Author: Nimmi Chaudhary

  • World Chess Champion : गुकेश विश्व शतरंज चैंपियन बनने का सफर

    World Chess Champion : गुकेश विश्व शतरंज चैंपियन बनने का सफर

    World Chess Champion : शतरंज को एक नया राजा मिला है, और उनका नाम है गुकेश डोम्माराजू। खेल के इस ऐतिहासिक क्षण में, गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है, जो शतरंज की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित करता है। यह ब्लॉग गुकेश की अविश्वसनीय वृद्धि, शतरंज की ऊंचाई तक उनके सफर और उन्हें शतरंज की बिसात पर एक जबरदस्त ताकत बनाने वाले गुणों को विस्तार से बताता है।

    World Chess Champion : प्रारंभिक जीवन और शतरंज से परिचय

    गुकेश डोम्माराजू, जिनका जन्म 29 मई, 2006 को चेन्नई, भारत में हुआ था, ने कम उम्र में ही शतरंज में अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सहायक माता-पिता के मार्गदर्शन में और विश्वनाथन आनंद जैसे दिग्गजों से प्रेरित होकर, गुकेश ने अपने शतरंज के सफर की शुरुआत दृढ़ता और ध्यान के साथ की। 12 साल की उम्र तक, वे शतरंज के इतिहास में दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बन गए, जो उनके भविष्य की महानता का संकेत था।

    Gukesh Dommaraju : World Chess Champion
    Gukesh Dommaraju : World Chess Champion

    World Chess Champion : शीर्ष तक का रास्ता

    गुकेश का विश्व चैंपियनशिप(World Chess Champion) तक का रास्ता अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार प्रदर्शन से बना। उनके करियर के प्रमुख मील के पत्थर निम्नलिखित हैं:

    • ग्रैंडमास्टर का खिताब: केवल 12 साल, 7 महीने, और 17 दिन की उम्र में, 2019 में गुकेश ने ग्रैंडमास्टर का खिताब प्राप्त किया, जो उस समय के सबसे युवा जीएम थे।
    • ओलंपियाड सफलता: भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, गुकेश ने शतरंज ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन किया और अपनी दृढ़ता और सामरिक कौशल के लिए प्रशंसा अर्जित की।
    • रेटिंग सीढ़ी चढ़ना: गुकेश ने लगातार अपनी ईएलओ रेटिंग में सुधार किया, 2700+ “सुपर जीएम” श्रेणी में जगह बनाई और दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती दी।

    प्रमुख मैच और रणनीतियाँ

    गुकेश की चैंपियनशिप यात्रा उनके महत्वपूर्ण खेलों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देने और मात देने की क्षमता से परिभाषित हुई। उनके खेलने की शैली में शामिल हैं:

    • आक्रामक रणनीति: गुकेश साहसिक हमले करने और जटिल स्थितियों में रचनात्मक समाधान खोजने के लिए जाने जाते हैं।
    • एंडगेम महारत: एंडगेम में उनका कौशल अक्सर प्रतिद्वंद्वियों को समान स्थितियों में भी बचाव करने के लिए संघर्ष करता है।
    • मनोवैज्ञानिक शक्ति: गुकेश दबाव में शांत रहते हैं, जो उच्च स्तर पर सफलता के लिए एक अनिवार्य गुण है।
    Gukesh and Viswanathan anand
    Gukesh and Viswanathan anand

    World Chess Champion: चैंपियनशिप विजय

    गुकेश का सबसे गौरवशाली क्षण [टूर्नामेंट का नाम/साल डालें] में आया, जहां उन्होंने बहुप्रतीक्षित मुकाबले में मौजूदा चैंपियन का सामना किया। तैयारी, सटीकता और धैर्य के मिश्रण के साथ, गुकेश ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़कर खिताब जीत लिया। उनकी जीत न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है।

    Gukesh Dommaraju : World Chess Champion
    Gukesh Dommaraju : World Chess Champion

    भारतीय और वैश्विक शतरंज पर प्रभाव

    गुकेश(Gukesh Dommaraju ) की उपलब्धि ने भारतीय शतरंज समुदाय को ऊर्जा से भर दिया है। विश्वनाथन आनंद के नक्शेकदम पर चलते हुए, गुकेश ने नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को उत्कृष्टता का लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित किया है। वैश्विक स्तर पर, उनकी जीत ने शतरंज पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है, खेल की बढ़ती विविधता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रदर्शित किया है।

    World Chess Champion : गुकेश के लिए आगे क्या?

    नए विश्व शतरंज चैंपियन(World Chess Champion) के रूप में, गुकेश का भविष्य बेहद उज्ज्वल दिखता है। उनके लक्ष्य संभवतः अपने खिताब का बचाव करना, अपने खेल में नवाचार करना, और दुनिया भर में और अधिक युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करना शामिल हैं। प्रशंसक आगामी टूर्नामेंटों में उनकी भागीदारी और शतरंज की दुनिया में उनके योगदान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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    विश्व शतरंज चैंपियन(World Chess Champion) के खिताब तक गुकेश का उदय प्रतिभा, कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता की अटल खोज की कहानी है। एक युवा प्रतिभा से शतरंज की ऊंचाई तक उनकी यात्रा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जैसे-जैसे वे नई बाधाओं को पार करते हैं और नए मानक स्थापित करते हैं, गुकेश निस्संदेह एक ऐसा नाम है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए शतरंज के इतिहास में अंकित रहेगा।

