Category: दिल्ली

  • जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में टारगेट Killing TRF की नई साजिश और पाकिस्तान का टेरर मैप

    जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में टारगेट Killing TRF की नई साजिश और पाकिस्तान का टेरर मैप

    जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में टारगेट किलिंग का दौर एक बार फिर से चर्चा में है हाल ही में बढ़ती घटनाओं ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर चुनौतियां पेश की है, जो इस बार यह साजिश नहीं आतंकी रणनीति और पाकिस्तान के साथ जुड़े आतंकी संगठनों की गहरी योजनाओं का हिस्सा है।

    टारगेट किलिंग जैसे सीधे तौर पर निर्दोष नागरिकों नेता और विशेष समुदायों को निशाना बनाकर अंजाम दिया जाता है, जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में डर और स्थिरता फैलाने पर पुराना तरीका रहा है हाल ही में महीना में TRF (द रेजिडेंस फ्रंट) नामक आतंकी संगठन ने इस घटनाओं को अंजाम दिया है। टर्फ पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया चेहरा माना जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) के साथ इलाकों को अस्थिर करना है।

    Jammu and Kashmir:पाकिस्तान की साजिश और टेरर मैप 

    पाकिस्तान हमेशा से जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में आतंकवाद को बढ़ावा देता है और टर्फ इसका एक नया हिस्सा है पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के शांतिपुर इलाकों में आतंकवाद को फैलाने के लिए लगातार नई रणनीतियों पर काम कर रही है उनका उद्देश्य घाटी में शांति और विकास को रोकना है। 

    जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir)में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और चुनौतियां 

    हालांकि भारतीय सुरक्षा बल और जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) पुलिस लगातार इन आतंकियों का मुकाबला कर रहे हैं हाल के ऑपरेशन में कई आतंकियों को ढेर किया गया है लेकिन टारगेट किलिंग की घटनाएं अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है जो आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहे हैं नई तकनीक और नीतियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों को भी अपनी रणनीति को अपडेट करना पड़ रहा है। 

    Jammu and Kashmir:आम जनता का प्रभाव 

    टारगेट किलिंग की घटनाओं का सबसे बड़ा प्रभाव आम जनता पर पड़ा है जो कश्मीर के लोगों में शांति और स्थिरता की उम्मीद में जी रहे हैं, लेकिन ऐसी घटना उनके सुरक्षा को खतरे में डालते हैं इससे क्षेत्र में विकास कार्य पर भी पूरा असर पड़ता है क्योंकि लोग अपनी जान की सुरक्षा के लिए बाहर निकलने से डरते हैं।

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    जम्मू कश्मीर(Jammu and Kashmir) में आतंकियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने की कोशिश की है हमले के दिन से लेकर इलाका एक सूची समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जो रविवार को ही श्रीनगर में एक बार पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की कश्मीरी मैराथन हुई है और देश म 20 किमी दूर गगनगिरी में पाकिस्तान समर्थ आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर मजदूरों को लहू लोहान कर दिया है फिलहाल टर्फ टारगेट किलिंग और पाकिस्तान का नया टेरर मैप सुरक्षा एजेंसी के लिए टेंशन बन गया है।

  • Supreme court ने 4:1 बहुमत से धारा 6A की संवैधानिकता को ठहराया सही

    Supreme court ने 4:1 बहुमत से धारा 6A की संवैधानिकता को ठहराया सही

    Supreme court: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) D.Y. की अध्यक्षता वाली एक संविधान पीठ चंद्रचूड़ ने गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 को बहुमत के फैसले में नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6A की संवैधानिकता को बरकरार रखा हालांकि न्यायमूर्ती जेबी पारदीवाला ने मना किया कि यह धारा संभावित प्रभाव से असंवैधानिक है।

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए  Citizenship Act Section 6A की संवैधानिकता को बरकरार रखा: प्रमुख बिंदु

    धारा 6 ए भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद असम आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ तत्कालीन राजीव गांधी सरकार द्वारा 15 अगस्त 1985 को यह समझौता ज्ञापन जिसे “असम समझौता” कहा जाता है उसको आगे बढ़ाने के लिए 1955 के अधिनियम में डाला गया यह एक विशेष प्रावधान है, 1971 में।

