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  • Chhath Puja 2023: उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ पूरा हुआ छठ महापर्व का व्रत

    Chhath Puja 2023: उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ पूरा हुआ छठ महापर्व का व्रत

    छठ महापर्व: उप्र बस्ती जिले में सूर्य षष्ठी पर्व पर व्रती महिलाओं ने सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र और सुहाग के लिए मंगलकामना की। 36 घंटे का निर्जल व्रत रहकर महिलाओं ने उगते सूरज को अर्घ्य देकर छठ व्रत पूरा किया। कुआनो नदी के अमहट घाट और पुरानी बस्ती के निर्मली कुंड पर भोर में ही मंगल गीत गातीं व्रती महिलाओं का झुंड आना शुरू हो गया। इस दौरान पौ फटने से पहले घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। घाट पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। ओस और हल्के कोहरे के बीच घाटों पर भगवान सूर्य की उपासना में जुटा महिलाओं का समूह अद्भुत दृश्य उपस्थित कर रहा था। व्रती घुटने भर पानी में खड़े होकर सूप में फल आदि सब लेकर सूर्यदेवता को अर्घ्य देने के लिए प्रस्तुत हुई तो उनके सहयोगी पति ने दूध और जलधार गिराकर अर्घ्य में सहयोग दिया।

    रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सोमवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया। साेमवार को अल सुबह से ही अमहट घाट और अन्य स्थानों पर व्रती महिलाओें की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। व्रती महिलाओं ने पूजन स्थल पर वेदिका सजा दी। गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छट्ठी मैया की विधिवत पूजा की। इसके बाद महिलाएं पानी में खड़ी होकर भक्तिभाव से सूर्य की लालिमा फूटने का इंतजार करने लगीं। जैसे ही सूर्य की किरणें फूटीं व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रती वापस वेदिका के सामने पहुंचीं। वेदी के सम्मुख कंद, मूल और फल के साथ ही पूजन के लिए तैयार पकवान रख महिलाओं ने आरती उतारी। प्रणाम कर मनवांछित फल मांगा। नगरपालिका प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने प्रकाश के साथ पेयजल का बंदोबस्त किया था। परंपरागत ढंग से सूर्य की उपासना के बाद छठ का व्रत तोड़ा। इस दौरान नदी के तटों और घाटों काफी भीड़ रही। महत्वपूर्ण पर्व माने जाने वाला सूर्य षष्ठी व्रत में इस बार महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

  • Arbaz Khan की गर्लफ्रेंड किया ‘मदहोश’,  हॉटनेस से मचाई खलबली

    Arbaz Khan की गर्लफ्रेंड किया ‘मदहोश’, हॉटनेस से मचाई खलबली

    मुंबई: अरबाज खान  (Arbaaz Khan) की गर्लफ्रेंड जॉर्जिया एंड्रियानी (Giorgia Andriani) सोशल मीडिया पर अपने फैंस के दिलों में खलबली मचाती हैं. वह अक्सर अपनी हॉट तस्वीरों से बवाल मचाती रहती हैं. इस बार तो जॉर्जिया ने बोल्डनेस की सारी हदें पार कर दी हैं. उन्होंने अपनी ऐसे फोटो पोस्ट कर दी है जिसे देखकर फैंस मदहोश हो रहे हैं. देखें हॉट तस्वीरें

  • 5G Internet अब चंद कदम दूर है, क्या फायदे होंगे ? विस्तार से बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय

    5G Internet अब चंद कदम दूर है, क्या फायदे होंगे ? विस्तार से बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय

    5G Internet : क्या आप मोबाइल की एक और तकनीकी क्रांति के लिए तैयार हैं। कल्पना करिए आपने मोबाइल पर मूवी डाउनलोड करना शुरू किया और तीन सेकेंड बाद ही मूवी देखना शुरू कर दें। जिस तरह आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं, वैसे ही वर्क फ्रॉम एनीवेयर करना शुरू करें, यानी ,घर, जंगल, पहाड़ हर जगह नेटवर्क मिल रहा हो । दिल्ली से शिमला के सफर के दौरान आप लैपटॉप पर ऑफिस का काम करते हुए जा रहे हैं और फिर शाम की कॉफी मॉल रोड पर पी रहे हैं। बिना किसी रुकावट के दुनिया के किसी भी कोने में वीडियो कॉल, बिना चीरफाड़ के सर्जरी हो जाए, आपको डॉक्टर से सलाह लेने के लिए क्लीनिक जाने की ज़रूरत ही खत्म हो जाए,

