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  • CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 : 9195 पदों पर सुनहरा अवसर, 20 अप्रैल से शुरू होगा आवेदन

    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 : 9195 पदों पर सुनहरा अवसर, 20 अप्रैल से शुरू होगा आवेदन

    केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने हाल ही में CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 का ऑफिसियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती 10वीं पास युवाओं और अलग – अलग  ट्रेड्स में स्किल रखने वाले उम्मीदवारों के लिए एक शानदार मौका है।

    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 के तहत कुल 9,195 पद भरे जाएंगे, जिसमें मुख्य रूप से Constable (Technical & Tradesmen) के 9,175 पद और Pioneer Wing के 20 पद शामिल हैं। यदि आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं और किसी ट्रेड में अनुभव या ITI सर्टिफिकेट रखते हैं, तो यह आपके लिए बेस्ट ऑपर्चुनिटी हो सकती है।

    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026: महत्वपूर्ण तिथियां

    • नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 8 अप्रैल 2026
    • CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू: 20 अप्रैल 2026
    • आवेदन की अंतिम तारीख: 19 मई 2026
    • आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख: 19 मई 2026
    • परीक्षा, पीईटी/पीएसटी और अन्य चरणों की तारीखें बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित की जाएंगी।
    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026
    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026

    वैकन्सी पदों का विवरण(Vacancy Details)

    कुल पद: 9,195

    • Constable (Technical & Tradesmen): 9,175 पद (पुरुष: लगभग 9,096, महिला: लगभग 79)
    • Constable (Pioneer Wing): 20 पद (केवल पुरुष)

    मुख्य ट्रेड्स में वैकन्सी:

    • ड्राइवर
    • मोटर मैकेनिक व्हीकल
    • कुक
    • बार्बर / हेयर ड्रेसर
    • सफाई कर्मचारी
    • वॉशरमैन
    • वॉटर कैरियर
    • ब्यूगलर
    • टेलर
    • कारपेंटर
    • पेंटर
    • माली
    • कोबलर
    • ब्रास बैंड / पाइप बैंड
    • मेसन, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन आदि (पायनियर ट्रेड्स)

    ट्रेड-वार और राज्य-वार विस्तृत रिक्ति विवरण आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिया गया है।

    आयु सीमा (Age limit)

    (1 जनवरी 2026 के अनुसार)

    • कांस्टेबल (ड्राइवर): 21 से 27 वर्ष
    • अन्य ट्रेड्स: 18 से 23 वर्ष

    SC/ST/OBC/Ex-Servicemen आदि को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।

    शैक्षणिक योग्यता (Educational qualification)

    • न्यूनतम योग्यता: 10वीं पास (मैट्रिकुलेशन) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से।
    • ड्राइवर पद के लिए: हेवी मोटर व्हीकल (HMV) का वैध ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी।
    • तकनीकी ट्रेड्स के लिए: संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट या व्यावहारिक अनुभव।

    वेतनमान (Scale of pay)

    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 में चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-3 के अनुसार ₹21,700 – ₹69,100 प्रतिमाह मिलेगा, साथ ही अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

    आवेदन शुल्क (Application fee)

    • सामान्य / OBC / EWS (पुरुष): ₹100
    • SC / ST / सभी महिला उम्मीदवार: निःशुल्क

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 में चयन निम्न चरणों से होगा:

    • शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET)
    • लिखित परीक्षा (OMR/CBT आधारित, वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
    • ट्रेड टेस्ट / स्किल टेस्ट (व्यावहारिक परीक्षा)
    • दस्तावेज सत्यापन
    • मेडिकल परीक्षा

    लिखित परीक्षा में सामान्य बुद्धिमत्ता, रीजनिंग, सामान्य ज्ञान, गणित और भाषा (हिंदी/अंग्रेजी) से प्रश्न पूछे जाएंगे।

    CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 में आवेदन कैसे करें?

