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  • Manoj Tumu amazon salary : 23 साल के मनोज तुमु, Amazon की करोड़ों की नौकरी छोड़ मेटा में नई शुरुआत

    Manoj Tumu amazon salary : 23 साल के मनोज तुमु, Amazon की करोड़ों की नौकरी छोड़ मेटा में नई शुरुआत

    Manoj Tumu amazon salary : कभी-कभी एक निर्णय आपकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देता है। ऐसा ही एक साहसिक कदम उठाया 23 साल के भारतीय-अमेरिकी मशीन लर्निंग इंजीनियर मनोज तुमु ने, जिन्होंने अमेज़न में अपनी 3.36 करोड़ रुपये सालाना की शानदार नौकरी छोड़कर मेटा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) दुनिया में कदम रखा। कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में रहने वाले मनोज की यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जुनून और मेहनत के दम पर कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।

    एक असाधारण शुरुआत

    मनोज की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। उन्होंने हाई स्कूल में कॉलेज क्रेडिट्स के जरिए अपनी स्नातक डिग्री सिर्फ एक साल में पूरी की। इसके बाद, 2022 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने अमेज़न में मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। अमेज़न में उन्हें न केवल मोटी तनख्वाह मिल रही थी, बल्कि वहां का अनुभव भी उनके लिए अनमोल था। फिर भी, मनोज का दिल मेटा के इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स की ओर खिंचा। “मेटा में एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में कुछ बेहद रोमांचक काम हो रहा था। जब मुझे वहां मौका मिला, तो मैंने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया,” मनोज ने बताया। मेटा में उनकी नई भूमिका में भी उनकी आय 3.36 करोड़ रुपये से अधिक है।

    जुनून को चुना, पैसा नहीं

    Manoj Tumu amazon salary : मनोज का मानना है कि करियर की शुरुआत में पैसों से ज्यादा अपने जुनून को महत्व देना चाहिए। स्नातक होने के बाद, उन्होंने एक ऊंची तनख्वाह वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग नौकरी ठुकराकर मशीन लर्निंग का रास्ता चुना, क्योंकि यह उनके दिल के करीब था। यह फैसला उनके लिए अमेज़न और अब मेटा जैसे बड़े मंचों तक पहुंचने का आधार बना। “करियर की शुरुआत में सीखने और अनुभव पर ध्यान दें। अगर आप सही दिशा में मेहनत करेंगे, तो पैसा और अवसर दोनों आपके पास आएंगे,” मनोज की सलाह है।

    Manoj Tumu amazon salary
    Manoj Tumu amazon salary

    चुनौतियों से भरा सफर

    Manoj Tumu amazon salary : मनोज का बिग टेक में प्रवेश आसान नहीं था। कॉलेज के दौरान उन्हें इंटर्नशिप नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। स्नातक होने के बाद एक कॉन्ट्रैक्ट रोल के जरिए उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। अमेज़न और मेटा में उनकी नौकरियां बिना किसी रेफरल के, सिर्फ उनकी मेहनत और मजबूत रिज्यूमे के दम पर मिलीं। “अपने रिज्यूमे को सटीक और प्रभावी बनाएं। कुछ साल का अनुभव होने के बाद, प्रोजेक्ट्स की जगह अपने पेशेवर अनुभव को हाइलाइट करें,” मनोज ने सुझाव दिया।

    इंटरव्यू में सफलता का मंत्र

    Manoj Tumu amazon salary : मनोज के लिए इंटरव्यू की तैयारी एक खेल की तरह थी। उन्होंने मेटा और अमेज़न के कॉर्पोरेट मूल्यों को गहराई से समझा और अपने जवाबों को पहले से तैयार किया। खासकर बिहेवियरल राउंड्स के लिए, उन्होंने एक विस्तृत दस्तावेज़ बनाया, जिसमें हर संभावित सवाल का जवाब था। मेटा की इंटरव्यू प्रक्रिया में छह हफ्तों तक चले कई राउंड्स शामिल थे, जिसमें कोडिंग, मशीन लर्निंग, और बिहेवियरल सवालों का सामना करना पड़ा। “इंटरव्यू में आत्मविश्वास और तैयारी सबसे जरूरी है। कंपनी के मूल्यों को समझें और अपने अनुभवों को उनके साथ जोड़ें,” मनोज ने बताया।

