Tag: GDP growth

  • 7.8% GDP Growth के बीच PM मोदी का स्वदेशी मंत्र : सोना खरीदने और विदेशों में शादी से बचने की अपील

    7.8% GDP Growth के बीच PM मोदी का स्वदेशी मंत्र : सोना खरीदने और विदेशों में शादी से बचने की अपील

    7.8% GDP Growth के बीच PM मोदी का स्वदेशी मंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बार फिर आत्मविश्वास जताया है। 7.8% GDP Growth को देश की आर्थिक क्षमता का संकेत बताते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील भी की और ऐसे खर्चों से बचने का संदेश दिया, जो देश की पूंजी को बाहर ले जाते हैं।

    प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और बदलते व्यापारिक माहौल के बीच अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। 7.8% GDP Growth वृद्धि को न केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि इसे भारतीय उपभोक्ता, उद्योग और निवेश माहौल की ताकत के रूप में भी देखा जा रहा है।

    7.8% GDP Growth : भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर पीएम का भरोसा

    PM मोदी ने कहा कि भारत ने कई कठिन परिस्थितियों के बावजूद विकास की गति को बनाए रखा है। उनके अनुसार, यह उपलब्धि देश के मेहनतकश नागरिकों, उद्यमियों, किसानों, श्रमिकों और युवाओं की सामूहिक ऊर्जा का परिणाम है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत की आर्थिक यात्रा अब केवल वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्थानीय उत्पादन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

     

    View this post on Instagram

     

    A post shared by AVSPOST (@avspost)

    7.8% GDP Growth का आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं धीमी वृद्धि से जूझ रही हैं। इससे यह संदेश भी जाता है कि भारत घरेलू मांग, निवेश और सेवा क्षेत्र के दम पर अपनी विकास गति बनाए रखने में सक्षम है।

    स्वदेशी अपनाने पर जोर क्यों?

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वदेशी को आर्थिक मजबूती का आधार बताया। उनका संदेश स्पष्ट था कि अगर देशवासी स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तो इससे न केवल घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्वदेशी अपनाने का अर्थ केवल भारतीय ब्रांड खरीदना नहीं है, बल्कि स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को समर्थन देना भी है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, स्वदेशी की भावना उपभोक्ता व्यवहार को बदल सकती है और आयात पर निर्भरता कम कर सकती है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होती है और देश की आर्थिक परिसंचरण प्रणाली मजबूत होती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश आर्थिक नीति और जनभागीदारी, दोनों के स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सोना खरीदने और विदेशों में शादी से बचने की अपील

    प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऐसे खर्चों में संयम बरतने की अपील की, जिनसे भारत की बड़ी रकम विदेशों में चली जाती है। उन्होंने विशेष रूप से सोना खरीदने और विदेशों में शादी जैसे आयोजनों पर होने वाले भारी खर्चों से बचने का संदेश दिया। उनका तर्क था कि यदि यह धन देश के भीतर ही खर्च किया जाए, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।

    सोना भारतीय परिवारों में पारंपरिक निवेश और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन अत्यधिक आयात के कारण यह देश के व्यापार घाटे पर दबाव डालता है। इसी तरह, विदेशों में भव्य शादियों पर होने वाला खर्च भी भारतीय पूंजी को बाहर ले जाता है। प्रधानमंत्री का संदेश इस दिशा में था कि नागरिक अपने खर्चों को अधिक जिम्मेदार और राष्ट्रहितकारी बनाएं।

    7.8% GDP Growth के बीच PM मोदी का स्वदेशी मंत्र : सोना खरीदने और विदेशों में शादी से बचने की अपील
    7.8% GDP Growth के बीच PM मोदी का स्वदेशी मंत्र : सोना खरीदने और विदेशों में शादी से बचने की अपील

    घरेलू खपत से कैसे मजबूत होगी अर्थव्यवस्था?

    जब उपभोक्ता स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को चुनते हैं, तो उसका सीधा असर उत्पादन, रोजगार और कर संग्रह पर पड़ता है। घरेलू खपत बढ़ने से छोटे व्यवसायों को विस्तार का अवसर मिलता है, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है और देश के भीतर ही आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं। यही कारण है कि स्वदेशी को केवल नारा नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

    भारत जैसे बड़े बाजार में यदि उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव आता है, तो उसका असर व्यापक होता है। स्थानीय कपड़ा, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवा क्षेत्र को इससे बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है। प्रधानमंत्री का स्वदेशी मंत्र इसी व्यापक आर्थिक सोच को दर्शाता है।

