Category: क्राइम

  • England vs India ODI Series : इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, कोहली की वापसी और बुमराह की एंट्री

    England vs India ODI Series : इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, कोहली की वापसी और बुमराह की एंट्री

    England vs India ODI Series : इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। इस बहुप्रतीक्षित सीरीज में कई बड़े नामों की वापसी और कुछ अहम बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि Virat Kohli को टीम में शामिल किया गया है, हालांकि उनकी वापसी को लेकर फिटनेस से जुड़ी शर्तें लागू हैं। इसके साथ ही तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी टीम का हिस्सा बनाए गए हैं, जिससे भारतीय गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत नजर आ रहा है।

    यह वनडे सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि टीम प्रबंधन आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले संयोजन को लेकर स्पष्टता हासिल करना चाहता है। ऐसे में चयनकर्ताओं ने अनुभव और युवा जोश का संतुलन बनाते हुए टीम का चयन किया है।

    विराट कोहली की सशर्त वापसी

    टीम चयन में सबसे ज्यादा चर्चा विराट कोहली की वापसी को लेकर है। कोहली चोट से उबर रहे हैं और इसी वजह से उन्हें टीम में शामिल तो किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता पूरी तरह फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। चयनकर्ताओं ने यह साफ संकेत दिया है कि कोहली की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और मेडिकल टीम की सलाह के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

    England vs India ODI Series
    England vs India ODI Series

    कोहली की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है। उनका अनुभव, दबाव में खेलने की क्षमता और बड़े मैचों में प्रदर्शन टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण टीम के खिलाफ उनकी भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।

    जसप्रीत बुमराह की टीम में वापसी

    भारतीय टीम के लिए दूसरी बड़ी राहत जसप्रीत बुमराह की वापसी है। बुमराह लंबे समय से चोट और कार्यभार प्रबंधन के कारण टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है।

    बुमराह की मौजूदगी से भारतीय गेंदबाजी यूनिट को नई धार मिलेगी। नई गेंद से विकेट निकालने की उनकी क्षमता और डेथ ओवर्स में नियंत्रण टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। इंग्लैंड के बल्लेबाजों के खिलाफ उनकी सटीक यॉर्कर और विविधता भारत को बढ़त दिला सकती है।

    England vs India ODI Series
    England vs India ODI Series

    टीम चयन में संतुलन पर जोर

    England vs India ODI Series : इस चयन में साफ तौर पर अनुभव और भविष्य की योजना दोनों का ध्यान रखा गया है। एक ओर जहां कोहली और बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगे, वहीं कुछ युवा खिलाड़ियों को भी मौका देकर चयनकर्ताओं ने बेंच स्ट्रेंथ को परखने की कोशिश की है।

    वनडे फॉर्मेट में भारतीय टीम पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू या विदेशी परिस्थितियों में मुकाबला हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट चाहता है कि हर विभाग में विकल्प मौजूद रहें और जरूरत पड़ने पर रणनीति बदली जा सके।

    आयरलैंड के खिलाफ टी20 टीम में भी बदलाव

    इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम के साथ-साथ आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भी टीम में बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव टीम की आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल को ध्यान में रखकर किए गए हैं। टी20 टीम में कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया गया है, जबकि कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है।

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयन समिति फिलहाल हर फॉर्मेट के लिए अलग-अलग रणनीति पर काम कर रही है। इसी वजह से टी20 और वनडे टीमों में संयोजन अलग रखा गया है, ताकि खिलाड़ियों का कार्यभार संतुलित रहे और प्रदर्शन पर असर न पड़े।

    England vs India ODI Series : इंग्लैंड सीरीज क्यों है अहम

    England vs India ODI Series भारतीय टीम के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तो यह टीम संयोजन को परखने का अवसर देगी, दूसरी ओर बड़े खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म का आकलन भी इसी दौरान होगा। इसके अलावा, यह सीरीज आने वाले अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के लिए भी दिशा तय कर सकती है।

    इंग्लैंड की टीम अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी के लिए जानी जाती है। ऐसे में भारतीय टीम को हर विभाग में सतर्क रहना होगा। खासकर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी, डेथ ओवर्स की गेंदबाजी और फील्डिंग पर विशेष ध्यान देना होगा।

    फैंस की नजरें अब अंतिम एकादश पर

    England vs India ODI Series : टीम घोषित होने के बाद अब सभी की नजरें अंतिम एकादश पर टिक गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विराट कोहली पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतरेंगे या उन्हें आराम दिया जाएगा। इसी तरह जसप्रीत बुमराह की वापसी से गेंदबाजी संयोजन में क्या बदलाव होंगे, यह भी देखने वाली बात होगी।

    Also Read This : Haridwar Land Scam : 54 करोड़ की विवादित खरीद कैसे बनी उत्तराखंड का बड़ा प्रशासनिक विवाद

    कुल मिलाकर, इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम की यह घोषणा कई सकारात्मक संकेत लेकर आई है। कोहली की वापसी, बुमराह की मौजूदगी और टीम में किए गए संतुलित बदलावों ने सीरीज को और भी रोमांचक बना दिया है। अब क्रिकेट प्रशंसकों को मैदान पर इस नई टीम संयोजन के प्रदर्शन का इंतजार है।

     

    View this post on Instagram

     

    A post shared by AVSPOST (@avspost)

