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  • Mahakumbh-Mahashivratri :  महाशिवरात्रि परअंतिम स्नान का शुभ अवसर 2025

    Mahakumbh-Mahashivratri : महाशिवरात्रि परअंतिम स्नान का शुभ अवसर 2025

    Mahakumbh-Mahashivratri  : प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का शुभारंभ 13 जनवरी को हुआ था, जिसका समापन अब महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होने जा रहा है। आस्था और श्रद्धा के इस महासंगम में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग ले चुके हैं। अब महाकुंभ का अंतिम स्नान 26 फरवरी को संपन्न होगा।

    Mahakumbh-Mahashivratri का शुभ मुहूर्त

    हिंदू पंचांग के अनुसार, Mahashivratri के दिन महाकुंभ के अंतिम स्नान का शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार  है:

    • मुख्य मुहूर्त: सुबह 05:09 बजे से 05:59 बजे तक
    • प्रातः संध्या: 05:34 बजे से 06:49 बजे तक
    • अमृत काल: 07:28 बजे से 09:00 बजे तक
    • विजय मुहूर्त: 02:29 बजे से 03:15 बजे तक
    • गोधूलि मुहूर्त: 06:17 बजे से 06:42 बजे तक
    mahakumbh mahashivratri akhiri snan
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    महाकुंभ में त्रिवेणी संगम स्नान का महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, Mahakumbh-Mahashivratri Akhiri Snan के दौरान त्रिवेणी संगम में स्नान करने से व्यक्ति को जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, स्नान के बाद दान-पुण्य करने से देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से हजारों यज्ञों और कठोर तपस्याओं के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

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    Mahakumbh-Mahashivratri Akhiri Snan का यह अंतिम स्नान सभी श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही  शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करना न भूलें।

  • PM Modi 5 फरवरी को आये प्रयागराज, महाकुंभ में किया पवित्र स्नान

    PM Modi 5 फरवरी को आये प्रयागराज, महाकुंभ में किया पवित्र स्नान

    PM Modi 5 फरवरी को पवित्र संगम नगरी प्रयागराज का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकुंभ में पवित्र स्नान किये और कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लेंगे। उनके इस दौरे को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा का इंतजाम किया हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री का प्रयागराज आगमन धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    PM Modi का प्रयागराज आगमन

    प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10 बजे वायुसेना के विशेष विमान से प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचें। यहां से वह हेलिकॉप्टर के माध्यम से DPS हेलीपैड गए। प्रयागराज में प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट और हेलीपैड पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

    महाकुंभ पहुंचने की यात्रा

    DPS हेलीपैड से प्रधानमंत्री सुबह 10:45 बजे सीधे अरेल घाट के लिए रवाना हुए। अरेल घाट पहुंचने के बाद वह नाव के जरिए महाकुंभ मेले तक यात्रा किये। संगम तक की इस यात्रा को बेहद शानदार और दिव्य बनाने की तैयारी चल रही है। नाव को पारंपरिक तरीके से सजाया गया, और गंगा नदी के किनारे हजारों श्रद्धालु प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उमड़ सकते हैं।

    संगम में पवित्र स्नान

    PM Modi
    PM Modi

    PM Modi सुबह 11 बजे संगम तट पर पहुंचकर पवित्र स्नान किये। महाकुंभ में उनके स्नान के लिए 11:00 से 11:30 बजे तक का समय आरक्षित किया गया। माना जा रहा है कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्नान के बाद कुछ महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान भी कर सकते हैं। संगम में डुबकी लगाकर वह भारत की सनातन परंपरा और आस्था को और मजबूती देने का संदेश दिया।

    अरेल घाट वापसी और प्रयागराज से प्रस्थान

    संगम में पवित्र स्नान के बाद, पीएम मोदी सुबह 11:45 बजे नाव के माध्यम से अरेल घाट लौटे। वहां से वह हेलिकॉप्टर द्वारा DPS हेलीपैड पहुंचे और फिर सीधे प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए ।

