Tag: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  • (महाकुंभ) Mahakumbh 2025:  कुंभ क्षेत्र में अखाड़ों के बसावट की प्रकिया शुरू, अखाड़ों की उपस्थिति से कुंभ क्षेत्र में बढ़ी रौनक

    (महाकुंभ) Mahakumbh 2025: कुंभ क्षेत्र में अखाड़ों के बसावट की प्रकिया शुरू, अखाड़ों की उपस्थिति से कुंभ क्षेत्र में बढ़ी रौनक

    महाकुंभ(Mahakumbh) 2025

    सर्व सम्मति से पहले दिन 10 अखाड़ों को किया गया भूमि का आवंटन

    अखाड़ों ने कुंभ क्षेत्र में अपनी अपनी भूमि पर कराया सीमांकन, खूंटे गाड़ने की परंपरा हुई पूरी

    मेला प्राधिकरण और अखाड़ों के संतों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न बैठक के बाद शुरू हुआ अखाड़ों की बसावट का सिलसिला

    प्रयागराज, 18 नवंबर। प्रयागराज में होने जा रहे सनातन परंपरा के सबसे बड़े समागम महाकुंभ(Mahakumbh)2025 में कुंभ क्षेत्र में साधु संतों की चहल पहल बढ़नी शुरू हो गई है। महाकुंभ(Mahakumbh) 2025 में जन आस्था के सबसे बड़े आकर्षण अखाड़ों की बसावट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीएम योगी के निर्देश पर कुंभ मेला प्रशासन ने अखाड़ों के संतों की सहमति से कुंभ क्षेत्र में छावनी बसाने के लिए भूमि आवंटित करनी शुरू कर दी है।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    Mahakumbh 2025 कुंभ क्षेत्र में 10 अखाड़ों को किया गया भूमि का आवंटन

    मुख्यमंत्री योगी की दिव्य और भव्य महाकुंभ के आयोजन की परिकल्पना ने कुंभ क्षेत्र में आकार लेना प्रारंभ कर दिया है। इस दिशा के सबसे पहले कदम सनातन संस्कृति के प्रतीक अखाड़ों को भूमि आवंटन की प्रकिया शुरू हो गई। कुंभ क्षेत्र में आज संन्यासी और उदासीन अखाड़ों के संतों को अपनी छावनी लगाने के लिए कुंभ मेला प्रशासन की तरफ से भूमि का आवंटन शुरू कर दिया गया। अपर कुंभ मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी बताते हैं कि आवंटन के पहले दिन साधु संतों की सहमति से दस अखाड़ों की कुंभ क्षेत्र में जमीन का आवंटन किया गया है।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का कहना है कि पहले दिन संन्यासी और उदासीन अखाड़ों के लिए भूमि आवंटित की गई। प्रशासन के सहयोग से अब यहां भूमि पूजन की प्रकिया पूरी करने के बाद अन्य परंपराएं पूरी की जाएंगी ।

    अखाड़ों ने अपनी भूमि का किया सीमांकन, खूंटा गाड़ने की परंपरा हुई पूरी

    सभी अखाड़ों में भूमि आवंटन की सहमति बनने के साथ ही कुंभ मेला प्रशासन के अधिकारियों की टीम अखाड़ों के साधु संतो के साथ कुंभ मेला क्षेत्र में अखाड़ा सेक्टर पहुंची । यहां मेला प्रशासन की तरफ से अखाड़ों को उनकी भूमि को दिखाया गया जहां उनकी छावनी लगनी है। पूरी तरह समतल भूमि पर अखाड़ों ने अपनी अपनी भूमि का सीमांकन किया । इसके उपरांत कुंभ क्षेत्र में खूंटा गाड़ने की परम्परा पूरी की गई। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी बताते है कि मेला क्षेत्र में भूमि सीमांकन के साथ ही अखाड़ों ने अपने खूंटे गाड़ दिए हैं अब अखाड़ों के सभी कार्यक्रम इसी भूमि से संपादित होंगे। श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के सचिव महंत जमुना पुरी का कहना है कि कुंभ की स्थापित परंपरा के अनुसार ही मेला प्रशासन से हमें भूमि प्राप्त हुई है। अब अखाड़े की पूर्व नियोजित योजना के अनुसार बसावट का कार्य पूरा होगा।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