  • Missing Child : थाना फेस-2 पुलिस ने हरियाणा पुलिस की सहायता से वर्ष 2015 में गेझा मंदिर के पास से लापता/अपह्रत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

    Missing Child : थाना फेस-2 पुलिस ने हरियाणा पुलिस की सहायता से वर्ष 2015 में गेझा मंदिर के पास से लापता/अपह्रत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

    Missing Child : घटना का संक्षिप्त विवरण

    दिनांक 06 नवंबर 2015 को लगभग 07 वर्षीय बालक ग्राम गेझा, थाना फेस-2 क्षेत्र से खेलते समय लापता हो गया था। गुमशुदगी की सूचना 08 नवंबर 2015 को दी गई, जिसके आधार पर मुकदमा संख्या 723/2015, धारा 363 भादवि में अभियोग पंजीकृत किया गया। कई वर्षों तक प्रयास के बावजूद सुराग न मिलने पर 20 दिसंबर 2022 को अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।

    Missing Child
    Missing Child

    Missing Child : बरामदगी की प्रक्रिया

    1- दिनांक 28 मई 2025 को थाना सूरजकुंड, फरीदाबाद (हरियाणा) में एक बालक के अपहरण(Missing Child) की एफआईआर दर्ज हुई।

    2- 02 जून 2025 को सूरजकुंड पुलिस द्वारा अभियुक्त मंगल कुमार के कब्जे से अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया।

    3- पूछताछ में मंगल कुमार ने यह जानकारी दी कि उसके पास एक और बच्चा वर्षों से है, जिसे नोएडा से लाया गया था, परंतु उसका नाम अब बदल चुका है।

    4- सूरजकुंड पुलिस द्वारा उक्त जानकारी थाना फेस-2 पुलिस को दी गई, लेकिन बच्चे के बदले नाम के कारण पूर्व की किसी भी गुमशुदगी या अपहरण से उसका मिलान नहीं हो पाया।

    5- थाना फेस-2 पुलिस ने तत्परता से बच्चे को अपने थाने बुलाया और समझा-बुझाकर पूछताछ की गई।

    6- पूछताछ से स्पष्ट हुआ कि बालक का नाम बदला गया था, और मुकदमा किसी अन्य नाम से दर्ज है। बच्चे की वास्तविक पहचान जानने के लिए थाना फेस-2 पुलिस द्वारा 10 वर्षों के अपराध रजिस्टर, याददाश्त रजिस्टर व गुमशुदा रजिस्टर का अवलोकन किया गया।

    7- अभिलेखों का लगातार 6 घंटे तक गहन अध्ययन किया गया। परिणामस्वरूप यह तथ्य उजागर हुआ कि यह वही बच्चा है जिसकी गुमशुदगी मु0अ0सं0-723/2015 में दर्ज थी।

    Missing Child
    Missing Child

    8- बरामद बच्चे को अपने माता-पिता का नाम तो ज्ञात था परंतु पता इत्यादि की जानकारी नही थी, जिससे बालक के परिजनों से संपर्क किया जा सके।

    9- थानें पर पंजीकृत FIR में दर्ज मोबाइल नंबर बच्चे के पिता के मित्र का था, जो पहले नोएडा में रहते थे अब आगरा में रहते हैं।

    10- उक्त व्यक्ति से संपर्क कर माता-पिता के मूल निवास की जानकारी प्राप्त कर उन्हें बच्चे मिलनें की सूचना दी गई।

    11- अचानक 10 वर्षों बाद अपने बेटे के मिलने की सूचना से माता-पिता को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने बच्चे की शारीरिक पहचान पूछी, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके बेटे की दाहिने हाथ की एक ऊँगली कटी हुई है और बायीं आँख के नीचे चोट का निशान है।

    12- उक्त निशानों की पुष्टि होने पर परिजनों को विश्वास हुआ और उन्होंने बड़े बेटे, चाची और जीजा को थाना फेस-2 भेजा। परिजनों ने बच्चे को देखते ही पहचान लिया और भावुक होकर गले से लिपट गए।

    13- बरामद बालक ने भी इतने वर्षों बाद तुरंत अपने बड़े भाई को पहचान लिया।

    14- माता-पिता, जो अब मैनपुरी में निवास कर रहे हैं, को तत्काल सूचना देकर नोएडा बुलाया गया है।

    15- बालक को CWC (बाल कल्याण समिति) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

    16- तत्पश्चात, बच्चे का बीएनएसएस की धारा 183 (पूर्ववर्ती धारा 164 सीआरपीसी) के अंतर्गत माननीय न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराया जाएगा।

    Missing Child
    Missing Child

    17- माननीय न्यायालय से विधिसम्मत अनुमति प्राप्त कर बालक एवं उसके पिता का डीएनए मिलान नियमानुसार कराया जाएगा।

    18- थाना फेस-2 पुलिस द्वारा खोए हुए बच्चे को 10 वर्षों बाद परिजनों से मिलवाने की इस सराहनीय कार्यवाही की जनता द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।

    Also Read This : Sonam and Raja Raghuvanshi हत्याकांड: हनीमून से हत्या तक की सनसनीखेज कहानी

    Missing Child : यह सफलता थाना फेस-2 पुलिस की सतर्कता, मानवीय दृष्टिकोण, और अदम्य संकल्प का प्रतिफल है।

    नोट- डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा बालक को सकुशल बरामद करने वाली टीम को 25000 रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया गया है।

