Author: Nimmi Chaudhary

  • Sonam and Raja Raghuvanshi हत्याकांड: हनीमून से हत्या तक की सनसनीखेज कहानी

    Sonam and Raja Raghuvanshi हत्याकांड: हनीमून से हत्या तक की सनसनीखेज कहानी

    Sonam and Raja Raghuvanshi Mystery : इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम की कहानी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हनीमून के लिए मेघालय गए इस जोड़े की कहानी में एक ऐसा भयानक मोड़ आया, जिसने सबको हैरान कर दिया। राजा की हत्या और सोनम के लापता होने की गुत्थी 17 दिन बाद सुलझी, लेकिन जो सच्चाई सामने आई, उसने इस मामले को और सनसनीखेज बना दिया। आइए, इस हत्याकांड की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।

    Sonam and Raja Raghuvanshi
    Sonam and Raja Raghuvanshi

    हनीमून की शुरुआत और दुखद अंत

    23 मई 2025 को राजा रघुवंशी और उनकी नई-नवेली पत्नी सोनम हनीमून के लिए मेघालय पहुंचे थे। यह खूबसूरत हिल स्टेशन उनकी जिंदगी के सबसे यादगार पलों का गवाह बनने वाला था, लेकिन किसे पता था कि यह यात्रा एक भयानक हत्याकांड में बदल जाएगी। कुछ दिनों बाद राजा की लाश एक खाई में मिली, जबकि सोनम लापता हो गई। इस घटना ने मेघालय पुलिस को तुरंत हरकत में ला दिया, और एक बड़े पैमाने पर जांच शुरू हुई।

    17 दिन बाद गाजीपुर में सोनम का मिलना

    राजा की हत्या के बाद सोनम का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार, 17 दिन बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक ढाबे पर मिली। गाजीपुर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और प्राथमिक जांच के बाद उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। इसके बाद मेघालय पुलिस को सूचना दी गई, जिसने इस मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की।

    Sonam and Raja Raghuvanshi
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    Sonam and Raja Raghuvanshi  : मेडिकल जांच में सोनम की हालत

    जब सोनम की मेडिकल जांच की गई, तो वह बेहद परेशान और विचलित नजर आई। जांच के दौरान वह कई बार रो पड़ी और सवालों का जवाब देने से बचती रही। एक समय तो वह सिर झुकाकर बेड पर बैठ गई, जिससे जांच कर रहे डॉक्टर और पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। उसकी इस मानसिक स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। क्या वह सदमे में थी, या फिर कुछ छुपा रही थी?

    चौंकाने वाला खुलासा: सोनम ने दी थी सुपारी

    मेघालय पुलिस की जांच में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुलिस ने पाया कि राजा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि सोनम ने करवाई थी। मेघालय की डीजीपी एल. आर. बिशोई ने बताया कि सोनम ने शिलांग में ही एक शख्स को राजा की हत्या की सुपारी दी थी। इस मामले में सोनम सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।

    Sonam and Raja Raghuvanshi
    Sonam and Raja Raghuvanshi

    जांच और कानूनी कार्रवाई

    गाजीपुर पुलिस ने सोनम को मेघालय पुलिस के हवाले कर दिया है। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय ले जाया जाएगा, जहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट की अनुमति के बाद पुलिस सोनम से विस्तृत पूछताछ करेगी ताकि इस हत्याकांड के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस सोनम की कॉल डिटेल, सोशल मीडिया एक्टिविटी, और बैंक ट्रांजेक्शंस को भी खंगाल रही है ताकि साजिश की हर परत को उजागर किया जा सके।

    हत्या के पीछे की वजह और साजिश की गहराई

    Sonam and Raja Raghuvanshi Mystery : पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि सोनम ने अपने पति की हत्या क्यों करवाई। क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक विवाद था, या फिर कोई आर्थिक वजह? पुलिस इस मामले की हर संभावना को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सोनम के व्यवहार और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद वह किसी दबाव में थी।

    Sonam and Raja Raghuvanshi
    Sonam and Raja Raghuvanshi

    Sonam and Raja Raghuvanshi Mystery : राजा रघुवंशी हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कई बार रिश्तों की हकीकत उतनी साधारण नहीं होती, जितनी बाहर से नजर आती है। हनीमून जैसा खूबसूरत मौका इस जोड़े के लिए एक दर्दनाक अंत बन गया। सोनम की गिरफ्तारी और इस साजिश का खुलासा इस कहानी को और जटिल बनाता है। अब मेघालय पुलिस की जांच से ही यह साफ हो पाएगा कि इस हत्याकांड के पीछे की असली वजह क्या थी और क्या सोनम अकेले इस साजिश का हिस्सा थी, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा खेल था। इस मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, और हर कोई सच जानने का इंतजार कर रहा है।

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  • Meta AI in Defence : अमेरिकी सेना के लिए AR हेलमेट और AI टेक्नोलॉजी में ला रही बड़ा बदलाव

    Meta AI in Defence : अमेरिकी सेना के लिए AR हेलमेट और AI टेक्नोलॉजी में ला रही बड़ा बदलाव

    Meta AI in Defence : आपने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का नाम तो सुना ही होगा। ये सारी लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप्स मेटा नाम की कंपनी चलाती है। अब खबर है कि मेटा कुछ नया करने जा रही है। वो अब सोशल मीडिया से हटकर रक्षा उद्योग में कदम रखने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, मेटा जल्द ही अमेरिकी सेना के लिए खास हाई-टेक हेलमेट और चश्मे बनाएगी। ये कोई साधारण हेलमेट या चश्मे नहीं होंगे, बल्कि इनमें ढेर सारी आधुनिक तकनीक होगी।

    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence

    Meta AI in Defence : मेटा क्या करने वाली है?

