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  • Delhi Police ने बताया : अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी हिरासत में, एहतियातन कार्रवाई जारी

    Delhi Police ने बताया : अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी हिरासत में, एहतियातन कार्रवाई जारी

    Delhi Police ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। पुलिस के मुताबिक, तीनों व्यक्ति अभी भी पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया है। इस जानकारी के बाद उनके बारे में फैल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। फिलहाल तीनों की निगरानी जारी है और आगे की कार्रवाई परिस्थितियों के आकलन के बाद तय की जाएगी।

    एहतियातन हिरासत क्या होती है?

    एहतियातन हिरासत यानी Preventive Detention एक ऐसी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें किसी संभावित स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए व्यक्ति को अस्थायी रूप से हिरासत में रखा जाता है। इसका उद्देश्य किसी भी तरह की शांति-व्यवस्था भंग होने की आशंका को टालना होता है।

    यह हिरासत सामान्य आपराधिक गिरफ्तारी से अलग मानी जाती है, क्योंकि इसमें प्राथमिक फोकस किसी अपराध के बाद की कार्रवाई पर नहीं, बल्कि संभावित जोखिम को रोकने पर होता है। दिल्ली पुलिस ने इसी आधार पर तीनों को हिरासत में बनाए रखने की बात कही है।

     

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    तीनों की मौजूदा स्थिति क्या है?

    Delhi Police के अनुसार, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी पुलिस की निगरानी में हैं। उन्हें फिलहाल रिहा नहीं किया गया है और न ही उनके मामले में तत्काल किसी बदलाव की जानकारी सामने आई है।

    सूत्रों का कहना है कि तीनों पर एहतियातन कार्रवाई इसलिए की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या तनावपूर्ण माहौल को रोका जा सके। हालांकि, पुलिस ने इस बारे में विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।

    Delhi Police की आगे की योजना

    Delhi Police का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस फिलहाल शांति बनाए रखने और हालात को नियंत्रण में रखने पर है।

    अधिकारियों के मुताबिक, हर कदम मौजूदा परिस्थितियों और सुरक्षा आकलन के आधार पर तय किया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य रहती है, तो आगे की प्रक्रिया में बदलाव संभव है।

    क्यों चर्चा में आया यह मामला?

    अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर सवाल इसलिए उठे क्योंकि उनके ठिकाने और स्थिति को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही थीं। ऐसे में Delhi Police के स्पष्टीकरण ने यह साफ कर दिया कि तीनों व्यक्ति कहीं बाहर नहीं हैं, बल्कि पुलिस हिरासत में ही हैं।

    Delhi Police ने बताया : अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी हिरासत में, एहतियातन कार्रवाई जारी
    Delhi Police ने बताया : अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी हिरासत में, एहतियातन कार्रवाई जारी

    इस स्पष्टीकरण के बाद अब मुख्य सवाल यह है कि आगे उनकी हिरासत को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि सुरक्षा और एहतियात को प्राथमिकता दी जा रही है।

    कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम है यह कदम

    किसी भी संवेदनशील स्थिति में पुलिस और प्रशासन का पहला लक्ष्य शांति बनाए रखना होता है। इसी वजह से कई बार एहतियातन हिरासत जैसे कदम उठाए जाते हैं। Delhi Police का यह निर्णय भी इसी दिशा में देखा जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में सार्वजनिक व्यवस्था, संभावित प्रतिक्रिया और सुरक्षा जोखिमों का आकलन किया जाता है। उसके बाद ही हिरासत या रिहाई को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाता है।

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    फिलहाल यह स्पष्ट है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं और उन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने संकेत दिया है कि आगे की कार्रवाई हालात के अनुसार तय होगी। इस बीच, मामले पर नजर बनी हुई है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने में जुटा है।

  • दिल्ली में सरकारी अस्पताल की डाक्टर को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म

    दिल्ली में सरकारी अस्पताल की डाक्टर को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म