    मीडिया सेल

    पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर।

  • Good Job Noida Police! 10 साल बाद खोया चिराग वापस दिलाकर DCP शक्ति मोहन की टीम ने किया बेस्ट काम

    Good Job Noida Police! 10 साल बाद खोया चिराग वापस दिलाकर DCP शक्ति मोहन की टीम ने किया बेस्ट काम

    Good Job Noida Police: आमतौर पर पुलिस का काम सिर्फ अपराधियों को पकड़ना और कानून व्यवस्था बनाए रखना माना जाता है लेकिन थाना फेस-2 की टीम ने  दिखा दिया  है कि पुलिस की भूमिका इससे कहीं बड़ी है। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी और थाना प्रभारी विन्ध्याचल तिवारी की अगुवाई में पुलिस ने 10 साल से लापता एक बच्चे को उसके परिवार से मिलवाकर सच्ची मानवता की मिसाल पेश की। यह मामला साबित करता है कि पुलिस सिर्फ सख्त चेहरा नहीं, बल्कि दिल भी रखती है। इतने सालों की मेहनत, धैर्य और लगन ने आखिरकार रंग लाया। नोएडा पुलिस ने न सिर्फ एक परिवार को खुशी दी, बल्कि पूरे समाज को यकीन दिलाया कि अच्छे कामों का कोई विकल्प नहीं होता।

    Good Job Noida Police!

    Good Job Noida Police: 2015 का वो दिन जब सब कुछ बदल गया था

    6 नवंबर 2015 का वह दिन  नोए़़डा के  गेझा गांव के एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दिन बन गया। महज 7 साल का एक मासूम बच्चा अपने घर के पास मंदिर के आसपास खेल रहा था जब अचानक वह गायब हो गया। परिवार ने दो दिन तक स्वयं खोजबीन की और फिर 8 नवंबर 2015 को थाना फेस-2 में मामला दर्ज कराया। थाने ने धारा 363 (अपहरण) के तहत एफआईआर दर्ज की और तत्काल जांच शुरू की। हालांकि, बच्चे का कोई सुराग न मिलने के कारण 20 दिसंबर 2022 को इस मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी। परिवार ने भी धीरे-धीरे हार मान ली थी, लेकिन नोएडा पुलिस ने इस मामले को पूरी तरह से बंद नहीं किया था।

    Good Job Noida Police!
    Good Job Noida Police!

    Good Job Noida Police: हरियाणा पुलिस से मिली महत्वपूर्ण सूचना

    इस मामले में नया मोड़ तब आया जब 28 मई 2025 को हरियाणा के सूरजकुंड थाने में एक बच्चे के अपहरण की एफआईआर दर्ज हुई। 2 जून 2025 को सूरजकुंड पुलिस ने अभियुक्त मंगल कुमार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक बच्चे को बरामद किया। पूछताछ के दौरान मंगल कुमार ने स्वीकार किया कि उसके पास एक और बच्चा है जिसे वह करीब 10 साल पहले नोएडा से लाया था। हरियाणा पुलिस ने यह जानकारी नोएडा पुलिस को साझा की।

    नोएडा पुलिस की अथक मेहनत: 6 घंटे की निरंतर जांच

    इस जानकारी के बाद थाना फेस-2 की पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बच्चे से पूछताछ की गई, लेकिन समस्या यह थी कि उसका नाम बदल दिया गया था और वह अपने वास्तविक परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा था। थाना प्रभारी विन्ध्याचल तिवारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने 10 साल पुराने रिकॉर्ड्स की जांच शुरू की।

    टीम ने 2015 से अब तक के सभी गुमशुदा बच्चों के रिकॉर्ड, याददाश्त रजिस्टर और एफआईआर की फाइलों का बारीकी से अध्ययन किया। लगातार 6 घंटे तक चली इस जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि यह वही बच्चा है जिसकी 2015 में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस की सूझबूझ और धैर्य की भूमिका अहम थी।

    परिवार से मिलन का भावुक पल

    बच्चे को उसके माता-पिता का नाम तो याद था, लेकिन वर्तमान पता नहीं पता था। पुलिस ने एफआईआर में दर्ज मोबाइल नंबर से संपर्क किया, जो बच्चे के पिता के एक दोस्त का था। उससे पता चला कि परिवार अब मैनपुरी में रहता है। जब पुलिस ने माता-पिता को फोन किया, तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने बच्चे की पहचान के लिए कुछ विशेष निशान बताए – दाएं हाथ की कटी उंगली और बाईं आंख के नीचे चोट का निशान। जब यह मिलान हो गया, तो परिवार के सदस्य तुरंत थाने पहुंचे।

    वह दृश्य अत्यंत भावुक था जब बच्चे ने अपने बड़े भाई को देखते ही पहचान लिया और सभी एक-दूसरे से लिपटकर रो पड़े। माता-पिता के लिए यह ऐसा पल था जिसकी उन्होंने 10 साल तक कल्पना की थी। थाने में मौजूद सभी लोग इस भावुक मिलन को देखकर गदगद हो उठे।

    Good Job Noida Police: डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी और थाना प्रभारी विन्ध्याचल तिवारी का नेतृत्व

