Author: Nimmi Chaudhary

  • One Country One Election: भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम – सुनील बंसल”

    One Country One Election: भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम – सुनील बंसल”

    नोएडा: ‘One Country One Election’ की अवधारणा लोकतंत्र को अधिक व्यावहारिक और लागत-प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बशर्ते इसे व्यापक विचार-विमर्श और सहमति के साथ लागू किया जाए। यह बात रविवार को नोएडा के सेक्टर-91 स्थित पंचशील बालक इंटर कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषयक प्रबुद्ध समागम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री और ‘एक देश, एक चुनाव’ के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुनील बंसल ने कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. डी.के. गुप्ता (अध्यक्ष, फेलिक्स हॉस्पिटल, नोएडा) ने की, जबकि पूर्व बार एसोसिएशन गौतम बुद्ध नगर के अध्यक्ष कालू राम चौधरी ने संयोजक की भूमिका निभाई।

    बार-बार के चुनाव विकास में बाधक

    सुनील बंसल ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास और जनकल्याण योजनाओं में अवरोध उत्पन्न करते हैं। पिछले 30 वर्षों में ऐसा कोई वर्ष नहीं रहा जब किसी राज्य में चुनाव न हुआ हो। ये अनियोजित चुनाव देश की प्रगति में रुकावट का काम करते हैं। ‘ One Country One Election’ अपनाकर इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है। इससे राजनीतिक एजेंडा विकास के मुद्दों पर केंद्रित होगा और पांच साल में One Country One Election होने से नेताओं की जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि यह अवधारणा नई नहीं है; 1952 से 1967 तक चार चुनाव इसी प्रक्रिया के तहत हुए थे।

    सरकार द्वारा इस विधेयक पर विचार-विमर्श के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 62 राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे, जिनमें से 47 दलों ने जवाब दिया। इनमें 32 दलों ने One Country One Election का समर्थन किया, जबकि 15 ने विरोध किया। बंसल ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 1.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए, जो देश के वित्तीय संसाधनों पर भारी बोझ है। यदि 2024 में एक साथ चुनाव हुए होते, तो यह जीडीपी में 1.5% की वृद्धि ला सकता था, जो 4.5 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।

    इसके अलावा, One Country One Election से पर्यावरण को भी लाभ होगा, क्योंकि बार-बार के चुनावों में प्रचार सामग्री, पोस्टर और बैनर से वायु व ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही, बार-बार मतदान से आम जनता का समय और ऊर्जा बर्बाद होती है, क्योंकि उन्हें अपने काम से बार-बार छुट्टी लेनी पड़ती है। एक साथ चुनाव से यह समस्या कम होगी।

    One Country One Election
    One Country One Election : Sunil Bansal

     One Country One Election से लागत और समय की बचत

    बंसल ने बताया कि ‘One Country One Election’ कोई नई अवधारणा नहीं है। 1951-52 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे। वर्तमान में भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त होता है, जिसके कारण हर साल कहीं न कहीं चुनाव होते हैं। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, पिछले दशक में हर साल औसतन 5-7 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। लोकसभा चुनाव हर पांच साल में होते हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव अक्सर समय से पहले—जैसे विधानसभा भंग होने या राष्ट्रपति शासन के कारण—हो जाते हैं।

    भारत में 99 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए। ‘एक देश, एक चुनाव’ से इस खर्च में 30-35% की कमी आ सकती है। प्रत्येक राज्य के विधानसभा चुनाव में औसतन 5,000-10,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। One Country One Election से सरकार, चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के खर्च में 30-40% की कमी आ सकती है, जिससे हर पांच साल में 20-25 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। इसके अलावा, एक साथ चुनाव से रियल जीडीपी वृद्धि में 1.5% की बढ़ोतरी हो सकती है, जो 2023-24 में 4.5 लाख करोड़ रुपये के बराबर थी। यह राशि भारत के स्वास्थ्य पर कुल सार्वजनिक खर्च का आधा और शिक्षा पर खर्च का एक तिहाई है।

    एक साथ चुनाव से सकल निश्चित पूंजी निर्माण (निवेश) का अनुपात 0.5% बढ़ सकता है, और महंगाई दर में 1.1% तक की कमी आ सकती है। बंसल ने बताया कि अमेरिका, फ्रांस, स्वीडन और कनाडा जैसे देशों में एक साथ चुनाव होते हैं। भारत में एक मतदान केंद्र पर औसतन 5 कर्मियों की आवश्यकता होती है। 10.5 लाख मतदान केंद्रों के लिए करीब 55 लाख कर्मी और 20-25 लाख सुरक्षाकर्मी चाहिए। इसके लिए 20 लाख से अधिक ईवीएम सेट (बैलेट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट) की जरूरत होगी।

    One Country One Election
    One Country One Election : Sunil Bansal

    प्रशासनिक और विकास कार्यों में सुधार

    सुनील बंसल ने कहा कि हर चुनाव में लाखों सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाता है, जिससे उनके नियमित कार्य प्रभावित होते हैं। One Country One Election से यह समस्या एक बार में हल होगी। बार-बार आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य रुकते हैं। एक साथ चुनाव से सरकार को पांच साल का स्पष्ट समय मिलेगा, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और जनता को जल्द लाभ मिलेगा। लगातार चुनावों से राजनीतिक दल हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं। एक साथ चुनाव से सरकार और विपक्ष दोनों को देश की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने का अवसर मिलेगा।

    उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

    कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, पूर्व परिवहन मंत्री व विधान परिषद सदस्य अशोक कटारिया, नोएडा विधायक व भाजपा उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता, पूर्व विधायक व मंत्री नवाब सिंह नागर, हरीश चंद भाटी, श्रीमती विमला बॉथम, भाजपा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, और जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा उपस्थित थे।

    सहभागी संस्थाएं

    कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता, फोनरवा, डीडीआरडब्ल्यूए, नोएडा कर्मचारी संघ, भारतीय चिकित्सा संघ, फिक्की, एसोचैम, लोकमंच, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, आकांक्षा, पंजाबी क्लब, व्यापार मंडल दिल्ली-एनसीआर, अग्रवाल मित्र मंडल, युगा व्यापार मंडल, श्री रामलीला मित्र मंडल, दैनिक जागरण, जीएनआईओटी समूह, संभावी महामुद्रा समाज समिति, शाहू समाज, माहेश्वरी समाज, माथुर समाज, राजस्थान कल्याण परिषद, चौसैनी समाज, वर्मा समाज, सूरी समाज, नोएडा वैश्य केंद्र, केसरवानी समाज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रोमिथेस स्कूल, इंफोसिस, श्री राम ग्लोबल स्कूल, आर.डी. पब्लिक स्कूल, आनंदिता हेल्थकेयर, और विभिन्न रोटरी क्लब्स (दादरी, दिल्ली अचीवर्स, दिल्ली रिवरसाइड, नोएडा सेंट्रल, नोएडा सिटी, नोएडा एलीगेंस, नोएडा, ग्रेटर नोएडा) के प्रतिनिधि शामिल थे।

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  • UP Transport Department ने 24×7 व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा शुरू की, नागरिकों को अब सेवाएं उनके दरवाज़े पर

    UP Transport Department ने 24×7 व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा शुरू की, नागरिकों को अब सेवाएं उनके दरवाज़े पर

    UP Transport Department

    लखनऊ, मई 2025:

    उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने नागरिकों की सुविधा और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए एक अग्रणी डिजिटल पहल शुरू की है। इसके तहत व्हाट्सएप पर 8005441222 नंबर के साथ चैटबॉट सेवा लॉन्च की गई है। यह उपयोगकर्ता-अनुकूल सेवा 24×7 उपलब्ध है और जनता को परिवहन से जुड़ी जानकारी व सेवाएं सीधे उनके मोबाइल पर प्रदान करती है।

    यह पहल माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय परिवहन मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप शुरू की गई है, जिन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि सरकारी सेवाएं नागरिकों के लिए सहज, पारदर्शी एवं उनके दरवाज़े तक सुलभ होनी चाहिए। यह व्हाट्सएप चैटबॉट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक के माध्यम से नागरिकों और सरकारी सेवाओं के बीच की दूरी को कम करता है।

    UP Transport Department
    UP Transport Department

    व्हाट्सएप चैटबॉट की प्रमुख विशेषताएं

    1.  व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म पर 24×7 आवश्यक सेवाओं की सुलभता।
    2. वाहन और सारथी सेवाओं का प्रत्यक्ष एकीकरण, जिनके माध्यम से –
    3. वाहन पंजीकरण से संबंधित जानकारी
    4. ड्राइविंग लाइसेंस सेवाएं
    5. आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग
    6. चालान से संबंधित जानकारी तत्काल प्राप्त करना, जैसे – कारण, भुगतान लिंक, और कानूनी प्रावधान।
    7. आम सवालों के लिए चरणबद्ध मार्गदर्शन –
    8. ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण
    9. स्वामित्व का हस्तांतरण
    10. रोड टैक्स भुगतान

    UP Transport Department : नागरिकों के लिए लाभ

    1. आरटीओ कार्यालयों के अनावश्यक दौरे की आवश्यकता समाप्त।
    2. वास्तविक समय में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध।
    3. बहुभाषी सुविधा, जिससे हर वर्ग के लिए उपयोग में आसान।
    4.  त्वरित उत्तर एवं समाधान, जिससे देरी और कागजी कार्यवाही में कमी।

    इस अवसर पर परिवहन आयुक्त ने कहा,

    “यह व्हाट्सएप चैटबॉट नागरिक कल्याण के लिए तकनीक के उपयोग को प्रदर्शित करता है। यह विभाग को जनता के निकट लाता है और पारदर्शी, कुशल व जवाबदेह शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

    UP Transport Department
    UP Transport Department

    उपयोग कैसे करें

    अपने फोन में 8005441222 नंबर सेव करें और व्हाट्सएप पर “Hi” लिखकर भेजें। सेवा तुरंत आरंभ हो जाएगी।

    यह चैटबॉट उत्तर प्रदेश सरकार के डिजिटल परिवर्तन और घर-घर सेवाएं पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयासों का प्रतीक है, जिससे हर नागरिक को स्मार्ट गवर्नेंस के माध्यम से सशक्त बनाया जा सके।

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    जारीकर्ता

    कार्यालय, परिवहन आयुक्त

    उत्तर प्रदेश सरकार

    www.uptransport.upsdc.gov.in

  • Caste Census Strategy : राहुल गांधी का मास्टरस्ट्रोक या साझा सियासी श्रेय?

    Caste Census Strategy : राहुल गांधी का मास्टरस्ट्रोक या साझा सियासी श्रेय?

    राहुल गांधी ने Caste census strategy को कांग्रेस के प्रमुख एजेंडे के रूप में उभारा है। केंद्र सरकार के 30 अप्रैल 2025 को जातिगत जनगणना कराने के फैसले को राहुल और कांग्रेस अपनी जीत बता रहे हैं। राहुल का दावा है कि उनकी लगातार मांग और देशव्यापी अभियान के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।

    What is Caste census strategy (जाति जनगणना रणनीति क्या है?)

