Category: उत्तर प्रदेश

  • UP Day 2026 (उत्तर प्रदेश दिवस) पर केंद्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री ने किया ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का शुभारंभ

    UP Day 2026 (उत्तर प्रदेश दिवस) पर केंद्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री ने किया ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का शुभारंभ

    UP Day 2026

    सम्मानित किए गए ‘यूपी के गौरव’

    ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का भी किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच जनपदों के जिलाधिकारियों को गृह मंत्री ने किया सम्मानित

    लखनऊ, 24 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर जनपद के विशिष्ट व्यंजन को अलग पहचान दिला दी। यूपी के जनपदों की पहचान अब इन व्यंजनों से भी होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस पर शनिवार को ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का शुभारंभ किया। मुख्य समारोह में इस पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली पांच प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें 11 लाख रुपये, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच जनपदों के जिलाधिकारी भी सम्मानित किए गए। केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का भी शुभारंभ किया।

    UP Day 2026 : गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस का किया आगाज
    UP Day 2026 : गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस का किया आगाज

    गृह मंत्री के हाथों इन विभूतियों को मिला उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 

    विंग कमांडर शुभांशु शुक्ल – अंतरिक्ष यात्रा

    अलख पांडेय – शिक्षा, उद्यमिता व स्वावलंबन के क्षेत्र में 

    सुश्री रश्मि आर्य – शिक्षा एवं नवाचार

    डॉ. हरिओम पंवार – साहित्य 

    डॉ. सुधांशु सिंह – कृषि क्षेत्र

    सीएम युवा योजना के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन जिलाधिकारियों का हुआ सम्मान 

    डॉ. दिनेश चंद्र – डीएम जौनपुर 

    रवींद्र कुमार – डीएम आजमगढ़ 

    अनुनय झा – डीएम हरदोई 

    अनुपम शुक्ल – डीएम अंबेडकरनगर 

    मृदुल चौधरी – डीएम झांसी 

    UP Day 2026 : राष्ट्र प्रेरणा स्थल के मंच पर उतरा ‘संपूर्ण उत्तर प्रदेश’ 

    यूपी दिवस (UP Day 2026) पर सबसे पहले वंदे मातरम् का गान हुआ। इसके उपरांत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान थीम सांग ‘उत्तर प्रदेश-उत्तम प्रदेश’ ने उत्तर प्रदेश की महिमा का वर्णन किया। इसके पश्चात राष्ट्र प्रेरणा स्थल के मंच पर ‘संपूर्ण उत्तर प्रदेश’ उतर पड़ा, जब ब्रज, बुंदेली, अवधी, भोजपुरी बोलियों के ‘सांस्कृतिक संगम’ में अतिथियों व दर्शकों ने आनंद की डुबकी लगाई। विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से हर किसी का दिल जीत लिया, दर्शकों ने भी तालियां बजाकर इन कलाकारों का उत्साहवर्धन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

    ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर आधारित प्रदर्शनियों का किया उद्घाटन

    गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर तीनों महापुरुषों (श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी) की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शिल्प मेला, ओडीओसी व्यंजन मेला व ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।   

    UP Day 2026 : गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस का किया आगाज
    UP Day 2026 : गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस का किया आगाज

    ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का किया शुभारंभ 

    गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस (UP Day 2026) के मंच पर ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का भी शुभारंभ किया। युवाओं के लिए रोजगार व उद्योग को बढ़ावा देने वाली इस योजना पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

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    मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर किया गृह मंत्री का स्वागत 

    UP Day 2026 : उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम में शामिल होने शनिवार सुबह राजधानी पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने लखनऊ एयरपोर्ट पर गृह मंत्री को पुष्पगुच्छ देकर प्रदेश की राजधानी में उनका स्वागत किया। वहीं यूपी दिवस के मुख्य मंच पर सीएम ने गृह मंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया।

  • Uttar Pradesh blackout : आज शाम उत्तर प्रदेश में ब्लैकआउट, घबराएं नहीं, यह सिर्फ प्लान्ड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल है!

    Uttar Pradesh blackout : आज शाम उत्तर प्रदेश में ब्लैकआउट, घबराएं नहीं, यह सिर्फ प्लान्ड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल है!

    Uttar Pradesh blackout – नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस। इस खास मौके पर शाम ठीक 6 बजे से पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक प्लान्ड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होने वाली है।

    अगर आप लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी या राज्य के किसी भी कोने में हैं, तो शाम को अचानक सायरन की आवाज सुनेंगे और कुछ मिनटों के लिए बिजली गुल हो जाएगी। कई लोग सोच रहे होंगे – “अरे, क्या हुआ? पावर ग्रिड फेल हो गया क्या?”

    नहीं! बिल्कुल नहीं। यह कोई असली इमरजेंसी या तकनीकी खराबी नहीं है। यह नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defence Department) द्वारा आयोजित एक सुनियोजित अभ्यास है, जिसका मकसद आपातकालीन स्थितियों (जैसे हवाई हमला या बड़ा संकट) में तैयारी को परखना है।

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस
    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस

    Uttar Pradesh blackout : आज शाम क्या-क्या होगा?

    • शाम 6:00 बजे: हवाई चेतावनी सायरन बजेंगे (हाई और लो टोन में लगभग 2 मिनट तक)।
    • ब्लैकआउट: उसके बाद चयनित क्षेत्रों में करीब 10 मिनट के लिए बिजली बंद रहेगी – पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाएगा।
    • ऑल क्लियर सायरन: अभ्यास खत्म होने पर अलग टोन का सायरन बजेगा, और सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

    आपको क्या करना चाहिए?