    4 जी मतलब चौथी जनरेशन
    ड्रोन की मदद से ऑनलाइन सामान मिनटों में घर पहुंच जाए, किसान मोबाइल के दो बटन दबाकर अपना कोई भी उपकरण चलाने लग जाएं, रेस्टोरेंट में वेटर की जगह रोबोट आपको सर्व करने आएं और गाना भी सुना जाए। जी हां, ये सब 2023 में आपको देखने को मिल सकता है। हम सभी मोबाइल और इंटरनेट की ताकत को जानते और समझते हैं। आज हम अपने स्मार्टफोन के ज़रिए वे सभी काम कर पाते हैं, जिसके लिए कंप्यूटर की जरूरत होती है। ये संभव हो पाया है 4 जी तकनीक आने के बाद से। यहां जी का मतलब- जेनरेशन से है यानी 4 जी मतलब चौथी जनरेशन। इससे पहले 3 जी जमाने में केवल फोन से केवल कॉल और एसएमएस का ही इस्तेमाल हो पाता था। उससे पहले 2 जी और सबसे पहले 1 जी तकनीक का इस्तेमाल हो चुका है। और अब हम 5 जी तकनीक इस्तेमाल करने के बिल्कुल करीब पहुंच चुके हैं।
    2023 की शुरुआत में 5 जी की सर्विस आम लोगों के मोबाइल में पहुंच जाएगी

    टेलीकॉम मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव ने आईआईटी मद्रास में आज देश की पहले 5G ऑडियो और वीडियो कॉल की सफलतापूर्वक टेस्टिंग करके दिखा दी। इससे पहले 17 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले 5G टेस्‍टबेड का उद्घाटन करके कारोबारियों को बड़ा तोहफा दिया था। इन डेवलपमेंट्स के बाद माना जा रहा है कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस अगले हफ्ते 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास ले जाने की उम्मीद है। साल के अंत तक साल के अंत तक इंटरनेट प्रवाइडर्स कंपनियों जैसे रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन 5 जी सॉर्विस लेकर मार्केट में उतर जाएंगी। अगले साल यानी 2023 की शुरुआत में 5 जी की सर्विस आम लोगों के मोबाइल में पहुंच जाएगी। कंपनियों ने अपने ट्रायल्स भी कर लिए हैं। हाल ही में एयरटेल ने कपिल देव के होलोग्राम को शो करके साबित कर दिया था, वो 5 जी के लिए तैयर है। 5जी टेक्नोलॉजी टेस्टिंग के दौरान हैदराबाद में 1जीबी फाइल केवल 30 सेंकेंड में डाउनलोड हो गई. हाल ही में एयरटेल ने नोकिया के साथ मिलकर कोलकाता शहर के बाहर 700 मेगा हर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में पहली 5जी ट्रायल को सफल अंजाम दिया. भारत में ग्रामीण इलाके में किया जाने वाला ये पहला 5जी ट्रायल था.

    कोई मूवी केवल 30 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी

    अब सवाल उठता है कि 5 जी आने के बाद क्या बदलाव आएंगे। तो इसका सीधा उत्तर है कि तकनीक के स्तर पर बहुत बड़े बदलाव आएंगे। आपने 4 जी में जो तकनीकी क्रांति महसूस की, उससे 10 गुणा ज़्यादा तकनीकी क्रांति देश में हो सकेगी। जैसे- 5 जी तकनीक से बहुत सारी मेडिकल सर्जरी आसानी से हो सकेंगी। अमेजन या फ्लिपकार्ट आपके सामान को ड्रोन के ज़रिए मिनटों में पहुंचा सकेंगी, ऑनलाइन शिक्षा संस्थानों का विस्तार होगा, ई-मेडिसिन और ई-खेती से किसानों को खेती में बड़ा लाभ मिलेगा, कोई मूवी केवल 30 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी, बहुत सारे काम रोबोट करने लग जाएंगे। कुल मिलाकर डिजिटल क्रांति की असली शुरुआत होगी। और इस दशक के अंत तक यानी 2030 तक 6 जी के आ जाने की उम्मीद है। उसके बाद तो और भी क्रांतिकारी बदलाव होंगे। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 5जी से 2035 तक भारत में एक लाख करोड़ डॉलर का कारोबार बढ़ जाएगा। एरिक्शन की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 2026 तक दुनिया भर में 3.5 अरब 5जी कनेक्शन होंगे, जबकि भारत में इनकी संख्या 35 करोड़ तक पहुंच जाएगी.