    मेटा अब अमेरिकी सेना के लिए ऐसे हेलमेट और चश्मे बनाएगी, जो बहुत ही खास और टेक्नोलॉजी रूप से एडवांस होंगे। ये उपकरण सैनिकों को युद्ध के मैदान में मदद करेंगे। माना जा रहा है कि इनमें ऐसी टेक्नोलॉजी होगी, जो सैनिकों को असल समय में जानकारी देगी, जैसे कि नक्शे, दुश्मन की स्थिति, या मिशन से जुड़ी जरूरी चीजें। मेटा पहले से ही ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी तकनीकों पर काम करती है, जैसे उनके ओकुलस हेडसेट्स। अब वो इस अनुभव को सेना के लिए इस्तेमाल करेगी, ताकि सैनिकों का काम आसान और सुरक्षित हो।

    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence

    मेटा ऐसा क्यों कर रही है?

    आप सोच रहे होंगे कि सोशल मीडिया की कंपनी रक्षा क्षेत्र में क्यों जा रही है? दरअसल, मेटा अपने बिजनेस को और बड़ा करना चाहती है। अभी उसका ज्यादातर पैसा सोशल मीडिया ऐप्स से विज्ञापनों के जरिए आता है, लेकिन अब वो नए क्षेत्रों में जाना चाहती है। Meta AI in Defence में बहुत सारे अवसर हैं, और मेटा अपनी टेक्नोलॉजी की जानकारी का इस्तेमाल करके वहां अपनी जगह बनाना चाहती है। साथ ही, सोशल मीडिया में गोपनीयता और नियमों को लेकर मेटा को कई बार आलोचना झेलनी पड़ी है। ऐसे में, रक्षा क्षेत्र में काम करके वो अपनी छवि को और मजबूत कर सकती है।

    इन हेलमेट और चश्मों में क्या खास होगा?

    अभी पूरी जानकारी तो बाहर नहीं आई है, लेकिन कहा जा रहा है कि मेटा के हेलमेट और चश्मों में कुछ खास फीचर्स हो सकते हैं, जैसे:

    • ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): इन चश्मों में स्क्रीन होगी, जो सैनिकों को नक्शे, दुश्मन की लोकेशन, या मिशन की जानकारी दिखाएगी।
    • बेहतर संचार: सैनिकों के बीच सुरक्षित और तेज़ कम्युनिकेशन के लिए खास सिस्टम।
    • नाइट विजन और थर्मल इमेजिंग: रात में या खराब मौसम में भी साफ देखने की सुविधा।
    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence
    • हेल्थ मॉनिटरिंग: सैनिकों की सेहत पर नजर रखने के लिए सेंसर, जैसे कि दिल की धड़कन या थकान का पता लगाना।
    • हल्का और मजबूत डिज़ाइन: ये उपकरण मजबूत होंगे, लेकिन वजन में हल्के, ताकि सैनिकों को इन्हें पहनने में आसानी हो।

    ये सारी चीजें सैनिकों को युद्ध में बेहतर प्रदर्शन करने और सुरक्षित रहने में मदद करेंगी।

    चुनौतियाँ और संभावनाएँ

    रक्षा उद्योग में जाना मेटा के लिए आसान नहीं होगा। उन्हें कई सख्त नियमों का पालन करना होगा और बड़े-बड़े रक्षा ठेकेदारों, जैसे लॉकहीड मार्टिन, से मुकाबला करना पड़ेगा। इसके अलावा, कुछ लोग ये सवाल उठा सकते हैं कि क्या टेक कंपनियों को सैन्य उपकरण बनाना चाहिए। इससे मेटा को कुछ आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है।

    लेकिन अगर मेटा इसमें सफल हो जाती है, तो ये उनके लिए बहुत बड़ा मौका होगा। वो न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में अपनी जगह बना सकती है, बल्कि अपनी तकनीक को और बेहतर करके भविष्य में आम लोगों के लिए भी नए प्रोडक्ट्स ला सकती है। साथ ही, इससे उन्हें अमेरिका और दुनिया भर में और भी सरकारी प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं।

    टेक कंपनियाँ और रक्षा क्षेत्र

    मेटा अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो रक्षा क्षेत्र में जा रही है। माइक्रोसॉफ्ट पहले से ही सेना के लिए होलोलेंस जैसे उपकरण बना रही है, और अमेज़न पेंटागन को क्लाउड सर्विस दे रही है। टेक्नोलॉजी और रक्षा के बीच की दूरी अब कम हो रही है। मेटा अपनी AR, AI, और कनेक्टिविटी की जानकारी का इस्तेमाल करके इस क्षेत्र में कुछ नया कर सकती है।

    Meta AI in Defence
    Meta AI in Defence

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    Meta AI in Defence में कदम रखना एक बड़ा और रोमांचक बदलाव है। अमेरिकी सेना के लिए हाई-टेक हेलमेट और चश्मे बनाकर मेटा न सिर्फ अपने बिजनेस को नई दिशा दे रही है, बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई संभावनाएँ भी तलाश रही है। ये देखना दिलचस्प होगा कि मेटा इस नए क्षेत्र में कैसे काम करती है और क्या वो नवाचार और नैतिकता का सही संतुलन बना पाती है। ये मेटा के लिए एक नया युग हो सकता है, जहाँ वो ऑनलाइन लोगों को जोड़ने से लेकर युद्ध के मैदान में सैनिकों की मदद करने तक का सफर तय करेगी।

