स्वदेशी AI, ब्लॉकचैन(Blockchain Technology) और मेटावर्स तकनीक से आसान हो जाएगी हर मुश्किल
नोएडा :- अब दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की और बढ़ रही है और ऐसे में डिजिटल दुनिया भी पूरी तरह से बदलने वाली है,जिसको लेकर तेजी से उभर रही मीनाटीवर्स (Minativerse) कंपनी द्वारा दो नए टेक्नोलॉजी इनोवेशन किए गए हैं। शनिवार को नोएडा मीडिया क्लब में कंपनी द्वारा एक प्रेसवार्ता करते हुए जानकारी दी गयी की कंपनी द्वारा मीनाटीवर्स (Minativerse) और मीनाटी ब्लॉकचैन (Minati Blockchain) इनोवेशन लाँच किए गए हैं जिनके बाद डिजिटल दुनिया और ज्यादा एडवांस हो जाएगी,इन दोनों प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य है लोगों को एक ऐसे भविष्य से जोड़ना जो तेज़, सुविधाजनक, और पूरी तरह से डिजिटल हो।
मीनाटीवर्स (Minativerse)– एक नई वर्चुअल दुनिया
मीनाटीवर्स, मीनाटी कंपनी का अपना मेटावर्स है जो एक ऐसा वर्चुअल वर्ल्ड जो रियल वर्ल्ड एक्सपीरियंस को एक थ्री डी डिजिटल स्पेस में बदल देता है। यहाँ उपयोगकर्ता अपने घर से ही कई जरूरी काम कर सकते हैं।
Blockchain Technology : Minativerse
मीनाटीवर्स में उपयोगकर्ताओं को मिलने वाली सुविधाएँ:
वर्चुअल शॉपिंग स्टोर्स में घूमकर प्रोडक्ट्स का थ्री डी प्रीव्यू, ट्राय और ख़रीदारी,इंटरैक्टिव वर्चुअल क्लासरूम्स, डिजिटल लैब्स और लाइव लर्निंग सेशंस, एडवांस 3D गेम्स जिनमें प्ले टू अर्न मॉडल होंंगे,वर्चुअल बैंकों के ज़रिए सीमलेस और सिक्योर ट्रांजेक्शन्स,डॉक्टर से वर्चुअल कंसल्टेशन, रिपोर्ट एक्सेस और हेल्थ गाइडेंस, घर बैठे रियल एस्टेट प्रॉपर्टी का थ्री डी वर्चुअल टूर।
मीनाटीवर्स ब्लॉकचैन (Minati Blockchain) : तेज़, सुरक्षित और विकेंद्रीकृत तकनीक
मीनाटीवर्स ब्लॉकचैन एक अत्याधुनिक लेयर वन ब्लॉकचैन है जिसे स्पीड, सिक्योरिटी और लो ट्रांजैक्शन फीस को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। यह एक अत्यंत स्केलेबल और डेवलपर-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है।
मीनाटीवर्स ब्लॉकचैन की मुख्य खूबियाँ:
इसके जरिए हाई स्पीड ट्रांसक्शन्स कुछ ही सेकंड में कन्फर्म होते हैं,टॉप लेवल क्रिप्टोग्राफी से पूरी तरह सुरक्षित,बेहद कम ट्रांजैक्शन कॉस्ट मैसेज एडॉप्शन के लिए आइडियल कोई सेंट्रलाइजेड कंट्रोल नहीं, हर चीज़ पारदर्शी और ब्लॉकचैन गवर्नड ।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी(Blockchain Technology) की तारीफ़
कंपनी के सी एम डी श्री कपिल सिवाच ने जानकारी देते हुए बताया की आने वाले समय में Blockchain Technology कई क्षेत्रों में क्रांति ला सकती है, देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी अपने की भाषणों में Blockchain Technology की तारीफ़ कर चुके हैं हैं,ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के जरिए खेती किसानी में रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, सप्लाई चैन में किसी भी डिलीवरी माल ली मूवमेंट और ऑथेंटिसिटी आसानी से ट्रेक हो सकती है,सरकारी दस्तावेजों का सिक्योर डिजिटलीकरण और ट्रांसपेरेंसी, ई बैंकिंग और ई कॉमर्स में सिक्योर,तेज और फाइनेंसियल ट्रांजैक्शन्स कर सकेंगे।, इसके जरिए भ्रष्टाचार में कमी, पारदर्शिता और अपराध में भी कमी आएगी और भारत देश के नागरिकों को काफी फायदा मिलेगा
