Tag: Mahakumbh 2025

  • Mahakumbh : माघ पूर्णिमा 2025, आस्था की लहरों में डुबकी का महापर्व

    Mahakumbh : माघ पूर्णिमा 2025, आस्था की लहरों में डुबकी का महापर्व

    Mahakumbh 2025 : माघ पूर्णिमा 

    उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया माघ पूर्णिमा स्नान की व्यवस्थाओं का इंस्पेक्शन 

    उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने कार्यालय से त्रिवेणी संगम पर हो रहे माघ पूर्णिमा ‘स्नान’ की निगरानी की। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि लाखों श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से ऑपरेट हो रही हैं।

    Mahakumbh : 10 लाख कल्पवासी आज से अपने प्रवास का समापन करेंगे

    सुबह से ही लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। माघ पूर्णिमा स्नान के साथ ही 10 लाख से अधिक कल्पवासी अपनी एक महीने की आत्मिक यात्रा पूरी करेंगे। तीर्थयात्रियों की वापसी के लिए 1200 अतिरिक्त बसें, श्रद्धालुओं की सुगम वापसी के लिए प्रशासन ने 1200 और भी शटल बसों की व्यवस्था की है, जो हर 10 min  में उपलब्ध होंगी।

    प्रयागराज में No Vehicle zone लागू

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने प्रयागराज को ‘No Vehicle zone’ घोषित किया है। निजी और सार्वजनिक वाहनों को केवल स्पेसिफिक पार्किंग स्थलों में खड़ा करने की अनुमति होगी, जबकि केवल आवश्यक और इमरजेंसी  सेवाओं को प्रवेश दिया जाएगा।

    सुरक्षा और सुविधाओं की कड़ी व्यवस्था

    • कल्पवासियों के वाहनों पर प्रतिबंध: प्रशासन ने कल्पवासियों से अनुरोध किया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और स्पेसिफिक पार्किंग स्थानों का ही यूज़  करें।
    • विशेष यातायात योजना: शहर में 5 फरवरी की शाम से लागू की गई यह योजना 12 फरवरी तक प्रभावी रहेगी।
    • रेलवे की विशेष तैयारी: रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माघ पूर्णिमा के लिए 8 रेलवे स्टेशनों की व्यवस्थाओं की छान बिन की। रेलवे ने श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
    Mahakumbh प्रयागराज में No Vehicle zone लागू
    Mahakumbh प्रयागराज में No Vehicle zone लागू

    योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएँ

    उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने Mahakumbh  में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं, संतों और कल्पवासियों को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुए  Mahakumbh में अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर चुके हैं।

    Also Read This: Mahakumbh : 1.42 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, पर लौटना हुआ मुश्किल

    शेष प्रमुख स्नान date 

    Mahakumbh, जो 13 जनवरी से शुरू हुआ था, 26 फरवरी तक जारी रहेगा। इसके शेष प्रमुख स्नान तिथियाँ इस प्रकार हैं:

    • 12 फरवरी – माघी पूर्णिमा
    • 26 फरवरी – महाशिवरात्रि

    छात्रों की सुविधा के लिए online classes

    माघ पूर्णिमा स्नान के दौरान होने वाली भीड़ को देखते हुए, प्रयागराज के सभी माध्यमिक विद्यालयों ने 7 फरवरी से 12 फरवरी तक online classes  करने का निर्णय लिया है।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने सभी कल्पवासियों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का यूज़  करें और सुरक्षित स्नान के  निर्देशों का पालन करें।

  • Mahakumbh : 1.42 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, पर लौटना हुआ मुश्किल

    Mahakumbh : 1.42 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, पर लौटना हुआ मुश्किल

    Mahakumbh मेले में भारी जाम, श्रद्धालु परेशान

    रविवार को Mahakumbh मेले के रास्तो पर किलोमीटरों लंबा भीषण  जाम देखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से अपील की कि फंसे हुए श्रद्धालुओं के लिए इमरजेंसी  व्यवस्था की जाए।

    प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को स्टेशन के बाहर बहुत ही ज्यादा  भीड़ के कारण बंद कर दिया गया। मेले प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रविवार शाम 6 बजे तक 1.42 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। अब तक कुल 42 crore  से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    Mahakumbh : अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

    ट्रैफिक जाम को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा,
    “प्रयागराज mahakumbh  में फंसे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए तुरंत  इमरजेंसी व्यवस्थाएँ की जानी चाहिए। हर जगह जाम में फंसे भूखे-प्यासे, परेशान और थके हुए तीर्थयात्रियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। क्या आम श्रद्धालु इंसान नहीं है?”

