नोएडा, 26 दिसंबर 2024: Shanti International School Noida ने 22 दिसंबर 2024 को अपना वार्षिक समारोह “सुरक्षा कवच: भारत, एक उभरती महाशक्ति” भव्य तरीके से आयोजित किया। यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक धरोहर, तकनीकी प्रगति और रक्षा क्षमता को समर्पित था, जिसने छात्रों, अभिभावकों और अतिथियों में देशभक्ति और गर्व की भावना जगाई।
Shanti International School Noida
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पुरस्कार और सम्मान समारोह
कार्यक्रम की शुरुआत पुरस्कार वितरण से हुई, जिसमें छात्रों और शिक्षकों को शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसने सभी को प्रेरित किया और उत्सव की शुरुआत को और खास बना दिया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा गौरव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अनिल कुमार प्रथाम (सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक) और श्री साहिल मलिक ( राजनेता और उत्तर प्रदेश के विधायक श्री के.पी. मलिक के पुत्र) शामिल हुए।
सम्माननीय अतिथियों में शामिल थे:
श्री सुबोध वर्मा (बिजनेस फेसिलिटेटर, यूको बैंक)
डॉ. विकास राज तिवारी (जर्नलिस्ट- डिजिटल मीडिया इनोवेटर)
डॉ. स्वाति राज तिवारी (सामाजिक कार्यकर्ता और पेरेंटिंग विशेषज्ञ)
सभी अतिथियों ने स्कूल के प्रयासों की सराहना की और आयोजन की सफलता को बधाई दी।
शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में शहीदों को सम्मानित करने के लिए पुष्पांजलि अर्पण और 5 तोपों की सलामी दी गई। यह पल दर्शकों के दिलों को छू गया और बलिदान के महत्व को उजागर किया।
भारत की यात्रा पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया:
पारंपरिक नृत्य: भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाया।
देशभक्ति नाटक: स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और सैनिकों की वीरता को प्रदर्शित किया।
तकनीकी प्रगति: रचनात्मक स्किट और कोरियोग्राफी के माध्यम से भारत की तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में उपलब्धियों को दिखाया।
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क़व्वाली ने बढ़ाया जोश
देशभक्ति से ओत-प्रोत क़व्वाली प्रस्तुति ने संगीत और देशप्रेम का अद्भुत संगम दिखाया, जो दर्शकों के दिलों को छू गया।
प्रेरणादायक संदेश और समापन
कार्यक्रम का समापन भारत को और सशक्त बनाने के संदेश के साथ हुआ। “सुरक्षा कवच” की थीम ने सभी को देश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी।
शांति इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा का यह आयोजन बेहद सफल रहा। कार्यक्रम ने सभी में गर्व और प्रेरणा का संचार किया और भारत के उज्जवल भविष्य के लिए आशा का संचार किया।
CTET 2024 (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का आयोजन प्रत्येक वर्ष CBSE(केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) द्वारा किया जाता है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्राथमिक (कक्षा 1-5) और माध्यमिक (कक्षा 6-8) स्तर पर शिक्षक बनना चाहते हैं। CTET 2024 दिसंबर परीक्षा का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह ब्लॉग उनकी सभी महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करेगा, जैसे परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड की जारी तिथि और अन्य विवरण।
CTET 2024 December Exam Date:
CTET 2024 दिसंबर परीक्षा की तिथि 28 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई है। यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी:
पेपर-1 (प्रारंभिक शिक्षा के लिए, कक्षा 1 से 5 तक)
पेपर-2 (माध्यमिक शिक्षा के लिए, कक्षा 6 से 8 तक)
दोनों पेपर एक ही दिन अलग-अलग समय में आयोजित होंगे। पेपर-1 सुबह के समय में और पेपर-2 दोपहर में होगा। उम्मीदवारों को अपनी परीक्षा के पेपर का चयन उस समय करना होगा जब उन्होंने आवेदन किया था।
CBSE(Central Board of Secondary Education) द्वारा CTET 2024 परीक्षा का admit card exam के पहले जारी किए जाने की उम्मीद है। यह admit card CTET की आधिकारिक वेबसाइट(https://ctet.nic.in/) पर उपलब्ध होगा। admit card डाउनलोड करना होगा, क्योंकि इसमें परीक्षा केंद्र, समय, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी होती है।
Admit card डाउनलोड करने के लिए आपको निम्नलिखित जानकारी की आवश्यकता होगी:
आवेदन संख्या
जन्म तिथि
सुरक्षा कोड (जो वेबसाइट पर दिखाई देगा)
CTET 2024 Decemberके लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
14-15 December 2024
CTET Exam Pattern: Paper I और Paper II
Paper I
विषय
कुल प्रश्नों की संख्या
कुल अंक
समय
बाल विकास और शैक्षिक शास्त्र
30
30
2.5 घंटे
भाषा I (अनिवार्य)
30
30
भाषा II (अनिवार्य)
30
30
गणित
30
30
पर्यावरण अध्ययन
30
30
कुल
150
150
2.5 घंटे
Paper II
विषय
कुल प्रश्नों की संख्या
कुल अंक
समय
बाल विकास और शैक्षिक शास्त्र
30
30
2.5 घंटे
भाषा I (अनिवार्य)
30
30
भाषा II (अनिवार्य)
30
30
A. गणित और विज्ञान
30 + 30
60
B. सामाजिक अध्ययन और सामाजिक विज्ञान
60
60
कुल
150
150
2.5 घंटे
विभाग:
बाल विकास और शिक्षा शास्त्र
भाषा 1 (हिंदी, अंग्रेजी, आदि)
भाषा 2 (हिंदी, अंग्रेजी, आदि)
गणित
विज्ञान
समाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान (पेपर-2 में)
CTET 2024 दिसंबर के लिए तैयारी Tips
Previous Question Paper Solve करें: यह आपको exam पैटर्न और type of questions को समझने में मदद करेगा।
Time management पर ध्यान दें: प्रत्येक प्रश्न को हल करने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है, ताकि आप परीक्षा के सभी खंडों को पूरा कर सकें।
Mock test का अभ्यास करें: नियमित मॉक टेस्ट से आपकी गति और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
Notes: महत्वपूर्ण concept और formula को notes में लिखें, ताकि आप अंतिम समय में उन्हें जल्दी से revise कर सकें।
CTET 2024 दिसंबर परीक्षा के बाद क्या होगा? (What after CTET 2024 December Exam?)