    आत्मनिर्भर भारत की दिशा में संदेश

    PM मोदी का यह बयान आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को और मजबूत करता है। सरकार लंबे समय से स्थानीय निर्माण, नवाचार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात वृद्धि पर जोर देती रही है। ऐसे में स्वदेशी अपनाने की अपील नीतिगत दिशा और जनसामान्य के व्यवहार के बीच एक पुल का काम करती है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत में उपभोक्ता और उद्योग दोनों स्थानीय संसाधनों को प्राथमिकता दें, तो देश की विकास यात्रा और अधिक संतुलित, टिकाऊ और समावेशी बन सकती है। 7.8% GDP Growth इस बात का संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में क्षमता मौजूद है, और सही दिशा में उपभोक्ता समर्थन इसे और मजबूत बना सकता है।

    Also Read This : Delhi CNG Price hike : दिल्ली में CNG के दाम करीब 4 रुपये बढ़े, रक्षाबंधन पर महंगाई का झटका

    7.8% GDP Growth : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशवासियों से आर्थिक राष्ट्रवाद और जिम्मेदार उपभोग की अपील भी है। 7.8% GDP Growth के बीच उनका PM मोदी स्वदेशी मंत्र भारतीय अर्थव्यवस्था को घरेलू मांग, स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता के रास्ते और आगे ले जाने का संकेत देता है।

  • Sensex, Nifty: 3 कारण क्यों शेयर बाजार आज बढ़ रहा है

    Sensex, Nifty: 3 कारण क्यों शेयर बाजार आज बढ़ रहा है

    Sensex और Nifty में आज तेजी देखी गई, क्योंकि GDP वृद्धि दर 6.2% रही, जो उम्मीदों के अकॉर्डिंग था। फरवरी के ऑटो बिक्री आंकड़े मजबूत रहे, जिससे बाजार को समर्थन मिला। इसके अलावा, फॉरेन इन्वेस्टर्स (FIIs) की सेल्लिंग आउट में कमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने बाजार को मजबूती दी। 

    Sensex और Nifty में तेजी

    Sensex 73,593.26 पर पहुंच गया, जो 395.16 अंकों (0.54%) की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, Nifty 22,243.85 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 119.15 अंकों (0.54%) की बढ़त दर्ज की गई। एशिया में भी ज्यादातर बाजार तेजी में थे, जापानी Nikkei 1.4% की वृद्धि के साथ सबसे ज्यादा बढ़ा।

    Stock Market SenSex
    Stock Market SenSex

    Share Market में तेजी के 3 मुख्य कारण

    1. GDP वृद्धि अनुमान के अकॉर्डिंग रहा

      • भारत की GDP दिसंबर क्वार्टर में 6.2% बढ़ी, जो सितंबर क्वार्टर के 5.6% से अधिक थी।
      • HSBC ने बताया कि पहले के GDP आंकड़ों को मॉडिफाइड कर ऊपर किया गया, जिससे अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि के संकेत मिलते हैं।
    2. ऑटोमोबाइल सेक्टर में शानदार प्रदर्शन

      • फरवरी के ऑटो बिक्री आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे।
      • Mahindra & Mahindra (M&M) और Eicher Motors जैसी कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों की धारणा बेहतर हुई।
    3. फॉरेन इन्वेस्टर्स (FIIs) की बिकवाली में कमी

      • भारतीय शेयर मार्केट  में हाई कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स की आकर्षक दरों के कारण हाल ही में FII की सेल्लिंग आउट जारी थी।
      • हालांकि, अब अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.21% पर आ गई है, जिससे फॉरेन इन्वेस्टर्स की सेल्लिंग आउट घट सकती है।
    FIIs
    FIIs

    Sensex के लिए लॉन्ग टर्म निवेश अवसर

    Geojit Financial Services के मुख्य निवेश स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने कहा, “Sensex में हालिया गिरावटलॉन्ग टर्म के इन्वेस्टर्स के लिए हाई गुणवत्ता वाले स्टॉक्स खरीदने का एक अच्छा अवसर है।”

    Also Read This: भारत की GDP में निजी उपभोग की हिस्सेदारी बढ़ने से वृद्धि संतुलित हो रही है 2024-25

    उन्होंने यह भी बताया कि मार्केट के निचले स्तर (bottom-out) की भविष्यवाणी करना मुश्किल है, लेकिन मौजूदा समय में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए निवेश शुरू करना एक समझदारी भरा निर्णय हो सकता है।