    जाति जनगणना रणनीति से तात्पर्य उस राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से है, जिसमें जाति आधारित आंकड़े एकत्र करने और उनका उपयोग करके सामाजिक न्याय, आरक्षण, और चुनावी लाभ हासिल करने की योजना बनाई जाती है।

    Caste Census Strategy
    Caste Census Strategy

    Caste census strategy पर सियासी संग्राम: श्रेय की होड़ में राजनीतिक दल

    हालांकि, राजनीतिक लाभ की राह आसान नहीं है। बीजेपी इसे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, दावा करते हुए कि अगली जनगणना में जाति के आंकड़े सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण होंगे। वहीं, राजद और सपा जैसे क्षेत्रीय दल, खासकर बिहार में, इसका श्रेय लेने की कोशिश में हैं। कुछ विपक्षी नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस के शासनकाल में कई दशकों तक जाति जनगणना नहीं हुई, और अब इसका श्रेय लेना गलत है।

    चुनौतियां:

    1. श्रेय की जंग: लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव जैसे नेता भी इसका क्रेडिट ले रहे हैं, जिससे कांग्रेस का दावा कमजोर पड़ सकता है।
    2. बीजेपी की रणनीति: बीजेपी इसे अपने सामाजिक न्याय के एजेंडे से जोड़कर कांग्रेस को काउंटर कर रही है।
    3. जमीनी असर: जाति जनगणना का डेटा नीतियों में लागू होने तक इसका राजनीतिक लाभ सीमित रह सकता है, और यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
    राहुल गांधी ने Caste census strategy  को कांग्रेस के लिए मजबूत हथियार बनाया है,
    राहुल गांधी ने Caste census strategy  को कांग्रेस के लिए मजबूत हथियार बनाया है,

    कांग्रेस की रणनीति

     राहुल गांधी Caste census के साथ-साथ 50% आरक्षण की सीमा हटाने की वकालत कर रहे हैं, इसे दलित, पिछड़े, और आदिवासी समुदायों के लिए हक की लड़ाई के रूप में पेश करते हुए। कांग्रेस को उम्मीद है कि यह मुद्दा 2024 के लोकसभा चुनावों में दिखे प्रभाव को आगे भी दोहराएगा।

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    राहुल गांधी ने Caste census strategy  को कांग्रेस के लिए मजबूत हथियार बनाया है, लेकिन बीजेपी और क्षेत्रीय दलों की रणनीतियों के कारण लाभ बंट सकता है। अगर कांग्रेस इसे मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से ले जाए और नीतिगत बदलावों से जोड़ पाए, तो यह फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल, यह चुनौतीपूर्ण रास्ता है।

  • Lucknow Famous Food : नवाबों के शहर की शाही स्वाद यात्रा

    Lucknow Famous Food : लखनऊ, नवाबों का शहर, खाने के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है, जहां हर निवाला अवधी और मुग़लई विरासत की कहानी कहता है। इस शहर का खानपान मसालों के संतुलन, धीमी आंच पर पकाने की कला और नवाबी तहज़ीब का बेजोड़ संगम है, जो साधारण सामग्रियों को भी बेमिसाल स्वाद में बदल देता है। रसीले कबाबों से लेकर सर्दियों की झागदार मिठाइयों तक, आइए चलते हैं लखनऊ की गलियों में स्वाद की इस अनोखी यात्रा पर।

    Top 10 : Lucknow Famous Food

    गालौटी कबाब: नवाब की पसंद

    Best Food Lucknow
    Lucknow Famous Food

    कहते हैं कि गालौटी कबाब एक ऐसे नवाब के लिए बनाए गए थे जिनके दांत नहीं थे, लेकिन उन्हें कोमल मांस चाहिए था। यह कबाब 150 से अधिक मसालों और कच्चे पपीते के साथ बनाए जाते हैं, जो इन्हें बेहद नरम बना देते हैं। पराठे या शीर्माल (केसर वाला नान) के साथ परोसे जाने वाले ये कबाब लखनऊ की पाक कला की बेमिसाल मिसाल हैं। इन्हें अमीनाबाद की गलियों में कोयले पर सीकते हुए देखना और सूंघना ही भूख जगा देता है।

    लखनवी बिरयानी:  Lucknow Famous Food

    Lucknowi Biryani: Lucknow Famous Food 
    Lucknowi Biryani: Lucknow Famous Food

    भारी मसालों वाली बिरयानी को भूल जाइए। लखनवी बिरयानी हल्की होती है, जिसमें लौंग और सौंफ जैसे मसालों की खुशबू लंबे दानों वाले चावल और कोमल मांस के साथ मिलती है। इसमें दम की तकनीक का जादू है, जहां बर्तन को सील कर पकाया जाता है ताकि सारी खुशबू अंदर बनी रहे। बुरानी रायते के साथ परोसी जाने वाली यह बिरयानी एक गर्मजोशी भरा अनुभव देती है। चौक की तंग गलियों में बने छोटे-छोटे होटल इस बिरयानी को बड़े हांडी में पकाते हैं।

    निहारी और कुलचा: दिल से सुबह की शुरुआत

    Nihari and Kulcha: Lucknow Famous Food 
    Nihari and Kulcha: Lucknow Famous Food