    • घर, दुकान, ऑफिस या वाहनों की सभी लाइटें बंद कर दें।
    • टॉर्च, मोबाइल फ्लैशलाइट या कोई भी रोशनी न जलाएं।
    • शांत रहें, सुरक्षित जगह पर रहें और जरूरी हो तो परिवार के साथ रहें।
    • सबसे जरूरी – घबराएं नहीं! यह सिर्फ एक अभ्यास है।

    यह ड्रिल पहले से ही घोषित थी। India TV, Zee News, Dainik Jagran, Amar Ujala, Hindustan समेत कई बड़े न्यूज़ चैनल और अखबारों ने पिछले कुछ दिनों में इसकी जानकारी दी थी। सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन टीम भी इसमें सक्रिय रहेंगी।

    Civil Defence Mock Drill
    Uttar Pradesh blackout : Civil Defence Mock Drill

    Uttar Pradesh blackout : ऐसे अभ्यास क्यों जरूरी हैं?

    Uttar Pradesh blackout : आज के समय में जब दुनिया में तनाव बढ़ा हुआ है, ऐसे मॉक ड्रिल हमें और हमारे प्रशासन को तैयार रखते हैं। यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय की “ब्लैकआउट” रणनीति से प्रेरित है, जब शहरों को अंधेरा करके दुश्मन के हवाई हमलों से बचाव किया जाता था। आज भी यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है।

    तो शाम को जब सायरन बजे और लाइटें गुल हों, तो मुस्कुराएं और सोचें – “हम तैयार हैं!”

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    अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों को यह जानकारी जरूर शेयर करें ताकि कोई अफवाह न फैले और सब शांतिपूर्वक सहयोग कर सकें।

    सुरक्षित रहें, सहयोग करें।

    जय हिंद! जय उत्तर प्रदेश!

  • Gorakhpur Mahotsav 2026 : पवन सिंह के जोश ने उड़ाए होश, भीड़ बेकाबू होने पर पुलिस को भांजनी पड़ी लाठियां

    Gorakhpur Mahotsav 2026 : पवन सिंह के जोश ने उड़ाए होश, भीड़ बेकाबू होने पर पुलिस को भांजनी पड़ी लाठियां

    Gorakhpur Mahotsav 2026 : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चल रहे बहुचर्चित गोरखपुर महोत्सव के दूसरे दिन कुछ ऐसा हुआ जो सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय चर्चाओं तक छा गया। भोजपुरी सिनेमा के पावरहाउस पवन सिंह का लाइव शो देखने के लिए जुटी भीड़ इतनी उतावली हो गई कि मामला लाठीचार्ज तक पहुंच गया।

    चंपा देवी पार्क में आयोजित इस महोत्सव में रविवार की रात पवन सिंह का कार्यक्रम था। मंच पर उनके साथ भोजपुरी के एक और बड़े नाम, अभिनेता-सांसद रवि किशन भी मौजूद थे। पवन सिंह ने जैसे ही अपने सुपरहिट गानों की बौछार शुरू की, दर्शकों का जोश हद पार कर गया। इसी बीच उन्होंने मंच पर अपना जन्मदिन भी सेलिब्रेट किया और केक काटा। यह दृश्य देखकर प्रशंसकों में और उत्साह भर गया।

     

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    लेकिन यही उत्साह जल्द ही अफरा-तफरी में बदल गया। हजारों की संख्या में जुटे फैंस मंच के करीब पहुंचने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने लगे। धक्का-मुक्की शुरू हुई, कुर्सियां उछलने लगीं और देखते-देखते दर्जनों कुर्सियां टूटकर बिखर गईं। भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    स्थिति को काबू में करने के लिए मौके पर तैनात पुलिस को मजबूरन माइल्ड लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए, हालांकि कोई बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने फौरन अतिरिक्त बल लगाकर माहौल को शांत किया और कार्यक्रम को आगे बढ़ने दिया।

    Gorakhpur Mahotsav 2026 : सोशल मीडिया पर घटना की वायरल वीडियो 

    सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस की लाठियां और भागती-दौड़ती भीड़ साफ दिख रही है। एक तरफ जहां पवन सिंह की फैन फॉलोइंग की ताकत साफ झलक रही है, वहीं दूसरी तरफ भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं।

    आयोजकों का कहना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में लोगों का आना स्वाभाविक था, लेकिन आगे के कार्यक्रमों में सुरक्षा के इंतजाम और मजबूत किए जाएंगे। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि उत्साह के साथ-साथ अनुशासन भी बनाए रखें।

    गोरखपुर में पवन सिंह का जलवा 

    Gorakhpur Mahotsav 2026 अभी कई दिनों तक चलेगा और इसमें कई बड़े कलाकार हिस्सा लेंगे। लेकिन पवन सिंह वाली यह रात शायद लंबे समय तक याद रहेगी – एक तरफ अपार जनसमर्थन की मिसाल और दूसरी तरफ भीड़ के जोश में खोई व्यवस्था की सीख।

    Gorakhpur Mahotsav 2026
    Gorakhpur Mahotsav 2026

    Gorakhpur Mahotsav 2026 : पवन सिंह की फैन फॉलोइंग का अंदाजा इसी से लगाइए कि टिकट होने या न होने से फर्क नहीं पड़ा – लोग बस अपने स्टार को करीब से देखने और सुनने के लिए पहुंच गए। भोजपुरी इंडस्ट्री में उनकी यह लोकप्रियता वाकई बेमिसाल है।

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    आगे देखना यह होगा कि महोत्सव के बाकी दिन शांतिपूर्ण और यादगार रहते हैं या नहीं। फिलहाल, गोरखपुर की यह रात सोशल मीडिया की सुर्खियां बनी हुई है।

    दीपू जैन की रिपोर्ट

  • Noida News : नोएडा में मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रिय कार्रवाई, पीड़ितों को मिला त्वरित सहयोग