CTET 2024 December exam के बाद CBSE result घोषित करेगा। result घोषित होने के कुछ सप्ताह बाद, उम्मीदवारों को CTET CERTIFICATE मिलेगा यदि उन्होंने परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह Certificate उम्मीदवारों को भविष्य में सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए योग्य बनाएगा।
CTET 2024 दिसंबर exam उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसे सफलतापूर्वक पास करने के लिए सही समय पर तैयारी करना और admit card डाउनलोड करने के बाद सभी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
Legendary Peace Award Council 2024 :23 नवंबर 2024 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में लेजेंडरी पीस अवार्ड्स काउंसिल (LPAC) का वार्षिक पुरस्कार समारोह भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई महान व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
LPAC एक प्रतिष्ठित अंतर-सरकारी संगठन है, जिसे भारत सरकार के कई विभागों जैसे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, नीति आयोग, और MSME के साथ-साथ यूके स्थित ISO से मान्यता प्राप्त है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संगठनों को पहचानना और उनका उत्साहवर्धन करना है। यह कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।
सम्मानित व्यक्तियों और पुरस्कार श्रेणियां
इस कार्यक्रम में पिनैकल अवार्ड, लेजेंडरी बिजनेस टाइटन अवार्ड, वूमन एम्पावरमेंट अवार्ड, लेजेंडरी सीक्रेट हीरोज अवार्ड और मानद डॉक्टरेट अवार्ड जैसी कई प्रतिष्ठित श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
सम्मानित व्यक्तियों में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोग शामिल थे,
डॉ. विकास राज तिवारी, पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए।
डॉ. असजद इकबाल सागर, स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में।
डॉ. सुरेश कुमार, प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए।
डॉ. निशा चौहान, शिक्षा के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियों के लिए।
डॉ. संगीता बिष्ट कौमुदी, कविता और सामाजिक पहल के लिए।
डॉ. पुनीत कुमार, बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में नेतृत्व के लिए।
डॉ. गुरप्रीत सिंह बाठ, समाजसेवा में अनुकरणीय कार्य के लिए।
डॉ. मलयिनकीजु वी. प्रेमन, समाज सेवा में समर्पण के लिए।
एंबेसेडर डॉ. सनीपिना जयलक्ष्मी राव, उच्च शिक्षा और पब्लिशिंग में योगदान के लिए।
डॉ. स्वाति राज तिवारी, शिक्षा और सामाजिक कल्याण में प्रयासों के लिए।
गुमनाम नायकों को पहचान
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें लेजेंडरी सीक्रेट हीरोज अवार्ड के तहत उन गुमनाम नायकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज में अद्भुत योगदान दिया है।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
इस आयोजन में कई प्रतिष्ठित अतिथि भी शामिल हुए, जैसे पूर्व बीजेपी लोकसभा उम्मीदवार प्रवीन खंडेलवाल, पूर्व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, आरएसएस की विदुषी शर्मा, और LPAC की सलाहकार सपिना जयलक्ष्मी राव। इन सभी ने सम्मानित व्यक्तियों को उनके कार्यों के लिए सराहा और प्रेरित किया।
समाज में बदलाव की प्रेरणा
यह आयोजन न केवल पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम बना, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहा। LPAC ने यह संदेश दिया कि हर छोटे-से-छोटे प्रयास से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के अंत में LPAC ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन किए जाएंगे ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों को सम्मान और पहचान मिलती रहे।
लेजेंडरी पीस अवार्ड्स काउंसिल का यह आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। इससे प्रेरणा लेकर और भी लोग समाज के लिए काम करने के लिए प्रेरित होंगे।
Legendary Peace Award COUNCIL: 23 नवंबर 2024 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित लेजेंडरी पीस अवार्ड्स काउंसिल (LPAC) का वार्षिक पुरस्कार समारोह शानदार तरीके से संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले 35 से अधिक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की भव्यता और उद्देश्य
LPAC एक प्रतिष्ठित अंतर-सरकारी संगठन है, जिसे भारत सरकार के कई विभागों, जैसे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, नीति आयोग और MSME, के साथ-साथ यूके स्थित ISO से मान्यता प्राप्त है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को पहचानना और प्रोत्साहित करना है। इस बार का कार्यक्रम इस दिशा में एक और मील का पत्थर साबित हुआ।