    इस सफलता के पीछे डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी और थाना प्रभारी विन्ध्याचल तिवारी के नेतृत्व को विशेष रूप से सराहा जा रहा है। डीसीपी अवस्थी ने इस मामले में व्यक्तिगत रुचि ली और टीम को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने इस सफलता पर पुलिस टीम को 25,000 रुपये के इनाम से सम्मानित भी किया है। थाना प्रभारी विन्ध्याचल तिवारी ने इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने न केवल 10 साल पुराने रिकॉर्ड्स की गहन जांच की बल्कि बच्चे और परिवार के बीच भरोसा कायम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। तिवारी ने बताया कि “यह सफलता हमारी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। हमें खुशी है कि हम एक परिवार को फिर से जोड़ पाए।”

    Good Job Noida Police: पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी कौशल

    इस मामले में नोएडा पुलिस ने अपने तकनीकी कौशल और जांच क्षमताओं का भी परिचय दिया है। पुलिस ने न केवल पुराने रिकॉर्ड्स का सही तरीके से विश्लेषण किया बल्कि बच्चे की पहचान सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का भी उपयोग किया। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही भी सराहनीय रही।

    Good Job Noida Police!
    Good Job Noida Police!

    Good Job Noida Police: इस तरीके से मिली पुलिस को सफलता

    1. कभी हार न मानने की भावना: पुलिस ने 10 साल बाद भी इस मामले को नहीं छोड़ा और अंततः सफलता प्राप्त की।

    2. अंतर-राज्यीय सहयोग: हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच बेहतर समन्वय ने इस सफलता को संभव बनाया।

    3. तकनीकी कौशल का महत्व: पुराने रिकॉर्ड्स का सही तरीके से विश्लेषण कर पुलिस ने अपनी क्षमताओं का परिचय दिया।

    4. मानवीय पहलू: यह मामला दर्शाता है कि पुलिस का कार्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं बल्कि जनसेवा भी है।

    नोएडा पुलिस की यह सफलता पूरे देश के लिए एक मिसाल है। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिस तरह का समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण दिखाया है, वह वास्तव में सराहनीय है। यह मामला न केवल पुलिस की क्षमताओं को दर्शाता है बल्कि उनके जज्बे और जनसेवा भावना को भी उजागर करता है।

     #NoidaPolice #DCPShaktiMohan #VindhyachalTiwari #HumanPolicing #SuccessStory

  • Noida Cyber Crime पुलिस को बड़ी सफलता: 16.49 लाख रुपये की धोखाधड़ी में दो साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी

    Noida Cyber Crime पुलिस को बड़ी सफलता: 16.49 लाख रुपये की धोखाधड़ी में दो साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी

    Noida Cyber Crime:- 5 नवंबर 2024 को Noida Cyber Crime, Noida Police  ने व्हाट्सएप के जरिए ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।

    घटना का विवरण:-

    5 नवंबर 2024 को नोएडा साइबर क्राइम(Noida Cyber Crime) Noida Police  ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो ( Cyber Crime)साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इन अपराधियों ने एक पीड़ित से व्हाट्सएप के माध्यम से 16.49 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने गुप्त सूचना और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की और आरोपियों को सेक्टर 35, नोएडा से गिरफ्तार किया। इन अपराधियों ने पीड़ित को “यू-ट्यूब वीडियो लाइक करने” के बदले पैसे कमाने का लालच दिया था।

    Cyber Crime सेक्टर 35, नोएडा
    Cyber Crime सेक्टर 35, नोएडा

    ठगी का विस्तृत विवरण: 19 सितंबर 2023 को एक पीड़ित ने नोएडा साइबर क्राइम(Noida Cyber Crime) पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधी ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया था। अपराधी ने पीड़ित को यू-ट्यूब वीडियो लाइक करने के बदले पैसे कमाने का आकर्षक प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव पर विश्वास करते हुए, पीड़ित ने कुल 16.49 लाख रुपये अपराधियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। जांच के दौरान यह पाया गया कि राशि अपराधियों के

    खातों में ट्रांसफर की गई थी, और बाद में इसे एटीएम के जरिए निकाला गया था।
    जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B के तहत गिरफ्तार किया गया। पुलिस की तत्परता के कारण अब तक 2.65 लाख रुपये पीड़ित को वापस किए जा चुके हैं।

    Noida Cyber Crime सुरक्षा के सुझाव:-

    वेबसाइट और ऐप की प्रामाणिकता की जांच करें:- किसी भी निवेश से पहले, हमेशा वेबसाइट या ऐप की प्रामाणिकता की जांच करें। सुनिश्चित करें कि वह विश्वसनीय और भरोसेमंद है।

    केवल नियामित बाजारों में निवेश करें:- हमेशा उन शेयर बाजारों में निवेश करें जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा निगरानी किए जाते हैं और भारत सरकार द्वारा अधिकृत होते हैं।

    धोखाधड़ी वाले प्रस्तावों से सावधान रहें:- यू-ट्यूब, गूगल, फेसबुक और व्हाट्सएप पर वीडियो लाइक करके पैसे कमाने जैसे धोखाधड़ी वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें। ये आमतौर पर साइबर(Cyber Crime) अपराधियों द्वारा लोगों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकें हैं।

    Noida Cyber Crime: गिरफ्तारी करने वाली टीम

    निरीक्षक विजय कुमार गौतम (प्रभारी)
    निरीक्षक विनोद कुमार यादव
    आरक्षी अरविंद सिंह
    आरक्षी धर्मदास तोमर

