jammu and Kashmir में बीजेपी (BJP)के बिना सरकार नहीं 

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में जहां एक ओर कांग्रेस के बिना चुनाव जीतना मुश्किल है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के बिना सरकार चलाना भी आसान नहीं है, जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के लिए बीजेपी का समर्थन बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि भाजपा केंद्र में सत्तासीन है और जम्मू(Jammu and Kashmir) क्षेत्र में उनका प्रभाव बढ़ रहा है, उमर अब्दुल्ला इस समीकरण को समझते हैं कि वह सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ संबंध बनाएं रखना जरूरी है।

    Also Read This: Jammu Kashmir: इल्तिजा मुफ्ती की हार,क्या यह मुफ्ती परिवार की सियासी साख पर असर डालेगा?

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) की राजनीति में उमर अब्दुल्ला की रणनीति यही दर्शाती है, कि वह राजनीति केवल विचारधारा पर नहीं बल्कि व्यावहारिक समीकरणों पर आधारित होती जा रही है, क्योंकि कांग्रेस (Congress)और बीजेपी (BJP)के बिना उमर अब्दुल्ला के लिए ना तो चुनाव जीतना आसान है और ना ही सरकार चलाना आसान है।

  • Salman Khan: सलमान खान ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने के लिए बिग बॉस 18 की शूटिंग रद्द की।

    Salman Khan: सलमान खान ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने के लिए बिग बॉस 18 की शूटिंग रद्द की।

    Salman Khan: शनिवार रात NCP नेता बाबा सिद्दीकी की मौत की खबर सुनने के बाद सलमान खान ने बिग बॉस 18 की शूटिंग रद्द कर दी और लीलावती अस्पताल पहुंचे।

    NCP नेता और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी की शनिवार रात बांद्रा स्थित उनके बेटे जीशान के ऑफिस में तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जैसे सिद्दीकी ने लीलावती अस्पताल में दम तोड़ दिया कई राजनीतिक नेता और फिल्म बिरादरी के सदस्य अपने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। इनमें संजय दत्त शिल्पा शेट्टी और सलमान भी शामिल थे।

    बाबा सिद्दीकी के परिवार से मिले Salman Khan 

    पपराजी वीडियो में सलमान खान को शनिवार देर रात लीलावती अस्पताल पहुंचने देखा गया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब सिद्दीकी की हत्या हुई तब अभिनेता फिल्म सिटी में थे और रविवार के big boss वीकेंड का वार एपिसोड की शूटिंग कर रहे थे। जानकार स्रोतों का कहना है कि जैसे ही सलमान खान को सिद्दीकी की मौत के बारे में पता चला तो उन्होंने बाकी शूटिंग रद्द कर दी और अस्पताल पहुंच गए। 

    Salman Khan, Sajay Dutt, Shilpa Shetty

    बाबा सिद्दीकी 48 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे और 2014 तक तीन बार बांद्रा पश्चिम के विधायक रहे इस साल की शुरुआत में, वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजीत पवार के गुट में शामिल हो गए।

    मुंबई में एक लोकप्रिय शख्सियत, सिद्दीकी को फिल्म प्रशंसकों के बीच ईद से पहले वार्षिक अवतार परियों के मेजबान के रूप में जाना जाता था जिसमें लगभग पूरा बॉलीवुड शामिल होता था, 2013 में इन पार्टियों में से एक में सिद्दीकी ने अपने सबसे बड़े राज नायक तख्ता पलट में से एक का आयोजन किया सलमान खान और शाहरुख खान के बीच कुख्यात झगड़े को समाप्त किया।

    Also Read: Jigra Movie : आलिया भट्ट की जिगरा बॉक्स ऑफिस पर चुनौती का सामना कर रही है

    बाबा सिद्ध की की मृत्यु 

    बाबा सिद्दीकी की शनिवार सा मुंबई में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार वह उसे समय बांद्रा में अपने बेटे जीशान के कार्यालय में थे और उन्हें लीलावती अस्पताल में ले जाया गया, जहां कुछ घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