    • CRPF Constable Tradesman Recruitment 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
    • रजिस्ट्रेशन करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा करें।
    • फॉर्म सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट जरूर लें।

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    सुझाव: आवेदन करने से पहले पूरा नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ लें। शारीरिक मानक (ऊंचाई, छाती, दौड़ आदि) अपनी श्रेणी के अनुसार जांच लें।

    ऑफिसियल वेबसाइट: https://rect.crpf.gov.in/

    नोटिफिकेशन PDF: वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करण उपलब्ध हैं।

     

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  • Operation Mahadev : आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई

    Operation Mahadev : आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई

    Operation Mahadev, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया एक अहम आतंकवाद विरोधी अभियान है। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के पास दाछीगाम नेशनल पार्क के हरवान क्षेत्र में 28 जुलाई 2025 को शुरू किया गया था। इसका नाम भगवान शिव के सर्वोच्च स्वरूप ‘महादेव’ से प्रेरित है, जो सृष्टि के संहारक और योगियों के आराध्य हैं। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को सजा देना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।

    पहलगाम हमले का बैकग्राउंड 

    पहलगाम हमला, जो कुछ महीने पहले हुआ था, एक क्रूर आतंकी घटना थी जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हमले के मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर हाशिम मूसा उर्फ अबू सुलेमान सहित अन्य आतंकियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। इस हमले के जवाब में भारत ने पहले ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी कैंपों को नष्ट किया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था। ऑपरेशन महादेव उसी दिशा में एक और कदम था।

    Pahalgam terrorists : Operation Mahadev
    Pahalgam terrorists : Operation Mahadev

    Operation Mahadev का संचालन

    ऑपरेशन महादेव की शुरुआत खुफिया जानकारी के आधार पर हुई। 11 जुलाई को बैसारन क्षेत्र में एक चीनी सैटेलाइट फोन के सक्रिय होने की सूचना मिली, जिसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। स्थानीय खानाबदोशों से मिली जानकारी ने आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि की।

    28 जुलाई की सुबह, दाछीगाम के जंगलों में लिडवास क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया। आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की, लेकिन सेना ने 6 घंटे की तीव्र मुठभेड़ के बाद तीन आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में हाशिम मूसा, यासिर और हामजा (उर्फ हैरिस) शामिल थे। मुठभेड़ में एके-47, ग्रेनेड और आईईडी जैसे हथियार बरामद किए गए। ड्रोन और स्वदेशी तकनीक ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    ऑपरेशन का महत्व

    ऑपरेशन महादेव ने न केवल पहलगाम हमले के दोषियों को सजा दी, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कितना सख्त और सक्षम है। इस ऑपरेशन ने निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया:

    Pahalgam terrorists : Operation Mahadev
    Pahalgam terrorists : Operation Mahadev
    • स्वदेशी तकनीक का उपयोग: ड्रोन और अन्य तकनीकों ने आतंकियों को ट्रैक करने में मदद की, जिससे भारत की तकनीकी प्रगति का प्रदर्शन हुआ।
    • सुरक्षाबलों का समन्वय: सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के बीच बेहतर तालमेल ने ऑपरेशन को सफल बनाया।
    • आतंकवाद के खिलाफ संदेश: इस ऑपरेशन ने आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत उनकी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

    आध्यात्मिक प्रेरणा

    ऑपरेशन का नाम ‘महादेव’ भगवान शिव के सम्मान में रखा गया, जो न केवल संहारक हैं, बल्कि शांति और कल्याण के प्रतीक भी हैं। यह नाम भारतीय सेना की दृढ़ता और आतंकवाद के खिलाफ उसकी अटल प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ जोड़ता है।

    चुनौतियाँ और भविष्य

    हालांकि Operation Mahadev एक बड़ी सफलता थी, लेकिन चुनौतियाँ अभी भी बाकी हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार, कुछ आतंकी अभी भी जम्मू-कश्मीर के जंगलों में छिपे हो सकते हैं। सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है ताकि बचे हुए आतंकियों को पकड़ा जा सके। इसके अलावा, भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए सतर्कता और तकनीकी उन्नति की आवश्यकता है।