    सुप्रीम कोर्ट(Supreme court)का निर्णय: डी.वाई. चंद्रचूड़ ( D.Y. Chandrachud’s) की पीठ ने नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए को स्वीकार किया:

    धारा 6A के तहत जो विदेशी 1 जनवरी 1966 से पहले असम आए थे वह लोग और राज्य में सामान्य तौर पर निवासी थे उनके पास भारतीय नागरिकों के सभी अधिकार और दायित्व होंगे जो लोग 1 जनवरी 1966 और 25 मार्च 1971 के बीच राज्य में आए थे और उनके पास समान अधिकार और दायित्व होंगे, शिव इसके की वेद 10 वर्षों तक मतदान नहीं कर पाएंगे। 

    सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) का बहुमत निर्णय: नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए का असम के लिए महत्व:

    याचिकाकर्ताओं ने अदालत में सवाल उठाया था की धारा 6A को लागू करने के लिए सीमावर्ती राज्यों में से अकेले असम को ही क्यों चुना गया। उन्होंने “घुसपैठ में वृद्धि को धारा 6A की परिणाम या प्रभाव” बताया था। इसके विपरीत उत्तरदाताओं ने बताया कि क्षेत्र की संस्कृति विशेषताओं की सुरक्षा को नागरिकता से इनकार करने की हद तक बढ़ाया जा सकता है क्योंकि इससे नागरिक राष्ट्रवाद में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में बदलाव आएगा, जो संवैधानिक लोक के खिलाफ है।

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    सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए (Section 6A) की वैधता की पुष्टि की: विवाद के बीच

    इस फैसले को असम की NRC प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा जो इसके अलावा यदि 24 मार्च 1971 को राज्य में प्रवेश के लिए वेद कट ऑफ तारीख के रूप में बरकरार रखा गया है तो विवाद स्पष्ट नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत 2019 को भी असम समझौता का उल्लंघन माना जा सकता है क्योंकि यह एक अलग समय रेखा स्थापित करता है।

  • Supreme court: असम में धारा 6 ए लागू करने पर सवाल

    Supreme court: असम में धारा 6 ए लागू करने पर सवाल

    Supreme court भारत के मुख्य न्यायाधीश D.Y. की अध्यक्षता वाली एक संविधान पीठ चंद्रचूड़ गुरुवार 17 अक्टूबर 2024 को नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6 ए की संवैधानिकता पर फैसला सुनाने वाले हैं, धारा 6 ए तत्कालीन राजीव गांधी सरकार द्वारा 15 अगस्त 1985 को हस्ताक्षर्रित ‘असम समझौते’ नामक समझौता ज्ञापन को आगे बढ़ाने के लिए 1955 के अधिनियम में डाला गया एक विशेष प्रावधान था।

    धारा 6 ए के तहत, जो विदेशी 1 जनवरी 1966 से पहले असम में आए थे और राज्य में “सामान्य तौर पर निवासी” थे, उनके पास भारतीय नागरिकों के सभी अधिकार और दायित्व होंगे जो लोग 1 जनवरी 1966 और 25 मार्च 1971 के बीच राज्य में आए थे, उनके पास समान अधिकार और दायित्व होंगे शिवाय इसके कि वे 10 साल तक मतदान नहीं कर पाएंगे।

    याचिकाकर्ताओं ने अदालत में सवाल उठाया था की धारा 61 को लागू करने के लिए सीमावर्ती राज्यों में से अकेले असम को क्यों चुना गया है उन्होंने “घुसपैठ में वृद्धि को धारा 6 ए का परिणाम या प्रभाव” बताया था।

    Supreme court: जनसंख्किकीय  बदलाव 

    बदले में अदालत ने याचिकाकर्ताओं से ऐसी सामग्री दिखाने के लिए कहा था की बांग्लादेश मुक्ति युद्ध से ठीक पहले 1966 और 1971 के बीच भारत आए सीमा पर प्रवासियों को दिए गए लाभों और अमूल-चूल जनसंख्या परिवर्तन हुआ, जिसने असमिया सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित किया संविधान पीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इसका दायरा धारा 6A की वैधता की जांच करने तक ही सीमित है, ना कि असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) तक।