    Noida News : नोएडा में मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रिय कार्रवाई, पीड़ितों को मिला त्वरित सहयोग

    Noida News: महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर मिशन शक्ति – नारी सुरक्षा, नारी सम्मान अभियान के अंतर्गत आज नोएडा में पुलिस टीमों द्वारा सक्रिय और सराहनीय कार्य किया गया। अभियान के पांचवें चरण के तहत नोएडा पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और संरक्षण को लेकर ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की।

    आज नोएडा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गठित मिशन शक्ति पुलिस टीमों ने महिलाओं से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएँ सुनीं और प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर विधिक कार्रवाई तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया गया।

    नोएडा पुलिस द्वारा प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की मदद से पीड़ित महिलाओं को मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता दी गई। इसके साथ ही आवश्यकता अनुसार उन्हें महिला हेल्प डेस्क, काउंसलिंग, विधिक सहायता और अन्य संबंधित विभागों से जोड़ा गया।

    मिशन शक्ति अभियान के तहत आज सार्वजनिक स्थानों, आवासीय क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाया गया। महिलाओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और आपातकालीन सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

    नोएडा पुलिस कमिश्नरेट द्वारा स्पष्ट किया गया कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की उत्पीड़न, हिंसा या असुरक्षा की स्थिति में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिशन शक्ति के माध्यम से पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराध के बाद कार्रवाई करना है, बल्कि अपराध की रोकथाम और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है।

    मिशन शक्ति – नारी सुरक्षा, नारी सम्मान अभियान के पांचवें चरण में नोएडा पुलिस की यह सक्रियता यह संदेश देती है कि महिला सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है।

    नोएडा से सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

  • भरत कुंड(Bharat Kund), नंदीग्राम : राम के वन जाने के बाद भरत ने कहाँ बिताए 14 साल? आज भी मौजूद है तपस्या का वो गुफा

    भरत कुंड(Bharat Kund), नंदीग्राम : राम के वन जाने के बाद भरत ने कहाँ बिताए 14 साल? आज भी मौजूद है तपस्या का वो गुफा

    Bharat Kund : रामायण की अमर कथा में भगवान श्रीराम के साथ-साथ उनके अनुज भरत का चरित्र भी अद्भुत और प्रेरणादायी है। जहां राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं, वहीं भरत भ्रातृ भक्ति, त्याग और धर्मपालन के सर्वोत्तम उदाहरण हैं। दुनिया में ऐसे भाई का मिलना दुर्लभ है जो बड़े भाई के इंतजार में 14 वर्ष तक कठोर तपस्या करे, राजसी वैभव त्याग दे और भाई की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर राज्य का शासन चलाए। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में एक ऐसा पवित्र स्थल मौजूद है – नंदीग्राम का भरत कुंड – जहां भरत जी ने श्रीराम के वनवास काल में रहकर तपस्या की और कोसल राज्य पर शासन किया।

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    Bharat Kund
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    रामायण में नंदीग्राम का महत्व

    वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड में वर्णन है कि जब भगवान राम 14 वर्ष के वनवास पर चले गए, तब कैकेयी के वरदान से भरत को राजा बनने का अवसर मिला। लेकिन भरत ने इसे स्वीकार नहीं किया। वे चित्रकूट पहुंचे और राम को वापस लाने का प्रयास किया। राम के दृढ़ निर्णय को देखकर भरत ने उनकी चरण पादुकाएं मांगीं और अयोध्या लौटकर उन्हें सिंहासन पर स्थापित किया। स्वयं वे अयोध्या से बाहर नंदीग्राम चले गए, जो उस समय एक वन क्षेत्र था।

    यहां भरत ने जटाएं धारण कीं, वल्कल वस्त्र पहने, कुश के आसन पर शयन किया, फल-मूल खाकर जीवन यापन किया और तपस्वी की तरह रहे। इसी स्थान से उन्होंने राम की पादुकाओं के माध्यम से राज्य का संचालन किया। राम के वियोग में भरत ने यहां कठोर तपस्या की और 14 वर्ष तक बड़े भाई की प्रतीक्षा की। यह स्थान भरत की अनन्य भक्ति और त्याग का जीवंत प्रमाण है।

    Bharat Kund
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    भरत कुंड(Bharat Kund) के प्रमुख स्थल

    नंदीग्राम, जिसे भरत कुंड के नाम से भी जाना जाता है, अयोध्या से लगभग 18-20 किलोमीटर दक्षिण में सुल्तानपुर रोड पर स्थित है। यहां कई महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल हैं:

    • भरत कुंड (सरोवर): यह वह पवित्र कुंड है जहां भरत जी रोजाना स्नान करते थे। मान्यता है कि यहां स्नान करने और पितरों का तर्पण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा पाप नष्ट होते हैं। इसे ‘छोटा गया’ भी कहा जाता है क्योंकि पितृ पक्ष में यहां पिंडदान की परंपरा प्रचलित है। कुछ कथाओं में उल्लेख है कि राम जी ने अपने पिता दशरथ का श्राद्ध यहीं कराया था।
    • भरत गुफा: जमीन में गड्ढा खोदकर बनाई गई यह गुफा वह स्थान है जहां भरत जी विश्राम करते और तपस्या करते थे। यह उनकी सादगी, विनम्रता और त्याग का प्रतीक है। पादुकाएं सिंहासन पर विराजमान थीं, जबकि भरत स्वयं फर्श पर सोते थे।
    • भरत-हनुमान मिलन मंदिर: यहां वह प्राचीन वट वृक्ष है जहां हनुमान जी और भरत का मिलन हुआ था। लंका विजय के बाद हनुमान जी राम की वापसी की सूचना लेकर आए थे। भरत ने उन्हें राक्षस समझकर तीर चलाया, लेकिन बाद में दोनों का भावपूर्ण मिलन हुआ।
    • भरत कूप: यहां भरत जी ने देश के 27 प्रमुख तीर्थों का जल एकत्र किया था, जिसका उपयोग राम के राज्याभिषेक में हुआ था।
    • भरत मंदिर: इस मंदिर में राम की पादुकाएं सिंहासन पर और भरत फर्श पर दर्शाए गए हैं, जो उनकी भाई भक्ति को जीवंत रूप प्रदान करता है।
    Bharat Kund
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    आज का भरत कुंड (Bharat Kund)