    उन्होंने आगे लिखा,

    “लखनऊ से प्रयागराज की ओर प्रवेश करने से 30 किमी पहले नवाबगंज में जाम, रीवा रोड से 16 km  पहले गौहनिया में जाम, वाराणसी की ओर 12 से 15 km  लंबा जाम और ट्रेन के इंजन तक भीड़ घुसने की खबरें हर जगह प्रकाशित हो रही हैं। सामान्य जीवन कठिन हो गया है।”

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,

    “उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है। यह केवल अहंकार से भरे झूठे विज्ञापनों में दिखती है, लेकिन जमीनी स्तर पर पूरी तरह गायब है।”

    उन्होंने एक अन्य पोस्ट में मध्यप्रदेश का एक वीडियो साझा किया, जिसमें पुलिसकर्मी लोगों से कह रहे हैं कि भारी भीड़ के कारण प्रयागराज की ओर यात्रा न करें। इस पर उन्होंने तंज कसते हुए लिखा,
    “दोनों तरफ ‘BJP सरकार’ है। एक कहती है mahakumbh में आइए, दूसरी कहती है मत आइए।”

    Also Read This: Prayagraj famous foods : ज़रूर आज़माएं ये स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड 2025

    श्रद्धालुओं की परेशानी

    रायबरेली से आए राम कृपाल ने बताया कि वह लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर फाफामऊ के पास 5 घंटे तक जाम में फंसे रहे। किसी तरह उन्होंने अपनी गाड़ी बेला कछार में पार्क की और वहां से संगम घाट तक पैदल जाने को मजबूर हुए।

    एडीसीपी (ट्रैफिक) कुलदीप सिंह ने कहा,
    “वाहनों की संख्या बहुत अधिक है और यात्री mahakumh  मेला क्षेत्र के जितना संभव हो सके करीब जाना चाहते हैं, जिससे लंबा जाम लग रहा है।”

    उन्होंने बताया कि अभी भीड़ लगभग उतनी ही है जितनी ‘मौनी अमावस्या’ के दिन थी।
    “दूरस्थ पार्किंग 50% भर चुकी है। पास की पार्किंग छोटी है, जबकि दूर की पार्किंग बड़ी है। पिछले कुंभ (2019) में सामान्य दिनों में इतनी भीड़ नहीं थी, लेकिन इस बार सामान्य दिनों में भी जबरदस्त भीड़ आ रही है। अगले कुछ दिनों तक भीड़ में कोई कमी नहीं दिख रही।”

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    रेलवे की विशेष व्यवस्था

    इस बीच, सीनियर डिविशनल कमर्शियल मैनेजर  (उत्तर रेलवे), लखनऊ, कुलदीप तिवारी ने कहा,
    “प्रयागराज संगम स्टेशन के बाहर भारी भीड़ के कारण यात्रियों को बाहर निकलने में कठिनाई हो रही थी। इसलिए, भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन को बंद करने का निर्णय लिया गया।”

    वहीं, उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रयागराज जंक्शन पर एकल दिशा यातायात प्रणाली लागू की है। उत्तर मध्य रेलवे के सीनियर पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर अमित मालवीय ने बताया कि,
    “यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए केवल शहर की ओर से एंट्री  दिया जाएगा और निकासी केवल सिविल लाइंस की ओर से होगी।”

    इसके अलावा, बिना रिजर्व्ड टिकट वाले यात्रियों को विशेष मार्गों से प्रवेश दिया जाएगा, जहाँ अनरिसर्वड  टिकट काउंटर, एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग की सुविधा होगी।
      रिजर्व्ड टिकट वाले यात्रियों को केवल गेट नंबर 5 से  एंट्री मिलेगा और ट्रेन के आगमन से केवल आधे घंटे पहले ही उन्हें प्लेटफार्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी।

  • PM Modi 5 फरवरी को आये प्रयागराज, महाकुंभ में किया पवित्र स्नान

    PM Modi 5 फरवरी को आये प्रयागराज, महाकुंभ में किया पवित्र स्नान

    PM Modi 5 फरवरी को पवित्र संगम नगरी प्रयागराज का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकुंभ में पवित्र स्नान किये और कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लेंगे। उनके इस दौरे को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा का इंतजाम किया हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री का प्रयागराज आगमन धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    PM Modi का प्रयागराज आगमन

    प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10 बजे वायुसेना के विशेष विमान से प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचें। यहां से वह हेलिकॉप्टर के माध्यम से DPS हेलीपैड गए। प्रयागराज में प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट और हेलीपैड पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

    महाकुंभ पहुंचने की यात्रा

    DPS हेलीपैड से प्रधानमंत्री सुबह 10:45 बजे सीधे अरेल घाट के लिए रवाना हुए। अरेल घाट पहुंचने के बाद वह नाव के जरिए महाकुंभ मेले तक यात्रा किये। संगम तक की इस यात्रा को बेहद शानदार और दिव्य बनाने की तैयारी चल रही है। नाव को पारंपरिक तरीके से सजाया गया, और गंगा नदी के किनारे हजारों श्रद्धालु प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उमड़ सकते हैं।