    मेला प्रशासन और अखाड़ों के बीच संपन्न बैठक से बनी सहमति

    मेला प्राधिकरण की तरफ से 18 और 19 नवम्बर को अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन की योजना बनी थी। उसी के अनुरूप सोमवार की श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण के मुख्यालय में मेला प्रशासन और अखाड़ों के बीच एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ही मेला क्षेत्र में अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन पर अंतिम मुहर लगी।बैठक समापन के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि “हम सभी 13 अखाड़े एकजुट हैं और मेला प्रशासन जो जमीन हमें देगा, हम उस पर तैयार हैं। उन्होंने कहा, “ हमारा मेला है, हमारे मुख्यमंत्री योगी जी हैं..।

    Mahakumbh 2025
    Mahakumbh 2025

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    जहां-जहां जमीन हमें आबंटित होगी, हम खुशी से वहां निशान लगाएंगे।”महंत रवींद्र पुरी ने कहा, “बैठक में सभी की समस्याएं सुनी गईं जिनका हल निकाल लिया गया है। इस बैठक में 10 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं.. बाकी तीन अखाड़ों से भी हमारी बात हुई है। हम सब एक हैं। हमने प्रशासन से जमीन और सुविधाएं बढ़ाने की बात कही थी जिसे प्रशासन ने मान ली है।”
    आज दस अखाड़ों को भूमि का आवंटन किया गया। शेष तीन वैष्णव अखाड़ों को 19 नवंबर को भूमि आवंटन होगा।

  • Uttar Pradesh: मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘संत राजनीति’ की आलोचना और कांग्रेस पर इसका संभावित प्रभाव

    Uttar Pradesh: मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘संत राजनीति’ की आलोचना और कांग्रेस पर इसका संभावित प्रभाव

    Uttar Pradesh: मल्लिकार्जुन खड़गे की धार्मिक नेताओं के राजनीति में भूमिका पर हालिया टिप्पणी, जो Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर इशारा करती है, ने बहस छेड़ दी है। कांग्रेस अध्यक्ष की बातों से यह संकेत मिलता है कि उन्हें योगी के उस तरीके से परेशानी है, जिसमें अध्यात्म को शासन के साथ जोड़ा जाता है। हालांकि, कांग्रेस शायद “संत राजनीति” के जोखिमों को उजागर करना चाहती है, लेकिन यह रणनीति उलटी पड़ सकती है, क्योंकि इससे योगी और उनकी धार्मिक छवि का समर्थन करने वाले मतदाता उनसे दूर हो सकते हैं।

    Mallikarjun Kharge’s योगी को क्यों निशाना बना रहे हैं?

    मल्लिकार्जुन खड़गे  के बयान कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही उस नीति को दर्शाते हैं, जिसमें धर्म और शासन को अलग रखने की बात कही जाती है। उनका मानना है कि राजनीति में धार्मिक प्रभाव सामाजिक सौहार्द को बाधित कर सकता है और कुछ विशेष समुदायों को लाभ पहुंचा सकता है। योगी जैसे प्रमुख हिंदू धार्मिक नेता और राजनीतिज्ञ को निशाना बनाकर खड़गे संभवतः उन मतदाताओं को आकर्षित करना चाहते हैं, जो धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखते हैं। हालांकि, Uttar Pradesh और देश भर में योगी की लोकप्रियता दिखाती है कि उनके समर्थक उनकी आध्यात्मिकता को उनकी ताकत मानते हैं, कमजोरी नहीं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    Uttar Pradesh: Congress के लिए जोखिम