    वर्तमान में नंदीग्राम एक शांतिपूर्ण तीर्थ स्थल है। भरत सरोवर पर प्रतिदिन शाम की आरती होती है, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण और राम नगरी के विकास के साथ इस स्थान का भी सौंदर्यीकरण और विकास हो रहा है। अधिक से अधिक यात्री और भक्त यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं।

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    अयोध्या की यात्रा करने वाले श्रद्धालु यदि भरत कुंड नहीं जाते, तो उनकी यात्रा अधूरी मानी जाती है। यह स्थान हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति, त्याग और भ्रातृ प्रेम क्या होता है। भरत जैसे भाई का उदाहरण सदियों से दिया जाता रहा है और आगे भी दिया जाता रहेगा।

    जय सियाराम! जय भरत जी!

  • Kanpur Ganga Riverfront : कानपुर में बनेगा भव्य गंगा रिवरफ्रंट, गुजरात और पटना मॉडल पर आधारित नई परियोजना

    Kanpur Ganga Riverfront : कानपुर में बनेगा भव्य गंगा रिवरफ्रंट, गुजरात और पटना मॉडल पर आधारित नई परियोजना

    Kanpur Ganga Riverfront : उत्तर प्रदेश के कानपुरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है! गंगा नदी के तट पर वर्ल्ड क्लास रिवरफ्रंट एक बड़े सपने की योजना अब तेजी से हकीकत के करीब पहुंच रही है। यह परियोजना गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट और बिहार के पटना में बने गंगा पथ की तर्ज पर तैयार की जा रही है। इसमें घाटों का सुंदरीकरण, मंदिरों को जोड़ने वाले मार्ग और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली कई सुविधाएं शामिल होंगी। इस प्रोजेक्ट से शहर की खूबसूरती तो बढ़ेगी ही, साथ ही कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच यात्रा भी आसान हो जाएगी।

    Kanpur Ganga Riverfront : परियोजना की मुख्य विशेषताएं

    कानपुर का प्रस्तावित गंगा रिवरफ्रंट पहले चरण में लगभग 8 से 11.5 किलोमीटर लंबा होगा। यह अटल घाट से शुरू होकर पुराने गंगा पुल, जाजमाऊ या सिद्धनाथ घाट तक फैला हुआ है। गंगापथ परियोजना के तहत गंगा किनारे समानांतर सड़क बनाई जाएगी, जो शहर के व्यस्त वीआईपी रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगी।

    Kanpur Ganga Riverfront
    Kanpur Ganga Riverfront
    Kanpur Ganga Riverfront
    Kanpur Ganga Riverfront

    इस रिवरफ्रंट में शामिल होंगी ये प्रमुख सुविधाएं:-

    • घाटों का आधुनिकीकरण और सुंदरीकरण
    • पैदल चलने के लिए वॉकवे और हरे-भरे पार्क
    • धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों को जोड़ने वाले विशेष मार्ग
    • कैफे, शॉपिंग जोन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान
    • नौका विहार और गंगा आरती जैसे पर्यटन आकर्षण

    परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 3000 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने पटना के गंगा पथ का गहन अध्ययन किया है और कानपुर में भी उसी मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया गया है।

    ट्रांस गंगा सिटी ब्रिज :  बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में कदम

    Kanpur Ganga Riverfront के साथ ही ट्रांस गंगा सिटी को कानपुर से जोड़ने वाले नए पुल की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। यह पुल गंगा बैराज से उन्नाव की ट्रांस गंगा सिटी तक जाएगा।

    • पुल की लंबाई: लगभग 4.2 किलोमीटर (फोर लेन)
    • अनुमानित लागत: 730 से 800 करोड़ रुपये के आसपास
    • डिजाइन: कुछ प्रस्तावों में Y-आकार वाला डिजाइन शामिल
    • फायदे: कानपुर से उन्नाव और लखनऊ तक का सफर आसान, जाम की समस्या में कमी

    इसके अलावा, अटल घाट से पुराने गंगा पुल तक 8 किलोमीटर लंबे गंगापथ की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने इसके लिए बजट भी आवंटित किया है।

    Kanpur Ganga Riverfront
    Kanpur Ganga Riverfront

    पर्यटन और स्थानीय विकास पर प्रभाव

    यह परियोजना कानपुर को उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बना देगी। पहले से ही लोकप्रिय अटल घाट और बिठूर जैसे ऐतिहासिक स्थल अब और आसानी से पहुंच योग्य हो जाएंगे। गंगा किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम, नौका यात्रा और शाम की आरती से लाखों पर्यटक आकर्षित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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    Kanpur Ganga Riverfront : उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी योजनाओं का हिस्सा यह प्रोजेक्ट जल्द ही पूरा होने की राह पर है। कानपुर अब एक आधुनिक, सुंदर और पर्यटन के लिहाज से समृद्ध शहर बनने की ओर अग्रसर है।

  • Magh Mela 2026 : प्रयागराज में आस्था का पहला दिन 

    Magh Mela 2026 : प्रयागराज में आस्था का पहला दिन 

    Magh Mela 2026 : आज, 3 जनवरी 2026 को त्रिवेणी संगम की पावन धरती पर माघ मेला का शुभारंभ हो चुका है। यह वह पवित्र समय है जब लाखों-करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। माघ मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि सनातन धर्म की जीवंत परंपरा, तप, त्याग और भक्ति का महापर्व है।

    माघ मेला क्या है और इसका महत्व?