    “हमें जो संदर्भ दिया गया वह धारा 6 ए पर था। इसलिए हमारे सामने मुद्दे का दायरा धारा ए है ना कि NRC,” मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया था संविधान पीठ बांग्लादेश में अवैध घुसपैठ और अवैध रूप से प्रवेश करने वालों का पता लगाने और उन्हें निर्वासित करने के लिए केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विवरण चाहती थी।

    Supreme court

    अदालत में दायर एक सरकारी हलफनामे में कहा गया था कि भारत में गुप्त रूप से प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों  का पता लगाना,हिरासत में लेना और निर्वासित करना एक “जटिल सतत प्रक्रिया” थी केंद्र ने घुसपैठियों और अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए भारत बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के समय पर काम पूरा करने में बाधा पैदा करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया था।

    केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया था कि पश्चिम बंगाल में “बहुत धीमी और अधिक जटिल” भूमि अधिग्रहण नीतियां सीमा बाड़ लगाने जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना के लिए भी एक कांटा बन गई है।

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    केंद्र ने कहा कि सीमा की कुल लंबाई 4096.7km है। यह झरझारा था, इसमें आड़ी तिरछी नदियां थी और इलाका पहाड़ी था। सीमा पश्चिम बंगाल, मेंंघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और असम राज्यों से लगती है। सरकार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अकेले पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के साथ 2216.7 km लंबी सीमा साझा करता है, जबकि असम पड़ोसी देश के साथ 263km लंबी सीमा साझा करता है मामला दिसंबर 2030 में फैसले के लिए सुरक्षित रखा गया था।

  • JPC: JPC की बैठक में खड़गे पर वक्फ जमीन विवाद, विपक्षी सांसदों का वाकआउट

    JPC: JPC की बैठक में खड़गे पर वक्फ जमीन विवाद, विपक्षी सांसदों का वाकआउट

    नई दिल्ली में आयोजित JPC (संयुक्त संसदीय समिति) की बैठक उसे वक्त चर्चा का केंद्र बन गए जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर वक्त की जमीन हड़पने के आरोप लगाया गया इस विवाद ने बैठक का माहौल गर्मा दिया और विपक्षी दलों के नेता नाराज होकर बैठक से वाकआउट कर दिया इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

    विपक्षी दलों की सांसदों के सफल बिल पर बनी जेपीसी की बैठक के वॉक आउट किया जिसमें उन्होंने आरोप लगे की बैठक में व्यक्तिगत आरोप लगाए जा रहे थे मैं विपक्षी सांसदों का कहना है कि कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपेडी के समिति के सामने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ बी बुनियाद आप पेश किए गए।

    JPC: क्या है वक्फ जमीन विवाद?

    वक्फ संपत्ति आमतौर पर धार्मिक या समाजसेवी उद्देश्यों के लिए मुसलमान द्वारा दी गई जमीन होती है, जो वक्फ बोर्ड के तहत संरक्षित और प्रबंध किया जाता है यह संपत्ति इस्लामी कानून के अंतर्गत आता है और इसका दुरुपयोग या हस्तांतरण कानून अपराध माना जाताहै।

    बैठक के दौरान खड़गे पर वक्फ संपत्ति के अनुचित अधिग्रहण का आरोप लगाया गया जिससे इस मुद्दे ने राजनीतिक रूप से दूर पकड़ लिया, विपक्ष का रुपया है कि खड़गे ने अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए वक्फ बोर्ड की जमीन अपने का प्रयास किया है, हालांकि खड़गे और कांग्रेस ने इन आरोपों को सर से खारिज किया है।