    अतिरिक्त जानकारी:-

    यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण जीत है। पुलिस की तेज और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल ठगी गई राशि का एक हिस्सा वापस किया है, बल्कि यह संभावित साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी भी है। यह घटना यह बताती है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है। साइबर क्राइम (Noida Cyber Crime ) Noida Police नागरिकों से आग्रह करती है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें और ऑनलाइन अजनबी व्यक्तियों से संपर्क करते समय सतर्क रहें।

    Also Read This: Crime Noida(नोएडा): कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का सराहनीय कार्य

    Noida Cyber Crime, Noida Police  पुलिस की इन अपराधियों को पकड़ने और चोरी की गई राशि का एक हिस्सा वापस करने की कोशिशें आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती हैं। जैसे-जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ रही है, यह जरूरी है कि लोग इसके जोखिमों के प्रति जागरूक हों और सावधानी बरतें। यह मामला यह याद दिलाता है कि साइबर अपराध किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन जागरूकता और सतर्कता के साथ इसे रोका जा सकता है।

  • डिजिटल रेप (Digital rape) क्या है जाने इसके कानूनी पहलू और रोकथाम के उपाय

    डिजिटल रेप (Digital rape) क्या है जाने इसके कानूनी पहलू और रोकथाम के उपाय

    Digital rape: Digital तकनीक के विकास ने हमारे जीवन को आसान और तेज बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर क्राइम और ऑनलाइन दुर्व्यवहार भी बड़े हैं डिजिटल रेप इसी तरह के अपराधों में एक है जिसे अक्सर गलत तरीके से समझा जाता है यह एक गंभीर अपराध है जिसमें किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसके नीचे या यौन संबंधी जानकारी को ऑनलाइन या किसी भी अन्य डिजिटल माध्यम से सार्वजनिक किया जाता है

    डिजिटल रेप(Digital rape) क्या है? 

    डिजिटल रेप(Digital rape) एक सीधा अर्थ है, किसी व्यक्ति के नीचे या एवं संबंधित जानकारी को बिना उनकी सहमति के डिजिटल माध्यमों में साझा करना इसमें किसी की फोटो वीडियो या अन्य संवेदनशील जानकारी को सोशल मीडिया ईमेल या अन्य प्लेटफार्म पर बिना अनुमति के साझा करना शामिल होता है, यह अपराधना केवल व्यक्ति की गोपनीयता का उल्लंघन करता है बल्कि उनके मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।

    डिजिटल रेप(Digital rape) और कानून 

    भारत में डिजिटल रेप(Digital rape) को अपराध के रूप में मान्यता दी गई है भारतीय दंड सहित (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत इसे दंडनीय अपराध माना जाता है। इसके अंतर्गत धारा 354C (Voyeurism),धारा 66E (Privacy Violation) और धारा 67(Obscene Material)का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान है।

    1. धारा 354C:- इस धारा के अंतर्गत किसी की निजी तस्वीरें या वीडियो बिना अनुमति के देखना कैप्चर करना या सजा करना अपराध है। 
    2. धारा 66E:- यह धारा गोपनीयता के उल्लंघन से संबंधित है इसके तहत   किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी निजी जानकारी और सार्वजनिक करना जुर्म है।
    3. धारा 67:- अश्लील सामग्री का प्रसार इस धारा के तहत आता है जिसके तहत यौन संबंध अश्लील सामग्री को किसी भी डिजिटल माध्यम से फैलाना दंडनीय है। 

    डिजिटल रेप(Digital rape) के दुष्प्रभाव 

    डिजिटल रेप का शिकार व्यक्ति मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से गहरे आघात से गुजरता है। इस प्रकार के अपराध के कई दुष्प्रभाव होते हैं-

    1. मानसिक तना और अवसाद:- पीड़ित व्यक्ति को मानसिक तनाव अवसाद और चिंता का सामना करना पड़ता है ।
    2. सामाजिक प्रतिष्ठा का नुकसान:- पीड़ित की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है जिससे वह समझ में खुद को अकेला महसूस कर सकता है।
    3. आत्मसम्मान की कमी डिजिटल:- रेप का शिकार व्यक्ति अपने आत्म सम्मान को को सकता है जिससे उसकी आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

    डिजिटल रेप (Digital rape)से बचाव के उपाय 

    डिजिटल रेप(Digital rape) से बचने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है। जैसे यह उपाय न केवल आपकी गोपनीयता की सुरक्षा करेंगे बल्कि आपको साइबर क्राइम से भी बचाएंगे-

    1. प्राइवेसी सेटिंग का ध्यान रखें:- सोशल मीडिया पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग को मजबूत करें और अपने व्यक्तिगत जानकारी को केवल विश्वसनीय लोगों के साथ ही साझा करें।
    2. संदिग्ध लिंग और संदेशों से बचे:-अज्ञात स्रोतों से आए लिंक या संदेशों पर कभी ना क्लिक करें इससे  बचें क्योंकि इनमें साइबर अपराधों का जाल हो सकता है।
    3. पासवर्डसुरक्षा:-अपने डिजिटल खातों के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और नियमित रूप से उन्हें बदलते रहे। 
    4. साइबर हेल्पलाइन का उपयोग:-यदि आपको किसी भी तरह का डिजिटल उत्पीड़न महसूस होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। 

