Tag: BJP

  • Uttar Pradesh: मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘संत राजनीति’ की आलोचना और कांग्रेस पर इसका संभावित प्रभाव

    Uttar Pradesh: मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘संत राजनीति’ की आलोचना और कांग्रेस पर इसका संभावित प्रभाव

    Uttar Pradesh: मल्लिकार्जुन खड़गे की धार्मिक नेताओं के राजनीति में भूमिका पर हालिया टिप्पणी, जो Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर इशारा करती है, ने बहस छेड़ दी है। कांग्रेस अध्यक्ष की बातों से यह संकेत मिलता है कि उन्हें योगी के उस तरीके से परेशानी है, जिसमें अध्यात्म को शासन के साथ जोड़ा जाता है। हालांकि, कांग्रेस शायद “संत राजनीति” के जोखिमों को उजागर करना चाहती है, लेकिन यह रणनीति उलटी पड़ सकती है, क्योंकि इससे योगी और उनकी धार्मिक छवि का समर्थन करने वाले मतदाता उनसे दूर हो सकते हैं।

    Mallikarjun Kharge’s योगी को क्यों निशाना बना रहे हैं?

    मल्लिकार्जुन खड़गे  के बयान कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही उस नीति को दर्शाते हैं, जिसमें धर्म और शासन को अलग रखने की बात कही जाती है। उनका मानना है कि राजनीति में धार्मिक प्रभाव सामाजिक सौहार्द को बाधित कर सकता है और कुछ विशेष समुदायों को लाभ पहुंचा सकता है। योगी जैसे प्रमुख हिंदू धार्मिक नेता और राजनीतिज्ञ को निशाना बनाकर खड़गे संभवतः उन मतदाताओं को आकर्षित करना चाहते हैं, जो धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखते हैं। हालांकि, Uttar Pradesh और देश भर में योगी की लोकप्रियता दिखाती है कि उनके समर्थक उनकी आध्यात्मिकता को उनकी ताकत मानते हैं, कमजोरी नहीं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    Uttar Pradesh: Congress के लिए जोखिम

    Congress के लिए इस रणनीति के कुछ नुकसान हो सकते हैं। योगी आदित्यनाथ एक प्रमुख BJP नेता और लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं जिनका एक बड़ा समर्थन आधार है। कई भारतीय उनके धार्मिक पहचान को उनकी असलियत का हिस्सा मानते हैं और उसे सकारात्मक दृष्टिकोण से देखते हैं। खड़गे द्वारा इस पहलू की आलोचना करना उन मतदाताओं को दूर कर सकता है, जो आध्यात्मिक मूल्यों वाले नेताओं का सम्मान करते हैं, और इससे Congress की छवि पर भी असर पड़ सकता है।

    Also Read This: Uttar Pradesh के मीरापुर उपचुनाव: अतुल प्रधान ने सपा उम्मीदवार के लिए रैलियां कीं, BJP के शासन की आलोचना की

    “संत राजनीति” पर Mallikarjun Kharge’s का फोकस एक साहसिक कदम है, लेकिन यह दोधारी तलवार साबित हो सकता है। जहां Congress खुद को धर्मनिरपेक्ष दिखाने की कोशिश कर रही है, वहीं योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाकर वह उन मतदाताओं को भी दूर कर सकती है, जो नेताओं में धार्मिक मूल्यों को सकारात्मक मानते हैं। चुनाव करीब हैं, और इस रणनीति का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि मतदाता खड़गे की बातों को धर्मनिरपेक्षता का समर्थन मानते हैं या विश्वास-आधारित नेतृत्व पर हमले के रूप में देखते हैं।

  • Uttar Pradesh के मीरापुर उपचुनाव: अतुल प्रधान ने सपा उम्मीदवार के लिए रैलियां कीं, BJP के शासन की आलोचना की

    Uttar Pradesh के मीरापुर उपचुनाव: अतुल प्रधान ने सपा उम्मीदवार के लिए रैलियां कीं, BJP के शासन की आलोचना की

    Uttar Pradesh के मीरापुर उपचुनाव के प्रचार अभियान में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अतुल प्रधान ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जोरदार अपील की। इस उपचुनाव ने काफी ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि सपा और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने की होड़ में हैं।

