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  • AVS POST ग्राउंड रिपोर्ट: ‘क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा’ सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर दिख रहा असर, ग्राउंड जीरो से दिखी बदलते नोएडा की तस्वीर, Authority को लेकर लोगों को नजरिया हुआ चेंज

    AVS POST ग्राउंड रिपोर्ट: ‘क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा’ सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर दिख रहा असर, ग्राउंड जीरो से दिखी बदलते नोएडा की तस्वीर, Authority को लेकर लोगों को नजरिया हुआ चेंज

    AVS POST ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा की पहचान सिर्फ ऊंची इमारतों और एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं रही, अब शहर की हरियाली भी चर्चा में है। AVS POST टीम ने ग्राउंड जीरो पर अलग-अलग सेक्टरों और प्रमुख पार्कों का दौरा किया तो “क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा” अभियान का असर कई जगह नजर आया। पार्कों की सूरत बदली दिखी, ग्रीन बेल्ट में सुधार दिखा और लोगों के बीच इसको लेकर सकारात्मक चर्चा भी सुनने को मिली।

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    सेक्टर-21A नोएडा स्टेडियम, सेक्टर-91 बायोडायवर्सिटी पार्क, वेद वन पार्क, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-50, 62, 78, 100, 104, 137, 82, 93 और 150 में AVS POST टीम ने मौके पर जाकर हालात देखे। कई जगह वॉकिंग ट्रैक बेहतर हालत में मिले, पार्कों में फूलों की सजावट, ओपन जिम, बच्चों के प्ले जोन और बैठने की सुविधाएं लोगों को आकर्षित करती दिखीं।

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    सेक्टरों में क्या-क्या बदला

    सेक्टर-50 और 78 के रेजिडेंशियल पार्कों में हरियाली और मेंटेनेंस बेहतर नजर आया।
    सेक्टर-91 का बायोडायवर्सिटी पार्क लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
    सेक्टर-100 और 104 में ग्रीन बेल्ट और चौराहों पर फ्लोरल डिस्प्ले शहर की खूबसूरती बढ़ाते दिखे।
    सेक्टर-137 और 150 में बड़े ओपन ग्रीन स्पेस और पार्कों में काम दिखाई दिया।

    सुबह टहलने वाले, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक—हर वर्ग की मौजूदगी पार्कों में बढ़ी हुई दिखी। कई लोगों ने कहा कि अब पार्कों में समय बिताने का मन करता है।

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    हॉर्टिकल्चर विभाग के काम की चर्चा

    ग्राउंड विजिट के दौरान लोगों के बीच हॉर्टिकल्चर निदेशक आनंद मोहन सिंह की कार्यशैली को लेकर भी सकारात्मक चर्चा सुनने को मिली। लोगों का कहना था कि पार्कों और ग्रीन बेल्ट में काम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं लग रहा, जमीन पर असर दिखता है। पौधारोपण, मेंटेनेंस और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस महसूस होता है।

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    सीईओ नेतृत्व की भी हो रही बात

    नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश की मॉनिटरिंग और “क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा” को लेकर प्रशासनिक फोकस भी चर्चा में रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और हरियाली को लेकर अब गंभीरता दिखती है।

    लोगों की जुबानी, कैसा दिख रहा बदलाव

    राकेश शर्मा, सेक्टर-50
    “सच बताऊं तो पहले इतना ध्यान नहीं दिखता था। अब पार्क में सफाई भी है, पौधे भी अच्छे लगे हैं। मॉर्निंग वॉक में मजा आता है।”

    नीलम गुप्ता, सेक्टर-93
    “बच्चों को लेकर आते हैं तो अच्छा लगता है। पहले बस पार्क था, अब ठीक-ठाक डेवलप स्पेस जैसा लगता है।”

    विनोद त्यागी, सेक्टर-78
    “लगता है ऊपर से मॉनिटरिंग हो रही है। छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान दिया गया है, यही फर्क ला रहा है।”

    सविता मिश्रा, सेक्टर-137
    “फूलों की सजावट और ग्रीन बेल्ट देखकर अच्छा लगता है। शहर में पॉजिटिव फील आता है।”

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    योगी सरकार के विजन की दिख रही झलक

