Tag: Yogi Adityanath

  • सीएम योगी आदित्यनाथ आज 12 जुलाई को गोरखपुर से करेंगे ‘Maha Vriksharopan 2026’ का शुभारंभ : 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

    सीएम योगी आदित्यनाथ आज 12 जुलाई को गोरखपुर से करेंगे ‘Maha Vriksharopan 2026’ का शुभारंभ : 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

    Maha Vriksharopan 2026 (महा वृक्षारोपण 2026) आज उत्तर प्रदेश में एक ऐतिहासिक पर्यावरण अभियान के रूप में शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी गोरखपुर से इस महा वृक्षारोपण 2026 का शुभारंभ कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधों का रोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य का संकल्प भी है।

    महा वृक्षारोपण 2026 का शुभारंभ

    आज 12 जुलाई 2026 को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा Maha Vriksharopan 2026 का आगाज होगा। सुबह करीब 7:45 बजे वे स्वयं पौधरोपण करेंगे। इस अभियान को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के रूप में भी जाना जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर आधारित है।

    प्रदेश के सभी जिलों में मंत्री, विधायक, सरकारी अधिकारी और आम जनता इस महा वृक्षारोपण 2026 में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। वन विभाग 15.50 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़ और अन्य विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के साथ कुल 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

    सीएम योगी आदित्यनाथ आज 12 जुलाई को गोरखपुर से करेंगे 'Maha Vriksharopan 2026' का शुभारंभ
    सीएम योगी आदित्यनाथ आज 12 जुलाई को गोरखपुर से करेंगे ‘Maha Vriksharopan 2026’ का शुभारंभ

    महा वृक्षारोपण 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?

    • पर्यावरण संरक्षण: बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वृक्षारोपण से वायु शुद्धि, जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण होगा।
    • जन भागीदारी: यह अभियान सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले रहा है। हर नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना है।
    • दीर्घकालिक प्रभाव: पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण, सिंचाई और जियो टैगिंग की भी व्यवस्था की गई है ताकि अधिक से अधिक पौधे जीवित रहें।
    • नदियों के कटाव क्षेत्र: 13 नदियों के कटाव क्षेत्रों में विशेष रूप से 3.83 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

    कैसे हो रही तैयारी?

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी तैयारियों की समीक्षा की थी। पौधरोपण स्थलों का पूर्व सत्यापन, गड्ढों की खुदाई, उपयुक्त प्रजातियों का चयन और मॉनिटरिंग सिस्टम पहले से तैयार है। हर घंटे प्रगति रिपोर्ट जारी की जाएगी।

    आप भी बनें हिस्सा

    Maha Vriksharopan 2026 में आप भी भाग लें। अपने घर, बगीचे, गली-मोहल्ले या आस-पास के खाली स्थान पर पौधा लगाएं। माँ के नाम एक पेड़ लगाना न सिर्फ पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता है, बल्कि सांस्कृतिक दायित्व भी है।

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    Maha Vriksharopan 2026 उत्तर प्रदेश को हरित, समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में एक यादगार कदम साबित होगा। आइए, हम सब मिलकर इस हरित महायज्ञ को सफल बनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर कल का निर्माण करें।

     

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  • Up Budget 2026 : किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए खुला खजाना!

    Up Budget 2026 : किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए खुला खजाना!

    Up Budget 2026 : 11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने योगी आदित्यनाथ सरकार का 10वां बजट पेश किया। यह प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसका कुल आकार 9 लाख 12 हजार 696.35 करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के 8 लाख 8 हजार 736 करोड़ रुपये से यह 12.9% (या कुछ स्रोतों में 12.2%) अधिक है।

    यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा देता है, जिसमें विकसित भारत@2047 के विजन के साथ गरीबों का सम्मान, युवाओं का स्वाभिमान, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की समृद्धि को केंद्र में रखा गया है। आइए विस्तार से जानते हैं इस बजट की प्रमुख बातें और घोषणाएं।

    बजट का आकार और प्रमुख आंकड़े

    • कुल बजट : ₹9,12,696.35 करोड़
    • पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure): कुल बजट का 19.5% (करीब 1.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक) – इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों पर मजबूत फोकस।
    • राजकोषीय घाटा: 3% की सीमा तय, जो 2030-31 तक लागू रहेगी।
    • पिछले 9 वर्षों में बजट आकार 2017-18 के लगभग 3.85 लाख करोड़ से दोगुने से अधिक हो गया है।
    Up Budget 2026
    Up Budget 2026

    Up Budget 2026 : सेक्टर-वाइज प्रमुख आवंटन

    • शिक्षा: कुल बजट का 12.4%
    • स्वास्थ्य और चिकित्सा: 6% (करीब 37,956 करोड़ रुपये, पिछले साल से 15% अधिक)
    • कृषि एवं संबद्ध सेवाएं: 9%
    • नए मेडिकल कॉलेज: 14 नए कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़ रुपये
    • सड़कें और पुल: 34,468 करोड़ रुपये
    • एमएसएमई: 3,822 करोड़ रुपये

    इस बजट में 43,565 करोड़ रुपये की 50+ नई योजनाएं घोषित की गई हैं, जो युवा, महिला, किसान और उद्योग पर केंद्रित हैं।

    किसानों के लिए खुशी की लहर वाली घोषणाएं

    Up Budget 2026 : उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में देश का नंबर-1 राज्य है (गेहूं, धान, गन्ना, आलू आदि में अग्रणी)। बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर है:

    • गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी (पेराई सत्र 2025-26 के लिए) → किसानों को अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये की आय।
    • अब तक गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान।
    • विश्व बैंक सहायता से UP-AGREES प्रोजेक्ट के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित → कृषि निर्यात बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य।
    • डीजल नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित करने की योजना।
    • सिंचित क्षेत्र में 60 लाख हेक्टेयर की वृद्धि (2016-17 से अब 2.76 करोड़ हेक्टेयर)।
    • PM-KISAN और अन्य योजनाओं से लाखों किसानों को डायरेक्ट लाभ।

    Up Budget 2026 : ये कदम किसानों को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में हैं।

    Up Budget 2026
    Up Budget 2026

    युवाओं और रोजगार के लिए बड़े ऐलान

    • 10 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर।
    • बड़े पैमाने पर स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग प्रोग्राम मिशन मोड में।
    • महिलाओं के लिए अलग स्किल सेंटर और वर्किंग वुमन हॉस्टल (100 करोड़ रुपये)।
    • 40 लाख टैबलेट वितरण की योजना।

    महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस

    • बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये।
    • मेधावी छात्राओं को स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये।
    • महिला उद्यमिता प्रोत्साहन, क्रेडिट कार्ड योजना, निराश्रित महिला पेंशन।
    • महिला सुरक्षा: महिला बीट ऑफिसरों के लिए वाहन (25 करोड़ रुपये)।

    अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

    • स्वास्थ्य: लखनऊ में कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए 315 करोड़ रुपये, आयुष्मान भारत के तहत 2,000 करोड़ रुपये।
    • इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कें, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास पर जोर।
    • पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा।

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    Up Budget 2026 न केवल आंकड़ों का खेल है, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को हकीकत में बदलने का मजबूत आधार है। योगी सरकार ने सभी वर्गों – किसान, युवा, महिला, गरीब – का ख्याल रखा है।

     

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  • Pooja Pal न्याय की लड़ाई से सपा के निष्कासन तक का सफर

    Pooja Pal न्याय की लड़ाई से सपा के निष्कासन तक का सफर

    Pooja Pal : 14 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ पर 24 घंटे की मैराथन चर्चा के दौरान, समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक पूजा पाल ने एक ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने अपने पति राजू पाल की हत्या के लिए जिम्मेदार गैंगस्टर अतीक अहमद को “खत्म” करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। लेकिन इस बयान का परिणाम उनके लिए अप्रत्याशित रहा—उसी दिन सपा ने उन्हें “पार्टी विरोधी गतिविधियों” और “अनुशासनहीनता” के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया। 

    Pooja Pal का संघर्ष

    पूजा पाल प्रयागराज की एक प्रमुख दलित नेता हैं, जिनके पति राजू पाल की 2005 में गैंगस्टर अतीक अहमद द्वारा हत्या कर दी गई थी। यह हत्या न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी थी, बल्कि प्रयागराज के आपराधिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना थी। राजू पाल की हत्या के बाद पूजा ने न केवल अपने परिवार को संभाला, बल्कि राजनीति में कदम रखकर अपने पति के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। वह विधायक बनीं और प्रयागराज में सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहीं।

    Pooja Pal
    Pooja Pal

    उनके इस लंबे संघर्ष में कई बाधाएं आईं। उस समय अतीक अहमद का प्रयागराज में दबदबा था, और न्याय पाना आसान नहीं था। पूजा पाल ने बार-बार कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद ही उन्हें और अन्य पीड़ितों को न्याय मिलना शुरू हुआ। 2023 में, अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पूजा ने इसे अपने पति की हत्या का “न्याय” माना और योगी सरकार की अपराध-विरोधी नीतियों की सराहना की।

    विधानसभा में Pooja Pal का बयान

    14 अगस्त 2025 को विधानसभा में बोलते हुए Pooja Pal ने कहा, “जब कोई मेरी बात नहीं सुन रहा था, तब योगी आदित्यनाथ ने मेरी बात सुनी। उनकी जीरो टॉलरेंस नीति ने अतीक जैसे अपराधियों को खत्म किया और प्रयागराज की कई महिलाओं को न्याय दिलाया।” इस बयान में उन्होंने योगी सरकार की अपराध-विरोधी नीतियों की तारीफ की और इसे अपने पति की हत्या के मामले में मिले न्याय से जोड़ा।

    हालांकि, यह बयान समाजवादी पार्टी के लिए असहज साबित हुआ। सपा, जो उत्तर प्रदेश में विपक्ष की मुख्य पार्टी है, योगी सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करती रही है। पूजा का यह बयान, जो सत्तारूढ़ भाजपा की प्रशंसा करता था, सपा नेतृत्व को स्वीकार्य नहीं था।

    Pooja Pal
    Pooja Pal

    सपा से निष्कासन और विवाद

    उसी दिन, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की। निष्कासन का कारण “पार्टी विरोधी गतिविधियां” और “अनुशासनहीनता” बताया गया। इस फैसले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं।

    भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सपा पर “दलित विरोधी” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूजा पाल, जो एक दलित समुदाय से हैं और जिन्होंने अपने पति की हत्या के बाद लंबा संघर्ष किया, उन्हें केवल इसलिए निष्कासित किया गया क्योंकि उन्होंने योगी सरकार की तारीफ की। यह मामला जल्द ही सोशल मीडिया, विशेष रूप से X पर, चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने सपा के इस कदम की आलोचना की, जबकि कुछ ने इसे पार्टी अनुशासन का मामला बताया।

    सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ

    यह घटनाक्रम केवल पूजा पाल की व्यक्तिगत कहानी तक सीमित नहीं है। यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में गहरे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उजागर करता है। एक ओर, योगी सरकार की अपराध-विरोधी नीतियां, जिनमें “एनकाउंटर” जैसे कदम शामिल हैं, कुछ लोगों द्वारा सराही जाती हैं, जबकि अन्य इसे कानून के शासन के खिलाफ मानते हैं। दूसरी ओर, सपा का पूजा पाल को निष्कासित करने का फैसला दलित राजनीति और विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाता है।

    Pooja Pal का मामला यह भी दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में अपराध, राजनीति और सामाजिक न्याय के मुद्दे कितने जटिल और आपस में जुड़े हुए हैं। उनके निष्कासन ने सपा के भीतर आंतरिक असंतोष को भी उजागर किया है, जो 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।

    Pooja Pal
    Pooja Pal

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    Pooja Pal की कहानी एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने व्यक्तिगत त्रासदी को साहस और दृढ़ता के साथ सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष में बदला। लेकिन उनका योगी आदित्यनाथ की तारीफ करना और इसके परिणामस्वरूप सपा से निष्कासन, उत्तर प्रदेश की जटिल राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाता है। यह घटना न केवल व्यक्तिगत न्याय की लड़ाई को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे राजनीतिक दल अपने हितों को प्राथमिकता देते हैं।

    X पर इस मुद्दे पर चल रही चर्चाओं और समाचारों के आधार पर, यह स्पष्ट है कि पूजा पाल की कहानी ने लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, X पर कुछ पोस्ट में व्यक्तिगत राय और अपुष्ट दावे भी शामिल हो सकते हैं, इसलिए इस घटनाक्रम को पूरी तरह समझने के लिए प्राथमिक स्रोतों और विश्वसनीय समाचारों का अध्ययन जरूरी है।

  • IPL 2025 से पहले lucknow Super Giants (LSG) की CM Yogi Adityanath से मुलाकात

    IPL 2025 से पहले lucknow Super Giants (LSG) की CM Yogi Adityanath से मुलाकात

    लखनऊ। Indian Premier League (IPL) 2025 के रोमांचक मुकाबलों से पहले lucknow Super Giants (LSG) की टीम ने सोमवार को टीम ओनर संजीव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के साथ CM Yogi Adityanath से शिष्टाचार भेंट की।

    CM Yogi ने टीम को दी शुभकामनाएं

    इस दौरान CM ने टीम के खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और मैनेजमेंट से जुड़े सीनियर अधिकारियों को आगामी IPL सीजन में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि lucknow Super Giants ने बीते वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है और यह टीम प्रतिभा, अनुशासन और खेल भावना का अद्भुत उदाहरण है।

    IPL 2025:  lucknow Super Giants (LSG) , CM Yogi Adityanath
    IPL 2025: lucknow Super Giants (LSG) , CM Yogi Adityanath

    lucknow Super Giants से CM की उम्मीदें

    CM Yogi Adityanath ने उम्मीद जताई कि IPL 2025 में सभी खिलाड़ी अपने खेल कौशल से ट्रॉफी जीतने के लिए बेस्ट प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने टीम को संबोधित करते हुए कहा कि Uttar Pradesh आज खेल के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।

    उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा

    CM ने बताया कि स्टेट  में खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि आज Uttar Pradesh के युवा राष्ट्रीय और इंटरनेशनल  खेल कॉम्पिटिशन में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे संघर्ष, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलें और प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनें।

    lucknow Super Giants ने उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना की

    lucknow Super Giants टीम ने Uttar Pradesh में खेल संस्कृति के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। टीम ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण ही आज प्रदेश से बड़ी संख्या में खिलाड़ी राष्ट्रीय और इंटरनेशनल लेवल  पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।

    IPL 2025:  lucknow Super Giants (LSG) , CM Yogi Adityanath
    IPL 2025: lucknow Super Giants (LSG) , CM Yogi Adityanath

    LSG टीम के खिलाड़ियों और स्टाफ की मौजूदगी

    CM Yogi Adityanath से मुलाकात के दौरान lucknow Super Giants की पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ मौजूद था। इस बैठक में टीम के कप्तान ऋषभ पंत के अलावा ये खिलाड़ी उपस्थित रहे:

    • आर्यन जुयाल, हिम्मत सिंह, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, युवराज चौधरी, एचआर सुहास, अर्शिन कुलकर्णी, आयुष बडोनी, सिद्धार्थ एम, दिग्वेश राठी, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, मोहसिन खान, रवि बिश्नोई, शार्दूल ठाकुर, शिवम मावी, डेविड मिलर, एडन मार्करम, मैथ्यू पॉल, निकोलस पूरन, शामर माल्वर्न।

    इसके अलावा कोचिंग स्टाफ से ज़हीर खान (मेंटॉर), जस्टिन लैंगर, विजय दहिया, लांस क्लूजनर भी मौजूद रहे। साथ ही LSG के COO विनय चोपड़ा और टीम मैनेजर सौम्यदीप भी बैठक में शामिल हुए।

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    Final में जीत की उम्मीद

    CM Yogi Adityanath ने विश्वास जताया कि lucknow Super Giants इस बार IPL में शानदार प्रदर्शन करेगी औfinal  में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ खेलें और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करें।

  • होली और रमजान पर कड़ा पहरा:CM Yogi ने दिए सख्त निर्देश, अफसरों को किया अलर्ट

    होली और रमजान पर कड़ा पहरा:CM Yogi ने दिए सख्त निर्देश, अफसरों को किया अलर्ट

    गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने होली और रमजान को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को अलर्ट रहने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।

    CM Yogi  : सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम

     CM Yogi Adityanath ने बुधवार को गोरखपुर में मंदिर परिसर में अफसरों के साथ रिव्यु बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही पारंपरिक रूप से निकलने वाली रैलियों को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा।

    CM Yogi ने यह भी कहा कि अगर किसी क्षेत्र से कोई अच्छा सुझाव आता है तो उसे अमल में लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

    निर्माण परियोजनाओं की रिव्यु 

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की भी रिव्यु की। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्यों की लगातार मॉनीटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी हों।

    CM Yogi  ने पैडलेगंज-ट्रांसपोर्टनगर सिक्स लेन, फ्लाईओवर, नकहा और गोरखनाथ ओवरब्रिज सहित अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने खजांची और पादरी बाजार फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

    CM Yogi Adityanath
    CM Yogi Adityanath

    शहर की सफाई और व्यवस्था पर जोर

    मुख्यमंत्री ने आयुष विश्वविद्यालय की प्रगति की भी रिव्यु की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नालियों के ऊपर की सड़कों को व्यवस्थित किया जाए ताकि उन्हें फुटपाथ के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

    स्मृति भवन का निर्माण जल्द होगा शुरू

    CM Yogi Adityanath ने मुफ्तीपुर में परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर स्मृति भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय और इंटरनेशनल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने और वहां सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं।

    बैठक में मौजूद रहे सीनियर अधिकारी

    इस महत्वपूर्ण बैठक में कमिश्नर अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    CM Yogi ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की चूक न हो और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

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  • Mahakumbh : एकता के महाकुम्भ के साथ ही महाकुम्भ ने दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश

    Mahakumbh : एकता के महाकुम्भ के साथ ही महाकुम्भ ने दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश

    Mahakumbh 2025

    दुनिया के कई देश, देश के हर राज्य और हर जाति, संप्रदाय के लोगों ने एक साथ लगाई संगम में डुबकी

    महाकुम्भ के तीसरे और अंतिम अमृत स्नान पर नजर आया सनातन का संगम

    संगम की रेत पर नाचते गाते जयकारे लगाते श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान

    बम बम भोले बोलकर झूमते नजर आए अमेरिकी, इजरायली और फ्रांसीसी नागरिक

    दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत हर जगह से पहुंचे श्रद्धालु

    भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ किया गंगा स्नान

    बिना भेदभाव हर वर्ग और संप्रदाय के श्रद्धालु कर रहे स्नान, पूजन और दर्शन

    महाकुम्भनगर, 03 फरवरी : बसंत पंचमी पर Mahakumbh में भारत के हर राज्य और हर जाति लोगों ने एक साथ संगम में अमृत स्नान किया। इसके साथ दुनिया भर के कई देशों के श्रद्धालु भी पहुंचे और जय श्री राम, हर हर गंगे, बम बम भोले के उद्घोष के साथ भारतीय जनमानस के साथ घुल मिल गए। अमृत स्नान पर महाकुम्भ नगर में एकता का महाकुम्भ नजर आया। यहां भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुंचकर गंगा स्नान किया। जय श्री राम, हर हर गंगे का नारा लगाकर लोग उत्साह से लबरेज नजर आए।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    आस्था का संगम

    Mahakumbh के इस ऐतिहासिक मौके पर संगम का तट भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भर गया। आस्था का ऐसा संगम हुआ कि संगम की रेत तक नजर नहीं आ रही थी। हर जगह सिर्फ मुंड ही मुंड नजर आ रहे थे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश समेत हर राज्य, हर जाति के लोग और अन्य देशों से आए विदेशी नागरिकों ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। अमेरिकी, इजरायली, फ्रांसीसी समेत कई अन्य देशों के नागरिक गंगा स्नान करते हुए भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत हुए। वे भी बम बम भोले के नारे लगाते हुए उत्साह से झूमते नजर आए।

    Mahakumbh से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी भारत की ब्रांडिग

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्य और भव्य महाकुम्भ का अलौकिक आयोजन किया गया है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति महाकुम्भ के इस बार के अद्भुत आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी ज्यादा बढ़ा दी है। महाकुम्भ में दुनिया भर के कई देशों के नागरिकों ने भाग लिया और भारत की संस्कृति को अनुभव किया। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया। संगम के तट पर जय श्री राम और हर हर गंगे के उद्घोष से माहौल बना और श्रद्धालु श्रद्धा से गंगा में डुबकी लगाते रहे।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    हर वर्ग, संप्रदाय के लिए समानता का भाव

    प्रयागराज का Mahakumbh विश्व का सबसे बड़ा मानवीय और आध्यात्मिक सम्मेलन है। यूनेस्को ने महाकुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। सीएम योगी का मानना है कि महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यहां सब एक समान हैं। करोड़ों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। श्रद्धालु, समस्त साधु, संन्यासियों का आशीर्वाद ले रहे हैं, मंदिरों में दर्शन कर अन्नक्षेत्र में एक ही पंगत में बैठ कर भण्डारों में खाना खा रहे हैं। महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल है, जिसे दुनिया भर से आये पर्यटक देखकर आश्चर्यचकित हैं। कैसे अलग-अलग भाषायी, रहन-सहन, रीति-रिवाज को मानने वाले एकता के सूत्र में बंधे संगम में स्नान करने चले आते हैं। साधु-संन्यासियों के अखाड़े हों या तीर्थराज के मंदिर और घाट, बिना रोक टोक श्रद्धालु दर्शन,पूजन करने जा रहे हैं। संगम क्षेत्र में चल रहे अनेक अन्न भण्डार सभी भक्तों, श्रद्धालुओं के लिए दिनरात खुले हैं जहां सभी लोग एक साथ पंगत में बैठ कर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। महाकुम्भ मेले में भारत कि विविधता इस तरह समरस हो जाती है कि उनमें किसी तरह का भेद कर पाना संभव नहीं है।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    अनवरत जारी है सनातन संस्कृति की परंपरा

    महाकुम्भ में सनातन परंपरा को मनाने वाले शैव, शाक्त, वैष्णव, उदासीन, नाथ, कबीरपंथी, रैदासी से लेकर भारशिव, अघोरी, कपालिक सभी पंथ और संप्रदायों के साधु,संत एक साथ मिलकर अपने-अपने रीति-रिवाजों से पूजन-अर्चन और गंगा स्नान कर रहे हैं। संगम तट पर लाखों की संख्या में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु देश के कोने-कोने से आए हैं। अलग-अलग जाति, वर्ग, भाषा को बोलने वाले साथ मिलकर महाकुम्भ की परंपराओं का पालन कर रहे हैं।

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    महाकुम्भ में अमीर, गरीब, व्यापारी, अधिकारी सभी तरह के भेदभाव भुलाकर एक साथ एक भाव में संगम में डुबकी लगा रहे हैं। महाकुम्भ और मां गंगा, नर, नारी, किन्नर, शहरी, ग्रामीण, गुजराती, राजस्थानी, कश्मीरी, मलयाली किसी में भेद नहीं करती। अनादि काल से सनातन संस्कृति की समता,एकता कि ये परंपरा प्रयागराज में संगम तट पर Mahakumbh में अनवरत चलती आ रही है।

  • हमारी राष्ट्रीयता भारतीय और धर्म सनातन है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हमारी राष्ट्रीयता भारतीय और धर्म सनातन है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जोधपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि हमारी राष्ट्रीयता भारतीय और धर्म सनातन है। उन्होंने कहा कि धर्म सिर्फ सनातन है बाकी सब उपासना विधियां हैं। सनातन हर काल और परिस्थित में बिना डिगे, बिना हटे और बिना झुके अपनी जीवंतता को बनाए रखा है इसलिए दुनिया के अंदर बहुत सारे लोग आए और चले गए। लेकिन, सनानत धर्म सम और विषम हालातों का सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ा है। सनातन का स्वरूप विराट है, जो सबको अपने में समाहित कर लेता है। इसका मार्ग हमारे संतों और योगियों ने हमें दिखाया है।

    हमारे यहां सिद्ध योगियों की एक लंबी परंपरा : योगी
    सीएम योगी ने बुधवार को श्री श्री 1008 श्री ब्रह्मलीन आयस जी श्री योगी कैलाशनाथ जी महाराज का विशाल भण्डारा महोत्सव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे यहां सिद्ध योगियों की एक लंबी परंपरा है, जिन्होंने विज्ञान को चुनौती दी। भौतिकता के बंधनों से ऊपर उठकर के जिन्होंने हमें जीने का एक नई राह दिखाई। हमारे योगियों और संतों ने सनातन धर्म के वास्तविक मूल्यों का हमें साक्षात दर्शन करवाया है। सीएम योगी ने कहा कि कुछ कालखंड में सनातन के समक्ष चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन जब सनातन धर्मावलंबियों के साथ एक स्वर में पूरा भारत खड़ा हो गया तो सारी समास्याएं समाप्त हो गईं।

    राम मंदिर बनने से दबी-कुचली और शोषित सभ्यता को मिला नया जीवन : योगी
    सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। 500 वर्षों के अंतराल के बाद इसी वर्ष 22 जनवरी को प्रभु राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। हर भारतवासी प्रफुल्लित है। दुनिया के अंदर जहां कहीं भी सनातनी है, आज वह अपनी इस गौरवशाली परंपरा पर गौरवान्वित हो रहा है। यही नहीं राम मंदिर के बन जाने से दुनिया में हर दबी, कुचली और शोषित सभ्यता को एक नया जीवन मिला है। दुनिया की तमाम परंपराएं अब यह सोचने लगी हैं कि अगर 500 वर्षों के बाद अयोध्या में प्रभु श्री राम का मंदिर बन सकता है तो दुनिया के अंदर हर कार्य संभव हो सकता है।

    केवल सनातन है शांति-शाश्वत कल्याण का मार्ग : योगी
    सीएम योगी ने कहा कि हमें विभाजनकारी शक्तियों से दूरी बनानी पड़ेगी। एकजुट होकर के कार्य करना होगा और अंततः शांति और शाश्वत कल्याण का मार्ग केवल और केवल सनातन धर्म ही दे पाएगा। सनातन धर्म के उन मूल्यों और आदर्शों पर चलकर ही भारत समृद्धि की नए प्रतिमान स्थापित कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य हम सबके सामने रखा है। इसके लिए उन्होंने पंच प्रण गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विकसित भारत, विरासत पर गर्व, एकता एवं एकजुटता और नागरिक कर्तव्य दिए हैं। इन्हीं पंच प्रण को आधार बनाकर हमें कार्य करना होगा तभी हम भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बना पाएंगे।

    कार्यक्रम में योगी गिरिवरनाथ महाराज, महंत लक्ष्मनाथ जी महाराज, महंत रामनाथ जी महाराज, महंत प्रतापपुरी जी महाराज, जोधपुर के महाराज श्रीधर सिंह, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, सांसद पीपी चौधरी समेत भारी संख्या में संत और गणमान्य लोग मौजूद थे।

  • International Trade Fair: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के स्टाल का लिया जायजा

    International Trade Fair: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के स्टाल का लिया जायजा

    ग्रेटर नोएडा। दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व व्यापार मेले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी उत्तर प्रदेश पवेलियन में अपना स्टॉल लगाया है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग के मंत्री राकेश सचान, प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह, डीएम गौतमबुद्ध नगर मनीष वर्मा, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के आयुक्त एवं निदेशक राजेश कुमार के साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्टाल का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के स्टॉल में जाकर प्रदर्शित परियोजनाओं का अवलोकन किया। ग्रेटर नोएडा के स्टॉल पर गंगाजल, वन मैप ग्रेटर नोएडा, मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक हब, डाटा सेंटर, स्मार्ट एलईडी लाइट, आईआईटीजीएनएल की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब, आदि परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्रदर्शित की गई है। ग्रेटर नोएडा के स्टॉल पर सीईओ एनजी रवि कुमार और ओएसडी नवीन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को इन परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा में लैंड बैंक अधिक से अधिक तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने क्यूआर कोड के जरिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़ी जानकारी निवेशको तक पहुंचाने की सराहना की।