    Manoj Tumu amazon salary : AI की नई दुनिया

    Manoj Tumu amazon salary : आज के दौर में AI और मशीन लर्निंग का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। चैटजीपीटी जैसे टूल्स ने इस क्षेत्र को और भी रोमांचक बना दिया है। मनोज का कहना है कि इस क्षेत्र में सफल होने के लिए लगातार सीखना और अपडेट रहना जरूरी है। “इंटर्नशिप्स और प्रैक्टिकल अनुभव आपके करियर की नींव रखते हैं। अगर आप एआई में जाना चाहते हैं, तो अपने जुनून को पहचानें और उस दिशा में काम शुरू करें,” उन्होंने सलाह दी।

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    युवाओं के लिए प्रेरणा

    Manoj Tumu amazon salary : मनोज तुमु की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपने सपनों को सच करना चाहते हैं। मेटा में अपनी नई भूमिका के साथ, मनोज न केवल एआई के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं, बल्कि यह भी दिखा रहे हैं कि सही दिशा में मेहनत और जुनून के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि अगर आप अपने दिल की सुनें और मेहनत करें, तो दुनिया की कोई भी ऊंचाई आपके लिए छोटी नहीं होगी।

  • Meta AI in Defence : अमेरिकी सेना के लिए AR हेलमेट और AI टेक्नोलॉजी में ला रही बड़ा बदलाव

    Meta AI in Defence : अमेरिकी सेना के लिए AR हेलमेट और AI टेक्नोलॉजी में ला रही बड़ा बदलाव

    Meta AI in Defence : आपने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का नाम तो सुना ही होगा। ये सारी लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप्स मेटा नाम की कंपनी चलाती है। अब खबर है कि मेटा कुछ नया करने जा रही है। वो अब सोशल मीडिया से हटकर रक्षा उद्योग में कदम रखने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, मेटा जल्द ही अमेरिकी सेना के लिए खास हाई-टेक हेलमेट और चश्मे बनाएगी। ये कोई साधारण हेलमेट या चश्मे नहीं होंगे, बल्कि इनमें ढेर सारी आधुनिक तकनीक होगी।

    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence

    Meta AI in Defence : मेटा क्या करने वाली है?

    मेटा अब अमेरिकी सेना के लिए ऐसे हेलमेट और चश्मे बनाएगी, जो बहुत ही खास और टेक्नोलॉजी रूप से एडवांस होंगे। ये उपकरण सैनिकों को युद्ध के मैदान में मदद करेंगे। माना जा रहा है कि इनमें ऐसी टेक्नोलॉजी होगी, जो सैनिकों को असल समय में जानकारी देगी, जैसे कि नक्शे, दुश्मन की स्थिति, या मिशन से जुड़ी जरूरी चीजें। मेटा पहले से ही ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी तकनीकों पर काम करती है, जैसे उनके ओकुलस हेडसेट्स। अब वो इस अनुभव को सेना के लिए इस्तेमाल करेगी, ताकि सैनिकों का काम आसान और सुरक्षित हो।

    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence

    मेटा ऐसा क्यों कर रही है?

    आप सोच रहे होंगे कि सोशल मीडिया की कंपनी रक्षा क्षेत्र में क्यों जा रही है? दरअसल, मेटा अपने बिजनेस को और बड़ा करना चाहती है। अभी उसका ज्यादातर पैसा सोशल मीडिया ऐप्स से विज्ञापनों के जरिए आता है, लेकिन अब वो नए क्षेत्रों में जाना चाहती है। Meta AI in Defence में बहुत सारे अवसर हैं, और मेटा अपनी टेक्नोलॉजी की जानकारी का इस्तेमाल करके वहां अपनी जगह बनाना चाहती है। साथ ही, सोशल मीडिया में गोपनीयता और नियमों को लेकर मेटा को कई बार आलोचना झेलनी पड़ी है। ऐसे में, रक्षा क्षेत्र में काम करके वो अपनी छवि को और मजबूत कर सकती है।

    इन हेलमेट और चश्मों में क्या खास होगा?