सम्मानित व्यक्तियों की सूची और उनकी उपलब्धियां
इस समारोह में ‘पिनैकल अवार्ड’, ‘लेजेंडरी बिजनेस टाइटन अवार्ड’, ‘वूमन एम्पावरमेंट अवार्ड’, ‘लेजेंडरी सीक्रेट हीरोज अवार्ड’ और ‘मानद डॉक्टरेट अवार्ड’ जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए।
सम्मानित व्यक्तियों में विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल थे, जिनमें समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे। ये सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा बने हैं।
गुमनाम नायकों को भी मिली पहचान
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें ‘लेजेंडरी सीक्रेट हीरो अवार्ड’ के तहत उन गुमनाम नायकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाज के लिए सराहनीय कार्य किए। उनके योगदान को पहचान कर LPAC ने यह साबित किया कि समाज के हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए, जिनमें पूर्व बीजेपी लोकसभा उम्मीदवार प्रवीन खंडेलवाल, पूर्व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, RSS की विदुषी शर्मा और LPAC की सलाहकार संपिना जय लक्ष्मी राव प्रमुख रहे। इन सभी गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा को बढ़ाया और सम्मानित व्यक्तियों को उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया।
समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा
इस समारोह ने न केवल सम्मानित व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया, बल्कि यह समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। LPAC का यह प्रयास समाज के हर व्यक्ति को यह संदेश देता है कि उनका छोटा सा योगदान भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।
कार्यक्रम की सफलता और भविष्य की योजनाएं
23 नवंबर 2024 का यह आयोजन बेहद सफल रहा। कार्यक्रम के अंत में LPAC के अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों को पहचान और प्रोत्साहन मिलता रहे।
लेजेंडरी पीस अवार्ड्स काउंसिल का यह भव्य आयोजन न केवल सम्मान समारोह था, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम था। इससे प्रेरणा लेते हुए और भी लोग समाज के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
नई दिल्ली: Legendary Peace Awards Council (LPAC) एक प्रतिष्ठित अंतर-सरकारी संगठन है, जिसे भारत सरकार के विभिन्न विभागों जैसे कि कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, नीति आयोग, MSME और UK से ISO से मान्यता प्राप्त है। इस संगठन ने पिछले तीन महीनों में 275 से अधिक व्यक्तियों को मानद डॉक्टरेट, महिला सशक्तिकरण अवार्ड्स और सीक्रेट हीरो अवार्ड्स से सम्मानित किया है।
LPAC का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों को पहचानना और उनका सम्मान करना है। इस बार LPAC का वार्षिक अवार्ड समारोह 23 नवंबर 2024 को दिल्ली के Constitution Club में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन उन महान व्यक्तियों को सम्मानित करने का अवसर प्रदान करेगा जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण कार्य किए हैं और समाज में बदलाव लाने में मदद की है।
इस कार्यक्रम में पूरे भारत से 35+ सम्मानित होने वाले व्यक्तियों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। इन व्यक्तियों का कार्य न केवल उनके क्षेत्र में, बल्कि समाज के हर पहलू में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ है।
Legendary Peace Awards Council
LPAC: उद्देश्य और पहचान
लेगेंडरी पीस अवार्ड्स काउंसिल, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत एक अंतर-सरकारी संगठन है जो सकारात्मक बदलाव के लिए काम कर रहे लोगों को पहचानता है और सम्मानित करता है। यह संगठन समाज के हर क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को उनकी मेहनत, संघर्ष और समर्पण के लिए मान्यता प्रदान करता है।
LPAC ने पिछले कुछ महीनों में 275 से अधिक सम्मानित व्यक्तियों को अवार्ड्स से नवाजा है। इनमें से कई लोगों को मानद डॉक्टरेट, महिला सशक्तिकरण अवार्ड्स और सीक्रेट हीरो अवार्ड्स जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं।
इस संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे आगे और भी अच्छे काम कर सकें और समाज को और बेहतर बना सकें।
23 नवंबर को होने वाला भव्य आयोजन
