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  • विकसित भारत का नया अध्याय : VB-G RAM G Bill को राष्ट्रपति की मंजूरी, मनरेगा को अलविदा?

    विकसित भारत का नया अध्याय : VB-G RAM G Bill को राष्ट्रपति की मंजूरी, मनरेगा को अलविदा?

    VB-G RAM G Bill : ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (VB-G RAM G बिल) को अपनी सहमति दे दी है। यह बिल अब कानून का रूप ले चुका है और 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा। लेकिन क्या यह बदलाव ग्रामीण परिवारों के लिए वरदान साबित होगा या चुनौतियां लाएगा? आइए, इस नए कानून की गहराई में उतरें और समझें कि यह मनरेगा से कितना अलग है।

    VB-G RAM G Bill : क्या है यह नया ‘रोजगार गारंटी’?

    ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से प्रेरित यह बिल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को न सिर्फ गारंटी देता है, बल्कि इसे टिकाऊ विकास से जोड़ता है। इसका पूरा नाम Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) है, जो ग्रामीण परिवारों को मजदूरी-आधारित रोजगार सुनिश्चित करता है। मुख्य उद्देश्य? ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, आय की स्थिरता लाना और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए टिकाऊ संपत्तियां बनाना।

    यह बिल संसद में इस हफ्ते ही पारित हुआ था, जहां विपक्ष के विरोध के बीच बहुमत से मंजूरी मिली। राष्ट्रपति की सहमति के बाद यह पूरे देश में लागू होगा, हालांकि कार्यान्वयन की तारीखों पर अभी स्पष्टता की प्रतीक्षा है।

    VB-G RAM G Bill : क्या है यह नया 'रोजगार गारंटी'?
    VB-G RAM G Bill : क्या है यह नया ‘रोजगार गारंटी’?

    मुख्य प्रावधान : क्या मिलेगा ग्रामीणों को?

    VB-G RAM G Bill ग्रामीण परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं लाता है। यहां प्रमुख बिंदु हैं:

    • रोजगार की गारंटी : हर फाइनेंसियल साल में ग्रामीण परिवार को कम से कम 125 दिन का मजदूरी-आधारित अकुशल मैनुअल काम। यह मनरेगा के 100 दिनों से 25% अधिक है।
    • भुगतान की समयबद्धता : मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य। देरी होने पर सरकार को मुआवजा देना होगा।
    • पीक सीजन में छूट : कृषि के चरम मौसम (बुआई-कटाई) में राज्यों को 60 दिनों तक रोजगार रोकने का अधिकार, ताकि कृषि मजदूर उपलब्ध रहें।
    • बेरोजगारी भत्ता : अगर 15 दिनों में काम न मिले, तो बेरोजगारी भत्ता बहाल। पुराने ‘डिस-एंटाइटलमेंट’ प्रावधान हटा दिए गए हैं।
    • कार्यों का दायरा : रोजगार को चार थीमेटिक क्षेत्रों तक सीमित – मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा और चरम मौसम घटनाओं से बचाव के कार्य। इसमें जल संरक्षण, आजीविका संसाधन और जलवायु अनुकूलन शामिल हो सकते हैं।
    • शासन और जवाबदेही : विकेंद्रीकृत भागीदारीपूर्ण शासन, तकनीक-सक्षम समावेश और विकास पहलों का एकीकरण।

    ये प्रावधान न सिर्फ रोजगार देते हैं, बल्कि ग्रामीण संपत्तियों को मजबूत बनाने पर फोकस करते हैं – जैसे बाढ़-रोधी संरचनाएं या जल संरक्षण परियोजनाएं।

    फंडिंग मॉडल : केंद्र-राज्य साझेदारी का नया दौर

    पहले मनरेगा में फंडिंग पूरी तरह केंद्र पर निर्भर थी, लेकिन VB-G RAM G में केंद्र:राज्य = 60:40 का अनुपात है। उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 रहेगा, जबकि विधानसभाहीन केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र का बोझ। इससे राज्यों की जवाबदेही बढ़ेगी, लेकिन बजट दोगुना होने की उम्मीद है। यह ‘सहकारी संघवाद’ का उदाहरण है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में मददगार साबित हो सकता है।

    VB-G RAM G Bill : क्या है यह नया 'रोजगार गारंटी'?
    VB-G RAM G Bill : क्या है यह नया ‘रोजगार गारंटी’?

