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  • USSD code full form क्या होता है  और USSD क्या होता है

    USSD code full form क्या होता है  और USSD क्या होता है

    USSD code:-

    क्या आप भी इंटरनेट पर यू.एस.एस.डी  code  full form सर्च कर रहे हैं अगर हां तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं इसलिए और आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको और कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी यहां पर आपको आपके सभी सवालों का जल्द ही जवाब मिल जाएगा

    यू.एस.एस.डी  code  का full form क्या है ? इसके साथ यू.एस.एस.डी  क्या होता है ? इसके फायदे और भी बहुत कुछ बस आप इस आर्टिकल को बिना एक भी लाइन छोड़ें शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप यूएसएसडी के बारे में सब कुछ अच्छे तरीके से जान जायेंगे।

    USSD code  full form क्या होता है

    USSD code  का  full form  क्या  है (Unstructured supplementary service data) हिंदी में रसचनात्मक पूरक सेवा डाटा भी कहा जाता है इसे Quick Code या feature code भी कहा जाता है लेकिन यहां यूएसएसडी खुद के नाम से ही सबसे ज्यादा जाना जाता है इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल मोबाइल फोन का बैलेंस चेक करने के लिए किया जाता है।

    USSD code  full form in hindi

    यू.एस.एस.डी  code full form यानी instructions supplementary service data को हिंदी में आंसररचनात्मक पूरक सेवा डेटा कहते हैं।

    USSD code क्या है

    USSD code  एक प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग GSM सेल्यूलर टेलीफोन द्वारा सर्विस प्रोवाइड के कंप्यूटरों के साथ संपर्क करने के लिए किया जाता है ussd code (*) से शुरू होता है और (#) पर खत्म होता है जैसे *121#,1 ussd codes 182 वर्णों characters तक लम्बे होते हैं।

    USSD Code
    USSD Code

    यू.एस.एस.डी  में एक रियल टाइम कनेक्शन बनाता है जिससे कनेक्शन खुला रहता है इसमें दोनों तरफ से डाटा की अदाला बदली होती है उसे यू.एस.एस.डी   समय 1 से 3 मिनट तक का होता है जिसके बाद connection disconnect हो जाता  है।

    USSD code कैसे काम करता है

    यू.एस.एस.डी  का  इस्तेमाल डायलपैड के द्वारा किया जाता है जब आप अपने डायल पैड पर कोई यू.एस.एस.डी  Code डालते हैं तो वह वास्तविक संदेशों का आदान प्रदान करता है यह एक तरह की Instant messaging services जिसमें आप अपने सवाल के लिए एक कोड डालते हैं और फिर कुछ ही सेकंड में आपके सवाल का जवाब मिल जाता है इस टेक्निक में मैसेज को store करने या forward करने की कोई सुविधा नहीं होती है जैसे मैसेज में होता है।
    टेक्निक में आप कोई भी ऐसी सर्विस के लिए query नहीं डाल सकते हैं जो कंपनी आपको ना दे रही हो इसमें आप केवल वही सर्विस के लिए पूछ सकते हैं जो कंपनी आपको दे रही है।

    USSD  code का इस्तेमाल कहां – कहां किया जाता है

    USSD  code इसका इस्तेमाल आज से नहीं हो रहा है जब पहले black N white छोटे-छोटे फीचर वाले  फोन आते थे तब से ही यूएसएसडी का इस्तेमाल बैलेंस चेक करने के लिए रिचार्ज करने के लिए वैलिडिटी चेक करने के लिए कॉलर ट्यून और बाकी कामों के लिए होता आ रहा है।

    इसके अलावा यू.एस.एस.डी  code का उपयोग वेब ब्राउजिंग ,प्रीपेड कॉलबैक सेवा, मोबाइल मनी सेवाओं, सूचना सेवाओं और नेटवर्क पर फोन को configure करने के लिए किया जाता है इसके साथ यू.एस.एस.डी code का उपयोग अन्य देशों में और भी विभिन्न कामों के लिए किया जाता है।

    USSD code  के आइए जानते हैं क्या-क्या फायदे हैं

    यू.एस.एस.डी  code  का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको quick information जिससे आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता है जैसे आपको अगर बैलेंस चेक करना है तो यू.एस.एस.डी  code से आप जल्दी से पता कर सकते हैं वही IVR पर आपको बहुत समय लग जाता है।

    यूएसएसडी का सबसे बड़ा फायदा है कि इसके लिए आपको internet connection की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि हमारा नेट नहीं चलता है और भारत में इंटरनेट की स्पीड की समस्या से तो हर कोई परेशान है ऐसे में हम यू.एस.एस.डी code की मदद से किसी को भी पैसा भेज सकते हैं और बैंक का कुछ भी काम कर सकते हैं।

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    USSD code  का सबसे बड़ा फायदा कम आय वाले लोगों को है क्योंकि उन्हें मोबाइल बैंकिंग को इस्तेमाल करने के लिए कोई महंगा स्मार्टफोन खरीदने और हर महीने इंटरनेट रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • दृश्य सामग्री क्या है(What is Visual Content)? आपकी डिजिटल उपस्थिति बढ़ाने के लिए एक विस्तृत मार्गदर्शिका

    दृश्य सामग्री क्या है(What is Visual Content)? आपकी डिजिटल उपस्थिति बढ़ाने के लिए एक विस्तृत मार्गदर्शिका

    Visual Content:- आज के डिजिटल परिदृश्य में, Visual Content संचार, जुड़ाव और कहानी कहने का एक शक्तिशाली उपकरण बन गई है। जैसा कि कहा जाता है, “एक तस्वीर हज़ार शब्दों के बराबर होती है,” और मार्केटिंग में, इसका और भी अधिक महत्व है। सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर वेबसाइटों, विज्ञापनों और प्रस्तुतियों तक, Visual Content हर जगह मौजूद है, जो ब्रांड अपने दर्शकों के साथ कैसे जुड़ते हैं, इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    Visual Content
    Visual Content

    1.Visual Content क्या है?

    Visual Content दृश्य रूप से प्रस्तुत की गई किसी भी content को संदर्भित करती है, जैसे कि Photos,Infographics,GIFs,Memes और बहुत कुछ, जो जानकारी, भावनाओं या विचारों को व्यक्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पाठ-आधारित सामग्री के विपरीत, Visual Content जल्दी से ध्यान आकर्षित करती है, दर्शकों को आकर्षित करती है, और संदेशों को अधिक प्रभावी ढंग से और यादगार तरीके से संप्रेषित करने में मदद करती है।

    Visual Content
    Visual Content

    Visual Content के प्रमुख उदाहरण:-

    Pictures:- उच्च गुणवत्ता वाली छवियां जो ध्यान आकर्षित करती हैं और उत्पादों या अनुभवों को उजागर करती हैं।
    Video:- आकर्षक वीडियो सामग्री जो विस्तृत जानकारी प्रदान करती है और उच्च जुड़ाव बढ़ाती है।
    Infographics:- डेटा का visuals प्रतिनिधित्व जो जटिल जानकारी को समझना आसान बनाता है।
    Meme and GIFs:- मज़ेदार, संबंधित visuals जो आपके ब्रांड में व्यक्तित्व जोड़ते हैं।

    Visual Content Example
    Visual Content Example

    2.डिजिटल मार्केटिंग Visual Content में का महत्व

    अकेले पाठ की तुलना में दर्शकों को अधिक प्रभावी ढंग से आकर्षित करने, संलग्न करने और परिवर्तित करने की क्षमता के कारण दृश्य सामग्री डिजिटल मार्केटिंग में आवश्यक हो गई है। उसकी वजह यहाँ है:-

    Quick Information:- अध्ययनों से पता चलता है कि लोग छवियों को पाठ की तुलना में 60,000 गुना तेजी से संसाधित करते हैं, जिसका अर्थ है कि दृश्य कुछ ही सेकंड में विचारों को संप्रेषित कर सकते हैं।
    Increased व्यस्तता:- सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म Visual Content को प्राथमिकता देते हैं, जिससे इसके बड़े दर्शकों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। छवियों या वीडियो वाले पोस्ट को केवल-texts वाले पोस्ट की तुलना में अधिक जुड़ाव दर मिलती है।
    बेहतर स्मरण: दृश्य अक्सर अधिक यादगार होते हैं, जिससे आपके दर्शकों को जानकारी लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे ब्रांड की पहचान बढ़ती है।
    Enhanced User अनुभव:- वेबसाइटों और ऐप्स पर, दृश्य सामग्री जानकारी को सुपाच्य और पृष्ठों को अधिक आकर्षक बनाकर उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाती है।
    सामग्री विपणन रणनीतियों में दृश्यों के प्रभावी उपयोग से अभियानों की पहुंच और प्रभाव में सुधार होता है, जिससे ब्रांडों को अपने दर्शकों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़ने में मदद मिलती है।

    Digital Marketing
    Digital Marketing

    Visual Content के प्रकार

    विभिन्न प्रकार की दृश्य सामग्री की खोज से ब्रांडों को विविध संदेश देने और कई स्तरों पर जुड़ने में मदद मिलती है। डिजिटल मार्केटिंग में उपयोग की जाने वाली दृश्य सामग्री के कुछ प्राथमिक प्रकार यहां दिए गए हैं:

    1.Images:-
    तस्वीरें दृश्य सामग्री का सबसे बुनियादी रूप हैं, जो ध्यान आकर्षित करने और सरल संदेश देने का त्वरित तरीका प्रदान करती हैं।
    Stock Photo: आसानी से उपलब्ध लेकिन मौलिकता की कमी हो सकती है।
    Custom Photos: आपके ब्रांड के अनुरूप, एक अद्वितीय और प्रामाणिक स्पर्श प्रदान करती हैं।

    2.Video:-
    वीडियो कहानियाँ बताने, उत्पाद प्रदर्शित करने और दर्शकों से जुड़ने का एक गतिशील तरीका प्रदान करते हैं।
    Explainer Video: किसी अवधारणा, उत्पाद या सेवा को शीघ्रता से समझाएं।
    Product D: उत्पाद की विशेषताओं और लाभों को प्रदर्शित करें।
    Behind-the-Scenes: कंपनी की संस्कृति या प्रक्रियाओं की एक झलक प्रदान करें।

    3.Infographics:-

    Infographics अत्यधिक साझा करने योग्य visuals हैं जो जटिल जानकारी को समझने में आसान प्रारूप में संक्षिप्त करते हैं।
    डेटा, आँकड़े और तथ्य प्रस्तुत करने के लिए आदर्श।