    डिजिटल रेप(Digital rape) से संबंधित कानूनी अधिकार 

    डिजिटल रेप(Digital rape) का शिकार व्यक्ति न्याय के लिए विभिन्न कानूनी कदम उठा सकता है जैसे यहां कुछ प्रमुख अधिकार है जिनका उपयोग पीड़ित कर सकता है-

    1. साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें:– किसी भी प्रकार की साइबर दुर्व्यवहार की घटना की जानकारी तुरंत साइबर सेल में दें। 
    2. महिला आयोग से संपर्क करें:- यदि पीड़ित महिला है तो वह राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से संपर्क कर सकती हैं।
    3. पुलिस में FIR दर्ज करें:- डिजिटल रेप का मामला गंभीर है इसलिए पीड़ित तुरंत पुलिस में FIR दर्ज कर सकते हैं।
    4. सुप्रीम कोर्ट में याचिका:- यदि पीड़ित को निचली अदालत से न्याय नहीं मिलता है तो वह उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में आज का दायर कर सकती है। 

    Also Read This:सावित्रीबाई फुले!(Savitribai Phule) महिलाओं को प्रगति के मार्ग पर लाने वाली एक मजबूत सोच…

    डिजिटल रेप(Digital rape) एक गंभीर अपराध है जिसे समाज में समझने और रोकने की बहुत जरूरत है  इसके कानूनी पहलू और जागरूकता फैलाने से प्रयास समाज को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। किसी भी प्रकार के डिजिटल उत्पीड़न का शिकार होने पर तुरंत कानून की सहायता ले और अपनी गोपनीयता की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें।

  • Kolkata doctor rape and murder: आखिर रेप को रोका कैसे जाए, केवल सख्त कानून से संभव है या कुछ और भी करना होगा!

    Kolkata doctor rape and murder: आखिर रेप को रोका कैसे जाए, केवल सख्त कानून से संभव है या कुछ और भी करना होगा!

    Kolkata doctor rape and murder:हाल ही में कोलकाता में हुई बलात्कार की घटना ने एक बार फिर से समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सवाल खड़े कर रही हैं कि आखिर इस पर रोक कैसे लगाई जा सकती है। महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बन गया है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि इस समस्या से निपटने के लिए समाज, सरकार और खुद महिलाओं को क्या कदम उठाने चाहिए।

    समाज की भूमिका

    बलात्कार जैसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज की सोच में बदलाव जरूरी है। जब तक हम लड़कों को महिलाओं का सम्मान करना नहीं सिखाते, तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। यह माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों में सही संस्कार डालें। समाज को महिलाओं के प्रति अपने दृष्टिकोण को बदलना होगा और महिलाओं को दोष देने के बजाय अपराधियों पर कार्रवाई की मांग करनी होगी।

    सख्त कानून की आवश्यकता

    बलात्कार के मामलों में तेजी से न्याय दिलाने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए। हालाँकि, केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है; इन कानूनों का सही तरीके से पालन भी जरूरी है। पुलिस और न्याय व्यवस्था को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता से काम लेना होगा ताकि पीड़िताओं को समय पर न्याय मिल सके।

    महिलाओं के लिए सुरक्षा उपाय

    महिलाओं को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना होगा। वे सुरक्षा ऐप्स का उपयोग कर सकती हैं, अपनी लोकेशन दोस्तों और परिवार के साथ शेयर कर सकती हैं, और आत्मरक्षा के तरीकों की ट्रेनिंग ले सकती हैं। साथ ही, उन्हें सार्वजनिक जगहों पर सतर्क रहना चाहिए और अनजान व्यक्तियों से सावधान रहना चाहिए।

    शिक्षा और जागरूकता

    महिलाओं और पुरुषों दोनों को सही शिक्षा और जागरूकता की आवश्यकता है। स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षा और नैतिकता के बारे में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए। इसके साथ ही, बच्चों को महिलाओं का सम्मान करने की शिक्षा देना अत्यंत जरूरी है। समाज को महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा का महत्व समझाना होगा।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग

    डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। सोशल मीडिया अभियानों के जरिए लोग जागरूक हो सकते हैं और बलात्कार जैसी घटनाओं पर अपने विचार साझा कर सकते हैं। ऐसे अभियानों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और लोग समाज में बदलाव लाने के लिए प्रेरित होते हैं।

    नारी सशक्तिकरण

    महिलाओं का सशक्तिकरण इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक होना चाहिए ताकि वे अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित कर सकें। जब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खड़ी होंगी और उन्हें सुरक्षा मिलेगी, तभी समाज में बदलाव आ सकता है।

    समर्थन और सहयोग

    बलात्कार की घटना के बाद पीड़िता को सहयोग की जरूरत होती है। समाज को पीड़िताओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाने में मदद करनी चाहिए। सरकार को भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केंद्र स्थापित करने की जरूरत है। बलात्कार जैसी गंभीर घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समाज, सरकार, और खुद महिलाओं को मिलकर कदम उठाने होंगे। जब तक सभी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकेगा।

  • Noida Cyber Crime: धोखाधड़ी के 50 घंटे के अंदर पीड़ित को वापस कराए पीड़ित को ₹1.15 लाख, सेक्टर 49 थाना अध्यक्ष अनुज कुमार सैनी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

    Noida Cyber Crime: धोखाधड़ी के 50 घंटे के अंदर पीड़ित को वापस कराए पीड़ित को ₹1.15 लाख, सेक्टर 49 थाना अध्यक्ष अनुज कुमार सैनी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