  • Shubhanshu Shukla : भारत के अंतरिक्ष नायक की एकसिओम-4 मिशन की उड़ान

    Shubhanshu Shukla : भारत के अंतरिक्ष नायक की एकसिओम-4 मिशन की उड़ान

    भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, ग्रुप कैप्टन  Shubhanshu Shukla, 39 वर्षीय भारतीय वायु सेना के पायलट, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं। 10 जून, 2025 को एकसिओम स्पेस के एकसिओम-4 (एक्स-4) मिशन के हिस्से के रूप में लॉन्च होने वाले इस मिशन के साथ, भारत 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा के ऐतिहासिक मिशन के 41 साल बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी कर रहा है।

    एक ऐतिहासिक मिशन

    Axiom-4 मिशन, जो नासा, SpaceX और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बीच सहयोग है, में शुक्ला SpaceX ड्रैगन अंतरिक्ष यान को फाल्कन-9 रॉकेट पर NASA के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से पायलट करेंगे। लॉन्च 10 जून, 2025 को सुबह 8:22 बजे EDT (शाम 5:52 बजे IST) निर्धारित है, और अंतरिक्ष यान 28 घंटे की यात्रा के बाद 11 जून को ISS के साथ डॉक करेगा। 14-दिवसीय मिशन में शुक्ला और उनके क्रू—मिशन कमांडर पेगी व्हिटसन (USA), और मिशन expert स्लावोस उज्नांस्की-विस्निव्स्की (पोलैंड) और टिबोर कपु (हंगरी)—माइक्रोग्रैविटी में 60 से अधिक प्रयोग करेंगे।

    Sudhanshu Shukla astronaut
    Shubhanshu Shukla astronaut

    Shubhanshu Shukla की मिशन पायलट के रूप में भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि ड्रैगन अंतरिक्ष यान स्वचालित रूप से संचालित होता है, वह लॉन्च और डॉकिंग संचालन की निगरानी करेंगे, जिसमें मिग-21, जगुआर और सु-30एमकेआई जैसे विमानों पर 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव के साथ अपनी विशेषज्ञता दिखाई देगी। उनके क्रूमेट्स ने उन्हें “बेहद स्मार्ट” और “केंद्रित” बताते हुए उनकी परिचालन कुशलता और अंतरिक्ष यान प्रौद्योगिकियों के गहन ज्ञान की प्रशंसा की है।

    अंतरिक्ष की ओर Shubhanshu Shukla की यात्रा

    1985 में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जन्मे Shubhanshu Shukla की अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा समर्पण और महत्वाकांक्षा का प्रमाण है। भारतीय वायु सेना के एक विशिष्ट अधिकारी के रूप में, उन्हें 2020 में इसरो के गगनयान मिशन, भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, जो 2027 के लिए निर्धारित है, के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक के रूप में चुना गया था। एक्स-4 के लिए उनकी ट्रेनिंग कठिन रही है, जिसमें जर्मनी के कोलोन में ईएसए के यूरोपियन एस्ट्रोनॉट सेंटर, जापान के त्सुकुबा स्पेस सेंटर और रूस के गगारिन सेंटर जैसे शीर्ष सुविधाओं में प्रशिक्षण शामिल है। इन सत्रों में संचार प्रणाली, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाएं और आईएसएस के कोलंबस और किबो मॉड्यूल में संचालन शामिल थे।

    Shubhanshu Shukla की तैयारी उनकी सटीकता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसे वे अपने मेंटर, भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा को श्रेय देते हैं। हाल के एक ब्रीफिंग में, शुक्ला ने शर्मा के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया, और कहा कि वह मिशन के दौरान उनका सम्मान करने की योजना बना रहे हैं, हालांकि विवरण अभी तक प्रकट नहीं किए गए हैं। शुक्ला का शांत स्वभाव और मिशन के तकनीकी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता ने उन्हें प्रशंसा दिलाई है, क्योंकि वह 1.7 अरब भारतीयों की उम्मीदों को अपने कंधों पर ले जा रहे हैं।

    वैज्ञानिक और सांस्कृतिक योगदान

    ISS पर अपने 14-दिवसीय प्रवास के दौरान, शुक्ला सात इसरो-डिज़ाइन किए गए प्रयोगों का नेतृत्व करेंगे, जिसमें माइक्रोग्रैविटी में मेथी और मूंग उगाने जैसे खाद्य और पोषण अध्ययन शामिल हैं, जिनका उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए पौधों की वृद्धि को समझना है। इसके अतिरिक्त, वह नासा के मानव अनुसंधान कार्यक्रम के तहत पांच संयुक्त अध्ययन करेंगे। ये प्रयोग मिशन के वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित करते हैं और भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमताओं को आगे बढ़ाने की इसकी क्षमता को दर्शाते हैं।

    Sudhanshu Shukla astronaut
    Shubhanshu Shukla astronaut

    Shubhanshu Shukla अंतरिक्ष में भारत का स्वाद भी ला रहे हैं, अपने क्रूमेट्स के साथ साझा करने के लिए मूंग दाल हलवा और आमरस जैसे व्यंजन ले जा रहे हैं, हालांकि भारतीय भोजन की उच्च मसाले की मात्रा को लेकर शुरुआती चिंताएं थीं। एक अनूठा सांस्कृतिक योगदान मिशन का जीरो-ग्रैविटी इंडिकेटर है, जिसे “जॉय” नाम का एक हंस चुना गया है, जो भारतीय पौराणिक कथाओं में देवी सरस्वती के वाहन के रूप में बुद्धि, शिक्षा और पवित्रता का प्रतीक है।