    सुबह का सबसे बेहतरीन नाश्ता है निहारी – एक मटन स्टू जो रातभर धीमी आंच पर पकाया जाता है जब तक कि वह रेशमी और गाढ़ा न हो जाए। इसे मुलायम कुलचे के साथ परोसा जाता है, जो हर निवाले को सुकून भरा बना देता है। अकबरी गेट के पास छोटे ठेलेदार सुबह-सुबह इसकी बड़ी कटोरियां परोसते हैं – एक अनुभव जिसे लखनवी आत्मा कहते हैं।

    बास्केट चाट: चटपटे स्वादों का धमाका

    Basket Chaat : Best food Lucknow
    Basket Chaat : Lucknow Famous Food

    लखनऊ की स्ट्रीट फूड दुनिया बास्केट चाट के बिना अधूरी है। यह कुरकुरी आलू की टोकरी होती है, जिसमें छोले, दही, इमली की चटनी और चाट मसाला डाला जाता है। स्वाद और टेक्सचर का एक अद्भुत मेल – खस्ता, मलाईदार और तीखा – जो हर निवाले में मज़ा देता है। हजरतगंज के बाजारों में चाट वाले कलाकारों की तरह इसे परोसते हैं।

    मक्खन मलाई: सर्दियों की मीठी सौगात

    Makhan Malai : Winter’s Sweet Secret
    Makhan Malai : Lucknow Famous Food

    जैसे ही सर्दियाँ आती हैं, Lucknow की गलियों में मक्खन मलाई की महक फैल जाती है। यह दूध से बना झागदार मिष्ठान्न है, जिसे केसर और मेवों से सजाया जाता है। इसे मिट्टी के बर्तनों में परोसा जाता है और इसका स्वाद बिल्कुल बादलों जैसा हल्का होता है। चौक में सुबह-सुबह लगने वाली दुकानों से इसे पाया जा सकता है, जो दोपहर से पहले ही बिक जाता है।

    कुल्फी फालूदा: मलाईदार यादें

    Kulfi Falooda : Creamy Nostalgia
    Kulfi Falooda : Creamy Nostalgia

    मिठाई पसंद करने वालों के लिए कुल्फी फालूदा एक ज़रूरी अनुभव है। इसमें मलाईदार कुल्फी होती है, जिसमें केसर या पिस्ता होता है, ऊपर से फालूदा (वर्मिसेली), गुलाब शरबत और कभी-कभी रबड़ी डाली जाती है। अमीनाबाद की कुल्फी की दुकानें दशकों पुरानी हैं, और इसका स्वाद हर दिन की तरह  मिसाल हैं।

    खस्ता कचौड़ी: कुरकुरी पूर्णता

    Khasta Kachori : Crunchy Perfection
    Khasta Kachori : Crunchy Perfection

    यह तल कर बनाई गई कचौड़ियाँ होती हैं, जिनमें मसालेदार दाल या आलू भरे होते हैं। इन्हें चटनी या आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है। बाहर से खस्ता और अंदर से नरम। मक्कबूल गंज की दुकानों पर सुबह-सुबह इनकी भीड़ लगती है – चाय के साथ इसका स्वाद दोगुना बढ़ जाता है। 

    काकोरी कबाब: नाजुक और लाजवाब

    Kakori Kebab : best food lucknow
    Kakori Kebab : best food lucknow

    काकोरी कबाब, गालौटी कबाब के और भी नफीस रूप हैं। इन्हें बारीक मांस, कोमल मसालों और चारकोल ग्रिल पर पकाया जाता है। अकबरी गेट या चावल वाली गली के छोटे ढाबों में इन्हें हरे धनिये की चटनी के साथ परोसा जाता है – कबाब प्रेमियों के लिए यह एक खजाने जैसा है। 

    शीर्माल: मीठी संगत

    Sheermal : best food lucknow
    Sheermal : best food lucknow

    कोई भी अवधी भोजन शीर्माल के बिना अधूरा है – एक मीठा, केसर से महकता नान जो तंदूर में पकाया जाता है। इसकी हल्की मिठास तीखे कबाबों और करी के साथ शानदार तालमेल बनाती है। चौक की छोटी बेकरी में ताज़ा शीर्माल रोज़ बनते हैं, जो शाम होते-होते खत्म हो जाते हैं।

    ठंडाई: मसालेदार ताज़गी

    thandai
    thandai : Lucknow Famous Food

    अंत में, सब कुछ ठंडाई से धो डालिए – एक ठंडा दूध आधारित पेय जिसमें बादाम, सौंफ और कभी-कभी थोड़ा भांग भी होता है। यह पेय स्वादिष्ट भी है और लखनवी मसालों के संग ताज़गी भी देता है। चौक की सौ साल पुरानी दुकानों में इसका असली स्वाद मिलता है।

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  • Pakistan airspace closure : भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए 23 मई 2025 तक हवाई क्षेत्र किया बंद

    Pakistan airspace closure : भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए 23 मई 2025 तक हवाई क्षेत्र किया बंद

    Pakistan airspace closure – भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर पूरी तरह से  प्रतिबंध लगा दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होकर 23 मई 2025 तक प्रभावी रहेगा। यह कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है, जिसकी शुरुआत हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद हुई।

    हवाई क्षेत्र प्रतिबंध की घोषणा

    Pakistan airspace closure : भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एक NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी पाकिस्तान-पंजीकृत विमान, चाहे वह कमर्शियल हो, लीज़ पर हो, संचालित वाहक हो या सैन्य विमान, को भारतीय हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय पाकिस्तान द्वारा पिछले सप्ताह भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के जवाब में लिया गया है, जिससे 800 से अधिक साप्ताहिक उड़ानों पर असर पड़ा। भारत का यह कदम प्रतिशोधात्मक माना जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक तनाव को और गहरा करता है।