  • बांग्लादेश सरकार(Bangladesh Government) ने अल्पसंख्यकों पर हमलों की बात मानी: जवाबदेही की दिशा में एक कदम

    बांग्लादेश सरकार(Bangladesh Government) ने अल्पसंख्यकों पर हमलों की बात मानी: जवाबदेही की दिशा में एक कदम

    एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, बांग्लादेश सरकार(Bangladesh Government) ने देश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है। यह सरकार की दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जो हाशिए पर रहने वाले समुदायों की चिंताओं को सुलझाने के प्रति है। मानवाधिकार संगठनों ने लंबे समय से अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि हिंसा में वृद्धि हो रही है।

    अल्पसंख्यकों पर हमलों पर सरकार की प्रतिक्रिया

    बांग्लादेश सरकार(Bangladesh Government) ने स्वीकार किया है कि अल्पसंख्यकों पर हमले एक बढ़ती हुई समस्या बन गई है। सरकार ने इन असुरक्षित समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया है। यह घोषणा हमलों, भेदभाव और हिंसा की बढ़ती रिपोर्टों के बाद आई है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हो रही हैं।

    प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है और कहा कि अपराधियों को सजा दिलवाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। हालांकि कुछ सकारात्मक बदलावों का वादा किया गया है, कई कार्यकर्ता मानते हैं कि ऐसी हिंसा को बढ़ावा देने वाली प्रणालीगत समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदमों की जरूरत है।

    Bangladesh Government : हमलों का विवरण

    रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हिंदू मंदिरों, ईसाई चर्चों और बौद्ध मठों पर व्यापक हमले हुए हैं। इन हमलों में तोड़फोड़ से लेकर शारीरिक हमले तक शामिल थे, और आरोपियों को अक्सर बिना किसी सजा के छोड़ दिया जाता है। कई अल्पसंख्यक समूहों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    Bangladesh Government
    Bangladesh Government

    दुर्गा पूजा के दौरान कई घटनाओं की रिपोर्ट आई, जब भीड़ ने हिंदू घरों और मंदिरों पर हमला किया। इसी तरह, बांग्लादेश के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में ईसाई अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंताएँ

    अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, जिसमें मानवाधिकार वॉच और संयुक्त राष्ट्र जैसी संगठन शामिल हैं, बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। कई विदेशी सरकारें और मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और सहिष्णुता और शांति को बढ़ावा देने के लिए अधिक सक्रिय कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।

    आगे का रास्ता: क्या बांग्लादेश अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा?

    असल सवाल यह है कि क्या सरकार का अल्पसंख्यक समूहों की रक्षा करने का वादा ठोस बदलावों की ओर ले जाएगा। अल्पसंख्यक नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए मजबूत कानूनों, बेहतर प्रवर्तन और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है।

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    बांग्लादेश सरकार(Bangladesh Government) द्वारा यह स्वीकारोक्ति धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के गहरे मुद्दों को सुलझाने की दिशा में एक कदम है। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि शब्दों से ज्यादा कार्रवाइयाँ मायने रखती हैं, और अब यह महत्वपूर्ण है कि सरकार अपनी बातों को वास्तविक और स्थायी बदलावों में बदलें, जो सभी नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी दे, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो।

  • थाईलैंड में किराए पर पत्नी(Rental Wife) की प्रथा: प्यार या व्यापार या  विवादास्पद मुद्दा?

    थाईलैंड में किराए पर पत्नी(Rental Wife) की प्रथा: प्यार या व्यापार या विवादास्पद मुद्दा?

    “किराए पर पत्नी” (Rental Wife) का विचार हाल ही में थाईलैंड(Thailand) में विवाद का विषय बन गया है, खासकर पटाया में, जहां यह प्रथा व्यापक हो चुकी है। इस प्रथा को कभी-कभी “काली मोती” (Black Pearls) कहा जाता है। यह एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसे “अस्थायी विवाह” (Temporary Marriage) के रूप में जाना जाता है, जिसमें गरीब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं विदेशी पर्यटकों के साथ समय बिताने के लिए सहमति देती हैं। पटाया के रेड-लाइट जिले में स्थित बार और नाइट क्लबों में यह प्रथा काफी प्रचलित हो चुकी है।

    किताब “Thai Taboo: The Rise of Wife Rental in Modern Society”

    हाल ही में प्रकाशित एक किताब “Thai Taboo: The Rise of Wife Rental in Modern Society: Exploring Love, Commerce, and Controversy in Thailand’s Wife Rental Phenomenon”, जो लेखक Lavert A Emmanuel द्वारा लिखी गई है, इस विवादास्पद प्रथा का विस्तार से वर्णन करती है। यह किताब बताती है कि कैसे यह प्रथा, जो पहले गुप्त रूप से मौजूद थी, अब थाई समाज में पुनः प्रचलित हो रही है।

    महिला किराए(Rental Wife)  पर देने का बढ़ता व्यवसाय

    इस नए और विवादास्पद उद्योग ने एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन लिया है, विशेष रूप से उन युवाओं के लिए जो पारंपरिक रोजगार के माध्यम से जीविका अर्जित करने में संघर्ष कर रहे हैं। इस उद्योग में अस्थायी साथी और स्नेह के लिए शुल्क लिया जाता है। ये समझौते आम तौर पर कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक होते हैं। ये महिलाएं मुख्य रूप से पर्यटकों से बार और नाइट क्लबों में मिलती हैं। उनकी भूमिकाएं विभिन्न होती हैं, जिनमें साथी के रूप में समय बिताना या अनौपचारिक रूप से यात्रा गाइड का काम करना शामिल है।