    मुंबई के एडिशनल सीपी परमजीत सिंह दहिया ने दो संघ की गिरफ्तारी की पुष्टि की है दहिया ने संवाददाताओं से कहा “घटना निर्मल नगर में रात करीब 9:30 बजे हुई। गोली लगने के बाद बाबा सिद्दीकी को लीलावती अस्पताल ले जाया गया दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, और मुंबई अपराध शाखा मामले की जांच कर रही है”। मुंबई पुलिस ने कहा है कि उन्हें अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया है अधिकारियों ने कहा गोलीबारी में 9.9 मिनी पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया है”।

  • India-Bangladesh भारत-बांग्लादेश संबंध: खतरे की घंटी या मात्र अफवाह? मोहन भागवत की राय

    India-Bangladesh भारत-बांग्लादेश संबंध: खतरे की घंटी या मात्र अफवाह? मोहन भागवत की राय

    India-Bangladesh भारत-बांग्लादेश संबंध:

    India-Bangladesh भारत-बांग्लादेश संबंध : हाल ही में नागपुर, महाराष्ट्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना दिवस पर मोहन भागवत ने बांग्लादेश से उठ रही चिंताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में कुछ चर्चाएं भारत को एक खतरे के रूप में पेश कर रही हैं, जिसके तहत पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ एक रक्षा रणनीति बनाने का सुझाव दिया गया है। भागवत ने इसे क्षेत्र में मौलिकवादी प्रभावों का परिणाम बताया और हिंदू एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

    भारत- बांग्लादेश (India-Bangladesh) संबंधों पर चिंताएं:

    भागवत ने अपने भाषण में कहा कि बांग्लादेश में कुछ समूह भारत के खिलाफ नकारात्मक नारे लगा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति एक बुरे राजनीतिक माहौल का संकेत देती है। उनका मानना है कि ऐसी चर्चाएं केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरनाक हो सकती हैं।

    राजनीतिक चर्चा का स्वरूप (India-Bangladesh):

    भागवत ने भारत के राजनीतिक वातावरण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के स्वार्थी हित अक्सर राष्ट्रीय गौरव और अखंडता को प्रभावित करते हैं। उन्होंने हाल में जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों के शांतिपूर्ण आयोजन पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि कुछ “खतरनाक साजिशें” देश को अस्थिर करने के प्रयास में हैं।

    सशक्त हिंदू पहचान की आवश्यकता (India-Bangladesh):

    अपने भाषण में, भागवत ने हिंदुओं को संगठित होने और बाहरी खतरों से बचने की अपील की। उन्होंने बांग्लादेश में हाल के राजनीतिक और सामाजिक मामलों को संदर्भित करते हुए कहा कि ऐसे विचारों को फैलने से रोकना आवश्यक है।

    Read this also : Iran cyberattack by israel ? ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर बड़ा साइबर अटैक, अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं बढ़ीं

    कोलकाता हिंसा की निंदा

    भाजपा के बयान के संदर्भ में, भागवत ने कोलकाता में हाल में हुई एक हिंसक घटना की निंदा की, जिसे उन्होंने अपराध, राजनीति और सामाजिक मुद्दों के बीच एक चिंताजनक मिश्रण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मजबूत राष्ट्रीय पहचान और हिंदुओं की एकता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

    इस संदर्भ में, यह स्पष्ट है कि भागवत ने भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का समर्थन किया है, ताकि हिंदू समाज को अपनी पहचान बनाए रखने और सुरक्षित रखने में मदद मिल सके।

    निष्कर्ष

    मोहान भागवत के बयान ने न केवल भारत-बांग्लादेश (India-Bangladesh) संबंधों को फिर से ध्यान में लाया है, बल्कि देश के भीतर राजनीतिक संवाद के स्तर को भी चुनौती दी है। यदि ऐसे विचारों को बढ़ावा मिलता है, तो यह स्थिति न केवल बांग्लादेश के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए समस्याजनक हो सकती है।

  • Iran cyberattack by israel ? ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर बड़ा साइबर अटैक, अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं बढ़ीं

    Iran cyberattack by israel ? ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर बड़ा साइबर अटैक, अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं बढ़ीं

    क्या हुआ?