    स्थानीय स्तर पर लोग यह भी कहते दिखे कि योगी सरकार के शहरी विकास और स्वच्छता फोकस का असर नोएडा में दिखता है। हरित विकास, साफ-सफाई, सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जो प्राथमिकता बनी, उसका असर जमीन पर महसूस होता है।

    सांसद-विधायक भी कर रहे सराहना

    स्थानीय सांसद और विधायक स्तर पर भी इन पहलों को लेकर सकारात्मक फीडबैक की चर्चा रही। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि हरियाली, पार्क उन्नयन और स्वच्छता पर काम नोएडा को अलग पहचान दे रहा है।

    ‘ग्रीन नोएडा’ अब विजन से आगे की कहानी

    AVS POST की ग्राउंड रिपोर्ट में यह साफ दिखा कि यह सिर्फ पार्क सुंदर बनाने की कहानी नहीं है, बल्कि शहरी जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश है। सेक्टरों में ग्रीन स्पेस बढ़े हैं, लोगों की भागीदारी बढ़ी है और शहर की तस्वीर बदली-बदली नजर आ रही है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अगर यही गति बनी रही तो नोएडा ग्रीन अर्बन मॉडल के रूप में और मजबूत पहचान बना सकता है।

    ग्राउंड जीरो पर महसूस हुआ कि ‘क्लीन नोएडा, ग्रीन नोएडा’ अब सिर्फ सरकारी टैगलाइन नहीं, बल्कि सेक्टरों, पार्कों और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में उतरती कहानी बन रहा है—और इस बदलाव के केंद्र में विभागीय मेहनत, प्रशासनिक नेतृत्व, सरकार का विजन और जनता की भागीदारी चारों साथ दिखते हैं।

  • Noida Authority में प्रशासनिक ‘सर्जरी’: नए CEO कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, कई अफसरों के प्रभार बदलाव

    Noida Authority में प्रशासनिक ‘सर्जरी’: नए CEO कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, कई अफसरों के प्रभार बदलाव

    नोएडा: Noida Authority  में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने कार्यभार संभालते ही साफ कर दिया है कि काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पारदर्शिता, तेजी और जवाबदेही—इन तीन बिंदुओं पर फोकस करते हुए प्राधिकरण के अंदर जिम्मेदारियों का बड़ा फेरबदल किया गया है।

    क्या है बड़ा बदलाव?

    सूत्रों के मुताबिक, कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदल दिए गए हैं ताकि रुके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिल सके और जनता की शिकायतों का निपटारा तेजी से हो।

    • अतुल सिंह को अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और प्रोसेसिंग प्लांट की अहम जिम्मेदारी दी गई है। साफ-सफाई व्यवस्था सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी।

    • रजनीश कुमार को सर्किल-8 का नया प्रभार सौंपा गया है।

    • वैभव नागर और दीपक कुमार समेत कई अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है, ताकि काम का बेहतर बंटवारा हो सके।

    भवन और बिजली शाखा में भी बदलाव

    भवन प्रकोष्ठ में भी नई तैनातियां हुई हैं। विनय कुमार, प्रेम चंद और प्रदीप साहू को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। माना जा रहा है कि निर्माण और नक्शा पास कराने से जुड़े मामलों में अब तेजी देखने को मिल सकती है।

    वहीं, इलेक्ट्रिकल ऑडिट की जिम्मेदारी शशांक सिंह को सौंपी गई है। अशोक अरोड़ा अब विद्युत शाखा का काम देखेंगे। बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस पर खास नजर रहेगी।

    अन्य अधिकारियों को भी नई भूमिकाएं

    संजीव कुमार बेदी, पवन बरनवाल, उमेश कुमार शर्मा और अजय कुमार यादव को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह बदलाव इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि सीईओ काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार चाहते हैं।

    प्राधिकरण के अंदर यह साफ संदेश गया है कि अब फाइलें रुकी नहीं रहेंगी। लंबित प्रोजेक्ट्स, सड़क और सफाई से जुड़े मुद्दों पर तेज कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ये बदलाव जमीनी स्तर पर असर दिखाते हैं तो शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने साफ कर दिया है कि नोएडा में अब प्रशासनिक ‘सर्जरी’ के जरिए सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।

    नोएडा से दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Noida Sector 150 accident : एक युवा इंजीनियर की मौत और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई

    Noida Sector 150 accident : एक युवा इंजीनियर की मौत और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई

    Noida Sector 150 accident : नोएडा के सेक्टर-150 में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे में अनियंत्रित होकर एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। ठंडे पानी में करीब 90 मिनट तक संघर्ष करने के बाद युवराज की जान चली गई। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का भी खुलासा करता है।

    Noida Sector 150 accident : हादसे की पूरी कहानी

    17 जनवरी 2026 की देर रात करीब 12:30 बजे की बात है। गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता अपनी मारुति ग्रैंड विटारा कार से सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरिका पार्क सोसाइटी में घर लौट रहे थे। घने कोहरे और खराब विजिबिलिटी के कारण कार एक तेज मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। कार ने क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल को तोड़ते हुए करीब 20-30 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी।

    यह गड्ढा एक निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट (मॉल) का बेसमेंट था, जिसकी जिम्मेदारी लोटस ग्रीन्स और अन्य बिल्डरों की थी। गड्ढे के आसपास न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड, न रिफ्लेक्टर और न ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह खतरा महीनों से बना हुआ था और पहले भी एक ट्रक यहां गिर चुका था।

    युवराज कार की छत पर चढ़कर मदद के लिए चिल्लाते रहे। उन्होंने अपने पिता को फोन करके कहा, “पापा, मुझे बचा लो!” लेकिन ठंडे पानी, अंधेरे और लोहे की रॉड्स की वजह से रेस्क्यू में देरी हुई। करीब 5 घंटे बाद शव और कार बाहर निकाले गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना या कार्डियक अरेस्ट बताई गई है।

    Noida Sector 150 accident
    Noida Sector 150 accident : Noida authority

    नोएडा प्राधिकरण की तुरंत कार्रवाई

    Noida Sector 150 accident : हादसे के बाद जनआक्रोश को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री लोकेश एम. ने सख्त कदम उठाए।

    • ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर श्री नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
    • सेक्टर-150 में यातायात संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
    • संबंधित विभागों से लोटस बिल्डर के प्लॉट आवंटन और निर्माण कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।
    • CEO ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    • सभी विभागों को आदेश दिए गए कि अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा का दोबारा निरीक्षण करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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    इसके अलावा, बिल्डरों (लोटस ग्रीन्स और MZ विशटाउन प्लानर्स) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

    नोएडा से पत्रकार सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

  • Noida Authority ने “बृहद वृक्षारोपण अभियान 2024” के तहत 2.25 लाख पौधे लगाए, नोएडा को हरा-भरा बनाने का संकल्प!

    Noida Authority ने “बृहद वृक्षारोपण अभियान 2024” के तहत 2.25 लाख पौधे लगाए, नोएडा को हरा-भरा बनाने का संकल्प!

    Noida Authority: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित “बृहद वृक्षारोपण अभियान 2024” के तहत नोएडा प्राधिकरण द्वारा युद्ध स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा सांसद नोएडा, श्री मुकेश मेश्राम (आईएएस) प्रमुख सचिव पर्यटन उत्तर प्रदेश शासन, श्री मनीष वर्मा जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर, श्रीमती वंदना त्रिपाठी (आईएएस) अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री प्रमोद श्रीवास्तव डीएफ़ओ, श्री मनोज गुप्ता जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, आनंद मोहन सिंह निदेशक (उद्यान) , श्री राजेंद्र सिंह उप निदेशक (उद्यान) ,श्री योगेन्द्र शर्मा अध्यक्ष फोनरवा साथ ही साथ RWA के सदस्य एवं निवासियों द्वारा सेक्टर 112 की ग्रीन बेल्ट में पेड़ लगाए गए।

    नोएडा को हरा-भरा बनाने का संकल्प:

    इस वृक्षारोपण अभियान के तहत बरगद, नीम, आम, लार्जेस्टोमिया आदि प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर नोएडा को पूरी तरह हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया गया। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि वे शहर में हर जगह पेड़ लगाने का काम करेंगे और नोएडा को एक स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनाएंगे।

    पूरे नोएडा में चला वृक्षारोपण अभियान:

    आज नोएडा के अन्य सेक्टरों में भी पूरे दिन वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। विभिन्न पार्कों, सड़कों और ग्रीन बेल्ट में पौधे लगाए गए। अनुमान है कि आज लगभग 2.25 लाख पौधे रोपित किए गए।