23 नवंबर 2024 को Constitution Club, दिल्ली में आयोजित होने वाला यह समारोह न केवल एक सम्मान समारोह होगा, बल्कि यह एक ऐसी जगह बनेगा जहां से प्रेरणा ली जा सकेगी। यह आयोजन उन लोगों के योगदान को सम्मानित करने का मौका है जिन्होंने समाज में बदलाव लाने के लिए अपनी पूरी मेहनत और समर्पण दिया है।
इस समारोह में 35+ पुरस्कार प्राप्तकर्ता होंगे, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के कारण सम्मानित होंगे। यह पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनमें ‘पिनैकल अवार्ड’, ‘लेगेंडरी बिजनेस टाइटन अवार्ड’, ‘वूमन एम्पावरमेंट अवार्ड’, ‘लेगेंडरी सीक्रेट हीरोज अवार्ड’ और ‘मानद डॉक्टरेट अवार्ड’ प्रमुख हैं।
यह आयोजन उन व्यक्तियों के लिए है जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है। चाहे वह बड़े पैमाने पर व्यापार से जुड़ा हो, महिलाओं के सशक्तिकरण का कार्य हो या फिर गुमनाम नायक हों जिन्होंने चुपचाप समाज की भलाई के लिए काम किया है, सभी को इस मंच पर सम्मानित किया जाएगा।
प्रमुख अतिथि और सम्मानित व्यक्ति
LPAC के इस समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में कई प्रसिद्ध हस्तियां शामिल होंगी। इनमें पूर्व बीजेपी लोकसभा उम्मीदवार प्रवीन खंडेलवाल, पूर्व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, RSS से विदुषी शर्मा, और अन्य प्रमुख नेता और समाजसेवी शामिल हैं।
इसके अलावा, LPAC की सलाहकार, संपिना जय लक्ष्मी राव भी इस समारोह में उपस्थित रहेंगी और समारोह की गरिमा को बढ़ाएंगी। यह सभी अतिथि अपने-अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं और समाज में बदलाव लाने के लिए कार्यरत हैं। उनका यह समर्थन समारोह को और भी प्रेरणादायक बनाएगा।
सीक्रेट हीरोज को सम्मानित करना
LPAC का यह समारोह सिर्फ उन प्रमुख हस्तियों के लिए नहीं है जो पहले से ही प्रसिद्ध हैं। इस समारोह में ‘लेगेंडरी सीक्रेट हीरो अवार्ड’ के तहत उन व्यक्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज के लिए महत्वपूर्ण काम किया है।
इन गुमनाम नायकों का कार्य अक्सर समाज की अनदेखी रहती है, लेकिन LPAC इस समारोह के माध्यम से उनके योगदान को पहचानने और सम्मानित करने का कार्य करेगा। ‘सीक्रेट हीरो’ अवार्ड उन व्यक्तियों को दिया जाएगा जिन्होंने समाज के लिए संघर्ष किया है और बड़े पैमाने पर बदलाव लाने के लिए काम किया है, लेकिन उनकी मेहनत और योगदान कम ही लोगों तक पहुंची है।
LPAC के लिए अवसर
LPAC का मानना है कि हर व्यक्ति में समाज को प्रेरित करने की क्षमता होती है। चाहे कोई व्यक्ति अपने इलाके में बदलाव लाने का काम कर रहा हो या फिर बड़ा स्तर पर समाज की भलाई के लिए कार्य कर रहा हो, LPAC का उद्देश्य उन सभी को पहचानना और सम्मानित करना है।
अगर आपका काम समाज पर असर डाल रहा है और आपने किसी न किसी तरीके से समाज में बदलाव लाया है, तो यह आपके लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है। LPAC आपको एक मंच प्रदान करेगा जहां आप अपने योगदान को मान्यता दिलवा सकते हैं और समाज में अपने प्रयासों को और बेहतर बना सकते हैं।
LPAC का प्रभाव
LPAC के इस आयोजन में भाग लेने वाले व्यक्ति न केवल अपने क्षेत्र में ही सम्मानित होंगे, बल्कि वे एक बड़ी प्रेरणा बनकर समाज में और अधिक बदलाव लाने के लिए प्रेरित होंगे। यह आयोजन केवल एक पुरस्कार वितरण नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणा है जो आने वाले दिनों में समाज में और भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।
LPAC का उद्देश्य समाज में अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना और समाज के हर वर्ग को प्रेरित करना है कि वे भी अपने योगदान से समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आएं।
Self-Improvement:- व्यक्तिगत विकास अपने कौशल, दृष्टिकोण और आदतों को बेहतर बनाने की एक सरल यात्रा है, जो आपके जीवन को अधिक संतोषजनक और उद्देश्यपूर्ण बनाता है। आज की तेज-तर्रार दुनिया में, आत्म-सुधार रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने, चुनौतियों को पार करने और खुशी पाने के लिए आवश्यक है। यह गाइड व्यक्तिगत विकास के लिए 15 प्रभावी आत्म-सुधार रणनीतियों को प्रस्तुत करता है, जिससे आप अपने सर्वश्रेष्ठ संस्करण बन सकते हैं।
Self-Improvement:- SMART लक्ष्य निर्धारित करें
स्पष्ट और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करना सबसे महत्वपूर्ण आत्म-सुधार(Self-Improvement) रणनीतियों में से एक है। अपने लक्ष्यों को परिभाषित करने के लिए SMART ढांचे का उपयोग करें:
Specific (विशिष्ट): स्पष्ट रूप से बताएं कि आप क्या हासिल करना चाहते हैं।
Measurable (मापन योग्य): अपनी प्रगति को ट्रैक करें।