    Iran cyberattack : ईरान के परमाणु ठिकानों और कई सरकारी विभागों को हाल ही में एक बड़े साइबर हमले (Iran cyberattack) का सामना करना पड़ा है। इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकानों में संवेदनशील सिस्टम और नियंत्रण तंत्र प्रभावित हुए, जो ईरान की परमाणु गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। जबकि क्षति की पूरी जानकारी अभी जांच के दायरे में है, प्रारंभिक रिपोर्टें बताती हैं कि यह साइबर अटैक महत्वपूर्ण कार्यों को रोकने के उद्देश्य से किया गया था और इससे डेटा चोरी भी हो सकती है।

    इसके पीछे कौन है? (Iran cyberattack)

    हालांकि, किसी ने अभी तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह गहरा है। विश्लेषकों का मानना है कि इसमें इज़राइल या अमेरिका का हाथ हो सकता है, जो पहले भी ऐसे हमलों में शामिल रहे हैं। 2010 में, स्टक्सनेट वायरस ने—जिसे अमेरिका और इज़राइल का संयुक्त प्रयास माना जाता है—ईरान के न्यूक्लियर सेंट्रीफ्यूज को ठप कर दिया था और साइबर युद्ध के इस प्रकार का उदाहरण प्रस्तुत किया था।

    हाल के महीनों में ईरान और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय ताकतों के बीच परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर तनाव बढ़ा है। इस हमले के समय को देखते हुए, कुछ लोग मानते हैं कि यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए एक बड़े रणनीतिक प्रयास का हिस्सा हो सकता है। ईरान ने अक्सर इज़राइल पर साइबर युद्ध का सहारा लेकर उसके परमाणु ठिकानों को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

    अभी क्यों cyberattack?

    भूराजनीतिक तनाव अपने चरम पर है, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर। यह हालिया हमला उन व्यवधानों का अनुसरण करता है, जो कूटनीतिक घटनाओं या प्रतिबंधों के साथ मेल खाते हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि समय का यह चुनाव ईरान की परमाणु प्रगति को रोकने का संकेत देता है, जो संभावित रूप से किसी भी चल रही या भविष्य की वार्ता को प्रभावित कर सकता है। ये हमले न केवल भौतिक ढांचे को लक्षित करते हैं, बल्कि ईरान को उसके परमाणु एजेंडे को आगे बढ़ाने से हतोत्साहित करने का भी प्रयास करते हैं।

    Read also : Ratan Tata की इंसानियत: रतन टाटा और उनके पालतू जानवर के दिल छूने वाली कहानी।

    आगे क्या?
    ईरानी अधिकारी क्षति का आकलन कर रहे हैं, हालांकि, पूरी तरह से प्रभाव को समझने में समय लग सकता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, ईरान साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत कर सकता है और हमले के पीछे के दोषियों की पहचान करने की कोशिश कर सकता है। यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि कैसे साइबर युद्ध संघर्षों को बढ़ा सकता है, क्योंकि राज्य अब डिजिटल हमलों का उपयोग रणनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं।

    अभी तक, स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान ने अभी तक पलटवार नहीं किया है, लेकिन उसने अपनी संप्रभुता के खिलाफ खतरों का जवाब देने की चेतावनी दी है। यदि इसी प्रकार के हमले जारी रहते हैं, तो यह क्षेत्र में एक नए साइबर संघर्ष को जन्म दे सकता है।

  • Kolkata: गवाह,सबूत और पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद भी CBI की जांच पर सवाल!

    Kolkata: गवाह,सबूत और पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद भी CBI की जांच पर सवाल!