    JPC: विपक्षी दलों का वाकआउट

    जैसे ही खड़गे पर वक्त जमीन से संबंधित आरोप लगाया गया तो विपक्षी दलों के सांसदों ने इनका कड़ा विरोध किया और उनका कहना यह है कि आरोपी का उद्देश्य खड़के की छवि को खराब करना है और उनके राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना है इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई और उसके बाद भी 25 सांसद अपने विरोध स्वरूप बैठक से वाकआउट कर दिया।

    JPC

    मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रतिक्रिया 

    खड़गे ने इस आरोपी को बी बुनियाद और राजनीतिक साजिश बताया है उन्होंने कहा है कि वह दशकों से सार्वजनिक जीवन में है, और उनका दामन साफ है करके ने आरोप लगाने वालों को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर तुम इसके खिलाफ कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर कानून तौर से चुनौती देना चाहेंगे और इस पर विचार कर रहे हैं कि ताकि उन पर आरोप लगाने वाले का पर्दाफाश किया जा सके। 

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    इस मामले में मीडिया और जनता का भी ध्यान आकर्षित किया है कुछ लोगों का आप तो गंभीर मानते हैं इसकी जांच की मांग कर रहे हैं जबकि  कुछ इस राजनीतिक से प्रेरित मानते हैं, सोशल मीडिया पर यह कुछ मुद्दे को लेकर कई तरह की प्रतिक्रिया आ रही है कुछ लोग खड़गे के समर्थन में और कुछ लोग के लाभ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • दिल्ली के लाल किला मैदान में दशहरे का महोत्सव : PM Narendra Modi ने बढ़ाई शोभा

    दिल्ली के लाल किला मैदान में दशहरे का महोत्सव : PM Narendra Modi ने बढ़ाई शोभा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM Narendra Modi  ने विजयदशमी के अवसर पर लाल किले मैदान, माधव दास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति द्वारा आयोजित रावण दहन के कार्यक्रम में शामिल हुए।

    PM Narendra Modi

    दिल्ली,कोलकाता,मुंबई नोएडा,up समेत पूरे देश में आज विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। जहां रावण दहन का शुभ मुहूर्त आज शाम 5:53 से शुरू होकर 7:27 बजे तक है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी के अवसर पर लाल किले के ग्राउंड में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए, मुंबई में भी शिवसेना के दोनों गुट दशहरा रैली का आयोजन कर रहे हैं, उधर ठाकरे की गुट वाली शिवसेना की दशहरा रैली शिवाजी पार्क में आयोजित होगी, जबकि एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना अपनी पहली दशहरी रैली आजाद मैदान में आयोजित करेंगे इन रेलिया के साथ ही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का विगुल भी बज जाएगा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चिराग दिल्ली में शाम 6:30 बजे के करीब रावण दहन करेंगे देश भर में विजयदशमी का उत्सव मनायाजा रहा है।

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    अधर्म पर धर्म के विजय का प्रतिक विजयदशमी का पर्व अहमदाबाद में आज और कल कई मंदिर संगठन द्वारा धूम धाम से मनाया जाएगा शहर में 10 से ज्यादा जगह पर 10 फीट से 60 फीट तक के रावण के पुतले का दहन आतिशबाजी के साथ किया जा रहा है, अहमदाबाद के इस्कॉन मंदिर कर्णावती क्लब साबरमती स्थित रेलवे मैदान में आज रावण के पुतले का दहन होगा और भी कई सारे राज्यों में भी विजयदशमी का पर मनाया जा रहा है।

  • 10 Top Spots for a Family Summer Getaway in Delhi: दिल्ली की गर्मी से परेशान है और घुमने की सोच रहे हैं तो आपके पास ऑप्शन की कमी नहीं है, ये हैं गर्मी में घूमने के लिए 10 बेहतरीन जगहें

    10 Top Spots for a Family Summer Getaway in Delhi: दिल्ली की गर्मी से परेशान है और घुमने की सोच रहे हैं तो आपके पास ऑप्शन की कमी नहीं है, ये हैं गर्मी में घूमने के लिए 10 बेहतरीन जगहें

    10 Top Spots for a Family Summer Getaway in Delhi:दिल्ली की गर्मी किसी को भी परेशान कर सकती है। लेकिन घबराइए नहीं, क्योंकि यहाँ अभी भी कई ऐसी जगहें हैं जहाँ आप अपने परिवार के साथ घूमकर मज़े ले सकते हैं।