    Uttar Pradesh: BJP की सरकार पर अतुल प्रधान की आलोचना

    जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधान ने सीधे BJP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी आम लोगों की जरूरतों की अनदेखी कर रही है और केवल कुछ चुनिंदा अमीर व्यक्तियों को ही लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, और स्थानीय विकास में ठहराव जैसे मुद्दों को उजागर किया, यह तर्क देते हुए कि BJP के शासन में आम जनता के जीवन में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। प्रधान के अनुसार, BJP ने जो वादे बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन को लेकर किए थे, वे पूरे नहीं हुए हैं, जिससे मीरापुर के समुदायों को उचित सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

    Uttar Pradesh के मीरापुर उपचुनाव: अतुल प्रधान
    Uttar Pradesh के मीरापुर उपचुनाव: अतुल प्रधान

    सपा का विकास और युवा सशक्तिकरण का विजन

    प्रधान ने सपा के विकास-उन्मुख एजेंडे को भी रेखांकित किया, जिसमें उन्होंने रोजगार के अवसर उत्पन्न करने, स्थानीय सेवाओं को बढ़ावा देने, और हर घर तक संसाधनों और समर्थन को पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने खासकर युवा मतदाताओं से सपा के विजन का समर्थन करने की अपील की, और Uttar Pradesh के निवासियों के कल्याण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

    Also Read This: Uttar Pradesh महिला आयोग ने हाल ही में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए नए प्रस्ताव पेश किए हैं..

    दोनों दलों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनाव

    मीरापुर उपचुनाव एक महत्वपूर्ण चुनावी मैदान बन गया है, जिसमें BJP और सपा दोनों के नेता इस क्षेत्र को जीतने के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। प्रधान का दौरा सपा की अपने मतदाताओं को सक्रिय करने की कोशिशों को दर्शाता है, खासकर तब जब BJP भी एक मजबूत प्रतिद्वंदी बनी हुई है। इस उपचुनाव का परिणाम Uttar Pradesh की भविष्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है, जो राज्य के भीतर सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है और प्रमुख मतदाता मुद्दों को उजागर कर सकता है।

  • Uttar Pradesh: उपचुनाव: यूपी में 9 सीटों पर लड़ेगी BJP, RDL के खाते में मिली 1 सीट

    Uttar Pradesh: उपचुनाव: यूपी में 9 सीटों पर लड़ेगी BJP, RDL के खाते में मिली 1 सीट

    Uttar Pradesh में आगामी उपचुनाव के लिए सियासी माहौल गर्म हो चुका है इस बार के चुनाव में बीजेपी को मिले हैं 9 सीट और जबकि वहीं आरडीएल के खाते में एक सीट आई है इन चुनाव में न केवल राज्य किसी ऐसी स्थिति पर असर पड़ेगा बल्कि आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भी समीकरण तय हो सकता है।

    Uttar Pradesh में 10 विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव को लेकर दिल्ली में चल रही up बीजेपी की बैठक खत्म हो गई है, सूत्रों ने बताया कि इन 10 सीटों में से 9 पर बीजेपी और एक सीट पर RDL चुनाव लड़ेगी सूत्रों को कहना है कि 9 सीटों पर भाजपा अपने उम्मीदवार उतारेगी जिसमें लगभग आधा दर्जन नए चेहरे हो सकते हैं, 20 अक्टूबर तक BJP अपने उम्मीदवार का ऐलान कर सकती है।

    BJP का संगठनात्मक ढांचा भी मजबूत है, जो कि उस चुनाव मैदान मैं बड़ा फायदा देता है, पार्टी नई सीटों पर चुनावी जनसभा, रोड शो और डिजिटल प्रचार के जरिए मतदाताओं से जुड़ने की योजना बनाई है, BJP की कोशिश है कि इन चुनाव को केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नरक रखते हुए राष्ट्रीय मुद्दों पर भी जोड़ दिया जाए, और जैसे कि विकास कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं लाई जाए।

    Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath

    दूसरी ओर RDL के खाते में आए एक सीट ने पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर दी है, जयंत चौधरी के नेतृत्व में RDL इस सीट पर जीत दर्ज करने की पूरी कोशिश करेगी, यह सीट पश्चिम में Uttar Pradesh में है,जहां RDL का पारंपरिक वोट बैंक है खास करके किसान और जाट समुदाय में RDL का कुछ मतदाताओं का समर्थन मिल सकता है लेकिन सीट जीतने के लिए उससे कड़ी मेहनत करनी होगी।