    Kolkata: RG Kar Medical College मैं चल रे एक जटिल और संवेदनशील मामले में सीबीआई की जांच पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कि यह मामला केवल कानूनी और राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी आम जनता भी इस पर विचार करने लगी है कि 58 दिनों की लंबी जांच के बाद भी गवाहों के बयान CCTV फुटेज और पॉलीग्राफ टेस्ट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को अपनाया गया है। तब CBI की जांच वही कहानी बोल रही, जो स्थानीय पुलिस ने अपने पहले ही बता दिया था, इससे इस मामले पर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है, कि क्या CBI की जांच निष्पक्ष है या नहीं या इसमें कोई गड़बड़ी हो रही है?

    Kolkata

    कोलकाता पुलिस ने जो बात महज 24 घंटे में बता दी थी। वही सच बताने में CBI की टीम ने पूरे 58 दिन लगा दिए, Kolkata के RG Kar Medical College  अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ जो कुछ हुआ उसे मामले में सीबीआई में कोलकाता की एक विशेष अदालत में पहले चार्जशीट दाखिल कर दी है, इस चार्जशीट की कहानी बिल्कुल वही है जो Kolkata पुलिस ने पहले सुनाई थी चार्जशीट के मुताबिक जूनियर डॉक्टर के साथ रेप हुआ था गैंगरेप नहीं और इस जुर्म का एक ही आरोपी है– संजय राय।

    Also Read This: Kolkata RG Kar College Rape Murder Case: Protest of Junior Doctors Continues (Kolkata RG Kar College बलात्कार हत्या मामला: जूनियर डॉक्टरो का विरोध जारी)

    Kolkata: CCTV फुटेज सच्चाई या गलत व्याख्या?

    सीसीटीवी फुटेज इस मामले में सबसे अहम सबूत में से एक है जो अपराध स्थल और उसके आसपास के इलाकों में कई कमरों की recordings जांच के लिए जुटा गई है, यह फुटेज मामले के समय अपराधियों की गतिविधियां और घटनाओं की सटीकता को प्रमाणित करने में मददगार हो सकता है।

    फिर भी जनता और कुछ विशेषज्ञों का काम मानना है कि सीसीटीवी फुटेज को सही ढंग से नहीं लिया गया है और इसमें कई important clip ऐसे हैं जो नजर अंदाज कर दिया गया, और गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज जांच में असली घटनाओं और उनकी सटीकता को प्रमाणित करने का सबसे विश्वसनीय तरीका होता है, लेकिन जब इसे लेकर संदेह पैदा होने लगे तो जांच की दिशा और उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं।

    Kolkata: पॉलीग्राफ़ टेस्ट पर भरोसा?

    कोलकाता में सीबीआई ने इस मामले से जुड़े 12 लोगों के लाइट डिटेक्टर टेस्ट कारया है, पॉलीग्राफ टेस्ट का उद्देश्य, यह जांचना की कोई व्यक्ति अपने बयानों में झूठ बोल रहा है, या सच बोल रहा है यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो कि इसका उपयोग तभी प्रभावित होता है,जब इसे सही तरीके से लगाया जाए और इसे के परिणाम को  निष्पक्ष रूप में देखा जाए।

    Kolkata

    इस मामले में लाइट डिटेक्टर टेस्ट के नतीजे को लेकर इस पर भी सवाल उठ रहे हैं, कि कई लोग का मानना है की लाइट डिटेक्टर टेस्ट केवल ना एक औपचारिकता के तौर पर किया गया है। और इसके नतीजे को गंभीरता से नहीं लिया गया है, इस प्रशिक्षण में जो भी सच्चाई सामने आई हो उसे जांच में शामिल नहीं किया जा रहा है अगर लाइट डिटेक्टर टेस्ट के परिणामों को उचित तरीके से जांच में नहीं लाया गया, और यह जांच की निष्पक्षता पर गहरा असर डालता है।

     

     

  • Haryana Jammu and Kashmir चुनाव परिणाम:  हरियाणा में BJP और जम्मू कश्मीर में Congress-NC

    Haryana Jammu and Kashmir चुनाव परिणाम: हरियाणा में BJP और जम्मू कश्मीर में Congress-NC