    1. वाटर पार्क: दिल्ली में कई वाटर पार्क हैं, जहाँ आप पूल, स्लाइड्स और वेव पूल का आनंद ले सकते हैं। कुछ लोकप्रिय वाटर पार्क हैं:

    • एडवेंचर आईलैंड: यह दिल्ली का सबसे बड़ा वाटर पार्क है और यहाँ कई रोमांचकारी राइड्स हैं।
    • वाइल्ड वाटर: यह वाटर पार्क भी कई रोमांचकारी राइड्स और पूल प्रदान करता है।
    • प्लेओ: यह वाटर पार्क बच्चों के लिए एकदम सही है, यहाँ कई छोटे पूल और स्लाइड्स हैं।

    2. म्यूजियम: दिल्ली में कई म्यूजियम हैं, जहाँ आप इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में जान सकते हैं। कुछ प्रसिद्ध म्यूजियम हैं:

    • राष्ट्रीय संग्रहालय: यह भारत का सबसे बड़ा संग्रहालय है और यहाँ कलाकृतियों और प्राचीन वस्तुओं का एक विशाल संग्रह है।
    • राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र: यह विज्ञान केंद्र बच्चों के लिए एकदम सही है, यहाँ कई इंटरैक्टिव प्रदर्शन और गतिविधियाँ हैं।
    • नेहरू स्मारक संग्रहालय: यह संग्रहालय भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को समर्पित है।

    3. गार्डन: दिल्ली में कई खूबसूरत गार्डन हैं, जहाँ आप प्रकृति का आनंद ले सकते हैं। कुछ लोकप्रिय गार्डन हैं:

    • लोधी गार्डन: यह दिल्ली का सबसे पुराना गार्डन है और यहाँ कई मुग़लकालीन मकबरे हैं।
    • मुग़ल गार्डन: यह गार्डन अपनी सुंदर फूलों की क्यारियों और फव्वारों के लिए जाना जाता है।
    • नेहरू पार्क: यह पार्क बच्चों के लिए एकदम सही है, यहाँ कई झूले और खेल के मैदान हैं।

    4. शॉपिंग: दिल्ली खरीदारी के शौकीनों के लिए स्वर्ग है। आप यहाँ कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और बहुत कुछ खरीद सकते हैं। कुछ लोकप्रिय बाज़ार हैं:

    • चांदनी चौक: यह दिल्ली का सबसे पुराना और सबसे व्यस्त बाज़ार है।
    • खान मार्केट: यह बाज़ार डिजाइनर कपड़ों और ब्रांडेड सामानों के लिए जाना जाता है।
    • दिल्ली हाट: यह हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को खरीदने के लिए एक शानदार जगह है।

    5. ऐतिहासिक स्थल: दिल्ली कई ऐतिहासिक स्थलों का घर है, जो आपको भारत के समृद्ध इतिहास के बारे में बताएंगे। कुछ प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल हैं:

    • लाल किला: यह मुग़ल साम्राज्य की राजधानी था और यह दिल्ली का एक प्रतीक है।
    • कुतुब मीनार: यह दुनिया की सबसे ऊँची ईंट की मीनार है और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है।
    • हुमायूँ का मकबरा: यह मुग़ल वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है।
  • Loksabha election 2024: यूपी में चुनाव की तारीखें, चरण और वोटरों की संख्या

    Loksabha election 2024: यूपी में चुनाव की तारीखें, चरण और वोटरों की संख्या

    Loksabha election 2024:लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तारीखों का एलान हो गया है और यूपी की 80 सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा। वहीं सातवें चरण में पीएम मोदी के गढ़ वाराणसी सहित 13 सीटों पर वोटिंग होगी।

    सातवें चरण में 13 सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीख:

    • 1 जून 2024

    यूपी में सातवें चरण के चुनाव की अन्य महत्वपूर्ण तारीखें:

    • अधिसूचना: 7 मई 2024
    • नामांकन की आखिरी तारीख: 14 मई 2024
    • नामांकन की स्क्रूटनी: 15 मई 2024
    • नामांकन वापसी: 17 मई 2024
    • चुनाव: 1 जून 2024
    • नतीजे: 4 जून 2024

    सातवें चरण में होने वाले चुनाव की सीटें:

    • महाराजगंज
    • गोरखपुर
    • कुशीनगर
    • देवरिया
    • बांसगांव
    • घोसी
    • सलेमपुर
    • बलिया
    • गाजीपुर
    • चंदौली
    • वाराणसी
    • मिर्जापुर
    • रॉबर्ट्सगंज

    यूपी में सात चरणों में होने वाला लोकसभा चुनाव का तारीखों का विवरण:

    • पहला चरण: 19 अप्रैल 2024
    • दूसरा चरण: 26 अप्रैल 2024
    • तीसरा चरण: 7 मई 2024
    • चौथा चरण: 13 मई 2024
    • पांचवा चरण: 20 मई 2024
    • छठा चरण: 25 मई 2024
    • सातवां चरण: 1 जून 2024

    यूपी में साढ़े 15 करोड़ वोटर्स करेंगे मतदान:

    • यूपी की अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी निधि श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव के लिए पूरी तैयारी है।
    • देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में 80 लोकसभा सीटें हैं।
    • साढ़े 21 लाख 18 से 19 वर्ष के नए वोटर हैं।
    • यूपी में 8 करोड़ पुरुष और 7 करोड़ महिला मतदाता हैं।
    • एक लाख 62 हजार पोलिंग बूथ हैं।
    • लक्ष्य है कि कोई भी मतदाता न छूटे, सभी मतदान करें।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2023: उत्तर प्रदेश पेवेलियन में लगे स्टॉलों से लोगों ने की करोड़ो रूपये की खरीददारी,एक जनपद एक उत्पाद से जुड़े हुनरमंदो का सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2023: उत्तर प्रदेश पेवेलियन में लगे स्टॉलों से लोगों ने की करोड़ो रूपये की खरीददारी,एक जनपद एक उत्पाद से जुड़े हुनरमंदो का सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2023: 14 नवंबर से 27 नवंबर तक चलने वाले भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का सोमवार को समापन हो गया। 14 दिन तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले मे उत्तर प्रदेश पवेलियन का भी विधिवत रूप से एमएसएमई मंत्री राकेश सचान जी द्वारा समापन किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश पवेलियन के समापन के अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और उत्तर प्रदेश पवेलियन के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर श्री सचान द्वारा मेसर्स एफ0 के0 इंटरनेशनल , कानपुर को बेस्ट सेलर हेतु 21 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार, मेसर्स परम डेयरी, गाजियाबाद को बेस्ट डिस्पले के लिए 21 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कार तथा मेसर्स अरजव प्रोडक्ट, गौतम बुद्ध नगर को यूनिक प्रोडक्ट हेतु 21 हजार रूपये का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगे समस्त स्टालों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये। व्यापार मेंले में उत्तर प्रदेश को विशेष प्रशंसा पुरस्कार दिया गया।

    समापन समारोह को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री राकेश सचान जी ने कहा कि बहुत खुशी का विषय है कि उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगेे स्टॉलों के उत्पादों को इन कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया के सामने दिखाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पवेलियन की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगभग 10 लाख से अधिक व्यक्तियों ने भ्रमण किया तथा उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगे स्टॉलों से लोगों ने करोड़ो रूपये की खरीदारी भी की।