    मनरेगा से कितना अलग? एक तुलनात्मक नजर

    मनरेगा ने 2005 से करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार दिया, लेकिन भुगतान देरी, फंडिंग की कमी और कार्यों की गुणवत्ता जैसे मुद्दों ने इसे विवादास्पद बनाया। VB-G RAM G इसे अपग्रेड करता है, लेकिन कुछ कटौतियां भी लाता है। नीचे एक सरल तुलना:

    पहलू मनरेगा (2005) VB-G RAM G बिल (2025)
    रोजगार के दिन 100 दिन प्रति वर्ष 125 दिन प्रति वर्ष
    भुगतान देरी संभव, मुआवजा अनिवार्य लेकिन कमजोर साप्ताहिक/15 दिनों में, देरी पर मुआवजा अनिवार्य
    पीक सीजन कोई रोक नहीं 60 दिनों तक रोक संभव
    कार्यों का दायरा व्यापक (कई प्रकार के कार्य) चार विशिष्ट क्षेत्र (बुनियादी ढांचा, मौसम अनुकूलन)
    फंडिंग 100% केंद्र 60:40 (केंद्र:राज्य)
    बेरोजगारी भत्ता 15 दिनों बाद, लेकिन डिस-एंटाइटलमेंट संभव बहाल, डिस-एंटाइटलमेंट हटाया गया
    फोकस मुख्यतः रोजगार गारंटी टिकाऊ संपत्ति निर्माण और विकास एकीकरण

    यह तुलना दिखाती है कि नया बिल अधिक ‘विकासोन्मुखी’ है, लेकिन दायरे की सीमा से कुछ कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

    विवाद और आलोचनाएं : क्या सब कुछ साफ-सुथरा नहीं?

    संसद में बिल के पारित होने के दौरान विपक्ष ने जमकर विरोध किया। मुख्य चिंताएं? फंडिंग साझेदारी से राज्यों पर अतिरिक्त बोझ, कार्य दायरे की सीमा से रोजगार के अवसरों में कमी, और पीक सीजन रोक से मजदूरों की आय प्रभावित होना। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह मनरेगा की ‘सुरक्षा जाल’ को कमजोर कर सकता है, जबकि सरकार इसे ‘आधुनिकीकरण’ बता रही है। ग्रामीण संगठनों ने मांग की है कि कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

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    ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद या नई चुनौती?

    VB-G RAM G बिल ग्रामीण भारत को ‘विकसित’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 125 दिनों का रोजगार, त्वरित भुगतान और टिकाऊ फोकस से लाखों परिवारों की जिंदगी बदल सकती है। लेकिन सफलता का राज? मजबूत कार्यान्वयन और राज्यों की सक्रिय भागीदारी। अगर यह बिल मनरेगा की कमियों को दूर कर पाया, तो ‘विकसित भारत 2047’ का सपना साकार हो सकता है।

    नोएडा से दीपू जैन की रिपोर्ट

  • AIIMS Gorakhpur Convocation 2025: राष्ट्रपति मुर्मू ने 61 छात्रों को किया सम्मानित

    AIIMS Gorakhpur Convocation 2025: राष्ट्रपति मुर्मू ने 61 छात्रों को किया सम्मानित

    AIIMS Gorakhpur : आज का दिन गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के लिए एक ऐतिहासिक अवसर रहा, जब भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संस्थान का दौरा किया। राष्ट्रपति सुबह गोरखपुर पहुंचीं और AIIMS के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस विशेष अवसर पर उन्होंने 61 मेधावी छात्रों को डिग्रियां वितरित कीं, जो उनके शैक्षणिक और पेशेवर जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव को चिह्नित करता है।