    अभी पूरी जानकारी तो बाहर नहीं आई है, लेकिन कहा जा रहा है कि मेटा के हेलमेट और चश्मों में कुछ खास फीचर्स हो सकते हैं, जैसे:

    • ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): इन चश्मों में स्क्रीन होगी, जो सैनिकों को नक्शे, दुश्मन की लोकेशन, या मिशन की जानकारी दिखाएगी।
    • बेहतर संचार: सैनिकों के बीच सुरक्षित और तेज़ कम्युनिकेशन के लिए खास सिस्टम।
    • नाइट विजन और थर्मल इमेजिंग: रात में या खराब मौसम में भी साफ देखने की सुविधा।
    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence
    • हेल्थ मॉनिटरिंग: सैनिकों की सेहत पर नजर रखने के लिए सेंसर, जैसे कि दिल की धड़कन या थकान का पता लगाना।
    • हल्का और मजबूत डिज़ाइन: ये उपकरण मजबूत होंगे, लेकिन वजन में हल्के, ताकि सैनिकों को इन्हें पहनने में आसानी हो।

    ये सारी चीजें सैनिकों को युद्ध में बेहतर प्रदर्शन करने और सुरक्षित रहने में मदद करेंगी।

    चुनौतियाँ और संभावनाएँ

    रक्षा उद्योग में जाना मेटा के लिए आसान नहीं होगा। उन्हें कई सख्त नियमों का पालन करना होगा और बड़े-बड़े रक्षा ठेकेदारों, जैसे लॉकहीड मार्टिन, से मुकाबला करना पड़ेगा। इसके अलावा, कुछ लोग ये सवाल उठा सकते हैं कि क्या टेक कंपनियों को सैन्य उपकरण बनाना चाहिए। इससे मेटा को कुछ आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है।

    लेकिन अगर मेटा इसमें सफल हो जाती है, तो ये उनके लिए बहुत बड़ा मौका होगा। वो न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में अपनी जगह बना सकती है, बल्कि अपनी तकनीक को और बेहतर करके भविष्य में आम लोगों के लिए भी नए प्रोडक्ट्स ला सकती है। साथ ही, इससे उन्हें अमेरिका और दुनिया भर में और भी सरकारी प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं।

    टेक कंपनियाँ और रक्षा क्षेत्र

    मेटा अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो रक्षा क्षेत्र में जा रही है। माइक्रोसॉफ्ट पहले से ही सेना के लिए होलोलेंस जैसे उपकरण बना रही है, और अमेज़न पेंटागन को क्लाउड सर्विस दे रही है। टेक्नोलॉजी और रक्षा के बीच की दूरी अब कम हो रही है। मेटा अपनी AR, AI, और कनेक्टिविटी की जानकारी का इस्तेमाल करके इस क्षेत्र में कुछ नया कर सकती है।

    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence

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    Meta AI in Defence में कदम रखना एक बड़ा और रोमांचक बदलाव है। अमेरिकी सेना के लिए हाई-टेक हेलमेट और चश्मे बनाकर मेटा न सिर्फ अपने बिजनेस को नई दिशा दे रही है, बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई संभावनाएँ भी तलाश रही है। ये देखना दिलचस्प होगा कि मेटा इस नए क्षेत्र में कैसे काम करती है और क्या वो नवाचार और नैतिकता का सही संतुलन बना पाती है। ये मेटा के लिए एक नया युग हो सकता है, जहाँ वो ऑनलाइन लोगों को जोड़ने से लेकर युद्ध के मैदान में सैनिकों की मदद करने तक का सफर तय करेगी।

  • DeepSeek का असर: अमेरिकी AI Industry पर मंडरा रहा संकट ? शेयरों में सोमवार को 16.8% की गिरावट

    DeepSeek का असर: अमेरिकी AI Industry पर मंडरा रहा संकट ? शेयरों में सोमवार को 16.8% की गिरावट

    DeepSeek Shares

    सोमवार को US टेक्नोलॉजी  शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जब चीनी AI स्टार्टअप DeepSeek ने अमेरिका के इसपे सवाल खड़े कर दिए। इस कारण Nvidia सहित कई चिप कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। Nvidia के शेयर शुरुआती कारोबार में 15% से अधिक गिर गए, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।

    DeepSeek क्या है?