    Haryana Jammu and Kashmir के चुनाव परिणाम 2019 में बेहद दिलचस्प रहे इन दोनों राज्यों ने अलग-अलग पार्टियों के अपनी पकड़ मजबूत की, और यह चुनाव परिणाम भविष्य में राजनीति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए हरियाणा में BJP  ने जहां बेहतर प्रदर्शन किया वहीं Jammu and Kashmir में Congress NC का गठबंधन प्रमुख रहा।

    Haryana में भाजपा का प्रदर्शन 

    2019 के हरियाणा Assembly Election में BJP ने  अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया, राज्य में कुल 90 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने कुल 40 सिट  मिला जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 46 सीटों से कुछ काम थी। हालांकि BJP  ने पहले से ही अपने गठबंधन सहयोग JJP के साथ मिलकर सरकार बनाई JJP के 10 सिट जीतने के बाद दोनों पार्टियों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    BJP का Main Focus था mission 75+ लेकिन वह इस लक्ष्य को पूरा न कर सके। बावजूद इसके 2019 के लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद BJP  का प्रदर्शन राज्य में काफी संतोषजनक रहा, BJP ने अपने चुनावी अभियान के दौरान राष्ट्रीय मुद्दों जैसे धारा 370 की समाप्ति surgical strike और PM Narendra Modi  की लोकप्रियता पर जोर दिया।

    Congress की चुनौतियां 

    Haryana Jammu and Kashmir: Congress पार्टी ने Haryana  में BJP को कड़ी टक्कर दी कांग्रेस के नेतृत्व में राज्य में चुनावी माहौल काफी रोचक रहा Bhupinder Singh Hooda ने कांग्रेस के प्रचार की कामना संभाली थी और पार्टी को मजबूत बनाने की कोशिश की कांग्रेस को 31 सिट मिला जो पिछली बार की तुलना में बहुत ही बेहतर प्रदर्शन रहा, लेकिन पार्टी सरकार बनाने के लिए आवश्यक सिटे नहीं जुटा पाई।

    Haryana में कांग्रेस प्रमुख मुद्दा यह था बेरोजगारी,किसन संकट और कानून व्यवस्था।Bhupinder Singh Hooda  ने किसानों और जाट समुदाय की मांगों पर जोर दिया लेकिन कांग्रेस को आपसी कलह और leadership की कमी के कारण चुनाव में थोड़ा नुकसान हुआ इसके बावजूद Congress का प्रदर्शन बहुत ही सराहनीय था और और पार्टी राज्य की राजनीति में एक प्रमुख विपक्ष के रूप में उभर रही है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    Haryana Jammu Kashmir में कांग्रेस एनसी का प्रभाव 

    Haryana Jammu Kashmir जम्मू कश्मीर में 2019 के चुनाव नतीजे ने कांग्रेस और एनसी को प्रमुख रूप से उभरते हुए देखा है इन चुनाव के दौरान राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुद्दा गर्मी हुआ था और इस मुद्दे ने चुनावी समीकरणों को काफी हद तक प्रभावित किया है कांग्रेस और एनसी का गठबंधन राज्य में जनता के बीच एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरता हुआ दिखा अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद कई लोग BJP के खिलाफ थे और इस माहौल का फायदा कांग्रेस और एनसी ने उठाया, Farooq Abdullah और  उनके बेटे Amar Abdullah  370 की बहाली और Jammu Kashmir की विशेष स्थिति को मुख्य मुद्दा बनाया उनकी एक रणनीति ने उन्हें घाटी में बड़ी जीत दिलाई है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    Haryana Jammu Kashmir  के चुनाव परिणाम National Politics में भी खास मायने रखते हैं, Haryana  में BJP का फिर से सत्ता में आना राज्य में और स्थिरता लाने का संकेत देती है।लेकिन यह भी साफ है कि BJP को अब अधिक ध्यान राज्य के स्थानीय मुद्दों पर देना होगा जैसे बेरोजगारी और  किसानकी समस्याएं, दूसरी ओर Jammu and Kashmir के चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है की धारा 370 का मुद्दा अभी भी राज्य की Politics  में महत्वपूर्ण है Congress-NC का गठबंधन जनता की नवस को पहचानने में सफल रहा और यह देखना दिलचस्प होगा कि central government के साथ इनका रिश्ता किस दिशा में ले जाता है।