    Pakistan airspace closure
    Pakistan airspace closure

    पाकिस्तानी एयरलाइनों पर असर

    इस प्रतिबंध का सबसे अधिक असर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) और अन्य पाकिस्तानी एयरलाइनों पर पड़ेगा, जो कुआलालंपुर, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई गंतव्यों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र पर निर्भर रहती हैं। अब इन एयरलाइनों को चीन या श्रीलंका के ऊपर से घूमकर जाना पड़ेगा, जिससे ईंधन लागत बढ़ेगी, उड़ान का समय लंबा होगा और किरायों में वृद्धि की आशंका है। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तानी एविएशन इंडस्ट्री के लिए यह एक और झटका है।

    Pakistan airspace closure
    Pakistan airspace closure

    पहलगाम हमले से उत्पन्न स्थिति

    यह हवाई क्षेत्र प्रतिबंध 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लगाया गया है, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले की ज़िम्मेदारी द रेज़िस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मोहरा माना जाता है। भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान “भरोसेमंद और अपरिवर्तनीय कदम” नहीं उठाता, तब तक ऐसे कड़े कदम जारी रहेंगे। भारत ने इंडस जल संधि को निलंबित करने और अटारी सीमा चौकी को बंद करने जैसे कई और जवाबी कदम भी उठाए हैं।

    Pakistan airspace closure
    Pakistan airspace closure

    भारतीय एयरलाइनों के लिए चुनौतियाँ

    पाकिस्तान द्वारा पहले से लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों का असर भारतीय एयरलाइनों पर भी पड़ा है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइनों को अब अरब सागर के ऊपर से उड़ानें मोड़नी पड़ रही हैं, जिससे ईंधन लागत और यात्रा समय दोनों बढ़े हैं। अमेरिका जाने वाली कुछ लंबी दूरी की उड़ानों को अब यूरोप में तकनीकी स्टॉप लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है और किरायों में वृद्धि की संभावना है। सरकार इन परेशानियों को कम करने के लिए एयरलाइनों के साथ मिलकर काम कर रही है, लेकिन स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।

    Pakistan airspace closure
    Pakistan airspace closure

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    व्यापक कूटनीतिक तनाव

    यह हवाई क्षेत्र प्रतिबंध व्यापक कूटनीतिक तनाव का हिस्सा है। दोनों देशों ने अपने राजनयिक मिशनों को कम कर दिया है और पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार को भी निलंबित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए है, क्योंकि दोनों परमाणु संपन्न देश हाई अलर्ट पर हैं। इन सिलसिलेवार जवाबी कार्रवाइयों से आर्थिक नुकसान और क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका और भी बढ़ गई है।

  • Canada federal elections 2025 : लिबरल्स की जीत और कंज़र्वेटिव्स की हार के पीछे की वजह

    Canada federal elections 2025 : लिबरल्स की जीत और कंज़र्वेटिव्स की हार के पीछे की वजह

    Canada federal elections Result 2025

    मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी के बारे में अनुमान है कि उन्होंने Canada federal elections में जीत हासिल की है – ट्रंप विरोधी भावना की लहर पर सवार होकर अगली सरकार बनाने जा रही है।यह एक चौंकाने वाला राजनीतिक बदलाव है, क्योंकि कुछ महीने पहले तक इस पार्टी को खत्म हो चुकी माना जा रहा था।
    यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि लगभग एक दशक से सत्ता में रही यह पार्टी बहुमत हासिल कर पाएगी या नहीं, क्योंकि चुनाव परिणाम अभी भी आ रहे हैं।
    यहां इस चुनाव के चार मुख्य निष्कर्ष दिए गए हैं, जिसमें कंज़र्वेटिव विपक्ष ने बड़ी बढ़त तो बनाई, लेकिन फिर भी हार गए।

    ट्रंप की धमकियां चुनाव का मुख्य मुद्दा बन गईं

    इस बात में कोई शक नहीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ की धमकियों और कनाडा की sovereignty को कमजोर करने वाली टिप्पणियों ने इस चुनाव में असाधारण भूमिका निभाई। इससे नेतृत्व और देश के आर्थिक अस्तित्व जैसे मुद्दे अचानक केंद्र में आ गए। मार्क कार्नी ने इसका पूरा फायदा उठाया, वे न सिर्फ अपने मुख्य opponent कंज़र्वेटिव नेता पियरे पोइलीवर के खिलाफ, बल्कि ट्रंप के खिलाफ भी चुनाव लड़े। कार्नी ने कहा कि कनाडा एक संकट के दौर में है और बार-बार यह चेतावनी दी कि ट्रंप “हमें तोड़ना चाहता है ताकि अमेरिका हमें अपना बना सके”।
    पोइलीवर ने अपने प्रचार में ट्रंप का बहुत कम ज़िक्र किया और ध्यान केंद्रित किया घरेलू मुद्दों पर – जैसे जीवनयापन की लागत, आवास संकट और अपराध। उन्होंने लिबरल्स के रिकॉर्ड की आलोचना की।

    Canada federal elections 2025
    Canada federal elections 2025 : Mark Carney-led Liberals