    Noida Cyber Crime: साइबर फ्रॉड के मामले में नोएडा के सेक्टर 49 थाना की साइबर सेल टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पीड़ित अतुल गुप्ता के खाते से ठगी गई ₹1,15,000 की राशि को साइबर सेल ने वापस कराया है।

    इस मामले की जानकारी 10 मार्च 2023 को सामने आई थी, जब अतुल गुप्ता ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खाते से बड़ी रकम  धोखाधड़ी से निकाल ली गई है। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और विपक्षी के खाते में पैसे को होल्ड करवा दिया।

    साइबर सेल की इस सफलता का श्रेय थाना सेक्टर 49 के प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सैनी को जाता है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले अनुज सैनी पहले भी कई साइबर अपराधों को सुलझा चुके हैं। उनके नेतृत्व में साइबर सेल ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए धनराशि को सुरक्षित तरीके से वापस कराया।

    Noida Cyber Crime

    अनुज सैनी ने बताया, “हमारी टीम ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और तकनीकी साधनों का उपयोग करके विपक्षी के खाते में पैसे को फ्रीज करवा दिया। इसके बाद पूरी जांच प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए हमने पीड़ित की राशि वापस करवाई।”

    साइबर सेल की टीम में निरीक्षक महेश सिंह राना, कम्प्यूटर ऑपरेटर धर्मेन्द्र कुमार सिंह, और महिला कांस्टेबल नीतू चौधरी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।

    नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल की यह सफलता दिखाती है कि पुलिस विभाग साइबर अपराधों से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    अनुज सैनी ने अंत में जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंकिंग विवरण साझा न करें और अगर किसी तरह की धोखाधड़ी हो, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।

  • Noida Police: प्रभारी निरीक्षक विन्ध्याचल तिवारी की टीम ने की कार्रवाई, मोबाइल फोन के पार्ट्स चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 02 अभियुक्त गिरफ्तार

    Noida Police: प्रभारी निरीक्षक विन्ध्याचल तिवारी की टीम ने की कार्रवाई, मोबाइल फोन के पार्ट्स चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 02 अभियुक्त गिरफ्तार

    Noida Police: थाना फेस-2 के द्वारा सैमसंग मोबाइल फोन के पार्ट्स चोरी मामले में 02 अभियुक्तों की गिरफ्तारी, 666 चोरी हुए पार्ट्स रियर कवर  बरामद

    Noida Police: दिनांक 02.05.2024 को थाना फेस-2 पुलिस टीम द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व लोकल इन्टेलिजेन्स की सहायता से सैमसंग मोबाईल फोन के पार्ट्स चोरी करने वाले अभियुक्त 1.करन पुत्र होरीलाल 2.अवनीश पुत्र शैतान सिंह को थाना क्षेत्र के एसएमसी कम्पनी सेक्टर-88 के पास खण्डहर से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से 666 मोबाइल फोन पार्ट्स रियर कवर(कीमत लगभग 02 लाख रूपये) बरामद हुए है।

    अभियुक्तों का विवरणः

    1.करन पुत्र होरीलाल निवासी करतला, थाना बागवाला, जिला एटा उम्र 21 वर्ष।
    2.अवनीश पुत्र शैतान सिंह निवासी रामपुर, थाना बागवाला, जिला एटा उम्र 23 वर्ष।

    पंजीकृत अभियोग का विवरणः

    Noida Police: मु0अ0सं0 216/2024 धारा 408/411/120बी/34 भा0द0वि0 थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर।

    बरामदगी का विवरणः

    सैमसंग मोबाईल के रियर पार्टस कुल 106 ट्रे (666) जिसकी कुल कीमत लगभग 02 लाख रूपये।

    Noida Police: गिरफ्तारी करने वाली टीमः

    1.प्रभारी निरीक्षक विन्ध्याचल तिवारी, थाना फेस-2, नोएडा।
    2.उ0नि0 अमित कुमार पटेल, थाना फेस-2, नोएडा।
    3.उ0नि0 ब्रह्म कुमार, थाना फेस-2, नोएडा।
    4.है0का0 प्रमोद कुमार, थाना फेस-2, नोएडा।
    5.है0 का0 विकास राणा, थाना फेस-2, नोएडा।
    6.है0 का0 आशीष कुमार, थाना फेस-2, नोएडा।
    7.का0 कुशलपाल, थाना फेस-2, नोएडा।
    8.का0 भूदेव, थाना फेस-2, नोएडा।

     

  • यूपी : बदायूं में दो मासूमों की हत्या, पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गया आरोपी; इलाके में फोर्स तैनात

    यूपी : बदायूं में दो मासूमों की हत्या, पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गया आरोपी; इलाके में फोर्स तैनात

    Budaun Double Murder: बदायूं में दो बच्‍चों की हत्‍या के बाद मौके पर तनाव व्‍याप्‍त हो गया और आक्रोशित लोगों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की. वहीं पुलिस ने इस घटना के आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है.

    उत्तर प्रदेश: बदायूं में मंगलवार शाम को दो मासूमों की हत्‍या कर दी गई. बच्‍चों की हत्‍या की घटना के बाद मौके पर तनाव व्‍याप्‍त हो गया और भीड़ ने बदायूं शहर में जमकर हंगामा और आगजनी की. घटना की सूचना मिलने के बाद बदायूं के डीएम मनोज कुमार और बरेली आईजी डॉ. राकेश सिंह सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. तनाव की स्थिति देखते हुए मौके पर भारी संख्‍या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. बदायूं डीएम के मुताबिक, स्थिति अभी नियंत्रण में है.