Achievable (प्राप्त करने योग्य): सुनिश्चित करें कि लक्ष्य यथार्थवादी है।
Relevant (प्रासंगिक): इसे अपनी व्यक्तिगत विकास प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करें।
Time-bound (समय-सीमित): एक समय सीमा निर्धारित करें।
self-improvement SMART
उदाहरण: “मैं अपनी सेहत सुधारना चाहता हूं” कहने के बजाय, ऐसा लक्ष्य निर्धारित करें, “मैं अगले तीन महीनों तक सप्ताह में पांच बार 30 मिनट व्यायाम करूंगा।”
स्वस्थ आदतें बनाएं (Build Healthy Habits)
आदतें आपके दैनिक जीवन को आकार देती हैं और आपकी सफलता पर गहरा प्रभाव डालती हैं। अपनी दिनचर्या में छोटी लेकिन अर्थपूर्ण आदतों को शामिल करके शुरुआत करें:
जल्दी उठें और अपने दिन की शुरुआत एक सुबह की दिनचर्या से करें।
मानसिक स्पष्टता के लिए माइंडफुलनेस या ध्यान का अभ्यास करें।
फिट रहने के लिए नियमित शारीरिक व्यायाम करें।
किताबें पढ़ें या प्रतिदिन लेख पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाएं।
स्वस्थ आदतें दीर्घकालिक व्यक्तिगत विकास की नींव तैयार करती हैं।
विकासशील मानसिकता अपनाएं( Embrace a Growth Mindset)
एक विकासशील मानसिकता आपको चुनौतियों को सीखने के अवसरों के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित करती है। अपनी सोच को “मैं नहीं कर सकता” से “मैं प्रयास से सुधार कर सकता हूं” में बदलें।
अपनी प्रगति का जश्न मनाएं, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो।
असफलता से डरने के बजाय गलतियों से सीखने पर ध्यान दें।
ऐसे लोगों के साथ रहें जो विकास को प्रेरित करते हैं।
Self Improvement: Growth Mindset
एक सकारात्मक दृष्टिकोण आपको परिवर्तनों के अनुकूल बनने और बाधाओं को पार करने में मदद करता है।
सीखने और कौशल विकास को प्राथमिकता दें(Prioritize Learning and Skill Development)
निरंतर सीखना व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए महत्वपूर्ण है। अपने कौशल को बढ़ाने की आदत बनाएं:
नए कौशल हासिल करने के लिए ऑनलाइन कोर्स या कार्यशालाओं में शामिल हों।
किताबें पढ़ें, पॉडकास्ट सुनें, या शैक्षिक वीडियो देखें।
सार्वजनिक बोलने, समय प्रबंधन, या डिजिटल टूल जैसे व्यावहारिक कौशल सीखें।
कौशल विकास में प्रतिदिन केवल 30 मिनट समर्पित करने से समय के साथ महत्वपूर्ण व्यक्तिगत विकास हो सकता है।
अपने समय का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करें(Manage Your Time Effectively)
समय प्रबंधन एक प्रमुख आत्म-सुधार रणनीति है जो आपको कम समय में अधिक हासिल करने में मदद करती है। तकनीकें:
कार्य प्राथमिकता दें: उच्च-प्रभाव वाली गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करें।
उपकरणों का उपयोग करें: कैलेंडर, टू-डू लिस्ट, या समय ट्रैकर्स जैसे ऐप्स का उपयोग करें।
कार्य को छोटे चरणों में विभाजित करें: यह बड़े लक्ष्यों को प्रबंधनीय बनाता है।
व्यवधानों से बचें: एक केंद्रित कार्यक्षेत्र बनाएं और सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करें।
प्रभावी समय प्रबंधन तनाव को कम करता है और उत्पादकता को बढ़ाता है।
आत्म-देखभाल का अभ्यास करें(Practice Self-Care)
शारीरिक और मानसिक कल्याण बनाए रखने के लिए आत्म-देखभाल आवश्यक है। अपनी ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए समय निकालें, जैसे:
एक आरामदायक स्नान करें या स्पा दिन बिताएं।
प्रकृति में समय बिताएं।
पेंटिंग, संगीत, या बागवानी जैसे शौक में शामिल हों।
अपने शरीर और दिमाग को पुनर्स्थापित करने के लिए पर्याप्त नींद लें।
self-improvement Practice Self-Care
आत्म-देखभाल आपको ऊर्जावान और अपने व्यक्तिगत विकास(Self-Improvement) लक्ष्यों पर केंद्रित रहने में मदद करती है।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करें( Develop Emotional Intelligence)
Emotional Intelligence (EI) वह क्षमता है जिससे आप अपनी भावनाओं को समझते और प्रबंधित करते हैं और दूसरों के साथ सहानुभूति रखते हैं। EI को बेहतर बनाने के तरीके:
दूसरों को बेहतर समझने के लिए सक्रिय सुनने का अभ्यास करें।
बिना किसी आलोचना के अपनी भावनाओं को पहचानें और स्वीकार करें।
आवेगी प्रतिक्रिया देने के बजाय सोच-समझकर उत्तर दें।
अलग-अलग दृष्टिकोणों पर विचार करके सहानुभूति बढ़ाएं।
उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता आपके रिश्तों, निर्णय लेने, और आत्म-जागरूकता को बेहतर बनाती है।
सकारात्मक प्रभाव वाले लोगों के साथ रहें(Surround Yourself with Positive Influences)
जिन लोगों से आप मिलते-जुलते हैं, वे आपके दृष्टिकोण और व्यवहार को प्रभावित करते हैं। ऐसे दोस्तों, मार्गदर्शकों और साथियों का सहायक नेटवर्क बनाएं, जो आपके विकास को प्रोत्साहित करते हैं।