    वायुसेना के विमान से दिल्ली वापसी

    PM Modi दोपहर 12:30 बजे वायुसेना के विशेष विमान से प्रयागराज से रवाना हो गए माना जा रहा है कि उनके इस दौरे के दौरान कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हो सकती हैं, जो आगामी महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर होंगी।

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    महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर PM Modi का यह दौरा अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी इस यात्रा से संगम नगरी प्रयागराज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिलेगी और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और श्रद्धा और भी बढ़ जाएगी। यह दौरा भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता और परंपराओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर भी होगा।

  • Mahakumbh 2025 : संगम में आस्था का सैलाब और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था

    Mahakumbh 2025 : संगम में आस्था का सैलाब और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था

    Mahakumbh 2025

    श्रद्धालुओं ने कहा कि उनका अनुभव अच्छा रहा और प्रशासन ने उनके लिए उचित प्रबंध किए हैं। मकर संक्रांति के दिन संगम में श्रद्धालुओं का पोंटून पुल से गुजरना 14 जनवरी, 2025 हिंदू श्रद्धालु उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर पोंटून पुल से गुजरते नजर आए।

    हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी श्रद्धालुओं का जोश

    15 जनवरी, 2025 को बुधवार के दिन Mahakumbh 2025  में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालु उत्साह और ऊर्जा से भरे हुए नजर आए।
    ‘हर हर महादेव’, ‘जय श्री राम’ और ‘जय गंगा मैय्या’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने ठंडे पानी में डुबकी लगाई।

    Mahakumbh 2025 : पहली बार संगम में स्नान का अनुभव

    बस्ती जिले के निवासी 62 वर्षीय निबर चौधरी ने कहा, “यह पहली बार था जब मैंने संगम में डुबकी लगाई। डुबकी लगाने के बाद मैं ताजगी महसूस कर रहा हूं।”
    चौधरी को संगम क्षेत्र तक ले जाने के लिए दो लोगों ने उनका साथ दिया।

    श्रद्धालुओं ने व्यवस्था को सराहा

    • शिवराम वर्मा: चौधरी के साथ आए शिवराम वर्मा ने अनुभव को अच्छा बताया और कहा कि प्रशासन ने यहां श्रद्धालुओं के लिए उचित प्रबंध किए हैं।
    • नैंसी (लखनऊ निवासी): पहली बार महाकुंभ में आईं नैंसी ने कहा, “महाकुंभ में मेरा अनुभव अब तक अच्छा रहा है।”
    • अभिषेक (फतेहपुर निवासी): उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर अनुभव अच्छा रहा और मुझे कोई समस्या नहीं हुई।”
    • विजय कथेरिया (कानपुर निवासी): उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा, “मेरा अनुभव अच्छा रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध किए गए थे और पर्याप्त पुलिस बल तैनात था।”
    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    अमृत स्नान और नागा साधुओं का प्रदर्शन

    मंगलवार को विभिन्न अखाड़ों से जुड़े साधुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर Mahakumbh 2025  में पहला अमृत स्नान किया।
    आंकड़े: मकर संक्रांति के दिन लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया।
    नागा साधु:

    • भस्म-लेपित नागा साधुओं ने पारंपरिक हथियारों के कौशल का प्रदर्शन किया।
    • भाले और तलवार चलाने से लेकर ‘डमरू’ बजाने तक, उनका प्रदर्शन प्राचीन परंपराओं का जीवंत उत्सव था।
    • पुरुष नागा साधुओं के अलावा बड़ी संख्या में महिला नागा साध्वियां भी उपस्थित थीं।

    144 वर्षों बाद विशेष संयोग में हो रहा महाकुंभ

    Mahakumbh 2025 का वर्तमान संस्करण 12 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है, लेकिन संतों का कहना है कि इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति 144 वर्षों बाद बन रही है, जिससे यह आयोजन और भी शुभ हो गया है।

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    महाकुंभ का यह महापर्व 26 फरवरी तक चलेगा।

  • Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम – तिथियां, मुख्य आकर्षण और महत्व

    Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम – तिथियां, मुख्य आकर्षण और महत्व

    Mahakumbh 2025
    पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सोमवार को Mahakumbh 2025 जिसे पृथ्वी पर सबसे बड़े धार्मिक मेल जोल  के रूप में मनाया जाता है, आरंभ हुआ। अनुमान है कि लगभग 1.5 करोड़ (15 मिलियन) श्रद्धालु गंगा, यमुना और काल्पनिक सरस्वती के पवित्र संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। इस आयोजन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    Mahakumbh 2025 : ‘शाही स्नान’ से शुभारंभ

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह आयोजन पौष पूर्णिमा के दिन ‘शाही स्नान’ के साथ शुरू हुआ। इस दिन एक दुर्लभ खगोलीय संयोग होता है, जो हर 144 वर्षों में एक बार आता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में त्रिवेणी संगम पर इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए हैं।

    शाही स्नान
    शाही स्नान

    Mahakumbh 2025 मेले का समापन प्रमुख स्नान और दिनाँक

    Mahakumbh 2025  मेला 26 फरवरी को ख़तम होगा। इस दौरान प्शाही स्नान की तिथि निम्न हैं:

    • 14 जनवरी: मकर संक्रांति
    • 29 जनवरी: मौनी अमावस्या
    • 3 फरवरी: वसंत पंचमी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

    उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने Mahakumbh 2025 के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे UP और भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौभाग्य को अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

    Mahakumbh 2025
    CM yogi

    नमामि गंगे द्वारा भव्य यज्ञ

    महाकुंभ की पूर्व संध्या पर नमामि गंगे टीम ने संगम पर बड़े पैमाने पर यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में 200 से अधिक गंगा सेवादूतों और हजारों अन्य लोगों ने भाग लिया। उन्होंने गंगा की स्वच्छता और प्रवाह को बनाए रखने का संकल्प लिया। इस आयोजन में गंगा स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले भारत के युवाओं को भी सम्मानित किया गया।

    सुरक्षा व्यवस्था

    Mahakumbh 2025 की शुरुआत के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NDRF की टीमों और उत्तर प्रदेश पुलिस की जल पुलिस इकाइयों को तैनात किया गया है।

    यातायात व्यवस्था

    Mahakumbh 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वाहनों के आने जाने को सरल  बनाने के लिए यातायात पुलिस ने व्यापक योजना तैयार की है।

    यातायात व्यवस्था
    यातायात व्यवस्था

    QR CODE  की स्थापना

    महाकुंभ क्षेत्र के 25 सेक्टरों में 50,000 से अधिक क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। ये QR Code तीर्थयात्रियों को उनकी लोकेशन की पहचान करने और बिजली से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने में मदद करेंगे।

    हेलीकॉप्टर सैर

    Mahakumbh 2025 क्षेत्र और प्रयागराज शहर का हवाई दृश्य देखने के लिए हेलीकॉप्टर राइड की कीमत घटाकर ₹1,296 प्रति व्यक्ति कर दी गई है। 7-8 मिनट की यह राइड 13 जनवरी से शुरू होगी, जो पर्यटकों को कुंभ क्षेत्र का अनोखा अनुभव देगी।

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    राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अस्पताल

    Mahakumbh 2025  में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भदोही जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर औराई, गोपीगंज और उंज थाना क्षेत्रों में तीन अस्पताल स्थापित किए गए हैं। ये सुविधाएं 14 जनवरी से पूरी तरह से संचालित हो जाएंगी। इस बारे में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मंगलीक ने जानकारी दी।

  • Mahakumbh 2025: प्रयागराज में 24×7 बिजली के लिए यूपी सरकार ने अलॉट किए ₹400 करोड़

    Mahakumbh 2025: प्रयागराज में 24×7 बिजली के लिए यूपी सरकार ने अलॉट किए ₹400 करोड़

    उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ(Mahakumbh) के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ₹400 करोड़ का बजट आवंटित किया है। यह बजट मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए उपयोग किया जाएगा।

