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  • RBI Policy : आज मोनेटरी पॉलिसी कमिटी का निर्णय करेगी घोषित – क्या गवर्नर संजय मल्होत्रा घटाएंगे रेपो रेट?

    RBI Policy : आज मोनेटरी पॉलिसी कमिटी का निर्णय करेगी घोषित – क्या गवर्नर संजय मल्होत्रा घटाएंगे रेपो रेट?

      RBI Policy

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज फाइनेंसियल ईयर 2025-26 की पहली मोनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। गवर्नर Sanjay Malhotra की अध्यक्षता में  Monetary Policy Committee (MPC) से 25 बेसिस प्वाइंट की रेपो रेट कटौती की उम्मीद है, क्योंकि महंगाई कम हो रही है और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी है। साथ ही, नीति रुख को ‘न्यूट्रल’ से ‘अकोमोडेटिव’ किए जाने की भी संभावना है। ग्लोबल व्यापार तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में मजबूती बनी हुई 

    रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की उम्मीद

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज, 9 अप्रैल को फाइनेंसियल ईयर 2025-26 के लिए अपनी पहली  मोनेटरी पॉलिसी का निर्णय घोषित करने जा रहा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व वाली मोनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) से उम्मीद की जा रही है कि वह रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करेगी, क्योंकि महंगाई दर में कमी और आर्थिक विकास की गति धीमी होने के संकेत मिल रहे हैं।

    RBI Governer Sanjay Malhotra : RBI Policy
    RBI Governor Sanjay Malhotra : RBI Policy

     RBI Policy : तीन दिनों तक चली MPC की बैठक

    RBI की मोनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक चली, और RBI Policy  निर्णय की घोषणा आज सुबह की जाएगी। इसके बाद, गवर्नर संजय मल्होत्रा दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसे RBI के ऑफिसियल Youtube चैनल  पर लाइवस्ट्रीम किया जाएगा।

    ग्लोबल  व्यापार तनाव और भारत पर प्रभाव

    यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने के बाद ग्लोबल मंदी की आशंका और अधिक बढ़ गई है। यह उभरते बाजारों पर प्रभाव डाल सकता है, जिनमें भारत भी शामिल है। इस संदर्भ में गवर्नर मल्होत्रा के भारत की टोटली आर्थिक स्थिति और ग्लोबल  व्यापारिक जोखिमों पर दिए गए बयान पर खास नजर रखी जाएगी।

    पॉलिसी स्टांस ‘न्यूट्रल’ से ‘अकोमोडेटिव’ में बदलाव संभव

    Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट का मानना है कि  RBI केवल रेपो रेट में कटौती नहीं करेगा, बल्कि अपनी मोनेटरी पॉलिसी के रुख को ‘न्यूट्रल’ से ‘अकोमोडेटिव’ की ओर बदल सकता है, जिससे आगे और दर कटौती के लिए रास्ता खुल सकता है।

     RBI Policy
    RBI Policy

    पिछली बार की गई थी 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती

    पिछली नीति रिव्यु  में RBI ने लगभग पांच वर्षों में पहली बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करते हुए इसे 6.25 % कर दिया था, जबकि नीति रुख ‘न्यूट्रल’ रखा गया था।

    Global तनाव के बावजूद भारतीय बाजारों में तेजी

    मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स 1.69 % की बढ़त के साथ 22,535.85 पर बंद हुआ, जबकि BSE सेंसेक्स 1.49 प्रतिशत चढ़कर 74,227.08 पर बंद हुआ।

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    तेल की कीमतों में गिरावट से मिल सकती है राहत

    आदित्य बिड़ला सन Life AMC  के CEO  ए. बालासुब्रमण्यम के अनुसार, “भारत की ग्लोबल टैरिफ एक्सपोजर सीमित है, जिससे देश को तुलनात्मक रूप से कम असर होगा। इसके अलावा, तेल की कीमतों में गिरावट महंगाई को कम कर सकती है, जिससे RBI Policy को आगे और दरों में कटौती का अवसर मिल सकता है।”

  • Sensex, Nifty: 3 कारण क्यों शेयर बाजार आज बढ़ रहा है

    Sensex, Nifty: 3 कारण क्यों शेयर बाजार आज बढ़ रहा है

    Sensex और Nifty में आज तेजी देखी गई, क्योंकि GDP वृद्धि दर 6.2% रही, जो उम्मीदों के अकॉर्डिंग था। फरवरी के ऑटो बिक्री आंकड़े मजबूत रहे, जिससे बाजार को समर्थन मिला। इसके अलावा, फॉरेन इन्वेस्टर्स (FIIs) की सेल्लिंग आउट में कमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने बाजार को मजबूती दी। 

    Sensex और Nifty में तेजी

    Sensex 73,593.26 पर पहुंच गया, जो 395.16 अंकों (0.54%) की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, Nifty 22,243.85 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 119.15 अंकों (0.54%) की बढ़त दर्ज की गई। एशिया में भी ज्यादातर बाजार तेजी में थे, जापानी Nikkei 1.4% की वृद्धि के साथ सबसे ज्यादा बढ़ा।

    Stock Market SenSex
    Stock Market SenSex

    Share Market में तेजी के 3 मुख्य कारण

    1. GDP वृद्धि अनुमान के अकॉर्डिंग रहा

      • भारत की GDP दिसंबर क्वार्टर में 6.2% बढ़ी, जो सितंबर क्वार्टर के 5.6% से अधिक थी।
      • HSBC ने बताया कि पहले के GDP आंकड़ों को मॉडिफाइड कर ऊपर किया गया, जिससे अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि के संकेत मिलते हैं।
    2. ऑटोमोबाइल सेक्टर में शानदार प्रदर्शन

      • फरवरी के ऑटो बिक्री आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे।
      • Mahindra & Mahindra (M&M) और Eicher Motors जैसी कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों की धारणा बेहतर हुई।
    3. फॉरेन इन्वेस्टर्स (FIIs) की बिकवाली में कमी

      • भारतीय शेयर मार्केट  में हाई कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स की आकर्षक दरों के कारण हाल ही में FII की सेल्लिंग आउट जारी थी।
      • हालांकि, अब अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.21% पर आ गई है, जिससे फॉरेन इन्वेस्टर्स की सेल्लिंग आउट घट सकती है।
    FIIs
    FIIs

    Sensex के लिए लॉन्ग टर्म निवेश अवसर

    Geojit Financial Services के मुख्य निवेश स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने कहा, “Sensex में हालिया गिरावटलॉन्ग टर्म के इन्वेस्टर्स के लिए हाई गुणवत्ता वाले स्टॉक्स खरीदने का एक अच्छा अवसर है।”

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    उन्होंने यह भी बताया कि मार्केट के निचले स्तर (bottom-out) की भविष्यवाणी करना मुश्किल है, लेकिन मौजूदा समय में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए निवेश शुरू करना एक समझदारी भरा निर्णय हो सकता है।

    • Sensex और Nifty में उछाल GDP ग्रोथ, मजबूत ऑटो बिक्री और फॉरेन इन्वेस्टर्स की सेल्लिंग आउट में कमी के कारण हुआ।
    • मार्केट में मौजूदा करेक्शन इन्वेस्टर्स को अच्छी गुणवत्ता वाले स्टॉक्स खरीदने का अवसर प्रदान कर रहा है।