Blockchain Technology : Minativerse
कंपनी के सीटीओ कपिल पिलानी और मार्केटिंग हेड सचिन नागपाल ने बताया की (मीनाटीवर्स ब्लॉकचैन) Minati Blockchain का मकसद है एक ऐसा डीसेंट्रलाजेड फ्यूचर बनाना जहाँ हर चीज़ इंसानी भूलों और सेंट्रलाइजेड फेलियर से मुक्त हो। एक ऐसा फ्यूचर जहाँ पॉवर यूजर्स के हाथ में हो,सुरक्षित, तेज़ और पूरी तरह से ट्रस्ट पर आधारित।
मीनाटीवर्स की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल एक टेक्नोलॉजी लॉन्च नहीं है, बल्कि यह डिजिटल भारत की ओर बढ़ने वाला एक बड़ा कदम है। मीनाटिवर्स (Minativerse ) और मीनाटीवर्स ब्लॉकचैन (Minati Blockchain) भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में डिजिटल संभावनाओं का एक नया अध्याय शुरू करेंगे।
Blockchain ब्लॉकचेन हमारा एक डिजिटल लेजर होता है लेकिन क्या आपको यह बात पता है कि लेजर क्या होता है लेजर एक ऐसी बुक है जिसमें कई सारे खातों को रखा जाता है जहां पर डेबिट और क्रेडिट ट्रांजैक्शन पोस्ट किए जाते हैं और जहां पर ओरिजिनल एंट्री होती है या फिर यूं कह ले की ओरिजिनल बुक से एंट्री लेजर में अपडेट की जाती है।Blockchain एक Digitized, Decentralized, public Ledger होता है।
जाने Blockchain तकनीक आसान भाषा में
मन लेते हैं, आपके कंप्यूटर में एक File of Transaction है और दो government Accountants के पास भी वही समान फाइल उनके सिस्टम में भी मौजूद है।
जैसे ही आप कोई transaction करेंगे आपका कंप्यूटर उन दोनो अकाउंटेंट को inform करने के लिए e-mail send कर देता है।
हर एक अकाउंटेंट जल्द से जल्द सबसे पहले चेक करना चाहता कि कहीं आप इस अफोर्ड कर पता है या नहीं।
जो इन दोनो में सबसे पहले चेक करता है और उसे वैलिडेट कर “Reply All” प्रेस करता है। वहीं वो उस transaction को वेरीफाई करके के लिए अपनी लॉजिक को भी अटैच कर देता है और इस ही “Proof of Work” कहा जाता है।
और आगे इसी बीच में वो दूसरा अकाउंटेंट भी सहमत हो जाता है तब सब अपने फाइल के transaction को अपडेट कर देते हैं।
इसी पूरे कॉन्सेप्ट को ” ब्लॉकचेन टेक्नोलोजी” कहा जाता है।
Blockchain technology का अविष्कार सन् 2008 में SATOSHI NAKAMOTO ने किया था।
ये सब करने के पीछे का उद्देश्य ये था की वो एक Decentralized Bitcoin Ledger ‘The Blockchain’ बनाना चाहते थे जो की लोगो को उनके पैसे को नियंत्रण करने की क्षमता देता है जिससे कि कोई थॉट पार्टी या कोई गवर्नमेंट इन पैसों को मॉनिटर नहीं कर सके।
बिटकॉइन को जो बनाने वाले थे सतोशी वह अचानक ही 2011 में गायब हो जाते हैं और वह अपने पीछे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को छोड़ जाते हैं जिससे कि जो भी बिटकॉइन यूजर है वह उनका इस्तेमाल करें और उसे अपडेट करके उसमें इंप्रूवमेंट करें।