    Congress के लिए इस रणनीति के कुछ नुकसान हो सकते हैं। योगी आदित्यनाथ एक प्रमुख BJP नेता और लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं जिनका एक बड़ा समर्थन आधार है। कई भारतीय उनके धार्मिक पहचान को उनकी असलियत का हिस्सा मानते हैं और उसे सकारात्मक दृष्टिकोण से देखते हैं। खड़गे द्वारा इस पहलू की आलोचना करना उन मतदाताओं को दूर कर सकता है, जो आध्यात्मिक मूल्यों वाले नेताओं का सम्मान करते हैं, और इससे Congress की छवि पर भी असर पड़ सकता है।

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    “संत राजनीति” पर Mallikarjun Kharge’s का फोकस एक साहसिक कदम है, लेकिन यह दोधारी तलवार साबित हो सकता है। जहां Congress खुद को धर्मनिरपेक्ष दिखाने की कोशिश कर रही है, वहीं योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाकर वह उन मतदाताओं को भी दूर कर सकती है, जो नेताओं में धार्मिक मूल्यों को सकारात्मक मानते हैं। चुनाव करीब हैं, और इस रणनीति का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि मतदाता खड़गे की बातों को धर्मनिरपेक्षता का समर्थन मानते हैं या विश्वास-आधारित नेतृत्व पर हमले के रूप में देखते हैं।

  • उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) उपचुनाव 2024: भाजपा ने 7 उम्मीदवारों की सूची जारी की, करहल से अनुजेश यादव को मिला टिकट

    उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) उपचुनाव 2024: भाजपा ने 7 उम्मीदवारों की सूची जारी की, करहल से अनुजेश यादव को मिला टिकट

    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)उपचुनाव की तैयारियों में तेजी
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)में आगामी उपचुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 7 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। करहल सीट से अनुजेश यादव को पार्टी का टिकट मिला है, जो इस उपचुनाव का एक बड़ा आकर्षण है।

    भाजपा(BJP) ने जारी की 7 उम्मीदवारों की सूची

    भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 7 नाम शामिल हैं, जो विभिन्न विधानसभा सीटों से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। इन उम्मीदवारों का चयन भाजपा की चुनावी रणनीति और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
    करहल सीट से अनुजेश यादव को टिकट
    करहल विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है, से भाजपा ने अनुजेश यादव को मैदान में उतारा है। यह सीट पहले समाजवादी पार्टी के पास थी, लेकिन भाजपा की इस नई रणनीति से यहां मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अनुजेश यादव की उम्मीदवारी को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र यादव बहुल है और अनुजेश यादव की पकड़ इस इलाके में मजबूत मानी जाती है।

    उपचुनाव की महत्वपूर्ण सीटें

    इस बार के उपचुनाव में कई प्रमुख सीटों पर जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा। करहल के अलावा अन्य 6 सीटों पर भी भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। हर सीट पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर रणनीतियां बनाई जा रही हैं।
    भाजपा की चुनावी रणनीति
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) उपचुनाव के लिए भाजपा ने एक मजबूत चुनावी अभियान की योजना बनाई है। पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के चयन में जातिगत समीकरणों और क्षेत्रीय मुद्दों का खास ध्यान रखा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि भाजपा की जीत सुनिश्चित हो सके।

    समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती

    करहल सीट से अनुजेश यादव को टिकट मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के लिए चुनौती बढ़ गई है। यह सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन भाजपा ने यहां से युवा और प्रभावी नेता को मैदान में उतारकर मुकाबले को कठिन बना दिया है।

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    उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh)  भाजपा की बढ़ती ताकत

    उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) उपचुनाव में भाजपा की रणनीति और उम्मीदवार चयन से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी अपने किले को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। करहल से अनुजेश यादव का चयन और अन्य 6 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा से पार्टी की चुनावी तैयारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह उपचुनाव एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

  • मार्च 2025 में 32 लाख करोड़ होगी उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) की जीडीपी : सीएम योगी