    क्या हैं पूरा मामला, विस्तार

    बदायूं शहर के मझिया रोड पर मंडी समिति पुलिस चौकी के पास बाबा कालोनी औऱ गौरीशंकर मन्दिर के मध्य मोहल्ला सुंदरनगर में दो मासूम बच्चों की हत्या हुई है।
    सुंदरनगर मोहल्ले में तीन मंजिला मकान में विनोद कुमार का परिवार रहता है। उसके तीन बेटे है, तीनो बच्चों की आयु आठ से 15 साल के बीच है। इसी मकान के पास गली में नाई की दुकान है,यह नाई सखानु कस्बे का मूल निवासी है और इस मोहल्ले में नाई की दुकान चलाता है,इसका एक साथी भी दुकान पर काम करता है।
    आज शाम 5-6 के आसपास नाई इन तीनो बच्चों को बहला फुसला कर मकान की तीसरी मंजिल पर ले गया वहा विनोद कुमार के पुत्र 15 वर्षीय आयुष औऱ 08 वर्षीय पीयूष दोनो भाइयों की धारदार हथियार से गर्दन काट कर हत्या कर दी, इनका तीसरा भाई 10 वर्षीय हनी भी इस हमले में घायल हुआ, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनो मृतक बच्चों व तीसरे घायल बच्चों की आयु 8-10 की है।

    हत्‍या के बाद बदायूं में हंगामा और आगजनी

    दो बच्‍चों की हत्‍या के बाद बदायूं में तनाव व्‍याप्‍त हो गया और आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए. गुस्‍साए लोगों ने जमकर हंगामा और जगह-जगह आगजनी की. लोगों ने आक्रोशित भीड़ ने एक दुकान और बाइक में जमकर तोड़फोड़ की.

    आक्रोशित भीड़ ने सड़क के किनारे मौजूद कुछ थड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया. घटना की गंभीरता को देखते हुए बदायूं में भारी संख्‍या में पुलिस बल को तैनात किया गया.

    बच्‍चों के शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा

    बदांयू के डीएम मनोज कुमार ने कहा कि पुलिस ने दोनों बच्‍चों के शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. अभी तक हत्‍या के कारण का पता नहीं चल सका है. यह जांच का विषय है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि आक्रोशित भीड़ को मौके से हटा दिया गया है.

  • Bihar Crime: रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन हनुमान मंदिर के गेट पर चला ‘खूनी’ खेल, 20 के झुंड में आए अपराधियों ने एक व्यक्ति को किया ‘लहूलुहान’ और हुए फरार

    Bihar Crime: रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन हनुमान मंदिर के गेट पर चला ‘खूनी’ खेल, 20 के झुंड में आए अपराधियों ने एक व्यक्ति को किया ‘लहूलुहान’ और हुए फरार

    बगहा: जब पूरा देश अयोध्या में  रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को देख रहा था ठीक उसी समय बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में अपराधी अपने “खूनी” मंसूबे को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे और शाम होते ही उन्होंने अपने “खूनी” मंसूबे को अंजाम दे भी दिया। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के अंतर्गत आने वाले रामनगर थाना क्षेत्र के हरिनगर में सोमवार को अपराधी करीब 30 की संख्या में आए और करीब 100 लोगों की मौजूदगी में खूनी घटना को अंजाम दिया और फरार हो गए। यह पूरी घटना सोमवार शाम की है अपराधी झुंड बनाकर आए और एक व्यक्ति को उनके घर से बाहर बुलाया और लहूलुहान करके चले गए। अपराधियों ने इस पूरी घटना को करीब 100 लोगों के सामने अंजाम दिया ये घटना हरिनगर स्टेशन के सामने स्थित हनुमान मंदिर के गेट के पास की है जहां रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पूजा पाठ चल रहा था और भारी संख्या में लोग वहां मौजूद थे घटना स्थल से मात्र 20 कदम की दूरी पर हरिनगर स्टेशन स्थित है जो पुलिस की टीम भी मौजूद रहती है। इस घटना को जानने को बाद ऐसा लग रहा है कि बिहार में अपराधियों को अंदर पुलिस का खौफ बिल्कुल ही नहीं है।

    ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और जांच कर रही है। पुलिस ने एक अपराधी को गिरफ्तार भी किया है और बाकी अपराधियो को पकड़ने के लिए धरपकड़ जारी है। जिस व्यक्ति पर हमला हुआ है उनका नाम रवि तिवारी है और हरिनगर स्टेशन के सामने उनका घर है जहां पर अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद से रवि तिवारी की हालत सामान्य है और उनका इलाज चल रहा है।

    अपराधियों की पहचान शत्रुघ्न ठाकुर, मनीष पांडे और अन्य के रूप में हुई है जो कि इस घटना के मास्टर माइंड है उन्होंने इस घटना को क्यों अंजाम दिया और किसके इशारे पर दिया इस बात का खुलासा अभी तक नहीं पाया है। बगहा के एसपी के मुताबिक वो इस मामले पर स्वंय नजर बनाए हुए है और जल्दी ही सभी अपराधियों को सलाखों को पीछे भेज दिया जाएगा।