विषाक्त या अत्यधिक नकारात्मक व्यक्तियों के साथ बातचीत को सीमित करें।
अपने रुचियों से मेल खाने वाले समुदायों या समूहों में शामिल हों।
ऐसे मार्गदर्शक खोजें, जो आपको प्रेरित और चुनौती देते हों।
एक सकारात्मक वातावरण प्रेरणा बढ़ाता है और आपको प्रगति करने में मदद करता है।
दैनिक आभार का अभ्यास करें(Practice Gratitude Daily)
आभार आपके जीवन के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें:
हर सुबह उन तीन चीजों को लिखें जिनके लिए आप आभारी हैं।
उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करें, जिन्होंने आपकी मदद की या आपको प्रेरित किया।
सोने से पहले अपने दिन के सकारात्मक क्षणों पर विचार करें।
नियमित आभार अभ्यास खुशी और आशावाद को बढ़ावा देता है।
अपनी सुविधा क्षेत्र से बाहर कदम रखें(Step Out of Your Comfort Zone)
वास्तविक व्यक्तिगत विकास तब होता है जब आप परिचित सीमाओं से परे जाते हैं। जोखिम लेने से लचीलापन और आत्मविश्वास बनता है। उदाहरण:
शर्म दूर करने के लिए सार्वजनिक रूप से बोलने का प्रयास करें।
किसी अनजान जगह पर अकेले यात्रा करें।
कोई नई भाषा या ऐसा कौशल सीखें जो आपको चुनौती देता हो।
self-improvement Step Out of Your Comfort Zone
चुनौतियों को अपनाने से आप अपनी क्षमता को पहचानते हैं और मजबूत बनते हैं।
तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करें( Manage Stress Effectively)
तनाव व्यक्तिगत विकास(Self-Improvement) में एक बड़ी बाधा हो सकता है। इसे प्रबंधित करने के स्वस्थ तरीके अपनाएं:
गहरी सांस लेने के व्यायाम या ध्यान का अभ्यास करें।
योग या दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियों में भाग लें।
अपने शौक या सहायक प्रियजनों के साथ समय बिताएं।
प्रभावी तनाव प्रबंधन आपको शांत और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रखता है।
आत्म-चिंतन करें और समायोजित करें(Reflect and Adjust)
आत्म-चिंतन से आप अपनी प्रगति का मूल्यांकन कर सकते हैं और सुधार के क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं।
हर सप्ताह कुछ समय अपनी उपलब्धियों और असफलताओं की समीक्षा के लिए निकालें।
अपने लक्ष्यों के साथ संरेखित रहने के लिए आवश्यक समायोजन करें।
छोटे मील के पत्थरों का जश्न मनाएं, ताकि आप प्रेरित रहें।
आत्म-चिंतन स्पष्टता प्रदान करता है और आपको सही मार्ग पर बनाए रखता है।
आत्म-अनुशासन विकसित करें(Develop Self-Discipline)
आत्म-अनुशासन आपकी आत्म-सुधार रणनीतियों पर टिके रहने के लिए आवश्यक है। इसे मजबूत करने के लिए:
एक सुसंगत दैनिक दिनचर्या बनाएं और इसका पालन करें।
उत्पादकता में बाधा डालने वाले विकर्षणों को समाप्त करें।
महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए खुद को पुरस्कृत करें।
Develop Self-Discipline
मजबूत आत्म-अनुशासन के साथ, आप सबसे कठिन लक्ष्यों को भी प्राप्त कर सकते हैं।
स्वयंसेवा करें और योगदान दें(Volunteer and Give Back)
दूसरों की मदद करना न केवल समुदाय के लिए फायदेमंद है, बल्कि आपके जीवन को भी समृद्ध बनाता है। स्वयंसेवा कर सकते हैं:
सहानुभूति और करुणा का निर्माण करें।
नए कौशल सीखें और अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाएं।
आत्मविश्वास और उद्देश्य की भावना बढ़ाएं।
समाज को योगदान देने से खुशी और गहरी व्यक्तिगत संतुष्टि मिलती है।
स्थिरता और धैर्य बनाए रखें(Stay Consistent and Patient)
व्यक्तिगत विकास(Self-Improvement) एक धीमी प्रक्रिया है, जिसमें निरंतरता और धैर्य की आवश्यकता होती है। छोटे, सुसंगत कार्य दीर्घकालिक परिवर्तन लाते हैं।
यहां तक कि जब प्रगति धीमी लगे, तो भी रोजाना आत्म-सुधार की आदतों को बनाए रखें।
अपनी यात्रा पर विश्वास रखें और दूसरों से अपनी तुलना करने से बचें।
छोटे-छोटे विजय का जश्न मनाएं, ताकि आप प्रेरित रहें।
धैर्य और स्थिरता स्थायी व्यक्तिगत विकास की कुंजी हैं।
व्यक्तिगत विकास(Self-Improvement) एक आजीवन यात्रा है, जिसके लिए प्रयास, समर्पण, और सही मानसिकता की आवश्यकता होती है। इन 15 आत्म-सुधार रणनीतियों को अपने दैनिक जीवन में शामिल करके, आप अपनी सच्ची क्षमता को उजागर कर सकते हैं और अधिक अर्थपूर्ण, संतोषजनक जीवन जी सकते हैं।
आज ही छोटे बदलावों से शुरुआत करें, चाहे वह स्मार्ट लक्ष्य निर्धारित करना हो, अपना समय बेहतर तरीके से प्रबंधित करना हो, या भावनात्मक बुद्धिमत्ता बढ़ाना हो। हर कदम आपको अपने सर्वश्रेष्ठ संस्करण के करीब लाता है। याद रखें, परिवर्तन रातों-रात नहीं होता—निरंतर बने रहें, धैर्य रखें और इस यात्रा को गले लगाएं!