    मार्च 2025 में 32 लाख करोड़ होगी उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) की जीडीपी : सीएम योगी

    Uttar Pradesh

    – समृद्धि सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यूपी की आर्थिक विकास यात्रा को बताया सफल

    – Uttar Pradesh,मुख्यमंत्री ने माफिया के खिलाफ कार्रवाई और निवेश को दी प्राथमिकता

    – बोले सीएम, यूपी में 64 हजार एकड़ भूमि माफियाओं से मुक्त कराई गई

    – राज्य के एमएसएमई और स्किल्ड मैनपावर बड़े निवेश के आधार : सीएम योगी

    – पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया : मुख्यमंत्री

    – देश के सबसे अच्छे हाईवे यूपी में : योगी आदित्यनाथ

    Uttar Pradesh:लखनऊ, 23 अक्टूबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) मार्च 2025 तक 32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सीएम योगी ने यह बात बुधवार को एक प्रमुख समाचार पत्र द्वारा ताज होटल में आयोजित ‘समृद्धि’ राउंड टेबल सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने इस कार्यक्रम में राज्य की आर्थिक उपलब्धियों, सुरक्षा व्यवस्था, औद्योगिक विकास और माफिया के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की।

    Uttar Pradesh:पहले होते थे वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया की नीति अपनाती थीं, जबकि हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग की। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय राज्य की जीडीपी 12 लाख करोड़ रुपये थी, लेकिन उनकी सरकार के प्रयासों से 2023-24 में यह आंकड़ा 26 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है और अब 32 लाख करोड़ का लक्ष्य तय किया गया है।

    Uttar Pradesh:माफिया और अपराधी कतई बर्दाश्त नहीं

    सीएम योगी ने राज्य में माफिया के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपराधियों और माफिया को कतई बर्दाश्त नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जिस क्रूरता से अपराधी और माफिया नागरिकों के साथ व्यवहार करते थे, उसी क्रूरता से हमारी सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती है। उन्होंने बताया कि राज्य में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसके तहत 64 हजार एकड़ भूमि माफियाओं से मुक्त कराई गई है। पहले की सरकारें माफिया की मदद करती थीं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा हटाकर राज्य को माफिया मुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    Uttar Pradesh:यूपी में निवेश के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में निवेश और औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब निवेश की स्थिति बेहद खराब थी। लेकिन अब यूपी में निवेश के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले हमारे अधिकारियों को 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाना भी बड़ी बात लगती थी, लेकिन आज हम 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त कर चुके हैं, जिससे डेढ़ करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    Uttar Pradesh:पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया

    सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुलिस बल में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि 1.54 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में अपराधी पुलिस की मदद से ही अपराध करते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। यूपी पुलिस अब पूरी तरह से सक्षम है और अपराधियों में खौफ पैदा कर रही है। सीएम योगी ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने पुलिस ट्रेनिंग की अवधि को बढ़ाया और 6 हजार पुलिस कर्मियों को एक साथ ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा, पुलिस बल में पैरा मिलिट्री और मिलिट्री सेंटर से भी सहयोग लिया गया, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है।

    Uttar Pradesh CM Yogi
    Uttar Pradesh CM Yogi

    Uttar Pradesh:देश के सबसे अच्छे हाईवे यूपी में

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की सड़कों को गड्ढों से भरा हुआ माना जाता था, लेकिन आज राज्य की सड़कें देश के सबसे अच्छे हाइवे में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बन चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे पर कार्य चल रहा है, जिसके मेन कैरेजवे को इस साल के अंत तक कार्यान्वित कर दिया जाएगा। आज गोरखपुर-लिंक एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। इसके अलावा, देश का पहला 12-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली-मेरठ में शुरू हो चुका है और छह शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाएं भी चालू हैं। देश का पहला वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच प्रारंभ हो चुका है।