    कार्नी – जिन्होंने पुराने अमेरिका-कनाडा संबंधों को “समाप्त” घोषित किया – चुनाव के तुरंत बाद एक नए आर्थिक और सुरक्षा समझौते की बातचीत शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
    कनाडाई व्यवसायी और ट्रंप के करीबी केविन ओ’लेरी ने भी माना कि यह एक सफल रणनीति थी।
    “अभी कनाडाई अमेरिका से बहुत नाराज़ हैं और कार्नी ने इसका फायदा उठाया,” उन्होंने बीबीसी से कहा। “वह लोगों का ध्यान अपनी गलतियों से हटा पाए… और कहा ‘वहां मत देखो, दक्षिण की ओर देखो और मैं तुम्हें बचाऊंगा’।”

    एक राजनीतिक नवागंतुक की चौंकाने वाली शुरुआत

    साल की शुरुआत में, कार्नी एक पूर्व केंद्रीय बैंकर थे जिनके पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं था। लेकिन मार्च के मध्य तक, वे प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके थे – वह पहले व्यक्ति बने जिन्हें कभी चुनाव में नहीं चुना गया था।
    अब, पहली बार चुनाव लड़े, ओटावा क्षेत्र से संसद सदस्य बने और अपनी पार्टी को एक अप्रत्याशित जीत दिलाई।
    कार्नी लंबे समय से कनाडाई राजनीति में आने का संकेत दे रहे थे – और उन्होंने यह मौका तभी पकड़ा जब जनवरी में जस्टिन ट्रूडो ने अचानक इस्तीफा दे दिया।

    Canada federal elections 2025
    Canada federal elections 2025


    उन्होंने नए राजनीतिक माहौल का पूरा लाभ उठाया और अपने अनुभव को भुनाया, जब कनाडाई नागरिक आर्थिक भविष्य को लेकर चिंतित थे।
    मार्च के अंत में ट्रंप द्वारा विदेशी ऑटोमोबाइल आयातों पर वैश्विक शुल्क लगाने की घोषणा ने कार्नी को एक अवसर दिया – जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री की भूमिका निभाई, राष्ट्रपति से बात की और अमेरिकी कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात की।

    कंज़र्वेटिव्स की प्रगति लेकिन बहुमत से दूर

    Canada federal elections : अगर चुनाव अलग होता, तो यह कंज़र्वेटिव पार्टी के लिए सफल माना जा सकता था। 2011 में, कंज़र्वेटिव्स ने 39.6% वोट पाकर बहुमत पाया था। इस बार पियरे पोइलीवर इससे आगे हैं, लगभग 41% वोटों के साथ, जबकि केवल आधे पोलिंग स्टेशन की गिनती हुई है। वह वर्तमान में 149 सीटें जीतते दिख रहे हैं – मार्च में चुनाव की घोषणा के समय यह संख्या 120 थी। पोइलीवर ने ज्यादातर घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया, उन मतदाताओं को लक्षित किया जो “लॉस्ट लिबरल दशक” से असंतुष्ट थे।
    लेकिन प्रगतिशील वोट लिबरल्स के साथ जुड़ गया, जिससे कंज़र्वेटिव्स के ये आंकड़े पर्याप्त नहीं रहे। यह कंज़र्वेटिव्स के लिए एक कड़वी हार होगी, क्योंकि कुछ महीने पहले तक उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी। अब पार्टी को तय करना होगा कि क्या वे पोइलीवर को नेता बनाए रखें – जो 2015 में लिबरल्स की लहर के बाद पार्टी के तीसरे नेता बने हैं।

    Canada federal elections 2025
    Canada federal elections 2025 : election completes a stunning turnaround fueled by Trump

    Canada federal elections : वामपंथी न्यू डेमोक्रेट्स का पतन

    Canada federal elections : इस चुनाव में छोटी राजनीतिक पार्टियों को बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि मतदाताओं ने अपना वोट लिबरल्स या कंज़र्वेटिव्स में से एक को देना चुना – खासकर वामपंथी न्यू डेमोक्रेट्स (NDP) को नुकसान हुआ है। NDP को अभी तक केवल 5% वोट मिले हैं, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 18% था। NDP नेता जगमीत सिंह – जो लगभग आठ वर्षों से पार्टी के नेता थे – ने अपनी सीट ब्रिटिश कोलंबिया में हार दी और इस्तीफे की घोषणा की।

    “मैं जानता हूं कि यह रात न्यू डेमोक्रेट्स के लिए निराशाजनक है,” उन्होंने कहा, “हम केवल तभी हारते हैं जब हम लड़ना छोड़ देते हैं।”
    ग्रीन पार्टी का वोट शेयर भी घटकर 2% से 1% रह गया है।

    एंगस रीड इंस्टीट्यूट की अध्यक्ष शाची कर्ल ने कहा कि ट्रंप की बयानबाज़ी ने लिबरल्स की ओर झुकाव बढ़ाया। “धमकियां, विलय की बातें – यह सब वामपंथी मतदाताओं के लिए बड़ा प्रेरक रहा है,” उन्होंने कहा। स्वतंत्रता समर्थक ब्लॉक क्यूबेकॉइस का वोट प्रतिशत 8% बना हुआ है, हालांकि यह अभी तय नहीं है कि इससे उन्हें कितनी सीटें मिलेंगी। यह सब डेटा केवल लगभग 30% पोलिंग स्टेशनों की रिपोर्ट पर आधारित है।

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    Canada federal elections 2025  : कनाडा में भले ही मुख्य रूप से कंज़र्वेटिव और लिबरल सरकारें रही हों, लेकिन यह दो-दलीय प्रणाली नहीं है।
    इसकी राजनीतिक व्यवस्था में छोटी पार्टियां भी संसद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं – जैसे कि NDP और ब्लॉक क्यूबेकॉइस, जो कभी आधिकारिक विपक्ष भी रहे हैं।

  • NTPC Green Energy ने ग्रीन हाइड्रोजन हब परियोजना के लिए हनीवेल UOP से मिलाया हाथ

    NTPC Green Energy ने ग्रीन हाइड्रोजन हब परियोजना के लिए हनीवेल UOP से मिलाया हाथ

    NTPC Green Energy Limited (NGEL) और हनीवेल UOP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने के लिए 25 अप्रैल को एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य भारत के विमानन क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करना और ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।

    समझौते का आदान-प्रदान NTPC के कार्यकारी निदेशक (हाइड्रोजन) DMR पांडा और हनीवेल UOP के उपाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक (ESS) रंजीत कुलकर्णी के बीच हुआ।

    तकनीकी सहयोग और फोकस क्षेत्र

    दोनों कंपनियाँ हनीवेल की उन्नत eFining टेक्निक का उपयोग कर फेसबिलिटी अध्ययन करेंगी। यह अध्ययन मुख्यतः NTPC  के पावर प्लांट्स से कैप्चर की गई कार्बन डाइऑक्साइड और ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग कर सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल उत्पादन पर केंद्रित होगा।

    NTPC Green Energy
    NTPC Green Energy

    ग्रीन हाइड्रोजन हब परियोजना का हिस्सा

    यह पहल  NTPC के आंध्र प्रदेश के पुदीमाडका में विकसित किए जा रहे ग्रीन हाइड्रोजन हब का अभिन्न हिस्सा है, जो लगभग 1,200 एकड़ में फैला होगा। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में हरित रसायनों और सतत मैन्युफैक्चर्ड को बढ़ावा देना है।

    NTPC Green Energy का 2032 लक्ष्य

    NTPC ने 2032 तक 60 गीगावॉट रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का मानना है कि हनीवेल UOP के साथ यह सहयोग इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    NTPC Green Energy का 2032 लक्ष्य
    NTPC Green Energy का 2032 लक्ष्य

    भारत की ग्लोबल स्थिति होगी मजबूत

    यह साझेदारी भारत को स्वच्छ विमानन ईंधन के क्षेत्र में ग्लोबल अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। साथ ही यह देश में स्वदेशी टेक्निक और हरित औद्योगिक विकास को भी सशक्त करेगी।

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  • Top 5 Eye Care Centers in Gorakhpur : अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ भरोसेमंद देखभाल

    Top 5 Eye Care Centers in Gorakhpur : अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ भरोसेमंद देखभाल

    Top 5 eye care centers in Gorakhpur अल्ट्रा मॉर्डन ट्रीटमेंट प्रदान करते हैं, जैसे कि लेसिक (LASIK), मोतियाबिंद सर्जरी, ग्लूकोमा प्रबंधन और रेटिना देखभाल। आधुनिक तकनीक से सजा हुआ ये केंद्र सभी सेवाएं देते हैं, जिनमें बाल नेत्र विज्ञान (पेडियाट्रिक ऑप्थल्मोलॉजी) भी शामिल है, और रोगियों की सुविधा व उच्च गुणवत्ता वाले परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

    Top 5 eye care centers in Gorakhpur

    1. राज आई हॉस्पिटल

    Location : कैंट रोड, छात्र संघ चौराहा, कालेपुर, गोरखपुर

    Overview : 1990 में स्थापित, राज आई हॉस्पिटल NABH-प्रमाणित है और अपनी आधुनिक सुविधाओं व कुशल नेत्र एक्सपर्ट के लिए प्रसिद्ध है। यह लेसिक, मोतियाबिंद सर्जरी, ग्लूकोमा उपचार, बाल नेत्र विज्ञान और रेटिना देखभाल जैसी सेवाएं प्रदान करता है। इसकी स्वच्छता और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण की विशेष प्रशंसा होती है।

    Specialties : फेम्टो लेसिक, कॉर्नियल ट्रांसप्लांट्स, विट्रियोरेटिनल सर्जरी, और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम।
    Rating : 4.6/5 (Justdial, 50 रिव्यु)

    Top 5 eye care centers in Gorakhpur
    Top 5 eye care centers in Gorakhpur

    2. सेंटर फॉर साइट, गोरखपुर

    Location : मुग़लाहा चौराहा, मेडिकल रोड, विशाल मेगा मार्ट के सामने, गोरखपुर
    Overview : एक प्रमुख राष्ट्रीय श्रृंखला का हिस्सा, यह अस्पताल नवीनतम तकनीक से सजा है और लेसिक, मोतियाबिंद सर्जरी, ग्लूकोमा प्रबंधन और बाल नेत्र विज्ञान सहित व्यापक नेत्र देखभाल प्रदान करता है। यहां सटीकता और रोगी सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
    Specialties : स्माइल (SMILE) लेजर विजन करेक्शन, रेटिना विकारों का उपचार, और उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरण।
    Contact : 1800 1200 477

    Top 5 eye care centers in Gorakhpur
    Top 5 eye care centers in Gorakhpur

    3 . संगम सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल

    Location : वसुंधरा एनक्लेव के सामने, सेल्स टैक्स ऑफिस के पास, रेल विहार कॉलोनी फेज-3, तारामंडल, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश 273010
    Overview : अत्याधुनिक उपकरणों और अनुभवी सर्जनों के साथ, संगम आई हॉस्पिटल एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की नेत्र देखभाल सेवाएं प्रदान करता है। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजनाओं और सामुदायिक सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
    Specialties : मोतियाबिंद सर्जरी, रेटिना उपचार और वयस्कों तथा बच्चों के लिए व्यापक नेत्र परीक्षण।
    Rating : रोगी संतुष्टि में उच्च रेटिंग प्राप्त