    संगम में पवित्र स्नान

    PM Modi
    PM Modi

    PM Modi सुबह 11 बजे संगम तट पर पहुंचकर पवित्र स्नान किये। महाकुंभ में उनके स्नान के लिए 11:00 से 11:30 बजे तक का समय आरक्षित किया गया। माना जा रहा है कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्नान के बाद कुछ महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान भी कर सकते हैं। संगम में डुबकी लगाकर वह भारत की सनातन परंपरा और आस्था को और मजबूती देने का संदेश दिया।

    अरेल घाट वापसी और प्रयागराज से प्रस्थान

    संगम में पवित्र स्नान के बाद, पीएम मोदी सुबह 11:45 बजे नाव के माध्यम से अरेल घाट लौटे। वहां से वह हेलिकॉप्टर द्वारा DPS हेलीपैड पहुंचे और फिर सीधे प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए ।

    वायुसेना के विमान से दिल्ली वापसी

    PM Modi दोपहर 12:30 बजे वायुसेना के विशेष विमान से प्रयागराज से रवाना हो गए माना जा रहा है कि उनके इस दौरे के दौरान कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हो सकती हैं, जो आगामी महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर होंगी।

    Also Read This: Delhi Assembly Election 2025 : दिल्ली में चुनावी जंग शुरू सरकारी और निजी कर्मचारियों को अवकाश

    महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर PM Modi का यह दौरा अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी इस यात्रा से संगम नगरी प्रयागराज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिलेगी और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और श्रद्धा और भी बढ़ जाएगी। यह दौरा भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता और परंपराओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर भी होगा।

  • Mahakumbh : एकता के महाकुम्भ के साथ ही महाकुम्भ ने दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश

    Mahakumbh : एकता के महाकुम्भ के साथ ही महाकुम्भ ने दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश

    Mahakumbh 2025

    दुनिया के कई देश, देश के हर राज्य और हर जाति, संप्रदाय के लोगों ने एक साथ लगाई संगम में डुबकी

    महाकुम्भ के तीसरे और अंतिम अमृत स्नान पर नजर आया सनातन का संगम

    संगम की रेत पर नाचते गाते जयकारे लगाते श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान

    बम बम भोले बोलकर झूमते नजर आए अमेरिकी, इजरायली और फ्रांसीसी नागरिक

    दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत हर जगह से पहुंचे श्रद्धालु

    भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ किया गंगा स्नान

    बिना भेदभाव हर वर्ग और संप्रदाय के श्रद्धालु कर रहे स्नान, पूजन और दर्शन

    महाकुम्भनगर, 03 फरवरी : बसंत पंचमी पर Mahakumbh में भारत के हर राज्य और हर जाति लोगों ने एक साथ संगम में अमृत स्नान किया। इसके साथ दुनिया भर के कई देशों के श्रद्धालु भी पहुंचे और जय श्री राम, हर हर गंगे, बम बम भोले के उद्घोष के साथ भारतीय जनमानस के साथ घुल मिल गए। अमृत स्नान पर महाकुम्भ नगर में एकता का महाकुम्भ नजर आया। यहां भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुंचकर गंगा स्नान किया। जय श्री राम, हर हर गंगे का नारा लगाकर लोग उत्साह से लबरेज नजर आए।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    आस्था का संगम

    Mahakumbh के इस ऐतिहासिक मौके पर संगम का तट भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भर गया। आस्था का ऐसा संगम हुआ कि संगम की रेत तक नजर नहीं आ रही थी। हर जगह सिर्फ मुंड ही मुंड नजर आ रहे थे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश समेत हर राज्य, हर जाति के लोग और अन्य देशों से आए विदेशी नागरिकों ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। अमेरिकी, इजरायली, फ्रांसीसी समेत कई अन्य देशों के नागरिक गंगा स्नान करते हुए भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत हुए। वे भी बम बम भोले के नारे लगाते हुए उत्साह से झूमते नजर आए।

    Mahakumbh से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी भारत की ब्रांडिग

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्य और भव्य महाकुम्भ का अलौकिक आयोजन किया गया है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति महाकुम्भ के इस बार के अद्भुत आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी ज्यादा बढ़ा दी है। महाकुम्भ में दुनिया भर के कई देशों के नागरिकों ने भाग लिया और भारत की संस्कृति को अनुभव किया। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया। संगम के तट पर जय श्री राम और हर हर गंगे के उद्घोष से माहौल बना और श्रद्धालु श्रद्धा से गंगा में डुबकी लगाते रहे।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    हर वर्ग, संप्रदाय के लिए समानता का भाव