    बहुत सारे लोगों को अपना फोन बदलकर 5 जी फोन भी लेना पड़ेगा
    अब सवाल उठता है कि ये सब बदलाव तो होंगे, लेकिन इतने ही सस्ती होंगे,जैसे आज की 4 जी सर्विस है। यानी बिल कितने का बढ़ेगा, तो इसका जवाब है कि बहुत ज़्यादा। ऐसा भी हो सकता है कि आम आदमी शुरुआत में इसे अफोर्ट ही न कर पाए। इसका कारण ये है कि 5 जी के लिए कंपनियों को नई मशीनों और तकनीक पर बड़ा निवेश करना पड़ेगा, जिसकी भरपाई वो आम ग्राहकों से ही करना चाहेंगी और ऐसे में आम आदमी इससे दूर ही रहेगा। टेलीकॉम कंपनियों के पास मौजूद कई डिवाइस इसके बैंडविथ को सपोर्ट नहीं करते ऐसे में बहुत सारे डिवाइस को बदलना होगा जिससे उनको भी बहुत सारा नुकसान होने की आशंका है। वैसे तो कुछ रिपोर्ट बता रहे हैं कि हाई क्वालिटी वाले 4G फोन में ही 5जी इंटरनेट चला सकेंगे लेकिन बहुत सारे लोगों को अपना फोन बदलकर 5 जी फोन भी लेना पड़ेगा, जिससे काफी बेवजह का खर्च बढ़ेगा। 5G में इस्तेमाल होने वाली मिलीमीटर-वेव उसके रास्ते में आने वाले रुकावटों जैसे पेड़ों के द्वारा या बारिश की वजह से अवशोषित भी हो सकता है। जो एक बड़ी चुनौती है। तो कुल मिलाकर चुनौतियां हैं, लेकिन उम्मीद है धीरे धीरे उनसे पार भी पा लिया जाएगा। बाकी आप 5 जी से मिलने वाले फायदों के बारे में सोचिए और अगर कारोबार के किसी नए आइडियाज पर काम करना जारी रखें, हो सकता आप ही कोई नया स्टार्टअप कर पाने में कामयाब हो जाएं। तो हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
  • कब आ सकती कोरोना की चौथी लहर और होगी कितनी खतरनाक!

    नई दिल्ली। लुधियाना के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीएमसीएच) ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर भविष्यवाणी की है। सीएमसीएच ने उपलब्ध डेटा के आधार पर कहा कि मई के आरंभ में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना है और यह लगभग 6 सप्ताह तक बनी रह सकती है। इस भविष्यवाणी में शामिल एक डॉक्टर ने कहा कि ओमिक्रॉन के BA 1 वेरिएंट की वजह से कोरोना की तीसरी लहर आई थी जो दिसंबर से मध्य फरवरी तक चली। BA 2 वेरिएंट की वजह से पंजाब में चौथी लहर आने की संभावना है जो मई से मध्य जून तक बनी रह सकती है।

    कोरोना की चौथी लहर में भी तीसरी लहर की तरह स्थितियां समान होने की संभावना है, क्योंकि दोनों वेरिएंट एक ही तरह से व्यवहार करते हैं और समान गति से लोगों को संक्रमित करते हैं, हालांकि BA 2 वेरिएंट मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है जबकि BA. 1 वेरिएंट गले को प्रभावित करता था। उन्होंने कहा कि यदि BA 2 वेरिएंट फेफड़ों को प्रभावित करता है तो रोग की गंभीरता डेल्टा स्ट्रेन के समान होगी। हालांकि यह दूसरी लहर जितना गंभीर ननहीं होगा क्योंकि टीकाकरण का दायरा काफी बढ़ गया है।

  • जब पत्रकार ने कहा थैंक्यू गाजियाबाद पुलिस, SHO बोले “आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प”

    नोएडा: पुलिस की कार्यप्रणाली पर हमेशा ही सवाल किए जाते हैं पर कई बार पुलिसकर्मी कुछ ऐसा भी करते हैं जिसके लिए उनकी प्रशंसा होनी ही चाहिए। ताजा वाक्या गाजियाबाद पुलिस से जुड़ा है जहां गाजियाबाद पुलिस के एक एसएचओ ने एक पत्रकार की रात करीब 12 बजे मदद की। मदद मुहैया कराने वाले SHO का नाम सौरभ विक्रम सिंह जो कि गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में तैनात हैं।