    Pahalgam terrorists : Operation Mahadev
    Pahalgam terrorists : Operation Mahadev

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    Operation Mahadev आतंकवाद के खिलाफ भारत की एक और ऐतिहासिक जीत है। इसने न केवल पहलगाम हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाया, बल्कि देशवासियों में विश्वास भी जगाया कि हमारी सेना और सुरक्षाबल हर खतरे से निपटने में सक्षम हैं। यह ऑपरेशन भारत की सैन्य ताकत, तकनीकी प्रगति और आध्यात्मिक शक्ति का एक शानदार उदाहरण है।

    जय हिंद! जय महादेव!

  • Manipur संकट: गृह मंत्री अमित शाह एक्शन में, सीआरपीएफ डीजी ने किया राज्य का दौरा

    Manipur संकट: गृह मंत्री अमित शाह एक्शन में, सीआरपीएफ डीजी ने किया राज्य का दौरा


    मणिपुर(Manipur) में स्थिति बिगड़ने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने संकट को सुलझाने के लिए कदम उठाए हैं, जबकि सीआरपीएफ के महानिदेशक (DG) ने स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य का दौरा किया है।

    मणिपुर(Manipur) क्यों सुर्खियों में है?

    पूर्वोत्तर भारत का राज्य मणिपुर(Manipur), जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, हाल के दिनों में बढ़ते तनाव के कारण चर्चा में है। जातीय संघर्ष, राजनीतिक विवाद, और कानून-व्यवस्था की समस्याओं ने यहां के जनजीवन को बाधित किया है। सरकार का हस्तक्षेप शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयास का हिस्सा है।

    Manipur
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    अमित शाह के सक्रिय कदम

    गृह मंत्री अमित शाह ने संकट को सुलझाने में सक्रिय नेतृत्व दिखाया है। उनकी टीम स्थिति पर करीबी नजर रख रही है, राज्य के अधिकारियों के साथ काम कर रही है, और तनाव कम करने के लिए केंद्रीय बलों के साथ समन्वय कर रही है। शाह का ध्यान शांति समाधान सुनिश्चित करने और मणिपुर(Manipur) के सभी समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित है।

     

    सीआरपीएफ(CRPF) डीजी का दौरा: सुरक्षा को मजबूत करना

    केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक को मणिपुर(Manipur) में सुरक्षा उपायों की निगरानी और बलों की तैनाती का आकलन करने के लिए भेजा गया है। सीआरपीएफ विशेष रूप से संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। डीजी का यह दौरा केंद्र सरकार की जमीनी स्तर पर सुरक्षा मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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    Manipur CRPF

    शांति बहाल करने के लिए उठाए जा रहे कदम

    1. सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती: संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है ताकि आगे की अशांति को रोका जा सके।
    2. सामुदायिक संवाद: विवादों को हल करने के लिए स्थानीय नेताओं और संगठनों को बातचीत में शामिल किया जा रहा है।
    3. सोशल मीडिया पर निगरानी: भड़काऊ सूचनाओं और नफरत भरे भाषणों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर करीबी नजर रखी जा रही है।

    मणिपुर(Manipur) के लिए आगे की चुनौतियां

    इन प्रयासों के बावजूद, जातीय तनाव और समुदायों के बीच अविश्वास जैसी चुनौतियां प्रगति में बाधा बनी हुई हैं। सरकार की दीर्घकालिक रणनीति में एकता को बढ़ावा देना, विकास को प्रोत्साहित करना, और शिकायतों को दूर करना शामिल है ताकि स्थायी शांति सुनिश्चित हो सके।

     स्थिरता की ओर एक कदम

    जैसे-जैसे मणिपुर(Manipur) में तनाव बढ़ रहा है, केंद्र सरकार की त्वरित कार्रवाई समाधान की आशा देती है। गृह मंत्री अमित शाह का नेतृत्व और सीआरपीएफ डीजी का जमीनी आकलन स्थिरता बहाल करने की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। निरंतर प्रयासों से मणिपुर(Manipur) एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकता है।

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