    किराए पर पत्नी(Rental Wife) की कीमत

    किराए पर पत्नी (Rental Wife) रखने का समय और शुल्क समझौते पर निर्भर करते हैं। शुल्क महिला की सुंदरता, शिक्षा और आयु के आधार पर तय किया जाता है। यह राशि $1,600 से लेकर $116,000 तक हो सकती है। कुछ मामलों में, जब संबंध समय के साथ विकसित होते हैं, तो महिलाएं अपने ग्राहकों से शादी कर लेती हैं या उनके साथी के रूप में लंबे समय तक पैसे कमाती रहती हैं।

    Thailand : Wife Rental
    Thailand : Rental Wife

    संपर्क कैसे किया जाता है?

    यह “किराए पर पत्नी”  (Rental Wife)  का व्यवसाय थाईलैंड में एक व्यवस्थित रूप धारण कर चुका है। विदेशी पर्यटक जो पटाया और अन्य थाई शहरों में आते हैं, अक्सर इन महिलाओं से सीधे संपर्क करते हैं। ये महिलाएं आमतौर पर बार, रेस्तरां, और नाइट क्लबों में ग्राहकों से मिलती हैं। यदि आपसी रुचि होती है, तो फिर एक बातचीत होती है जिसमें साथ बिताने के शर्तों का निर्धारण किया जाता है।

    क्या इस प्रथा का कोई कानूनी नियंत्रण है?

    हालांकि, इस प्रथा के लिए कोई स्पष्ट कानूनी नियम या सुरक्षा नहीं है, थाई सरकार इस बात को स्वीकार करती है कि यह प्रथा देश में हो रही है, और इसके लिए कोई विशिष्ट कानून नहीं है।

    “किराए पर पत्नी” (Rental Wife)  की बढ़ती लोकप्रियता के कारण

    “किराए पर पत्नी”  (Rental Wife)  या “किराए पर गर्लफ्रेंड”  (Wife Girlfriend) का विचार मुख्य रूप से जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से प्रेरित है, जहां इस प्रकार की सेवाएं पहले से ही लोकप्रिय हैं। थाईलैंड में इस व्यवसाय के विकास के कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं।

    1. अकेलापन और शहरीकरण: थाईलैंड में अकेलापन बढ़ रहा है, खासकर शहरीकरण और व्यस्त जीवनशैली के कारण। लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या के चलते स्थायी संबंध बनाने का समय नहीं निकाल पाते, जिससे कुछ लोग अस्थायी साथी की तलाश करते हैं।
    2. पर्यटन उद्योग: थाईलैंड एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है, जो स्थानीय साथियों के साथ यात्रा और साझा अनुभवों की तलाश में रहते हैं। “किराए पर पत्नी” जैसी सेवाएं इस मांग को पूरा करती हैं।
    3. संस्कृति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता: थाईलैंड की सांस्कृतिक धारा रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के प्रति एक लचीला दृष्टिकोण अपनाती है, जिसके कारण ऐसी सेवाओं को अन्य देशों की तुलना में कम सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है।

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    इस प्रकार, “किराए पर पत्नी” (Rental Wife) का व्यवसाय थाईलैंड में तेजी से बढ़ता हुआ और विवादास्पद उद्योग बन चुका है। इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को लेकर कई बहसें हो रही हैं, जबकि यह प्रथा कुछ युवाओं के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है।

  • भविष्य के रुझानों के लिए नया शब्दकोश: ‘इंडिया इन फ्यूचर टेन्स(India in Future Tense): 47 वर्ड्स फॉर 2047

    भविष्य के रुझानों के लिए नया शब्दकोश: ‘इंडिया इन फ्यूचर टेन्स(India in Future Tense): 47 वर्ड्स फॉर 2047

    India in Future Tense : 47 वर्ड्स फॉर 2047″ नामक एक नए शब्दकोश ने 47 नए शब्दों को शामिल किया है, जो उन उभरते रुझानों और अवधारणाओं को कैप्चर करते हैं, जो 2047 में भारत के स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रभावी होंगे। यह शब्दकोश संयुक्त राष्ट्र फाउंडेशन(United Nations Foundation) और Council on Energy ,Environment and Water (CEEW) द्वारा मिलकर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य देश की यात्रा को समावेशिता, स्थिरता और तकनीकी प्रगति के संदर्भ में परिभाषित करना है।

    India in Future Tense:  नए शब्दकोश का उद्देश्य

    इस शब्दकोश का लक्ष्य युवाओं को उस ज्ञान और भाषा से सशक्त बनाना है, जो 2047 तक एक टिकाऊ और समृद्ध भारत बनाने के लिए आवश्यक है। इस शब्दकोश में नए शब्दों को शामिल किया गया है, जो विकसित हो रहे वातावरण और नवाचारों(innovations) को दर्शाते हैं, और यह Next Generation India Fellow पहल का हिस्सा है।

    India in Future Tense : शब्दकोश में शामिल प्रमुख शब्द

    यहां कुछ महत्वपूर्ण नए शब्दों की सूची दी गई है जो इस शब्दकोश में शामिल हैं:

    1. ब्लू कार्बन(Blue Carbon): यह उस कार्बन को संदर्भित करता है जो वायुमंडल से अवशोषित होकर महासागरों में संग्रहीत होता है।
    2. कल्चरनॉमिक्स(Culturenomics): यह संस्कृति और अर्थशास्त्र का मिश्रण है, जो यह दर्शाता है कि मनोरंजन, भोजन और खेल जैसे क्षेत्रों के माध्यम से संस्कृति का वैश्विक प्रसार कैसे प्रभावित होता है।
    3. डिजिटल नोमैड(Digital Nomad): यह वह व्यक्ति है जो डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके दूरदराज के क्षेत्रों से काम करता है और खानाबदोश जीवन शैली अपनाता है।
    4. 15-मिनट सिटी(15-Minute City): यह एक अवधारणा है जिसमें शहर के किसी भी स्थान से केवल 15 मिनट के दायरे में सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होती हैं।
    5. फ्लॉक्स(Flox): यह दूरस्थ श्रमिकों के लिए डिज़ाइन किए गए बहु-उद्देशीय, ऑन-डिमांड साझा आवास स्थान हैं, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होते हैं और कार्यकुशलता बढ़ाते हैं।

    अन्य लिखने योग्य शब्द

    शब्दकोश में शामिल अन्य महत्वपूर्ण शब्दों में शामिल हैं:

    • गेमिफिकेशन (Gamification): गैर-खेल संदर्भों में लोगों को संलग्न करने और समस्याओं को हल करने के लिए खेल-डिज़ाइन तत्वों का उपयोग।
    • जेंडर बॉन्ड्स (Gender Bonds): महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए वित्तीय उत्पाद।
    • हेरिटेज हब (Heritage Hub): वे क्षेत्र जो सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।
    • जुगाड़(Jugaad): एक रचनात्मक या संसाधनपूर्ण समाधान जो सामान्यत: सीमित संसाधनों का उपयोग करता है।
    • लांगेविटी इकोनॉमी(Longevity Economy): बढ़ती हुई बुजुर्ग आबादी से उत्पन्न होने वाले आर्थिक अवसर।
    • न्यूरोक्यूर(Neurocure): तंत्रिका संबंधी बीमारियों के इलाज और उपचार पर ध्यान केंद्रित करने वाली उपचार विधियाँ।
    • ऑस्मोटिक एनर्जी(Osmotic Energy): पानी की एक सेमीपर्मियाबल मेम्ब्रेन से गुजरने पर उत्पन्न होने वाली ऊर्जा।
    • प्लास्टिवोर(Plastivore): वे जीव या समाधान जो प्लास्टिक कचरे को तोड़ने के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं।
    • रोबोकेयर(Robocare): रोबोटिक तकनीकें जो बुजुर्गों या विकलांग व्यक्तियों को देखभाल और सहायता प्रदान करती हैं।

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    तकनीकी शब्दजाल और व्यावहारिक समझ के बीच का अंतर

    India in Future Tense यह शब्दकोश तकनीकी शब्दजाल और व्यावहारिक समझ के बीच का अंतर पाटने का प्रयास करता है, ताकि कल के नेताओं के लिए जटिल अवधारणाओं को सुलभ और किसी योजना  योग्य बनाया जा सके। शब्दकोश के निर्माता मानते हैं कि “भविष्य की भविष्यवाणी करने का एकमात्र तरीका इसे आकार देना है।”

  • ट्रेज़ेडी ऑन पूर्वी जावा (East Java): यात्री जहाज पलटने से एक की मौत और एक लापता

    ट्रेज़ेडी ऑन पूर्वी जावा (East Java): यात्री जहाज पलटने से एक की मौत और एक लापता

    8 दिसंबर, 2024 को पूर्वी जावा  (East Java) के तट पर हुआ यात्री जहाज हादसा

    8 दिसंबर, 2024 को पूर्वी जावा  (East Java) के तट पर एक यात्री जहाज पलटने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया। इस दुर्घटना में 49 यात्रियों को बचाया गया। यह घटना सिटुबोंडो रीजेंसी के पास उबड़-खाबड़ पानी में हुई, जब जहाज डूब गया था।

     East Java : दुर्घटना का विवरण

    घटना सुमेनेप रीजेंसी के एक बंदरगाह से सिटुबोंडो की यात्रा कर रहे लकड़ी के जहाज कपल लेयर मोटर फजर लोरेना पर हुई। स्थानीय समयानुसार यह घटना दोपहर 1:10 बजे हुई।

    मुहम्मद हरियादी, पूर्वी जावा  (East Java) के खोज और बचाव कार्यालय के प्रमुख ने बताया कि घटना के समय जहाज पर कुल 51 लोग सवार थे। डूबने के बाद, लगभग 50 सदस्यीय बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू किया और 49 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की गई और दूसरा अब भी लापता है।

    खोज और बचाव अभियान

    बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों और समुद्री बचाव दल के सदस्य शामिल थे, जो मलबे और समुद्र में फंसे लोगों को ढूंढ़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। लापता व्यक्ति की खोज अभी भी जारी है, और मृतक के शव को बरामद करने की कोशिशें जारी हैं।

    East Java
    East Java

    मौसम की खराब स्थिति का असर

    बचाव दल के अनुसार, यह दुर्घटना मौसम की खराब स्थिति के कारण हुई। तेज़ लहरों और भारी बारिश के कारण समुद्र में यात्रा करना खतरनाक हो गया था। मुहम्मद हरियादी ने बताया, “लहरें बहुत बड़ी थीं और उस समय मौसम की स्थिति खराब थी।”

    मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियां

    इस घटना से पहले, इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने समुद्री यात्रा के लिए चेतावनी जारी की थी, जिसमें बड़ी लहरों और भारी बारिश का पूर्वानुमान था। अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि ये मौसम स्थितियां जहाजों को  खतरे का सामना करना पड़ सकता  हैं।

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    यात्रियों के लिए सुरक्षा सलाह

    इस घटना के बाद, अधिकारी यात्रियों से सतर्क रहने और मौसम की अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील कर रहे हैं। खोज और बचाव अभियान के दौरान, अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • गोरखपुर में सांसद रवि किशन(MP Ravi Kishan) ने उठाया कदम: ठंड के मौसम में गरीबों के बीच कंबल वितरित किए

    गोरखपुर में सांसद रवि किशन(MP Ravi Kishan) ने उठाया कदम: ठंड के मौसम में गरीबों के बीच कंबल वितरित किए

    गोरखपुर MP Ravi Kishan (सांसद रवि किशन) का सराहनीय प्रयास

    गोरखपुर के यातायात चौक पर बढ़ती ठंड के बीच, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला(MP Ravi Kishan) ने जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किए। इस दौरान सांसद रवि किशन ने कहा कि ठंड के मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है।

    सांसद रवि किशन(MP Ravi Kishan) की अपील: सामर्थ्य अनुसार करें मदद

    सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान सांसद(MP Ravi Kishan) ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे भी अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करें। उन्होंने कहा कि ठंड में इस तरह की मदद से गरीब और असहाय लोगों को राहत मिलती है, और यह समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वे मानवता की सेवा करें।

    MP Ravi Kishan

    कार्यक्रम में लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति


    सांसद रवि किशन(MP Ravi Kishan) के प्रयासों की सराहना इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सांसद रवि किशन(MP Ravi Kishan) द्वारा किए गए इस नेक प्रयास की सभी ने सराहना की। यह कदम गोरखपुर में ठंड से बचाव के लिए एक प्रेरणादायक कदम था, और इससे समुदाय में एकजुटता और सहयोग की भावना को बल मिला।

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    सर्दी में गरीबों के लिए राहत प्रदान करना


    गोरखपुर में सामूहिक राहत प्रयास सांसद रवि किशन(MP Ravi Kishan) का यह कदम गोरखपुर में ठंड के मौसम में गरीबों और असहाय लोगों के लिए राहत का कारण बना। कंबल वितरण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि ठंड से बचाव के लिए हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, और इस तरह के प्रयास सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।

  • Shalu Singh की स्टारडम की यात्रा: घर-घर में लोकप्रिय भूमिकाओं से लेकर भोजपुरिया ऑडियंस की क्रश तक

    Shalu Singh की स्टारडम की यात्रा: घर-घर में लोकप्रिय भूमिकाओं से लेकर भोजपुरिया ऑडियंस की क्रश तक

    भोजपुरी सिनेमा की एक प्रमुख और चहेती अभिनेत्री शालू सिंह(Shalu Singh) ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से सबका दिल जीत लिया है। वे फिल्मों की शूटिंग के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं, और लगातार दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता में इजाफा कर रही हैं। शालू सिंह(Shalu Singh)  ने अपनी फिल्मों और सोशल मीडिया पर अपने फैंस के बीच एक खास जगह बनाई है।

    शालू सिंह(Shalu Singh)  का शानदार साल

    टीआरपी में टॉप और दर्शकों की सराहना

    शालू सिंह(Shalu Singh)  के लिए यह साल बेहद खास रहा है। उन्होंने अपनी उच्चतम टीआरपी वाली भोजपुरी फिल्मों के जरिए मीडिया और दर्शकों के बीच सुर्खियां बटोरी हैं। उनकी फिल्मों ने न केवल समीक्षकों की सराहना पाई है, बल्कि दर्शकों ने भी उन्हें भरपूर प्यार और समर्थन दिया है। यही कारण है कि शालू सिंह भोजपुरी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल हो गई हैं।

    महिला प्रधान फिल्मों में बेहतरीन अभिनय

    घर-घर में लोकप्रिय बहू की भूमिका

    शालू सिंह(Shalu Singh)  ने महिला प्रधान फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया है और घरेलू तथा संस्कारी बहू के किरदारों में जान डाल दी है। उनकी फिल्मों में निभाए गए सास-बहू के फैमिली ड्रामा वाले किरदारों ने उन्हें हर घर की बहू बना दिया है। इस कारण से वह भोजपुरिया ऑडियंस की क्रश बन गई हैं।

    Shalu Singh

    आगामी फिल्मों में धमाल

    2025 में नया धमाका करने के लिए तैयार

    शालू सिंह(Shalu Singh)  अब आगामी नववर्ष 2025 में भोजपुरी सिनेमा में नया धमाल करने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी फिल्मों को लेकर फैंस के बीच उत्सुकता बनी हुई है। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के चलते वह हर बार बड़े पर्दे पर अपनी छाप छोड़ने में सफल रही हैं।