    दरअसल हुआ यूं था कि 04 फरवरी को रात में वरिष्ठ पत्रकार विकास राज तिवारी अपने किसी रिश्तेदार के शादी समारोह में नोएडा से गाजियाबाद गए हुए थे वहां रात में करीब 12 बजे उनकी कार में कुछ दिक्कत आ गई जहां उनकी कार खराब हुई थी वो इलाका गाजियाबाद के सिहानी गेट पुलिस के अंडर आता था। जिसके बाद पत्रकार विकास राज तिवारी ने स्थानीय एसएचओ के CUG नंबर पर फोन किया और मदद मांगी। एसएचओ सौरभ विक्रम सिंह ने ना सिर्फ पत्रकार की मदद की बल्कि सुरक्षा का पूरा भरोसा भी दिया।

    SHO सौरभ विक्रम सिंह ने कॉल पर बात होने के 10 मिनट के अंदर ही दो पुलिसकर्मियों को भेजा वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कार मैकेनिक अरेंज कराया और पत्रकार की गाड़ी ठीक कराने में मदद की। इसके बाद विकास राज तिवारी ने SHO सौरभ विक्रम सिंह और उनकी टीम का धन्यवाद किया और अपने घर नोएडा चले गए।

    थोड़े दिनों पहले गाजियाबाद पुलिस ने एक और अच्छा काम किया था। पुलिस ने टूट रहे रिश्ते को अपने खर्चों से बचाया था। दरअसल, शादी के दौरान हुए विवाद के बाद पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों में न केवल मेल कराया, बल्कि एक गेस्ट हाउस को खुलवाकर मंडप की व्यवस्था कराते हुए लड़का और लड़की की शादी भी कराई। इसके बाद 1500 रुपये का शगुन भी दिया। जानकारी के अनुसार, बाईपास क्षेत्र में गौतमबुद्धनगर से बारात आई थी। इस दौरान खाने-पीने को लेकर कुछ लोगों में झगड़ा हुआ और बात मारपीट तक पहुंच गई। इस दौरान दो बारातियों का सिर फुट गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान दूल्हा और दुल्हन पक्ष को थाने में लाया गया। बातचीत में सामने आया कि इतना कुछ होने के बाद भी दोनों पक्ष शादी को तैयार थे, लेकिन शादी वाले स्थान पर झगड़ा होने के कारण सब अव्यवस्थित हो गया था। इसके बाद पुलिस ने आगे बढ़ कर पहल की और एक गेस्ट हाउस खुलवाने का फैसला किया। गेस्ट हाउस खुलवाकर दूल्हा और दुल्हन की शादी कराई गई। दोनों को 1500 रुपये का शगुन देकर दोबारा से झगड़ा न करने की सलाह भी दी गई थी।