बहुत लोग यह मानते हैं कि सतोशी नाकामोतो नाम का कोई था ही नहीं यह बस एक कल्पना है एक काल्पनिक करैक्टर है क्योंकि इसकी सच्चाई को लेकर किसी के भी पास कोई सही जानकारी नहीं है।
हमे ब्लॉकचेनBlockchainके बारे में क्यों जानना चाहिए –
ब्लॉकचेन के बारे में हमें क्यों जानना चाहिए कारण है ।
ब्लॉकचेन टेक्नोलोजी को पब्लिकली एक्जिस्ट करने की कोई जरूरत नहीं है क्यों की ये एक प्राइवेटली भी रह सकता है।
Blockchain एक बहुत बड़ा और important Building Block बन सकता है जिससे compliance लागत ( Cost) को कम किया जा सकता है क्योंकि Financial Institutions बहुत दबाव में है Because उन्हें रेगुलेटरी Demonstrate करना पर रहा है और इसलिए बहुत सारे institutions Blockchain का कार्यान्वयन कर रहे हैं।
इस टेक्नोलोजी की पहुंच फाइनेंस से ज्यादा है इसे किसी भी multi-step लेनदेन जहा पता लगाने और ध्यान देने की जरूरत है वहा आप इसे apply कर सकते हैं।
सप्लाई चैन एक ऐसा नॉटेबल केस है जहां की ब्लॉकचेन का यूज लेवरेज को मैनेज करने और साइन कॉन्ट्रैक्ट तथा प्रोडक्ट provenance को ऑडिट करने के लिए किया जा सकता है।
क्या Blockchain secure है
ऐसे तो इंटरनेट में कोई चीज सिक्योर नहीं है पर अगर हम ब्लॉक टेक टेक टेक्नोलॉजी के बारे में बात कर रहे हैं तो या बाकी टेक्नोलॉजी की तुलना में बहुत हद तक से क्या हो रहा है क्योंकि अगर हम ब्लॉकचेन में कोई भी ट्रांजैक्शन करते हैं तो उसके लिए पूरे नेटवर्क के सभी नोड्स को सहमत होना पड़ेगा तभी जाकर वो ट्रांजैक्शन बैलट मानी जाएगी। यहां पर कोई भी सिंगल एंटिटी (single entity) यह नहीं कह सकती कि ट्रांजैक्शन हुआ है या नहीं हुआ है।
बैंक के जैसे यह बल एक सिस्टम को हैक करने से इसे हैक नहीं किया जा सकता है बल्कि इसे हैक करने के लिए पूरे नेटवर्क में स्थित सभी सिस्टम को हैक करना पड़ता है इसलिए इसमें हैकिंग इतनी आसान नहीं होती है।
जिस तरह बिटकॉइन ब्लॉकचेन के लिए है वैसे ही ईमेल इंटरनेट के लिए था
सनमरे सनमरे में जब इंटरनेट टेक्नोलॉजी अपने स्टार्टिंग स्टेज में था तब ईमेल एक बहुत बड़ा और अमीर एप्लीकेशन था लेकिन बाद में जब नए एप्लीकेशंस आए जैसे कि वेब ब्राउज़र वेबसाइट आया। तब वेबसाइट बहुत ही पॉपुलर हो गए।
उस समय लोग चैट सॉफ्टवेयर जैसे SKYPE का बहुत इस्तेमाल करते थे। यदि हम इस समय के बारे में विचार करें तब आप भी अपने मोबाइल में देख सकते हैं कि बहुत सारे एप्लीकेशंस हैं जो इंटरनेट का यूज करते हैं।
जब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी नहीं आई थी तब बिटकॉइन भी ईमेल की तरह बहुत बड़ा मेजर एप्लीकेशन था जो कि इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता था लेकिन जब क्रिप्टो करेंसी आई तब उसने भी इस ट्रेंड को फॉलो किया अब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को और भी एप्लीकेशंस जैसे कि सिक्योरिटी,ऑनलाइन वोटिंग इत्यादि में भी इस्तेमाल किया जाता है।
Blockchain
Blockchain vs Internet Tech.