    Also Read This: Uttar Pradesh: Kushinagar bananas winning hearts from Punjab to Kashmir

    यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को सीधे प्रभावित करेगा बीजेपी और RDL दोनों के लिए एक यह यूपी चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए एक तरह से टेस्ट है, जो बीजेपी का फोकस अपनी ताकत को बरकरार रखने पर है, वही RDL अपने सियासी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश में है।

    Uttar Pradesh मैं 9 सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर आइडल के बीच मुकाबला सियासी दृष्टि से बेहद दिलचस्प होने वाला है यह उपचुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है दोनों पार्टियों के लिए यह चुनाव एक बड़ा मौका है, जहां अपनी सियासी ताकत को साबित कर सकते हैं और आगामी चुनाव के लिए अपने रणनीति को और भी बेहतर बना सकते हैं।

  • Uttar Pradesh Lucknow: अखिलेश यादव ने लखनऊ रोड पर जेपी नारायण की प्रतिमा पर माला अर्पण किया, बीजेपी पर निशाना साधा 

    Uttar Pradesh Lucknow: अखिलेश यादव ने लखनऊ रोड पर जेपी नारायण की प्रतिमा पर माला अर्पण किया, बीजेपी पर निशाना साधा 

    Uttar Pradesh Lucknow: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में अपने आवास के बाहर एक वाहन के ऊपर लगी जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माला अर्पण किया। सुरक्षा चिताओं का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कथित तौर पर गोमती नगर में जेपी इंटरनेशनल सेंटर(JPNIC) में उनकी यात्रा को रोक दिया था, जिसके बाद उनकी पार्टी के सैकड़ो कार्य करता है इकट्ठा हो गया। 

    विवाद बढ़ने पर यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए से समर्थन वापस लेने की अपील की और कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी(BJP) सरकार ने समाजवादियों को समाजवादी नारायण को श्रद्धांजलि देने से रोक दिया।

    समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अखिलेश यादव‌ के आवास के बाहर जमा हो गए क्योंकि(JPNIC) मैं उनकी निर्धारित यात्रा पर स्पष्टता बनी हुई थी हालत की सुबह लगभग 10:30 बजे यादव ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से खचाखच भारी सड़क पर नारायण की प्रतिमा पर माला अर्पण किया उनमें से कई ने लाल टोपी पहन रखी थी और नर और पार्टी के झंडा लहरा रहे थे।

    Uttar Pradesh Lucknow

    पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “ जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर हम (JPNIC) संग्रहालय में जश्न मनाने जाते हैं लेकिन मुझे नहीं पता कि यह सरकार हमें क्यों रोकते हैं BJP की यह न के बंदी पहले नहीं है इसने सभी अच्छे कार्यों को अवरुद्ध कर दिया है।”

    Uttar Pradesh Akhilesh Yadav

    Also Read: Uttar Pradesh: Yogi govt to soon appoint 33 Udyami Mitras to boost investment in UP

    “अगर कोई सुरक्षा चिंता है तो उन्हें मुझे उसे सुरक्षा के साथ अनुमति देनी चाहिए जो मुझे रोकने के लिए यहां लगाई गई है भाजपा के हाथ में विनाश की रखा है। उनके चेहरे पर विनाशकारी भाव देखा जा सकता है, वे विनाशकारी लोग हैं ,आप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वह महान हस्तियों का सम्मान करेंगे? वह जयप्रकाश नारायण और उनके योगदान के बारे में क्या जानते हैं? यदि उन्हें उनके जयप्रकाश नारायण योगदान के बारे में पता होता तो, जो बाल हमें रोकने के लिए यहां तैनात किया जा रहा है, वहीं बाल हमेशा श्रद्धांजलि देने में सुविधा प्रदान करता यह बोल नवरात्रि पर तैनात नहीं किया जाना चाहिए था। और उन्हें हमें त्यौहार बनाने की इजाजत दी जान जैसे वह मना रहे हैं।”

    “कई समाजवादी लोग सरकार में हैं और सरकार को जारी रखने में मदद कर रहे हैं। बिहार के मुखिया नीतीश कुमार उनके जयप्रकाश नारायण आंदोलन से उभरे यह नीतीश कुमार के लिए NDA सरकार से समर्थन वापस लेने का मौका है, जो समाजवादियों को जयप्रकाश नारायण की उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं दे रही है” अखिलेश यादव ने कहा।