  • पड़ताल- पश्चिम यूपी में बीजेपी के सामने ये 5 बड़ी चुनौतियां

    पड़ताल- पश्चिम यूपी में बीजेपी के सामने ये 5 बड़ी चुनौतियां

    नई दिल्ली: यूपी में चुनाव बेहद दिलचस्प होने लगा है। स्वामी प्रसाद मौर्य फैक्टर ने यूपी में बीजेपी की ‘एज’ को बिगाड़ दिया है। अभी तो नुकसान हो चुका है। अगर पहले दौर में पश्चिमी यूपी की 58 सीटों की बात की जाए तो यहां बीजेपी ‘खाई’ में लग रही है। ये 5 फैक्टर महत्वपूर्ण हैं।
    1- बीएसपी प्रमुख मायावती की ‘धीमे चलो वाली स्ट्रैटेजी’ कहीं न कहीं बीजेपी के खिलाफ जा रही है। बीएसपी के कट्टर वोट बैंक को मायावती का मुखर न होना खलने लगा है और इसके चलते बीजेपी विरोधी दलित वोट भी एसपी को ओर ‘शिफ्ट’ होता लग रहा है। शहरी इलाकों में भले ही अभी भी बीजेपी के पक्ष में रुझान दिख रहा है, लेकिन किसानों वाली बेल्ट में समाजवादी पार्टी और आरएलडी गठबंधन की ओर ‘एज’ है। इसको बराबर कर पाना बीजेपी के लिए अब आसान नहीं होगा, क्यों वोटिंग में ज्यादा समय नहीं बचा है। दूसरा फैक्टर है मुस्लिम वोटर्स की रणनीतिक चुप्पी साध लेना। औवेसी की भड़काने वाली तकरीरें हों या बीएसपी की मुसलिम प्रत्याशी उतारने की रणनीति। मुसलिम वोटर्स इस बार सीधे बीजेपी को हरा पाने की क्षमता केवल समाजवादी पार्टी में ही देख रहा है। जिस कन्फ्यूजन से बीजेपी को हर बार फायदा मिलता रहा है, इस बार वो बहुत ही कम लग रहा है। यानी बीएसपी ने अगर कोई बड़ी रणनीति नहीं अपनाई तो बीजेपी और एसपी-आरएलडी गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होगा। शायद इसीलिए योगी को 80 बनाम 20 फीसदी का जुमला उछालना पड़ा ।
    2- किसान आन्दोलन के चलते मुसलिम और जाट वोटर्स के बीच बनी खाई काफी हद तक भर चुकी है। गुर्जर बेल्ट में अभी भी बीजेपी को मुखर समर्थन है, लेकिन जाट बेल्ट अब आरएलडी के साथ दिख रही है। इसका सीधा फायदा अखिलेश यादव को होता लग रहा है। लगता नहीं है कि बीजेपी के पास अब कोई चमत्कारिक रणनीति बची है। मोदी और योगी के भाषण कुछ कमाल कर पाएं तो अलग बात है।
    3- गन्ने के दाम योगी सरकार ने बढाए तो लेकिन काफी देर से। इसका गुस्सा भी गन्ना बेल्ट के किसानों में है। अब बीजेपी डैमेज कंट्रोल के लिए सब कुछ कर रही है, लेकिन लगता नहीं है कि इतने कम समय में ये हो पाएगा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जब ऑक्सीजन संकट आया था, उसमें योगी सरकार को काफी डैमेज हुआ था, लेकिन लगता है कि उसको कंट्रोल कर लिया गया। हालांकि विपक्ष के समर्थक अभी भी लोगों को गंगा में तैरते शवों की याद दिला रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की जा रही है, इसका भी असर पड़ सकता है।
    4- पिछले पांच साल में बीजेपी के चुने गए मंत्री और विधायक भी लोगों को इतने पावरफुल नहीं दिखाई दिए, जिसके कारण कार्यकर्ताओं में तनिक असंतोष है। इसलिए अगर किसान आन्दोलन की तर्कों से निपटने के लिए बीजेपी के कार्यकर्ता इस बार बहुत ज्यादा मुखर नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि लगता है आरएसएस की मदद से बीजेपी आखिरी तक इस कमी से पार पा लेगी। लेकिन ये भी एक फैक्टर तो है ही।
    5- चुनाव के नतीजों का आंकनल करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी, लेकिन बीएसपी के वोटर्स का रुझान आखिरी तक क्या रहता है, ये भी काफी कुछ तय करेगा। पश्चिमी यूपी के गांवों में दस फीसदी और शहरों में करीब 15 से 18 फीसदी तक दलित वोटर का रुझान महत्वपूर्ण होगा। अगर ये मायावती के साथ बना रहा तो त्रिकोणीय मुकाबले के कारण बीजेपी का नुकसान कम होगा। उसके बाद बीजेपी के भीतर ये ताकत तो है कि वो ‘डैमेज कंट्रोल’ कर सकती है। सो देखते रहिए।
    यह पड़ताल वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय के फेसबुक वॉल से ली गई है वो हाल ही में पश्चिमी यूपी के दौरे से लौटे हैं। आप सभी इस पर अपनी राय कमेंट के जरिए दे सकते हैं।
  • अगर व्हाट्सएप चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं तो बॉलीवुड चैट हर समय लीक क्यों होती रहती है?

    अगर व्हाट्सएप चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं तो बॉलीवुड चैट हर समय लीक क्यों होती रहती है?

    व्हाट्सएप चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं, कुछ ऐसा जो फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने हमेशा बनाए रखा है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का मतलब है कि प्रेषक और रिसीवर के अलावा कोई भी संदेश नहीं पढ़ सकता, यहां तक ​​कि व्हाट्सएप भी नहीं। तो इतने कड़े नियमों के बावजूद, ऐसा क्यों है कि हर बार जब बॉलीवुड कांड होता है, तो इसमें शामिल व्यक्ति की व्हाट्सएप चैट लीक हो जाती है और एक्सेस की जाती है? हाल ही में, बॉलीवुड हस्तियों के व्हाट्सएप चैट लीक होने के कई मामले सामने आए हैं।

    2020 में, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती से संबंधित व्हाट्सएप चैट पूरे इंटरनेट पर प्रसारित की गईं। फिर हमने देखा कि एक कथित ड्रग डीलर के साथ बातचीत के बाद दीपिका पादुकोण एनसीबी कार्यालय जा रही थीं। नवीनतम मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे शामिल हैं, जिन्हें एनसीबी ने शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के साथ बातचीत के बाद कथित तौर पर अधिकारियों के सामने बुलाया था।

    इन सभी घटनाओं से एक सवाल उठता है कि क्या व्हाट्सएप संदेश वास्तव में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं? और चैट कैसे लीक होते हैं या दूसरों द्वारा एक्सेस किए जाते हैं? हम समझाने की कोशिश करते हैं।

    क्या व्हाट्सएप वाकई एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है?