यदि हम इन दोनों टेक्नोलॉजी की बात करें तो इंटरनेट कंप्यूटर को अलाउ करती है इंफॉर्मेशन को एक्सचेंज करने के लिए वही ब्लॉकचेन कंप्यूटर्स को अलाउ करती है इंफॉर्मेशन को रिकॉर्ड करने के लिए।
दोनों ही बहुत सारे कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं।
Blockchain Technology को बनाने वाली technology
Private Key Cryptography
P2P (Peer 2 Peer) Network
Program ( The Blockchain Protocol)
Private और Public Blockchain किसे कहते हैं और इन दोनों में क्या अंतर है –
Blockchain की बहुत सारी वैरायटी मौजूद है लेकिन अक्सर यह सभी वैरायटी दो कैटेगरी में ही आती है पहला पब्लिक और दूसरा प्राइवेट।
Public Blockchain – पब्लिक ब्लॉकचेन का इस्तेमाल किसी को देखने और लेन-देन को सेंड करने के लिए अवसर देती है और या कंसेंसस (Consensus) प्रोसेस का हिस्सा है।
इसे Consortium Blockchain भी कहते हैं जहां पर केवल कुछ ही प्री सिलेक्टेड नंबर के Nodes को ही लेजर के इस्तमाल के लिए ऑथराइज्ड किया जाता है।
Private Blockchain – public blockchain के विपरीत जो भी एंप्लॉय जो उसे ग्रेजुएशन में काम करते हैं उनको distributed लेजर में लिखने में रिस्ट्रिक्शन डालता है इसके साथ ही इसमें दूसरे और भी रिस्ट्रिक्शंस होते हैं।
Blockchain टेक्नोलोजी के लाभ –
Blockchain technology हमारे पास जो स्मार्ट डिवाइसेज हैं उनको एक दूसरे के साथ कम्युनिकेट करने में सहायता देता है ताकि वह बेहतर तरीके से बातचीत कर सकें।
Blockchain manipulation जैसी समस्या का समाधान करता है ये सभी चीजों को उनके Highest digree of accountability के स्तर में लाता है।
यह ऑनलाइन आइडेंटिटी और रिफ्यूटेशन को डिसेंट्रलाइज्ड (Decentralized) बनाता है
कोई भी Informal Economy में ब्लॉकचेन हमें मिडिलमैन से बचाता है जिससे कि स्वतंत्र रूप से और आसान तरीके से हम ऐसैट्स का एक्सचेंज कर सकते हैं।
ब्लॉकचेन बेस्ड सिस्टम में ट्रांजैक्शन स्पीड में बढ़ोतरी होती है इसमें केवल रिकॉर्ड और ट्रांसफर ऑफिस एड्स का ध्यान रखा जाता है।
जिन डाटा को एक बार इंटर कर दिया जाता है ब्लॉकचेन में वे immutable हो जाते हैं जिन्हें किसी भी तरीके से बदला नहीं जा सकता है जिससे कि धोखाधड़ी बहुत हद तक कम हो जाती है इसके अलावा लेन देन बहुत ही क्लियर होते हैं जिन्हें बाद में आसानी से खोजबीन करके ऑडिट किया जा सकता है।
ब्लॉकचेन भविष्य में
अब तो आप समझ ही गए होंगे कि ब्लॉकचेन कितना उपयोगी है अरे किस तरह से हमारे साथ सभी कामों को कर सकता है।
इसने इंफॉर्मेशन को लेकर हमारी जो भी सोच है उसको बदल कर रख दिया है कि कैसे और कहां इन इंफॉर्मेशन को स्टोर किया जा सकता है और कैसे इन इंफॉर्मेशन स्कोर एक्सेस किया जा सकता है और साथ ही हमें यह भी बताया है कि हम इन इंफॉर्मेशन का क्या कर सकते हैं।
इससे यह बात तो साफ है कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को लोग इतनी आसानी से ग्रहण नहीं करेंगे और ना ही ये रातों-रात तो आने वाला नहीं है क्योंकि हर कदम पर ट्रेडिशनल टेक्नोलॉजी को चुनौती देता आ रहा है।
ऐसे ही के हमने TCP/IP केस में देखा था जिसका शुरुआत में काफी विरोध किया गया था लेकिन बाद में इसे इंप्लीमेंट करने में 30 साल का समय लग गया। लेकिन आखिरकार हर किसी ने इसकी अहमियत को समझा। ठीक उसी तरह से ब्लॉकचेन को भी समझने में समय लग रहा है लेकिन कुछ वर्षों बाद लोग इसे भी जरूर अपना लेंगे।
निष्कर्ष:-
हमें इस बात की आशा है कि आज आप लोगों ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है यह किस तरीके से काम करता है तथा इसके बारे में हमने आपको पूरी जानकारी दे दी है।
मेरी आप सभी लोगों से यह दरख्वास्त है कि आप सभी लोग इस जानकारी को अपने रिश्तेदारों अपने मित्रों में और अपने आस-पड़ोस मैं भी जरूर शेयर करें ताकि हम सभी के बीच ब्लॉकचेन को लेकर के जागरूकता हो। क्योंकि यस हम सभी के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इससे भविष्य में हम सब को बहुत लाभ होने वाला है।
मुझे आप सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है ताकि मैं तकनीक से संबंधित और भी नहीं जानकारी और भी कुछ नया टॉपिक आप तक पहुंचा सकूं।
हमारी हमेशा से यही कोशिश रही है की हम आप सभी पाठकों तक नई – नई तकनीकों को पहुंचा सकूं और आपको दुनिया में आए या आविष्कार हुए नए – नए तकनीकों के बारे में बता सकूं।
अगर आप लोगों को किसी भी तरह का डाउट है तो आप हमसे बेझिझक पूछ सकते है हम कोशिश करेंगे की आपके सभी डाउट्स क्लियर हो सके।