  • Haryana Jammu and Kashmir चुनाव परिणाम:  हरियाणा में BJP और जम्मू कश्मीर में Congress-NC

    Haryana Jammu and Kashmir चुनाव परिणाम: हरियाणा में BJP और जम्मू कश्मीर में Congress-NC

    Haryana Jammu and Kashmir के चुनाव परिणाम 2019 में बेहद दिलचस्प रहे इन दोनों राज्यों ने अलग-अलग पार्टियों के अपनी पकड़ मजबूत की, और यह चुनाव परिणाम भविष्य में राजनीति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए हरियाणा में BJP  ने जहां बेहतर प्रदर्शन किया वहीं Jammu and Kashmir में Congress NC का गठबंधन प्रमुख रहा।

    Haryana में भाजपा का प्रदर्शन 

    2019 के हरियाणा Assembly Election में BJP ने  अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया, राज्य में कुल 90 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने कुल 40 सिट  मिला जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 46 सीटों से कुछ काम थी। हालांकि BJP  ने पहले से ही अपने गठबंधन सहयोग JJP के साथ मिलकर सरकार बनाई JJP के 10 सिट जीतने के बाद दोनों पार्टियों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    BJP का Main Focus था mission 75+ लेकिन वह इस लक्ष्य को पूरा न कर सके। बावजूद इसके 2019 के लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद BJP  का प्रदर्शन राज्य में काफी संतोषजनक रहा, BJP ने अपने चुनावी अभियान के दौरान राष्ट्रीय मुद्दों जैसे धारा 370 की समाप्ति surgical strike और PM Narendra Modi  की लोकप्रियता पर जोर दिया।

    Congress की चुनौतियां 

    Haryana Jammu and Kashmir: Congress पार्टी ने Haryana  में BJP को कड़ी टक्कर दी कांग्रेस के नेतृत्व में राज्य में चुनावी माहौल काफी रोचक रहा Bhupinder Singh Hooda ने कांग्रेस के प्रचार की कामना संभाली थी और पार्टी को मजबूत बनाने की कोशिश की कांग्रेस को 31 सिट मिला जो पिछली बार की तुलना में बहुत ही बेहतर प्रदर्शन रहा, लेकिन पार्टी सरकार बनाने के लिए आवश्यक सिटे नहीं जुटा पाई।

    Haryana में कांग्रेस प्रमुख मुद्दा यह था बेरोजगारी,किसन संकट और कानून व्यवस्था।Bhupinder Singh Hooda  ने किसानों और जाट समुदाय की मांगों पर जोर दिया लेकिन कांग्रेस को आपसी कलह और leadership की कमी के कारण चुनाव में थोड़ा नुकसान हुआ इसके बावजूद Congress का प्रदर्शन बहुत ही सराहनीय था और और पार्टी राज्य की राजनीति में एक प्रमुख विपक्ष के रूप में उभर रही है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    Haryana Jammu Kashmir में कांग्रेस एनसी का प्रभाव 

    Haryana Jammu Kashmir जम्मू कश्मीर में 2019 के चुनाव नतीजे ने कांग्रेस और एनसी को प्रमुख रूप से उभरते हुए देखा है इन चुनाव के दौरान राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुद्दा गर्मी हुआ था और इस मुद्दे ने चुनावी समीकरणों को काफी हद तक प्रभावित किया है कांग्रेस और एनसी का गठबंधन राज्य में जनता के बीच एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरता हुआ दिखा अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद कई लोग BJP के खिलाफ थे और इस माहौल का फायदा कांग्रेस और एनसी ने उठाया, Farooq Abdullah और  उनके बेटे Amar Abdullah  370 की बहाली और Jammu Kashmir की विशेष स्थिति को मुख्य मुद्दा बनाया उनकी एक रणनीति ने उन्हें घाटी में बड़ी जीत दिलाई है।

    Haryana Jammu and Kashmir

    Haryana Jammu Kashmir  के चुनाव परिणाम National Politics में भी खास मायने रखते हैं, Haryana  में BJP का फिर से सत्ता में आना राज्य में और स्थिरता लाने का संकेत देती है।लेकिन यह भी साफ है कि BJP को अब अधिक ध्यान राज्य के स्थानीय मुद्दों पर देना होगा जैसे बेरोजगारी और  किसानकी समस्याएं, दूसरी ओर Jammu and Kashmir के चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है की धारा 370 का मुद्दा अभी भी राज्य की Politics  में महत्वपूर्ण है Congress-NC का गठबंधन जनता की नवस को पहचानने में सफल रहा और यह देखना दिलचस्प होगा कि central government के साथ इनका रिश्ता किस दिशा में ले जाता है।