    आने वाले समय में, इन चुनाव के परिणाम के आधार पर BJP और Congress जैसी बड़ी पार्टीयो के रणनीतियों में बदलाव करेगी, जिसमें आगामी चुनाव में और भी दिलचस्प नतीजे देखने को मिलेंगे।

     

     

     

  • Jammu and Kashmir(जम्मू-कश्मीर): कुपवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने 2आतंकियों  का सफाया किया

    Jammu and Kashmir(जम्मू-कश्मीर): कुपवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने 2आतंकियों का सफाया किया

    Jammu and Kashmir(जम्मू-कश्मीर)के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने 2 आतंकवादियों का सफाया किया, जिससे क्षेत्र में आतंकियों के मंसूबों को बड़ा झटका लगा है।

    सेना ने शनिवार की सुबह को कहा,Jammu and Kashmir जम्मू कश्मीर) के कुपवाड़ा में “ऑपरेशन गुगलधार” के तहत सुरक्षा बलों ने 2 आतंकियों का सफाया किया।

    Jammu and Kashmir

    Jammu and Kashmir: -कैसे हुई मुठभेड़?

    यह मुठभेड़ कुपवाड़ा जिले के एक जंगल में हुआ सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी।कि इस इलाके में कुछ आतंकवादी पहले से छुपे हुए हैं ,इसके बाद सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस क्षेत्र को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।

    आतंकियों की पहचान और हथियारों की Recovery

    Jammu and Kashmir में मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों के शव बरामद किए हैं । साथ ही उनके पास से ultra-modern हथियार और गोला बारूद भी मिले फिलहाल इन आतंकियों की पहचान की जारी है, और उनके संगठन के बारे में भी जांच चल रही है।

    Jammu and Kashmir में आतंकी खिलाफ अभियान जारी

     इस मुठभेड़ से पता चलता है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान कितनी शक्ति से चल रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है । कि आतंकवाद का सफाया हो और कश्मीर में शांति और स्थिरता लौट आए।

    इस मुठभेड़ से यह साबित होता है की सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से देश की रक्षा कर रहे हैं और आतंक को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    Jammu and Kashmir के सुरक्षा बलों का बयान

    सुरक्षा बलों ने Jammu and Kashmirजम्मू-कश्मीर में इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया है । उनका कहना है कि इससे इलाके में आतंक क्योंकि गतिविधियों पर बड़ा प्रहार किया गया है ।इसके साथ ही स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के लिए लगातार ऑपरेशन जारी रहेगा।

  • Noida Authority ने “बृहद वृक्षारोपण अभियान 2024” के तहत 2.25 लाख पौधे लगाए, नोएडा को हरा-भरा बनाने का संकल्प!

    Noida Authority ने “बृहद वृक्षारोपण अभियान 2024” के तहत 2.25 लाख पौधे लगाए, नोएडा को हरा-भरा बनाने का संकल्प!

    Noida Authority: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित “बृहद वृक्षारोपण अभियान 2024” के तहत नोएडा प्राधिकरण द्वारा युद्ध स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा सांसद नोएडा, श्री मुकेश मेश्राम (आईएएस) प्रमुख सचिव पर्यटन उत्तर प्रदेश शासन, श्री मनीष वर्मा जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर, श्रीमती वंदना त्रिपाठी (आईएएस) अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री प्रमोद श्रीवास्तव डीएफ़ओ, श्री मनोज गुप्ता जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, आनंद मोहन सिंह निदेशक (उद्यान) , श्री राजेंद्र सिंह उप निदेशक (उद्यान) ,श्री योगेन्द्र शर्मा अध्यक्ष फोनरवा साथ ही साथ RWA के सदस्य एवं निवासियों द्वारा सेक्टर 112 की ग्रीन बेल्ट में पेड़ लगाए गए।