    4.GIFs and Memes:-
    GIFs छोटे, लूपिंग वीडियो या एनिमेशन हैं जो आपकी सामग्री में एक चंचल स्पर्श जोड़ते हैं।
    Meme मज़ेदार, साझा करने योग्य छवियां या टेक्स्ट-आधारित चुटकुले हैं जो दर्शकों को पसंद आते हैं और संबंधित ब्रांड कनेक्शन बनाते हैं।

    Type of Visual Content
    Type of Visual Content

    5.Illustractions and Animations:-
    कस्टम चित्रण आपके ब्रांड को अलग करते हुए एक रचनात्मक और अद्वितीय दृश्य शैली जोड़ते हैं।
    एनिमेशन गतिशील दृश्य रुचि प्रदान करते हैं और विशेष रूप से व्याख्यात्मक वीडियो और विज्ञापनों(ads) में संलग्न होते हैं।
    6.Charts and Graphs:-
    डेटा को दृश्य रूप से प्रस्तुत करने और रुझानों, पैटर्न या तुलनाओं को समझना आसान बनाने के लिए बढ़िया है।
    7. Screenshot and Screen Recordings:-
    ट्यूटोरियल, चरण-दर-चरण मार्गदर्शिकाएँ, या सॉफ़्टवेयर प्रदर्शनों के लिए सहायक।
    Visual Content केवल एक प्रवृत्ति नहीं है; आज के तेज़ गति वाले डिजिटल परिवेश में यह एक आवश्यकता है। यह अलग दिखने, अपने दर्शकों को अधिक गहराई से संलग्न करने और जटिल जानकारी को शीघ्रता से संप्रेषित करने का एक तरीका प्रदान करता है। यह समझकर कि विज़ुअल सामग्री क्या है, उपलब्ध प्रकार और विज़ुअल कैसे बनाएं और अनुकूलित करें, व्यवसाय एक शक्तिशाली सामग्री रणनीति तैयार कर सकते हैं जो ब्रांड दृश्यता को बढ़ाती है और ग्राहक कनेक्शन को मजबूत करती है।

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    चाहे आप डेटा को सरल बनाने के लिए इन्फोग्राफिक्स का उपयोग कर रहे हों, अपनी कहानी बताने के लिए वीडियो का उपयोग कर रहे हों, या उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए छवियों का उपयोग कर रहे हों, उच्च गुणवत्ता वाली दृश्य सामग्री आपकी डिजिटल उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकती है। जब आप अपनी सामग्री रणनीति की योजना बनाते हैं, तो याद रखें कि Visual केवल पूरक नहीं हैं – वे एक सम्मोहक, यादगार और सफल ब्रांड बनाने के लिए केंद्रीय हैं.

  • वेबसाइट किसे कहते है ये क्या है (What is website in Hindi) और ये (Website) कितने प्रकार के होते हैं।

    वेबसाइट किसे कहते है ये क्या है (What is website in Hindi) और ये (Website) कितने प्रकार के होते हैं।

    क्या आपको पता है वेबसाइट(Website) किसे कहते है ये क्या है (What is website in Hindi) और ये (Website) कितने प्रकार के होते हैं। आजकल ऐसे बहुत सारे सवाल हर किसी के मन में आते है। क्यूँ ना आज इस लेख में हम इसके बारे में विस्तार से चर्चा करें। यही नहीं बल्कि इस विषय से सम्बंधितऔर जितनी भी जानकारियां है  उन सभी के बारे में हम चर्चा करेंगे ताकि आपके मन में कोई ओर सवाल ना आए।



    आज कल हर किसी के पास Mobile, Laptop और tablet हैं, और आपके पास भी इनमे से एक तो जरुर होगा। अगर आपके पास इनमे से एक नहीं होता तो आप मेरा ये लेख कहाँ से पढ़ पाते। इन गैजेट्स से हम बहुत सारे कार्य करते हैं, जैसे Game खेलना, गाना सुनना, Movie देखना आपको ये कार्य करने के लिए कोई Internet की आवश्यकता नहीं होती।

    परंतु कुछ दुसरे ऐसे कार्य भी है जैसे किसी को email भेजना, online Shopping करना, Information search करना और Online Business करना, Online Movie Ticket, Train ticket, Hotel Book करना इन सभी कार्य के लिए Internet बहुत ही जरुरी है।

    चलिए कुछ नया सीखने में देरी क्यूँ करते है , अब विस्तार से इस विषय पर चर्चा करते है और जानते है की आख़िर में वेबसाइट क्या होता है।

    वेबसाइट क्या है – What is Website in Hindi:-

    बहुत सारे Webpages के Collections को Website कहा जाता हैं। यह भी कह सकते हैं एक website या site एक एसा Location हैं जाहाँ बहुत सारे webpages को रखा जाता है। हर webpage में कुछ ना कुछ Information होती है. जैसे अभी आप एक website के एक पेज पे हैं जिस पेज पे “website क्या है” इसकी जानकारी है.

    और यह webpage हमारी Website जिसका नाम है https://avspost.com/ का ही एक हिस्सा है. जब हमारे पेज के दुसरे पोस्ट के उपर आप क्लिक करेंगे तो एक नया पेज खुलेगा वो भी एक webpage ही है।

    Website को Open करने के लिए हम एक application या software का इस्तमाल करते हैं. जिसको हम कहते हैं web Browser. EX- Google chrome, Operamini, UC Browser. अगर अभी बी आपको समझ में नहीं आया तो मेरा ये ex को पढ़ें-आपके सारे संदेह दूर कर देगा, जैसे की मैंने कहा https://avspost.com/ यह website है और इस site के Home page पे जब आप होंगे आपको बहुत सारे post देखने को मिलेंगे जो कुछ ओर नहीं वो अलग अलग webpage के address/link हैं.



    एसे webpages हमारे साईट पे करीबन 300-400 होंगे. हर पेज में कुछ जानकारी होती है. अब इस वाक्य को पढ़ें “बहुत सारे WebPages के Collections को Website कहते हैं”. सायद आप समझ गए होंगे.

    वेबसाइट(Website)की परिभाषा:-

    आपको इन निचे दिए गए सब्दों के बारे में जानकारी होनी चाहिए आज के विषय को अच्छे से समझने के लिए।

    Static Web Page

    Static Web Page इसके नाम से ही आप समझ गए होंगे की ये एसा page है. जहाँ सारे कभी भी नहीं बदलते है page fixed रहते हैं. जिनको कोई भी इन्हें बदल नहीं सकता है. ये static web pages हर नए और पुराने user के लिए एक जैसे ही होते हैं. आप जब भी website open करते है देखे होंगे जिन pages के content कभी नहीं बदलते है. वो पेज हर किसी के लिए एक जैसे दिखाई देते हैं.

    लेकिन कुछ site है, जैसे Facebook.com जिनके page के content हर वक्त बदलते रहते हैं और अलग अलग यूजर के लिए अलग webpage होते हैं.यहाँ कुछ static web page के कुछ उदहारण है. EX- about us page और Contact us page जीनके content कभी बी नहीं बदलते हैं. उमीद है अब आपको आसानी हो गई होगी static page को समझने में. अब जानते हैं dynamic webpage.

    Dynamic Web Page

    सायद आप static web page को समझ गए हैं तो इसे भी बड़ी आसानी समझ जाओगे. क्यूंकि Dynamic web page content हमेसा बदलते रहते हैं. यहाँ पे हर user मतलब आपके लिए जो पेज खुले हागा वो मेरे लिए कुछ और होगा. जैसे fb में जब मै login करता हूँ तो मेरा पेज आपके fb page से काफी अलग होगा.



    Dynamic का मतलब है, जो पेज बार बार बदलता रहता है. वैसे ही और एक example लेलो shopping sites के हर web pages भी हर user के लिए बदलते रहते हैं. क्यूंकि आप कुछ search करते होंगे लेकिन मै कुछ दूसरा page shopping करने के लिए पेज OPEN कर सकता हूँ. ये दोनों dynamic webpage के उदाहाण है. क्या आप अपनी वेबसाइट अपने पसंद की Design की बनाना चाहते हो तो आपको php सिखाना होगा चलिए अब इसके बारे में ही बात करेंगे.

    Home Page

    Website के पहले Page को Homepage कहते हैं. या जब कोई Website को Visit करते हैं तब जो Page खुलता है उसे ही Home Page कहते हैं. https://avspost.com/ इसमें click करने के बाद जो page खुलेगा उसे इस Site का Home Page कहते हैं. website के root Directory में ये Page रहता है. इस पेज में ये सारे Files भी रहते हैं index.html, index.htm, index.shtml, index.php, default.html और home.html

    Search Engine

    Search Engine एक प्रोग्राम है. या ये बोल सकते हो ये एक एसा web प्रोग्राम है जो Internet के असीमित database में से User जो Information या सवाल को Internet में search करता है. उसके संभंधि जो Information Search Engine (Google, Yahoo, Bing) को मिलती है उसको Search Result page में दिखता है. जैसे Google करता है. हर query (सवाल) को world wide web में सर्च किया जाता है.

    Website Search Engine
    Website Search Engine

    Web Address/URL

    URL का full form होता है Uniform Resource Locator. ये एक formatted text string है जिसे की Web Browser, email clients या किसी अन्य Software में इस्तमाल किया जाता है किसी Network Resource को ढूंडने के लिए. Network Resource कोई भी फाइल्स हो सकती हैं जैसे की Web Pages, Text Document, Graphics या Programs.

    Domain

    एक domain name ही आपके Website का नाम बताता है. इसके जरिये ही लोग Website तक लोग पहुँच पाते है, यह website की पहचान है. Letter और Number से ही Website का नाम लिखा जा सकता है. Domain name का इस्तमाल एक या एक से अधिक IP Address की की पहचान करने के लिए किया जाता है. जैसे Microsoft.com यह एक domain का नाम है सायद आप सभी इसे वाकिफ होंगे. एक निर्दिष्ट Webpage की पहचान करने के लिए Domain name को URL में लिखा जाता है.

    https://avspost.com/about-us इस URL में अगर आप ध्यान से देखेंगे तो avspost.com Domain Name का नाम है.

    URL
    URL

    आप देखे ही होंगे हर Blog/Website के अंत में एक नाम जुदा रहता है. जैसे .net, .com, .in, .org, ये सभी Top Level Domain को दर्शाते हैं. चलिए अब कुछ उदहारण समझते हैं.

    .Gov- Government agencies
    .Edu – Educational institutions
    .Org – Organizations (nonprofit)
    .Mil – Military
    .Com – commercial business
    .Net – Network organizations
    .In – India
    .Ca – Canada
    .Th – Thailand

    Website
    Website

    वेबसाइट(Website) के प्रकार – Types of website in Hindi

    हर रोज आप कुछ ना कुछ जानकारी हासिल करने के लिए Internet का इस्तमाल करते हैं और कई तरह तरह के Blogs या Website को Open करते हैं.