    व्हाट्सएप ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उसके सभी संदेश एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं। दिए गए परिदृश्य में, संदेशों को केवल प्रेषक और प्राप्तकर्ता द्वारा पढ़ा जा सकता है और कोई तीसरा व्यक्ति उन तक पहुंच प्राप्त नहीं कर सकता, यहां तक ​​कि व्हाट्सएप और फेसबुक भी नहीं। व्हाट्सएप का एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग करता है जो तीसरे पक्ष और व्हाट्सएप को संदेशों या कॉल तक पहुंचने से रोकता है।

    “व्हाट्सएप में संदेशों की सामग्री को देखने या कॉल को सुनने की कोई क्षमता नहीं है जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि व्हाट्सएप पर भेजे और प्राप्त संदेशों का एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन पूरी तरह से आपके डिवाइस पर होता है। इससे पहले कि कोई संदेश आपके डिवाइस को छोड़ दे , यह एक क्रिप्टोग्राफ़िक लॉक से सुरक्षित है, और केवल प्राप्तकर्ता के पास कुंजियाँ हैं। इसके अलावा, कुंजियाँ भेजे जाने वाले प्रत्येक संदेश के साथ बदलती हैं। हालांकि यह सब पर्दे के पीछे होता है, आप सुरक्षा सत्यापन की जाँच करके पुष्टि कर सकते हैं कि आपकी बातचीत सुरक्षित है आपके डिवाइस पर कोड, “व्हाट्सएप का अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पृष्ठ बताता है।

    एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के बावजूद व्हाट्सएप चैट को कैसे एक्सेस किया जा सकता है?

    एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, जब अच्छी तरह से लागू किया जाता है, तो यह एक गंभीर व्यवसाय है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड डेटा में तोड़ना असंभव नहीं है, यदि असंभव नहीं है। तो, व्हाट्सएप चैट कैसे लीक होते हैं? ज्यादातर मामलों में वास्तविकता यह है कि वे ऐसा नहीं करते हैं। इसके बजाय, उन्हें एक्सेस किया जाता है। और यह एक्सेस बस इसके साथ होता है: अपना फोन अनलॉक करें और मुझे दें। भारत में, स्मार्टफोन जैसे व्यक्तिगत उपकरणों की पहुंच के आसपास का कानून धुंधला है। अमेरिका या कई यूरोपीय देशों में, पुलिस को फोन और कंप्यूटर को जब्त करने और खोजने से पहले वारंट की आवश्यकता होती है।

    यहाँ कई परिदृश्य हैं:

    – फोन को भौतिक रूप से एक्सेस किया जाता है और उपयोगकर्ता को इसे अनलॉक करने के लिए कहा जाता है। एक बार अनलॉक होने के बाद, सभी चैट सुलभ हैं। स्क्रीनशॉट लिए जा सकते हैं, उन्हें कॉपी किया जा सकता है, उन्हें साझा किया जा सकता है।

    – फोन को भौतिक रूप से एक्सेस किया जाता है लेकिन यह अनलॉक नहीं होता है। ऐसे में फोरेंसिक टीम अपना कुछ जादू कर सकती है। व्हाट्सएप चैट एन्क्रिप्टेड हैं लेकिन कुछ हफ्ते पहले तक व्हाट्सएप जो चैट बैकअप गूगल ड्राइव या आईक्लाउड पर बना रहा था, वह एन्क्रिप्टेड नहीं था। इन चैट बैकअप को कुछ विशेष उपकरणों का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकता है।

    उदाहरण के लिए, एक बार किसी के पास फोन हो जाने पर, उसके डेटा को कंप्यूटर पर क्लोन किया जा सकता है और फिर फोरेंसिक टूल का उपयोग करके उस तक पहुंचा जा सकता है।

    – साथ ही, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पास वैध न्यायालय आदेश के साथ Google और Apple से संपर्क करने और उनसे व्हाट्सएप चैट बैकअप (हाल तक अनएन्क्रिप्टेड) ​​​​प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध है। इन बैकअप को तब फोरेंसिक लैब में अलग किया जा सकता था।

    अब भी जब चैट बैकअप को एन्क्रिप्ट किया जा सकता है, तो विकल्प को उपयोगकर्ता द्वारा सक्षम करना होगा। इसलिए, जब तक आप व्हाट्सएप को स्पष्ट रूप से अपने चैट बैकअप को एन्क्रिप्ट करने के लिए नहीं कहते हैं, तब तक वे अनएन्क्रिप्टेड रूप में रहेंगे।

    क्या व्हाट्सएप कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ डेटा साझा कर सकता है?