    प्रयागराज का Mahakumbh विश्व का सबसे बड़ा मानवीय और आध्यात्मिक सम्मेलन है। यूनेस्को ने महाकुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। सीएम योगी का मानना है कि महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यहां सब एक समान हैं। करोड़ों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। श्रद्धालु, समस्त साधु, संन्यासियों का आशीर्वाद ले रहे हैं, मंदिरों में दर्शन कर अन्नक्षेत्र में एक ही पंगत में बैठ कर भण्डारों में खाना खा रहे हैं। महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल है, जिसे दुनिया भर से आये पर्यटक देखकर आश्चर्यचकित हैं। कैसे अलग-अलग भाषायी, रहन-सहन, रीति-रिवाज को मानने वाले एकता के सूत्र में बंधे संगम में स्नान करने चले आते हैं। साधु-संन्यासियों के अखाड़े हों या तीर्थराज के मंदिर और घाट, बिना रोक टोक श्रद्धालु दर्शन,पूजन करने जा रहे हैं। संगम क्षेत्र में चल रहे अनेक अन्न भण्डार सभी भक्तों, श्रद्धालुओं के लिए दिनरात खुले हैं जहां सभी लोग एक साथ पंगत में बैठ कर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। महाकुम्भ मेले में भारत कि विविधता इस तरह समरस हो जाती है कि उनमें किसी तरह का भेद कर पाना संभव नहीं है।

    Mahakumbh
    Mahakumbh

    अनवरत जारी है सनातन संस्कृति की परंपरा

    महाकुम्भ में सनातन परंपरा को मनाने वाले शैव, शाक्त, वैष्णव, उदासीन, नाथ, कबीरपंथी, रैदासी से लेकर भारशिव, अघोरी, कपालिक सभी पंथ और संप्रदायों के साधु,संत एक साथ मिलकर अपने-अपने रीति-रिवाजों से पूजन-अर्चन और गंगा स्नान कर रहे हैं। संगम तट पर लाखों की संख्या में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु देश के कोने-कोने से आए हैं। अलग-अलग जाति, वर्ग, भाषा को बोलने वाले साथ मिलकर महाकुम्भ की परंपराओं का पालन कर रहे हैं।

    Also Read This: Union Budget 2025 : ₹12 लाख तक की आय पर कोई income tax नहीं

    महाकुम्भ में अमीर, गरीब, व्यापारी, अधिकारी सभी तरह के भेदभाव भुलाकर एक साथ एक भाव में संगम में डुबकी लगा रहे हैं। महाकुम्भ और मां गंगा, नर, नारी, किन्नर, शहरी, ग्रामीण, गुजराती, राजस्थानी, कश्मीरी, मलयाली किसी में भेद नहीं करती। अनादि काल से सनातन संस्कृति की समता,एकता कि ये परंपरा प्रयागराज में संगम तट पर Mahakumbh में अनवरत चलती आ रही है।

  • Mahakumbh 2025: भारत की परंपरा और ग्लोबल  भाईचारे का अनुपम संगम

    Mahakumbh 2025: भारत की परंपरा और ग्लोबल  भाईचारे का अनुपम संगम

    kMahakumbh 2025  में आएंगे 73 देशों के 116 राजदूत, एरियाल में एक भव्य स्वागत की प्रतीक्षा है, उसके बाद संगम में पवित्र डुबकी लगाई जाएगी

    प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 में इस बार 73 देशों के 116 राजदूत शामिल होंगे। यह आयोजन आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक भव्यता और ग्लोबल  एकता का प्रतीक बनेगा। 1 फरवरी को अरेल में भव्य स्वागत किया जाएगा, जहां सभी राजदूत अपने-अपने देश का राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और इसके बाद संगम में पवित्र की डुबकी लगाएंगे।

    आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव की प्रतीक्षा है

    सिर्फ संगम स्नान ही नहीं, बल्कि इन विदेशी मेहमानों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर से भी अवगत कराया जाएगा। वे अक्षयवट, सरस्वती कूप और हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे और वहां की दिव्यता को अनुभव करेंगे। यह Mahakumbh  उनके लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय परंपराओं को समझने का एक अनोखा अवसर होगा।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    Mahakumbh 2025 : 73 देशों से भागीदारी

    इस ऐतिहासिक आयोजन में अमेरिका, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, रूस, स्विट्जरलैंड, जापान, न्यूजीलैंड, जर्मनी, नेपाल और कनाडा सहित 73 देशों के डिप्लोमैट्स की भागीदारी रहेगी। यह आयोजन भारत की ग्लोबल  पहचान को और मजबूत करेगा और विश्व में इसकी आध्यात्मिक धरोहर का प्रचार करेगा।

