Meta fine : यूजर डेटा से जुड़े मामलों में मेटा पर गंभीर आरोप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर अब तक के सबसे बड़े जुर्माने का सामना करना पड़ा है। 23 अक्टूबर 2026 को बुधवार के दिन, मेक्सिको के एक जज ने कंपनी को 25 अरब डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया। यह फैसला इस साल की शुरुआत में चली दो सप्ताह की सुनवाई के बाद आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि कंपनी ने वर्षों तक फेसबुक यूजर्स के डेटा को संभालने के तरीके को लेकर जनता से झूठ बोला। आरोप केवल फेसबुक के डेटा प्रबंधन तक सीमित नहीं थे, बल्कि कंपनी की मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों से भी जुड़े थे।
इस फैसले के बाद मेक्सिको राज्य में कंपनी के लिए कारोबार करना लगभग असंभव हो सकता है। हालांकि, मेटा इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है। लेकिन यह अपील सफल होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
मेटा पर पहले भी लग चुके हैं भारी जुर्माने
यह मेटा पर अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना बताया गया है। इस साल कंपनी को कई अन्य मुकदमों में भी जुर्माना भरना पड़ा है या समझौते करने पड़े हैं। इनमें बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में कैलिफोर्निया के साथ 18 अरब डॉलर का समझौता भी शामिल है।

कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़ा मामला
मेक्सिको में दायर यह मुकदमा उस समय फेसबुक के नाम से कारोबार करने वाली मेटा की भूमिका से जुड़ा था, जो बाद में कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद के नाम से चर्चित हुआ। कैम्ब्रिज एनालिटिका नाम की कंपनी ने लाखों फेसबुक यूजर्स के डेटा और जानकारी का इस्तेमाल राजनीतिक परामर्श से जुड़े अपने काम में किया था। इसमें 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित काम भी शामिल था, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे। मेक्सिको ने मेटा पर यह आरोप भी लगाया कि कंपनी ने हेट स्पीच वाले कंटेंट से होने वाले अपने लाभ और उसके खिलाफ बनाए गए नियमों को लागू करने के तरीके के बारे में जनता को जानबूझकर गुमराह किया। जूरी ने भी पाया कि कंपनी ने इन दावों को लेकर जनता को जानबूझकर गलत जानकारी दी थी। हालांकि, मेटा ने इन आरोपों को खारिज किया।
ऑनलाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी उठे सवाल
मेटा का कहना है कि इस मुकदमे का मूल उद्देश्य ऑनलाइन अभिव्यक्ति पर टैक्स लगाने और लोगों के इंटरनेट पर क्या कहने की अनुमति होगी, इसके लिए नए नियम लागू करना है। मेक्सिको के वकीलों ने कंपनी के खिलाफ उन बयानों को आधार बनाया, जो मेटा के अधिकारियों ने वर्षों से दिए थे। कंपनी के अधिकारियों का कहना था कि यूजर्स का डेटा उनकी अनुमति के बिना किसी तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाता और न ही उसे एक्सेस किया जाता है। हालांकि, मुकदमे में दावा किया गया कि वास्तविकता इससे अलग थी। वकीलों के अनुसार, राज्य की लगभग 20 लाख लोगों की पूरी आबादी मेटा की यूजर डेटा से जुड़ी कथित बेईमानी से प्रभावित हुई। जूरी ने पाया कि कंपनी ने राज्य के कानूनों का 4 करोड़ से अधिक बार उल्लंघन किया था।
कंपनी की जवाबदेही पर राज्य सरकार का बयान
राज्य के वकीलों ने कहा कि लंबे समय तक बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने आकार और प्रभाव के कारण खुद को कानून की पहुंच से बाहर समझती रही हैं। उनके अनुसार, यह फैसला स्पष्ट करता है कि कोई भी कंपनी इतनी शक्तिशाली नहीं है कि उसे जवाबदेह न ठहराया जा सके। राज्य के वकीलों ने मेटा पर 40 अरब डॉलर तक का जुर्माना लगाने की मांग की थी। वहीं, मेटा का तर्क था कि 3.4 अरब डॉलर से अधिक का जुर्माना असंवैधानिक होगा। कंपनी ने यह राशि अपने एक तिमाही के मुनाफे के लगभग बराबर बताई।