    दीक्षांत समारोह: एक नया अध्याय

    AIIMS Gorakhpur का यह दीक्षांत समारोह संस्थान के लिए गर्व का क्षण था। समारोह में चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 61 छात्रों को उनकी मेहनत और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में छात्रों से देश की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठा के साथ निभाने का आह्वान किया। उन्होंने चिकित्सा पेशे को न केवल एक करियर, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम बताया।

    AIIMS Gorakhpur
    AIIMS Gorakhpur

    राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा, “आप सभी युवा चिकित्सक देश के भविष्य हैं। आपका ज्ञान और समर्पण न केवल मरीजों के जीवन को बेहतर बनाएगा, बल्कि समाज को भी मजबूत करेगा। AIIMS जैसे संस्थान भारत को विश्वस्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”

    AIIMS Gorakhpur : स्वास्थ्य और शिक्षा का केंद्र

    AIIMS Gorakhpur पूर्वी उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में उभर रहा है। समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक ने AIIMS की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्थान न केवल उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहा है।

    निदेशक ने कहा, “राष्ट्रपति का यह दौरा हमारे लिए गर्व का विषय है। यह हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। हमारा लक्ष्य है कि AIIMS गोरखपुर न केवल इस क्षेत्र में, बल्कि पूरे देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का एक मॉडल बने।”

    समारोह की झलकियां

    दीक्षांत समारोह में छात्रों, शिक्षकों, और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। समारोह का आयोजन AIIMS के प्रांगण में किया गया, जहां उत्साह और उमंग का माहौल था। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। कई छात्रों ने इस अवसर पर राष्ट्रपति के प्रेरणादायक शब्दों को अपने भविष्य के लिए मार्गदर्शक बताया।

    AIIMS Gorakhpur Convocation 2025
    AIIMS Gorakhpur Convocation 2025

    एक छात्रा ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “राष्ट्रपति जी से डिग्री प्राप्त करना मेरे लिए जीवन का सबसे यादगार पल है। उनके शब्दों ने मुझे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया है।”

    भविष्य की दिशा

    AIIMS Gorakhpur का यह दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह संस्थान न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा और उनका प्रेरणादायक संदेश इस दिशा में एक नई ऊर्जा लेकर आया है।

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    यह समारोह उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं। AIIMS गोरखपुर के ये 61 नए चिकित्सक अब देश की स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

  • President Draupadi Murmu का 2 दिवसीय गोरखपुर दौरा : जानें मुख्य कार्यक्रम और महत्व

    President Draupadi Murmu का 2 दिवसीय गोरखपुर दौरा : जानें मुख्य कार्यक्रम और महत्व

    President Draupadi Murmu आज अपने 2 दिवसीय गोरखपुर दौरे की शुरुआत कर रही हैं। यह दौरा न केवल गोरखपुर के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। उनके इस दौरे में शैक्षिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। राष्ट्रपति का यह दौरा गोरखपुर की सांस्कृतिक और शैक्षिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर और अधिक उजागर करेगा।

    AIIMS दीक्षांत समारोह में भागीदारी

    President Draupadi Murmu अपने दौरे के पहले दिन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गोरखपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस समारोह में वे मेधावी छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणादायक संदेश देंगी। AIIMS गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस संस्थान के महत्व को और अधिक रेखांकित करती है, जो क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    President Draupadi Murmu : AIIMS' convocation 30 June
    President Draupadi Murmu : AIIMS’ convocation 30 June

    President Draupadi Murmu : गोरखनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन

    दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगी। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गोरखपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी प्रतीक है। गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। राष्ट्रपति का इस मंदिर में दर्शन करना स्थानीय समुदाय के लिए गर्व का क्षण होगा और यह क्षेत्र की आध्यात्मिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाएगा।

    स्थानीय उत्साह और व्यापक तैयारियां

    राष्ट्रपति के दौरे को लेकर गोरखपुर में उत्साह का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने उनके स्वागत और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सड़कों को सजाया गया है, और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। स्थानीय लोग इस दौरे को एक ऐतिहासिक घटना के रूप में देख रहे हैं, जो गोरखपुर के विकास और इसकी सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने में मदद करेगा।

