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    Noida Authority news : GM SP Singh का प्रयास, ग्रीन मोबिलिटी पहल को नई रफ्तार, Noida में खुलेंगे 48 नए EV Charging Stations

    Noida EV Charging Stations Plan : नोएडा  शहर पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। नोएडा प्राधिकरण और ITI Limited के बीच 12 अक्टूबर 2026 को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में 48 नए EV Charging Stations स्थापित किए जाएंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 के अनुरूप है और शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।

    इस महत्वपूर्ण पहल में GM S.P. Singh का सक्रिय योगदान साफ दिखाई देता  है। उनके नेतृत्व और प्रयासों से नोएडा में ग्रीन मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊर्जा मिल रही है। GM S.P. Singh के विजन और निरंतर प्रयासों के कारण ही शहर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बेहतर चार्जिंग नेटवर्क की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    दो समझौतों से कुल 78 EV Charging Stations

    इससे पहले 24 सितंबर 2026 को नोएडा प्राधिकरण और UP Renewable and EV Charging Infrastructure Ltd. (UPREV) के बीच भी समझौता हुआ था, जिसमें 30 चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई गई थी। अब ITI Limited के साथ 48 नए स्टेशनों की योजना जुड़ने से कुल 78 EV Charging Stations प्रस्तावित हो गए हैं। नोएडा प्राधिकरण का लक्ष्य शहर में कुल 100 EV Charging Stations स्थापित करना है। ये दोनों समझौते इस लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम हैं।

    कहां-कहां लगेंगे नए EV Charging Stations?

    प्रस्तावित 48 स्टेशनों के लिए मेट्रो स्टेशन, सार्वजनिक पार्किंग, बाजार, व्यावसायिक क्षेत्र, अस्पताल और प्रमुख सड़कों के पास जगहों की पहचान की गई है। प्रमुख स्थानों में शामिल हैं:

    हर स्थान पर कम से कम दो चार्जर लगाए जाएंगे, जिससे एक साथ दो कारों और एक दोपहिया वाहन को चार्ज किया जा सकेगा।

    समझौते की मुख्य बातें

    • समझौता 10 वर्ष की अवधि के लिए है (आगे बढ़ाया जा सकता है)।
    • स्थापना का पूरा खर्च ITI Limited उठाएगी।
    • नोएडा प्राधिकरण केवल स्थान उपलब्ध कराएगा और कोई वित्तीय सहायता नहीं देगा।
    • राजस्व साझाकरण के तहत इस्तेमाल की गई बिजली के प्रत्येक यूनिट (kWh) पर ₹1 की दर से प्राधिकरण को राजस्व मिलेगा।

    यह मॉडल सार्वजनिक स्थानों के बेहतर उपयोग और संस्थागत सहयोग का अच्छा उदाहरण है।

    ग्रीन मोबिलिटी के लिए क्यों जरूरी हैं EV Charging Stations?

    इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध न होने पर लोग EV अपनाने में हिचकिचाते हैं। सार्वजनिक जगहों पर पर्याप्त EV Charging Stations होने से रेंज की चिंता कम होती है और रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाती है। GM S.P. Singh के प्रयासों से नोएडा में यही सुविधाजनक नेटवर्क तैयार हो रहा है, जो शहर को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद करेगा।

    यह पहल प्रदूषण नियंत्रण, हरित परिवहन और बेहतर शहरी भविष्य की दिशा में सकारात्मक संकेत है। भविष्य में जरूरत के अनुसार और अधिक EV Charging Stations लगाने की भी योजना है।

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    GM S.P. Singh के नेतृत्व में नोएडा प्राधिकरण द्वारा उठाए जा रहे ये कदम न सिर्फ शहरवासियों के लिए सुविधा बढ़ाएंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र में ग्रीन मोबिलिटी की मिसाल भी पेश करेंगे। जैसे-जैसे ये स्टेशन लगेंगे और चालू होंगे, नोएडा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए और भी आकर्षक शहर बनेगा।

     

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  • Noida Authority News : स्वच्छता के शिखर से ‘मॉडल रोड’ तक, नोएडा अथॉरिटी के GM S.P. Singh ने कैसे बदली शहर की सूरत

    Noida Authority News : स्वच्छता के शिखर से ‘मॉडल रोड’ तक, नोएडा अथॉरिटी के GM S.P. Singh ने कैसे बदली शहर की सूरत

    GM S.P. Singh : दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा की पहचान अब सिर्फ ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि यहां की वर्ल्ड क्लास सुविधाओं और साफ-सफाई से भी होने लगी है. इस बदलाव के पीछे नोएडा अथॉरिटी के (जनरल मैनेजर) GM S.P. Singh की बड़ी भूमिका मानी जा रही है. डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) से जनरल मैनेजर के पद पर पहुंचे एस.पी. सिंह ने अपनी ग्राउंड लेवल प्लानिंग से शहर की बुनियादी व्यवस्था को एक नया रूप दिया है.

    आइए जानते हैं कि कैसे उनके बड़े फैसलों और काम करने के तरीके ने नोएडा को विकास की नई राह पर ला खड़ा किया है:

    जब नोएडा बना देश का साफ शहर

    GM S.P. Singh के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में नोएडा को देश का सबसे साफ शहर बनाना शामिल है. उनके हेल्थ और जनस्वास्थ्य विंग के कुशल मैनेजमेंट का ही नतीजा था कि 10 लाख की आबादी वाली कैटेगरी में नोएडा को राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप रैंकिंग (पहला स्थान) मिली.
    उन्होंने न सिर्फ घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को दुरुस्त किया, बल्कि कचरे के सही निपटारे (वेस्ट सेग्रिगेशन) को भी पूरी तरह लागू कराया. इसके अलावा, शहर में आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने चार प्रमुख सेक्टरों में हाईटेक डॉग शेल्टर्स बनवाए और बड़े पैमाने पर एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई.