    आने वाले समय में, इन चुनाव के परिणाम के आधार पर BJP और Congress जैसी बड़ी पार्टीयो के रणनीतियों में बदलाव करेगी, जिसमें आगामी चुनाव में और भी दिलचस्प नतीजे देखने को मिलेंगे।

     

     

     

  • Haryana:सियासी अखाड़े में फाइट में विनेश फोगाट BJP को पटकनी देती दिख रही

    Haryana:सियासी अखाड़े में फाइट में विनेश फोगाट BJP को पटकनी देती दिख रही

    Haryana: Haryana के जींद जिले की जुलाना Assembly सीट पर वोटो की गिनती शुरू हो गई है, यहां से Congress की चर्चित पहलवान दिनेश फोगाट को मैदान में उतारा है। उनकी लड़ाई BJP के योगेश बैरागी से है जो 2019 के विधानसभा चुनाव चुनाव में यहां से अमरजीत दादा ने जीत दर्ज की थी।

    विनेश फोगाट का नाम कुश्ती में बड़ा सम्मानित है, वह एक ऐसी महिला खिलाड़ी है जिन्होंने International स्तर पर India का नाम रोशन किया है उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प और लगन ने उन्हें एक प्रेरणा बना दिया है, अब जब वह Politics में कदम रख रही है तो उनकी लोकप्रियता और जन समर्थन BJP को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

    Haryana: Vinesh Phogat

    Haryana Assembly Result 2024 जुलाना seat विनेश फोगाट

    हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए वोटिंग 5 अक्टूबर को हुई थी, आज 8 अक्टूबर को 8:00 बजे से शुरू हो गई मतगणना, 5 अक्टूबर को सभी सीटों पर हुई थी वोटिंग।

    Haryana के जींद जिले के अंदर पांच विधानसभा seat आती हैं, जो सभी सीटों पर करीब 66.02% वोटिंग हुई है जुलाना में सीधा मुकाबला Congress प्रत्याशी विनेश फोगाट और BJP के योगेश बैरागी के बीच हुआ है।

    Haryana: महिला मतदाताओं का असर

    Haryana में विनेश फोगाट की Politics में आना एक महिला मतदाताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है, वह एक खुद महिला होने के नाते महिलाओं के मुद्दे को समझती है, और उनकी आवाज बन सकती है। उनके खेल के मैदान में संघर्ष और जीत की कहानी महिलाओं को इतना प्रेरणादाई रही है, कि अब वह Politics में भी उनका यही व्यक्तित्व उन्हें महिलाओं के वोटरों के बीच लोकप्रिय बनता हैं।

    Read Also This: Haryana gets new dawn: Vinesh Phogat’s Congress leads in Exit Poll (हरियाणा को मिला नया सवेरा : एग्जिट पोल में विनेश फोगाट की कांग्रेस को बढ़त )

    Haryana: विनेश फोगाट की Politics में entry को सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है,उनकी लोकप्रियता और जन समर्थन के चलते BJP को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, अब यह देखना होगा कि Vinesh Phogat की सियासी यात्रा कितनी सफल होती है ,और BJP इस चुनौती का सामना किस तरह से करती है।

  • बीजेपी नेता संतोष सिंह ने दी दीवाली की शुभकामनाएं, सेफ दीवाली मनाने की अपील

    बीजेपी नेता संतोष सिंह ने दी दीवाली की शुभकामनाएं, सेफ दीवाली मनाने की अपील

    नोएडा। देशभर में आज दीपों का त्योहार दीपावली मनाई जा रही है. लोग जहां एक तरफ बाजारों में जमकर खरीददारी कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ रोशनी के इस त्योहार को अपनों के साथ मना रहे हैं. इस मौके पर सभी दलों के राजनेताओं की तरफ से देशवासियों को शुभकामना संदेश दिया जा रहा है। बीजेपी नेता व मंडल अध्यक्ष, शहीद भगत सिंह मंडल नोएडा महानगर  संतोष सिंह ने  दीवाली की शुभकामनाएं दी है और सभी लोगों से  सेफ दीवाली मनाने की अपील है।