    ये सभी वेबसाइट के अलग अलग प्रकार हैं. किंतु इन सभी प्रकार को अगर देखा जाए तब इन्हें हम दो हिस्सों में बाँट सकते हैं.

    1. Static website
    2.  Dynamic website

    तो चलिए लिए अब वेबसाइट के प्रकार के बारे में विस्तार से जानते हैं.

    1. Static Website

    Static website एक ऐसी वेबसाइट है जिसकी web pages को store किया जाता है एक ऐसी फ़ॉर्मैट में जिसे की भेजा जाता है एक client web browser को. आसान शब्दों में कहें तब Static website बहुत ही basic type की website होती है जिन्हें की आसानी से create किया जा सकता है।

    इसके लिए आपको किसी प्रकार की कोई web programming और database design का ज्ञान होना ज़रूरी नहीं होती, बल्कि इसके बिना भी आप आसानी से एक static website बना सकते हैं. इसकी web pages को code किया गया होता है HTML में.

    इसके codes fixed होती हैं प्रत्येक page के लिए जिससे की जो भी जानकारी महजूद होती है एक पेज में वो बदलती नहीं है और इसलिए ये ठीक एक printed page के तरह ही दिखते हैं.

    Static Website and Dynamic Website
    Static Website and Dynamic Website

    2. Dynamic Website

    Dynamic website एक ऐसी वेबसाइट होती है जो की खुद को बदलती है या customize करती है बहुत बार और वो भी automatically. आसान शब्दों में बताया जाए तब Dynamic website एक ऐसी collection होती है dynamic web pages की जिसके content dynamically बदलते रहते हैं.

    ये वेबसाइट अपने कांटेंट access करती हैं एक database या Content Management System (CMS) से. ऐसे में जब आप किसी भी प्रकार का बदलाव करते हैं database के कांटेंट में, तब वेबसाइट के content भी अपने आप भी बदल जाते हैं या अप्डेट हो जाते हैं।

    Dynamic website में client-side scripting या server-side scripting, या दोनों का इस्तमाल होता है dynamic content generate करने के लिए.

    Webpage, Website, Web Server और Search Engine में क्या अंतर होता है ?

    प्राय लोगों को इन चारों Technical terms के विषय में ज्यादा पता नहीं होता है क्यूंकि ये बहुत ही confusing होते हैं. इसलिए चलिए इनके विषय में जानते हैं और उनके बीच स्तिथ अंतर को भी जानते हैं.

    Web page

    ये documents होते हैं जिन्हें की एक web browser में display किया जा सकता है. Web Browsers जैसे की Firefox, Google Chrome, Opera, Microsoft Internet Explorer, या Apple’s Safari. इन documents को “pages” भी कहा जाता है.

    Website

    ये एक collection होता है web pages का जिन्हें की एक साथ group किया जाता है और usually ये connected होते हैं एक दुसरे के साथ. अक्सर एक a “web site” को simply एक “site” भी कहा जाता है.

    Web Server

    यह एक computer होता है जो की एक website को host करता है Internet में.

    Search Engine

    यह एक ऐसा website होता है जो की users को मदद करता है दुसरे web pages को ढूंडने के लिए, उदाहरण के लिए Google, Bing, या Yahoo.

    ऊपर बताये गए चीज़ों को समझने के लिए चलिए एक simple analogy का इस्तमाल करते हैं — एक public library. हम एक

    Library में जो कुछ भी करते हैं चलिए उसे समझते हैं :
    1.  सबसे पहले search index को खोजें और फिर उस book का title खोजें जिसे आप चाहते हैं.
    2.  Book का catalog number का एक note करें.
    3.  फिर उस particular section को जाएँ जिसमें की आपको वह book होगी, फिर सही catalog number को खोजें, और इससे आप अपना book सकते हैं.

    चलिए अब इस Library को एक Web Server के साथ compare करते हैं :
    •  एक library एक web server के जैसे होता है. इसमें बहुत से sections होते हैं, जो की similar होते हैं एक web server के समान जिसमें multiple websites host किया जाता है.

    Website
    search
    • Library की अलग अलग sections होते हैं जैसे की science, math, history, इत्यादि. ये sections websites के समान होते हैं. प्रत्येक section एक unique website के तरह होते हैं (जैसे दो sections में समान books नहीं होते हैं).
    • Sections में मेह्जुद books Webpages के तरह होते हैं. एक website के बहुत सारे webpages होते हैं, जैसे की Science section (जो की एक website है) उसमें किताबें अलग अलग विषय के हो सकते हैं जैसे heat, sound, thermodynamics, statics, इत्यादि. (इन्हें आप webpages कह सकते हैं).
    • इसमें वो search index एक search engine के समान होता है. प्रत्येक book की एक unique location होती है library में (जैसे दो books को एक स्थान या एक जगह में नहीं रह सकते हैं) और जिन्हें एक catalog number से specify किया जाता है.
    • वहीँ webpages के भी unique addresses होते हैं. इन unique addresses का इस्तमाल होता है एक webpage को retrieve करने के लिए एक web server से. इसके लिए बस address को web browser के address bar में type करना होता है.

    Read Also This: WordPress क्या है ? What is WordPress?

    आज आपने क्या सीखा

    कैसा लगा मेरा ये लेख मुझे तभी पता चलेगा जब आप निचे कमेंट करेंगे. तो आज हम क्या सीखे ये फिर से देख लेते हैं. आपने  आज सीखा वेबसाइट क्या है और इसके प्रकार (What is Website in Hindi). हम इसके सम्बन्धी जानकारी के बारे में भी विस्तार से चर्चा किए हैं.

    यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.

  • WordPress क्या है ? What is WordPress?

    WordPress क्या है ? What is WordPress?

    1- What is WordPress?

    WordPress एक Content Management System (CMS) software है जो PHP और MYSQL computer language से coding द्वारा बनाया गया है जिसके मदद से हमें किसी भी तरह का वेबसाइट बना सकते है और उसके साथ-साथ वेबसाइट के Pages, Post article, Image, Video और site design, etc. सबको easily manage कर सकते हैं इसलिए इसे CMS software बोला जाता है.

    WordPress 27 मई 2003 में Matthew Mullenweg द्वारा launch किया गया था जो कि दुनिया का सबसे ज्यादा use होने वाला CMS software बन गया आज के समय में.

    अगर हम इसे आसान भाषा में समझे तो WordPress एक Open Source Software है, जो कि online website और blog बनाने में use किया जाता है. यहाँ पर Open Source का मतलब यह है कि यह पूरी तरह से free है इसके लिए आपको कोई पैसे देने की जरूरत नहीं होती है।

    पर आप पूरी तरह से ध्यान रखे , मैंने इस software को open source बताया है जो वेबसाइट बनाने के लिए use किया जाता है पर एक वेबसाइट बनाने के लिए  इस software के अलावा और भी अन्य चीजों की जरूरत होती है जिनमें से एक है. Web hosting जिसके अंदर हम WordPress को install करते हैं.

    Hosting के साथ-साथ आपको Domain भी चाहिए होता है क्योंकि किसी भी प्रकार की वेबसाइट या blog बनाने के लिए यह दो मुख्य चीजों की जरुरत होती है. जिसे आपको खरीदना  पड़ सकता है.

    इसलिए अब हम थोड़ा उन चीजों पर ध्यान देंगे जो एक वेबसाइट बनाने में जरूरत पड़ती है और उनके बारे में यह भी जानेंगे की वह क्या है और कैसे काम करता है.

    2- WordPress Hosting क्या है?

    Web Hosting एक data store होता है जो आपके वेबसाइट के data को store करता है, जब आप अपने वेबसाइट में जो भी content upload करते हैं ,जैसे – post-article, images, videos, सब कुछ एक web-hosting में store होता है तब जाकर ही यह सब content आपके website में दिखता है जिसे दुनिया का कोई भी व्यक्ति google में सर्च करके देख पाता हैं.

    इसलिए हमें WordPress में Website content को Online store करने के लिए हमें Web hosting की जरुरत पड़ी है.

    3-WordPress Theme

    WordPress theme फाइलों (graphics, style sheet and code) का एक समूह होता है, जो आपके blog या website के समग्र स्वरूप को निर्धारित करता है. Theme website को रंगरूप प्रदान करता है. WordPress Directory में लगभग 9 हजार से भी अधिक फ्री और प्रीमियम थीम मौजूद हैं,

    जैसा कि हम जानते हैं कि Internet पर सभी website का डिज़ाइन और संरचना एक दूसरे से अलग होती है क्योंकि उन सभी में अलग-अलग  coding की गई होती है, जिससे वह वेबसाइट एक दूसरे से बहुत अलग और आकर्षित दिखते है.

    ठीक उसी तरह WordPress में पहले से ही कई theme मौजूद होती है जो एक website का पूरा structure है जो एक नहीं बल्कि कई होते है, दरअसल यह website WordPress theme के लिए coding द्वारा बनाया गया होता है जिसे हम WordPress theme के नाम से जानते है

    4- Type of WordPress (WordPress के प्रकार ):-

    अभी तक हमने WordPress  के बारे में जो भी पढ़ा उससे हमे पता चलता है की कितना powerful website creation tool है. पर इसे use करने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि WordPress दो प्रकार के होते है और दोनों में क्या अंतर है

    इसे हम  all in one “website builder” platform कह सकते है ,क्योंकि इसमें कोई external Hosting और Domain की जरुरत नहीं होती है. “Wordpress.com” free और paid service दोनों में ही available है लेकिन आपको free में कुछ भी features नहीं मिलते, इसलिए इसमें आप एक professional blog या फिर वेबसाइट नहीं बना सकता है।

    यह free में 3GB का Storage ही देता है जिससे आप paid service से 6GB, 13GB और 200GB तक upgrade कर सकते हैं.

    • इसमें आप अपने website को monetize नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह Google AdSense और कोई भी दूसरे Advertising programs run नहीं करता.
    • इसमें WordPress खुद ही advertising programs Run करता है जिसे आप केवल paid service में ही हटा कर सकते हैं.
    • WordPress.com free में subdomain देता है जिसमे “WordPress” आपके website name के साथ अपना भी name show करता है. 
    • यह 5 plans में available है ( FREE, PERSONAL, PREMIUM,  BUSINESS, E-COMMERCE ) जो की “Business और E-commerce बहुत ही expensive plan है और बाकी तीन में बहुत कम features दिए गए है.
    • आप कोई भी Themes और Plugins install नहीं कर सकते, यह केवल “BUSINESS और E-COMMERCE” plan में ही available है.