    प्रेरणा का स्रोत

    तकनीकी और वैज्ञानिक लक्ष्यों से परे, शुक्ला का लक्ष्य अगली पीढ़ी के भारतीय वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को प्रेरित करना है। “अगर मेरी कहानी एक भी जीवन को बदलने में सक्षम है, तो यह मेरे लिए एक बड़ी सफलता होगी,” उन्होंने एकसिओम स्पेस द्वारा हाल ही में जारी एक वीडियो में कहा। लखनऊ के स्कूलों से लेकर आईएसएस तक की उनकी यात्रा दृढ़ता की एक शक्तिशाली कहानी है, और मिशन के दौरान स्कूल के छात्रों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंतरिक्ष उद्योग के नेताओं के साथ उनकी बातचीत से इस प्रभाव को और बढ़ाने की उम्मीद है।

    लखनऊ में Shubhanshu Shukla का परिवार, जिसमें उनकी बहन सुची, जो एक विज्ञान शिक्षिका हैं, और माता-पिता शंभू दयाल और आस्था शुक्ला शामिल हैं, उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और गर्व से भरे हैं। हाल ही में उन्होंने इजरायली अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिबे की मेजबानी की, जिन्होंने आईएसएस पर जीवन के बारे में जानकारी साझा की, जिससे उनकी चिंताएं कम हुईं। सुची ने नोट किया कि शुक्ला भारतीय संस्कृति को साझा करने और योग के लिए अपने जुनून को लेकर उत्साहित हैं, जिसे वह अंतरिक्ष में फिटनेस बनाए रखने के लिए अभ्यास करने की योजना बना रहे हैं।

    ग्लोबल  महत्व

    एक्स-4 मिशन अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मील का पत्थर है, जो पहली बार भारत, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्रियों को एक साथ ISS पर ले जा रहा है। पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन के नेतृत्व में यह विविध क्रू निजी अंतरिक्ष उड़ान की बढ़ती ग्लोबल उपस्थिति को दर्शाता है। इसरो का इस मिशन में ₹550 करोड़ का निवेश भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, और शुक्ला का अनुभव आगामी गगनयान मिशन के लिए लाभकारी होने की उम्मीद है।

    Sudhanshu Shukla astronaut
    Shubhanshu Shukla astronaut

    हाल ही में SpaceX के एलन मस्क और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच ऑनलाइन विवाद से उत्पन्न चिंताओं के बावजूद, नासा अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि एक्स-4 मिशन प्रभावित नहीं होगा। मिशन, जो मूल रूप से 8 जून के लिए निर्धारित था, को मौसम की चिंताओं और अंतिम अंतरिक्ष यान प्रसंस्करण के कारण 10 जून के लिए पुनर्निर्धारित किया गया, जिससे एक सुरक्षित लॉन्च सुनिश्चित हुआ।

    भविष्य की ओर

    जैसे ही Shubhanshu Shukla इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं, उनका मिशन भारत की वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर साहसिक वापसी का प्रतीक है। अभूतपूर्व प्रयोगों से लेकर “जॉय” जैसे सांस्कृतिक प्रतीकों को ले जाने तक, शुक्ला अंतरिक्ष अन्वेषण पर एक अमिट छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। लॉन्च का सीधा प्रसारण इंडिया टुडे पर और कैनेडी स्पेस सेंटर से पत्रकारों के अपडेट्स लाखों लोगों को इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने का अवसर देंगे।

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    Shubhanshu Shukla astronaut की यात्रा का अनुसरण करने के इच्छुक लोगों के लिए, लॉन्च को 10 जून, 2025 को शाम 5:52 बजे IST पर लाइव देखा जा सकता है, और डॉकिंग 11 जून को रात 10 बजे IST के आसपास होने की उम्मीद है। जैसा कि शुक्ला ने कहा, “मुझे पृथ्वी की कमी खलेगी,” लेकिन उनकी यात्रा निश्चित रूप से एक राष्ट्र और उससे परे को प्रेरित करेगी।

  • Labor Registration नोएडा सेक्टर-93 में श्रमिक पंजीकरण अभियान का सफल समापन

    Labor Registration नोएडा सेक्टर-93 में श्रमिक पंजीकरण अभियान का सफल समापन

    Labor Registration : अभियान का आयोजन और उद्देश्य

    नोएडा, 4 जून 2025: सेक्टर-93 में स्थित एल्डिको यूटोपिया सोसाइटी में फील द चेंज फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के सहयोग से एक महत्वपूर्ण Labor Registration अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उनके मूलभूत अधिकारों को सुनिश्चित करना था।

    Labor Registration by Feel The Change Foundation
    Labor Registration by Feel The Change Foundation

    Labor Registration : रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और प्रभाव

    इस अभियान के दौरान 40 से अधिक श्रमिकों का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया गया। पंजीकृत श्रमिकों को अब विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों का अवसर प्राप्त होगा। यह प्रयास श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

    Labor Registration by Feel The Change Foundation
    Labor Registration by Feel The Change Foundation