    Kumbh 2019 से जारी विरासत

    गौरतलब है कि 2019 के कुंभ मेले में भी 73 देशों के राजदूतों को आमंत्रित किया गया था। इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, राजनयिकों को भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का अनुभव कराया जाएगा। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आध्यात्मिक संवाद को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    Also Read This: GI-PKL : ग्लोबल इंडियन प्रवासी कबड्डी लीग ने की सभी 12 फ्रेंचाइजी के कप्तानों की घोषणा

    Mahakumbh 2025 सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, सहिष्णुता और ग्लोबल  भाईचारे का प्रतीक बनेगा।

  •  IIT Baba: विज्ञान से आध्यात्म तक की अनोखी यात्रा महाकुम्भ 2025

     IIT Baba: विज्ञान से आध्यात्म तक की अनोखी यात्रा महाकुम्भ 2025

    IIT Baba

     अभय सिंह,  IIT  Bombay के पूर्व छात्र, इंजीनियर से सन्यासी बने

    • कठिन बचपन और तनावपूर्ण पारिवारिक संबंधों ने आध्यात्मिक खोज की ओर प्रेरित किया।
    • कुंभ मेले में उनकी उपस्थिति ने लोगों का ध्यान खींचा, ‘ IIT Baba‘ के नाम से हुए प्रसिद्ध।

    प्रयागराज के महाकुंभ मेले में, जहां करोड़ों लोग त्रिवेणी संगम पर आध्यात्मिक जागृति की तलाश में आते हैं, एक विशेष व्यक्ति लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं—बाबा अभय सिंह, जिन्हें ‘ IIT Baba‘ के नाम से जाना जाता है। आईआईटी-बॉम्बे के पूर्व छात्र और पूर्व एयरोस्पेस इंजीनियर अभय सिंह के अकादमिक जीवन से सन्यास की ओर इस अनोखे सफर ने आगंतुकों की कल्पना को जागृत किया है।

     IIT Baba : असामान्य यात्रा की कहानी

    बाबा अभय सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा, “मैं हरियाणा से हूं, IIT  Bombay गया, फिर इंजीनियरिंग छोड़कर कला में चला गया। वह भी काम नहीं आया, फिर मैंने बदलाव करते हुए अंतिम सत्य की खोज की।”
    इंजीनियरिंग के अलावा, उन्होंने फोटोग्राफी में भी रुचि ली और प्रतिष्ठित संस्थान में इसका अध्ययन किया। उनकी यह विविध बौद्धिक यात्रा उनकी ज्ञान और सत्य की गहरी खोज का प्रतीक है।

    अभय सिंह,  IIT Baba
    अभय सिंह,  IIT Baba

    कठिन बचपन और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव

    बाबा अभय सिंह ने अपने कठिन बचपन और परिवार के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने उन्हें अच्छी तरह से नहीं अपनाया और जब उन्होंने फोटोग्राफी करना शुरू किया, तो उनका मजाक उड़ाया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह सब उन्हें घर छोड़ने और एक बेहतर जीवन की तलाश में जाने के लिए प्रेरित करता था।
    “मैंने संस्कृत की सुंदरता को समझने और यह जानने की कोशिश की कि यह इतनी विशेष क्यों है। मेरी जिज्ञासा मुझे आगे बढ़ाती रही। फिर मैंने मन और अनचाही सोचों से मुक्ति पाने की प्रक्रिया को समझना शुरू किया,” उन्होंने कहा।

    वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का संगम

    IIT Baba का आध्यात्मिक दर्शन पारंपरिक धार्मिक सीमाओं को पार करता है। वे खुद को साधु या महंत कहने से इनकार करते हैं और आंतरिक स्वतंत्रता पर जोर देते हैं।
    “मैं पूरी तरह से तरल रूप में हूं, मैं स्वतंत्र हूं, मैं कुछ भी कर सकता हूं,” वे कहते हैं।
    उन्होंने बताया कि गंभीर अवसाद के साथ संघर्ष ने उनकी आत्म-चिंतन की प्रक्रिया को गहराई दी।
    “मैं खतरनाक अवसाद में था। मैं सो नहीं पाता था। मैंने सोचा, यह दिमाग क्या है, यह प्रणाली क्या है, क्यों मैं सो नहीं सकता। फिर मैंने मनोविज्ञान का अध्ययन किया,” उन्होंने कहा।

    अभय सिंह,  IIT Baba
    अभय सिंह,  IIT Baba

    विज्ञान और आध्यात्मिकता का मत 

    उन्होंने इस्कॉन की शिक्षाओं और जे. कृष्णमूर्ति के दार्शनिक दृष्टिकोण से प्रेरणा ली। फोटोग्राफी के प्रति उनके जुनून ने भी नई दृष्टियों को उजागर किया और उनकी आध्यात्मिक प्रगति को बढ़ावा दिया।
    “मैं कहीं भी फंसना नहीं चाहता। जब कोई व्यक्ति कहीं भी फंसता नहीं है, तो वह स्वतंत्र हो जाता है,” वे कहते हैं।