    प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में हर वर्ष माघ मास में लगने वाला यह मेला कुंभ मेला का छोटा रूप माना जाता है। पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन से निकले अमृत की कुछ बूंदें यहीं गिरती हैं, इसलिए संगम स्नान से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    यहाँ साधु-संत, नागा बाबा, अखाड़ों के संत और आम श्रद्धालु एक साथ डेरा डालते हैं। पूरा मेला क्षेत्र एक अस्थायी आध्यात्मिक नगर बन जाता है—जहाँ तंबू, आश्रम, भंडारे, कीर्तन और प्रवचन का अद्भुत मेला लगता है।

    Magh Mela 2026
    Magh Mela 2026

    Magh Mela 2026 की प्रमुख तिथियाँ

    • आरंभ: 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) – कल्पवासियों का प्रवेश और पहला पवित्र स्नान
    • समापन: 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) – अंतिम शाही स्नान

    इस 44 दिनों के दौरान 6 प्रमुख शाही स्नान (अमृत स्नान) होते हैं, जिनका धार्मिक महत्व अत्यधिक है :-

    1. पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी 2026 (मेला का शुभारंभ आज)
    2. मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026 (सूर्य उत्तरायण की शुरुआत, पहला बड़ा शाही स्नान)
    3. मौनी अमावस्या – 18 जनवरी 2026 (सबसे महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाला दिन – मौन रहकर स्नान, पाप-नाश का सर्वोत्तम अवसर)
    4. बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026 (माँ सरस्वती की पूजा, पीले वस्त्रों में स्नान)
    5. माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी 2026 (कल्पवासियों का मुख्य स्नान)
    6. महाशिवरात्रि – 15 फरवरी 2026 (अंतिम स्नान और मेला समापन)

    इन दिनों संगम तट पर लाखों-करोड़ों लोग एक साथ स्नान करते हैं। दृश्य देखकर मन रोमांचित हो उठता है!

    Magh Mela 2026
    Magh Mela 2026

    कल्पवास क्या है?

    माघ मेले का सबसे खास हिस्सा है कल्पवास।

    जो भक्त पूरे महीने (या कम से कम 1 महीने) संगम तट पर रहकर सादा जीवन, सात्विक भोजन, रोजाना स्नान, मौन, जप-तप और दान करते हैं, उन्हें कल्पवासी कहा जाता है।

    मान्यता है कि एक कल्पवास से अक्षय पुण्य मिलता है और कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं।

    माघ मेला में क्या-क्या देखने लायक है?

    • विभिन्न अखाड़ों के साधुओं का शाही स्नान
    • भव्य कीर्तन, भजन और प्रवचन
    • मंदिर दर्शन (हनुमान मंदिर, अलोपी देवी, आदि)
    • दान-पुण्य, गरीबों को भंडारा
    • शाम को आरती का अद्भुत नजारा
    Magh Mela 2026
    Magh Mela 2026

    श्रद्धालुओं के लिए कुछ उपयोगी सुझाव

    • प्रमुख स्नान तिथियों पर बहुत भीड़ रहती है, इसलिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त (4-5:30 बजे) में स्नान करें।
    • तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन) से दूर रहें।
    • यात्रा और ठहरने की व्यवस्था पहले से बुक कर लें।
    • सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

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    Magh Mela 2026 सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला अनुभव है। यदि आप भी इस पवित्र संगम में शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो अभी तैयारी शुरू कर दें।

  • Science fail : साइंस भी फेल हो गई, ऊपर वाले के आगे – कानपुर के जुड़वां जिनके फिंगरप्रिंट और रेटिना एक जैसे

    Science fail : साइंस भी फेल हो गई, ऊपर वाले के आगे – कानपुर के जुड़वां जिनके फिंगरप्रिंट और रेटिना एक जैसे

    Science fail : एक ऐसी दुनिया में जहां विज्ञान हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट और रेटिना पैटर्न की अनोखी पहचान का दावा करता है, उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिलचस्प और दिमाग घुमा देने वाली कहानी सामने आ रही है। सोचिए की दो भाइयों को, जो जुड़वां पैदा हुए, इतने एक जैसे कि सबसे एडवांस बायोमेट्रिक सिस्टम भी उन्हें अलग नहीं कर पा रहा। यह कोई साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं है—यह प्रबल और पवित्र मिश्रा की सच्ची जिंदगी की दास्तान है, जिनका साझा जैविक नक्शा मानव अनोखेपन की हर धारणा को चुनौती दे रहा है।

    Science fail : इस जेनेटिक पहेली के नायक

    Science fail : इस असामान्य घटना के केंद्र में हैं 10 साल के प्रबल और पवित्र, पवन मिश्रा के जुड़वां बेटे, जो कानपुर के नौबस्ता इलाके के रहने वाले हैं। जो बात एक सामान्य आधार कार्ड अपडेट से शुरू हुई, वह जल्द ही नौकरशाही की भूलभुलैया में बदल गई। जब परिवार ने एक बच्चे के लिए बायोमेट्रिक डेटा—फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन—रजिस्टर करने की कोशिश की, तो सिस्टम ने दूसरे से सटीक मैच दिखाया। एक को अपडेट करो, तो दूसरे का कार्ड डीएक्टिवेट हो जाता है। ऐसा लगता है जैसे सरकारी डेटाबेस इन दोनों को एक ही व्यक्ति मान रहा हो, जिससे परिवार निराशा और असफल सत्यापन की चक्रव्यूह में फंस गया है।