    RWA और फाउंडेशन का योगदान

    एल्डिको यूटोपिया सोसाइटी की RWA अध्यक्ष लता अग्रवाल ने “Feel The Change Foundation” के इस सामाजिक प्रयास की प्रशंसा की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला प्रेरणादायक कदम बताया। फाउंडेशन के अध्यक्ष विकास राज तिवारी और सचिव जेपी मंडल ने इस मुहिम का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया, जिसे स्थानीय समुदाय और श्रमिकों ने व्यापक रूप से सराहा।

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    RWA और फाउंडेशन का योगदान
    RWA और फाउंडेशन का योगदान

    भविष्य की संभावनाएं और प्रभाव

    इस अभियान ने न केवल श्रमिकों के अधिकारों को मजबूती दी, बल्कि समाज में सामाजिक समावेशन और समानता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। फाउंडेशन की इस पहल से यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में और अधिक श्रमिकों को उनके हक और सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ प्राप्त होगा, जिससे उनका जीवन और अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनेगा।

  • Virushka का दिल छू लेने वाला पल :  RCB की IPL 2025 जीत के बाद चर्चा में 

    Virushka का दिल छू लेने वाला पल :  RCB की IPL 2025 जीत के बाद चर्चा में 

    Virushka : 3 june 2025 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक ऎतिहासिक पल देखने को मिला , जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 रनों से हराकर अपनी पहली IPL ट्रॉफी जीती।| 18 साल के लम्बे इंतजार के बाद मिली इस जीत ने जहा RCB के प्रशंसको को ख़ुशी से झुमा दिया , वही मैच के बाद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के भावुक गले मिलने से लाखों दिलों को जीत लिया और इंटरनेट पर तहलका मचा दिया 

    एक लंबे समय से अवेटेड जीत

    Virushka : RCB की IPL 2025 की जीत किसी परिकथा से कम नहीं थी।  विराट कोहली ने नेतृत्व में टीम ने दृढ़

     संकल्प , कौशल और जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मैच रोमांच से भरा था, जिसमे RCB  ने मामूली स्कोर का बचाओ करते हुए वह जीत हासिल की, जो उन्हें सालो से नहीं मिली थी। जीत के बाद विराट की आँखों में आँसू थे , जो उनकी मेहनत और प्रशंसकों के अटूट समर्थन का प्रतीक थे। 

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    Virushka वायरल मोमेंट 

    Virushka: जैस ही स्टेडियम में ख़ुशी से गूंज उठा, विराट स्टेडियम की ओर दौड़े, उनकी नजरे अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा पर टिकी थीं।  एक बॉलीबुड फिल्म जैसे पल में, अनुष्का, गर्व से भरी हुई, ने उन्हें कसकर गले लगाया।  उन्होंने प्यार से विराट के माथे पर एक चुम्बन दिया, जो उन्हें साझा सफर की गहराई को दर्शाता था। इस भावुक पल को प्रशंसकों ने ‘Virushka Moment’ का नाम दिया, और यह जल्दी ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया।   

    सोशल मिडिया पर इस जोड़े के गले मिलने के क्लिप्स और तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं।  प्रशंसकों ने हार्ट इमोजी के साथ टिप्पणियां की और इसे “IPL 2025 का सबसे प्यारा पल” करार दिया। एक यूजर ने इसे “Virat का रिडेम्पशन आर्क, जिसे अनुष्का के प्यार ने पूरा किया “ कहा, जबकि दूसरे ने लिखा, “Virat में अनुष्का का गर्व सपनो को सच करने जैसा हैं। “यह पल न केवल RCB के प्रशंसको, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए खास था, जो इस जोड़े के अट्टू बंधन की सराहना करता है।  

    अनुष्का : RCB की अनसुनी हीरो 

    Virushka : पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में विराट ने अनुष्का की भूमिका की खुलकर सराहा।  उन्होंने कहा, “वह बगलीरु की बेटी है और हमेशा RCB की सबसे बड़ी समर्थक रही है। यह जीत उनके लिए उतनी ही खास है, जितनी मेरे और टीम के लिए अनुष्का, जो RCB के हर मैच में स्टैंड्स से उत्साह बढाती रही है, चाहे जीत हो या हार, इस जीत से बेहद खुश थी।  RCB के साथ उनका जुड़ाव , एक प्रशंसक और विराट की ताकत के रूप में, इस जीत को और खास बनाता है। 

    क्रिकेट से परे एक पल 

    Virushka: विरूष्का का गले मिलना केवल एक क्रिकेटर और उनकी पत्नी की कहानी नहीं थी; यह प्यार,वफादारी और साझा सपनो का उत्सव था। सालो से अनुष्का ने विराट का साथ दिया, RCB की हार के दौरान आलोचनाओ और ट्रोलिंग का सामना किया।  यह पल उनकी साझा जीत थी -उनके रिश्ते का एक प्रमाण, जो मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह मज़बूत है।  सोशल मिडिया पर प्रशंसको ने इसे RCB की लम्बे समय से प्रतीक्षित जीत का सही प्रतीक बताया, और कई ने इसे “IPL 2025 का अविस्मरणीय पल” कहा।

    Virat & Anushka
    Virat & Anushka

     

    Virushka का इंटरनेट के साथ प्रेम 

    Virushka : इंटरनेट इस दिल को छू लेने वाले पल को देखकर झूम उठा। मीम्स, एडिट्स और प्रशंसको द्वारा बनाए गए वीडियो ने सोशल मीडिया को भर दिया, जिसमे #Virushka और #RCBChampions जैसे हैशटैग घंटो तक ट्रैंड करते रहे। काव्यात्मक श्रद्धांजलि से लेकर मजेदार टिप्पणियों तक, ऑनलाइन दुनिया ने इस जोड़े की केमिस्ट्री का जश्न मनाया। एक प्रशंसक ने इसे बखूबी कहा : “Virat ने IPL जीता, लेकिन अनुष्का ने हमारे दिल जीते। “