    इसमें बनाए गए Website WordPress खुद के Hosting में रखता है, तो आप कह सकते है की आपके Website का content आपके हाथ में नहीं, WordPress के पास है जो की वो कभी भी आपके website को remove भी कर सकता है.

    यह self-hosted website builder platform इसलिए आपके website का सारा control आपके पास होता है. सभी लोग सबसे ज्यादा इसे ही पसंद करते है क्योंकि wordpress.com के सारे कमी को यह पूरी कर देता है जिससे यह powerful website creation tool बन जाता है.

    • WordPress के Theme directory में हज़ारों की तादाद में themes और plugins दिए है जिसे आप आसानी से one click में install कर सकते हैं.
    • यह पूरी तरह SEO Friendly है क्योंकि इसमें Yoast SEO और rank math जैसे plugins है जो SEO में बहुत help करते है.
    • इसे आप खुद के hosting service में install कर सकते है जिस वजह से आपकी website पूरी तरह से आपके हाथ में होता है.
    • यह Google AdSense और सभी प्रकार के advertising programs को support करता है, जिससे आप अपने website को monetize भी कर सकते हैं.
    • यह एक open source software है इसलिए इसे कोई भी free में install कर सकता हैं.
    • यह आपको backend का भी features देता है जिसके द्वारा अपने website को design और customize कर सकते हैं.
    • यह Blogging के लिए बहुत ही बेहतर है.
    • इसमें आप किसी भी प्रकार का website बना सकते हैं और easily mange कर सकते है.
    WordPress
    WordPress

    5- WordPress plugins क्या है?

    WordPress Plugins एक software कि तरह होता है जो की WordPress कि तरह इससे भी PHP coding द्वारा बनाया गया होता है यह software WordPress के features और functionality और बढ़ा देता है. जिसे आप WordPress के Admin area में Add plugins के “directory” से install कर सकते हैं.

    अगर हम बात करें plugins संख्या कि तो यह हज़ारों में है जिसमें आपको free और paid दोनों ही मिल जाते हैं.,

    वैसे तो plugins कई प्रकार के use के लिए होते है जैसे की website speed, website SEO, website security और भी बहुत से अन्य चीजें के लिए. जो की किसी भी website के लिए बहुत ही ज़रूरी है. पर इसके अलावा ऐसे बहुत से जरुरत के लिए भी WordPress plugins use करते है जैसे की जब हमे अपने website में कोई विशेष additional features add करना हो और उसके लिए हमें कोई coding भी न करना पड़े.

    WordPress के  क्या फायदे हैं – Benefits of WordPress

    1. यह Open-source है जिससे की इसे फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है इसके अलावा developers इसके source code का उपयोग भी कर सकते हैं।
    2. WordPress  उपयोग  करने में बहुत ही आसान है, web designing से लेकर content publishing जैसे सारे काम बड़ी आसानी से किया जा सकता है।
    3. इसे Hosting server पर install करना बहुत आसान है।
    4. हजारों की संख्या में themes पहले से मौजूद है।
    5. WordPress SEO friendly है।
    6. यह e-commerce website बनाने की facility देता है।
    7. Plugins के जरिये site functionality को upgrade कर सकते हैं।
    8. Responsive web design आजकल बहुत जरुरी है और WordPress   से बनी वेबसाइट responsive और mobile friendly होती है।
    9. बिना coding या programing knowledge के site बनाया जा सकता है।
    10. Social media integration करना कोई मुश्किल काम नही है।

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    WordPress के क्या नुकसान हैं – Disadvantages of WordPress

    1. WordPress से website बनाने के लिए hosting की जरुरत पड़ती है ,यानि आपको किसी hosting कंपनी से hosting plans लेने पड़ेंगे जिसके लिए आपको monthly कुछ charges देने पड़ेंगे।
    2. अगर आपको design को customize करना हो तो इसके लिए coding skills जैसे: HTML, CSS, PHP आदि आने चाहिए।
    3. ज्यादा plugins use करने से आपकी site की speed slow हो सकती है।

    उपसंहार  :-

    किसी भी Blog के लिए उनके Visitors बहुत ही मान्य रखते हैं, क्योंकि उनके वजह से ही कोई भी Blog सफल हो पता है ऐसे में हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि हम अपने Visitors को सभी सवालों के जवाब उन तक पूरी तरह से सही-सही पहुँचा सके ताकि उन्हें हमारे पर विश्वास हो. इसलिए मैं आपसे यह जानना चाहती हूँ,wordpress क्या है  इस post से कुछ सीखने को मिला तो हमें ज़रूर बताएं और इसके अलावा आपके पास इस Blogs के प्रति कुछ भी सवाल हो तो Comment करके पूछ सकते है.

    उम्मीद करती हूँ यह post आपके लिए helpful रहा होगा. अगर आपके पास भी कोई भी ऐसे सवाल है जैसे की Marketing, SEO, Blogging, या फिर कुछ भी, जिस पर आपको full details में blog चाहिए तो हमें Comment करके आप हमारे लिए सहयोग कर सकते है जिससे मुझे यह पता चल पाए कि आपको किस Topic पर Blog चाहिए

  • Blockchain क्या होता है जाने इस नई तकनीक के बारे में

    Blockchain क्या होता है जाने इस नई तकनीक के बारे में

    Blockchain  टेक्नोलॉजी क्या है

    Blockchain ब्लॉकचेन हमारा एक डिजिटल लेजर होता है लेकिन क्या आपको यह बात पता है कि लेजर क्या होता है लेजर एक ऐसी बुक है जिसमें कई सारे खातों को रखा जाता है जहां पर डेबिट और क्रेडिट ट्रांजैक्शन पोस्ट किए जाते हैं और जहां पर ओरिजिनल एंट्री होती है या फिर यूं कह ले की ओरिजिनल बुक से एंट्री लेजर में अपडेट की जाती है।Blockchain एक Digitized, Decentralized, public Ledger होता है।

    जाने Blockchain तकनीक आसान भाषा में

    मन लेते हैं, आपके कंप्यूटर में एक File of Transaction है और दो government Accountants के पास भी वही समान फाइल उनके सिस्टम में भी मौजूद है।

    जैसे ही आप कोई transaction करेंगे आपका कंप्यूटर उन दोनो अकाउंटेंट को inform करने के लिए e-mail send कर देता है।

    हर एक अकाउंटेंट जल्द से जल्द सबसे पहले चेक करना चाहता कि कहीं आप इस अफोर्ड कर पता है या नहीं।

    जो इन दोनो में सबसे पहले चेक करता है और उसे वैलिडेट कर “Reply All” प्रेस करता है। वहीं वो उस transaction को वेरीफाई करके के लिए अपनी लॉजिक को भी अटैच कर देता है और इस ही “Proof of Work” कहा जाता है। 

    और आगे इसी बीच में वो दूसरा अकाउंटेंट भी सहमत हो जाता है तब सब अपने फाइल के transaction को अपडेट कर देते हैं।

    इसी पूरे कॉन्सेप्ट को ” ब्लॉकचेन टेक्नोलोजी” कहा जाता है।

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    Blockchain टेक्नोलोजी का अविष्कार किसने किया है

    Blockchain technology का अविष्कार सन् 2008 में  SATOSHI NAKAMOTO ने किया था।

    ये सब करने के पीछे का उद्देश्य ये था की वो एक Decentralized Bitcoin Ledger ‘The Blockchain’  बनाना चाहते थे जो की लोगो को उनके पैसे को नियंत्रण करने की क्षमता देता है जिससे कि कोई थॉट पार्टी या कोई गवर्नमेंट इन पैसों को मॉनिटर नहीं कर सके।

    बिटकॉइन को जो बनाने वाले थे सतोशी वह अचानक ही 2011 में गायब हो जाते हैं और वह अपने पीछे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को छोड़ जाते हैं जिससे कि जो भी बिटकॉइन यूजर है वह उनका इस्तेमाल करें और उसे अपडेट करके उसमें इंप्रूवमेंट करें।

    बहुत लोग यह मानते हैं कि सतोशी नाकामोतो नाम का कोई था ही नहीं यह बस एक कल्पना है एक काल्पनिक करैक्टर है क्योंकि इसकी सच्चाई को लेकर किसी के भी पास कोई सही जानकारी नहीं है।

    हमे ब्लॉकचेनBlockchainके बारे में क्यों जानना चाहिए – 

    ब्लॉकचेन के बारे में हमें क्यों जानना चाहिए कारण है ।

    • ब्लॉकचेन टेक्नोलोजी को पब्लिकली एक्जिस्ट करने की कोई जरूरत नहीं है क्यों की ये एक प्राइवेटली भी रह सकता है।

    Blockchain एक बहुत बड़ा और important Building Block बन सकता है जिससे compliance लागत ( Cost) को कम किया जा सकता है क्योंकि Financial Institutions बहुत दबाव में है Because उन्हें रेगुलेटरी Demonstrate करना पर रहा है और इसलिए बहुत सारे institutions Blockchain का कार्यान्वयन कर रहे हैं।

    • इस टेक्नोलोजी की पहुंच फाइनेंस से ज्यादा है इसे किसी भी multi-step लेनदेन जहा पता लगाने और ध्यान देने की जरूरत है वहा आप इसे apply कर सकते हैं।

     सप्लाई चैन एक ऐसा नॉटेबल केस है जहां की ब्लॉकचेन का यूज लेवरेज को मैनेज करने और साइन कॉन्ट्रैक्ट तथा प्रोडक्ट provenance को ऑडिट करने के लिए किया जा सकता है।

    क्या Blockchain secure है

    ऐसे तो इंटरनेट में कोई चीज सिक्योर नहीं है पर अगर हम ब्लॉक टेक टेक टेक्नोलॉजी के बारे में बात कर रहे हैं तो या बाकी टेक्नोलॉजी की तुलना में बहुत हद तक से क्या हो रहा है क्योंकि अगर हम ब्लॉकचेन में कोई भी ट्रांजैक्शन करते हैं तो उसके लिए पूरे नेटवर्क के सभी नोड्स को सहमत होना पड़ेगा तभी जाकर वो ट्रांजैक्शन बैलट मानी जाएगी। यहां पर कोई भी सिंगल एंटिटी (single entity) यह नहीं कह सकती कि ट्रांजैक्शन हुआ है या नहीं हुआ है।

    बैंक के जैसे यह बल एक सिस्टम को हैक करने से इसे हैक नहीं किया जा सकता है बल्कि इसे हैक करने के लिए पूरे नेटवर्क में स्थित सभी सिस्टम को हैक करना पड़ता है इसलिए इसमें हैकिंग इतनी आसान नहीं होती है।

    जिस तरह बिटकॉइन ब्लॉकचेन के लिए है वैसे ही ईमेल इंटरनेट के लिए था

    सनमरे सनमरे में जब इंटरनेट टेक्नोलॉजी अपने स्टार्टिंग स्टेज में था तब ईमेल एक बहुत बड़ा और अमीर एप्लीकेशन था लेकिन बाद में जब नए एप्लीकेशंस आए जैसे कि वेब ब्राउज़र वेबसाइट आया। तब वेबसाइट बहुत ही पॉपुलर हो गए।

    उस समय लोग चैट सॉफ्टवेयर जैसे SKYPE का बहुत इस्तेमाल करते थे। यदि हम इस समय के बारे में विचार करें तब आप भी अपने मोबाइल में देख सकते हैं कि बहुत सारे एप्लीकेशंस हैं जो इंटरनेट का यूज करते हैं।

    जब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी नहीं आई थी तब बिटकॉइन भी ईमेल की तरह बहुत बड़ा मेजर एप्लीकेशन था जो कि इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता था लेकिन जब क्रिप्टो करेंसी आई तब उसने भी इस ट्रेंड को फॉलो किया अब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को और भी एप्लीकेशंस जैसे कि सिक्योरिटी,ऑनलाइन वोटिंग इत्यादि में भी इस्तेमाल किया जाता है।

    Blockchain
    Blockchain

    Blockchain vs Internet Tech.