    Uttar Pradesh:वाराणसी में हैं सर्वााधिक जीआई टैग

    लॉजिस्टिक्स हब बनने के लिए यूपी में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वाराणसी में लॉजिस्टिक मल्टीमॉडल टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है और गौतम बुद्ध नगर में लॉजिस्टिक हब की भी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यूपी ने 75 जिलों में 75 जीआई टैग प्राप्त किए हैं, जिसमें वाराणसी सबसे आगे है। सीएम योगी ने व्यापार और निर्यात के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद अब 16 हजार करोड़ रुपये के उत्पादों का एक्सपोर्ट कर रहा है, जबकि भदोही का कॉर्पेट उद्योग 8 हजार करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट करता है। उन्होंने फिरोजाबाद के ग्लास उद्योग और मेरठ के खेल उत्पाद उद्योग का भी उल्लेख किया, जो अब देश-विदेश में ब्रांड बन चुके हैं।

    Uttar Pradesh:आर्थिक समृद्धि के लिए बिजनेस महत्वपूर्ण

    सीएम योगी ने कहा कि बिजनेस राज्य की आर्थिक समृद्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि, गोरक्षा और वाणिज्य सभी एक साथ चलते हैं और इन्हें अलग नहीं किया जा सकता।
    उन्होंने कहा कि राज्य के एमएसएमई और स्किल्ड मैनपावर बड़े निवेश के आधार बनते हैं। पीएम मोदी की विश्वकर्मा योजना और ओडीओपी योजना बड़े निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में यह देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की आर्थिक और औद्योगिक विकास यात्रा जारी रहेगी और उत्तर प्रदेश भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • Yogi govt: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आठवां दीपोत्सव होगा महा भव्य

    Yogi govt: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आठवां दीपोत्सव होगा महा भव्य

    Yogi govt

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi Adityanath)

    दीपोत्सव 2024

    त्रेता युग का अनुभव कराएंगे संस्कृति विभाग के मंच

    – श्रीरामलला के विराजमान होने के बाद पहले दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज

    – पहले से अधिक भव्य और अद्वितीय होने जा रहा अयोध्या का दीपोत्सव

    – दीपोत्सव के लिए 10 बड़े सांस्कृतिक मंचों का किया जा रहा निर्माण

    अयोध्या, 21 अक्टूबर: दीपोत्सव 2024 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और रामनगरी अयोध्या में भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष, दीपोत्सव का आठवां संस्करण पहले से भी अधिक भव्य और अद्वितीय होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  (Yogi govt) योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का प्रयास जारी है, जिससे भगवान श्रीराम के समय की पवित्रता और आध्यात्मिकता का अनुभव कराया जा सके। राम की पैड़ी, जहां लाखों दीप जलाए जाएंगे, को विस्तार देने का काम चल रहा है और नगर को पूरी तरह से सजाया और संवारा जा रहा है।

    आधुनिक तकनीक से सुसज्जित मंच और भव्य प्रदर्शनी

    Yogi govt: संस्कृति विभाग द्वारा दीपोत्सव के लिए 10 बड़े सांस्कृतिक मंचों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें तीन बड़े और सात छोटे मंच शामिल हैं। इन मंचों पर आधुनिक तकनीक के सहारे त्रेता युग की झलकियों को प्रदर्शित किया जाएगा। रामकथा पार्क में एक विशाल प्रदर्शनी का आयोजन होगा, जो रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आधुनिक तकनीकी माध्यमों से जीवंत करेगी। इस प्रदर्शनी में श्रद्धालु त्रेता युग का अनुभव कर सकेंगे और रामायण के महत्वपूर्ण पलों को करीब से देख पाएंगे।

    Yogi govt
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    मठ-मंदिरों की सजावट और सफाई का विशेष ध्यान

    दीपोत्सव के भव्य आयोजन के लिए अयोध्या नगर निगम और संस्कृति विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। नगर निगम शहर की साफ-सफाई और पेंटिंग का कार्य कर रहा है, जबकि संस्कृति विभाग मठों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों को सजाने-संवारने में जुटा हुआ है। मठ-मंदिरों की सजावट के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और भव्य वातावरण का अनुभव हो।