    नई दिल्ली। दिल्ली के केशवपुरम थाना क्षेत्र में एक डाक्टर को बंधक बनाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों की पहचान देवाशीष जैन व उसके दोस्त पीयूष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार 29 वर्षीय डाक्टर एक सरकारी अस्पताल में तैनात हैं। आरोपित देवाशीष से वह एक एप के माध्यम से मिली थी। जब डाक्टर देवाशीष जैन से मिलने गई तो बंधक बनाकर पहले देवाशीष ने उससे दुष्कर्म किया व फिर पीयूष ने। इसके बाद आरोपितों ने डाक्टर को धमकी दी कि अगर वह इसकी शिकायत करेंगी तो वह उन पर चोरी के मकसद से उनके घर में घुसने का आरोप लगाएंगे।

    सूत्रों के अनुसार डाक्टर एक एप के माध्यम से आरोपित देवाशीष जैन से मिली थी। 27 फरवरी को वह आरोपित के साथ काफी पीने गई। इसके बाद 28 फरवरी को देवाशीष ने डाक्टर को अपने घर पर बुलाया। यहां पर आरोपित ने पहले बहाने से उसके कपड़ों पर पानी गिरा दिया, फिर उसको पहनने के लिए अपने कपड़े दे दिए। कपड़े भीग गए थे और डाक्टर को ठंड लग रही थी तो डाक्टर को आरोपित के कपड़े पहनने पड़े। इसके बाद आरोपित डाक्टर से छेड़छाड़ करने लगा। जब डाक्टर ने मना किया तो उससे जबरदस्ती करने लगा व मारपीट कर उनके हाथ, पैरों को बांध दिया। इसके बाद आरोपित ने डाक्टर के साथ दुष्कर्म किया व अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए।

    हैवानियत कि हद तो तब हो गई, जब वह दुष्कर्म के बाद डाक्टर को अपने घर में बंधक बनाकर घर के एक कमरे में बंद कर बाहर चला गया व अपने दोस्त पीयूष को भी बुलाकर लाया। इसके बाद पीयूष ने भी डाक्टर से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपितों ने डाक्टर को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वह झूठे केस में उन्हें फंसा देंगे। किसी तरह डाक्टर उनके चंगुल से बचकर पुलिस स्टेशन पहुंची व पुलिस को आपबीती बताई। पुलिस ने डाक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

  • फिल्म ‘पुष्पा’ देखकर नाबालिग के मन में आया खतरनाक मंसूबा, सरेराह युवक को मार डाला, बनाया वीडियो

    नई दिल्ली। वर्चस्व कायम की नियत से इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करने के मकसद से तीन किशोराें ने जहांगीरपुरी में युवक की हत्या कर दी। इनमें एक नाबालिग ने पूरी वारदात का वीडियो बना ली। लेकिन इससे पूर्व कि तीनों वीडियो को अपलोड कर पाते कि पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। तीनों आरोपितों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। तीनों गैंगस्टर मूवी से प्रभावित होकर इलाके में रौब गांठना चाहते थे। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू, मोबाइल फोन आदि बरामद कर लिया है। पुलिस को उनके मोबाइल फोन में करीब ढाई सौ वीडियो मिले हैं, जिनमें वे किसी की पिटाई करते हुए तो कभी हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय शिबू जहांगीरपुरी में रहते थे। वह बुधवार दोपहर जहांगीरपुरी स्थित रामलीला मैदान में बैठे थे। उसी दौरान तीनों किशोर वहां पहुंच गए। उन्होंने अकेले बैठे शिबू से पहले बदतमीजी शुरू कर दी। उन्हें डांटा। ऐसे में उन्होंने विरोध किया तो नााबालिगों उनकी डंडे से पहले पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद एक ने शिबू के दाेनों हाथों को पीछे से पकड़ लिया व दूसरे ने उनके पेट में चाकू घोंपकर घुमा दिया। इस दौरान तीसरा पूरी घटनाक्रम का वीडियो बनाता रहा। चाकू लगने व पिटाई से शिबू जब लहुलुहान होकर गिर पड़े तो तीनों वहां से भाग गए। इसके बाद आसपास के लोगों ने उन्हें बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