    नोएडा को हरा-भरा बनाने का संकल्प:

    इस वृक्षारोपण अभियान के तहत बरगद, नीम, आम, लार्जेस्टोमिया आदि प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर नोएडा को पूरी तरह हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया गया। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि वे शहर में हर जगह पेड़ लगाने का काम करेंगे और नोएडा को एक स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनाएंगे।

    पूरे नोएडा में चला वृक्षारोपण अभियान:

    आज नोएडा के अन्य सेक्टरों में भी पूरे दिन वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। विभिन्न पार्कों, सड़कों और ग्रीन बेल्ट में पौधे लगाए गए। अनुमान है कि आज लगभग 2.25 लाख पौधे रोपित किए गए।

    वृक्षारोपण का महत्व:

    पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। वे हमें ऑक्सीजन देते हैं, प्रदूषण को कम करते हैं और धरती को हरा-भरा बनाते हैं। इसलिए, हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनका संरक्षण करना चाहिए। नोएडा प्राधिकरण द्वारा आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान एक सराहनीय पहल है। इससे न केवल नोएडा शहर को हरा-भरा बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि यह लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी करेगा। नोएडा प्राधिकरण इसी तरह से भविष्य में भी वृक्षारोपण अभियान चलाता रहेगा और नोएडा को एक स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने में योगदान देगा।

  • International Day of Disabled Persons: विश्व दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करेगी योगी सरका

    International Day of Disabled Persons: विश्व दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करेगी योगी सरका

    3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिए जाएंगे राज्य स्तरीय पुरस्कार

    इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं पुरस्कारों के लिए 15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

    प्रत्येक वर्ष 12 विभिन्न श्रेणियों के तहत की गई है पुरस्कार दिए जाने की व्यवस्था

    International Day of Disabled Persons: योगी सरकार दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को 3 दिसंबर यानी विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान करेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन विभाग द्वारा आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं इन पुरस्कारों के लिए 15 जुलाई तक अपना आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इन पुरस्कारों के लिए दिव्यांगजन विभाग द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार नियमावली-2017 प्रचलित है, जिसमें 12 विभिन्न श्रेणियों के तहत पुरस्कार दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

    समय पर आवेदन करने का आग्रह
    प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बताया कि नियमावली के अनुसार इन पुरस्कारों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर आवेदन-पत्र आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति या संस्था सबंधित जनपद के दिव्यांगजन अधिकारी कार्यालय से संपर्क निर्धारित प्रारूप में 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी योग्य उम्मीदवारों और संस्थाओं से समय पर आवेदन करने का आग्रह किया गया है ताकि उनकी सेवाओं को सम्मानित किया जा सके।

    #International Day of Disabled Persons
    इन श्रेणियों में दिए जाते हैं पुरस्कार
    राज्य स्तरीय पुरस्कार नियमावली-2017 के अंतर्गत पुरस्कार के लिए श्रेणियां निर्धारित की गई है जिनमें दक्ष दिव्यांग कर्मचारी/स्वनियोजित दिव्यांगजन के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, दिव्यांगजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता और सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट अधिकारी या एजेंसी के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, दिव्यांगजन के निमित्त कार्यरत सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति और सर्वश्रेष्ठ संस्था के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, प्रेरणास्रोत के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, दिव्यांगजन के जीवन सुधारने के निमित्त सर्वश्रेष्ठ नवीन अनुसंधान या उत्पाद विकास के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, दिव्यांगजन हेतु बाधामुक्त वातावरण के सृजन हेतु सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ जिला के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ सृजनशील दिव्यांग वयस्क व्यक्ति और सर्वश्रेष्ठ बालक/बालिका हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ ब्रेलप्रेस के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार, दिव्यांगजन के लिए सर्वोत्तम अनुकूल वेबसाइट हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार तथा दिव्यांगजन के सशक्तीकरण हेतु कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे।