Rahul Gandhi defamation case : कांग्रेस ने लोक सभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में चल रहे 2018 के मानहानि मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है सुल्तानपुर की विशेष और ख़ास मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट या मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली अदालत से सोमवार को निर्णय देते हुए उन्हें बेगुनाह बता दिया है यह मामला बेंगलुरु में एक प्रेस कांफ्रेंस के वक्त उस काल के भारतीय जनता पार्टी के मुखिया एवं भारत के गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गयी बात से जुड़ा ब्यान से मेल खाता है इस निर्णय के बाद कांग्रेस के नेताओ ने ख़ुशी ज़ाहिर करी वही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ ने शोख ज़ाहिर किया और राजनितिक प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गाँधी को निशाना बनाया।
न्यायालय के अंतिम निर्णेय के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने मनाया ख़ुशी का माहौल
Rahul Gandhi defamation case : कांग्रेस नेताओ ने ढोल नगाड़े बाजवाकर अपनी ख़ुशी का इज़हार किय। न्यायालय का निर्णय सामने आते ही कांग्रेस के नेताओ में गजब उत्साह या ख़ुशी देखने को मिल। यह फैसला था इसलिए भी ज़रूरी चाप छोड़ता है क्यों की यह केस काफी समय से न्यायालय में फसा पड़ा था या अटका पड़ा हुआ था।

राहुल गाँधी को सही साबित किये जाने के बाद कांग्रेस नेता ने इसे न्यायिक प्रतिक्रिया से जुड़ा ज़रूरी घटनाक्रम बताया हाला की इस फैसले को अदालत और कानूनी आधार पर अंतिम नतीजा निकालना बेहद ही ज़रूरी है राहुल गाँधी ने कहा की भारतीय जनता पार्टी ईमानदार राजनीति की बात करती है जब की उसके बड़े मुखिया खुद एक हत्या के मामले में आरोपी है न्यायालय ने राहुल गाँधी के इस ब्यान को अपमानजनक नहीं माना है।
इस मामले में राहुल गाँधी को दो बार ब्यान दर्ज करवाने एक बार पेश या मौजूद होने पर और आज फैसले के दिन दोनों बार कोर्ट जाना पड़ा आज सुबह 11 बज कर 13 मिनट पर पेश हुए और ११ बज कर ३२ मिनट पर फैसला आ गया उनके वकील ने राहुल गाँधी को बरी करने की ३ कारण सुनाई, राहुल गन्दी ने कहा की उनका उदेश्ये किसी को मानहानि का शिकार करना नहीं था बिलकुल भी दूसरी वजह यह है की मानहानि का केस करने वाले विजय मिश्रा का कोई सीधा सम्बन्ध नहीं था कही से तीसरी वजह यह दी गयी की न्यायालय ने विजय मिश्रा के आरोपों को मानहानि की श्रेणी में नहीं रखा गया।
Rahul Gandhi defamation case : न्यायालय ने बोला है भारतीय जनता पार्टी के नेता से झूटी वाहवाही के लिए केस दर्ज किया

जज ने भाजपा नेता को फटकार भी लगा। जज ने कहा झूटी वाहवाही के के लिए इस तरह के मुक़दमे दायर नहीं करने चाहिए ऐसे मामलो से अदालत का कीमती और महत्वपूर्ण समय ख़राब होता है बर्बाद होता है मामले दायर करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए बिना पुरे किसी ठोस आधार और सबूत के मुकदमा नहीं करना चाहिए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की कोर्ट में राहुल गाँधी की तरफ से वरिष्ठ वकील आर एस चीमा और काशी शुक्ला ने अपनी दलीले दी थी जब की भारतीय जनता पार्टी के नेता की तरफ से संतोष कुमार पांडे ने पैरवी करी।
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हिंदुस्तान के प्रधान मंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के अंतिम नाम में हुई सजा
Rahul Gandhi defamation case : 2019 में कर्नाटक राज्य के कोलार चुनाव की रैली के दौरान राहुल गाँधी ने कहा सभी चोरो के मां के आखिर में मोदी ही क्यों लगता है इस ब्यान को लेकर दर्ज मानहानि में गुजरात की अदालत ने 2023 में राहुल गाँधी को २४ महीने की सजा सुनाई थी उस समय राहुल गाँधी वायनाड से सांसद थे सजा के बाद उनकी लोग सभा सदसयता रद्द हो गयी ख़तम हो गयी इस्तीफा देना पड़ा था हालां की सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने उनकी सजा पर बाद में रोक लगा दी थी जिससे उनकी संसद सदसयता डगमगा गयी थी।
Written by – Prabhjyot Singh
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