    • यदि हम इन दोनों टेक्नोलॉजी की बात करें तो इंटरनेट कंप्यूटर को अलाउ करती है इंफॉर्मेशन को एक्सचेंज करने के लिए वही ब्लॉकचेन कंप्यूटर्स को अलाउ करती है इंफॉर्मेशन को रिकॉर्ड करने के लिए।
    • दोनों ही बहुत सारे कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं।

    Blockchain Technology को बनाने वाली technology

    1. Private Key Cryptography
    2. P2P (Peer 2 Peer) Network
    3. Program ( The Blockchain Protocol)

    Private और Public Blockchain किसे कहते हैं और इन दोनों में क्या अंतर है – 

    Blockchain की बहुत सारी वैरायटी मौजूद है लेकिन अक्सर यह सभी वैरायटी दो कैटेगरी में ही आती है पहला पब्लिक और दूसरा प्राइवेट।

    Public Blockchain – पब्लिक ब्लॉकचेन का इस्तेमाल किसी को देखने और लेन-देन को सेंड करने के लिए अवसर देती है और या कंसेंसस (Consensus) प्रोसेस का हिस्सा है।

    इसे Consortium Blockchain भी कहते हैं जहां पर केवल कुछ ही प्री सिलेक्टेड नंबर के Nodes को ही लेजर के इस्तमाल के लिए ऑथराइज्ड किया जाता है।

    Private Blockchain – public blockchain के विपरीत जो भी एंप्लॉय जो उसे ग्रेजुएशन में काम करते हैं उनको distributed लेजर में लिखने में रिस्ट्रिक्शन डालता है इसके साथ ही इसमें दूसरे और भी रिस्ट्रिक्शंस होते हैं।

    Blockchain टेक्नोलोजी के लाभ – 

    • Blockchain technology हमारे पास जो स्मार्ट डिवाइसेज हैं उनको एक दूसरे के साथ कम्युनिकेट करने में सहायता देता है ताकि वह बेहतर तरीके से बातचीत कर सकें।
    • Blockchain manipulation जैसी समस्या का समाधान करता है ये सभी चीजों को उनके Highest digree of accountability के स्तर में लाता है।
    • यह ऑनलाइन आइडेंटिटी और रिफ्यूटेशन को डिसेंट्रलाइज्ड (Decentralized) बनाता है 
    • कोई भी Informal Economy में ब्लॉकचेन हमें मिडिलमैन से बचाता है जिससे कि स्वतंत्र रूप से और आसान तरीके से हम ऐसैट्स का एक्सचेंज कर सकते हैं।
    • ब्लॉकचेन बेस्ड सिस्टम में ट्रांजैक्शन स्पीड में बढ़ोतरी होती है इसमें केवल रिकॉर्ड और ट्रांसफर ऑफिस एड्स का ध्यान रखा जाता है।
    • जिन डाटा को एक बार इंटर कर दिया जाता है ब्लॉकचेन में वे immutable हो जाते हैं जिन्हें किसी भी तरीके से बदला नहीं जा सकता है जिससे कि धोखाधड़ी बहुत हद तक कम हो जाती है इसके अलावा लेन देन बहुत ही क्लियर होते हैं जिन्हें बाद में आसानी से खोजबीन करके ऑडिट किया जा सकता है।

    ब्लॉकचेन भविष्य में

    अब तो आप समझ ही गए होंगे कि ब्लॉकचेन कितना उपयोगी है अरे किस तरह से हमारे साथ सभी कामों को कर सकता है।

    इसने इंफॉर्मेशन को लेकर हमारी जो भी सोच है उसको बदल कर रख दिया है कि कैसे और कहां इन इंफॉर्मेशन को स्टोर किया जा सकता है और कैसे इन इंफॉर्मेशन स्कोर एक्सेस किया जा सकता है और साथ ही हमें यह भी बताया है कि हम इन इंफॉर्मेशन का क्या कर सकते हैं।

    इससे यह बात तो साफ है कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को लोग इतनी आसानी से ग्रहण नहीं करेंगे और ना ही ये रातों-रात तो आने वाला नहीं है क्योंकि हर कदम पर ट्रेडिशनल टेक्नोलॉजी को चुनौती देता आ रहा है।

    ऐसे ही के हमने TCP/IP केस में देखा था जिसका शुरुआत में काफी विरोध किया गया था लेकिन बाद में इसे इंप्लीमेंट करने में 30 साल का समय लग गया। लेकिन आखिरकार हर किसी ने इसकी अहमियत को समझा। ठीक उसी तरह से ब्लॉकचेन को भी समझने में समय लग रहा है लेकिन कुछ वर्षों बाद लोग इसे भी जरूर अपना लेंगे।

     निष्कर्ष:-

    हमें इस बात की आशा है कि आज आप लोगों ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है यह किस तरीके से काम करता है तथा इसके बारे में हमने आपको पूरी जानकारी दे दी है।

    मेरी आप सभी लोगों से यह दरख्वास्त है कि आप सभी लोग इस जानकारी को अपने रिश्तेदारों अपने मित्रों में और अपने आस-पड़ोस मैं भी जरूर शेयर करें ताकि हम सभी के बीच ब्लॉकचेन को लेकर के जागरूकता हो। क्योंकि यस हम सभी के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इससे भविष्य में हम सब को बहुत लाभ होने वाला है।

    मुझे आप सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है ताकि मैं तकनीक से संबंधित और भी नहीं जानकारी और भी कुछ नया टॉपिक आप तक पहुंचा सकूं।

    हमारी हमेशा से यही कोशिश रही है की हम आप सभी पाठकों तक नई – नई तकनीकों को पहुंचा सकूं और आपको दुनिया में आए या आविष्कार हुए नए – नए तकनीकों के बारे में बता सकूं।

    अगर आप लोगों को किसी भी तरह का डाउट है तो आप हमसे बेझिझक पूछ सकते है हम कोशिश करेंगे की आपके सभी डाउट्स क्लियर हो सके।

    धन्यवाद!

  • NFT क्या है? इसके क्या प्रयोग है? जाने हिंदी में..

    NFT क्या है? इसके क्या प्रयोग है? जाने हिंदी में..

    NFT क्या है ? 

    आजकल आप NFT का नाम बहुत सुन रहे होंगे इसका India में चलन बहुत तेजी से फैल रहा है।

    जितनी तेजी से Cryptocurrency ने इंडिया में अपने पैर जमाए है उतनी ही तेजी से NFT ने भी इंडिया में अपना मार्केट बनाया है।

    Cryptocurrency मार्केट में NFT इस साल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। 

    रिपोर्ट्स की माने तो NFT इस साल मार्केट में इतने ज्यादे चर्चे में था की Google Trends में Data के according सर्च के मामले में NFT ने Crypto को भी पछाड़ दिया है।

    NFT कुछ देशों में ही नहीं बल्कि पूरे Global level पर चर्चा का विषय बना रहा।

    पूरी दुनिया तेजी से डिजिटल होती जा रही है इस क्रम में NFT सबसे आगे है।

    हर कोई NFT के बारे में जानना चाहता है इसके क्या उपयोग है जानना चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे की NFT क्या है यह कैसे काम करता है और हम NFT को कैसे खरीद सकते हैं।

    NFT marketplace क्या है ? what an NFT ?

    तो चलिए सुरू करते हैं की, 

    NFT क्या है जाने हिंदी में (what is NFT in Hindi)

    आपने बिटकॉइन या क्रिप्टो करेंसी का नाम तो सुना ही होगा, NFT बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी जैसा ही एक टोकन है।

    NFT आपको Digital Assets like – Digital Art, games, music, movie, किसी connection में मिल सकता है।

    जैसा कि मैंने बताया की ये यूनिक आर्ट होते है और इसका हर टोकन अपने आप में एक यूनिक टोकन होता है।

    NFT का पूरा नाम क्या होता है – 

    NFT का Full Form ” Non Fungible Token” होता है। इसे क्रिप्टोग्राफिक टोकन भी कह सकते हैं। इस टोकन की मार्केट में एक अलग ही वैल्यू है ये आपके लिए आपके कमाई का अच्छा संसाधन बन सकता है। आप इसके जरिए बहुत सारे पैसे भी कमा सकते हैं।

    Non Fungible Token का इस्तमाल कैसे किया जाता है – 

    इसका इस्तमाल डिजिटल Assets के लिए किया जाता है जो की एक दूसरे के लिए अलग होते हैं। जिससे उनकी कीमत साबित होती है।

    आज कल मार्केट में जो भी वर्चुअल गेम्स मौजुद है ये उन वर्चुअल गेम्स से आर्ट वर्क तक हर एक चीज के लिए अपनी स्वीकृति दे सकते हैं इसे standard और traditional एक्सचेंज में ट्रेड नही किया जाता है इन्हें केवल Digital तौर पर अर्थात इन्हे केवल डिजिटल मार्केट में ही खरीदा या बेचा जा सकता है।

    अब आपके मन में ये सवाल आता होगा की आखिर Non Fungible Token बनाते कैसे हैं तो दोस्तों आज हम आपको बताते है की Non Fungible Token को कैसे बनाया जाता है।

    NFT
    NFT

    Non Fungible Token कैसे बनाते हैं – creating an NFT, buying NFT, NFT drops, NFT arts