    Also Read This: Mahakumbh 2025 : संगम में आस्था का सैलाब और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था

    आज,  IIT Baba अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आध्यात्मिक मार्गदर्शन में बदलते हैं। वे योग, वैदिक सूत्र और आध्यात्मिक अभ्यासों का प्रचार करते हैं, ताकि मोक्ष की तलाश करने वालों को सही राह मिल सके।

  • Mahakumbh 2025 : संगम में आस्था का सैलाब और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था

    Mahakumbh 2025 : संगम में आस्था का सैलाब और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था

    Mahakumbh 2025

    श्रद्धालुओं ने कहा कि उनका अनुभव अच्छा रहा और प्रशासन ने उनके लिए उचित प्रबंध किए हैं। मकर संक्रांति के दिन संगम में श्रद्धालुओं का पोंटून पुल से गुजरना 14 जनवरी, 2025 हिंदू श्रद्धालु उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर पोंटून पुल से गुजरते नजर आए।

    हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी श्रद्धालुओं का जोश

    15 जनवरी, 2025 को बुधवार के दिन Mahakumbh 2025  में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालु उत्साह और ऊर्जा से भरे हुए नजर आए।
    ‘हर हर महादेव’, ‘जय श्री राम’ और ‘जय गंगा मैय्या’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने ठंडे पानी में डुबकी लगाई।

    Mahakumbh 2025 : पहली बार संगम में स्नान का अनुभव

    बस्ती जिले के निवासी 62 वर्षीय निबर चौधरी ने कहा, “यह पहली बार था जब मैंने संगम में डुबकी लगाई। डुबकी लगाने के बाद मैं ताजगी महसूस कर रहा हूं।”
    चौधरी को संगम क्षेत्र तक ले जाने के लिए दो लोगों ने उनका साथ दिया।

    श्रद्धालुओं ने व्यवस्था को सराहा

    • शिवराम वर्मा: चौधरी के साथ आए शिवराम वर्मा ने अनुभव को अच्छा बताया और कहा कि प्रशासन ने यहां श्रद्धालुओं के लिए उचित प्रबंध किए हैं।
    • नैंसी (लखनऊ निवासी): पहली बार महाकुंभ में आईं नैंसी ने कहा, “महाकुंभ में मेरा अनुभव अब तक अच्छा रहा है।”
    • अभिषेक (फतेहपुर निवासी): उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर अनुभव अच्छा रहा और मुझे कोई समस्या नहीं हुई।”
    • विजय कथेरिया (कानपुर निवासी): उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा, “मेरा अनुभव अच्छा रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध किए गए थे और पर्याप्त पुलिस बल तैनात था।”
    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    अमृत स्नान और नागा साधुओं का प्रदर्शन

    मंगलवार को विभिन्न अखाड़ों से जुड़े साधुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर Mahakumbh 2025  में पहला अमृत स्नान किया।
    आंकड़े: मकर संक्रांति के दिन लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया।
    नागा साधु:

    • भस्म-लेपित नागा साधुओं ने पारंपरिक हथियारों के कौशल का प्रदर्शन किया।
    • भाले और तलवार चलाने से लेकर ‘डमरू’ बजाने तक, उनका प्रदर्शन प्राचीन परंपराओं का जीवंत उत्सव था।
    • पुरुष नागा साधुओं के अलावा बड़ी संख्या में महिला नागा साध्वियां भी उपस्थित थीं।

    144 वर्षों बाद विशेष संयोग में हो रहा महाकुंभ

    Mahakumbh 2025 का वर्तमान संस्करण 12 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है, लेकिन संतों का कहना है कि इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति 144 वर्षों बाद बन रही है, जिससे यह आयोजन और भी शुभ हो गया है।

    Also Read This: Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम – तिथियां, मुख्य आकर्षण और महत्व

    महाकुंभ का यह महापर्व 26 फरवरी तक चलेगा।

  • Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम – तिथियां, मुख्य आकर्षण और महत्व

    Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम – तिथियां, मुख्य आकर्षण और महत्व

    Mahakumbh 2025
    पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सोमवार को Mahakumbh 2025 जिसे पृथ्वी पर सबसे बड़े धार्मिक मेल जोल  के रूप में मनाया जाता है, आरंभ हुआ। अनुमान है कि लगभग 1.5 करोड़ (15 मिलियन) श्रद्धालु गंगा, यमुना और काल्पनिक सरस्वती के पवित्र संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। इस आयोजन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    Mahakumbh 2025 : ‘शाही स्नान’ से शुभारंभ