    हाईएस्ट TRP वाली भोजपुरी फिल्में

    सास अनाड़ी बहु खिलाड़ी, हम साथ साथ, झगड़ा गोतीन गोतीन के

    शालू सिंह(Shalu Singh)  की बैक टू बैक तीन भोजपुरी फिल्मों – सास अनाड़ी बहु खिलाड़ी, हम साथ साथ, और झगड़ा गोतीन गोतीन के – को उच्चतम टीआरपी मिली है। इन फिल्मों ने न केवल शालू सिंह(Shalu Singh)  को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया, बल्कि उनके अभिनय की भी सराहना की गई है।

    धन्यवाद और आशीर्वाद

    शालू सिंह(Shalu Singh)  ने दर्शकों का किया धन्यवाद

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    शालू सिंह(Shalu Singh)  को मिल रहे प्यार और आशीर्वाद के लिए उन्होंने अपने सभी फैंस का तहेदिल से धन्यवाद किया है। वे उम्मीद करती हैं कि उन्हें आगे भी इसी तरह का प्यार और समर्थन मिलता रहे और उनकी फिल्में हिट होती रहें।

  • Uttar Pradesh : मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिलाओं और बालिकाओं के लिए जागरूकता अभियान

    Uttar Pradesh : मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिलाओं और बालिकाओं के लिए जागरूकता अभियान

    Uttar Pradesh Government 

    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे “मिशन शक्ति फेज-5” के अंतर्गत, जनपद गोरखपुर Uttar Pradesh  में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में पुलिस विभाग द्वारा प्रमुख बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों, धार्मिक स्थलों, चौराहों, और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाया गया।

    महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण योजनाओं के बारे में जागरूकता

    इस अभियान के तहत महिला पुलिसकर्मियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में महिलाओं और बालिकाओं को जानकारी दी, जैसे:

    • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
    • निराश्रित महिला पेंशन योजना
    • उ.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन
    • बैंकिंग करस्पाण्डेण्ट सखी
    • बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ
    • प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
    • प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना
    • वन स्टॉप सेंटर
    • आयुष्मान योजना
    • महिला शक्ति केंद्र योजना
    • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना
    • महिला ई-हाट योजना

    इसके अलावा, पुलिस विभाग से संबंधित हेल्पलाइन नंबर जैसे वीमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, महिला हेल्पलाइन 181, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 आदि के बारे में भी जानकारी दी गई।

    Uttar Pradesh : स्कूलों और कॉलेजों में बालिकाओं के लिए जागरूकता अभियान

    Uttar Pradesh थाना तिवारीपुर द्वारा स्कूलों में जाकर बालिकाओं को शिक्षा, खेलकूद और गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक किया गया। बच्चों को अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में बताया गया और उन्हें प्रतिदिन स्कूल आने के लिए प्रेरित किया गया।

    थाना चिलुआताल ने भी स्कूलों में जाकर मिशन शक्ति फेज-5 के बारे में जागरूक किया और संबंधित योजनाओं की जानकारी दी।

    महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराध से बचने के उपाय

    थाना बड़हलगंज और थाना एम्स द्वारा स्कूलों, बैंकों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को साइबर अपराध के बारे में जानकारी दी गई। बैंकों में पैसे लेन-देन और बायोमेट्रिक निकासी के दौरान होने वाले अपराधों के बारे में भी जागरूक किया गया। महिलाओं को अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स, व्हाट्सअप वीडियो कॉल्स, और सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए।

    Uttar Pradesh
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    Uttar Pradesh : महिला सुरक्षा दल द्वारा जागरूकता कार्यक्रम

    थाना तिवारीपुर, चिलुआताल, बड़हलगंज और एम्स पुलिस स्टेशन की महिला सुरक्षा दल ने स्कूलों, बाजारों, बैंकों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया।

    साइबर अपराध और सुरक्षा से संबंधित जागरूकता

    मिशन शक्ति फेज-5 : साइबर अपराध से बचने के लिए महिलाओं को बताया गया कि वे अपने पर्सनल डिटेल्स (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक) अनजान व्यक्तियों से शेयर न करें। साथ ही, यदि किसी साइबर अपराधी द्वारा फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाए, तो वे तुरंत अपने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करें।

    महिला और बाल सुरक्षा के अन्य उपाय

    महिला सुरक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर जैसे पुलिस आपातकालीन सेवा 112, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन 102, एम्बुलेंस सेवा 108, और फायर हेल्पलाइन 101 के बारे में भी बताया गया। इन हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ, महिलाओं और बालिकाओं को यह भी समझाया गया कि वे किसी भी प्रकार के अपराध का सामना करते समय तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

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    समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयास

    थाना एएचटी द्वारा खोराबार, एम्स, रामगढ़ताल, वीपार्क, मोहद्दीपुर, रेलवे स्टेशन और गोलघर जैसे स्थानों पर भी महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा और स्वावलंबन के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर भी चेकिंग की गई और जागरूकता फैलाई गई।

    यह अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।

  • Khan Sir विवाद: बिहार के उपमुख्यमंत्री ने BPSC विरोध के लिए शिक्षकों को दोषी ठहराया

    Khan Sir विवाद: बिहार के उपमुख्यमंत्री ने BPSC विरोध के लिए शिक्षकों को दोषी ठहराया

    Khan Sir की तबियत खराब अस्पताल में भर्ती –

    BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) परीक्षा को लेकर हुए विरोध के बाद, यह मामला नया मोड़ ले चुका है। बिहार(Bihar) के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मामले में शिक्षकों को दोषी ठहराया है, जिनके बारे में उनका कहना है कि उन्होंने इस अशांति को बढ़ावा दिया। यह विरोध पहले परीक्षा के Normalization प्रक्रिया और खान सर(Khan Sir) के बयानों को लेकर शुरू हुआ था, जो बिहार के एक लोकप्रिय शिक्षक हैं।