    Yogi govt:-अयोध्या-लखनऊ मार्ग का नवीनीकरण

    इस वर्ष, दीपोत्सव से पहले अयोध्या को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाले गोरखपुर-लखनऊ रोड को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। इस मार्ग पर रामायण से जुड़े प्रसंगों की जीवंत झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी। मार्ग के दोनों ओर रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को चित्रित करने की योजना बनाई गई है, जिससे दीपोत्सव की पवित्रता और महत्ता को बढ़ाया जा सके।

    दीपोत्सव की तिथियां और कार्यक्रम

    दीपोत्सव 2024 के कार्यक्रम 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर दीपों की जगमगाहट के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम होगी। मुख्य आयोजन स्थल राम की पैड़ी को भव्य रूप से सजाया जाएगा और यहां लाखों दीप जलाए जाएंगे।

    कहां-कहां बनेंगे सांस्कृतिक मंच

    संस्कृति विभाग ने पूरे शहर में 10 सांस्कृतिक मंच बनाने की योजना बनाई है, जिनमें प्रमुख स्थान निम्नलिखित हैं:

    रामकथा पार्क: यहां आधुनिक तकनीकी आधारित प्रदर्शनी का आयोजन होगा।

    गुप्तार घाट: यहां बड़े सांस्कृतिक मंच का निर्माण किया जाएगा।

    बड़ी देवकाली: यहां भी एक प्रमुख मंच बनेगा।

    नया घाट: यहां दीपोत्सव के दौरान सबसे बड़ा मंच होगा।

    रामघाट: सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।

    बिड़ला धर्मशाला, भरतकुंड, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल, नाका हनुमानगढ़ी, बस अड्‌डा बाईपास, और धर्मपथ में भी छोटे-छोटे मंच बनाए जाएंगे।

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    अयोध्या को त्रेता युग का रूप देने की तैयारी

    दीपोत्सव 2024 का आयोजन भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद पहली बार हो रहा है, जिससे इस पर्व की महत्ता और भी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi govt) योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का प्रयास हो रहा है। रामनगरी को सजाने और संवारने का काम दिन-रात जारी है, ताकि इस आयोजन को अद्वितीय और यादगार बनाया जा सके।

  • हरियाणा(Haryana) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम योगी

    हरियाणा(Haryana) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम योगी

    हरियाणा(Haryana) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम योगीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर दीं शुभकामनाएंआरती सिंह राव, कृष्ण कुमार बेदी, श्याम सिंह राणा भी बने मंत्री, योगी ने तीनों के लिए किया था प्रचार। 

    लखनऊ, 17 अक्टूबर:* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को पंचकूला में हुए हरियाणा (Haryana) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरियाणा (Haryana)के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत मंत्रिमंडल में शामिल सभी सदस्यों को भी बधाई दी। 

    प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व रक्षा मंत्री का किया अभिवादन

    शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर अभिवादन किया। योगी आदित्यनाथ ने अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री समेत गणमान्य लोगों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आमजन का भी हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

    साकार होगी ‘विकसित हरियाणा (Haryana) , विकसित भारत’ की संकल्पना

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने लिखा – नायब सिंह सैनी जी को हरियाणा (Haryana) राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन तथा आपके (नायब सिंह सैनी) यशस्वी नेतृत्व में ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ की संकल्पना साकार होगी।

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    योगी ने आरती, केके बेदी, श्याम सिंह राणा को भी दी बधाई

    नायब सिंह सैनी मंत्रिमंडल में अटेली से जीत दर्ज करने वालीं आरती सिंह राव, नरवाना से कृष्ण कुमार बेदी, रादौर से श्याम सिंह राणा भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर को कृष्ण कुमार बेदी तथा 28 सितंबर को आरती सिंह राव व श्याम सिंह राणा के लिए चुनाव प्रचार किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।