2010 से 2021 तक कानून उल्लंघन के आरोप
मुकदमे में आरोप लगाया गया कि फेसबुक के डेटा के इस्तेमाल और उसे साझा करने के तरीके को लेकर जनता को जानबूझकर गलत जानकारी दी गई। ये कथित उल्लंघन 11 साल से अधिक समय तक, यानी 2010 से 2021 के बीच जारी रहे। आरोपों के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का उद्देश्य भी जनता को गुमराह करना था। रिपोर्ट में जुर्माने की गणना को लेकर कुछ आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं। इसमें हजारों कानूनी उल्लंघनों के आधार पर 19 अरब डॉलर की राशि का उल्लेख है, जबकि अंतिम जुर्माना 25 अरब डॉलर बताया गया है। इससे पहले, 2019 में अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन ने मेटा पर डेटा गोपनीयता से जुड़ी गतिविधियों को लेकर 5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया था। उस मामले की निगरानी करने वाले जज ने मेटा की तुलना एक ऐसे औद्योगिक प्रदूषण फैलाने वाले से की थी, जो हवा को प्रदूषित करता है। हालांकि, इस तुलना में प्रदूषण के स्थान पर बच्चों को होने वाले मनोवैज्ञानिक नुकसान और उनके यौन शोषण से जुड़े जोखिमों का संदर्भ दिया गया था।
जुर्माने के बावजूद AI पर भारी निवेश कर रही है मेटा
इतने बड़े जुर्मानों के बावजूद मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में अपना निवेश बढ़ा रही है। कंपनी दूसरी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ AI की प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। वित्तीय विश्लेषकों के साथ हुई बातचीत में कंपनी ने बताया कि उसका AI टूल ‘म्यूज’ पहले ही 1 करोड़ लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। कंपनी के अनुसार, म्यूज को अरबों लोगों तक पहुंचाना उसके मिशन और रणनीति, दोनों का हिस्सा है। इसी उद्देश्य से मेटा इस साल कम से कम 135 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है। यह राशि मुख्य रूप से AI परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 145 अरब डॉलर तक भी पहुंच सकता है।

AI निवेश के कारण कैश फ्लो पर दबाव
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च के कारण मेटा ने 2 अरब डॉलर से अधिक का नकारात्मक कैश फ्लो दर्ज किया। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लगभग 14 वर्षों में कंपनी के लिए यह पहली बार था। कैश फ्लो उस धनराशि को दर्शाता है, जो कंपनी के संचालन और निवेश पर खर्च करने के बाद उसके पास बचती है। नकारात्मक कैश फ्लो का मतलब है कि संबंधित अवधि में कंपनी से नकदी बाहर जाने की मात्रा, उसके भीतर आने वाली नकदी से अधिक रही।
राजस्व में बढ़ोतरी, मुनाफे में भी उछाल
Meta fine Mexico : भारी निवेश के बावजूद मेटा के राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई से सितंबर की अवधि में कंपनी का राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 26 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 64.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसी दौरान कंपनी का मुनाफा भी बढ़कर 9.8 अरब डॉलर हो गया, जो रिपोर्ट के अनुसार लगभग तीन गुना था। इसके बावजूद कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपना निवेश जारी रखने की योजना बना रही है।

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Meta fine : मेटा में नए शेयर जारी करने की योजना
Meta fine Mexico : कंपनी की मुख्य वित्तीय अधिकारी ने विश्लेषकों के साथ हुई बातचीत के दौरान नए शेयर जारी करने की योजना की भी घोषणा की। इस योजना के तहत मौजूदा मेटा शेयरधारकों को गैर-मतदान अधिकार वाले शेयरों की एक नई श्रेणी का एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि शेयरों की इस नई श्रेणी का इस्तेमाल किसी एक खास निवेश के लिए किया जाएगा। हालांकि, वित्तीय अधिकारी ने AI से जुड़े बढ़ते खर्चों का जिक्र किया। कंपनी को उम्मीद है कि अगले साल उसे अपने निवेश और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक वित्तीय लचीलापन मिल सकता है।
Written by – Prabhjyot Singh
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