    Non Fungible Token blockchain पे काम करता है और इसे जुड़े सारे transaction भी crypto currency में किए जाते हैं।

    Blockchain भी एक डिजिटल लेजर की तरह ही होता है जैसा कि हमे बैंक में देखने को मिलता है लेकीन ये बैंक से बिल्कुल अलग होता है क्योंकि Blockchain डिसेंट्रलाइज होता है।

    NFT को हम एक तरह से आर्ट और डिजिटल वर्ल्ड का मिश्रण कह सकते हैं। यदि आपका कोई आर्ट डिजिटल वर्ल्ड में Establish हो जाए और लोगों को उसमे कुछ अलग देखने को मिल जाए जैसे कुछ अनोखा तो उसे Non Fungible Token के रुप में घोषित कर दिया जाता है।

    अगर हम इसकी तुलना बिटकॉइन से करते हैं तो यह क्रिप्टो करेंसी की तरह ही एक टोकन के रूप में होता है लेकिन ये दिखाई नही देता है इसे बिना देखे खरीद और बेच सकते हैं और अच्छा कमा भी सकते हैं।

    Digital Token को ownership का एक valid certificate मिला हुआ होता है। इस कैटेगरी में जिस भी व्यक्ति का आर्ट शामिल होता है उसके आर्ट को ownership का certificate प्राप्त हो जाता है।

    NFT(Non Fungible Token) का क्या भविष्य है –

    • 2020 के Non Fungible Token रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 में korona महामारी के दौरान NFT की सेलिंग 100 मिलियन American Dollar के पार पहुंच गई थी।
    • India में government और RBI ( Reserve Bank of India) क्रिप्टो करेंसी के लिए एक अलग रूपरेखा तैयार करने पर विचार कर रहे हैं।
    • Non Fungible Token भारत में नया आया है और यह क्रिप्टोकरेंसी का एक limitless Market है इस लिए Non Fungible Token के लिए उत्साही लोगो को इस बात पर ध्यान देना चाहिए।

    NFT का गेमिंग में क्या महत्व है –

    यह डिजिटल गेमिंग की दुनिया में काफी महत्व रखता है क्योंकि इसमें कैरेक्टर्स या फिर किसी भी दूसरे assets को वो लोग use नहीं कर सकते हैं जिन्होंने उसे buy नहीं किया है और इससे काफी पैसा भी कमा सकते हैं।

    Ex- अगर आपने virtual game में कोई भी चीज purchase की है जैसे – गेमिंग weapon, कपड़े, रेस ट्रैक या फिर और भी कई सारी चीजे तो, अगर कोई व्यक्ति उसका use करना चाहता है तो उसे उसके बदले पैसे देने होंगे। ऐसी स्थिति में यह कहना जरा भी गलत नही होगा की गेमिंग के लिए यह एक बहुत बड़ा मार्केट है।

    NFT का गेमिंग में क्या महत्व है –
    NFT का गेमिंग में क्या महत्व है –

    “अभी कुछ ही वक्त पहले की बात है लखनऊ में कुछ बच्चों को वर्चुअल गेम की इतनी लत लग गई थी की उसने 11 लाख रुपए के gaming weapon खरीद लिए थे और कुछ ने तो फास्ट मोबाइल service के लिए आनलाइन 1 लाख रुपए तक के 5G फोन के लिए आर्डर भी दे दिया था। मां बाप को इस बात की खबर तब लगी जब उनके खाते से पैसे कटे। इसके बाद उनके द्वारा पुलिस थाने में FIR भी दर्ज कराया गया। तबसे पुलिस इस तरह के और भी हैरतंगेज case की तलाश में जुटी है।”

    Non Fungible Token, Cryptocurrency और Digital Currency में क्या अंतर है?

    Non Fungible Token, Cryptocurrency और Digital Currency के बीच में कई अंतर है –

    • मुख्य अंतर यह है कि एनएफटी, डिजिटल मुद्राओं और क्रिप्टोकरेंसी के विपरीत, व्यापार या एक दूसरे के साथ प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है। प्रत्येक एनएफटी अलग है, इसे डिजिटल मुद्रा और क्रिप्टोकुरेंसी जैसे वैकल्पिक टोकन से अलग करता है, जिसे बिना किसी नुकसान के एक दूसरे के लिए व्यापार या आदान-प्रदान किया जा सकता है।
    • डिजिटल मुद्राएं केंद्रीकृत हैं, जिसका अर्थ है कि नेटवर्क में लेनदेन की स्थिति को नियंत्रित करने वाले लोगों और कंप्यूटरों का समूह है। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी और एनएफटी विकेंद्रीकृत हैं, और उनके अधिकांश संबंधित समुदाय नियम बनाते हैं।
    Non Fungible Token, Cryptocurrency और Digital Currency
    Non Fungible Token, Cryptocurrency और Digital Currency
    • साथ ही, डिजिटल मुद्राएं पारदर्शी नहीं हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति बटुए के पते का चयन नहीं कर सकता और प्रत्येक धन हस्तांतरण को नहीं देख सकता, क्योंकि यह जानकारी गोपनीय है। हालाँकि, क्रिप्टोकरेंसी और एनएफटी पारदर्शी हैं। कोई भी उपयोगकर्ता किसी अन्य उपयोगकर्ता के किसी भी लेनदेन को देख सकता है क्योंकि प्रत्येक लेनदेन सार्वजनिक ब्लॉकचेन नेटवर्क में रखा जाता है।
    • मूल रूप से, केंद्रीय बैंक समर्थित डिजिटल मुद्रा इलेक्ट्रॉनिक नकदी है। बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के समान, सीबीडीसी डेटा-आधारित है और वास्तविक दुनिया में मौजूद नहीं है। क्रिप्टोक्यूरेंसी और एनएफटी के विपरीत, सीबीडीसी को सरकारों द्वारा समर्थित किया जाता है, जिसका अर्थ है कि उन्हें धन के रूप में पहचाने जाने की अधिक संभावना है जिसका उपयोग व्यक्ति सामान और सेवाओं की खरीद के लिए कर सकते हैं।

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    निष्कर्ष:-

    दोस्तों आज हमने आपको बताया की NFT क्या है NFT का full form क्या होता है NFT का इस्तमाल कैसे किया जाता है तथा NFT का निर्माण कैसे किया जाता है Non Fungible Token का क्या भविष्य है इसकी भविष्य में स्थिति कैसी होगी इसका गेमिंग में क्या महत्व है तथा गेमिंग से संबंधित एक बहुत रोचक लखनऊ की खबर को आपको बताया साथ ही यह भी बताया की साथ ही हमने आपको NFT की मार्केट से संबंधित भी और NFT, Cryptocurrency और Digital Currency में क्या अंतर होता है और भी कई सारी बाते बताई ।

     

  • Mumbai Metro Line 3: Launch of the First Underground Metro (मुंबई मेट्रो लाइन 3:पहली भूमिगत मेट्रो की शुरुआत)

    Mumbai Metro Line 3: Launch of the First Underground Metro (मुंबई मेट्रो लाइन 3:पहली भूमिगत मेट्रो की शुरुआत)

    Mumbai Metro Line 3: मुंबई, जिस देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है,जो भारत का एक व्यापारिक और संस्कृतिक हब माना जाता है। आज के समय में भारी जनसंख्या और ट्रैफिक की समस्याओं से जूझ रहा है। हर दिन लाखों लोग अपने कामकाज के लिए इस शहर से उस शहर कि सड़कों पर निकलते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पर बहुत ही बड़ा दबाव पड़ता है। लेकिन आज अब मुंबई को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए एक नया और बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया गया Mumbai Metro Line 3, जो शहर की पहली सबसे शानदार भूमिगत मेट्रो सेवा है यह केवल ना शहर की जनता को तेज और सुरक्षित यात्रा का विकल्प देगा बल्कि यातायात के बोझ को भी काम करने में मदद करेगा।

    Mumbai Metro Line 3: परिचय

    Mumbai Metro Line 3, जिससे ‘Colaba-Bandra-Seepz Metro Line’के नाम से भी जाना जाता है कल 33.5 किलोमीटर लंबी है और इसमें 27 स्टेशन है। यह Metro Line South Mumbai के Colaba से शुरू होकर West उपनगरों में स्थित Seepz तक जाती है।Line 3 की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से भूमिगत है, यानी यह Metro ट्राफिक और सड़क जाम से बिल्कुल मुक्त रहेगी।

    Mumbai Metro Line 3

    Mumbai Metro Line 3: यात्रा का समय और रुट

    Mumbai Metro Line 3 का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया है कि मुंबई के व्यस्त सड़कों से यातायात का बोझ कम हो सके और यात्रियों को तेजी से उनके काम तक पहुंचा सके। इस मेट्रो के शुरू होने से जहां पहले Coolaba to Seepz तक की यात्रा में घंटों का समय लगता था,अब यह सफर मात्र 50 से 60-minute में पूरा हो जाएगा।

    Mumbai Metro Line 3: रूट के प्रमुख स्टेशन

    Colaba: South Mumbai एक प्रमुख क्षेत्र है, जो मेट्रो लाइन का प्रारंभिक स्टेशन है। 

    कफ Parade: एक आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र। 

    Church Gate: यह station South Mumbai के प्रमुख क्षेत्र से जोड़ता है 

    Marine Lines: समुद्र के किनारे स्थित इस स्टेशन से यात्री Marine Drive तक पहुंच सकते हैं।

    Mahalaxmi: Mumbai के प्रमुख धार्मिक स्थलों और Mahalaxmi racecourse तक पहुंचाने के लिए।

    Dhirubhai Ambani international school: अप नगरों से स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण स्टेशन। 

    Seepz: यह West उपनगर में स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र है और यह इस Metro Line का अंतिम स्टेशन है।

    Mumbai Metro Line 3: सुविधा और सुरक्षा

    Mumbai Metro line 3 को अत्याधुनिक technology और सुविधाओं से less किया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए Air conditioned, CCTV cameras, an automatic door systems जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टेशन पर यात्रियों के लिए escalator lift and Wi-Fi जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं।

    इसके साथ ही सुरक्षा के लिए 

    हर स्टेशन और Metro डिब्बे में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं यात्रियों की सुरक्षा को priority देते हुए मेट्रो में fire safety system emergency gate and alarm system की भी व्यवस्था की गई है।

    Mumbai Metro line 3

    Mumbai Metro Line 3: किराया और टिकट

    Mumbai Metro line 3 के किराए को यात्रियों की सुविधा के अफॉर्डेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है। पहले किराया ₹10 से शुरू होगा और यात्रा की दूरी के आधार पर बढ़ता जाएगा सबसे लंबी दूरी के लिए किराया लगभग 60 से 70 रुपए तक हो सकता है यह किराए अन्य मेट्रो लाइनों और स्थानीय ट्रेनों की तुलना में काफी ही सस्ता और फायदेमंद है खासकर उन यात्रियों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं।

    Mumbai Metro Line 3: Metro का भविष्य और क्या है योजनाएं?