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    जब RCB अपनी पहली IPL ट्राफी की ख़ुशी में डूबा है, तब विराट और अनुष्का के गले मिलने की तस्वीर प्रशंसकों की यादो में हमेशा के लिए अंकित हो गई है। यह एक अनुस्मारक है की हर बड़ी जीत के पीछे प्यार, समर्थन और अट्टु विश्वाश की कहानी होती है।  RCB के लिए, विराट के लिए और अनुष्का के लिए, 3 june 2025 न केवल एक जीत थी -यह एक ऐसा पल था, जिसने एक विरासत को परिभाषित किया। 

  • Khan Sir Wife : पहली बार सामने आई Khan Sir की पत्नी की झलक

    Khan Sir Wife : पहली बार सामने आई Khan Sir की पत्नी की झलक

    Khan Sir Wife : भारत के सबसे पॉपुलर शिक्षकों में से एक, खान सर, जिन्होंने लाखों छात्रों को अपने आसान और मजेदार पढ़ाने के अंदाज़ से प्रभावित किया है, अब एक नई ज़िंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। 7 मई 2025 को उन्होंने शादी कर ली और 2 जून को पटना में एक भव्य रिसेप्शन रखा गया।

    khan sir wife (पत्नी कौन हैं?)

    Khan sir wife : खान सर की पत्नी का नाम A.S. Khan  बताया गया है। वे बिहार के सिवान जिले से हैं और सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। उनकी शिक्षा ICSE बोर्ड से हुई है। हालांकि Khan sir  ने अभी तक अपनी पत्नी का पूरा नाम और ज्यादा जानकारी पब्लिक नहीं की है, लेकिन रिसेप्शन की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर ज़रूर वायरल हुई हैं।

     

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    रिसेप्शन की खास बातें

    पटना में हुए इस रिसेप्शन में Khan sir ने सभी करीबी दोस्तों, रिश्तेदारों और साथी शिक्षकों को बुलाया। खास बात ये रही कि रिसेप्शन में Physics Wallah के फाउंडर अलख पांडेय भी शामिल हुए। Khan sir की पत्नी ने लाल लहंगा पहन रखा था और पारंपरिक अंदाज़ में घूंघट भी लिया था, जो सबका ध्यान खींच गया।

    Khan Sir Wife
    Khan Sir Wife

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    छात्रों के लिए भी आयोजन

    Khan sir ने ये भी ऐलान किया कि 6 जून को वे अपने छात्रों के लिए एक स्पेशल भोज (भंडारा) का आयोजन करेंगे। इससे ये साफ़ होता है कि वे सिर्फ एक अच्छे शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी हैं जो अपने छात्रों को परिवार की तरह मानते हैं।

  • RCB आज IPL 2025 फाइनल में पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ जीतने के चांस

    RCB आज IPL 2025 फाइनल में पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ जीतने के चांस

    RCB ने इस सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है। 14 मैचों में 9 जीत के साथ वो पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर रहे। क्वालिफायर 1 में उन्होंने PBKS को 8 विकेट से हराया, 101 रनों का टारगेट सिर्फ 10 ओवर में चेज कर लिया। ये उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाता है।

    हेड-टु-हेड

     इस सीजन में RCB ने PBKS के खिलाफ 3 में से 2 मैच जीते हैं, जो उन्हें मानसिक बढ़त देता है। IPL के इतिहास में दोनों टीमें बराबर हैं (18-18), लेकिन RCB का ताजा फॉर्म उन्हें हल्की सी बढ़त देता है।

    RCB vs PBKS IPL final
    RCB vs PBKS IPL final

    RCB : मुख्य खिलाड़ी

     विराट कोहली (614 रन, औसत 55.81) और फिल सॉल्ट (क्वालिफायर 1 में 56* रन, 27 गेंदों पर) बैटिंग के स्तंभ हैं। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और सुयश शर्मा ने क्वालिफायर 1 में PBKS को 101 रनों पर रोक दिया था, जो उनकी ताकत दिखाता है।

    पिच और कंडीशंस

     नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बैटिंग के लिए अच्छी है, लेकिन ओस के कारण चेज करने वाली टीम को फायदा हो सकता है। 8 में से 6 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, पर ओस चेज को आसान कर सकती है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना बेहतर हो सकता है।

    PBKS का चैलेंज

     PBKS के कप्तान श्रेयस अय्यर (603 रन) ने क्वालिफायर 2 में 87* रनों की शानदार पारी खेली, जो उनके फॉर्म को दर्शाता है। अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल उनकी गेंदबाजी के मुख्य हथियार हैं। अगर PBKS 180+ स्कोर बनाती है, तो मैच कड़ा हो सकता है।

     IPL final 2025
    IPL final 2025

    AI प्रेडिक्शंस

     AI के मुताबिक, RCB को उनके फॉर्म और मैचअप की वजह से थोड़ी बढ़त है, लेकिन PBKS अगर बड़ा स्कोर बनाती है, तो गेम टक्कर का हो सकता है। Google Gemini PBKS को श्रेयस अय्यर की लीडरशिप के आधार पर सपोर्ट करता है। Google Match Prediction RCB को 52% चांस देता है।

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    मेरा अनुमान

     RCB का मौजूदा फॉर्म, बैटिंग डेप्थ और गेंदबाजी का बैलेंस उन्हें थोड़ा फेवरेट बनाता है। खासकर विराट कोहली और फिल सॉल्ट की आक्रामक बैटिंग और गेंदबाजों का अनुशासन उन्हें बढ़त देता है। लेकिन IPL फाइनल का प्रेशर अलग होता है, और PBKS के पास श्रेयस अय्यर जैसे गेम-चेंजर हैं। मेरा दिल कहता है कि RCB जीत सकती है, पर मैच बहुत टाइट होगा!