    पवन, एक समर्पित पिता, ने स्थानीय मीडिया से अपनी परेशानी साझा की, उनकी आवाज में हताशा और आश्चर्य का मिश्रण था। “वे दिखने में एक जैसे हैं, व्यवहार में एक जैसे हैं, लेकिन दो अलग-अलग आत्माएं हैं,” उन्होंने कहा। “फिर भी, उनके फिंगरप्रिंट और रेटिना? सबसे छोटी रेखा और नस तक एक जैसे।” कानपुर जैसे हलचल भरे शहर में रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले परिवार के लिए यह गड़बड़ी सिर्फ असुविधा नहीं—यह एक दैनिक याद दिलाती है कि उनके बेटे पहचान के नियमों को फिर से लिख रहे हैं।

    Science fail हो गई, ऊपर वाले के आगे: एक जैसे फिंगरप्रिंट-रेटिना वाले कानपुर के जुड़वां
    Science fail हो गई, ऊपर वाले के आगे : एक जैसे फिंगरप्रिंट-रेटिना वाले कानपुर के जुड़वां

    विज्ञान कहता है ‘असंभव’—लेकिन प्रकृति असहमत

    Science fail : बायोलॉजी 101 को याद कीजिए : फिंगरप्रिंट गर्भ में गर्भावस्था के 10वें से 16वें सप्ताह के आसपास बनते हैं, जो जेनेटिक्स, एम्नियोटिक फ्लूइड के दबाव और भ्रूण की रैंडम एक्टिविटी के मिश्रण से प्रभावित होते हैं। रेटिना, हमारी आंखों में रक्त वाहिकाओं का जटिल जाल, तो और भी विशेष है, जो 24वें सप्ताह तक उकेरा जाता है और बर्फ के फाहों जितना अनोखा माना जाता है। पृथ्वी पर कोई दो लोग इन्हें साझा नहीं कर सकते—सिवाय इन जुड़वां के।

    जेनेटिक्स और फोरेंसिक के विशेषज्ञ इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं। एक प्रमुख भारतीय रिसर्च इंस्टीट्यूट के बायोमेट्रिक विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार इसे “सांख्यिकीय यूनिकॉर्न” कहते हैं। आइडेंटिकल जुड़वां पर अध्ययनों से पता चलता है कि फिंगरप्रिंट में 55% से 74% तक समानता हो सकती है—जितनी नजदीकी कि सामान्य नजरों को धोखा दे सके, लेकिन कभी पूर्ण मैच नहीं। रेटिना पैटर्न? जुड़वां अध्ययनों में ओवरलैप दर्ज किए गए हैं, लेकिन 100% डुप्लिकेशन? यह वैश्विक स्तर पर पहला सत्यापित मामला हो सकता है।

    प्रबल और पवित्र का मामला इतना असाधारण क्यों? सिद्धांतों की भरमार है:

    • साझा गर्भाशय की गतिशीलता : मोनोजाइगोटिक जुड़वां होने के कारण, वे एक ही वातावरण में विकसित हुए, जो सामान्यतः फिंगरप्रिंट अलग करने वाले रैंडम कारकों को कम कर सकता है।
    • जेनेटिक सुपर-समानता : कोई सूक्ष्म म्यूटेशन या हाइपर-आइडेंटिकल DNA अभिव्यक्ति उनके विकासात्मक ब्लूप्रिंट को सिंक्रनाइज कर सकती है।
    • एक्स-फैक्टर : गर्भाशय में पर्यावरणीय गूंज, जैसे एक जैसी स्थिति या पोषक तत्व प्रवाह, दर्पण प्रभाव को बढ़ा सकती हैं।

    यह सिर्फ ट्रिविया नहीं; यह फोरेंसिक, जहां जुड़वां अपराधों ने हमेशा सिरदर्द दिया है, या सिक्योरिटी टेक, जहां बायोमेट्रिक पासपोर्ट से बैंकिंग तक सब कुछ आधारित है, के क्षेत्रों के लिए खजाना है।

    साइंस के परे इंसानी कहानी : एक पिता की चिंता और बच्चों की मुस्कान

    Science fail : विज्ञान की परतों को हटाये, तो एक गहराई से मानवीय कथा बचती है। पवन और उनकी पत्नी के लिए यह दस्तावेजों पर रातें जागना, नामांकन केंद्रों की अनगिनत यात्राएं और यह चिंता है कि उनके बेटों का असाधारण बंधन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा या यहां तक कि आधार से जुड़े स्कूल के लंच तक पहुंच को बाधित कर सकता है। “हमें फोटो और जन्म प्रमाण पत्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है,” पवन बताते हैं, “लेकिन यह थका देने वाला है। वे व्यक्ति हैं, क्लोन नहीं।”

    फिर भी, हंगामे के बीच खुशी है। जुड़वां अपनी समानता का आनंद लेते हैं—एक-दूसरे की वाक्य पूरा करना, कपड़े बिना सोचे बदलना, और अब स्थानीय सेलिब्रिटी बनना। पड़ोसी “चमत्कारी लड़कों” के बारे में फुसफुसाते हैं, और स्कूल के दोस्त सवालों की बौछार करते हैं। एक विभाजित दुनिया में, उनकी कहानी एक कोमल धक्का है: कभी-कभी “एक जैसा” होना गहरे जुड़ाव को बढ़ावा देता है।