बात उन दिनों की है जब महिलाएं शिक्षा की ओर अपने कदम बढ़ा रहीं थी और देश आधुनिकता के दौर में डुबकी लगाने को तैयार था। 19वीं शताब्दी का, यह वह समय था जब शिक्षा और समाज दोनों ही तेजी से बदल रहे थे। उसी समय महिलाओं के अधिकारों, अशिक्षा, छुआछूत, सती प्रथा, बाल-विवाह और विधवा-विवाह जैसी अनेक कुरीतियों के काले बादलों के पीछे से एक बुलंद आवाज बनकर सामने आईं, सावित्रीबाई फुले।
सावित्रीबाई फुले(Savitribai Phule) , भारत की वह पहली महिला शिक्षिका थी, जिन्होंने अपने अथक प्रयासों से शिक्षा को भी बदला और समाज को भी। छोटे से गांव में पैदा हुई सावित्रीबाई ने अपने पति दलित चिंतक, समाज सुधारक ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर सामाजिक चेतना फैलाई और अंधविश्वास तथा रूढ़ियों की बेड़ियां को तोड़ने के लिए एक लंबा संघर्ष किया।
3 जनवरी, 1891 में महाराष्ट्र के सतारा जिले में जन्मीं सावित्री बाई (Savitribai Phule) फुले नारीवाद की सच्ची पहचान हैं। उनके ही संघर्ष का परिणाम है जो आज महिलाएं सिर उठाकर पढ़-लिख रही हैं और अपने सपने पूरे कर रही हैं। उनका जीवन जितना महान था उतना ही कठिनाइयों से भी भरा था। उनके संघर्ष की दास्तां मेरे इन शब्दों से भी पूरी नहीं हो सकती।
“वो एक नारी शक्ति का एहसास थीं, जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है”
सावित्रीबाई(Savitribai Phule) की छोटी सी उम्र में शादी हो जाने के बाद भी भारत की पहली शिक्षिका बनीं
जिस उम्र में हम गुड़िया और खिलौने से खेलते हैं उस छोटी सी उम्र में उनकी शादी हो गई लेकिन पढ़ाई के प्रति उनका जज्बा और लगन कभी कम नहीं हुआ।
ज्योतिबा फुले के साथ उनके विवाह के समय जहां वह एक अनपढ़ की श्रेणी में खड़ी थीं, तो वहीं उनके पति केवल तीसरी कक्षा तक पढ़े थे। जिस दौर में वह पढ़ने का सपना देख रहीं थी, उस दौर में महिला की शिक्षा पर एक कड़ा पहरा था, उन्हें पढ़ना तो दूर किताबें देखने की भी अनुमति नहीं थी। उस वक्त की एक घटना के अनुसार एक दिन सावित्री अंग्रेजी की किसी किताब के पन्ने पलट रही थीं, तभी उनके पिताजी ने देख लिया, वह दौड़कर आए और किताब हाथ से छीनकर घर से बाहर फेंक दी। उनके पिता और उस समय का समाज, शिक्षा को केवल उच्च जाति के पुरुषों का अधिकार मानते थे, दलित और महिलाओं का शिक्षा ग्रहण करना पाप समझा जाता था। बस, फिर क्या था बचपन से ही दृढ़ निश्चयी सावित्री बाई ने वह किताब वापस लाईं और प्रण किया कि वह एक न एक दिन पढ़ना जरूर सीखेंगी।
–जीवन संघर्ष
उन दिनों महिलाओं को निम्न दर्जे का नागरिक समझा जाता रहाथा, यही कारण है कि उनकी जिंदगी को खाना बनाने और वंश को आगे बढ़ाने तक सीमित रखा गया था, लेकिन इस पुरानी और रूढ़िवादी सोच को बदने के लिए सावित्री बाई ने पढ़ना शुरू किया और इतना ही नहीं वह भारत की प्रथम महिला शिक्षिका भी बनीं। उन्होंने 2 साल के टीचर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रथम कोर्स उन्होंने एक अमेरिकी मिशनरी सिंधिया द्वारा संचालित अहमदनगर में संस्थान और दूसरा कोर्स पुणे के एक नॉर्मल स्कूल से लिया।
-पत्थर खाने के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा
सन् 1848 में महज 17 वर्ष की आयु में सावित्रीबाई फुले(Savitribai Phule) ने पुणे में देश के पहले महिला स्कूल की स्थापना की और उसके बाद 18 स्कूल खोले। लेकिन उनका संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ कहते हैं जब वह स्कूल में पढ़ाने जाया करती थीं तो उन पर लोग पत्थर मारते थे, उन पर गंदगी फेंक देते थे, परंतु चट्टान से भी मजबूत सावित्रीबाई(Savitribai Phule) ने इस समस्या को भी हल कर लिया। वह अपने थैले में एक अतिरिक्त जोड़ी कपड़े ले जाया करती थीं और कीचड़ से गंदे कपड़ों को बदल लिया करती थीं।
सावित्रीबाई फुले(Savitribai Phule) एक कवयित्री भी थीं। उन्हें मराठी की आदि कवयित्री के रूप में अपने आप को साबित किया। सावित्रीबाई(Savitribai Phule) ने अपने पति के साथ मिलकर बालहत्या प्रतिबंधक गृह नामक केयर सेंटर भी खोला था। इसमें बलात्कार से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को बच्चों को जन्म देने और उनके बच्चों को पालने की सुविधा दी जाती थी। उन्होंने महिला अधिकारों से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए महिला सेवा मंडल की स्थापना की। उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ भी अभियान चलाया और विधवा पुनर्विवाह की वकालत की।
10 मार्च, 1897 को प्लेग के मरीजों की देखभाल करते हुए ये महान आत्मा सद्गति को प्राप्त हुईं और सदा के लिए पंचभूत में लीन हो गईं। आज भी भारत ही नहीं विश्व भर की महिलाओं के लिए उनका अदम साहस और हौसला एक आदर्श है और युगों तक वह सभी महिलाओं की प्रेरणा रहेंगी। हम उन्हें तहे दिल से प्रणाम करते हैं। वास्तव में सावित्रीबाई फुले(Savitribai Phule) ने ये साबित किया है कि…
सफलता की कहानी किसी कलम से नहीं…
हौंसलों से लिखी जाती है…