    राकेश सचान जी ने उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगे एक जनपद एक उत्पाद तथा उत्तर प्रदेश के जनपदों के हुनरबंदों एवं कारीगरों की सरहाना की और उत्तर प्रदेश पवेलियन में शामिल होने के लिए उनका उत्साहवर्धन भी किया तथा उनके कार्यकलापों की प्रशंसा करते हुए हृदय से धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि इस समापन के अवसर पर उत्तर प्रदेश पवेलियन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों में उत्साह देखकर अत्यधिक हर्ष की अनुभूति हो रही है। यह व्यापार मेला अपने आप में प्रदेश के उद्योगों का महाकुंभ है, जिसके माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक क्रांति, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विविधता के अद्भुत संगम का अवलोकन देश ही नहीं अपितु विश्व के कोने-कोने से आए उद्यमियों एवं निवेशकों द्वारा किया गया ।
    एमएसएमई मंत्री जी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आज सकारात्मक खबरों के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश लगभग 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयों के साथ देश में प्रथम स्थान पर है तथा अभी हाल ही में फरवरी 2023 में आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में देश-विदेश के निवेशकों द्वारा 38 लाख करोड़ से अधिक निवेश के ज्ञापन उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए हस्ताक्षरित किए गए तथा इनको धरातल पर लाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा सेक्टोरल पॉलिसीज लागू की गई है जिससे द्वारा इन पूंजी निवेश के प्रस्तावों से प्रदेश में रोजगार सृजन का एक अद्वितीय वातावरण बना है और भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार निजी कॉर्पोरेट निवेश में आज उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य भी है। उन्होंने कहा वर्तमान समय में सर्वाधिक एक्सप्रेसवेज के साथ-साथ उत्तर प्रदेश देश का एक्सप्रेस-वे राज्य बना है। उत्तर प्रदेश द्वारा उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए एवं उनको प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म उद्यमियों हेतु रुपये 05 लाख तक की दुर्घटना बीमा योजना का भी प्रावधान है। मंत्री जी ने कहा वर्तमान संस्करण में 120 स्टॉल्स के माध्यम से ओ0डी0ओ0पी0 के रूप में प्रदेश की अद्भुत हस्तकला को शो-केस किया गया है, जिसको आगंतुको द्वारा खूब सराहा गया है। अंत में उन्होंने कहा कि मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप इन आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह और सुगम होगी ।इस समापन कार्यक्रम के अवसर पर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन श्री राजेश कुमार एवं वरिष्ठ अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।

  • अगले कुछ दिनों के लिए इस रूट पर बाधित रहेगी ट्रेनों की आवाजाही, सैकड़ों यात्रियों पर पड़ेगा असर

    अगले कुछ दिनों के लिए इस रूट पर बाधित रहेगी ट्रेनों की आवाजाही, सैकड़ों यात्रियों पर पड़ेगा असर

    नई दिल्ली। सिरसा स्टेशन पर नान इंटरलाकिंग का काम पूरा करने के लिए अगले कुछ दिनों तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रहेगी। दिल्ली व इसके आसपास के स्टेशनों से होकर चलने वाली ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ेगा। इसी तरह से लखनऊ मंडल में दोहरीकरण के काम की वजह से भी कई ट्रेनों का परिचालन बाधित होगा।

    आंशिक रूप से निरस्त रहने वाली ट्रेनें
    29 मार्च तक तिलक ब्रिज-सिरसा एक्‍सप्रेस हिसार तक चलेगी। हिसार से सिरसा के बीच निरस्‍त रहेगी। वापसी दिशा में यह ट्रेन 30 मार्च तक हिसार से तिलक ब्रिज के लिए चलेगी। हिसार व सिरसा के बीच निरस्त रहेगी।
    पुरानी दिल्‍ली-बठिंडा एक्‍सप्रेस भी 29 मार्च तक हिसार तक चलेगी। इस दौरान हिसार से बठिंडा के बीच यह ट्रेन रद कर दी गई है। वापसी दिशा में 30 मार्च तक यह ट्रेन बठिंडा की जगह हिसार से पुरानी दिल्ली के लिए चलेगी।

