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  • जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में कायराना आतंकी हमला 6 निर्माण श्रमिकों और डॉक्टर की दर्दनाक मौत

    जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में कायराना आतंकी हमला 6 निर्माण श्रमिकों और डॉक्टर की दर्दनाक मौत

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में हाल ही में एक करना आतंकी हमले में ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है इस हमले में छह निर्माण श्रमिक और एक डॉक्टर के दुखहर मौत हो गई है। यह आतंकी हमला जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) के शांतिपूर्ण वातावरण को फिर से आसान करने की कोशिश का हिस्सा है जहां आतंकी तत्व निर्दोष लोगों का निशाना बना रहे हैं।

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में आतंकवाद की चुनौती 

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) पिछले के दशकों से आतंक का शिकार रहा है, और वही यह हमला एक बार फिर से इस क्षेत्र में फैली अस्थिरता और हिंसा को दर्शाता है। इस प्रकार के हमले न केवल  निर्दोष नागरिकों के जीवन पर भारी पड़ते हैं बल्कि क्षेत्र के विकास और सुरक्षा पर बहुत ही गहरा असर डालते हैं।

    निर्माण श्रमिकों को बनाया निशाना 

    इस करतारपुर हमले में आतंकियों ने उन श्रमिकों का निशाना बनाया जो क्षेत्र के विकास के कार्यों में जूटे थे यह निर्माण श्रमिक जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) की उन्नति में अपना योगदान दे रहे थे लेकिन आतंकियों ने उन्हें बेरहमी से मार दिया यह हमला दिखता है कि आतंकवादी विकास और शांति के दुश्मन है। और वह जम्मू कश्मीर में अस्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

    सरकार की प्रतिक्रिया 

    जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के निर्वाचित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ऐसे “गैर स्थानीय मजदूरों पर कायरतापूर्ण और कायरतापूर्ण हमला” कहा। श्री अब्दुल्ला ने कहा यह लोग क्षेत्र में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे, इस आतंकवादी हमले में दो लोग मारे गए हैं और दो तीन अन्य घायल हो गए हैं मैं निहत निर्दोष लोगों पर इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) प्रशासना केंद्र सरकार ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है सुरक्षा बलों को अलर्ट कर रखा है और क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है सरकार ने इस हमले को मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया है।

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में शांति और विकास की आवश्यकता

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) को विकास और शांति की बेहद जरूरत है ताकि वह वहां के लोग एक सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी सके और आतंकवादी हमले इस दिशा में बड़ी बाधा है लेकिन सरकार और स्थानीय लोग इस चुनौती का डटकर सामना कर रहे हैं।

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    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में इस तरह के करना आतंकी हमले में शांति और विकास को रोकने की कोशिश की जा रही है लेकिन सुरक्षा बलों और सरकार की मुस्तैदी से आतंकियों की यह साजिश नाकाम होगी देश की जनता के दिल में जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) के लोग लोगों के लिए सम्मान और सहानुभूति है और हर कोई इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

  • Jammu and Kashmir:कांग्रेस के बिना चुनाव नहीं बीजेपी के बिना सरकार नहीं है अमर अब्दुल्ला की रणनीति।

    Jammu and Kashmir:कांग्रेस के बिना चुनाव नहीं बीजेपी के बिना सरकार नहीं है अमर अब्दुल्ला की रणनीति।

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) की रणनीति में उमर अब्दुल्ला का नाम एक प्रमुख चेहरा है, जो उनकी राजनीति हमेशा से चर्चा में रही है और लेकिन हाल ही में इन दिनों उनकी रणनीति और भी दिलचस्प हो गई है। ऐसा लगता है कि उमर अब्दुल्ला की राजनीति अब पूरी तरह से कांग्रेस और बीजेपी के इर्द-गिर्द घूम रही है।

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) में चुनाव जीतने के बाद उमर अब्दुल्ला को कांग्रेस का साथ चाहिए, लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्हें भाजपा(BJP) का समर्थन चाहिए और राजनीति का एक नया समीकरण है जिसे उमर अब्दुल्ला ने बखूबी अपनाया है।

    Jammu and Kashmir में कांग्रेस (Congress) के बिना चुनाव नहीं 

    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) की राजनीति में कांग्रेस का अहम रोल रहा है, चुनावी मैदान में उतरने के समय उमर अब्दुल्ला कांग्रेस के साथ समर्थन की जरूरत पड़ती है, और कांग्रेस के साथ मिलने से उन्हें वोट बैंक मिलता है खासकर उन इलाकों से जहां कांग्रेस की जड़े मजबूत है।

    Jammu Kashmir Omar Abdullah
    Jammu Kashmir Omar Abdullah

    Jammu and Kashmir में बीजेपी (BJP)के बिना सरकार नहीं 

    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में जहां एक ओर कांग्रेस के बिना चुनाव जीतना मुश्किल है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के बिना सरकार चलाना भी आसान नहीं है, जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के लिए बीजेपी का समर्थन बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि भाजपा केंद्र में सत्तासीन है और जम्मू(Jammu and Kashmir) क्षेत्र में उनका प्रभाव बढ़ रहा है, उमर अब्दुल्ला इस समीकरण को समझते हैं कि वह सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ संबंध बनाएं रखना जरूरी है।

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    जम्मू और कश्मीर(Jammu and Kashmir) की राजनीति में उमर अब्दुल्ला की रणनीति यही दर्शाती है, कि वह राजनीति केवल विचारधारा पर नहीं बल्कि व्यावहारिक समीकरणों पर आधारित होती जा रही है, क्योंकि कांग्रेस (Congress)और बीजेपी (BJP)के बिना उमर अब्दुल्ला के लिए ना तो चुनाव जीतना आसान है और ना ही सरकार चलाना आसान है।