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    4. मित्तल आई हॉस्पिटल

    Location : ओवरहेड वाटर टैंक के सामने, मुंशी प्रेमचंद पार्क के पास, बेतियाहाता, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश 273001
    Overview : बी-स्कैन, ग्रीन लेजर और ओसीटी जैसी उन्नत तकनीकों से सुसज्जित मित्तल आई हॉस्पिटल व्यक्तिगत देखभाल और अनुभवी स्टाफ के लिए जाना जाता है। यह आयुष्मान भारत सेवाओं का समर्थन करता है और त्वरित रोगी संचार सुनिश्चित करता है।
    Specialties : मोतियाबिंद सर्जरी, अपवर्तनीय सर्जरी (Refractive Surgery), ग्लूकोमा उपचार, और डायबिटिक रेटिनोपैथी प्रबंधन।
    Rating  : 4.7/5 (643 रिव्यु)

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    5. कुमार नेत्र चिकित्सालय

    Location : कैंट थाना के पास, कसिया रोड, बेतियाहाता-273001
    Overview : गोरखपुर का एक प्रमुख नेत्र देखभाल केंद्र, कुमार नेत्र चिकित्सालय उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं और रोगी कल्याण पर केंद्रित है। यह विशिष्ट उपकरणों के साथ विभिन्न प्रकार के उपचार प्रदान करता है।
    Specialties : मोतियाबिंद सर्जरी, ग्लूकोमा यूनिट, अपवर्तनीय इकाई और बाल नेत्र देखभाल।
    Rating : एक्सीलेंट सेवा गुणवत्ता के लिए सराहनीय

    Top 5 eye care centers in Gorakhpur
    Top 5 eye care centers in Gorakhpur

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    Vision Excellence : Gorakhpur’s Top 5 eye care centers

    इन अस्पतालों का चयन डिग्निटी , रोगी रिव्यु, तकनीकी उन्नति और सेवा स्कोप  के आधार पर किया गया है, जिनमें सोर्स जैसे कि Justdial, ThreeBestRated और अस्पतालों की ऑफिसियल वेबसाइटें शामिल हैं।
    सटीक पते, संपर्क नंबर या अपॉइंटमेंट बुकिंग के लिए Justdial, Sulekha या अस्पतालों की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं।
    कृपया विशेष सेवाओं, लागत (जैसे मोतियाबिंद सर्जरी: ₹20,000–50,000; लेसिक: ₹20,000–60,000) और आयुष्मान भारत जैसी बीमा योजनाओं की जानकारी संबंधित अस्पताल से अवश्य करें।

  • Pahalgam आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए

    Pahalgam आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए

    Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने तेज और निर्णायक कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि, 1960 को निलंबित कर दिया है तथा अटारी चेक पोस्ट को इम्मीडिएट इफ़ेक्ट से बंद करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निवास पर आयोजित कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक में समग्र सुरक्षा स्थिति की रिव्यु की गई और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई सिक्योरिटी बनाए रखने का निर्देश दिया गया।

    पाकिस्तानी नागरिकों पर वीज़ा बैन

    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के नागरिक अब सार्क वीज़ा छूट योजना (SAARC Visa Exemption Scheme – SVES) के तहत भारत की यात्रा नहीं कर सकेंगे। पूर्व में जारी किए गए SVES वीज़ा अब अमान्य घोषित कर दिए गए हैं। भारत में पहले से SVES वीज़ा पर मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे केअंदर देश छोड़ने के आदेश दिए गए हैं।

     Foreign Secretary  shri vikram misri
    Foreign Secretary shri vikram misri

    राजनयिक स्टाफ में कटौती और निष्कासन

    विदेश सचिव ने बताया कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित कर एक सप्ताह में भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। भारत ने भी इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से इन्हीं विभागों के सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला लिया है। इनके साथ ही 5 सहायक कर्मचारियों को भी दोनों देशों के उच्चायोगों से हटाया जाएगा।

    हाई कमीशन की संख्या में कमी

    भारत और पाकिस्तान के उच्चायोगों की कर्मचारियों की संख्या को घटाकर 55 से 30 करने का निर्णय लिया गया है, जो 1 मई से लागू होगा। यह कदम भारत-पाक रिलेशन्स में तनाव को दर्शाता है और भारत की आतंकवाद के प्रति सख्त नीति को दिखते है।

    Condemnation and international support of Pahalgam terror attack
    Condemnation and international support of Pahalgam terror attack

     Pahalgam आतंकी हमले की निंदा और अंतरराष्ट्रीय समर्थन

    CCS को  Pahalgam में हुए आतंकी हमले और उसमें पाकिस्तानियो के हाथ होने की जानकारी दी गई। इस हमले को जम्मू-कश्मीर में हाल ही में शांतिपूर्ण चुनावों और राज्य के विकास की दिशा में हुई प्रगति के खिलाफ एक साजिश बताया गया। समिति ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की, शहीदों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

    दुनिया भर की सरकारों ने इस हमले की लोचना  करते हुए भारत के साथ एकता और समर्थन व्यक्त किया है। CCS ने इन प्रतिक्रियाओं की सराहना करते हुए इसे आतंकवाद के प्रति ग्लोबल “जीरो टॉलरेंस” की भावना का प्रतीक बताया।