    आगे क्या? जुड़वां आकार के चमत्कार से सबक

    Science fail : जब यह कहानी शैक्षणिक मंडलियों और नीति कक्षों में फैल रही है, तो बदलाव नजर आ रहा है। बायोमेट्रिक प्रोटोकॉल विकसित हो सकते हैं, जिसमें जुड़वां-विशिष्ट सुरक्षा जैसे मल्टी-मोडल प्रमाणीकरण (चेहरा प्लस आवाज) या सत्यापित भाई-बहनों के लिए मैनुअल ओवरराइड शामिल हों। मिश्रा परिवार के लिए राहत विशेष छूट के रूप में आ सकती है, जो उनके बेटों को अलग डिजिटल पहचान देकर उनकी साझा सार को मिटाए बिना।

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    प्रबल और पवित्र हमें याद दिलाते हैं कि विज्ञान, अपनी सटीकता के बावजूद, रहस्य की कगार पर नाचता है। उन्होंने एक गड़बड़ी को द्वार में बदल दिया, साबित करते हुए कि ब्रह्मांड अभी भी पीछा करने लायक रहस्य रखता है। जीवन के विशाल ताने-बाने में, जहां ऐसे आइडेंटिकल जुड़वां असंभवता के धागे बुनते हैं, शायद असली आश्चर्य अनियमितता नहीं—यह है कि यह हमें सभी को थोड़ा करीब बांध देती है।

  • SIR Form Status Check Online : जानें BLO ने आपका SIR फॉर्म जमा किया है या नहीं, आसान गाइड 2025

    SIR Form Status Check Online : जानें BLO ने आपका SIR फॉर्म जमा किया है या नहीं, आसान गाइड 2025

    SIR Form Status Check : लोकतंत्र की बुनियाद वोटर लिस्ट पर टिकी है, और 2026 के इलेक्टोरल रोल के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपने SIR एनुमरेशन फॉर्म भरा है – चाहे ऑनलाइन या BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को ऑफलाइन सौंपा हो – तो अब सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या BLO ने इसे चुनाव आयोग (ECI) के पोर्टल पर अपलोड कर दिया? 

    SIR क्यों महत्वपूर्ण?

    SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, चुनाव आयोग की एक विशेष ड्राइव है जो वोटर लिस्ट को अपडेट रखने के लिए चलाई जाती है। 2025-26 के इस दौर में, लाखों लोगों को वोटर कार्ड अपडेट करने या नया रजिस्ट्रेशन करने का मौका मिल रहा है। BLO का रोल यहां क्रूशियल है – वे फॉर्म कलेक्ट करते हैं और ECI पोर्टल पर अपलोड करते हैं। आज (4 दिसंबर 2025) तक अपलोडिंग की डेडलाइन है, तो अगर आपका फॉर्म लंबित है, तो तुरंत एक्शन लें!

    क्यों चेक करें?

    • अगर अपलोड नहीं हुआ, तो आपका नाम 2026 इलेक्शन में वोटर लिस्ट से गायब हो सकता है।
    • जल्दी पता चलने पर BLO से फॉलो-अप आसान।
    • ऑनलाइन चेकिंग से समय और मेहनत बचती है।
    SIR Form Status Check
    SIR Form Status Check

    SIR Form Status Check करने का आसान तरीका

    चुनाव आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर आप 2 मिनट में स्टेटस देख सकते हैं। यहां स्टेप्स हैं:

    1. पोर्टल पर पहुंचें: अपने ब्राउजर में https://voters.eci.gov.in खोलें। होमपेज पर “Fill Enumeration Form” या “SIR – Enumeration Form” सेक्शन ढूंढें।
    2. लॉगिन प्रोसेस:
      • अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एंटर करें।
      • कैप्चा कोड भरें और “Request OTP” क्लिक करें।
      • SMS में आया OTP डालकर लॉगिन हो जाएं। (नोट: अगर EPIC नंबर लिंक्ड है, तो उसी से भी लॉगिन कर सकते हैं।)
    3. EPIC नंबर से सर्च: लॉगिन के बाद, अपना वोटर आईडी (EPIC) नंबर टाइप करें और “Search” बटन दबाएं।
    4. स्टेटस पढ़ें:
      • अगर अपलोड हो चुका: स्क्रीन पर मैसेज दिखेगा – “Your form has already been submitted with mobile number XXXXX… Acknowledgement No: XXXXXX”। बधाई! BLO ने जमा कर दिया।
      • अगर नहीं अपलोड: फॉर्म खाली खुलेगा या कोई मैसेज नहीं आएगा। मत घबराएं – BLO से संपर्क करें।
      • गलत डिटेल्स? जैसे मोबाइल नंबर मिसमैच – तुरंत सुधारें।
    5. BLO से कनेक्ट: पोर्टल पर ही “Book a Call with BLO” ऑप्शन है। अपना एरिया कोड डालें, और BLO कॉल बैक करेगा। या लोकल BLO ऑफिस विजिट करें।

    अगर आपका फॉर्म ऑफलाइन था, तो अपलोड में 24-48 घंटे लग सकते हैं। आज डेडलाइन है, तो शाम तक चेक करें।

    आम समस्याएं और समाधान

    समस्या कारण समाधान
    OTP नहीं आ रहा नेटवर्क इश्यू या गलत नंबर SMS सर्विस चेक करें या EPIC से ट्राई करें।
    फॉर्म दोबारा भरना पड़े अपलोड नहीं हुआ पोर्टल पर ही री-सबमिट करें, पुराना रेफरेंस रखें।
    EPIC नंबर भूल गए सामान्य nvsp.in पर “Know Your EPIC” से ढूंढें।
    BLO रिस्पॉन्स नहीं व्यस्तता हेल्पलाइन 1950 डायल करें या ईमेल sup.port@eci.gov.in भेजें।

    ये छोटी-छोटी परेशानियां आम हैं, लेकिन जल्दी सॉल्व हो जाती हैं।

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    वोट का अधिकार, आपकी जिम्मेदारी

    SIR Form Status Check करना सिर्फ एक टास्क नहीं, बल्कि लोकतंत्र में अपनी भूमिका निभाना है। 2026 के चुनावों में आपकी आवाज मजबूत बने, इसके लिए आज ही चेक करें। अगर BLO ने अपलोड नहीं किया, तो शिकायत दर्ज कराएं – ECI ऐप पर भी ऑप्शन है

  • UP Police Assistant Operator Recruitment 2025 : दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर!