    कानून प्रवर्तन अधिकारी आपातकालीन स्थितियों में उपयोगकर्ता के खाते के रिकॉर्ड को साझा करने के लिए व्हाट्सएप से संपर्क कर सकते हैं। किसी भी खाते की स्टोर सामग्री में “के बारे में” जानकारी, प्रोफ़ाइल फ़ोटो, समूह जानकारी और पता पुस्तिका, यदि उपलब्ध हो, शामिल हो सकते हैं। एक बार अनुरोध किए जाने के बाद, व्हाट्सएप लागू कानून और नीति के आधार पर कानून प्रवर्तन अनुरोधों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करता है, मान्य करता है और उनका जवाब देता है।

    हालांकि, व्हाट्सएप के एफएक्यू पेज में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि मैसेजिंग ऐप कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ संदेश सामग्री साझा करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि व्हाट्सएप संदेशों को डिलीवर करने के बाद या ऐसे डिलीवर किए गए संदेशों के लेनदेन लॉग को संग्रहीत नहीं करता है। 30 दिनों के बाद बिना डिलीवर किए गए संदेशों को व्हाट्सएप सर्वर से हटा दिया जाता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, जो डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय होता है, व्हाट्सएप को अपने उपयोगकर्ताओं की चैट तक पहुंचने की अनुमति नहीं देता है।

  • फ्री शिक्षा, हेल्थ बीमा, मासिक भत्ता और 10 लाख रुपए कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की PM केयर्स से मदद करेंगे मोदी

    फ्री शिक्षा, हेल्थ बीमा, मासिक भत्ता और 10 लाख रुपए कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की PM केयर्स से मदद करेंगे मोदी

    Imagesकोरोना से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक में मोदी सरकार मदद करेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि कोरोना महामारी में माता-पिता गंवाने वाले बच्चों की ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन’ योजना के तहत मदद की जाएगी। सरकार की ओर से अनाथ बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी और उनका हेल्थ बीमा भी किया जाएगा।

    पीएमओ ने कहा कि कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों को 18 वर्ष होने पर मासिक भत्ता दिया जाएगा और *23 वर्ष होने पर पीएम केयर्स फंड से 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। उनकी मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी।* पीएमओ ने कहा कि कोरोना की वजह से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को 18 साल की अवधि तक पांच लाख का मुफ्त हेल्थ बीमा भी मिलेगा।

  • 6 करोड़ नौकरीपेशा के फायदे की खबर, EPFO ने बदले ये खास-खास नियम

    6 करोड़ नौकरीपेशा के फायदे की खबर, EPFO ने बदले ये खास-खास नियम

    Labour ministry ने कोविड-19 महामारी के बीच कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम ( ESIC) की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त सहूलियतों की घोषणा की है। इनमें Covid 19 से मरने वाले ESIC के बीमा धारकों के आश्रितों के लिए पेंशन की सुविधा और ईपीएफओ द्वारा संचालित समूह बीमा योजना – कर्मचारी जमा सम्बद्ध बीमा योजना (EDLI) के तहत सुनिश्चित 6 लाख रुपये की रकम को बढ़ाकर 7 लाख रुपये करना शामिल है।

    फिलवक्‍त ESIC बीमाधारक की मृत्यु या शारीरिक अशक्तता की स्थिति में उसके पति/पत्नी और विधवा मां को जीवन पर्यंत और बच्चों को 25 साल उम्र तक उस कर्मचारी के औसत दैनिक वेतन के 90 प्रतिशत हिस्से के बराबर पेंशन दी जाती है। कर्मचारी की बेटी होने की स्थिति में उसे उसकी शादी तक यह फायदा मिलता है।

  • भारत में इस सप्ताह नए COVID-19 मामलों में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्व स्तर पर अभी भी उच्चतम: WHO

    भारत में इस सप्ताह नए COVID-19 मामलों में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्व स्तर पर अभी भी उच्चतम: WHO

    रॉयटर्बुरॉयटर्सधवार को अपडेट किए गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने एक ही दिन में कोरोनावायरस के कारण रिकॉर्ड 4,529 लोगों की मौत देखी, जिससे COVID-19 की मौत का आंकड़ा 2,83,248 हो गया, जबकि 2,67,334 ताजा संक्रमण दर्ज किए गए,