    President Draupadi Murmu
    President Draupadi Murmu

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    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गोरखपुर दौरा शैक्षिक उत्कृष्टता और आध्यात्मिक धरोहर के बीच एक सुंदर संतुलन को दर्शाता है। AIIMS के दीक्षांत समारोह में उनकी उपस्थिति युवाओं को प्रेरित करेगी, जबकि गोरखनाथ मंदिर में दर्शन स्थानीय परंपराओं और आस्था के प्रति उनके सम्मान को दर्शाएगा। यह दौरा गोरखपुर के लिए एक यादगार पल होगा, जो इस क्षेत्र की प्रगति और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करेगा।

  • President Draupadi Murmu का 30 जून को गोरखपुर दौरा : सुरक्षा और कार्यक्रम की तैयारियां पूरी

    President Draupadi Murmu का 30 जून को गोरखपुर दौरा : सुरक्षा और कार्यक्रम की तैयारियां पूरी

    President Draupadi Murmu 30 जून से 1 जुलाई तक दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आएंगी। वह एम्स (AIIMS) के “कॉन्वोकेशन” में शामिल होंगी और गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का उद्घाटन करेंगी। उनकी सुरक्षा के लिए लगभग 4,000 पुलिसकर्मियों, ड्रोन और विशेष सुरक्षा टीमों की तैनाती की गई है, क्योंकि वह सड़क मार्ग से 31 किलोमीटर की यात्रा करेंगी। यह दौरा क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के विकास को दर्शाता है।

    President Draupadi Murmu का आगमन और सुरक्षा व्यवस्था 

    30 जून को गोरखपुर पहुंचेंगी, जहां वह दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। राष्ट्रपति को शहर में कुल 31 किलोमीटर का सड़क मार्ग तय करना होगा, जिसके लिए करीब 4,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स मंगाई गई है।

    President Draupadi Murmu
    President Draupadi Murmu

    लखनऊ से एटीएस और खुफिया विभाग के अधिकारी भी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रपति के आवागमन मार्ग की निगरानी के लिए पांच बड़े ड्रोन का उपयोग किया जाएगा, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।

     पहले दिन का कार्यक्रम: AIIMS कॉन्वोकेशन

    30 जून को President Draupadi Murmu एयरपोर्ट पर पहुंचेंगी। इसके बाद वह AIIMS Gorakhpur के “कॉन्वोकेशन” कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह एक विशेष अवसर होगा, क्योंकि गोरखपुर AIIMS का पहला बैच अपना MBBS कोर्स पूरा कर रहा है।

    कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कूड़ाघाट, मोहद्दीपुर, पैडलेगंज होते हुए सर्किट हाउस पहुंचेंगी, जहां वह रुकेंगी।

    President Draupadi Murmu : AIIMS' convocation 30 June
    President Draupadi Murmu : AIIMS’ convocation 30 June

    दूसरे दिन का कार्यक्रम: आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण

    1 जुलाई को राष्ट्रपति मुर्मु गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगी। इसके लिए उन्हें सड़क मार्ग से यात्रा करनी होगी। संभावित मार्ग के अनुसार, वह पैडलेगंज, मोहद्दीपुर, असुरन, मेडिकल कॉलेज, भटहट, बांसस्थान, बालापार होते हुए विश्वविद्यालय पहुंचेंगी।

    यह विश्वविद्यालय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देगा, जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों होना एक महत्वपूर्ण घटना होगी।

    आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण
    आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण

    President Draupadi Murmu का गोरखपुर दौरा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास का प्रतीक है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पूरी तैयारी कर ली है, ताकि यह दौरा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। यह दौरा गोरखपुर के लिए गर्व का क्षण होगा, जहां राष्ट्रपति द्वारा दो प्रमुख संस्थानों के कार्यक्रमों में शिरकत की जाएगी।

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