    Mumbai Metro line 3 की सफलता के बाद Metro Network को और भी विस्तार से बढ़ाने की योजना है Mumbai Metro के कई अन्य project पर भी तेजी से काम चल रहा है। जिनमें लाइन 4,5 और 6 शामिल है। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य Mumbai को एक बेहतर public transport system प्रदान करना है और लोगों की यात्रा को आसान बनाना है।

    Mumbai Metro line 3 की शुरुआत से शहर को यातायात से काफी राहत मिलेगी Mumbai Metro line 3 मुंबई के निवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। जो उन्हें समय ऊर्जा और धन की बचत करने में मदद करेगी Mumbai जैसे व्यस्त शहर में जहां हर मिनट कीमती होता है। वहां इस underground train का संरक्षण निश्चित रूप से यात्रियों के लिए जीवन को आसान बनाएगा इसके साथ ही environment के प्रति भी यह एक positive कदम है, जो आने वाले समय में शहर को और भी clean and green बनाएगा।

  • Maharshi University Noida: पत्रकारिता के छात्रों का ‘अमर उजाला’ में इंडस्ट्रियल विजिट, छात्रों ने कहा शानदार था प्रशिक्षण

    Maharshi University Noida: पत्रकारिता के छात्रों का ‘अमर उजाला’ में इंडस्ट्रियल विजिट, छात्रों ने कहा शानदार था प्रशिक्षण

    Maharshi University Noida: मीडिया विभाग, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंफार्मेशन टेक्नालॉजी, सेक्टर 110, नोएडा ने 24 अप्रैल 2024 को बीए-जेएमसी (द्वितीय सेमेस्टर) के छात्र-छात्राओं का अमर उजाला लिमिटेड, नोएडा का इंडस्ट्रियल विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया। इस इंडस्ट्रियल विजिट का उद्देश्य छात्रों को समाचार पत्रों की आंतरिक कार्यप्रणाली समाचार संकलन, संपादन से लेकर पेज डिजाइन और मुद्रण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करना था। समूह में 30 छात्र-छात्राओं और मीडिया विभाग, एमयूआईटी के दो संकाय सदस्य शामिल थे।


    इंडस्ट्रियल विजिट के दौरान छात्र-छात्राओं को दैनिक समाचार पत्रों की प्रिंटिंग प्रेस तकनीक को देखने का अवसर मिला। सभी छात्र-छात्राएं प्रिंटिंग प्रेस की तकनीक को गहन भाव से देखे। अमर उजाला लिमिटेड द्वारा आयोजित तकनीकी सत्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रेस के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को बताया गया कि अखबार की शेल्फ लाइफ केवल 30 से 40 मिनट है और वितरण बहुत कुशल होना चाहिए। अमर उजाला स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक दुनिया के बारे में समाचार भी ऑनलाइन प्रसारित करता है। सत्र में, विद्यार्थियों ने प्रिंट मीडिया से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका सूक्ष्मता और सावधानीपूर्वक समाधान किया गया। यह भी बताया कि अमर उजाला अखबार राजनीतिक मुद्दे, खेल, शिक्षा-स्वास्थ्य, करियर, ऑटो, तकनीक, बिजनेस, लाइफस्टाइल, महिला और मनोरंजन आदि से जुड़े मामलों को कवर करता है।


    अमर उजाला प्रिंटिंग पब्लिकेशन, नोएडा का दौरा मीडिया विभाग के सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत जानकारीपूर्ण रहा। छात्र-छात्राएं समाचार पत्र की छपाई और प्रकाशन की प्रक्रिया को जानकर और यह समझकर रोमांचित हुए कि समाचार पत्र ग्राहकों के घरों तक समय पर कैसे पहुंचते हैं। मीडिया विभाग, एमयूआईटी के छात्रों के लिए अमर उजाला का यह इंडस्ट्रियल विजिट प्रिंट मीडिया की बारीकियों और सीखने की अद्भुत रूप से भरा रहा। अंत में छात्र-छात्राओं ने अमर उजाला लिमिटेड के सभी स्टाफ को धन्यवाद दिया।

    Maharshi University Journalism students
    गौरतलब है कि अमर उजाला 1948 से भारत में प्रकाशित एक हिंदी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। समाचार पत्र को विभिन्न पुरस्कार और मान्यता प्रदान की गई है। इसके 22 संस्करण हैं जिनमें छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 179 जिले शामिल हैं। इसकी लगभग दो मिलियन प्रतियों का प्रसार है।

  • 5G Internet अब चंद कदम दूर है, क्या फायदे होंगे ? विस्तार से बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय

    5G Internet अब चंद कदम दूर है, क्या फायदे होंगे ? विस्तार से बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार नवीन पाण्डेय

    5G Internet : क्या आप मोबाइल की एक और तकनीकी क्रांति के लिए तैयार हैं। कल्पना करिए आपने मोबाइल पर मूवी डाउनलोड करना शुरू किया और तीन सेकेंड बाद ही मूवी देखना शुरू कर दें। जिस तरह आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं, वैसे ही वर्क फ्रॉम एनीवेयर करना शुरू करें, यानी ,घर, जंगल, पहाड़ हर जगह नेटवर्क मिल रहा हो । दिल्ली से शिमला के सफर के दौरान आप लैपटॉप पर ऑफिस का काम करते हुए जा रहे हैं और फिर शाम की कॉफी मॉल रोड पर पी रहे हैं। बिना किसी रुकावट के दुनिया के किसी भी कोने में वीडियो कॉल, बिना चीरफाड़ के सर्जरी हो जाए, आपको डॉक्टर से सलाह लेने के लिए क्लीनिक जाने की ज़रूरत ही खत्म हो जाए,

    4 जी मतलब चौथी जनरेशन
    ड्रोन की मदद से ऑनलाइन सामान मिनटों में घर पहुंच जाए, किसान मोबाइल के दो बटन दबाकर अपना कोई भी उपकरण चलाने लग जाएं, रेस्टोरेंट में वेटर की जगह रोबोट आपको सर्व करने आएं और गाना भी सुना जाए। जी हां, ये सब 2023 में आपको देखने को मिल सकता है। हम सभी मोबाइल और इंटरनेट की ताकत को जानते और समझते हैं। आज हम अपने स्मार्टफोन के ज़रिए वे सभी काम कर पाते हैं, जिसके लिए कंप्यूटर की जरूरत होती है। ये संभव हो पाया है 4 जी तकनीक आने के बाद से। यहां जी का मतलब- जेनरेशन से है यानी 4 जी मतलब चौथी जनरेशन। इससे पहले 3 जी जमाने में केवल फोन से केवल कॉल और एसएमएस का ही इस्तेमाल हो पाता था। उससे पहले 2 जी और सबसे पहले 1 जी तकनीक का इस्तेमाल हो चुका है। और अब हम 5 जी तकनीक इस्तेमाल करने के बिल्कुल करीब पहुंच चुके हैं।
    2023 की शुरुआत में 5 जी की सर्विस आम लोगों के मोबाइल में पहुंच जाएगी

    टेलीकॉम मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव ने आईआईटी मद्रास में आज देश की पहले 5G ऑडियो और वीडियो कॉल की सफलतापूर्वक टेस्टिंग करके दिखा दी। इससे पहले 17 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले 5G टेस्‍टबेड का उद्घाटन करके कारोबारियों को बड़ा तोहफा दिया था। इन डेवलपमेंट्स के बाद माना जा रहा है कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस अगले हफ्ते 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास ले जाने की उम्मीद है। साल के अंत तक साल के अंत तक इंटरनेट प्रवाइडर्स कंपनियों जैसे रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन 5 जी सॉर्विस लेकर मार्केट में उतर जाएंगी। अगले साल यानी 2023 की शुरुआत में 5 जी की सर्विस आम लोगों के मोबाइल में पहुंच जाएगी। कंपनियों ने अपने ट्रायल्स भी कर लिए हैं। हाल ही में एयरटेल ने कपिल देव के होलोग्राम को शो करके साबित कर दिया था, वो 5 जी के लिए तैयर है। 5जी टेक्नोलॉजी टेस्टिंग के दौरान हैदराबाद में 1जीबी फाइल केवल 30 सेंकेंड में डाउनलोड हो गई. हाल ही में एयरटेल ने नोकिया के साथ मिलकर कोलकाता शहर के बाहर 700 मेगा हर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में पहली 5जी ट्रायल को सफल अंजाम दिया. भारत में ग्रामीण इलाके में किया जाने वाला ये पहला 5जी ट्रायल था.

    कोई मूवी केवल 30 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी

    अब सवाल उठता है कि 5 जी आने के बाद क्या बदलाव आएंगे। तो इसका सीधा उत्तर है कि तकनीक के स्तर पर बहुत बड़े बदलाव आएंगे। आपने 4 जी में जो तकनीकी क्रांति महसूस की, उससे 10 गुणा ज़्यादा तकनीकी क्रांति देश में हो सकेगी। जैसे- 5 जी तकनीक से बहुत सारी मेडिकल सर्जरी आसानी से हो सकेंगी। अमेजन या फ्लिपकार्ट आपके सामान को ड्रोन के ज़रिए मिनटों में पहुंचा सकेंगी, ऑनलाइन शिक्षा संस्थानों का विस्तार होगा, ई-मेडिसिन और ई-खेती से किसानों को खेती में बड़ा लाभ मिलेगा, कोई मूवी केवल 30 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी, बहुत सारे काम रोबोट करने लग जाएंगे। कुल मिलाकर डिजिटल क्रांति की असली शुरुआत होगी। और इस दशक के अंत तक यानी 2030 तक 6 जी के आ जाने की उम्मीद है। उसके बाद तो और भी क्रांतिकारी बदलाव होंगे। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 5जी से 2035 तक भारत में एक लाख करोड़ डॉलर का कारोबार बढ़ जाएगा। एरिक्शन की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 2026 तक दुनिया भर में 3.5 अरब 5जी कनेक्शन होंगे, जबकि भारत में इनकी संख्या 35 करोड़ तक पहुंच जाएगी.