    BPSC ने किया स्पष्टीकरण: परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन नहीं होगा

    BPSC ने उम्मीदवारों के बीच बढ़ती चिंता और भ्रम के बीच आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि आगामी परीक्षा में Normalization प्रक्रिया लागू नहीं होगी। आयोग ने यह भी कहा कि जो भ्रम फैलाया गया है, वह बेबुनियाद और भ्रामक था। BPSC के अनुसार, Normalization से संबंधित अफवाहें निराधार थीं और इनसे उम्मीदवारों में अनावश्यक घबराहट फैल गई।

    उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का बयान

    हाल ही में एक प्रेस बात चीत  में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चल रहे विरोधों पर प्रतिक्रिया दी और शिक्षकों को अशांति के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह कहा कि कुछ शैक्षिक व्यक्तित्वों, जिसमें खान सर(Khan Sir) भी शामिल हैं, ने ऐसे बयान दिए थे, जिन्होंने स्थिति को बढ़ावा दिया। सिन्हा ने कहा कि परीक्षा और शैक्षिक प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा जिम्मेदारी से विचार किया जाना चाहिए।

    खान सर(Khan Sir) की भूमिका

    खान सर(Khan Sir), बिहार(Bihar) के एक प्रसिद्ध शिक्षक, BPSC परीक्षा से जुड़े विवाद में एक केंद्रीय पात्र रहे हैं। उनके द्वारा किए गए बयान, जो परीक्षा प्रक्रिया की आलोचना करते हुए थे, प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके विरोध का कारण बताये गए। हालांकि, खान सर(Khan Sir) का उद्देश्य प्रणाली की खामियों को उजागर करना था, लेकिन उनके बयानों ने अप्रत्यक्ष रूप से विरोध को और हवा दी।

    Khan Sir की तबियत खराब अस्पताल में भर्ती
    Khan Sir की तबियत खराब अस्पताल में भर्ती

     शांतिपूर्ण समाधान की अपील

    BPSC विरोध ने बिहार(Bihar) में शिक्षा नीतियों के बारे में स्पष्ट संवाद और जिम्मेदार विचार की आवश्यकता को उजागर किया है। उपमुख्यमंत्री के बयानों में शिक्षकों की भूमिका पर जोर देने के बाद, अब मुद्दे को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रक्रिया सुगम और निष्पक्ष हो। जैसे-जैसे स्थिति बदलती है, यह आवश्यक है कि अधिकारी और शिक्षक दोनों मिलकर छात्रों के लाभ के लिए स्थिति को साफ और सुव्यवस्थित करें।

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  • सीरिया(Syria) में विद्रोही असद के अधिकारियों को यातना और युद्ध अपराधों के लिए दंडित करने की योजना बना रहे हैं

    सीरिया(Syria) में विद्रोही असद के अधिकारियों को यातना और युद्ध अपराधों के लिए दंडित करने की योजना बना रहे हैं

    सीरिया(Syria) के इस्लामिक विद्रोही नेता ने मंगलवार (10 दिसंबर, 2024) को कहा कि आने वाली सरकार एक सूची जारी करेगी जिसमें “उन अधिकारियों के नाम होंगे जो सीरियाई लोगों को यातनाएं देने में शामिल थे।”

    “हम उन वरिष्ठ सेना और सुरक्षा अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वालों को इनाम देंगे जो युद्ध अपराधों में शामिल थे,” विद्रोही नेता अबू मोहम्मद अल-जलानी, जो अब अपना असली नाम अहमद अल-शारा इस्तेमाल कर रहे हैं, ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वे उन लोगों की वापसी की मांग करेंगे जो देश छोड़ चुके हैं।

    विद्रोही लड़ाकों ने एएफपी को बताया कि उन्हें दमिश्क के पास एक अस्पताल के शवगृह में लगभग 40 शव मिले, जिन पर यातना के निशान थे, जो शव बैग में भरे हुए थे और उन पर नंबर और कभी-कभी नाम लिखे थे।

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य सोमवार को सीरिया(Syria) की “तरल स्थिति” पर चर्चा कर रहे थे, राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद, और और अधिक घटनाओं का इंतजार करते हुए चुप रहे, यह जानकारी बंद दरवाजे की बैठक में शामिल राजनयिकों ने दी।

    हालाँकि, अमेरिकी उप राजदूत रॉबर्ट वुड्स ने कहा, “लगभग सभी ने सीरिया(Syria) की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के सम्मान की आवश्यकता और मानवीय स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की,” जिससे यह संकेत मिला कि परिषद एक संयुक्त बयान पर काम कर रही है।

    सीरिया(Syria) के विद्रोही नेता ने यातना और युद्ध अपराधों के लिए पूर्व अधिकारियों का पीछा करने की कसम खाई

    सीरिया(Syria) के इस्लामिक विद्रोही नेता ने मंगलवार को पूर्व वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का पीछा करने की कसम खाई, जो यातना और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार थे, एक दिन बाद जब उन्होंने राष्ट्रपति बशर अल-असद के उखाड़ फेंके जाने के बाद सत्ता के हस्तांतरण पर बातचीत शुरू की।