    वृक्षारोपण का महत्व:

    पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। वे हमें ऑक्सीजन देते हैं, प्रदूषण को कम करते हैं और धरती को हरा-भरा बनाते हैं। इसलिए, हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनका संरक्षण करना चाहिए। नोएडा प्राधिकरण द्वारा आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान एक सराहनीय पहल है। इससे न केवल नोएडा शहर को हरा-भरा बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि यह लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी करेगा। नोएडा प्राधिकरण इसी तरह से भविष्य में भी वृक्षारोपण अभियान चलाता रहेगा और नोएडा को एक स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने में योगदान देगा।

  • Noida Authority: अतिक्रमणकर्ता हो जाएं सावधान, करने वालों पर होगी कार्रवाई -वर्क सर्किल को मिलेगा सम्मान

    Noida Authority: अतिक्रमणकर्ता हो जाएं सावधान, करने वालों पर होगी कार्रवाई -वर्क सर्किल को मिलेगा सम्मान

    Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, डॉ. लोकेश एम., ने अतिक्रमण को रोकने के लिए कदम उठाया है और इसके तहत हर पखवाड़े समीक्षा करने की आवश्यकता को बताया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि जहां कार्रवाई की गई है, वहां पर दोबारा अतिक्रमण न हो। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि बेहतर कार्यवाही करने वाले वर्क सर्किल को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। नोएडा अथॉरिटी के उच्च अधिकारियों ने AVS POST को बताया कि अथॉरिटी अतिक्रमण के मामले में कोई कोताही नहीं बरतेगी जो अतिक्रमण करेगा उस पर कार्रवाई होगी साथ ही अतिक्रमण को हटाया भी जाएगा। खाली कराई गई जगह पर फिर से अतिक्रमण ना हो इसकी जवाबदेही अधिकारियो की होगी अगर कोई अथॉरिटी का स्टाफ अपने काम में लापरवाही दिखाता है या किसी तरह की शिकायत पाई जाती हो तो स्टाफ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी वही शानदार काम करने वाले वर्क सर्कल को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करने की भी योजना है।

    सीईओ लोकेश एम. ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार खत्री, प्रभास कुमार, विशेष कर अधिकारी वंदना त्रिपाठी के अलावा प्राधिकरण के महाप्रबंधक सिविल विद्युत, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए कि अतिक्रमण संबंधित शिकायतों के साथ हो रहे हैं और इसे निपटाने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए।

    उद्योग मार्ग को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना

    नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने कहा कि उद्योग मार्ग को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना है और इसके लिए सिविल, विद्युत, ट्रैफिक, सीवर, आदि के पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने योजना को ऐसे कार्य करने के लिए बताया है कि सेक्टर 14ए से सेक्टर 11 तक मार्ग में कैरेजवे को एक लाइन में होने का अनुभव हो। फुटपाथ पर टाइल्स लगाए जाएंगे और पतली सेंट्रल वर्ज बनाई जाएगी, इसके साथ ही यहां पर अत्यधिक स्ट्रीट लाइट लगाए जाएंगे।

    सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क मार्ग पर अनाधिकृत रूप से खड़े वाहनों को हटाया जाए और वरिष्ठ प्रबंधक विशेष कर औद्योगिक सेक्टरों में सड़कों के किनारे गाड़ियां नहीं खड़ी हो, इसका ध्यान रखें।

    50 करोड़ रुपए की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त

    इसके अलावा, नोएडा प्राधिकरण ने वर्क सर्किल-10 के तहत गुलावली में 50 करोड़ रुपए की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त किया है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि गुलावली में खसरा संख्या 834 पर कुछ माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा था और उसे पर अवैध निर्माण बना लिया था। यहां पर 8 भूखंड की जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर निर्माण कर लिया था। नोएडा प्राधिकरण की टीम पुलिस दस्ते के साथ भारी संख्या में कर्मचारियों को लेकर सेक्टर-162 में पहुंची और अवैध निर्माण को तोड़ने का कार्रवाई शुरू किया। यह दौरान कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे उनकी नहीं चली। यहां पर बिल्डरों ने अवैध रूप से प्लाटिंग भी काट रखी थी। नोएडा प्राधिकरण ने भूलेख विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस बल ने 3 घंटे चली कार्रवाई में 50 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त किया।