  • Glowing Skin के लिए 5 असरदार घरेलू फेस पैक: हर स्किन टाइप के लिए परफेक्ट रेसिपी

    Glowing Skin के लिए 5 असरदार घरेलू फेस पैक: हर स्किन टाइप के लिए परफेक्ट रेसिपी

      Glowing Skin: ग्लोइंग और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है। घर पर बने नेचुरल फेस पैक न केवल स्किन को पोषण देते हैं, बल्कि महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का एक किफायती और सुरक्षित ऑप्शन भी हैं। ये फेस पैक आपकी स्किन को निखारने, दाग-धब्बों को कम करने और ग्लो बढ़ाने में मदद करते हैं। नीचे कुछ आसान और प्रभावी घरेलू फेस पैक की रेसिपी दी गई हैं, जो हर स्किन टाइप के लिए उपयुक्त हैं।

    5 Face Pack for glowing skin 

    1. हल्दी और बेसन का फेस पैक (For all skin types)

    सामग्री:

    • 2 बड़े चम्मच बेसन
    • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
    • 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल या दूध
    • 1 छोटा चम्मच शहद



    बनाने की विधि:

    1. एक कटोरी में बेसन, हल्दी, शहद और गुलाब जल या दूध मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं।
    2. चेहरे को हल्के साबुन या फेस वॉश से साफ करें।
    3. इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं।
    4. 15-20 मिनट तक सूखने दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें।
    5. हल्के मॉइस्चराइजर का उपयोग करें।

    फायदे:

    • हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मुहांसों को कम करते हैं।
    • बेसन स्किन को एक्सफोलिएट करता है, और शहद नमी प्रदान करता है।
    • यह फेस पैक त्वचा को चमकदार और मुलायम बनाता है।

    उपयोग: सप्ताह में 2 बार।

    Glowing Skin
    Glowing Skin

    2. मुल्तानी मिट्टी और दही का फेस पैक (For oily skin)

    सामग्री:

    • 2 बड़े चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    • 1 बड़ा चम्मच दही
    • 1 छोटा चम्मच नींबू का रस
    • 1/2 छोटा चम्मच गुलाब जल



    बनाने की विधि:

    1. मुल्तानी मिट्टी में दही, नींबू का रस और गुलाब जल मिलाकर चिकना पेस्ट तैयार करें।
    2. चेहरा साफ करने के बाद इस मिश्रण को ब्रश या उंगलियों से लगाएं।
    3. 20 मिनट तक सूखने दें, फिर ठंडे पानी से धो लें।
    4. हल्का मॉइस्चराइजर या एलोवेरा जेल लगाएं।

    फायदे:

    • मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखती है और छिद्रों को साफ करती है।
    • दही स्किन को हाइड्रेट करता है, और नींबू का रस दाग-धब्बों को हल्का करता है।
    • यह तैलीय त्वचा को चमकदार और ताज़ा बनाता है।

    उपयोग: सप्ताह में 1-2 बार।

    Glowing Skin
    Glowing Skin

    3. केला और शहद का फेस पैक (For dry skin)

    सामग्री:

    • 1 पका हुआ केला
    • 1 बड़ा चम्मच शहद
    • 1 छोटा चम्मच जैतून का तेल या बादाम का तेल

    बनाने की विधि:

    1. केले को मैश करके चिकना पेस्ट बनाएं।
    2. इसमें शहद और जैतून का तेल मिलाएं।
    3. साफ चेहरे पर इस मिश्रण को 15 मिनट के लिए लगाएं।
    4. गुनगुने पानी से धोकर मॉइस्चराइजर लगाएं।

    फायदे:

    • केला त्वचा को पोषण देता है और रूखेपन को कम करता है।
    • शहद और जैतून का तेल स्किन को गहराई से मॉइस्चराइज करते हैं।
    • यह फेस पैक त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है।

    उपयोग: सप्ताह में 2 बार।

    glowing skin
    glowing skin

    4. चंदन और गुलाब जल का फेस पैक (for sensitive skin)

    सामग्री:

    • 2 बड़े चम्मच चंदन पाउडर
    • 1-2 बड़े चम्मच गुलाब जल
    • 1/2 छोटा चम्मच शहद (वैकल्पिक)

    बनाने की विधि:

    1. चंदन पाउडर में गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं।
    2. यदि स्किन बहुत संवेदनशील है, तो शहद मिलाएं।
    3. चेहरे पर समान रूप से लगाएं और 15 मिनट तक सूखने दें।
    4. ठंडे पानी से धो लें और हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं।

    फायदे:

    • चंदन त्वचा को ठंडक देता है और लालिमा को कम करता है।
    • गुलाब जल त्वचा को हाइड्रेट और शांत करता है।
    • यह फेस पैक संवेदनशील त्वचा को चमक देता है।

    उपयोग: सप्ताह में 1 बार।

    glowing skin
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    5. ओटमील और टमाटर का फेस पैक (For stains)