    बहुत सारे लोगों को अपना फोन बदलकर 5 जी फोन भी लेना पड़ेगा
    अब सवाल उठता है कि ये सब बदलाव तो होंगे, लेकिन इतने ही सस्ती होंगे,जैसे आज की 4 जी सर्विस है। यानी बिल कितने का बढ़ेगा, तो इसका जवाब है कि बहुत ज़्यादा। ऐसा भी हो सकता है कि आम आदमी शुरुआत में इसे अफोर्ट ही न कर पाए। इसका कारण ये है कि 5 जी के लिए कंपनियों को नई मशीनों और तकनीक पर बड़ा निवेश करना पड़ेगा, जिसकी भरपाई वो आम ग्राहकों से ही करना चाहेंगी और ऐसे में आम आदमी इससे दूर ही रहेगा। टेलीकॉम कंपनियों के पास मौजूद कई डिवाइस इसके बैंडविथ को सपोर्ट नहीं करते ऐसे में बहुत सारे डिवाइस को बदलना होगा जिससे उनको भी बहुत सारा नुकसान होने की आशंका है। वैसे तो कुछ रिपोर्ट बता रहे हैं कि हाई क्वालिटी वाले 4G फोन में ही 5जी इंटरनेट चला सकेंगे लेकिन बहुत सारे लोगों को अपना फोन बदलकर 5 जी फोन भी लेना पड़ेगा, जिससे काफी बेवजह का खर्च बढ़ेगा। 5G में इस्तेमाल होने वाली मिलीमीटर-वेव उसके रास्ते में आने वाले रुकावटों जैसे पेड़ों के द्वारा या बारिश की वजह से अवशोषित भी हो सकता है। जो एक बड़ी चुनौती है। तो कुल मिलाकर चुनौतियां हैं, लेकिन उम्मीद है धीरे धीरे उनसे पार भी पा लिया जाएगा। बाकी आप 5 जी से मिलने वाले फायदों के बारे में सोचिए और अगर कारोबार के किसी नए आइडियाज पर काम करना जारी रखें, हो सकता आप ही कोई नया स्टार्टअप कर पाने में कामयाब हो जाएं। तो हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
  • Amazfit GTR 3 रिव्यू: लुक्स और परफॉर्मेंस के बीच सही संतुलन

    Amazfit GTR 3 रिव्यू: लुक्स और परफॉर्मेंस के बीच सही संतुलन

    Amazfit GTR 3 रिव्यू: लुक्स और परफॉर्मेंस के बीच सही संतुलन Amazfit GTR 3, Amazfit GTR 2 का उत्तराधिकारी, इस साल की स्मार्टवॉच लाइन-अप में एक आशाजनक प्रविष्टि प्रतीत होता है, जिसमें कई अपग्रेड जैसे कि एक शानदार स्क्रीन, बेहतर बैटरी लाइफ और बहुत कुछ शामिल है। Amazfit पैसे के लिए अच्छा मूल्य रहा है, लेकिन एकमात्र मुद्दा, जैसा कि हमने पहले देखा है, कमजोर सॉफ्टवेयर समर्थन है जो अनुभव को खराब करता है।

    क्या Amazfit GTR 3 के साथ बाधा को पार करने में कामयाब रहा है? आइए इस समीक्षा में इसके बारे में और अधिक जानें:

    Amazfit GTR 3: बिल्ड और डिज़ाइन

    अमेजफिट जीटीआर 3 सीधे बॉक्स से बाहर, मैंने इस चिकना स्मार्टवॉच पर अपनी आँखें सेट कीं, जिसमें किनारों पर घुमावदार एक बड़ी गोल स्क्रीन है, जो एल्यूमीनियम मिश्र धातु के मामले में इस घड़ी को एक प्राचीन रूप देती है।

    GTR 3 में 326ppi पिक्सल डेनसिटी के साथ 1.39-इंच AMOLED HD टच डिस्प्ले (454×454 पिक्सल) है। यह सीधी धूप में भी कुरकुरा और चमकीला रंग प्रदान करता है। डिस्प्ले में 1,000nits की पीक ब्राइटनेस है और इसमें एंटी-फिंगरप्रिंट कोटिंग के साथ टेम्पर्ड ग्लास है। डिस्प्ले दैनिक उपयोग में वास्तव में अच्छा लगता है और स्पष्ट रूप से, यह अब तक स्मार्टवॉच में देखे गए सबसे बेहतरीन डिस्प्ले में से एक है।

    दाहिने किनारे पर दो बटन हैं, जिनमें से एक, मेरे लिए आश्चर्य की बात है, नेविगेशन के लिए घूमने वाला मुकुट है। क्राउन अत्यधिक संवेदनशील है और घड़ी के मुख्य आकर्षण में से एक है और यह स्मार्टवॉच उपयोगकर्ताओं के लिए एक इलाज है।

    घड़ी भारी दिखती है, लेकिन 32 ग्राम पर, यह वास्तव में हल्की है और सोते समय भी लंबे समय तक पहनने में आसान है। इसके अलावा, यह पानी प्रतिरोधी भी (5ATM) है, इसलिए यह आसानी से पानी और यहां तक ​​कि पसीने को भी संभाल सकता है।

    पट्टा, जिसे “जीवाणुरोधी फ्लोरोएलेस्टोमेर पट्टा” कहा जाता है, चौड़ा और आरामदायक होता है और हवा को गुजरने के लिए पर्याप्त जगह देता है ताकि पसीना एक स्थान पर जमा न हो। सेंसर पारंपरिक निचले स्थान पर बैठते हैं।

    Amazfit GTR 3 review

    अमेजफिट जीटीआर 3 परफॉर्मेंस:

    अमेजफिट जीटीआर 3 GTR 3 Zepp OS द्वारा संचालित है जो एक स्मार्टवॉच के लिए काफी व्यावहारिक ऑपरेटिंग सिस्टम है। चीजों को बड़े करीने से रखा गया है, जबकि पर्याप्त शॉर्टकट और अनुकूलन हैं जो इसे एक सार्थक अनुभव बनाते हैं। वह सब बिना हकलाने या अंतराल के। इसके अलावा, आपको अमेज़ॅन एलेक्सा आपके लिए अजीब कार्य करने के लिए मिलती है।

    Amazfit GTR 3, BioTracker 3.0 द्वारा संचालित S 4-in-1 स्वास्थ्य माप ((हृदय गति, रक्त ऑक्सीजन10 संतृप्ति, तनाव स्तर और श्वास दर) प्रदान करता है। GTR 3 में Amazfit का PAI7 स्कोर भी शामिल है – जो आपकी गतिविधि की स्थिति के आधार पर हर हफ्ते स्वास्थ्य डेटा को सरल बनाता है।

    जीटीआर 3 प्रो पूरे दिन हृदय गति की निगरानी कर सकता है और यहां तक ​​कि तैराकी के दौरान हृदय गति को भी ट्रैक कर सकता है। यह तब भी अलर्ट करता है जब आपकी हृदय गति असामान्य रूप से उच्च या निम्न हो।

    यह रक्त ऑक्सीजन और तनाव के स्तर को भी माप सकता है, आज के समय में प्रमुख विशेषताएं, हालांकि, इसे मापने के लिए घड़ी अपना मीठा समय लेती है। स्लीप क्वालिटी ट्रैकर कुशल है, यह आपकी नींद की गुणवत्ता पर नज़र रखता है।

    बहुत अच्छी मात्रा में जानकारी आप घड़ी पर देख सकते हैं, लेकिन अधिक अंतर्दृष्टि की तलाश करने वाले ज़ेप ऐप खोल सकते हैं जहां सभी डेटा एकत्र हो जाते हैं और आपको अपनी गतिविधि की स्थिति का बेहतर दृश्य मिलता है। चुनने के लिए कई खेल मोड हैं; घड़ी के साथ मेरे अनुभव में, किसी एक को चुनना शीघ्रता से होता है, और घड़ी सक्रिय हो जाती है।

    Amazfit GTR 3 review

    अमेजफिट जीटीआर 3: ट्रैकिंग

    अमेजफिट जीटीआर 3 ट्रैकिंग प्रभावशाली है, चाहे वह स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हो या कार्डियो, यह घड़ी आश्वस्त करने वाली संख्या देती है और आप डेटा पर भरोसा कर सकते हैं। मैं Zepp ऐप पर अच्छी मात्रा में विवरण खोजने में कामयाब रहा; कम अव्यवस्था है और प्रमुख मेट्रिक्स पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

    घड़ी के बारे में मुझे जो पसंद आया वह यह है कि यह आपको कसरत के बाद औसत वसूली का समय बताता है, और यह काफी सटीक है, यह देखते हुए कि मुझे एक और फिटनेस सत्र के लिए तैयार होने में इतना समय लगा। अन्य सेंसर एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, जियोमैग्नेटिक सेंसर, बैरोमेट्रिक अल्टीमीटर आदि हैं।

    अमेजफिट जीटीआर 3: बैटरी

    अमेजफिट जीटीआर 3 Amazfit GTR 3 में 450nmAh की बैटरी है और इसमें प्रभावशाली बैटरी लाइफ है – यह एक पूर्ण चार्ज पर दो सप्ताह से अधिक समय तक चल सकती है। मैंने 10 दिनों से अधिक समय तक स्मार्टवॉच का उपयोग किया और उस समय मुझे बैटरी की चिंता करनी पड़ी। प्रतिदिन एक घंटे से अधिक समय तक एक या दूसरे गतिविधि मोड का उपयोग करने के बाद भी।

    कम बैटरी होने की स्थिति में आप बैटरी सेवर मोड को भी सक्रिय कर सकते हैं, लेकिन घड़ी अभी भी स्टेप काउंटिंग को बनाए रखती है ताकि आपको इस घड़ी से अधिक मूल्य मिले।

    Amazfit GTR 3: फैसला

    13,999 रुपये की कीमत वाला Amazfit GTR 3 अपने पूर्ववर्ती की तुलना में सार्थक उन्नयन लाता है और उम्मीदों पर खरा उतरता है। यह एक सक्षम घड़ी है और आप इसे एक फैंसी लाइफस्टाइल वॉच या एक उचित फिटनेस ट्रैकर के रूप में उपयोग कर सकते हैं, यह आपको निराश नहीं करेगा। इसके अलावा, Amazfit बेहतर सॉफ्टवेयर सपोर्ट देने में भी कामयाब रहा है जो डिवाइस को समग्र रूप से पूरक करता है।

    अगर आप लाइफस्टाइल और फिटनेस स्मार्टवॉच के बीच संतुलन ढूंढ रहे हैं तो एक क्रिस्प डिस्प्ले, एक व्यावहारिक ओएस, अच्छी सटीकता के साथ ट्रैकिंग और प्रभावशाली बैटरी लाइफ के साथ, Amazfit GTR 3 एक बढ़िया विकल्प है।