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह आयोजन पौष पूर्णिमा के दिन ‘शाही स्नान’ के साथ शुरू हुआ। इस दिन एक दुर्लभ खगोलीय संयोग होता है, जो हर 144 वर्षों में एक बार आता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में त्रिवेणी संगम पर इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए हैं।

    शाही स्नान
    शाही स्नान

    Mahakumbh 2025 मेले का समापन प्रमुख स्नान और दिनाँक

    Mahakumbh 2025  मेला 26 फरवरी को ख़तम होगा। इस दौरान प्शाही स्नान की तिथि निम्न हैं:

    • 14 जनवरी: मकर संक्रांति
    • 29 जनवरी: मौनी अमावस्या
    • 3 फरवरी: वसंत पंचमी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

    उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने Mahakumbh 2025 के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे UP और भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौभाग्य को अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

    Mahakumbh 2025
    CM yogi

    नमामि गंगे द्वारा भव्य यज्ञ

    महाकुंभ की पूर्व संध्या पर नमामि गंगे टीम ने संगम पर बड़े पैमाने पर यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में 200 से अधिक गंगा सेवादूतों और हजारों अन्य लोगों ने भाग लिया। उन्होंने गंगा की स्वच्छता और प्रवाह को बनाए रखने का संकल्प लिया। इस आयोजन में गंगा स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले भारत के युवाओं को भी सम्मानित किया गया।

    सुरक्षा व्यवस्था

    Mahakumbh 2025 की शुरुआत के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NDRF की टीमों और उत्तर प्रदेश पुलिस की जल पुलिस इकाइयों को तैनात किया गया है।

    यातायात व्यवस्था

    Mahakumbh 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वाहनों के आने जाने को सरल  बनाने के लिए यातायात पुलिस ने व्यापक योजना तैयार की है।

    यातायात व्यवस्था
    यातायात व्यवस्था

    QR CODE  की स्थापना

    महाकुंभ क्षेत्र के 25 सेक्टरों में 50,000 से अधिक क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। ये QR Code तीर्थयात्रियों को उनकी लोकेशन की पहचान करने और बिजली से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने में मदद करेंगे।

    हेलीकॉप्टर सैर

    Mahakumbh 2025 क्षेत्र और प्रयागराज शहर का हवाई दृश्य देखने के लिए हेलीकॉप्टर राइड की कीमत घटाकर ₹1,296 प्रति व्यक्ति कर दी गई है। 7-8 मिनट की यह राइड 13 जनवरी से शुरू होगी, जो पर्यटकों को कुंभ क्षेत्र का अनोखा अनुभव देगी।

    Also Read This: Mahakumbh 2025 : श्रद्धा, सुरक्षा और तकनीक का अनोखा संगम  

    राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अस्पताल

    Mahakumbh 2025  में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भदोही जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर औराई, गोपीगंज और उंज थाना क्षेत्रों में तीन अस्पताल स्थापित किए गए हैं। ये सुविधाएं 14 जनवरी से पूरी तरह से संचालित हो जाएंगी। इस बारे में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मंगलीक ने जानकारी दी।

  • Mahakumbh 2025 : श्रद्धा, सुरक्षा और तकनीक का अनोखा संगम 

    Mahakumbh 2025 : श्रद्धा, सुरक्षा और तकनीक का अनोखा संगम 

    प्रयागराज पुलिस ने Mahakumbh 2025 के लिए शहर के चारों ओर लम्बा चौड़ा  सुरक्षा व्यवस्था की है। यह आयोजन, जो हर 12 साल में होता है, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इसमें लगभग 45 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

    सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की तैयारी

    उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रयागराज और उसके आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर एक मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    Mahakumbh 2025 के लिए सुरक्षा व्यवस्था

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, पुलिस ने सात महत्वपूर्ण मार्गों पर 102 चौकियों के साथ एक सर्कुलर सुरक्षा सिस्टम स्थापित की है। इन चौकियों पर वाहनों और व्यक्तियों की जांच और तलाशी की जा रही है।
    DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि 40,000 पुलिस कर्मियों और साइबर अपराध विशेषज्ञों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए एक निगरानी जाल तैयार किया है।

    सुरक्षा बलों की तैनाती और संसाधन

    • 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी, जिनमें 71 निरीक्षक, 234 उपनिरीक्षक, और 645 कांस्टेबल शामिल हैं, 102 चौकियों पर तैनात किए गए हैं।
    • 113 होम गार्ड्स और PRD (प्रांतीय रक्षक दल) जवान भी सुरक्षा निगरानी में सहायता कर रहे हैं।
    • पांच वज्र वाहन, 10 ड्रोन, और चार एंटी-सबोटाज टीमें चौबीसों घंटे गश्त करेंगी।
    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    “अगम्य सुरक्षा चक्रव्यूह” की तैनाती

    उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रयागराज में मंदिरों और अखाड़ों सहित महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए “अगम्य सुरक्षा चक्रव्यूह” लागू किया है। राज्य आतंकवाद-रोधी दस्ते (ATS), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) के साथ मिलकर मॉक ड्रिल्स आयोजित की गई हैं।

    एडवांस्ड तकनीक का उपयोग

    • 2,700 AI-इनेबल्ड कैमरे कुंभ क्षेत्र के चारों ओर लगाए गए हैं।
    • 113 पानी के भीतर ड्रोन जलमार्गों की निगरानी करेंगे।
    एडवांस्ड तकनीक का उपयोग
    एडवांस्ड तकनीक का उपयोग

    Mahakumbh 2025 की महत्वपूर्ण तिथियां

    Mahakumbh 2025 का समापन 26 फरवरी को होगा। मुख्य स्नान दिवस, जिन्हें शाही स्नान कहा जाता है, इस प्रकार हैं:

    • 14 जनवरी (मकर संक्रांति)
    • 29 जनवरी (मौनी अमावस्या)
    • 3 फरवरी (बसंत पंचमी)

    Also Read This: डिजिटल महाकुंभ (Digital Mahakumbh): महाकुंभ में बिछड़ने वालों को अपनों से मिलाएंगे AI कैमरे, फेसबुक और ‘X’ भी करेंगे मदद

    संगम पर श्रद्धालुओं का समागम : गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के संगम पर आयोजित महाकुंभ 2025 में करोड़ों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

  • प्रयागराज Mahakumbh विवाद: वक्फ प्रॉपर्टी पर दावे की सच्चाई और इसके प्रभाव

    प्रयागराज Mahakumbh विवाद: वक्फ प्रॉपर्टी पर दावे की सच्चाई और इसके प्रभाव

    Mahakumbh आयोजन और विवाद की शुरुआत
    प्रयागराज में महाकुंभ(Mahakumbh) के आयोजन को लेकर एक नई और संवेदनशील विवाद की शुरुआत हुई है। स्थानीय मुसलमानों ने दावा किया है कि जिस भूमि पर महाकुंभ(Mahakumbh) का आयोजन किया जा रहा है, वह वक्फ की प्रॉपर्टी है। इस दावे ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, और बात आगे बढ़ गया।

    54 बीघा जमीन पर वक्फ का दावा

    स्थानीय मुसलमानों ने 54 बीघा जमीन को प्रॉपर्टी संपत्ति बताया है। उनका कहना है कि यह जमीन ऐतिहासिक रूप से वक्फ बोर्ड की देखरेख में रही है। इसी जमीन पर संतों के अखाड़े और अन्य धार्मिक गतिविधियों के आयोजन स्थल बने हुए हैं। इस दावे के साथ उन्होंने कानूनी और ऐतिहासिक आधार पर अपनी बात को सही ठहराने की कोशिश की है।

    मुसलमानों की एंट्री पर सवाल

    दावा करने वाले मुसलमानों का कहना है कि वक्फ की जमीन पर मुसलमानों की एंट्री को रोका नहीं जा सकता। उनका यह भी कहना है कि अगर यह वक्फ की प्रॉपर्टी है, तो यहां पर उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता सुनिश्चित होनी चाहिए। यह मुद्दा न केवल धार्मिक अधिकारों बल्कि सामाजिक एकता पर भी सवाल उठाता है।

    महाकुंभ(Mahakumbh) और वक्फ विवाद की गंभीरता

    महाकुंभ(Mahakumbh) जैसे ग्लोबल और पवित्र आयोजन पर इस विवाद का असर पड़ सकता है। यह आयोजन न केवल हिंदू धर्म का रिप्रजेंटेशन करता है, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। वक्फ प्रॉपर्टी पर दावा करने वालों ने प्रशासन और धार्मिक संगठनों को एक कठिन परिस्थिति में डाल दिया है।

    आगे की संभावनाएं और समाधान

    इस विवाद के समाधान के लिए प्रशासन, वक्फ बोर्ड, और धार्मिक संगठनों के बीच सामंजस्य और संवाद जरूरी है। कानूनी विशेषज्ञों और इतिहासकारों को भी इस मुद्दे पर अपनी राय देनी होगी, ताकि ऐतिहासिक तथ्यों और संवैधानिक अधिकारों के आधार पर हल निकाला जा सके।

    Also Read This: Mahakumbh 2025: प्रयागराज में 24×7 बिजली के लिए यूपी सरकार ने अलॉट किए ₹400 करोड़

    महाकुंभ(Mahakumbh) जैसे भव्य आयोजन को विवादों से दूर रखना सभी पक्षों की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस संवेदनशील मुद्दे को हल करने के लिए शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक एकता के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की जरूरत है।