    “हम उन अपराधियों, हत्यारों, सुरक्षा और सेना अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने में संकोच नहीं करेंगे जिन्होंने सीरियाई लोगों को यातनाएं दीं,” विद्रोही नेता अबू मोहम्मद अल-जलानी, अब अपने असली नाम अहमद अल-शारा के साथ, मंगलवार को टेलीग्राम पर एक बयान में कहा।

    असद के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह विद्रोहियों को सत्ता सौंपने के लिए सहमत हो गए हैं

    मुख्य विद्रोही कमांडर अहमद अल-शारा, जिन्हें अबू मोहम्मद अल-जलानी के नाम से जाना जाता है, ने प्रधानमंत्री मोहम्मद जलाली और उपराष्ट्रपति फैसल मिकदाद से मुलाकात की और संक्रमण सरकार पर चर्चा की, एक स्रोत ने रॉयटर्स को जानकारी दी।

    प्रधानमंत्री जलाली ने कहा कि सत्ता हस्तांतरण में कुछ दिन लग सकते हैं।

    अल जज़ीरा टेलीविजन ने रिपोर्ट किया कि संक्रमणीय प्राधिकरण का नेतृत्व मोहम्मद अल-बशीर करेंगे, जिन्होंने विद्रोही-नियंत्रित क्षेत्र में सेवाकारी सरकार का नेतृत्व किया है।

    सीरिया(Syria) के विद्रोही सरकार बनाने और असद के पतन के बाद व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं

    राष्ट्रपति बशर अल-असद का त्वरित उखाड़ फेंकना सीरिया(Syria), क्षेत्रीय देशों और वैश्विक शक्तियों के लिए मंगलवार को चिंता का विषय बन गया, क्योंकि विद्रोही गठबंधन ने सरकार के संक्रमण में पहले कदम उठाए।

    दमिश्क में अभी भी उत्सव का माहौल है, असद के प्रधानमंत्री मोहम्मद जलाली ने सोमवार को विद्रोही-नियंत्रित सेवाकारी सरकार को सत्ता सौंपने के लिए सहमति दी, जो सीरिया के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में विद्रोही-नियंत्रित क्षेत्र में स्थित है।

    इज़राइल ने सीरिया(Syria) में “सबसे महत्वपूर्ण सैन्य स्थलों” को नष्ट किया: युद्ध निगरानी

    युद्ध निगरानी ने मंगलवार को कहा कि इज़राइल ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद सीरिया में “सबसे महत्वपूर्ण सैन्य स्थलों” को बमबारी की है।

    इज़राइल, जो सीरिया(Syria) की सीमा से लगा हुआ है, ने असद के पतन के बाद गोलान हाइट्स के इस्राइल द्वारा अधिग्रहित क्षेत्र के पूर्व में एक बफर क्षेत्र में सैनिकों को भेजा, जिसे विदेश मंत्री गिडोन सआर ने “सुरक्षा कारणों” के लिए “सीमित और अस्थायी कदम” के रूप में वर्णित किया।

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीरिया(Syria) पर एकजुट नजर आ रही है, राजनयिकों का कहना है

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  (United Nations Security Council) के सदस्य सीरिया(Syria) पर एक बयान पर काम करेंगे, अमेरिकी और रूसी राजनयिकों ने सोमवार को कहा, विद्रोहियों द्वारा राजधानी दमिश्क पर कब्जा करने और राष्ट्रपति बशर अल-असद को उखाड़ फेंकने के बाद एक बंद दरवाजे की बैठक के बाद।

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद Syria
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 

    “सुरक्षा परिषद, मुझे लगता है, लगभग एकजुट थी कि सीरिया(Syria) की क्षेत्रीय अखंडता और एकता की रक्षा की जानी चाहिए, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मानवीय सहायता जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही हो,” रूसी संयुक्त राष्ट्र राजदूत वसिली नेबेंजिया ने संवाददाताओं से कहा।

    सीरिया(Syria) के बफर क्षेत्र में इज़राइल की बढ़त, संकट और अवसर दोनों देख रहा है

    कई मोर्चों पर महीनों तक युद्ध लडऩे के बाद, इज़राइल अब इस चिंता में है कि सीरिया(Syria) में अस्थिरता उसके क्षेत्र में फैल सकती है। इज़राइल इस मौके को इराकी समूह हिज़बुल्लाह तक हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी देख रहा है, जो सीरिया के रास्ते इरान से हथियारों की तस्करी कर रहा है।

    इज़राइल की सेना ने सप्ताहांत में सीरिया(Syria) में एक सैन्य-निर्मित बफर क्षेत्र पर कब्जा करना शुरू किया था, जो 1974 में दोनों देशों के बीच एक युद्ध विराम के हिस्से के रूप में बना था। उसने कहा कि यह कदम अस्थायी था और इसकी सीमाओं की सुरक्षा के लिए था।

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    लेकिन इस आक्रमण ने आलोचना का सामना किया, आलोचकों ने आरोप लगाया कि इज़राइल युद्ध विराम का उल्लंघन कर रहा है और संभवत: सीरिया(Syria) में अराजकता का फायदा उठाकर भूमि हथियाने की कोशिश कर रहा है। इज़राइल अब भी गोलान हाइट्स(Golan Heights) पर नियंत्रण बनाए हुए है, जिसे उसने 1967 के मध्य-पूर्व युद्ध के दौरान सीरिया से कब्जा किया था और बाद में उसे कब्जे में लिया — एक कदम जिसे अधिकांश अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।