    उत्तर पश्चिम जिले की डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि अस्पताल से ही पुलिस को वारदात की जानकारी मिली। ऐसे में पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर एसीपी जहांगीरपुरी तिलकचंद्र बिष्ट की देखरेख में इंस्पेक्टर वरुण दलाल के नेतृत्व में टीम गठित की। जांच के क्रम में पुलिस को वारदात में तीन लड़कों के शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज आराेपित चाकू लहराते हुए नजर आए। ऐसे में उनकी पहचान कर उन्हें रात में ही दबोच लिया गया। जांच में पता चला कि तीनों आरोपित नाबालिग हैं।

    खुद को सुरक्षित किया, दूसरे की ली जान
    जांच में पता चला कि वारदात के समय करीब 15 वर्षीय तीनों नाबालिग कोरोनारोधी टीका लगवा कर लौट रहे थे। तभी उनकी नजर पार्क में बैठे शिबूु पर पड़ गई तो वहां पहुंच गए। तीनों गैंगस्टर जैसी मूवी से प्रभावित होकर उसी की तरह जीवनशैली अपनाना चाहते थे। उन्हाेंने बदनाम गैंग भी बना रखा था। तीनों नाबालिगों ने इलाके में अपनी दहशत फैलाने के लिए इस पूरी घटना की वीडियो बनाई। आरोपित भागने के क्रम में रास्ते में इलाके के विभिन्न वाट्सएप ग्रुप में हत्या की घोषणा करते हुए जा रहे थे। एक नाबालिग ने वाट्सएप ग्रुप में लिखा है कि वे हत्या के जुर्म में बाल सुधार गृह जाने वाले हैं, लेकिन तीन माह में छूट कर दोबारा आ जाएंगे।

  • प्यार अंधा ही नहीं लुटेरा भी बना देता है, वेलेंटाइन डे पर प्रेमिका से शादी करने के लिए चोर बन गया युवक

    नई दिल्ली। वेलेंटाइन डे के दिन प्रेमिका से शादी करने और ऐसो आराम की जिंदगी जीने के लिए एक प्रेमी अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। इसकेलिए उसने पहले अपराध से जुड़े कई टीवी सीरीयल देखे और अपराध के बाद बचने के तरीकों को सीखा। लेकिन दिल्ली पुलिस के आगे उसकी सारी तरकीबे काम न आई। लाहौरी गेट थाना पुलिस ने आरोपित मुहम्मद जैद को चोरी की एक वारदात के बाद 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की खंगालने के बाद दबोच लिया। आरोपित के पास से चाेरी के नकदी और गहने बरामद किए गए हैं।

    जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी के मुताबिक, लहौरी गेट इलाके में रात को हाल में चोरी की कई वारदात हुई थीं। वहीं, 18 जनवरी की रात को फहीमुद्दीन के घर में चोरी की सूचना मिली। पीड़ित ने बताया कि वह पत्नी के साथ शाम को रिश्तेदार के घर गए थे। लौटे तो देखा की घर के दरवाजे खुले हुए थे और सामान चोरी हो गया था।

    एसीपी कोतवाली अक्षत कौशल की देखरेख में एसआइ संदीप और एसआइ रमाकांत के नेतृत्व में दो टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमारों के फुटेज खंगाले तो आरोपित का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपित जैद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी फेसबुक फ्रेंड से 14 फरवरी को निकाह करना चाहता है। कुछ माह पहले तक पह पुरानी दिल्ली के बाजारों में दुकानों तक ग्राहक लाने का काम करता था। लेकिन हाल के दिनों उसके काम में काफी गिरावट आ गई थी। ऐसे में वह चोरी करने लगा। उसके इसके लिए उसने टीवी सीरीयल आदि देखे। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपित के द्वारा अब तक चोरी की गई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है।