Gautam Buddh Nagarजिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर, मनीष कुमार वर्मा के निर्देशानुसार पोषण माह के अंतर्गत आज जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बेहतर पोषण और उनकी वृद्धि की निगरानी के प्रति जागरूकता फैलाना था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने छलेरा के आंगनबाड़ी केंद्र, बाल विकास परियोजना बिसरख में आयोजित इस स्पर्धा में भाग लेते हुए बच्चों के अभिभावकों और जन समुदाय को बच्चों के अच्छे पोषण और उनकी वृद्धि पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य और इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस स्पर्धा के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने बच्चों की पोषण स्थिति के अनुसार रैंकिंग दी। जिन बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार हुआ, उनके अभिभावकों और बच्चों को सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कुपोषण को समाप्त करना है।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी सहित अन्य अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
Noida: शांति इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा में “इंडिया 2050: साइंस ओडिसी” नामक विज्ञान प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और भारत के भविष्य की अपनी कल्पना को प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित के माध्यम से भारत की 2050 तक की संभावनाओं को उजागर करना था।
नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और प्रोजेक्ट्स पेश किए। इन प्रोजेक्ट्स में एडवांस रोबोटिक्स से लेकर सस्टेनेबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) तक के समाधान शामिल थे, जो छात्रों की गहरी वैज्ञानिक समझ और नवाचार के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाते थे।
The Science Odyssey
मुख्य विशेषताएं:
रचनात्मक परियोजनाएं: छात्रों ने स्मार्ट सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे क्षेत्रों में भारत के भविष्य की कल्पना करते हुए शानदार मॉडल प्रस्तुत किए।
इंटरएक्टिव लर्निंग: आगंतुकों को छात्रों के प्रोजेक्ट्स के पीछे की वैज्ञानिक सोच को समझने का अवसर मिला, जिससे उन्हें जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने में मदद मिली।
विशेषज्ञ वक्ता: प्रमुख अतिथि, सुश्री अर्शिमा अरोड़ा (केमिस्ट्री SME) और सुश्री श्वेता दीक्षित (विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर), ने उभरती हुई प्रौद्योगिकियों और उनके भविष्य में भारत के विकास में योगदान पर अपने विचार साझा किए।
स्कूल के अध्यक्ष श्री हरीश चौहान, निदेशक सुश्री अंजना चौहान और प्रधानाचार्य सुश्री साध्वी वर्मा ने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। रिबन काटने की रस्म के साथ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, और स्कूल प्रबंधन ने छात्रों और शिक्षकों की मेहनत की सराहना की।
शांति इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। “इंडिया 2050: साइंस ओडिसी” प्रदर्शनी ने छात्रों की रचनात्मकता और भविष्य के प्रति उनकी सोच को उजागर किया, जो एक बेहतर कल की ओर कदम बढ़ाने की प्रेरणा है।
Maharshi University Noida: मीडिया विभाग, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंफार्मेशन टेक्नालॉजी, सेक्टर 110, नोएडा ने 24 अप्रैल 2024 को बीए-जेएमसी (द्वितीय सेमेस्टर) के छात्र-छात्राओं का अमर उजाला लिमिटेड, नोएडा का इंडस्ट्रियल विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया। इस इंडस्ट्रियल विजिट का उद्देश्य छात्रों को समाचार पत्रों की आंतरिक कार्यप्रणाली समाचार संकलन, संपादन से लेकर पेज डिजाइन और मुद्रण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करना था। समूह में 30 छात्र-छात्राओं और मीडिया विभाग, एमयूआईटी के दो संकाय सदस्य शामिल थे।
इंडस्ट्रियल विजिट के दौरान छात्र-छात्राओं को दैनिक समाचार पत्रों की प्रिंटिंग प्रेस तकनीक को देखने का अवसर मिला। सभी छात्र-छात्राएं प्रिंटिंग प्रेस की तकनीक को गहन भाव से देखे। अमर उजाला लिमिटेड द्वारा आयोजित तकनीकी सत्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रेस के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को बताया गया कि अखबार की शेल्फ लाइफ केवल 30 से 40 मिनट है और वितरण बहुत कुशल होना चाहिए। अमर उजाला स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक दुनिया के बारे में समाचार भी ऑनलाइन प्रसारित करता है। सत्र में, विद्यार्थियों ने प्रिंट मीडिया से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका सूक्ष्मता और सावधानीपूर्वक समाधान किया गया। यह भी बताया कि अमर उजाला अखबार राजनीतिक मुद्दे, खेल, शिक्षा-स्वास्थ्य, करियर, ऑटो, तकनीक, बिजनेस, लाइफस्टाइल, महिला और मनोरंजन आदि से जुड़े मामलों को कवर करता है।
अमर उजाला प्रिंटिंग पब्लिकेशन, नोएडा का दौरा मीडिया विभाग के सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत जानकारीपूर्ण रहा। छात्र-छात्राएं समाचार पत्र की छपाई और प्रकाशन की प्रक्रिया को जानकर और यह समझकर रोमांचित हुए कि समाचार पत्र ग्राहकों के घरों तक समय पर कैसे पहुंचते हैं। मीडिया विभाग, एमयूआईटी के छात्रों के लिए अमर उजाला का यह इंडस्ट्रियल विजिट प्रिंट मीडिया की बारीकियों और सीखने की अद्भुत रूप से भरा रहा। अंत में छात्र-छात्राओं ने अमर उजाला लिमिटेड के सभी स्टाफ को धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि अमर उजाला 1948 से भारत में प्रकाशित एक हिंदी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। समाचार पत्र को विभिन्न पुरस्कार और मान्यता प्रदान की गई है। इसके 22 संस्करण हैं जिनमें छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 179 जिले शामिल हैं। इसकी लगभग दो मिलियन प्रतियों का प्रसार है।