    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025 : दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर!

    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025 : यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, खासकर यदि आप दिव्यांग श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने UP Police Assistant Operator Recruitment 2025 के लिए अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती विशेष रूप से दिव्यांग नागरिकों के लिए आरक्षित है, जिसमें रेडियो कैडर/टेक्नोलॉजी विंग में 44 वैकेन्सी भरी जाएंगी। 

    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025 : क्यों है यह खास?

    उत्तर प्रदेश पुलिस में असिस्टेंट ऑपरेटर का पद टेक्नोलॉजी रूप से मजबूत और सम्मानजनक है। यह पद रेडियो संचार, तकनीकी सहायता और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ा होता है। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, क्योंकि सरकार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत 40% विकलांगता प्रमाणित उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी है।

    • वैकेन्सी : 44 (सहायक ऑपरेटर के लिए)
    • पे स्केल : 7वें वेतन आयोग के अनुसार लेवल-3 (₹21,700 – ₹69,100) + भत्ते
    • ट्रांसफर : उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में

    यह भर्ती न केवल आर्थिक स्थिरता प्रदान करेगी, बल्कि समाज सेवा का भी मौका देगी। अधिसूचना संख्या: 03 (UP निष्क्ट संगह)/2025।

    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025
    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025

    योग्यता मानदंड : क्या आप योग्य हैं?

    भर्ती में आवेदन करने से पहले अपनी योग्यता जांच लें। सरल शब्दों में:

    मानदंड विवरण
    शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (10+2) या समकक्ष मान्यता प्राप्त बोर्ड से।
    आयु सीमा 18-22 वर्ष (कटऑफ डेट के अनुसार)। दिव्यांगों को अधिकतम 15 वर्ष की छूट।
    दिव्यांगता 40% या अधिक विकलांगता प्रमाणित। विशिष्ट बेंचमार्क (जैसे दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित)।
    अन्य हिंदी/अंग्रेजी टाइपिंग में एफिशिएंसी। SC/ST/OBC को आरक्षण लाभ।

    यदि आपकी आयु या योग्यता मेल खाती है, तो देर न करें! गलत जानकारी से आवेदन रद्द हो सकता है।

    आवेदन प्रक्रिया : स्टेप बाय स्टेप गाइड

    आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। ऑफिसियल वेबसाइट: https://uppbpb.gov.in/ पर जाएं।

    1. रजिस्ट्रेशन : ईमेल/मोबाइल से OTR करें।
    2. फॉर्म भरें : व्यक्तिगत विवरण, शिक्षा, दिव्यांग प्रमाण-पत्र अपलोड करें (फोटो, साइनेचर, 12वीं मार्कशीट)।
    3. फीस जमा करें:
      • सामान्य/OBC/EWS: ₹500
      • SC/ST (UP): ₹200
      • दिव्यांग/महिला : छूट
    4. सबमिट करें : प्रिंटआउट लें।

    महत्वपूर्ण तिथियां

    • आवेदन शुरू : 3 दिसंबर 2025
    • आवेदन अंतिम तिथि : 2 जनवरी 2026 

    Note : कोई ऑफलाइन मोड नहीं। वेबसाइट पर ही अपडेट चेक करें।

    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025
    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025

    चयन प्रक्रिया : परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक

    चयन मल्टी स्टेप में है, लेकिन दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कुछ छूटें हैं:

    1. लिखित परीक्षा : ऑब्जेक्टिव टाइप, 400 अंक, 2.5 घंटे। विषय: सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, गणित, हिंदी/अंग्रेजी, कंप्यूटर।
      • तिथि: 14 मार्च 2026 (शनिवार)
      • एडमिट कार्ड: परीक्षा से पहले वेबसाइट पर।
    2. शारीरिक मानक परीक्षा (PST) : ऊंचाई, वजन आदि।
    3. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) : दिव्यांगों के लिए संशोधित।
    4. डॉक्यूमेंट सत्यापन : सभी प्रमाण-पत्र।
    5. चिकित्सा परीक्षा : अंतिम चरण।

    सिलेबस वेबसाइट पर उपलब्ध है। नेगेटिव मार्किंग हो सकती है, इसलिए सतर्क रहें।

    तैयारी टिप्स  : सफलता की कुंजी

    • सिलेबस पर फोकस : पिछले वर्षों के पेपर सॉल्व करें।
    • मॉक टेस्ट : ऑनलाइन ऐप्स जैसे Testbook या Adda247 से प्रैक्टिस।
    • दिव्यांग सुविधाएं : परीक्षा केंद्र पर रीडर/स्क्राइब की व्यवस्था।
    • समय प्रबंधन : रोज 4-5 घंटे पढ़ाई।
    • स्वास्थ्य : मानसिक तनाव से बचें, योग करें।

    याद रखें, मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। कई सफल दिव्यांग उम्मीदवार पहले ही UP पुलिस में सेवा दे रहे हैं!

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    अवसर को हाथ से न जाने दें

    UP Police Assistant Operator Recruitment 2025 दिव्यांग युवाओं के लिए सशक्तिकरण का माध्यम है। सरकार की यह पहल समावेशी विकास की दिशा में एक कदम है। यदि आप योग्य हैं, तो आज ही आवेदन करें। अधिक जानकारी के लिए ऑफिसियल साइट विजिट करें या कमेंट्स में सवाल पूछें।