    • Sensex और Nifty में उछाल GDP ग्रोथ, मजबूत ऑटो बिक्री और फॉरेन इन्वेस्टर्स की सेल्लिंग आउट में कमी के कारण हुआ।
    • मार्केट में मौजूदा करेक्शन इन्वेस्टर्स को अच्छी गुणवत्ता वाले स्टॉक्स खरीदने का अवसर प्रदान कर रहा है।
  • भारत की GDP में निजी उपभोग की हिस्सेदारी बढ़ने से वृद्धि संतुलित हो रही है 2024-25

    भारत की GDP में निजी उपभोग की हिस्सेदारी बढ़ने से वृद्धि संतुलित हो रही है 2024-25

    हाल ही में घोषित 2024-25 की थर्ड क्वार्टर एस्टीमेट के GDP अनुमान, 2024-25 के दूसरे सेकंड एडवांस एस्टीमेट, और 2023-24 और 2022-23 के मॉडिफाइड व अंतिम GDP अनुमान कुछ पहले किए गए अनुमानों में बड़े सुधार को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, 2023-24 की GDP वृद्धि दर के अनुमान को 100 बेसिस प्वाइंट्स की तेज बढ़ोतरी के साथ 8.2% से 9.2% कर दिया गया है, जिससे यह फाइनेंसियल ईयर पिछले दशक में सबसे तेज वृद्धि में से एक बन गया है।

    तेजी से बढ़ता सार्वजनिक और घरेलू निवेश

    जैसा कि अनुमान था, फाइनेंसियल ईयर 2024 में सार्वजनिक और घरेलू निवेश जीडीपी वृद्धि के प्रमुख घटक बने।

    भारत की GDP में संतुलन आ रहा है

    अच्छी खबर यह है कि भारत की आर्थिक वृद्धि अधिक संतुलित हो रही है, क्योंकि फाइनेंसियल ईयर 2025 में जीडीपी में प्रिवेट कंज़म्प्शन की हिस्सेदारी बढ़ी है। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी एडवांस अनुमान में 10 बेसिस प्वाइंट (bps) की मामूली वृद्धि के साथ GDP वृद्धि दर 6.5% पर पहुंच गई है, जो कोविड के पहले दशक के औसत 6.6% के करीब है।

    GDP में पिछले वर्ष की तेज वृद्धि

    क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा, “और यह पिछले वर्ष की जीडीपी वृद्धि में 100 bps की तीव्र वृद्धि के बाद है, जो 9.2% थी।” उन्होंने यह भी कहा कि  फाइनेंसियल ईयर 2025 में जीडीपी वृद्धि 6.5% रहने की उम्मीद है, जिसे सामान्य मानसून, कम फ़ूड इन्फ्लेशन और इस महीने शुरू हुई दर कटौती (75-100 bps) का समर्थन मिलेगा।

    GDP
    GDP

    GDP और कॉर्पोरेट निवेश पर प्रभाव

    हालांकि, सार्वजनिक और घरेलू निवेश में वृद्धि देखने को मिली, लेकिन कॉर्पोरेट क्षेत्र में जीडीपी योगदान अब भी सीमित है। फाइनेंसियल लचीलापन और कम लोन भार के बावजूद, कंपनियों ने निवेश में अधिक गार्डनेस्स दिखाई है। चल रहे टैरिफ युद्ध और चीन से संभावित डंपिंग का डर जीडीपी में कॉर्पोरेट निवेश को धीमा कर सकता है।

    टैरिफ जोखिम और भारत की GDP पर प्रभाव

    जोशी ने कहा, “टैरिफ नीतियों से उत्पन्न होने वाले जोखिम विकसित हो रहे हैं और आने वाले महीनों में और अधिक उपायों की संभावना है, जिससे जीडीपी फॉरकास्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।” वित्तीय वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में जीडीपी वृद्धि दर 6.2% तक तेज हो गई, जो दूसरी तिमाही के संशोधित आंकड़े 5.6% से अधिक थी।

    Also Read This: Digital Arrest Scam: The Shocking Cyber Fraud Exploiting Fear and Trust! 2025

    GDP, आर्थिक वृद्धि और राजकोषीय घाटा

    अब वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि 6.5% अनुमानित की गई है, जबकि 2023-24 के लिए GDP वृद्धि दर संशोधित होकर 12 वर्षों के उच्चतम स्तर 8.2% पर पहुंच गई है। इस बीच, वर्तमान फाइनेंसियल ईयर(अप्रैल-जनवरी) में भारत का राजकोषीय घाटा 11.70 लाख करोड़ रुपये या वार्षिक अनुमान का 74.5% रहा।