    Noida Authority News : स्वच्छता के शिखर से 'मॉडल रोड' तक, नोएडा अथॉरिटी के GM S.P. Singh ने कैसे बदली शहर की सूरत
    Noida Authority News : स्वच्छता के शिखर से ‘मॉडल रोड’ तक, नोएडा अथॉरिटी के GM S.P. Singh ने कैसे बदली शहर की सूरत

    ₹3 करोड़ का मॉडल रोड और हाईटेक लाइब्रेरी

    GM S.P. Singh का काम सिर्फ साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी उन्होंने कमाल का विज़न दिखाया है.

    सेक्टर 126 की मॉडल रोड : शहर की सड़कों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का लुक देने के लिए उन्होंने ₹3 करोड़ की लागत से सेक्टर 126 में एक शानदार ‘मॉडल रूट’ तैयार करवाया. इस सड़क पर दृष्टिबाधित (visually impaired) लोगों के लिए खास टाइल्स, पैदल चलने वालों के लिए ग्रेनाइट पाथवे और बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया है.

    सेक्टर 52 की डिजिटल लाइब्रेरी : युवाओं की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए वे सेक्टर 52 में ₹8.29 करोड़ की लागत से बन रही चार मंजिला डिजिटल लाइब्रेरी के प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं. कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के सहयोग से बन रहा यह सेंटर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा डिजिटल हब बनने जा रहा है.

    कड़क अफसर, लेकिन कर्मचारियों के लिए संवेदनशील दिल

    नियमों का पालन कराने में सख्त दिखने वाले एस.पी. सिंह का रुख अपने कर्मचारियों और ग्राउंड स्टाफ के लिए हमेशा से काफी मददगार रहा है. हाल ही में सफाई कर्मचारियों से जुड़े एक मामले में उन्होंने न केवल व्यावहारिक रास्ता निकाला, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य के लिए भी बड़े कदम उठाए:

    Noida Authority News : स्वच्छता के शिखर से 'मॉडल रोड' तक, नोएडा अथॉरिटी के GM S.P. Singh ने कैसे बदली शहर की सूरत नोएडा:
    Noida Authority News : स्वच्छता के शिखर से ‘मॉडल रोड’ तक, नोएडा अथॉरिटी के GM S.P. Singh ने कैसे बदली शहर की सूरत नोएडा:

    ₹5 लाख का मेडिकल कवर : ग्राउंड पर काम करने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स की सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ₹5 लाख का मेडिकल सपोर्ट पैकेज मंजूर कराया.

    सैलरी और पीएफ का पूरा हिसाब : उन्होंने साफ किया कि कर्मचारियों को मिलने वाले करीब ₹21,000 के मासिक वेतन में प्रोविडेंट फंड (PF) और बाकी सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ पूरी तरह शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि हर नए टेंडर रिन्यूअल के साथ कर्मचारियों की सैलरी में ₹2,000 से ₹3,000 की बढ़ोतरी की व्यवस्था बनी रहे.

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    क्या है आगे का प्लान?

    नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम. के निर्देशों के तहत, GM S.P. Singh उन गिने-चुने अफसरों में गिने जाते हैं जो मुश्किल से मुश्किल डेडलाइन के भीतर काम पूरा करने के लिए जाने जाते हैं. मॉनसून से पहले शहर की ड्रेनेज सफाई का मोर्चा संभालना हो या नए एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर से जुड़ी प्लानिंग, उनका हर कदम नोएडा को एक ‘स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी’ बनाने की दिशा में बढ़ रहा है. यही वजह है कि आज उन्हें नोएडा के विकास के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक माना जा रहा है.

     

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  • Noida Authority News : कैलेंडर विवाद बना ट्रिगर, अतिक्रमण की शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किल, हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

    Noida Authority News : कैलेंडर विवाद बना ट्रिगर, अतिक्रमण की शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किल, हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

    Noida Authority News: नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के कार्यकारी निदेशक और नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर तैनात महेंद्र प्रसाद के खिलाफ शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्हें उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है और लखनऊ में अटैच कर दिया गया है।

    पूरा मामला एनएमआरसी द्वारा जारी किए गए वर्ष 2026 के वार्षिक कैलेंडर से जुड़ा है। इस कैलेंडर में महापुरुषों की तस्वीरों के स्थान पर एनएमआरसी के अधिकारियों की फोटो प्रकाशित कर दी गई थी। जैसे ही यह कैलेंडर सामने आया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विवाद खड़ा हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक और नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महेंद्र प्रसाद को कार्यकारी निदेशक के पद से हटा दिया था। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश को सौंप दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, कैलेंडर का प्रकाशन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किया गया था। इस पर एनएमआरसी एमडी ने कड़ी नाराजगी जताई और कैलेंडर को वेबसाइट से हटाने के साथ-साथ उसकी छपाई भी रुकवा दी।

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    मंगलवार को शासन ने अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई करते हुए महेंद्र प्रसाद को नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी पद से भी हटा दिया और प्रतीक्षा सूची में डाल दिया। सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ शासन स्तर पर लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। इनमें प्राधिकरण के कार्यों में बाधा डालने, जनता की फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने और शहर में बढ़ते अतिक्रमण को रोकने में विफल रहने जैसे आरोप शामिल थे।

    बताया जा रहा है कि उनकी तैनाती के दौरान नोएडा में अतिक्रमण के मामलों में तेजी आई और प्राधिकरण व सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं के कब्जे की शिकायतें भी सामने आईं। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने यह कदम उठाया है। कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद महेंद्र प्रसाद ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय छोड़ दिया।

    नोएडा से पत्रकार दीपू जैन की रिपोर्ट