    DeepSeek की स्थापना 2023 में Liang Wenfeng ने की थी, जो एक AI-Based क्वांट हेज फंड High-Flyer के प्रमुख हैं।
    DeepSeek एक ओपन-सोर्स AI मॉडल विकसित करता है, जिसका मतलब है कि कोई भी Developers   इसके सॉफ़्टवेयर को देख, समझ और सुधार सकता है।
    इसका मोबाइल ऐप जनवरी की शुरुआत में लॉन्च होने के बाद iPhone डाउनलोड चार्ट में टॉप पर पहुंच गया।
    DeepSeek का AI मॉडल अन्य चैटबॉट्स (जैसे OpenAI के ChatGPT) से इस मामले में अलग है कि यह जवाब देने से पहले अपने लॉजिक को क्लीन तरीके  से पेश करता है।
    कंपनी का दावा है कि इसका R1 मॉडल OpenAI के नवीनतम मॉडल के बराबर प्रदर्शन करता है, और उसने AI Developers को इस पर चैटबॉट बनाने की अनुमति भी दी है।

    DeepSeek,
    DeepSeek,

    Nvidia के शेयरों में भारी गिरावट

    Nvidia के शेयरों में सोमवार को 16.8% की गिरावट आई और यह $142.62 से घटकर $118.556 पर आ गया (1:23 PM EST तक)। बीते दो कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयरों में 21% की गिरावट आई, जिससे Nvidia का बाजार capitalization $1.5 ट्रिलियन तक कम हो गया।
    फ्रैंकफर्ट में Nvidia के शेयर 12.53% नीचे कारोबार कर रहे थे। बीते दो सालो में कंपनी के शेयर $20 से बढ़कर $140 से अधिक हो गए थे, लेकिन सोमवार को अचानक भारी गिरावट देखने को मिली।

    DeepSeek के कारण Nvidia को झटका

    DeepSeek, जो हाल ही में लॉन्च हुआ एक ओपन-सोर्स AI मॉडल है, को OpenAI और Meta Platforms के competitive के रूप में देखा जा रहा है।
    DeepSeek के नए मॉडल DeepSeek V3 को बनाने में सिर्फ $5.6 मिलियन का खर्च आया, जो अमेरिकी टेक कंपनियों की तुलना में बेहद कम है।
    इसका मोबाइल ऐप लॉन्च के बाद Apple Inc. के ऐप स्टोर में टॉप पर पहुंच गया। DeepSeek की खासियत यह है कि यह कम डेटा और कम लागत में काम करता है, जिससे यह Nvidia और अन्य अमेरिकी AI कंपनियों के लिए खतरा बन सकता है।

    अमेरिकी स्टॉक मार्केट में गिरावट

    सोमवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट आई, जब चीन की DeepSeek ने अमेरिकी AI बाजार को चुनौती दी।

    • S&P 500 Index सुबह 1.6% नीचे था, जो एक महीने में सबसे खराब गिरावट रही।
    • Nasdaq कंपोजिट 4% गिरा, जिससे AI आधारित शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
    • Nvidia 17% गिर गया, जिससे Nasdaq को भारी नुकसान हुआ।
    • CBOE Volatility Index (VIX), जिसे “वॉल स्ट्रीट का डर गेज” कहा जाता है, 27% उछलकर 20 दिसंबर के बाद के हाई स्तर पर पहुंच गया।
    CBOE Volatility Index (VIX)
    CBOE Volatility Index (VIX)

    हालांकि, AI से अलग अन्य इंड्रस्टीज के DeepSeek शेयरों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। Dow Jones Industrial Average सिर्फ 65 अंक (0.1%) नीचे था, क्योंकि इसमें टेक शेयरों की हिस्सेदारी कम है।

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    Nasdaq पर टेक कंपनियों का दबाव

    Nasdaq कंपोजिट सोमवार को 4% गिर गया, जिसमें मुख्य रूप से Nvidia के 17% गिरने का प्रभाव रहा।
    Microsoft , Meta  और Apple  इस सप्ताह अपने quarter financial नतीजे जारी करेंगे, जिससे बाजार की instability और बढ़ सकती है।

    Investors  के लिए चेतावनी

    ऊपर दी गई जानकारी एनालिस्ट  और ब्रोकिंग कंपनियों की राय पर आधारित है।
    हम investors  को सलाह देते हैं कि वे invest  करने से पहले certified expert से सलाह ले।