    इन ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है
    अमृतसर से हावड़ा के बीच चलने वाली पंजाब मेल 26 मार्च से एक अप्रैल तक जंघई-फाफामऊ-ऊंचाहार-रायबरेली होकर चलेगी।
    पुरी से आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली नीलांचल एक्सप्रेस 27 व 29 मार्च और एक अप्रैल को जंघई-फाफामऊ-प्रयागराज-कानपुर सेंट्रल होकर चलेगी।
    बाड़मेर के लिए चलेगी नई ट्रेन
    पुरानी दिल्ली से बाड़मेर के बीच नई सुपरफास्ट ट्रेन चलेगी। सप्ताह में दो दिन चलने वाली इस ट्रेन की शुरुआत 25 मार्च से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से होगी। बाड़मेर से यह 28 मार्च से चलेगी। इस ट्रेन के चलने से राजस्थान जाने वाले यात्रियों को सुविधा होगी।
    20488 नंबर की ट्रेन पुरानी दिल्ली से प्रत्‍येक शुक्रवार और मंगलवार को अपराह्न 03.40 बजे चलेगी। अगले दिन सुबह साढ़े छह बजे यह ट्रेन बाड़मेर पहुंचेगी। वापसी दिशा में 20487 नंबर की ट्रेन बाड़मेर से प्रत्‍येक सोमवार और बृहस्पतिवार को रात्रि 09.40 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 12.35 बजे पुरानी दिल्‍ली पहुंचेगी। इसमें वातानुकूलित, शयनयान तथा सामान्‍य श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे।
    रास्ते में इसका ठहराव उतरलाई, बालोतरा, समदड़ी, लूनी, जोधपुर, मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, फुलेरा, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, दौसा, अलवर, रेवाड़ी, गुरुग्राम तथा दिल्‍ली छावनी स्‍टेशनों पर होगा।

  • दिल्ली में केरल कांग्रेस के सांसद को पुलिसकर्मी ने मारा थप्पड़, दुर्व्यवहार करने का आरोप

    दिल्ली में केरल कांग्रेस के सांसद को पुलिसकर्मी ने मारा थप्पड़, दुर्व्यवहार करने का आरोप

     

    नई दिल्ली। केरल में चल रहे रेल प्रोजेक्ट के विरोध में केरल कांग्रेस के सांसदों ने गुरुवार को विजय चौक स्थित मीडिया लोन से संसद भवन तक तक पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन किया। शोर मचाते हुए संसद भवन की तरफ जाते देख पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रोका तब उनके बीच झड़प हो गई।
    सुबह करीब साढ़े 10 बजे करीब 10-12 कांग्रेसी सांसद अपनी अपनी गाड़ियों से विजय चौक स्थित मीडिया लोन के पास वहां गाड़ियां खड़ी करने के बाद सभी प्रदर्शन करते हुए पैदल संसद भवन की तरफ जाने लगे। प्रदर्शनकारियों का पैदल संसद भवन की तरफ जाने की अनुमति नहीं है इसलिए उन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में सांसद वहां जमा हुए थे। सांसद हिबी ईडन ने आरोप लगाया कि उन्हें एक पुलिस कर्मी ने थप्पड़ मारा। कई सांसदों ने पुलिस कर्मियों पर दुर्व्यवहार व हाथापाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की जांच कराने व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। केरल कांगेस के अध्यक्ष के सुधाकरन ने मामले की निंदा की और दिल्ली पुलिस के दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    मामले में दिल्ली पुलिस प्रवक्ता डीसीपी सुमन नलवा का कहना है कि कुछ लोग मलयालम में चिल्लाते हुए मीडिया लॉन से नॉर्थ फाउंटेन बैरिकेड्स पॉइंट पर आए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक लिया। उन्होंने सांसद होने का दावा किया और चिल्लाते रहे। उनसे आईडी दिखाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने अपना परिचय पत्र दिखाने से इंकार कर दिया। उसके बाद सांसदों की पहचान के लिए संसद के गेट नंबर एक पर सुरक्षा पिकेट से प्रोटोकॉल वालों को बुलाया गया। उन्होंने और सांसदों के साथ चलने वाले कर्मियों ने उनके सांसद होने की जानकारी दी जिसके बाद उन्हें संसद भवन के गेट नंबर 8 की तरफ़ जाने दिया गया। प्रवक्ता कि सांसदों के साथ हाथापाई की बात से इंकार किया है। बैरिकेड्स पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने केवल रोकने की कोशिश की क्योंकि सांसद शोर मचा रहे थे और अपनी पहचान बताए बिना संसद की ओर बढ़ रहे थे।