    सामग्री:

    • 2 बड़े चम्मच पिसा हुआ ओटमील
    • 1 बड़ा चम्मच टमाटर का रस
    • 1 छोटा चम्मच दही

    बनाने की विधि:

    1. ओटमील में टमाटर का रस और दही मिलाकर पेस्ट बनाएं।
    2. साफ चेहरे पर इस मिश्रण को 15-20 मिनट के लिए लगाएं।
    3. हल्के गुनगुने पानी से धोकर मॉइस्चराइजर लगाएं।

    फायदे:

    • ओटमील त्वचा को एक्सफोलिएट करता है और मृत कोशिकाओं को हटाता है।
    • टमाटर का रस दाग-धब्बों को हल्का करता है और स्किन को चमक देता है।
    • दही त्वचा को मुलायम बनाता है।

    उपयोग: सप्ताह में 2 बार।

    glowing skin
    glowing skin

    महत्वपूर्ण टिप्स

    • पैच टेस्ट: किसी भी फेस पैक को चेहरे पर लगाने से पहले कलाई या कान के पीछे थोड़ा सा लगाकर टेस्ट करें, ताकि एलर्जी का पता चल सके।
    • स्वच्छता: चेहरा हमेशा साफ करके ही फेस पैक लगाएं।
    • हाइड्रेशन: फेस पैक के बाद हमेशा मॉइस्चराइजर का यूज़ करें।
    • नियमितता: सप्ताह में 1-2 बार फेस पैक लगाने से स्किन को लगातार पोषण मिलता है।
    • स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां और खूब पानी पीने से स्किन का ग्लो बढ़ता है।
    • सनस्क्रीन: दिन में बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

    सावधानियां

    • अधिक मात्रा में नींबू का रस या हल्दी का उपयोग न करें, क्योंकि ये स्किन को ड्राई  या सेंसिटिव बना सकते हैं।
    • यदि स्किन पर जलन या लालिमा हो, तो तुरंत फेस पैक हटाकर ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
    • गंभीर स्किन समस्याओं (जैसे मुहांसे, एक्जिमा) के लिए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

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    Glowing skin : घर पर बने ये फेस पैक नेचुरल, किफायती और प्रभावी हैं। अपनी स्किन के प्रकार के अनुसार सही फेस पैक चुनें और नियमित देखभाल करें। स्वस्थ लाइफस्टाइल, संतुलित आहार और नियमित स्किन देखभाल के साथ आप Glowing skin, स्वस्थ और बेदाग स्किन पा सकती हैं।
    नोट: यदि आपको स्किन से संबंधित कोई गंभीर समस्या है, तो स्किन एक्सपर्ट से परामर्श करें।

  • Intercontinental Legends Championship : अफ्रीकन लायंस पर जीत के साथ अमेरिकन स्ट्राइकर्स अंकतालिका में दूसरे पायदान पर

    Intercontinental Legends Championship : अफ्रीकन लायंस पर जीत के साथ अमेरिकन स्ट्राइकर्स अंकतालिका में दूसरे पायदान पर

    Intercontinental Legends Championship

    ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) 31मई: ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रहे Intercontinental Legends League के चौथे दिन शाम 7:30 बजे से शुरू हुए दिन के दूसरे मुकाबले में भी खूब रन बरसे। पहले बल्लेबाजी करने उतरी अमेरिकन स्ट्राइकर्स ने अफ्रीकन लायंस को इस मुकाबले में 11 रनों से शिकस्त दी।

    पुनीत मेहरा की तूफानी पारी से अमेरिकन स्ट्राइकर्स ने बनाए 224 रन

    टॉस जीतकर अफ्रीकन लायंस ने गेंदबाजी का फैसला किया, जो कुछ हद तक गलत साबित हुआ।

    बल्लेबाजी करते हुए अमेरिकन स्ट्राइकर्स के 224 रनों के स्कोर में सभी खिलाड़ियों की कुछ न कुछ भूमिका रही। सलामी बल्लेबाज गौरव तोमर 28, शोएब खान 14 और अयान खान ने 19 रनों का सहयोग दिया, लेकिन फिर बल्लेबाजी करने उतरे पुनीत मेहरा ने 37 गेंद में 5 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 67 रन बनाते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर कर दिया। इसके बाद कुलदीप हुड्डा के 41 और मनप्रीत गोनी के 8 गेंदों पर 28 रनों ने टीम को 224 रनों के विशालकाय स्कोर तक पहुंचा दिया।

    Intercontinental Legends Championship
    Intercontinental Legends Championship

    Intercontinental Legends Championship : अफ्रीकन लायंस 11 रन से पराजित

    Intercontinental Legends Championship : लक्ष्य का पीछा करते हुए अफ्रीकन लायंस के सलामी बल्लेबाजों शेखर सिरोही (15) और राहुल यादव (25) ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। उनके आउट होने के बाद जे कोलसावाला (28) और योगेश नागर के ताबड़तोड़ 38 गेंदों में 9 चौकों और 4 छक्कों की मदद से बनाए गए 82 रनों ने एक बार तो अफ्रीका को जीत तक पहुंचा ही दिया था, लेकिन अंत में टीम दबाव को झेल न सकी और उन्हें 11 रनों से हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल अमेरिकन स्ट्राइकर्स तीन में से दो मुकाबले जीतकर पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। अब वह अपना अगला मुकाबला आज शाम 7:30 बजे यूरो ग्लेडिएटर्स के खिलाफ खेलेगी।

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