    Mahakumbh : मेला मैदान को रोशन करने की योजना

    मेला मैदान को रोशन करने के लिए 40,000 से अधिक रिचार्जेबल बल्ब लगाए जाएंगे। यह पहल लाखों श्रद्धालुओं और विज़िटर के लिए एक सुरक्षित और अच्छी तरह से रोशनी वाला वातावरण प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    Mahakumbh 2025  : 45 दिनों का भव्य आयोजन

    महाकुम्भ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा। 45 दिनों तक चलने वाला यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन विश्वभर से लाखों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करेगा। इस आयोजन के लिए बिजली और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    आधुनिक बुनियादी ढांचा

    अलॉट धनराशि का उपयोग उन्नत बिजली सिस्टम्स को इनस्टॉल करने में किया जाएगा, जो 24/7 बिजली सप्लाई पूरा करेंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को एक सहज और स्पिरिचुअल अनुभव प्रदान करना है।

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    यह पहल महाकुम्भ 2025 को एक सुरक्षित, आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध आयोजन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कमिटमेंट को दर्शाती है।

  • Kumbh Mela 2025 के लिए पहली बार प्रयागराज में डोम सिटी

    Kumbh Mela 2025 के लिए पहली बार प्रयागराज में डोम सिटी

    पहली बार, Kumbh Mela 2025 के लिए प्रयागराज में एक अनोखी और भव्य “डोम सिटी” स्थापित की जा रही है, जो 13 जनवरी 2025 से शुरू होगी। यह इनोवेटिव प्रोजेक्ट न केवल भारत में अपनी तरह की अनोखी है, बल्कि फाइव स्टार होटलों की शान को भी पीछे छोड़ने के लिए तैयार है। यह प्रोजेक्ट परंपरा और मॉडर्निटी का बेजोड़ संगम पेश करती है।

    Kumbh Mela 2025 : डोम सिटी के फीचर्स 

    • बुलेटप्रूफ, फायरप्रूफ और ट्रांसपेरेंट डोम्स
      इन डोम्स को अल्ट्रा मॉडर्न टेक्नोलॉजी से बनाया गया है, जो सुरक्षा और भव्यता का आदर्श मिक्सचर  प्रस्तुत करते हैं।
    • खगोलिक नज़ारा
      मेहमान रिमोट के जरिए डोम की छत के पर्दे खोलकर टिमटिमाते तारों से भरे रात के आसमान का मनमोहक दृश्य देख सकते हैं।
    • ऊंचाई पर निर्मित संरचनाएँ
      यह सिटी 15 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई है, जिसमें 22 भव्य डोम्स हैं, जो एक ऊंचा और मनोरम अनुभव प्रदान करते हैं।
    Kumbh Mela 2025
    Kumbh Mela 2025

    भव्य ठहरने का अनुभव

    प्रत्येक डोम को बेडरूम और ड्राइंग रूम दोनों के रूप में उपयोग के लिए बड़े ही सूझ-बूझ और लक्ज़री के साथ डिज़ाइन किया गया है। यह मेहमानों को शाही महल जैसा अनुभव देता है, जहां वे राजा या रानी की तरह महसूस करेंगे।

    मूल्य निर्धारण और ज़बरदस्त मांग

    • एक रात का किराया: यह बेजोड़ अनुभव ₹1,00,000 प्रति रात से अधिक के विशेष मूल्य पर उपलब्ध है।
    • बढ़ती लोकप्रियता: डोम सिटी ने कुंभ मेले के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक बनकर ध्यान आकर्षित किया है, और बुकिंग तेजी से हो रही है।

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    स्थान और महत्व

    शांत और खूबसूरत अरेल क्षेत्र में स्थित, डोम सिटी कुंभ मेला 2025(Kumbh Mela 2025)  की भव्यता और spirituality को और बढ़ाती है। यह अपने विसिटरस को लक्सरी और डिविनिटी का एक यूनिक संगम प्रदान करती है, जिससे उनका तीर्थ यात्रा अनुभव मेमोरेबल बन जाता है।