    पीटीआई

    डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि भारत ने पिछले एक सप्ताह में नए सीओवीआईडी ​​​​-19 मामलों में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की है, लेकिन ताजा संक्रमणों की संख्या अभी भी दुनिया भर में सबसे अधिक है।

    नए मामलों और मौतों की संख्या में 4.8 मिलियन से अधिक नए मामलों के साथ कमी जारी रही और पिछले सप्ताह में वैश्विक स्तर पर 86,000 नई मौतों की सूचना दी गई, जो कि पिछले सप्ताह की तुलना में क्रमशः 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की कमी है। -19 विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा राष्ट्रीय अधिकारियों से 16 मई तक प्राप्त साप्ताहिक महामारी विज्ञान अद्यतन डेटा ।

    इसने कहा कि भारत से सबसे अधिक नए मामले (2,387,663 नए मामले) सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 13 प्रतिशत कम है।

    इसके बाद ब्राजील ( 437,076 नए मामले; 3 प्रतिशत की वृद्धि), संयुक्त राज्य अमेरिका (235,638 नए मामले; 21 प्रतिशत की कमी), अर्जेंटीना (151,332 नए मामले; 8 प्रतिशत की वृद्धि) और कोलंबिया (115,834 नए मामले; 6 प्रतिशत की वृद्धि)।

    भारत से सबसे अधिक नई मौतें दर्ज की गईं (27,922 नई मौतें; प्रति 100,000 में 2.0 नई मौतें; 4 प्रतिशत की वृद्धि), नेपाल (1,224 नई मौतें; प्रति 100 000 में 4.2 नई मौतें; 266 प्रतिशत की वृद्धि) और इंडोनेशिया (1,125 नई मौतें; प्रति 100,000 पर 0.4 नई मौतें; 5 प्रतिशत की कमी)।

    डब्ल्यूएचओ द्वारा राष्ट्रीय अधिकारियों से 9 मई तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में सबसे अधिक 2,738,957 नए मामले दर्ज किए गए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है।

    डब्ल्यूएचओ के अनुमान के अनुसार, भारत में वर्तमान में संचयी मामले लगभग 24.68 मिलियन हैं और कुल मृत्यु लगभग 270,284 है।

    आंकड़ों में कहा गया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में पिछले सप्ताह की तुलना में 2.5 मिलियन से अधिक नए मामले और 30,000 से अधिक नई मौतें, क्रमशः 12 प्रतिशत की कमी और 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    लगातार नौ हफ्तों की वृद्धि के बाद मामले की घटनाओं में कमी आई, हालांकि महामारी की शुरुआत के बाद से पूर्ण संख्या अपने उच्चतम स्तर पर बनी हुई है, यह कहते हुए कि मौत की घटनाओं में लगातार नौवें सप्ताह में वृद्धि जारी रही।

    वैश्विक स्तर पर, पिछले तीन हफ्तों में गिरावट की प्रवृत्ति के बावजूद, महामारी की शुरुआत के बाद से मामलों की घटनाएं उच्चतम स्तर पर बनी हुई हैं।

    पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के अलावा सभी क्षेत्रों ने इस सप्ताह नए मामलों में गिरावट दर्ज की, जहां नए मामलों की घटना पिछले सप्ताह के समान थी।

    यूरोपीय क्षेत्र ने इस सप्ताह नए मामलों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, इसके बाद पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र का स्थान है।

    इन क्षेत्रों ने पिछले एक सप्ताह में नई मौतों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। इसमें कहा गया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में पिछले सप्ताह की तरह ही नई मौतों की संख्या दर्ज की गई है।

    भारत की COVID-19 टैली ने 7 अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, 5 सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख का आंकड़ा पार कर लिया था।

    यह 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ के आंकड़े को पार कर गई।

    भारत ने 4 मई को 2 करोड़ के गंभीर अकड़े को पार कर लिया।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार , भारत में कोरोनावायरस के कारण रिकॉर्ड 4,529 मौतें हुई हैं।एक ही दिन में, COVID-19 से मरने वालों की संख्या 2,83,248 हो गई, जबकि 2,67,334 नए संक्रमण दर्ज किए गए, जिससे कुल मामलों की संख्या 2,54,96,330 हो गई।

    सक्रिय मामले और कम होकर 32,26,719 हो गए हैं, जिसमें कुल संक्रमण का 12.66 प्रतिशत शामिल है, जबकि राष्ट्रीय COVID-19 रिकवरी दर में सुधार हुआ है और यह 86.23 प्रतिशत हो गया है।